
त्रेहान फार्म हाउस,
एक लडका जमीन पर लेटा हुआ ड्रिंक पर ड्रिंक कर रहा था. उसके हाथ में इस वक्त एक लडकी की फोटो थी. वह लगातार अपनी नीली आंखों से उस लडकी की फोटो को देख रहा था. उसकी आंखें इतनी लाल थी कि जैसे उनमें दुनिया जहां का दर्द उतरा हुआ हो. उस फोटो को देखते हुए उस लडके के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं था. लेकिन देखते ही देखते उसके जबडे पूरी तरह से कसने लगे. अगले ही पल उसने अपनी पॉकेट में से लाइटर निकाला और उस लडकी की फोटो को जला दिया. उस फोटो को जलाते ही उसने जमीन पर फेंक दिया.
अब वह अपनी जगह से उठा और उस फोटो को देखते हुए ही अपने होठों से वाइन की बोतल लगाते हुए बाहर की तरफ चला गया. कुछ ही देर में वह त्रेहान फार्म हाउस से बाहर निकाल गया. अब वह गाडी में आकर बैठा और उसने बोतल पीछे बैक सीट पर फेंक दी. देखते ही देखते वह शख्स अपनी गाडी लेकर वहां से चला गया था. दिखने में वह शख्स काफी ज्यादा हैंडसम था, बिल्कुल अरमान की तरह था. यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि अरमान का छोटा बेटा आर्यांश था. आर्यांश की आंखें बिल्कुल अरमान की तरह नीली और उसकी जो लाइन भी काफी तीखी थी. उसकी नाक भी तीखी और आंखें किसी हिरण की तरह थी. इस वक्त उसके बाल पूरी तरह से मैसी थे.
इस वक्त वह अपनी कैजुअल आउटफिट में था. लेकिन फिर भी उसे इस चीज से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड रहा था. देखते ही देखते आधे घंटे बाद उसकी गाडी त्रेहान इंडस्ट्रीज के आगे आकर रुकी. अंदर आते ही वहां पर खडे गार्ड्स, जो कि हाथ में बंदूक लेकर खडे थे, वह एकदम से चौंकने हो गए थे. क्योंकि आर्यांश से वहां हर कोई डरता था. आर्यांश था तो बिल्कुल अरमान जैसा, लेकिन उसका Heart उतना ही ज्यादा पत्थर था. जब भी किसी से गलती होती थी, तो उसे आर्यांश पनिशमेंट के तौर पर उस कंपनी से तो निकालता ही था. साथ में उसने यह वसूल भी रखा था कि उस इंसान को किसी और कंपनी में Job कभी ना मिले. इस वक्त आर्यांश का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस था. अब वह अपने केबिन में आया और देखते ही देखते उसने अपना काम शुरू कर दिया था.
तभी वहां पर उसका पर्सनल असिस्टेंट गौरव उसके पास आया और उसके आगे सिर झुकाते हुए बोला, सर, आपके लिए सेक्रेटरी ढूंढ ली गई है. बस आती ही होगी। जैसे ही उसने यह बात कही, आर्यांश ने उसे ठंडी नजरों से देखा. आर्यांश की ठंडी नजरे खुद पर पाकर एक पल के लिए गौरव के शरीर में ठंडी लहर दौड गई. वह अपनी नजरें चुराते हुए बोला, बस थोडी देर और सर। उसकी बात पर आर्यांश ने उसे कहा कुछ नहीं, बस वह यूं ही घूरे जा रहा था. गौरव उसके घूरने से ही समझ चुका था कि आर्यांश क्या चाहता था. उसने अब अपनी पॉकेट से फोन निकाला और उस लडकी को फोन किया. जैसे ही उस लडकी ने फोन उठाया, जो कि अभी ऑटो में ही थी. गौरव जल्दी से हडबडाते हुए बोला, देखिए मिस, आपकी Job अब आप के हाथों से छीन ली गई है, क्योंकि आप टाइम पर नहीं पहुंची है. यह कंपनी पूरी तरह से टाइम की पाबंद है और आप लेट हैं. सो प्लीज, अब आप इस कंपनी में Job नहीं कर सकती। इतना कहकर गौरव ने फोन काट दिया. वही वह लडकी लतिका हैरानी से फोन की तरफ देखते ही रह गई. वह अपने सिर पर हाथ मार कर बोली, क्या जरूरत इतना मेकअप करने की, इतना Touch अप करने की. ओह्ह गॉड! इतने हैंडसम इंसान के साथ मैंने Job करने का मौका खो दिया. यार, पहले दिन दिमाग खराब कर दिया मैंने.
मैं क्या करूं, Job मेरे हाथ से चली गई है। तभी उसके सामने बैठी हुई लडकी, जो कि बडे आराम से हाथों में फोन लेकर बैठी हुई थी. वह उसकी तरफ देखते हुए बोली, क्या हुआ, इतना क्यों परेशान हो रही है तू? उसकी बात सुनकर लतिका ने अब सामने बैठी लडकी गुनगुन की तरफ देखा. गुनगुन, जो कि अपने फोन में लगी हुई थी, इस वक्त वह अपने फिआंसे से बात कर रही थी. तभी उसका फोन बजने लगा. फोन पर उसके फिआंसे सोनू का फोन आ रहा था. सोनू का फोन देख कर गुनगुन का चेहरा खिल उठा. उसने अब फोन उठाना चाहा, अगले ही पल उसके फोन के टावर चले गए और फोन वहीं पर cut गया. अब गुनगुन मुंह बनाते हुए बोली, पता नहीं कब मैं अपना फोन चेंज कर पाऊंगी. मां भी मुझे दूसरा फोन नहीं दिला रही है. कह रही है, जब तक तू Job नहीं करेगी, तब तक तुझे दूसरा फोन नहीं दिलाऊंगी ओ गॉड!
मुझे वैसे भी Job ढूंढनी है, कुछ महीनो में मेरी शादी है. मुझे कुछ पैसे भी जमा करने हैं। इतना कहते हुए गुनगुन के चेहरे पर परेशानी झलक रही थी. तभी लतिका, जो कि सामने ही बैठी थी, उसकी तरफ देखते हुए बोली, अगर तुझे Job करनी है, त्रेहान कंपनी में Job कर ले. मैंने करने की कोशिश की, मुझे निकाल दिया. मैं टाइम पर पहुंच ही नहीं पाई. वहां पर लडकियों के लिए वैकेंसी खाली पडी है. खासकर पर्सनल सेक्रेटरी की, मैंने बडी मुश्किल से Job पास की थी. लेकिन अपनी बेवकूफी की वजह से मैने खो दी। उसकी बात पर गुनगुन मुंह बनाते हुए बोली, तू है ही इसी काबिल।
अब गुनगुन उसकी तरफ देखते हुए बोली, ऐसा कर, तू ना मुझे नंबर दे, मैं जाकर ट्राई करके आती हूं एक बार। तभी लतिका मुंह बनाते हुए बोली, मैं तुझे नंबर क्यों दूं और वैसे भी तू मेरे बेस पर मजे लेने जा रही है, मैं नहीं दूंगी तुझे वहां का एड्रेस। तभी गुनगुन मुंह बनाते हुए बोली, तू मुझे पता नहीं देगी, तो क्या मुझे पता नहीं चलेगा. त्रेहान कंपनी को कौन नहीं जानता. किसका ख्वाब नहीं है वहां पर Job करना, बस चाहिए. मैंने सिर्फ बात की है, कहीं वह मुझे लेने से इनकार करने लगे तो। इतना कहते हुए गुनगुन तरह- तरह के मुंह बना रही थी.
तभी लतिका उसकी तरफ देखते हुए बोली, तू ट्राई तो करके देखना यार, क्या पता ले ले तुझे। इतना कहते हुए लतिका की आवाज धीमी हो गई थी. लतिका की बात सुनकर गुनगुन के चेहरे पर बडी सी मुस्कुराहट आ गई. वह हां में सिर हिलाते हुए बोली, हां, मैं ट्राई करके देखती हूं. पर मुझे पता तो देना यार, तू तो मुंह ही बना कर बैठ गई है। तभी लतिका रोना सा चेहरा बनाकर बोली, मुझे यार त्रेहान इंडस्ट्रीज के सीईओ को पटाना था यार, सुना है बहुत ज्यादा हैंडसम है. लडकियां उसके आगे पानी भर्ती हैं। तभी गुनगुन मुंह बनाते हुए बोली म, अपना नाटक कम किया कर, क्या पता किसी और को वह पसंद करता हो. अगर वह किसी और को पसंद करता हुआ, तो तू क्या कर लेगी बीच में. ऐसे किसी पर नियत नहीं डालनी चाहिए. गंदी बात होती है। इतना कहकर वह प्यारा सा मुंह बना रही थी. इस वक्त वह हद से ज्यादा मासूम लग रही थी. गुनगुन दिखने में काफी ज्यादा खूबसूरत थी. इस वक्त उसने व्हाइट Color की फ्रॉक और लंबे खुले बाल छोडे हुए थे. साथ ही में छोटे- छोटे व्हाइट Color के झुमके पहने हुए थे. दोनों हाथों में व्हाइट चूडियां और माथे पर एक छोटी सी स्टोन की बिंदी और होठों पर लाइट पिंक Color की लिपस्टिक लगाई हुई थी. जिस वजह से वह और भी ज्यादा खूबसूरत लग रही थी. गोरा दूध सा रंग, जिसमें वह हद से ज्यादा कहर ढा रही थी.
तकरीबन आधे घंटे बाद उनका ऑटो त्रेहान कंपनी के आगे आकर रुका. अगले ही पल, गुनगुन ऑटो से बाहर की तरफ निकली. उसकी नजर सामने त्रेहान कंपनी पर थी. त्रेहान कंपनी अपने आप में बहुत ज्यादा बडी थी. इस वक्त उसकी गर्दन ऊपर की तरफ उठी हुई थी. गुनगुन कंपनी को देखते हुए बोली, अरे बाप रे! कितनी बडी कंपनी है. यार, मुझे तो लगता है कि मेरी गर्दन में ही मोच ना आ जाए. जिस तरह से यह कंपनी इतनी ऊंची खडी है. पता नहीं मुझे रखेंगे भी या नहीं। इतना कहते हुए गुनगुन पीछे की तरफ पलटी और बोली, रहने दे यार, क्या मैं यहां पर जाऊं? मेरे पैर पहले ही कांपने लगे इसे देखकर। तभी लतिका उसको पीछे की तरफ धकेलते हुए बोली, तू पागल है क्या, जा ना यार, क्या कर रही है. तू देख तो सही, क्या पता वह तुझे रख ले।
उसकी बात पर गुनगुन मुंह बनाते हुए बोली, यार, बेइज्जती हो जाएगी, अगर उन्होंने नहीं रखा तो। तभी लतिका उसकी तरफ देखते हुए बोली, मेरी भी तो हुई ना, मैंने तेरे सामने बात रखी ना, फिर भी मैंने कौन सा उस व्यक्ति को अपने दिल पर ले लिया. दिल पर मत ले यार, चिल मार, छोटी मोटी बेइज्जतियां दिल पर नहीं लेते। उसकी बात पर गुनगुन मुंह बनाते हुए बोली, तुझे तो वैसे भी कुछ नहीं लगता, बेइज्जती क्या ही लगेगी तुझे। गुनगुन की बात पर लतिका गुस्से में बोली, मैं तेरा मुंह तोड दूंगी अब ज्यादा बोली तो, निकल यहां से. तुझे जो काम कहा है, वह कर जाकर। इतना कहकर उसने गुनगुन को अंदर की तरफ भेजा.
जैसे ही गुनगुन अंदर की तरफ आई, तो गौरव, जो कि अभी- अभी नीचे आया था. उसकी नजर गुनगुन पर पडी. गुनगुन को देखकर उसके चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशन आ गए. वहीं रिसेप्शनिस्ट, जो कि वहां पर बैठी थी, वह उसकी तरफ देखते हुए बोली, एक्सक्यूज मी, आप यहां पर क्या करने आई है? अभी वह बोल ही रही थी कि तभी गौरव बीच में बात करते हुए बोला, यस मिस, आप यहां पर क्या कर रही हैं? यह कोई कंपनी बाग नहीं है, जो आप टहलते हुए यहां पर आ जाएंगे it' s a कंपनी। उसकी बात पर गुनगुन सिर झुकाते हुए बोली, हेलो सर, माय नेम इस गुनगुन, गुनगुन अग्रवाल। उसकी बात पर गौरव हां में सिर हिलाते हुए बोला, काम बताइए, काम क्या है आपको यहां पर? तभी गुनगुन गहरी सांस भरते हुए उसकी तरफ देखकर बोली, मैंने सुना है कि यहां पर सेक्रेटरी की Job खाली है। उसकी बात पर गौरव की आंखें बडी हो गई. वह जल्दी से हां में सिर हिलाते हुए बोला, हां हां, यहां पर सेक्रेटरी की Job खाली है.
लेकिन एक बात ध्यान से सुन लो, हर एक चीज की शख्त हिदायत दी जाएगी तुम्हें और उन नियमों का पालन भी तुम्हें करना होगा। उसकी बात पर गुनगुन हां में सिर हिलाते हुए बोली, जरूर सर। तभी गौरव उसकी तरफ देखते हुए बोला, क्वालिफिकेशन क्या है तुम्हारी? गौरव की बात पर गुनगुन जल्दी से झटपटाते हुए बोली, सर, क्वालिफिकेशन Bachelor of Arts की हुई है। इतना कहते हुए उसने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली थी, क्योंकि उसे डर लग रहा था कि कहीं उसकी क्वालिफिकेशन सुनकर गौरव उसे बाहर ही ना निकाल दे. उसकी क्वालिफिकेशन सुनकर गौरव के चेहरे पर कुछ खास रिएक्शन नहीं था. वह अब गहरी सांस लेकर बोला, ओके! तो You आर सिलेक्टेड। सिलेक्शन का नाम सुनकर गुनगुन के चेहरा पूरी तरह से खिल उठा. लेकिन अगले ही पल जो गौरव ने कहा, उसे सुनकर गुनगुन के होश उड गए. गौरव उसकी तरफ देखते हुए बोला, सैलरी दो लाख होगी, एंड ऐसा करो पहले तो यह coffee ऊपर ऑफिस में पहुंचाओ. उसके बाद में तुम्हें एक लिस्ट तैयार करके दूंगा, उस लिस्ट को ध्यान से पढ लेना. इस टाइम पर तुम्हें टाइम टेबल भी बनाना है. दूसरी बात, टाइम टू टाइम sir का ख्याल भी रखना है, समझ रही हो ना मेरी बात को। उसकी बात पर गुनगुन ने हां में सिर हिलाया. अगले ही पल सामने पडी हुई ब्लैक कॉफी को उठाया.
फिर सीधा लिफ्ट में चली गई. वहीं गौरव के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन थे. इस वक्त उसकी गर्दन पर आर्यांश की तलवार थी. उसे किसी भी हाल में सेक्रेटरी को ढूंढना था. इसीलिए अब उसने सेक्रेटरी ढूंढ तो ली थी. अब उसे डर लग रहा था कि कहीं वह कोई उल्टी सीधी हरकत ना कर दे.
तकरीबन पाँच मिनट में ही गुनगुन टॉप फ्लोर पर थी. इस वक्त उसे लिफ्ट में हद से ज्यादा डर लग रहा था. लेकिन फिर भी किसी तरह हिम्मत करके वह लिफ्ट में खडी थी. डर के मारे उसकी नजरें सामने लिफ्ट के बटन पर थी, जो कि ऊपर ऊपर जाते हुए उन बटन पर लाइट्स आ रही थी. जिन जिन पर लिफ्ट रुक रही थी. जब लिफ्ट पैंतालीस वें फ्लोर पर आकर रुकी, तो एक पल के लिए गुनगुन की सांस थम गई. किसी तरह वह जल्दी से बाहर की तरफ निकालने को हुई, लेकिन अगले ही पल वह किसी से टकरा गई.
दूसरे ही पल, उसके हाथों में पकडी हुई कॉफी उस सामने खडे शख्स के ऊपर जा गिरी. कॉफी गिरते ही उस शख्स की ठंडी नजरें सामने खडी गुनगुन पर थी.
वही गुनगुन सामने खडे शख्स की ओर देखते हुए चिल्लाकर बोली, तुम्हारा दिमाग खराब है क्या? अंधे हो, दिखाई नहीं देता तुम्हें?
To be continue.






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