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I wanna fuck you harder 🔞🔞🔞

Guleria house,

रेयांश अभी-अभी आराध्या के कमरे में आया था। आराध्या, जोकि बेड के नीचे सिर लटका कर लेटी हुई थी और उसकी आंखों से आंसू अभी भी बह रहे थे। उसने जब दोबारा से अपने दरवाजे पर किसी के कदमों की आहट सुनी, तो उसने पास ही में पड़ा हुआ दूसरा वास उठाया और उस शख्स पर फेंक दिया। उसे नहीं पता था कि इस वक्त दरवाजे पर कौन है। वह बस यही बात सोच रही थी कि शायद अभी भी दरवाजे पर कोई नौकर ही होगा। इसीलिए उसने हाथों में पकड़ा हुआ वास सीधे दरवाजे पर दे मारा। लेकिन अगले ही पल रेयांश ने हाथों में वास पकड़ते हुए आराध्या की तरफ देखा, जो कि अभी भी उल्टी ही लेटी हुई थी। लेकिन जैसे ही उसने रेयांश को देखा, उसकी नज़रें अब सर्द हो गई। अब वह अपनी जगह से उठ कर बैठी और रेयांश की तरफ देखते हुए बोली, "क्या देखने आए हैं यहां पर? तमाशा देखने आए है कि मेरा हाल आपके बिना कैसा है?

अगर मेरे हाल पर हंसने आए हैं, तो सुन लीजिए मिस्टर रेयांश गुलेरिया, मैं बिल्कुल ठीक हूं और बहुत बढ़िया हूं। मुझे आपकी अब कोई जरूरत नहीं है। जब आपको लोगों के साथ ही रहना है, तो रहिए।" उसकी बात पर रेयांश, जिसने अपनी पॉकेट में हाथ डाले हुए थे और उसका चेहरा अभी भी एक्सप्रेशनेसलैस था, वह अब बड़े आराम से चलकर अंदर की तरफ आया। वह सामने सोफे पर जाकर बैठ चुका था। उसे सोफे पर बैठते हुए देख आराध्या गहरी नजरों से उसे देख रही थी।

वही रेयांश ने सामने पड़े हुए उसके कॉफी टेबल पर, जो फ्रूट बास्केट पड़ी हुई थी, उसमें से एप्पल उठाया और बड़े आराम से खाने लगा। वह उसकी बातें सुन रहा था। तभी आराध्या दांत पीसकर बोली, "अब आप यहां से जा सकते हैं। देख लिया मेरा हाल?" उसकी बात सुनकर रेयांश को जैसे कुछ खास फर्क नहीं पड़ा। वह वैसे ही आराम से बैठा रहा और आराम से एप्पल खाने लगा। उसको इतनी आराम से बैठा हुआ देखकर आराध्या का गुस्सा अब बढ़ने लगा था, क्योंकि वह चाहती थी कि रेयांश कुछ बोले। लेकिन रेयांश तो कुछ बोल ही नहीं रहा था।

वह बड़े आराम से बैठकर किसी किंग की तरह एप्पल खा जा रहा था। वही रेयांश की इस हरकत को देखकर इस वक्त आराध्या को हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था। उसकी आंखों से आंसू अभी भी बह रहे थे। उसकी आंखों से बहते हुए आंसू देख कर रेयांश के चेहरे से ऐसा लग रहा था, जैसे उसे कुछ खास फर्क ही नहीं पड़ रहा था। वही आराध्या अब गुस्से से बेड पर से उठी और उसके पास आते हुए बोली, "आप चाहते क्या हैं मुझे बता ही दीजिए। अगर आपको उसी के साथ शादी करनी है, तो जाइए ना। उसकी गोद में जाकर क्यों नहीं बैठ जाते हैं।

जाकर उसका दूध पीजिए, यहां क्या करने आए हैं आप, वैसे भी अब मुझ पर आपका कोई हक नहीं है। मैं भी अब किसी और से शादी करूंगी और उसके साथ ही सेक्स करूंगी, जैसे...।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी रेयांश के हाथों में पकड़ा हुआ एप्पल, जो कि वो बड़े आराम से खा रहा था, वह अचानक से उसके हाथों में पिचक गया। अब रेयांश की नजरे पूरी तरह से सर्द हो गई थी। अगले ही पल वह अपनी जगह से खड़ा हुआ। इतनी तेजी से उसने अपने कदम आराध्या की तरफ बढ़ाए थे कि एक पल के लिए आराध्या की धड़कनें भी जैसे रुकने को हो गई थी।

रेयांश ने आराध्या के बालों को मुट्ठी में पकड़ा और उसके चेहरे पर झुकते हुए बोला, "तुम्हारे जिस्म पर हमेशा हक अब मेरा रहेगा, समझी तुम। तुम मुझे खुद के करीब आने से रोक नहीं सकती। तुम्हें क्या लगता है कि तुम मुझे खुद के करीब आने से रोक लोगी। तुम्हारे इस जिस्म पर पहला और आखिरी हक सिर्फ मेरा और मेरा होगा।" इतना कहते हुए रेयांश की आवाज बेहद डेंजरस हो चुकी थी। उसकी बात सुनकर आराध्या के रोंगटे खड़े हो रहे थे और सांस जैसे गहरी होनी शुरू हो चुकी थी। एक पल के लिए वह रेयांश के चेहरे को देखते ही रह गई थी।

उसकी आंखों के सामने एक बार फिर से वही पल घूमने लगा, जब वह कल की रात किसी और के साथ बिता कर आई थी। उस पल को याद करते हुए ही उसे अपने बदन में से जान निकलती हुई महसूस हो रही थी। अब वह नज़रे चुराते हुए बोली, "अगर मैं कहूं कि मेरे जिस्म पर पहला हक किसी और का..।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी रेयांश ने उसके बालों को मुट्ठी में भरा और उसका चेहरा एक बार फिर से अपने चेहरे के पास करते हुए बोला,

"अपने मुंह से निकाल कर तो देखो लिटिल प्रिंसेस, आई स्वियर, मैंने तुम्हारी जुबान ना काट दी तो मेरा नाम भी रेयांश गुलेरिया नहीं।" उसकी बात पर आराध्या ने अब अपना सलाइवा गटका और उसकी आंखों में देखते हुए बोली, "मुझे आपको कुछ बताना है।" उसकी बात पर रेयांश एक्सप्रेशन लैस होकर उसके चेहरे की तरफ देख रहा था। वही आराध्या अपनी नज़रें नीचे की तरफ झुकाते हुए बोली, "कल रात मै किसी और..।" अभी वह बोल ही रही थी कि रेयांश ने उसकी गर्दन पर अपना हाथ रखा और एकदम से उसे दीवार से सटा दिया। अगले ही पल, रेयांश ने उसके होठों को अपने होठों में भर लिया और लगातार पैशनेट होकर उसे चूमने लगा। जिसे महसूस कर आराध्या की सांसे उसके गले में अटक ही गई। उसे तो समझ ही नहीं आया कि आखिर रेयांश को हुआ क्या, क्योंकि रेयांश बेहद डोमिनेटिंग होकर उसके साथ किस कर रहा था।

आराध्या को सांस लेने तक को दिक्कत होने लगी थी। लेकिन रेयांश उसे छोड़ ही नहीं रहा था। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि अभी तो उसने रेयांश से कुछ कहा ही नहीं था और रेयांश इतना डोमिनेटिंग हो रहा था। अगर रेयांश को यह सच्चाई पता चल गई, तो पता नहीं रेयांश उसका क्या हाल करेगा। यह सोचकर ही उसकी जान अब और भी ज्यादा उसके बदन से निकलने लगी थी। जिस वजह से उसके पैर तक कांपने लगे थे। उसकी आंखों में नमी उत्तर आई थी। वही रेयांश, उसे किस करते हुए उसके हाथ अब उसके बदन पर घूमने लगे थे। जिसे महसूस कर आराध्या का दिल जोरो से धक-धक करने लगा था।

वही रेयांश अब अपना हाथ उसके कपड़ों के अंदर ले जाते हुए लगभग से उसका हाथ उसके पेट पर अभी चल रहा था। अब उसके हाथ ऊपर की तरफ जाने लगे, जिसे महसूस कर आराध्या की सांस और भी गहरी होने लगी। वही रेयांश उसके होठों को लगातार kiss और शक किए जा रहा था। जिस वजह से आराध्या को सांस तक नहीं आ रही थी। वह बड़ी मुश्किल से सांस लेने की कोशिश कर रही थी, लेकिन रेयांश उसे मौका ही नहीं दे रहा था। रेयांश के हाथ अब ऊपर की तरफ जाने लगे, तो आराध्य की जान और भी उसके जिस्म से जाने लगी। वह अब रेयांश के कंधों पर हाथ रखकर लगभग उसे पीछे करते हुए बोली, "यह क्या हरकत है मिस्टर गुलेरिया, जाइए ना उसके पास, जिससे आप इंगेजमेंट करना चाहते हैं। क्यों आ रहे हैं मेरे करीब अब इतना?"

इतना कहकर वह रेयांश को पीछे की तरफ धकेलने को हुई, लेकिन रेयांश ने उसकी कमर को पकड़ कर उतनी ही तेजी से अपनी तरफ खींच लिया। अगले ही पल, उसे गोद में उठा लिया। जैसे ही रेयांश ने उसे गोद में उठाया, आराध्या उसकी गोद में झटपटाने लगी। वह दांत पीसकर बोली, "छोड़िए मुझे, नीचे आप कह कर आए कि आपको उस अर्चना से इंगेजमेंट करनी है। यहां पर आकर आप मेरे पीछे पड़ गए हैं। अरे! अच्छा था कि आप मुझसे दूर थे, कम से कम मुझे अपने दिल में दर्द तो नहीं महसूस हो रहा था। लेकिन अब पता नहीं क्यों मेरा दिल टूट रहा है आपको इस तरह से देखकर। मुझे अब आपके साथ और नहीं रहना, मिस्टर गुलेरिया, वैसे भी आपने मुझे अपने करीब रखा ही कब। अब मैं आपसे दूर होऊंगी, मुझे यहां से जाना है। आप मुझे USA भेजना चाहते थे ना, then do it."

इतना कहते हुए आराध्या की आंखें भर आई थी। उसे इस वक्त अपने दिल में बेहद तकलीफ हो रही थी। रेयांश ने कुछ देर उसके चेहरे को देखा और अपने कदम बेड की तरफ बढ़ा दिए। वह लगातार उसके चेहरे को देख रही थी। लेकिन रेयांश की तरफ से अभी भी कोई जवाब नहीं था। अब आराध्या दांत पीसकर बोली, "मैंने कहा छोड़िए मुझे, मैं आज रात को ही फ्लाइट से USA जाऊंगी। मुझे नहीं रहना यहां पर।"

उसकी बात पर रेयांश ने अभी भी कोई जवाब नहीं दिया। वह उसे बेड पर लेकर आया और अगले ही पल उसने उसे बेड पर लेटा दिया। जैसे ही रेयांश ने उसे बेड पर लेटाया, अगले ही पल आराध्या तेजी से अपनी जगह से उठने को हुई, लेकिन रेयांश ने उसे उठने ही नहीं दिया। वह लगभग से पूरी तरह से उसके ऊपर झुक चुका था। उसने उसके पैरों को अपने पैरों में फंसाते हुए पूरी तरह उस पर राइट क्लेम कर लिया था।

रेयांश को अपने ऊपर झुकते हुए देखकर आराध्या ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया था। अभी भी उसकी आंखों से आंसू बहे जा रहे थे। वो रेयांश का चेहरा तक नहीं देखना चाहती थी।

उसका चेहरा दूसरी तरफ हुआ हुआ देखकर रेयांश कुछ देर उसके चेहरे की तरफ देखता रहा। फिर उसने अपने होंठ उसकी गर्दन पर रख दिए। जैसे ही रेयांश ने अपने होंठ आराध्या की गर्दन पर रखे, एक पल के लिए आराध्या की आंखें बंद हो गई। उसके दिल की धड़कनों ने बवाल मचाना शुरू कर दिया। जिसका शोर रेयांश के कानों तक साफ पहुंच रहा था। वही रेयांश लगातार उसकी गर्दन को चूमते हुए उसके कान के पास आया और अपनी जीभ बाहर की तरफ निकालते हुए उसके कान के आसपास अपनी जीभ चलाने लगा। जिससे आराध्या के रोंगटे खड़े होने लगे। रेयांश अब उसके कान के पास आकर बेहद गहरी आवाज में बोला,

"तुम तो मुझे किसी भी हाल में एक्सेप्ट करने को तैयार थी और मेरे साथ sex तक करने को तैयार थी। कहा गई तुम्हारी बातें, तुम तो मेरी रखैल..." इतना कह कर वो चुप हो गया। वही आराध्या उसकी बात सुनकर तड़प उठी। उसने अब अपनी दर्द भरी नजरों से रेयांश की तरफ देखा और रोते हुए बोली, "अब यही लफ्ज use करेंगे आप मेरे लिए, उस दिन तो खुद मुझे इस शब्द को कहने से पहले ही आपने चुप करवा दिया था।"

इतना कहते हुए आराध्या लगभग से चीख पड़ी थी। वही रेयांश अब उसकी ब्रेस्ट के पास आ कर उसकी ब्रेस्ट को देखने लगा, जहां पर उसके निप्पल हल्के हल्के उसके कपड़ों के ऊपर से ही शो हो रहे थे।

वहीं रेयांश ने उसके निप्पल पर पहले अपना हाथ रखा और फिर उसकी निपल्स पर अपनी दो उंगलियां घूमाने लगा। उसको यूं अपनी निप्पल पर उंगलियां घूमाते हुए देख आराध्या हैरानी से उसकी तरफ देखने लगी। उसने तो अपने ब्रेस्ट की तरफ ध्यान भी नहीं दिया था। अभी तो उसने ब्रा पहनी हुई थी नीचे से, तभी भी उसकी निपल्स ऊपर की तरफ खड़ी हुई थी। उसके निप्पल को देखकर रेयांश के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी, क्योंकि आराध्या का शरीर बहुत जल्दी उसके छूने से रिस्पांस करने लगा था। उसकी निपल्स और भी हार्ड होती जा रही थी और कपड़े के ऊपर से नुकीली हो गई थी। उन्हें देखकर रेयांश को कुछ-कुछ होने लगा था। उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था।

वही आराध्या का दिल तो जोरो जोरो से धड़कने लगा। वह अब रेयांश के कंधे पर हाथ रखते हुए हड़बड़ाते हुए बोली, "यह क्या कर रहे हैं आप?"

तभी रेयांश ने उसके निपल्स को कपड़े के समेत ही ऊपर से अपने मुंह में डाला और अगले ही पल हल्का सा बाइट करता है। जिससे आराध्या की सिसकी निकल गई और एक पल के लिए ऊपर की तरफ उचक गई, क्योंकि रेयांश ने भले ही उसे हल्का सा बाइट किया था, लेकिन उसकी बॉडी ने पूरी तरह से रिस्पांस किया था। यह चीज देखकर रेयांश उसके चेहरे की तरफ देखते हुए बोला, "आई वांट हार्ड सेक्स with you."

रेयांश की बात सुनकर आराध्या की सांस उसके गले में ही अटक गई। वह अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से रेयांश को देखे जा रही थी। उसे एक पल के लिए ऐसा लग रहा था, जैसे वह किसी गलत इंसान के सामने खड़ी हो। क्योंकि यह वह इंसान था ही नहीं, जिसे वह दो दिन पहले अपने साथ सब कुछ करने को कह रही थी।

अभी वह अपनी सोच में गुम ही थी कि तभी रेयांश ने उसकी टॉप, जो कि उसने पैंट के ऊपर से पहनी हुई थी, वह फाड़ कर रख दी। यह चीज देखकर एक पल के लिए जैसे आराध्या का दिल धड़कना ही भूल गया।

To be continue...

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