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Arohi trehaan

एक गाडी तेजी से रेसिंग ट्रैक पर दौड रही थी. इस गाडी की स्पीड लगभग से इतनी ज्यादा तेज थी कि अगर किसी भी चीज से हल्का सा भी यह गाडी Touch हो जाती, तो इस गाडी का एक्सीडेंट भी हो सकता था. लेकिन इस गाडी में बैठा हुआ ड्राइवर इतनी तेज गाडी चला रहा था और साथ ही में कई गाडियां उसके साथ दौड रही थी. तकरीबन पंद्रह बीस मिनट बाद वह गाडी एक बडे से पैलेस के सामने आकर रुकी. यह पैलेस इतना ज्यादा बडा था कि कोई देखे तो देखता ही रह जाए.

अब उस ड्राइवर ने गाडी रोकी और जैसे ही गाडी के बाहर निकला, उस ड्राइवर ने अपने सिर पर हेलमेट पहन रखा था. यह गाडी कोई मामूली गाडी नहीं, रेसिंग कार थी. उस ड्राइवर ने जैसे ही अपने सिर से हेलमेट उतारा, तो एक पल के लिए वहां पर खडे बॉडीगार्ड की नजरे भी उसे ड्राइवर पर आ गई. यह ड्राइवर कोई और नहीं, एक लडकी थी जैसे ही उस लडकी ने अपने सिर से हेलमेट हटाया, उसके लंबे बाल, जोकि कमर पर लहरा रहे थे.

जैसे ही उस लडकी ने हेलमेट हटाया, उसके लंबे बाल नीचे की तरफ लहराने लगे. अब उसने पलट कर गार्ड की तरफ देखा, तो गार्ड अगले ही पल हडबडा गए और अपना काम करने लगे. यह लडकी इतनी खूबसूरत थी. उसकी ग्रीन आइज, जो उसे और भी ज्यादा खूबसूरत बना रही थी. ऊपर से नाक में पहनी हुई नथनी, जिसके नीचे हल्की- हल्की छोटी- छोटी ननग्स लगी हुई थी. वह उसे और भी ज्यादा खूबसूरत बना रही थी. अब वह लडकी सीधा उस पैलेस के अंदर की तरफ गई. यह पैलेस आगे से भी ज्यादा बडा हो चुका था. यह पैलेस कोई और नहीं, त्रेहान पैलेस था.

इस वक्त त्रेहान पैलेस को देखकर कोई पहचान ही नहीं सकता था कि अरमान के टाइम पर यह ऐसा था. यह पहले से इतना खूबसूरत हुआ करता था और अब वह और भी ज्यादा खूबसूरत हो गया था.

वह लडकी जैसे ही अंदर की तरफ आई, तभी उसके पांव धीमे हो गए. अब वह दबे दबे पांव से सीढियां चढते हुए ऊपर की तरफ जाने लगी कि तभी किसी के चिल्लाने की आवाज उसके कानों में पडी. आरोही, अब जाकर तुम आई हो. पूरी रात कहां थी तुम? जैसे ही यह आवाज आरोही के कानों में पडी, आरोही के कदम वहीं पर रुक गए. वह अपना सिर झुकाते हुए उस औरत के सामने आकर खडी हुई. यह औरत कोई और नहीं, रोहिणी जी थी. रोहिणी जी उसे डांटते हुए बोली, तुम्हें नहीं पता, तुम्हारी मॉम कितना गुस्सा करेंगे मुझ पर, अगर उन्हें पता लग गया कि तुम इतनी लेट रात को यहां पर इस तरह से क्लबिंग करती हो. अगर उसने मुझे फोन किया ना, या तुम्हारी उसे खबर लग गई. अरमान वैसे तुम्हारी सारी खबर रखता है. वह तो तुम्हें कुछ कहता नहीं, लेकिन तुम जानती हो ना अश्की को, वह तुम्हें छोडेगी नहीं।

तभी आरोही छोटा सा मुंह बनाते हुए बोली, माफ कर दो ना दादी, प्लीज, आप जानती हो ना मेरी फ्रेंड्स को, रात को क्लबिंग करती है और रेसिंग पर जाते हैं हम लोग. प्लीज, मम्मा को मत बताना। तभी रोहिणी जी उसकी तरफ देखकर कान खींचते हुए बोली, तू बहुत बिगड गई है. तुझे कल भी मैंने मना किया था, लेकिन फिर भी तू निकल गई. पता नहीं कब कैसे, तुझे शर्म नहीं आती. इतनी बडी हो गई है, बात नहीं मानती है।

उसकी बात पर आरोही चिल्लाते हुए बोली, दादी प्लीज, मेरा कान छोड दीजिए. मुझे बहुत दर्द हो रहा है। तभी दादी दांत पीसकर बोली, आने दे आर्यांश को, आर्यन को पता चलेगा ना, वह खुद तेरे कान खींचेगा। जैसे ही आर्यांश का नाम आरोही के कानों में पडा, एक पल के लिए वह सुन्न पड गई. वह जल्दी से रोहिणी जी का हाथ पकडते हुए बोली, नहीं नहीं दादी, प्लीज, एक पल के लिए अगर आप आरव भाई को बता देंगे ना, वह ठीक है. लेकिन प्लीज! प्लीज! आर्यांश भाई को कुछ मत बताना. वह जब गुस्सा करने पर आते हैं, तो प्लीज उनके गुस्से की आग मैं नहीं झेल पाऊंगी।

इतना कहते हुए आरोही लगभग से वहां पर डाइनिंग टेबल पर आकर बैठ चुकी थी. वह रोहिणी जी की तरफ देखते हुए बोली, कभी- कभी तो डर लगता है दादी कि उस खडूस के लिए कौन सी लडकी बनी होगी, जो उसे झेल पाएगी। इतना कहते हुए आरोही फ्रूट बास्केट में से फ्रूट लेकर खाने लगी.

वहीं दूसरी तरफ,

एक अंधेरे कमरे में एक लडका जमीन पर लेटा हुआ ड्रिंक पर ड्रिंक कर रहा था. उसके हाथों में एक फोटोग्राफ थी, जिसे वह कंटिन्यूअल देख रहा था. उसकी गहरी नीली आंखें बहुत कुछ बयां कर रही थी.

To be continue.

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