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Broken aradhya

आराध्या इस वक्त भागे जा रही थी। इस वक्त सुबह के 10 बजे का वक्त था, इसीलिए ज्यादा कुछ लोग थे नहीं । बस काम से जाते हुए कुछ लोग और सड़क पर आवाज बिल्कुल भी नहीं थी। लेकिन कुछ लोग, जिस तरह से आराध्या भाग रही थी, हैरानी से आराध्या की तरफ देख रहे थे। जिस तरह से वह भाग रही थी, वह बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं लग रही थी। उसकी आंखों से पानी तेजी से बहे जा रहा था। वह अपने आंसू साफ करते हुए ही कंटिन्यू भागे जा रही थी। उससे ठीक से भागा भी नहीं जा रहा था, क्योंकि उसकी बॉडी में पेन हद से ज्यादा हो रहा था। सबसे ज्यादा दर्द उसे अपनी लोअर बॉडी में हो रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसकी लोअर बॉडी फाड़ कर रख दी हो।

Sajda tera kar na sakun

To bandagi kya bandagi

Tera bina jeena padey

To zindagi kya zindagi

अभी वह भाग ही रही थी कि तभी उसका पैर एक पत्थर में अटका और वह जोर से जमीन पर गिरी। जिससे उसके घुटने बुरी तरह से छिल गए। पहले ही उसे अपने शरीर में इतना ज्यादा दर्द हो रहा था कि वह उसके लिए असहनीय था, लेकिन फिर भी उसे इस चीज की कोई भी परवाह नहीं थी। परवाह थी तो अपने दिल की और रेयांश की। उसकी आंखों के सामने सिर्फ रेयांश का चेहरा घूम रहा था। रेयांश का चेहरा आते ही उसका दिल बुरी तरीके से तड़प उठता था।

Kya rang laya dil ka lagana

Kya rang laya dil ka lagana

Gunje hawa mein Bichde dila diya duhayan

Ve badi lambiyaan si judaiyaan

इस वक्त आराध्या का दिल बुरी तरीके से रो रहा था। उसे ऐसा लग रहा था, जैसे उसका दिल बुरी तरह से टूट चुका हो। इस वक्त उसे कुछ सूझ नहीं रहा था। जिस कदर वह टूट चुकी थी, उसके लिए जैसे सांस लेना तक मुश्किल हो गया था। तकरीबन आधे घंटे तक आराध्या यूं ही भागती रही। उसके पैरों में छाले पड़ चुके थे। लेकिन उसे अपने छालों की नहीं, उसे अपने शरीर के दर्द से मतलब था। उसे तो जो दिल में दर्द हो रहा था, उसी से उसकी आंखें भर आ रही थी। तकरीबन 15 मिनिट्स और वह यूं ही भागती रही। आज वह गुलेरिया हाउस नहीं गई। वह सीधा अपने प्राइवेट फॉर्म हाउस, जोकि रेयांश ने उसे उसके 15 जन्मदिन पर दिया था।

वह वहां पर चली गई। इस वक्त उसका दिमाग पूरी तरह से खराब हो चुका था। जैसे ही आराध्या बुरी हालत में फार्म हाउस के अंदर इंटर हुई, वहां के बॉडीगार्ड्स की आंखें बड़ी हो गई। आराध्या को इस हाल में देखकर बॉडीगार्ड्स भी हैरान थे। लेकिन उन्होंने आराध्या को कुछ नहीं कहा। वही आराध्या अंदर की तरफ आई और भागते हुए मास्टर बेडरूम में गई। देखते ही देखते उसने वहीं पर अपने कपड़े उतारे और भाग कर बाथरूम में चली गई। इस वक्त उसका दिल कर रहा था कि वह खुदकुशी कर ले। वैसे भी उसकी हालत बद से बदतर हो गई थी।

Tere nishan yadon mein hain

Tu kyon nahi takdeer mein

वह लगातार अपने आंसू साफ करते हुए रोए जा रहे थी। वह शॉवर के नीचे आकर खड़ी हुई और वहां पर भीगने लगी। अब जाकर वह जोरों से चिल्लाते हुए बोली, "रेयांश......।"

जिस कदर इस वक्त वह चिल्ला रही थी, वह अपने बालों को मुट्ठी में भरते हुए चीखे जा रही थी। एक ही नाम उसके होठों से निकल रहा था। वह लगभग से चिल्लाते हुए रेयांश का ही नाम लिए जा रही थी।

Nadan dil hai doondhta

Kurbat teri tasvir mein

Mumkin nahi hai tujko bulana

Mumkin nahi hai tujko bulana

Dekhe kudaya do ashiqan diyan tabahiya

Ve badi lambiyan si judaiyan

ऐसे ही चीखते हुए वह नीचे जमीन पर बैठ गई और घुटनों में मुंह देकर रोते हुए बोली, "गलती, मुझसे गलती हो गई रेयांश, मुझसे गलती हो गई। गंदी हो गई मैं, नहीं रही तुम्हारे लायक। सोचा था जब तुम्हें खुद को दूंगी, तुम्हारे हर एक एहसास को अपने अंदर समेटूंगी। लेकिन आज घिन आ रही है मुझे खुद पर कि मैं...।" इतना कहते हुए वह और भी ज्यादा रोने लगी।

Badi lambiyan si judaiyan

Judaiyan, judaiyan

Ve badi lambiyan si judaiyan

Lambiyan si judaiyan

Lambiyan si judaiyaan judaiyan

Ve badi lambiyan si judaiyan

Ve badi lambiyan si judaiyan

अब वह खुद से ही गहरी आवाज में बोली, "नहीं, मुझे रेयांश से दूर होना होगा। मैं उसे धोखा नहीं दे सकती, नहीं दे सकती मैं उसे धोखा।" इतना कहते हुए उसने अपनी आंखों के साथ आंसू साफ किए और अपनी जगह से उठी। फिर से अपने शरीर को बुरी तरीके से रगड़ने लगी। इस वक्त उसे खुद से घिन रही थी और साथ ही साथ एक बार फिर से उसका रोना छूट गया था। वह खुद से चिल्ला कर बोली, "कैसे बर्दाश्त करूंगी मैं यह दूरियां, जबकि मेरा पहला प्यार मेरा रेयांश है।" कहते हुए उसका दिल तड़प रहा था। उसके घुटने बुरी तरह से छिले हुए थे। लेकिन अगले ही पल, वह घुटनों के बाल नीचे जमीन पर गिरी।

वहीं दूसरी तरफ,

Sea hotel,

रेयांश इस वक्त बिस्तर पर उल्टा लेटा हुआ था। इस वक्त उसके बदन पर कोई कपड़ा नहीं था। उसकी पीठ पर इस वक्त कुछ भी नहीं था, बस लोअर बॉडी पर ब्लैंकेट थी। रेयांश गहरी नींद में सो रहा था कि तभी उसकी नींद फोन की रिंग की आवाज से खुली। जैसे ही उसकी नींद खुली, उसने फोन पर नंबर देखा, तो एक पल के लिए उसकी आंखें फोन पर गहरी हो गई। अगले ही पल उसने फोन उठाया और दूसरी तरफ से कुछ कहा गया, जिसे सुनकर रेयांश के चेहरे पर कुछ खास भाव नहीं आए। अगले ही पल, वह अपनी जगह से उठा और उठकर यूं ही बैठ गया। कुछ देर वह यूं ही बैठा रहा। फिर उसने अपनी लेफ्ट साइड देखा, जहां पर अब आराध्या नहीं थी। कुछ देर उसने उसे जगह को देखा और अगले ही पल, उसके चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई।

अगले ही पल उसने उस ब्लैंकेट, जोकि आराध्य वाली साइड भी पड़ी थी, उसे उठाकर नीचे देखा, तो वहां पर ब्लडस्ट्रीम, जोकि पानी की तरह हल्के हल्के फैले हुए थे, उन्हें देखकर रेयांश की डेविल स्माइल और भी लंबी हो गई थी। उसने अब अपनी लोअर लिप्स को अंदर की तरफ दबाया और अगले ही पल अपनी जगह से उठकर बाथरूम में चला गया। कुछ ही देर में वह शावर लेकर बाहर की तरफ आया। तभी रूम का दरवाजा नॉक हुआ। दरवाजा नॉक होते ही उसने अपनी लोअर बॉडी पर टॉवल लपेट लिया।।

लोअर बॉडी पर टॉवल लपेट कर अब जाकर उसने दरवाजा खोला, तो सामने विक्रम खड़ा था, जो कि उसका पर्सनल असिस्टेंट था। विक्रम के हाथ में अभी रेयांश के कपड़े थे। रेयांश ने उसके हाथ से कपड़े लिए और अंदर की तरफ जाने को हुआ कि तभी विक्रम लड़खड़ाती हुई आवाज में बोला, "वह आराध्या mam boss?"

विक्रम की बात पर रेयांश सर्द आवाज में बोला, "जरा अपनी औकात में रहकर बात करना।" उसने इतना ही कहा था कि विक्रम वहीं पर चुप हो गया। अगले ही पल, उसने सिर झुका लिया। वह कुछ बताना चाहता था, लेकिन रेयांश ने उसकी बात सुनी ही नहीं। अब वह वहां से वैसे ही चला गया। लेकिन उसे इस वक्त आराध्या के लिए बुरा लग रहा था। जिस तरह से आराध्या वहां से भागते हुए गई थी, उसने भी उसे देखा था। उस वक्त आराध्या बुरी तरह से रो रही थी। आराध्या को तो रोता हुआ देखकर विक्रम भी हैरान था।

वही रेयांश अब अंदर की तरफ आया और चुपचाप कपड़े पहनते हुए वह सामने मिरर के आगे आकर खड़ा हो गया। देखते ही देखते उसने जैकेट पहनी और साथ में ही टाई लगाकर खुद को आईने में देखते हुए अपने बालों को जेल लगाकर सेट करने लगा। लेकिन उसके चेहरे पर अभी तक कोई भाव नहीं था। अब कुछ ही देर में उसने हाथों में वॉच पहनी और एक बार फिर से खुद को देखते हुए अपने आप में बड़बड़ाया, "let's play little princess."

इतना कहते हुए रेयांश के चेहरे पर कातिलाना मुस्कुराहट तैर चुकी थी। अब वह बाहर की तरफ आया और कुछ ही देर में उसकी गाड़ी उसके आगे आकर खड़ी हुई। देखते ही देखते वह अपनी गाड़ी में बैठा और कुछ ही देर में वह वहां से निकल गया। ड्राइवर इस वक्त मिरर में से रेयांश की तरफ देख रहा था। वह जानना चाहता था कि रेयांश कहां जाना चाहता है, गुलेरिया इंडस्ट्रीज या फिर गुलेरिया हाउस। लेकिन रेयांश ने उन दोनों में से कोई नाम नहीं लिया। उसने बस एक ही नाम लिया कि आराध्या के गुलेरिया फार्म हाउस चलो।

उसकी बात पर ड्राइवर ने हां में सिर हिला दिया और कुछ ही देर में उनकी गाड़ी गुलेरिया फार्म हाउस के आगे आकर रुकी। गुलेरिया फार्म हाउस कुछ ज्यादा दूरी पर नहीं था। गुलेरिया इंडस्ट्रीज से सिर्फ 15 मिनट के रास्ते में था। वहीं अगर पैदल जाया जाए, तो ज्यादा से ज्यादा आधा घंटा लगता था। जैसे ही रेयांश की गाड़ी गुलेरिया फार्म हाउस के आगे आकर रुकी, रेयांश की नजरे फार्म हाउस पर गहरी हो गई। अब वह अपनी गाड़ी से निकला। उसने बाहर खड़े गार्डों की तरफ देखा, जो उसके आगे सिर झुका रहे थे। कुछ देर पहले जब उसे फोन आया था, तो गार्डों का ही फोन आया था। जिन्होंने बताया था कि इस वक्त आराध्या गुलेरिया फार्म हाउस में आई है और वह बेहद रो रही थी।

रेयांश अब अंदर की तरफ आया। अब वह जानता था कि आराध्या कहां पर होगी। इसलिए वह मास्टर बेडरूम में गया। जैसे ही ने मास्टर बेडरूम का दरवाजा खोला, दरवाजा खोलते ही आराध्या के कपड़े पूरी तरह से जमीन पर बिखरे पड़े थे। वह काफी देर से बाथरूम में शावर ले रही थी, लेकिन अभी तक बाहर नहीं आई थी। उसके कपड़े जमीन पर बिखरे हुए देखकर रेयांश की नजरे अब बाथरूम के दरवाजे पर गहरी हो गई थी। उसने अब अपने कदम बाथरूम की तरफ बढ़ाए। अब वह बाथरूम के दरवाजे के आगे आकर खड़ा हुआ। जैसे ही उसने दरवाजे पर हाथ रखा, दरवाजा पूरी तरह से खुल गया। अब उसकी नजर सामने जमीन पर बैठी हुई आराध्या पर थी, जोकि जमीन पर बैठी रो-रो कर पागल हो चुकी थी। उसकी आंखें रो-रोकर सूज चुकी थी।

अभी भी वह पूरी तरह से नेक्ड बैठी हुई थी। उसे यूं बैठा हुआ देखकर रेयांश की नजर उसके जिस्म पर गहरी हो गई थी। उसकी नजर जिस तरह से वह बैठी थी। इस वक्त आराध्या का चेहरा रेयांश की तरफ ही था, लेकिन फिर भी इस वक्त उसकी आंखों के सामने एक ही पल घूम रहा था कि वह किसी और के साथ नाइट स्पेंड करके आई थी। उसे रेयांश तो नजर ही नहीं आ रहा था। इस वक्त उसकी टांगें हल्की सी खुली थी, जिस वजह से उसकी पूसी रेयांश को साफ दिखाई दे रही थी। उसे यूं देखकर रेयांश ने अपने होठों पर जीभ घुमाई और धीमे कदमों से आराध्या की तरफ अपने कदम बढ़ा दिए। कुछ ही सेकंड में वह बिल्कुल आराध्या के पास आकर खड़ा हुआ और पंजों के बाल नीचे जमीन पर बैठ गया। पंजो के बल बैठकर उसने अपना हाथ आराध्या के गाल पर घुमाया, तो अगले ही पल आराध्या कांप उठी। वह अपने होश में आई।

उसने जब रेयांश को अपने सामने देखा, तो एक पल के लिए उसके होश पूरी तरह से उड़ गए। उसका चेहरा पूरी तरह से पीला पड़ गया। जैसे उसने पता नहीं क्या देख लिया हो। वही रेयांश अब उसकी तरफ गहरी नजरों से देखते हुए बोला, "यह क्या हाल बना रखा है लिटिल प्रिंसेस तुमने अपना?" इतना कहकर उसके चेहरे पर झुका और अगले ही पल उसके होठों को चूमते हुए बोला, "गेट अप बेबी, आज मुझे अपना मूड फ्रेश करना है, जिसके लिए मुझे आज तुम्हारी जरूरत है।" जैसे ही रेयांश की बात आराध्य ने सुनी, एक पल के लिए आराध्या के होश और भी ज्यादा उड़ गए। वह बस रेयांश के चेहरे की तरफ देखे जा रही थी। इस वक्त उसका दिल धड़कने से इनकार कर रहा था। जिस पल का वह इतना इंतजार कर रही थी, उसे यकीन नहीं आ रहा था कि रेयांश उसके पास आया है। अब उसकी आंखों में नमी उतरने लगी थी, क्योंकि वह चाह कर भी अब रेयांश के करीब नहीं जा पा रही थी। यही बात अगर उसने पहले कही होती, तो शायद आराध्या उसके लिए कुछ भी कर गुजराती। लेकिन आज उसे खुद से घिन आ रही थी। कुछ देर उसने रेयांश के चेहरे की तरफ देखा। जब उससे अपने आंसू नहीं संभले, तो अपनी नजरें चुराते हुए बोली, "प्लीज, आप यहां से जाइए, मिस्टर गुलेरिया।"

इतना कहकर वह अपनी जगह से उठी और बोली, "मुझे अभी कपड़े पहनने है।" इतना कहकर वह टॉवल की तरफ अपना हाथ बढ़ाने ही वाली थी कि तभी रेयांश ने उसके बालों को मुट्ठी में भरा और बोला, "तुम मुझे ना करोगी।" उसकी बात पर आराध्या एक पल के लिए उसकी तरफ देखते ही रह गई। इस वक्त उसे रोना आ रहा था। जो वह रेयांश के साथ करना चाहती थी, वह पूरा भी कब हुआ, जब उसका दिल पूरी तरह से टूट चुका था। खुद से उसे घिन महसूस हो रही थी।

वह अपने भरे गले से बोली, "प्लीज, यहां से चले जाइए, मिस्टर गुलरिया। मुझे अकेला छोड़ दीजिए।" तभी रेयांश उसके चेहरे पर झुकते हुए बोला, "क्यों तुम्हें अकेला छोड़ दूं? अब तुम्हे मुझसे सेक्स नहीं करना क्या? अब मैं अट्रैक्टिव नहीं लग रहा हूं तुम्हें? आज मेरा दिल है तुम्हारे साथ सेक्स करने का?"

रेयांश के यू डायरेक्ट कहते ही आराध्या का दिल धक सा रह गया। वह बस रेयांश की तरफ देखते ही रह गई।

To be continue...

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