
यमुना घाट पर,
अभी- अभी आरती शुरू हुई थी कि तभी प्रत्यक्ष के पैरों में एक बॉडी पानी में तैरते हुए आई थी और उस बॉडी को अपने पैरों पर महसूस करते ही प्रत्यक्ष ने अपनी नजरें नीचे घुमाई और किसी की बॉडी देखकर उसका चेहरा सख्त हो गया, वही पीछे खडे पंडित जी और कमला चाची की आंखें भी हैरत से फैल चुकी थी वह हैरानी से एक दूसरे की तरफ देख रहे थे प्रत्यक्ष अब नीचे की तरफ झुका और अगले ही पल उसने उस लडकी का चेहरा देखा जो कि उसके दुपट्टे से ही पानी होने की वजह से ढका गया था लेकिन उसने उस दुपट्टे को नीचे नहीं किया अगले ही पल उसने उस लडकी को गोद में उठाया और पानी से बाहर ले जाने को हुआ के तभी पंडित जी उसे रोकते हुए बोले यह क्या कर रहे हैं बाबू साहब,
अगर आरती बीच में रुक गई तो, अनर्थ हो जाएगा आरती बीच में नहीं रुकनी चाहिए यह किसी अनहोनी का संकेत है और यह लडकी जो अभागिन यमुना नदी में ऐसे गिरकर हो सकता है मर गई हो छोड दीजिए हम इसे यहीं कहीं जला देंगे अभी वह बोल ही रहा था कि तभी प्रत्यक्ष ने उसे शारदा नजरों से देखा और उसकी सर्द नजरे खुद पर पाकर पंडित एक पल के लिए सहम गया और अगले ही पाल sir झुका कर पीछे की तरफ हो गया कि तभी कमला चाची बीच में बोली क्या कर रहे हो प्रत्यक्ष तुम ऐसे ही किसी की लाश को उठाकर अंदर की तरफ ले आओगे तभी प्रत्यक्ष कमला चाची की तरफ देखते हुए गहरी आवाज में बोला जिंदा है वह,
उसकी बात पर कमला चाची चुपचाप उसे देखने लगी लेकिन कुछ सोचते हुए बोली और भी लोग हैं यहां पर किसी को भी पकडा दो देखो पहले आरती कर लो फिर देखते हैं क्या है प्रत्यक्ष ने इस बार कमला चाची की बात को इग्नोर करते हुए वह नदी से बाहर की तरफ निकल गया जैसे ही प्रत्यक्ष ने उसकी बात इग्नोर की वहीं कमला चाची का चेहरा गुस्से से कांपने लगा और उसके हाथों की मूर्तियां पूरी तरह से कस चुकी थी.
वही प्रत्यक्ष अब उस लडकी को उठाकर मंदिर की चौखट पर पहुंचा और अगले ही पल उसे चौखट पर लेटाने को हुआ के तभी कमला चाची उसे रोकते हुए बोली रुको प्रत्यक्ष, तुम यहां मंदिर की दहलीज गंदी नहीं कर सकते हो पता नहीं Kiss जात की है. और क्या पता कितनी गंदी होगी यह लडकी, मंदिर के आसपास काफी हद तक भीड लग चुकी थी वह सब कमला चाची और प्रत्यक्ष को देख रहे थे और इस भीड में कौशल्या और सुरजन जी भी मौजूद थे. प्रत्यक्ष जो कि उस लडकी को ही देख रहा था उसने अभी तक कमला चाची को नहीं देखा था उस लडकी के मुंह पर इस हद तक दुपट्टा था कि उसकी हल्की- हल्की चेहरे की बनावट उसे नजर आ रही थी जिस वजह से प्रत्यक्ष की नजरे उस लडकी के चेहरे पर गहरी होती जा रही थी अब उसने बिना कमला चाची की तरफ देखे ही उस लडकी को चौखट पर लेटा दिया और यह चीज देखकर कमला चाची का गुस्सा और भी ज्यादा बढ गया और अब वह पैर पटकते हुए वहां से चली गई इस वक्त उन्हें प्रत्यक्ष पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था लेकिन वह कह कुछ नहीं पाई,
यमुना जी की आरती बीच में रुक चुकी थी जिस वजह से लोग भी गुस्से से उस लडकी को देख रहे थे. वही वह लडकी जैसे ही उसे प्रत्यक्ष ने नीचे जमीन पर लेटाया अगले ही पल वह लडकी जोर- जोर से खांसने लगी पानी उसके पेट के अंदर जा चुका था जिस वजह से खांसते हुए उसके मुंह से पानी बाहर की तरफ निकल चुका था उसने काफी गहरी सांस ली थी जिस वजह से उसे हल्का सा होश आ चुका था. और अब उस लडकी ने खुद अपने चेहरे से हल्का सा दुपट्टा नीचे की तरफ किया तो उसकी आंखें सबको नजर आने लगी उसकी वह खूबसूरत आंखें देख कर एक पल के लिए प्रत्यक्ष की नजर उसके चेहरे पर ठहर गई.
लेकिन वह लडकी उसे तो इस चीज का होश ही नहीं था उसकी आंखें बार- बार बंद हो रही थी क्योंकि पानी में गिरने की वजह से उसके नाक कान और मुंह में पानी चला गया था जिस वजह से उसका दिमाग भी एक पल के लिए सुन पड गया था और अब उस लडकी ने अपने होठों पर से भी हल्की सी चुनरी हटाने को हुई कि तभी पीछे से आवाज आई कुत्तिया कहीं की करम जली यहां पर आ गई तू इतना कहते हुए वह शख्स आगे की तरफ आया जो की कोई और नहीं रघु था और अब उसने उसका हाथ पकडते हुए लगभग से प्राची को खींचकर खडा किया दूसरी तरफ प्रत्यक्ष जैसे ही राघव ने उसका हाथ पकड कर उसे खडा किया एक पल के लिए प्रत्यक्ष की नजरे राघव पर गहरी हो गई,
वही कौशल्या और सर्जन जी ने जैसे ही राघव को देखा वह हैरानी से राघव की तरफ देखते हुए आगे की तरफ आए और कौशल्या ने राघव के कंधे पर हाथ रखते हुए बोला तू यहां पर क्या कर रहा है और ऐसे चिल्ला क्यों रहा है यह लडकी जैसे ही कौशल्या ने यह चीज कहीं और अब जाकर कौशल्या की नजर प्राची पर पडी उसकी आंखें देखकर ही कौशल्या समझ चुकी थी. लेकिन कौशल्या की आंखें इसलिए हैरत से फैली हुई थी क्योंकि राघव के sir से लगातार खून बह रहा था. और उसे यूं देखकर कौशल्या की आंखें भर आई थी वह अपनी चुनरी को ऊपर की तरफ करके राघव के सिर पर रखते हुए बोली मेरे बच्चे को इतनी चोट कैसे लगी लेकिन राघव ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया और अब कौशल्या ने एक नजर उस लडकी की तरफ देखा. जो कि वह समझ चुकी थी. यह लडकी कोई और नहीं बल्कि प्राची थी. वही राघव ने अब प्राची की तरफ देखते हुए अगले ही पल उसके गाल पर एक जोरदार थप्पड जड दिया, जिससे प्राची जमीन पर जा गिरी और उसके मुंह से खून बहने लगा,
जैसे ही राघव ने प्राची के चेहरे पर थप्पड जडा वैसे ही कौशल्या जी हैरानी से राघव की तरफ देखते हुए बोली क्या कर रहे हो बेटा क्यों मार रहे हो उसे क्योंकि सामने बहुत से लोग खडे थे अगर कोई कुछ कह देता तो सभी कौशल्या और सर्जन को ही जिम्मेदार समझते इसीलिए वह राघव को रोकने की कोशिश कर रही थी वही राघव कौशल्या की तरफ देखते हुए उसने अब सभी लोगों की तरफ देखा और अब उसके चेहरे पर शैतानी मुस्कराहट तैर गई वही जैसे ही राघव ने प्राची के चेहरे पर थप्पड जडा प्रत्यक्ष का चेहरा और भी सख्त होते जा रहा था अभी तक प्रत्यक्ष ने प्राची का चेहरा ठीक से नहीं देखा था लेकिन फिर भी उसके चेहरे पर अब गुस्सा झलकने लगा था उन सब का ड्रामा देखकर प्रत्यक्ष का दिमाग खराब होने लगा था.
दूसरी तरफ राघव कौशल्या जी की तरफ देखते हुए बोला मां इसने बहुत गंदी हरकत की है मेरे साथ मां यह देखो मेरे कपडे फाड दिए इस लडकी ने और खुद अपने कपडे फाड कर मुझे बोली मेरे साथ वह सब कर नहीं तो मैं मां बाबा को बता दूंगी कि तुम मेरे साथ जबरदस्ती करते हो यह मेरे पर झूठा इल्जाम लगाने की बात कर रही थी मां जैसे ही उसने यह बात कही प्राची ने अपना चेहरा कौशल्या की तरफ घुमाया और अगले ही पल प्रत्यक्ष की नजर उसके चेहरे पर पडी एक पल के लिए जैसे मानो प्रत्यक्ष के लिए वक्त थम सा गया था.
एक पल के लिए वह उसके चेहरे की तरफ देखे ही जा रहा था और उसकी आंखों में इस वक्त अलग ही चमक नजर आ रही थी वह एक टक बस प्राची को ही देख रहा था उसे कुछ भी नजर नहीं आ रहा था सिवाय प्राची के उसे लोगों की बातें तक सुनाई देने बंद हो गई थी. वही कौशल्या जी चिल्लाते हुए बोली करम जली,
मैंने तुझे अपनी बेटी समझा और तू मेरे ही बेटे पर डोरी डाल रही थी और उसे फसाने की कोशिश कर रही थी मैंने विधवा होकर भी तुझे वह सब कुछ दिया जो किसी को नहीं मिलता लेकिन तू तू तो कालंकारी निकली, शर्म आती है मुझे तुझे अपनी बहू कहते हुए पहले अपने पति को खा गई और अब मेरे दूसरे बेटे को खाना चाहती है तू हरामजादी इतना कहते हुए कमला चाची उसके चेहरे पर एक और थप्पड जडने ही वाली थी कि तभी किसी ने कमला चाची का हाथ पकड लिया और उनका हाथ हवा में ही रह गया वहीं राघव और सृजन जी हैरानी से सामने की तरफ देख रहे थे जहां पर प्रत्यक्ष ने कौशल्या जी का हाथ पकड लिया था.
इस वक्त प्रत्यक्ष का चेहरा पूरी तरह से काला पड चुका था जिस तरह से कौशल्या जी प्राची को बोल रही थी प्रत्यक्ष का गुस्सा बढने लगा था और अब दोबारा से प्राची के ऊपर हाथ उठाता देखकर प्रत्यक्ष का गुस्सा और बढ गया था इस वक्त उसकी पकड कौशल्या के हाथ पर कस चुकी थी वही कौशल्या उसका तो हाल बुरा होने लगा था जिस तरह से प्रत्यक्ष ने उसका हाथ पकडा हुआ था. लगभग से उससे हाथ छुडाते हुए बोली मालिक यह आप क्या कर रहे हैं और यह सच में बहुत गलत लडकी है उल्टा है कुलटा इतना कहते हुए वह लगभग से प्रत्यक्ष से अपना हाथ छुडा रही थी लेकिन प्रत्यक्ष था कि गुस्से से उसके जबडे कसे हुए थे वहां पर खडे हर एक गांव वासी का ध्यान उन्हें पर था तभी पीछे से एक औरत बोली अरे साहब इस लडकी के भोले भाले चेहरे पर मत जाओ यह अपने पति को भी खा गई यह हर एक पुरुष को मोहित करना जानती है आप इसकी भोली- भाली सूरत पर मत जाइए,
सभी गांव वाले तरह- तरह की बातें करने लगे वही प्राची जिसके चेहरे पर कौशल्या जी थप्पड जडने वाली थी उसका चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुक चुका था और अब उसकी आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे थे लोगों की बातें सुनकर प्राची का दिल बुरी तरह से टूट रहा था. वही राघव उसकी तरफ देखते हुए बोला अभी भी तुझे शर्म नहीं आई कुलटा तेरी वजह से मेरी मां, अभी वह बोल ही रहा था कि तभी प्रत्यक्ष ने झटके से कौशल्या जी का हाथ नीचे की तरफ झटका और दूसरे ही पल राघव के चेहरे पर एक जोरदार पंच जड दिया जिससे राघव की चीख वहां पर मंदिर के गलियारे में गूंज गई थी.
राघव चिल्लाते हुए नीचे जमीन पर गिरा और प्रत्यक्ष के आगे हाथ जोडते हुए बोला माफ कीजिएगा साहब अगर आपको बुरा लगा हो लेकिन यह लडकी बिल्कुल भी अच्छी नहीं है उसकी बात पर प्रत्यक्ष का चेहरा और भी ज्यादा सख्त होते जा रहा था. अभी कौशल्या जी उसके आगे हाथ जोडते हुए बोली बाबू साहब यह विधवा है और श्रापित भी है यह इसकी वजह से मैंने अपना बेटा खोया है इतना कहते हुए कौशल्या की रोने लगी, मैं आपको एक ही हिदायत अभी वह बोल ही रही थी कि तभी प्रत्यक्ष प्राची की तरफ घुमा जैसे ही प्रत्यक्ष प्राची की तरफ घुमा उसका चेहरा देखकर ही एक पल के लिए प्राची कांप गई, हालांकि उसने प्रत्यक्ष का चेहरा अभी तक नहीं देखा था उसकी नजरें पूरी तरह से झुकी हुई थी.
वहां पर सब की बातें सुन सुन कर प्रत्यक्ष का गुस्सा इतना बढ गया था कि उसने अब अपने कदम मंदिर के अंदर बढाया वहीं पर मंदिर में बडा सा थल पडा हुआ तो जिसमें सिंदूर और मंगलसूत्र पडा हुआ था और साथ में पंडित जी खडे थे. वह हैरानी से प्रत्यक्ष की तरफ देख रहे थे जिस तरह से गुस्से में प्रत्यक्ष अंदर की तरफ आया था पंडित जी की भी सांस सूखने लगी थी. लोगों की इतनी सारी बातें प्रत्यक्ष के कानों में घूम रही थी और अब उसने एक ही झटके से उस थाल में से सिंदूर मुट्ठी में भरा और दूसरी मुट्ठी में मंगलसूत्र उठाया,
और अब वह एक बार फिर से प्राची के सामने आकर खडा हो चुका था जो कि अपना सिर झुकाए खडी थी उसे कोई होश नहीं थी इतनी बातें सुनने के बाद भी वह चुपचाप खडी थी उसने एक शब्द तक नहीं कहा था. प्राची जो कि sir झुकाए खडी थी और अब एकदम से उसकी आंखें हैरत से फैल गई थी दिल धक सा रह गया था क्योंकि प्रत्यक्ष ने खडे- खडे ही उसके सामने आकर उसकी मांग पूरी तरह से सिंदूर से भर दी थी. जैसे ही प्रत्यक्ष ने उसकी मांग सिंदूर से भरी प्राची की आंखें बडी हो गई और अगले ही पल उसने अपनी आंखें ऊपर की तरफ उठाई और उसकी आंखें प्रत्यक्ष से जा मिली,
वही प्रत्यक्ष भी उसे ही देख रहा था और अब उसने अपने दूसरे हाथ में पडा हुआ मंगलसूत्र प्राची के गले में पहना दिया. और एक पल के लिए प्राची धडाम से नीचे जमीन पर गिरने को हुई लेकिन प्रत्यक्ष ने उसको कंधे से पकडा और उसे कमर से थाम लिया, वही प्राची तो बस सुन रह गई वहां पर खडे हर एक शख्स का यही हाल था सब हैरानी से प्राची की तरफ देख रहे थे. सब की आवाज वहीं पर थम सी गई थी. जो इतनी देर से लोग चिल्ला रहे थे कि प्राची मनहूस है उनकी आवाज पूरी तरह से बंद हो चुकी थी वही कौशल्या के जबडे पूरी तरह से कस चुके थे और राघव राघव का दिमाग तो पूरी तरह से खराब हो चुका था वह कब से प्राची पर नियत डालने की सोचता था लेकिन अब तो वह चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता था.
दूसरी तरफ सुकन्या जो की अकेली खडी थी उसकी दोस्त कब की वहां से जा चुकी थी क्योंकि उसकी हालत खराब हो चुकी थी उसे पीरियड्स आ चुके थे इसी वजह से वह मंदिर से चली गई थी लेकिन सुकन्या ने जैसे ही यह सब होता हुआ देखा तो उसके चेहरे पर खुशी की लहर दौड गई थी. वही प्रत्यक्ष अब सख्त आवाज में बोला किसी को मेरी बीवी के बारे में कुछ कहना है.
तभी कमला चाची की आवाज उसके कानों में पडी तुम्हारा दिमाग खराब हो
गया क्या प्रत्यक्ष.
To be continue.





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