
चौधरी विला,,
ध्वनि इस वक्त अपने कमरे में जमीन पर बैठी थी अभी-अभी मालिनी जी ने जिस तरह से उसके साथ बिहेव किया था उसका घुटना बुरी तरह से छिल गया था और हल्का-हल्का उसके घुटने से खून निकल रहा था जिस वजह से उसकी आंखों में आंसू तक आ गए थे लेकिन अपने दर्द को छुपाते हुए उसने अब अपनी आंखें साफ की और अपनी जगह से धीरे से खड़ी हुई एक पल के लिए उसे अपने घुटने में इतनी तेज दर्द हुआ कि एक बार फिर से वह लड़खड़ा गई पर किसी तरह उसने खुद को संभालना था उसे नीचे जाकर पार्टी में ड्रिंक वगैरह सर्व करनी थी क्योंकि जिस तरह से मालिनी जी से बोलकर गई थी वह अब मालिनी जी को शिकायत का मौका नहीं देने वाली थी लेकिन क्या ऐसा होने वाला था अब यह तो वक्त ही बताने वाला था
ध्वनि ने अपने घुटने की तरफ देखा जहां से खून निकल रहा था और उसके पैर तक पहुंच चुका था अब वह वार्डरोब की तरफ गई और वहां से मेडिकल बॉक्स निकाल कर अपने घुटने की मर्म पट्टी करने लगी कुछ ही देर में उसने पूरी तरह से अपने घुटने को क्लीन करके हल्की सी बैंडेज लगा ली थी चोट काफी आई थी लेकिन बैंडेज के नीचे छप गई थी। अभी वह बैंडेज कर ही रही थी कि तभी वहां पर एक सर्वेंट आई और उसके आगे सर झुकाते हुए बोली mam आपके लिए बड़ी mam ने यह कपड़े भेजे हैं जैसे ही ध्वनि ने उसके हाथों में पकड़े हुए कपड़े देखे तो एक पल के लिए ध्वनि के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए वह एक सर्वेंट के कपड़े थे जिसमें ब्लैक कलर की स्कर्ट और उसके साथ व्हाइट कलर की शर्ट थी और उस कपड़ों को देखकर एक पल के लिए ध्वनि को अजीब सा लग रहा था।
लेकिन मालिनी जी ने कहा था इसीलिए वह अपनी जगह से खड़ी हुई और उसे सर्वेंट की तरफ देखकर फीका सा मुस्कुराई और उसके हाथों से ड्रेस पकड़ ली और बोली आप जाइए मैं अभी आती हूं इतना कहकर उसने उन कपड़ों की तरफ देखा एक पल के लिए उन कपड़ों को देखकर ध्वनि की आंखों में नमी छा गई थी लेकिन किसी तरह खुद को संभालते हुए उसने गहरी सांस ली और वार्डरोब में चली गई कुछ ही देर में वह शर्ट और स्कर्ट पहनकर बाहर की तरफ आई भले ही उसने सर्वेंट के कपड़े पहने हुए थे लेकिन वह काफी हद तक खूबसूरत लग रही थी उसने सर्वेंट के कपड़े पहने हुए थे और बालों में पोनीटेल बना रखा था और हल्की सी न्यूड लिपस्टिक लगाई हुई थी।
वहीं दूसरी तरफ,,
आदर्श जो कि इस वक्त अपने आईने में खड़ा था इस वक्त उसने ग्रीन कलर का सूट पहना हुआ था वह काफी ज्यादा हैंडसम लग रहा था उसने अपने बालों को पूरी तरह से सेट किया हुआ था और उसकी नज़रें लगातार अपने टाइम पर थी। आदर्श ने अपनी टाइ ढीली की और गहरी सांस लेकर वहां से बाहर की तरफ जाने को हुआ कि तभी उसके कदम 2 मिनट के लिए रुक गए और उसकी नजर सामने वॉल पर गई जहां पर ध्वनि की बड़ी सी तस्वीर लगी हुई थी । एक पल के लिए आदर्श की नजर ध्वनि की तस्वीर पर गहरी हो गई और उसके माथे पर पसीने की बूंदे आने लगी। उस तस्वीर में ध्वनि काफी ज्यादा हॉट लग रही थी उसने बिकिनी वियर पहना हुआ था जिस वजह से उसका गोरा बदन आदर्श को साफ दिखाई दे रहा था और यह फोटो कब कैसे खींची गई थी यह तो आदर्श ही जानता था।जिसे ध्वनि पूरी तरह से अनजान थी उसने अब एक बटन पास ही में से दबाया जिससे वह तस्वीर अपनी जगह से गायब हो गई।
आदर्श बाहर की तरफ आया और बाहर अब पार्टी शुरू हो गई थी क्योंकि शाम के 8 बज चुके थे सभी मेहमान आ चुके थे। और मिस्टर कपूर और उनकी बेटी जिया कपूर भी अब तक पार्टी में पहुंच चुकी थी। जिया की नजरे वहां पर हर तरफ घूम रही थी यह काफी खूबसूरत थी। और उसकी नज़रें हर तरफ घूम रही थी जैसे किसी को ढूंढ रही हूं तभी उसकी इंतजार खत्म करते हुए उसकी नज़रें एक जगह पर ठहर गई जिसे देखकर एक पल के लिए जिया का दिल धड़कन ही भूल गया क्योंकि जिससे वह ढूंढ रही थी वह उसके सामने खड़ा था और अब जिया की नजरे पूरी तरह से आदर्श के ऊपर थम चुकी थी।
जिया का दिल जोरो जोरो से धड़क रहा था। वही मालिनी की जो कि अब साइड पर खड़ी थी जैसे ही जिया की नजरे उसने आदर्श पर महसूस की उसके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कुराहट आ गई। वह अब धीमे से चलते हुए,, जिया के पास आई और उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोली देख क्या रही हो तुम्हारा pheoncy है जो उसके पास बातें करो, उसकी बात पर जिया ने गहरी सांस ली और बोली,, आंटी लेकिन मैंने सुना है आदर्श को लड़कियों से बात करना कुछ खास पसंद नहीं है। तभी मालिनी की मुंह बनाते हुए बोली वह मेरा बेटा है वह अरिकारी लड़की से बात नहीं करता खास कर की सड़क छाप इतना कहते हुए,, मालिनी जी की आवाज हल्की तेज हो चुकी थी क्योंकि पीछे ही ध्वनि खड़ी थी और ध्वनि को मालिनी जी की बात साफ सुनाई दी थी जो कि उसे ही सुनना चाहती थी कि वह एक सड़क छाप लड़की थी। एक पल के लिए ध्वनि के हाथ रुक गए थे और उसकी आंखों में एक बार फिर से नमी उतर आई थी लेकिन उसने अपनी नमी को दरकिनार कर अब वहां पर ट्रे में ड्रिंक सर्व कर रही थी उनके पीछे होने की वजह से अभी तक आदर्श की नजर ध्वनि पर नहीं पड़ी थी।
आदर्श आगे की तरफ आया के तभी मिस्टर कपूर उसके आगे आकर खड़े हुए उसकी तरफ हाथ बढ़ाकर बोले हेलो मिस्टर आदर्श चौधरी कैसे हैं आप,, मिस्टर कपूर को देखकर आदर्श का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशनलेस था जैसे उसे कुछ खास फर्क नहीं पड़ रहा था। उसने अब मिस्टर कपूर के हाथ की तरफ देखा और गहरी आवाज में बोला आई एम फाइन,, इतना कहकर वह चुप हो गया जैसे फॉर्मल सा जवाब उसने मिस्टर कपूर को दिया था लेकिन आदर्श ने एक बार भी अपना हाथ आगे नहीं बढ़ाया था कि मिस्टर कपूर उसे अपना हाथ मिला ले यह चीज मिस्टर कपूर को बहुत ज्यादा अजीब लगी थी।
लेकिन फिर भी वह फिकासा मुस्कुराए और उन्होंने अपना हाथ दोबारा से अपने पॉकेट में डाल लिया। तभी आदर्श आगे की तरफ आया और मालिनी उसका हाथ पकड़ कर उसे जिया के पास लेकर आई जो कि पहले ही आदर्श का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही थी जिया ने आदर्श को देखा तो अब उसकी धड़कने और भी ज्यादा बवाल करने लगी आदर्श बिल्कुल उसके पास में खड़ा था लेकिन उसका ध्यान फिर भी जिया पर नहीं था उसकी नज़रें अब इधर-उधर घूम रही थी जैसे किसी को ढूंढ रही हो और मालिनी जी यह बात बहुत अच्छी तरह से जानती थी कि इस वक्त आदर्श किसको ढूंढ रहा था। जिस वजह से उनके जबड़े कस गए थे लेकिन अगले ही पल मालिनी की आदर्श का ध्यान अपनी तरफ खींचते हुए बोली क्या बात है बेटा तुम किसी को ढूंढ रहे हो क्या,,
जिसे ढूंढना चाहिए अब तो वह तुम्हारे सामने हैं तुम्हारी इंगेजमेंट जिया से हो रही है। सो अपना ध्यान जिया पर रखो इधर-उधर देखने की जरूरत नहीं है। इतना कहकर वह अब आदर्श का हाथ दबा रही थी वहीं आदर्श मालिनी जी को गहरी नजर से देखते हुए बोला मॉम मुझे कुछ काम है मैं आपसे बाद में बात करता हूं मालिनी जी उसका हाथ दबाती रह गई लेकिन आदर्श तो अपने उसूलो का पक्का था उसे जो करना था वो वह करके ही रहता था। वह अब अपना फोन लेकर वहां से चला गया उसने एक बार भी जिया की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखा था और यह चीज से एक पल के लिए जिया को तकलीफ दे गई और अब वह मालिनी जी की तरफ देखते हुए बोली इट्स ओके आंटी उनका काम है। उसकी बात पर मालिनी जी ने बड़े प्यार से उसके गाल को सहलाया और बोली कोई बात नहीं बेटा अभी आ जाएगा वह,,, उसकी बात पर जिया ने हाँ में सिर हिलाया वहीं दूसरी तरफ ध्वनि जो कि हर किसी को,, ड्रिंक सर्व कर रही थी कि तभी वह मिस्टर कपूर के आगे आकर खड़ी हुई जो की एक साइड पर खड़े थे जैसे ही मिस्टर कपूर की नजर ध्वनि पर पड़ी एक पल के लिए मिस्टर कपूर ध्वनि को देखते ही रह गए,,
उन्हें लगा शायद वह यहां की सर्वेंट है और उसे देखकर मिस्टर कपूर अजीब सी नजरों से उसे देखने लगे उसे ध्वनि बहुत ज्यादा खूबसूरत लग रही थी इसलिए उसने अब ध्वनि की तरफ देखते हुए बोले,,, मिस आप यहां पर सर्वेंट है उसकी बात पर ध्वनि कुछ नहीं बोली और उसकी तरफ देखते हुए बोली आप ड्रिंक लीजिए सर,, जैसे ही ध्वनि ने यह बात कही मिस्टर कपूर गुस्से में बोले बड़ा गुरूर है तुम्हारे अंदर एक नौकर होकर मुझसे जुबान लड़ा रही हो,,, जैसे ही मिस्टर कपूर ने यह बात कही ध्वनि हैरानी से उनकी तरफ देखते हुए बोली लेकिन सर मैंने आपको क्या कहा,,, तभी मिस्टर कपूर ध्वनि की तरफ देखते हुए बोले,, तुमने कहा कुछ नहीं लेकिन तुम्हारी जुबान ने बहुत कुछ कह दिया,,
मेरी बात सुनो गौर से अगर मैं एक बार मिस मालिनी और आदर्श चौहान से कह दिया ना तो अभी तुम्हें यहां से निकाल कर फेंक देंगे बाहर समझी ना तुम,, उसकी बात पर ध्वनि चुप हो गई,, मिस्टर कपूर अब उसकी तरफ देखते हुए बोले,,, तुम यहां की सर्वेंट होना वॉशरूम में टॉयलेट पेपर नहीं था तो मुझे टॉयलेट पेपर चाहिए वॉशरूम में लेकर आओ उसकी बात सुनकर एक पल के लिए ध्वनि के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए,, जल्दी से बोली लेकिन यह काम मेरा नहीं है तभी मिस्टर कपूर उसकी आंखों में देखते हुए बोले तो मैं लेकर आऊं क्या?
मिस्टर कपूर की बात सुनकर ध्वनि अब चुप हो गई उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह मिस्टर कपूर को क्या कहें,, गहरी सांस लेकर स्टोर रूम की तरफ बढ़ गई क्योंकि बाथरूम की हर एक चीज ओर समान स्टोर रूम में ही होता था इसीलिए वह स्टोर रूम में गई और वहां से टॉयलेट पेपर लेकर सीधा बाथरूम में चली गई वहीं मिस्टर कपूर जो कि उसे देख रहे थे अब उनके चेहरे पर devil smile आ गई,,
और अब वह सीधे बाथरूम की तरफ बढ़ गए,, देखते ही देखते वो बाथरूम में आया वही ध्वनि बाथरूम में खड़ी टॉयलेट पेपर देख रही थी वह हैरानी से बोली यहां पर टॉयलेट पेपर है तो अभी वह बोल ही रही थी कि तभी पीछे से मिस्टर कपूर ने उसे कमर से पकड़ कर अपने साथ चिपका लिया एक पल के लिए ध्वनि की आंखें बड़ी हो गई और उसका पूरा शरीर कांप उठा,,
To be continue..





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