
गुलेरिया हाउस,
आराध्या इस वक्त बिस्तर पर लेटी हुई थी और उसका सिर बिस्तर से नीचे लटका हुआ था। वह उल्टी होकर सामने एक टक देखे जा रही थी। उसके पूरे बाल जमीन पर बिखरे हुए थे। उसकी आंखों के सामने रेयांश का चेहरा घूम रहा था जब उसने अर्चना के साथ इंगेजमेंट करने के लिए हां कही थी। पिछले 1 घंटे से वह कमरे में बंद थी। उसकी आंखें इस वक्त सूजी हुई थी। जिन्हें देखकर साफ पता चल रहा था कि वह किस हद तक रोई होगी। दोपहर का वक्त हो चला था, उसने सुबह से कुछ खाया भी नहीं था। अब उसके रूम का दरवाजा खुला। एक सर्वेंट अंदर की तरफ आकर सिर झुकाते हुए बोली, "mam, नीचे आपको सब बुला रहे हैं। कह रहे हैं, खाना खा लीजिए।"
उसकी बात पर आराध्या ने पास में पड़ा हुआ वास, जोकि बेड के रेस्ट पर ही पड़ा हुआ था, वह उठकर सीधा सर्वेंट के पैर में दे मारा। जिससे सर्वेंट एक पल के लिए घबरा गई और पीछे की तरफ हटकर जल्दी से भाग गई। वहीं दूसरी तरफ नीचे हॉल में दामिनी जी और रेयांश इस वक्त वहीं पर बैठे थे। बाकी का परिवार इस वक्त घर पर नहीं था। ध्रुविका, जो कि आधे घंटे पहले घर पर आई थी, उसकी तो जैसे हालात ही खराब थी। लेकिन उसे अभी तक किसी ने देखा नहीं था। दामिनी जी इस वक्त रेयांश की तरफ देखते हुए बोली, "हम कुलदेवी के मंदिर जा रहे हैं और 2 घंटे में लौट आएंगे। एक बात याद रखना, आराध्या का खास ख्याल रखना, क्योंकि मुझे उसकी हालात ठीक नहीं लग रही थी।
पता नहीं उसे क्या हुआ कि वह ऐसे ऊपर की तरफ भाग गई। थोड़ा उसका ध्यान रखना और उसे खाना खिला देना। मैंने वैसे तो सर्वेंट को भेजा है, तो आती ही होगी।" इतना कहकर दामिनी जी अपनी जगह से खड़ी हुई और उसकी तरफ देखते हुए बोली, "बस कुछ ही देर में वर्कर्स भी आते होंगे, शाम को इंगेजमेंट की तैयारी करनी है।" उसकी बात पर रेयांश, जो कि खाना खा रहा था, उसके हाथ एक पल के लिए भी रुके नहीं थे। वह चुपचाप खाना खाए जा रहा था। उसे तो दामिनी जी की बातों से जैसे कुछ खास फर्क ही नहीं पड़ रहा था। वही दामिनी जी अपनी बात कह कर वहां से चली गई। कुछ ही देर में गार्डन में से गाड़ी की आवाज आई। जिससे रेयांश यह तो समझ चुका था कि दामिनी जी भी अब वहां से जा चुकी थी। जैसे ही दामिनी जी वहां से गई, वैसे ही रेयांश के हाथ, जोकि पर चम्मच था, वह वहीं पर रुक गया। जो कब से लगातार खाने के लिए हिल रहा था, जबकि खाया उसने कुछ भी नहीं था।
Reyansh ने अब चम्मच वहीं पर छोड़ा और अपनी जगह पर खड़ा हुआ ही था कि तभी सर्वेंट, जोकि भागते हुए नीचे की तरफ आई थी। उसे भागते हुए देखकर रेयांश की नजरे सर्वेंट पर सर्द हो गई। वही सर्वेंट, जो कि पीछे देखते हुए आ रही थी, उसने जैसे ही रेयांश की तरफ देखा, एक पल के लिए वह पूरी तरह से कांप उठी। वह अपना सिर नीचे की तरफ झुकाते हुए बोली, "सॉरी साहब, वह मैडम हम पर हमला की है, तो इसीलिए हम ऐसे भाग कर आ रहे थे।" तभी रेयांश सर्द आवाज में बोला, "गेट आउट।" बस रेयांश का इतना कहना था कि सर्वेंट जैसे वहां से मानो इस तरह से गायब हुई, जैसे वह यहां पर आई ही नहीं थी।
Reyansh की नजर अब ऊपर की तरफ गई, जहां पर आराध्या का कमरा था। धीरे-धीरे वह अब आराध्या के कमरे की तरफ बढ़ रहा था।
वहीं दूसरी तरफ
ध्रुविका का कमरा,
ध्रुविका इस वक्त अपने बेड पर उल्टे मुंह होकर लेटकर रो रही थी। इस वक्त उसकी आंखें रो-रो कर सूज चुकी थी। ऊपर से उसका बदन इस हद तक दर्द कर रहा था कि ऐसा लग रहा था, जैसे उसकी जान निकल रही हो। उसके बगल में पड़ा हुआ फोन लगातार बजे जा रहा था। उसके बॉयफ्रेंड का कॉल लगातार आए जा रहा था। लेकिन ध्रुविका उसका फोन उठा ही नहीं रही थी। वह तो बस एक टक रोए जा रही थी। उसकी नज़रें जबकि फोन पर ही थी। वह रोते हुए बोली, "मुझे माफ कर दीजिए, अब मैं आपके काबिल नहीं रही।" इतना कहते हुए वह और भी जोरों से रोने लगी।
तभी उसके फोन से अचानक से उसके बॉयफ्रेंड का फोन कट गया। अगले ही पल एक अननोन नंबर से उसके फोन पर फोन आया। उस अननोन नंबर को देखकर एक पल के लिए ध्रुविका के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए। कुछ देर सोचते हुए उसने फोन को उठाया और अपने ही पल दूसरी तरफ से आवाज आई। "आप तो मुझे बिना बताए ही चली गई, मोहतरमा, जरा बात कर जाती तो आपकी ठीक से खातिरदारी तो करता।" जैसे ही यह आवाज ध्रुविका के कानों में पड़ी, एक पल के लिए ध्रुविका हैरान रह गई। अब उसने हैरानी से अपने फोन की तरफ देखा और अगले ही पल हड़बड़ाते हुए बोली, "आप कौन?"
दूसरी तरफ से ठंडी आवाज ध्रुविका के कानों में पड़ी। "इतनी जल्दी तो नहीं भूलना था मोहतरमा, अभी तो सारी रात आपने हमारे साथ ही बिताई है। आप तो हमारा अपमान कर रही हैं ऐसे भूलकर।" उस शख्स की आवाज सुनकर आराध्या का दिल एक पल के लिए कंप उठा। उसके हाथों में पकड़ा हुआ फोन नीचे जा गिरा। जैसे ही उसका फोन नीचे जमीन पर जा गिरा, अगले ही पल शौर्य, जिसने कान से फोन लगा रखा था, उसके चेहरे पर devil smile आ गई। वही शौर्य अपने फोन को गहरी नजरों से देखते हुए, जो कि उसके सामने लाउडस्पीकर पर पड़ा हुआ था, उसे देखते हुए बोला,
"Awww, you are so delicate." इतना कहते हुए शौर्य ने अपने होठों को दांतों तले दबाया और गहरी आवाज में बोला, "तुमसे खेलने में मजा आएगा।" इतना कहते हुए शौर्य के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई। लेकिन अगले ही पल, उसकी आंखों के सामने ध्रुविका का बदन घूमने लगा। उसका वह नेकेड बदन देखते हुए एक बार फिर से शौर्य को अपने शरीर में कसावट महसूस होने लगी। वह खुद से ही बोला, "demmit fuck.":इतना कहते हुए उसने अपनी लोअर बॉडी की तरफ देखा, जहां उसका dick पूरी तरह से हार्ड हो चुका था। इस वक्त वह ऑफिस में था और उसने बिजनेस सूट पहना हुआ था। लेकिन अब उसके बिजनेस सूट में से उसका डिक साफ दिखाई दे रहा था, जो कि उसकी पेंट फाड़ने को फिर रहा था।
अब उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए थे। उसने फोन की तरफ देखा, जोकि कट चुका था। अब उसने फोन पर अपने सेक्रेटरी नितिन को फोन लगाया। एक ही बेल पर नितिन ने फोन उठा दिया। तकरीबन 15 20 मिनट बाद, शौर्य का बदन इस वक्त पूरी तरह से कसा हुआ था। वह अपनी चेयर पर सिर पीछे टिकाकर बैठा हुआ था। जिस कदर उसका शरीर कसा हुआ था, उसके माथे पर पसीने की बूंदे उभर आई थी। आंखों के सामने सिर्फ ध्रुविका का बदन ही घूमे जा रहा था।
वह अपनी आंखें बंद करके अपनी चेयर पर बैठा ही हुआ था कि तभी उसके केबिन का दरवाजा खुला। एक लड़की बेहद सेडक्टिव ली चलते हुए अंदर की तरफ आई। आते ही उसकी नजर जैसे ही शौर्य पर पड़ी, तो उस लड़की के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई। वह अब शौर्य के शरीर की तरफ देखते हुए अपने होठों को अंदर की तरफ दबाकर बोली, "आज तो पूरा मजा आने वाला है।" इतना कहकर वह बड़ी अदा से शौर्य के पास गई। जैसे ही शौर्य के पास आकर खड़ी हुई, तो शौर्य को अपने पास किसी की अब्सेंस फील हुई। अपनी आंखें खोलकर सामने लड़की को देखते हुए
उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस हो गया। अगले ही पल, वह अपनी जगह से खड़ा हुआ और सामने सोफे पर जाकर अपनी टांगों को फैला कर बैठ गया। जिस तरह से वह बैठा था, साफ पता चल रहा था कि वह क्या चाहता है। वही उस लड़की ने अब वही पर अपने स्ट्रैप्स को नीचे की तरफ किया और अगले ही पल, उसकी ड्रेस निकलकर नीचे जमीन पर जा गिरी। अब उसका बदन शौर्य के सामने था। ब्रा तो उसने पहनी ही नहीं थी। सिर्फ पैंटी थी, जो कि उसके बदन पर थी। जैसे ही शौर्य ने उसे इस तरह से देखा, तो एक पल के लिए उस के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए। उसे बहुत अजीब लग रहा था। आज पहली बार उसे इस तरह की कोई चीज महसूस हो रही थी, जिसे महसूस कर
शौर्य उस लड़की की तरफ देखते हुए बोला, "गेट आउट।" जैसे ही शौर्य ने उस लड़की को गेट आउट कहा, वह लड़की हैरानी से शौर्य की तरफ देखने लगी। वही शौर्य दांत पीसकर बोला, "मैंने कहा गेट आउट और आइंदा मुझे अपनी शक्ल मत दिखाना।" वही वह लड़की तो बस हैरानी से शौर्य की तरफ देख रही थी। अब वह अपनी ड्रेस को उठाने को हुई थी, तभी शौर्य ने अपने पास में पड़े हुए ड्रॉअर से गन निकाली। जैसे ही उसने गन निकाली, वह चिल्लाते हुए बोली, "देखिए, मुझे कपड़े तो पहनने दीजिए। मैं चली जाऊंगी यहां से।" तभी शौर्य अपनी गन लोड करने लगा, तो उस लड़की के माथे पर पसीने की बूंदे तैर गई। अगले ही पल, उसने जल्दी से अपनी ड्रेस पकड़ी और लगभग से अपने शरीर पर लपेटते हुए बाहर की तरफ आ गई। इस वक्त शौर्य के केबिन के बाहर कोई नहीं था। इसीलिए उसे कोई दिक्कत नहीं हुई। देखते ही देखते वह लिफ्ट में घुस गई और लिफ्ट में ही उसने कपड़े पहने। वह खुद से ही दांत पीसते हुए बोली, "कहां फंस गई थी मैं, कितना कुत्ता आदमी था। यह कपड़े भी नहीं पहनने दे रहा था।"
इतना कहकर वह पूरी तरह से नीचे की तरफ पहुंच चुकी थी। जैसे ही लिफ्ट का दरवाजा खुला, सामने ही उसे नितिन दिखाई दिया। वह नितिन की तरफ देखते हुए बोली, "अबे ओह कुत्ते के पिल्ले, तुझे पता नहीं था क्या कि तेरा बॉस क्या चाहता है। तूने मुझे भेज दिया उसके पास।" वही नितिन हैरानी से सामने खड़ी लड़की, जोकि शुभांगी थी, अब उसे ही देखे जा रहा था। उसे तो समझ ही नहीं आ रहे थे कि आखिर वह शौर्य से इतनी जल्दी फ्री हो कैसे गई। शौर्य तो जिस लड़की को पकड़ता था, वह उसे छोड़ता ही नहीं था। आज क्या हो गया, जो शौर्य ने उसे इतनी जल्दी छोड़ दिया। अभी वह सोच ही रहा था कि तभी उसके फोन पर शौर्य का कॉल आया। शौर्य का फोन आते ही उसने जल्दी से फोन उठाया। वहीं शुभांगी तो बस बोलते ही रह गई और नितिन उसके पास से निकलते हुए निकल गया। वहीं शुभांगी उसकी तरफ देखते हुए दांत पीसकर बोली, "कुत्ते! साले! पैसा भी नहीं दिया, हरामजादे कहीं के।"
वह तरह-तरह के मुंह बनाते हुए चली गई। वहीं दूसरी तरफ नितिन, जोकि शौर्य से बात कर रहा था। शौर्य अब उससे बात करते हुए बोला, "मुझे 24 घंटे के अंदर अंदर वही लड़की किसी भी तरीके से मेरे बेड पर चाहिए। अगर वह मेरे बेड पर नहीं आई, आई स्वेर नितिन, मैं तुम्हारी गांड मार लूंगा। तुम्हें मुझसे कोई नहीं बचा पाएगा।" शौर्य के मुंह से गाली सुनकर नितिन के होश पूरी तरह से उड़ गए थे। वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोला, "जी जी boss."
वही शौर्य, जोकि सोफे पर बैठा हुआ था, उसने अब एक बार फिर से अपनी dick की तरफ देखा, जो पूरी तरह से शांत हो चुका था शुभांगी को देखने भर से। वह खुद से ही बड़बड़ाया और बोला, "मुझे उसे किसी ने किसी तरह से ढूंढना होगा। उसकी वह टाइटनेस मुझे पागल कर रही है अभी तक।" इतना कहते हुए शौर्य की सांस गहरी होने लगी थी।
वहीं दूसरी तरफ,
आराध्या का कमरा,,
आराध्या अभी भी ऐसे ही लेटी हुई थी कि तभी उसके रूम का दरवाजा खुला। इस बार भी आराध्या ने दूसरे साइड वाला वास उठाया और एकदम से बिना देखे उसके सिर की तरफ फेंका, जोकि कोई और नहीं रेयांश था। रेयांश बड़ी मुश्किल से उस वास से बचा। उसने अगले ही पल उस वास को कैच कर लिया था।
To be continue...





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