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Dosti!gussa

Sea hotel,

शौर्य के हाथ इस वक्त ध्रुविका के सीने पर आकर रुक चुके थे, क्योंकि जिस तरह से ध्रुविका ने शौर्य को धीमे से रुकने के लिए कहा था, शौर्य के हाथ एक पल के लिए रुक गए थे। उसकी वो मीठी सी आवाज सुनकर शौर्य की नजरे उसके होठों पर आ चुकी थी। लेकिन कुछ सोचते हुए शौर्य ने अपना हाथ पीछे की तरफ कर लिया और अपनी पॉकेट में हाथ डालकर ध्रुविका को देखने लगा। जिसका ब्लाउज उसके सीने से फट चुका था। शौर्य की नजरे बार-बार उसके बूब्स पर जा रही थी, जोकि ब्रा में से बाहर आने को हो रहे थे।

उसके वो परफेक्ट साइज boobs देखकर शौर्य को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। लेकिन किसी तरह शौर्य ने इस वक्त खुद को रोक लिया था। वही ध्रुविका, जो कि अपनी आंखें बंद करके शौर्य के नीचे बैठ चुकी थी, जब कुछ देर उसे शौर्य के हाथ अपने ऊपर नहीं महसूस हुए, तो उसने धीमे से आंखें खोली। एक पल के लिए वो हैरान रह गई, क्योंकि शौर्य चुपचाप एक साइड पर खड़ा सिगरेट पी रहा था। अब ध्रुविका ने जल्दी से अपनी साड़ी उठाकर अपने ऊपर लपेटी और उसकी तरफ देखते हुए बोली, "देखो, मेरी बात सुनो। मुझे, मुझे थोड़ा वक्त दो। तुमने मुझसे शादी कर ली है। अगर मेरे घर वालों को पता चल गया, पता नहीं क्या हाल होगा मेरा। दूसरी बात, रेयांश चाचू तो मुझे जिंदा ही गाड़ देंगे।"

जैसे ही शौर्य ने रेयांश का नाम सुना, एक पल के लिए उसका चेहरा काला पड़ गया। अब वो अगले ही पल ध्रुविका के पास आया। उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए उसने उसका चेहरा ऊपर की तरफ उठाया, जिससे ध्रुविका का दिल बुरी तरह से सहम गया। उसकी आंखें अब शौर्य से मिली हुई थी। शौर्य अब उसके चेहरे के ऊपर झुका हुआ था। दोनों की नाक आपस में टकरा रही थी और सांस भी साथ में घुल रही थी। ध्रुविका की धड़कनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया था। शौर्य अब उसकी आंखों में देखते हुए बोला,

"तुम जिसकी भी बात कर रही हो ना, अगर एक ने भी तुम्हें हाथ लगाया, तो आई स्वेर, ये शौर्य बोहरा दुनिया को जलाने की हिम्मत रखता है। तुम्हारा चाचू है ही क्या?" उसकी बात सुनकर ध्रुविका के रोंगटे खड़े हो रहे थे। अब वो उसकी आंखों में देखते हुए बोली, "लेकिन, लेकिन प्लीज, थोड़ी देर के लिए मुझे जाने दो यहां से। मैं, मैं रात तक वापस आ जाऊंगी। मैं दादी को सब कुछ बता दूंगी। अगर दादी को....।" इससे आगे वो कुछ कहती, तभी शौर्य उसकी आंखों में देखते हुए बोला, "तुम कहीं नहीं जाओगी।

अब तक तुम्हारे घर में सब कुछ सबको पता चल गया होगा कि तुमने शादी कर ली है।" जैसे ही शौर्य ने ये बात कही, एक पल के लिए ध्रुविका का दिल जैसे धड़कना ही भूल गया। वो उसकी तरफ देखते हुए बोली, "क्या?" ध्रुविका जिस तरह से उसे देख रही थी, शौर्य के चेहरे पर इविल स्माइल आ गई। अब वो अपने होठों से सिगरेट लगाते हुए गहरा कश भरते हुए उसने सिगरेट का धुआं ध्रुविका के चेहरे पर छोड़ दिया। जिससे एक पल के लिए ध्रुविका की खांसी छूट गई। अगले ही पल, उसकी आंखें लाल होने लगी, क्योंकि सिगरेट के धुएं की वजह से उसको सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। लेकिन शौर्य अब उसके चेहरे की तरफ देखते हुए बोला, "तुमने मुझसे समय मांगा है, तो दिया। लेकिन बच्चे, सिर्फ रात तक का, बिकॉज आई can't कंट्रोल माईसेल्फ।" इतना कहते हुए शौर्य ने उसके सीने की तरफ देखा, तो एक पल के लिए

ध्रुविका का पूरा जिस्म ठंडा पड़ गया। उसके रोंगटे खड़े हो रहे थे। ऐसे ही सारा दिन बीत गया। ना ही कोई होटल में आया, ना ही वो अपने कमरे से बाहर निकली। ध्रुविका को भी हैरानी हो रही थी कि आखिर सब कुछ पता लग जाने के बाद भी कोई उसे लेने क्यों नहीं आया या फिर किसी ने उसे अभी तक कांटेक्ट करने की कोशिश क्यों नहीं की।

वहीं दूसरी तरफ,

शौर्य स्विमिंग पूल एरिया की तरफ था और बार काउंटर पर बैठा ड्रिंक कर रहा था। तभी उसे किसी के हाथ की पकड़ अपने कंधे पर महसूस हुई। उस पकड़ को महसूस कर शौर्य के चेहरे पर इविल स्माइल आ गई। तभी वो शख्स शौर्य के सामने आकर बैठा और उसकी आंखों में देखते हुए बोला, "तो तूने अपना काम कर दिया।" तभी शौर्य उसकी तरफ देखते हुए बोला, "तुझे कोई शक था क्या?" जैसे ही उसने ये बात कही, सामने बैठे चेहरे पर सख्त भाव आ गए। वो अपनी नजरे उस पर गड़ाते हुए बोला, "अगर उसे हल्की सी भी खरोच आई, तो तुझे जिंदा जमीन में गाड़ दूंगा, यह बात याद रखना। चाहे वो मेरा दोस्त ही क्यों ना हो।"

तभी शौर्य उस की तरफ देखकर इविल स्माइल करते हुए बोला, "वो तो मैं उसे हर रात ही दूंगा।" इतना कहते हुए शौर्य के चेहरे पर इंटेंस स्माइल आ चुकी थी। वही सामने बैठा शख्स, जोकि कोई और नहीं, बल्कि रेयांश था। उस की आंखों में एक पल के लिए आराध्या का चेहरा घूम गया। जिस तरह से वो आराध्या के साथ इंटिमेसी करता था, उसे याद करते हुए ही रेयांश के चेहरे पर स्माइल आ चुकी थी। वही उसकी इविल स्माइल देखकर शौर्य के चेहरे पर डेविल एक्सप्रेशन आ गए। वो अब उसके कान के पास झुकते हुए बोला, "लगता है, तूने भी किसी को खरोच दी है बहुत अच्छे से।" जैसे ही उसने ये बात कही, रेयांश अब उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला,

"अच्छे से तो पता नहीं, गहराई से बहुत दी है।" उसकी बात सुनकर शौर्य के चेहरे पर मुस्कुराहट और भी गहरी हो गई। अब वो उसकी तरफ ड्रिंक का गिलास करते हुए बोला, "let's enjoy, आखिरकार मेरी शादी हुई है तुम्हारी भतीजी के साथ।" उसकी बात सुनकर Reyansh ने उसे तिरछी नजरों से देखा और अगले ही पल, उसके हाथ से ड्रिंक पकड़कर एक ही झटके से पी गया। फिर गहरी आवाज में बोला, "तेरी तो शादी हो गई। अब मुझे भी अपनी इंगेजमेंट पर पहुंचना है। कुछ धमाका करना जरूरी है।" उसकी बात सुनकर शौर्य की एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई।

वही रेयांश ने उसे देखा और गहरी मुस्कुराहट के साथ बोला, "जस्ट wait एंड वॉच।" रेयांश वहां से निकल चुका था। वही शौर्य, जोकि ड्रिंक कर रहा था, उसने अपनी वॉच की तरफ देखा। जहां पर इस वक्त 7 बजे थे। उसने होटल की तरफ देखा और अपने रूम की तरफ नजरे उसकी अचानक से ही उठ गई। नजर उठते ही उसके चेहरे पर मुस्कुराहट गहरी आ गई। अब उसने हाथों में पकड़ी हुई वाइन झटके से घटक ली। वाइन घटकते ही वो कांच के गिलास की तरफ देखते हुए बोला, "जस्ट more than 1 hour and then I will fuck you very harder."

इतना कहते हुए उसने अपनी लोअर बॉडी की तरफ देखा, जहां उसका डिक उसकी पेंट फाड़ कर बाहर आने को हो रहा था।

वहीं दूसरी तरफ,

रेयांश की गाड़ी गुलेरिया हाउस के आगे आकर रुकी। गाड़ी रुकते ही रेयांश ने अपने साइड में देखा, जहां पर एक रिंग पड़ी हुई थी। उस रिंग को देखकर रेयांश के चेहरे पर इंटेंस स्माइल आ चुकी थी। उसने उस बॉक्स को हाथ में लिया और अंदर की तरफ चला गया। इस वक्त गुलेरिया हाउस काफी सजा हुआ था। आज रेयांश की इंगेजमेंट थी, जो कि कल कैंसिल हो चुकी थी। अर्चना ने अपने पापा को कहकर रात की इंगेजमेंट करवाई थी। जिस वजह से यहां पर सभी मौजूद थे। पार्टी काफी बड़ी थी और लोग भी काफी ज्यादा आए हुए थे। रेयांश जैसे ही अंदर की तरफ आया, अर्चना की नजरे चमक उठी। उसने रेयांश की तरफ देखा, लेकिन रेयांश की नजरे किसी और को ही ढूंढ रही थी, जो कि इस पार्टी में शायद शामिल ही नहीं था।

दूसरी तरफ दामिनी जी का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था। उनके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। वो जानती थी कि रेयांश इस वक्त आराध्या को ढूंढ रहा था। लेकिन आराध्या तो यहां पर थी ही नहीं। ये चीज देखकर रेयांश के माथे पर बल पड़ गए। वो ऊपर की तरफ जाने को हुआ कि तभी दामिनी जी आगे की तरफ आई और उसे रोकते हुए बोली, "कहां जा रहे हो तुम, रेयांश, इंगेजमेंट इधर है तुम्हारी। ऊपर कहां जा रहे हो?" लेकिन रेयांश ने दामिनी जी की तरफ एक नजर देखा भी नहीं। वो ऊपर की तरफ चला गया। ये चीज देखकर दामिनी जी के मुट्ठियां एक पल के लिए कस चुकी थी। लेकिन अगले ही पल, अर्चना उनके कंधे पर हाथ रखते हुए बोली, "क्या बात है आंटी, वो ऊपर क्यों गए हैं?"

तभी दामिनी गुलेरिया उसकी तरफ पलटी और फीका सा मुस्कुराते हुए बोली, "वो शायद तैयार होने गया होगा बेटा, अभी आ जाएगा।" इतना कहते हुए दामिनी जी के चेहरे पर इस वक्त बेहद फीकी मुस्कुराहट थी। वही रेयांश ऊपर की तरफ आया और सीधा आराध्या के कमरे के आगे आकर खड़ा हुआ। अगले ही पल, उसने आराध्या के कमरे के दरवाजे पर हाथ रखा, लेकिन आराध्या का कमरा अंदर से लॉक था। आराध्या का कमरा लॉक देखकर रेयांश का चेहरा सख्त पड़ गया।

अगले ही पल, उसने अपने फिंगरप्रिंट आराध्या के कमरे के दरवाजे पर रखा, तो उसका दरवाजा खुल गया। दरवाजा खुलते ही उसने अंदर की तरफ देखा, तो अंदर पूरी तरह से अंधेरा था। कोई लाइट नहीं जल रही थी और आराध्या बेड पर लेटी हुई थी। उसे देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे वो मानो गहरी नींद में सोई हुई हो। उसे 7:30 बजे तक सोया हुआ देखकर रेयांश का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस हो गया। अब वो चलते हुए आराध्या के पास आया, जो कि सो रही थी। उसे देखकर रेयांश ने उसके इर्द-गिर्द हाथ रखा और अपना चेहरा पूरी तरह से उसके चेहरे पर झुका लिया। इस वक्त आराध्या की आंखें पूरी तरह से बंद थी। रेयांश की नाक उसकी नाक को छू रही थी।

उसकी गहरी सांस आराध्या के होठों पर पड़ रही थी, लेकिन आराध्या ने एक पल के लिए भी अपनी आंख नहीं खोली। ऐसा लग रहा था कि सच में वो गहरी नींद में हो। कुछ देर रेयांश ऐसे ही आराध्या पर झुका रहा। तकरीबन 15 मिनट बीत गए, लेकिन आराध्या ने कोई रिस्पांस नहीं दिया। रेयांश अब उसके ऊपर से उठा और उसे एक नजर देखते हुए बाहर की तरफ चला गया। उसने दरवाजा बंद कर दिया। जैसे ही दरवाजा बंद हुआ, आराध्या ने अपनी आंखें खोली। अगले ही पल, उसकी आंखों में नमी तैर गई। अब वो अपनी जगह पर उठकर बैठी। अगले ही पल, रूम की लाइट अपने आप ऑन हो गई। जैसे ही रूम की लाइट ऑन हुई, आराध्या का दिल जैसे धड़कना ही भूल गया ।

रेयांश ने दरवाजा बंद किया था और उसके साइड में ही रेयांश खुद खड़ा था। जैसे ही रेयांश ने लाइट ऑन की, तो आराध्या अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से सामने खड़े रेयांश की तरफ देख रही थी, जो कि अपनी सर्द नजरों से उसे देख रहा था। वही आराध्या का दिल अब जोरो जोरो से धड़क रहा था। उसने अपनी नज़रें पूरी तरह से झुका ली थी रेयांश अब तेज कदमों से उसके पास आया। अगले ही पल, उसने आराध्या के बालों को मुट्ठी में भरा और लगभग से उसे बेड पर लेटाते हुए उसका हाथ आराध्या की गर्दन पर आ चुका था। दोनों के चेहरे एक बार फिर से पास आ चुके थे, नाक आपस में टकरा रही थी, सांस गहरी चल रही थी। वही रेयांश अब सर्द आवाज में बोला, "how dare you to lying me little princess?"

उसकी बात सुनकर आराध्या ने कोई जवाब नहीं दिया और गहरी गहरी सांस भरने लगी। उसको सांस भरते हुए देखकर उसका सीना ऊपर की तरफ उठ रहा था, जोकि रेयांश के सीने से टकरा रहा था। वो कोई जवाब नहीं दे रही थी, लेकिन उसकी आंखें बहुत कुछ बोल रही थी, जोकि रेयांश भी पढ़ रहा था। लेकिन आराध्या ने कुछ नहीं कहा। वही रेयांश चिल्लाते हुए बोला, "मैंने कहा, ड्रामा क्यों कर रही थी तुम?"

उसका चिल्लाना सुनकर एक पल के लिए आराध्या सहम गई। वो लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली, "वो मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं सो रही थी बस।" इससे आगे रेयांश सर्द आवाज में बोला, "अगेन lie, यू नो व्हाट लिटिल प्रिंसेस, I don't like someone says me lie.

और पनिशमेंट तो बनती है।" उसकी बात सुनकर आराध्या के रोंगटे खड़े हो गए थे। वही रेयांश ने अब उसकी गर्दन को पकड़ कर पूरी तरह से बेड में धंसाया और उसके ऊपर झुकते हुए उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए। आराध्या का चेहरा पूरी तरह से बेड में धंस गया था। वही रेयांश पूरी प्रेशर के साथ अब उसे किस कर रहा था।

To be continue...

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