
Hotel Paradise,
आदर्श इस वक्त ध्वनि की pussy को suck कर रहा था। वही ध्वनि को इस वक्त जोरों से पी लगा हुआ था। उसने आदर्श को कहा भी था, लेकिन आदर्श की बात सुनकर उसका दिमाग पूरी तरह से ब्लैंक हो चुका था, क्योंकि आदर्श ने साफ कह दिया था कि उसे अगर पी आया भी है, तो उसके मुंह पर कर सकती है। जिस वजह से ध्वनि का दिमाग अब चलना बंद हो चुका था। उसे पी भी इतना जोर से आया था कि उसका दिल तो कर रहा था कि सच में वह आदर्श के मुंह पर ही पी कर दे। लेकिन फिलहाल उसने खुद को संभाला और आदर्श की पकड़ में झटपटाते हुए बोली, "आपका दिमाग खराब हो गया है, मिस्टर चौहान,
मैं ऐसे कैसे आपके मुंह पर...।" इतना कहकर वह चुप हो गई। अब आदर्श पीछे की तरफ होने को हुआ ही था कि तभी ध्वनि जल्दी से हड़बड़ाते हुए ऊपर की तरफ उठी। वह उसकी तरफ देखते हुए बोली, "मैं ऐसा कुछ नहीं कर सकती हूं।" उसकी बात पर आदर्श उसे डेविल नजरों से देखते हुए बोला, "तुम्हें करना तो पड़ेगा।" इतना कहकर वह उसे दोबारा से उसी पोजीशन में लाने को हुआ कि तभी ध्वनि ने उसके हाथ को झटका और पूरी तरह से सीधी खड़ी हो गई। जिससे अब उसकी पुसी आदर्श के मुंह पर थी। वह दांत पीसकर बोली, "मेरी सोच इतनी गंदी नहीं है, मिस्टर आदर्श चौहान।
जिस तरह से ध्वनि ने उसे आदर्श चौहान कहा था, आदर्श के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी।
लेकिन अब ध्वनि जिस तरह से खड़ी थी, शायद उसे पछतावा होने वाला था। आदर्श ने इधर-उधर देखा। पहले तो ध्वनि को कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर आदर्श बिना उसकी बात का जवाब दिए बिना इधर-उधर क्या देख रहा है। लेकिन तभी उसकी नजर बेड के साइड पर लटकी हुई आदर्श की ही टाई पर गई। अगले ही पल, उसने वह टाई पकड़ी। आदर्श को अपनी टाई पकड़े हुए देखकर ध्वनि हैरानी से उसकी तरफ देखने लगी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर आदर्श करना क्या चाहता है।
अब आदर्श ने उसे टाई को लेकर ध्वनि के हाथ एकदम से पीछे कर पूरी तरह से बांध दिए। जैसे ही आदर्श ने उसके हाथ बांधे, एक पल के लिए ध्वनि को तो कुछ समझ ही नहीं आया। वह आदर्श की तरफ देखते हुए बोली, "आप कर क्या रहे हैं, मिस्टर चौहान? यह क्या तरीका है? प्लीज, मुझे छोड़ दीजिए।" लेकिन आदर्श ने उसकी एक बात नहीं सुनी। अब वह उसके बराबर खड़ा हुआ और अगले ही पल उसने जोर से धक्का ध्वनि को बेड पर दे दिया। जिससे ध्वनि बेड पर जा गिरी। अगले ही पल आदर्श की नजर एक बार फिर से उसकी pussy पर थी।
अब आदर्श ने उसकी पुसी पर उल्टे हाथ से spank करते हुए उसकी टांगों को पूरी तरह से खोल दिया। जिससे उसकी पुसी की लेयर्स हल्की सी खुली गई। आदर्श के उसकी पुसी पर spank करने से एक पल के लिए उसकी चीख भी निकल गई थी। वह अब चिल्लाते हुए बोली, "मिस्टर आदर्श,क्या कर रहे हैं आप? मुझे दर्द हो रहा है और मुझे बाथरूम जाना है। आप जानते हैं सारी बात, लेकिन..।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी आदर्श ने अपना एक अंगूठा उसकी पुसी के ऊपर क्लीटोरिस पर रगड़ना शुरू कर दिया। जैसे ही आदर्श ने यह हरकत की, ध्वनि की आंखें बड़ी हो गई। आदर्श की इस हरकत के कारण ध्वनि को अपनी pussy में सेंसेशन और भी ज्यादा फील होने लगी थी। जिस वजह से उसका पी और भी ज्यादा तेज हो चुका था। उसे अपने पेट के नीचे की तरफ हल्का-हल्का दर्द महसूस होने लगा था। वह बाथरूम को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आदर्श उसे कंट्रोल खोने पर मजबूर कर रहा था।
वह आदर्श की तरफ देखते हुए बोली, "प्लीज, मत कीजिए मिस्टर चौहान, मैं और कंट्रोल नहीं कर पाऊंगी।" तभी आदर्श एक बार फिर से उल्टे हाथ से उसकी pussy पर spank करते हुए बोला, "तुम्हें कहा भी किसने है कि तुम कंट्रोल करो। जस्ट रिलीज योरसेल्फ, बेबी।" इतना कह कर उसने और भी तेजी से उसके क्लीटोरिस को सहलाना शुरू कर दिया। जिससे ध्वनि की हालत खराब होने लगी।
उसका मन तो कर रहा था कि वह वहीं पर pee कर दे। लेकिन किसी तरह को खुद को संभाले हुए थी। पर उसका कंट्रोल ज्यादा देर तक रहने नहीं वाला था।
दूसरी तरफ आदर्श ने अब पास में बैठकर ड्रॉ में से एक वाइब्रेटर निकाला, जोकी पूरी तरह से आदर्श के dick की तरह ही था। उसकी थिकनेस भी बहुत ज्यादा थी। एक बार फिर से वाइब्रेटर देखकर ध्वनि का शरीर पूरी तरह से कांपने लगा। वह आदर्श की तरफ देखते हुए बोली, "प्लीज मिस्टर चौहान, यह सब...।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी उसकी आह निकल गई। क्योंकि आदर्श ने उस वाइब्रेटर को चलाते हुए ध्वनि की पूसी के क्लीटोरिस पर रख दिया था। जिससे उसके क्लीटोरिस में और भी झनझनाहट महसूस होने लग गई थी। अगले ही पल आदर्श खड़ा हुआ। उसने अपने dick पर spit करते हुए
अपने थूक को अपने पेनिस पर पूरी तरह से फैलाने लगा। अगले ही पल, ध्वनि की पूसी में अपना dick डाल दिया। जिससे ध्वनि की चीख तो निकली ही निकली, साथ में उसका पी भी अब निकल गया। कितनी ही देर से वह खुद को कंट्रोल कर रही थी। लेकिन जैसे ही आदर्श का dick उसके अंदर गया, उसका कंट्रोल खुद पर से छूट गया। वहीं आदर्श यहीं पर नहीं रुका। वह लगातार अपना डिक उसकी पुसी में डाल रहा था और ऊपर से उसने वाइब्रेटर अभी भी उसकी pussy के क्लीटोरिस पर रखा हुआ था।
दूसरी तरफ ध्वनि साथ ही साथ अपना पी किए जा रही थी। वह बहुत ज्यादा उसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी, जिस वजह से उसका पी कभी रुकता, तो कभी अपने आप प्रेशर बनने से चालू हो जाता। ध्वनि का सारा pee आदर्श की टांगों से होते हुए नीचे की तरफ जा रहा था। लेकिन आदर्श नहीं रुक रहा था। उसने अब पूरी तरह से उसकी टांगों को ऊपर की तरफ उठाया और खुद भी उसके ऊपर आकर जोर-जोर से उसके अंदर अपने डिक को अंदर बाहर करने लगा। साथ ही साथ उसने अपनी टांगे भी ऊपर की तरफ कर ली थी। इस वक्त ध्वनि की टांगे हवा में थी और खुद वह उसके ऊपर बैठकर उसे fuck कर रहा था।
वहां पर उन दोनों की स्किन स्लैपिंग की आवाज कमरे में गूंज रही थी। इस वक्त जिस तरह से आदर्श उसे fuck कर रहा था, उनकी स्किन स्लैपिंग की आवाज काफी ज्यादा तेज थी।
जब ध्वनि का pee पूरी तरह से खत्म हो गया, तब आदर्श ने अपना dick बाहर की तरफ निकाला। अगले ही पल, ध्वनि की पूसी पर spit करते हुए अगले ही पल एक बार फिर से उसने अपना डिक उसकी पुसी में डाल दिया। जिससे ध्वनि एक पल के लिए ऊपर की तरफ उठ गई। लेकिन अगले ही पल, वह नीचे की तरफ हो गई। आदर्श ने अब उसकी टांगें पूरी तरह से अपनी गर्दन में फंसा ली थी। लगातार उसे fuck करते हुए उसने ध्वनि के नीचे अपना हाथ ले जाते हुए उसकी हिप को ऊपर की तरफ उठा दिया, ताकि उसका पेनिस पूरी तरह से उसके अंदर जा सके।
साथ ही साथ अब वह उसकी ass पर spank भी करने लग गया था। वही ध्वनि को अब अजीब सा लग रहा था, क्योंकि उसका पी अभी भी उसे महसूस हो रहा था। वह आदर्श की तरफ देखते हुए बोली, "क्या प्लीज, मैं पहले शावर ले सकती हूं।" उसके चेहरे को इस तरह से देखकर आदर्श की नजर उस पर गहरी हो गई। अब उसने उसे उठाया और उसे लेकर बाथरूम की तरफ चला गया।
वही बाहर, जो कि आदर्श का फोन बेड पर पड़ा हुआ था, जो अब बजने लगा था। उस पर उसकी मॉम का फोन आ रहा था, लेकिन आदर्श उठाता भी कैसे। वह इस वक्त बाथरूम में जो गया हुआ था। इस चीज से अनजान अभी भी आदर्श बाथरूम में ध्वनि को fuck करने में लगा हुआ था।
तकरीबन 3 घंटे उनका हॉट सेशन ऐसे ही चला। 3 घंटे बाद आदर्श ध्वनि को गोद में लेकर बाहर की तरफ आया। उसने अपने फोन की तरफ देखा, जहां एक बार फिर से अभी थोड़ी देर पहले उसकी मॉम का फोन आया था। उसने अब ध्वनि को बेड पर लेटाया और उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला,
"Go get ready." आदर्श की बात सुनकर ध्वनि हैरानी से उसकी तरफ देखने लगी, क्योंकि अभी-अभी वह बाथरुम से बाहर आए थे और आदर्श उसे रेडी होने के लिए कह रहा था, आखिर क्यों। उसकी सवालिया नजरे खुद पर पाकर आदर्श ने कोई जवाब नहीं दिया। वह बस बालकनी में जाकर अपने फोन की तरफ देखने लगा। अगले ही पल, उसने अपना फोन कान से लगाया। दूसरी तरफ से आदर्श की मॉम की आवाज आई। "तुम्हें घर आने में क्या प्रॉब्लम है, आदर्श? अभी तक तुम घर पर नहीं आए हो। जानते हो ना तुम अकेले ही रह गए हो मेरे पास।"
तभी आदर्श आगे से बोला, "मैं आ रहा हूं, मोम।"
जैसे ही आदर्श ने यह बात कही, आदर्श की मॉम का चेहरा पूरी तरह से खिल गया। वह चहकते हुए बोली, "सच में।" तभी आदर्श गहरी सांस लेकर बोला, "hmm..."
तभी उसकी मॉम मुंह बनाते हुए बोली, "कभी तो मुंह से बात कह दिया करो, hmm..।"
तभी उसकी मॉम खिलखिलाते हुए बोली, "तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है। घर पर आओगे, तब बताऊंगी।" इतना कहकर आदर्श की मॉम ने फोन काट दिया। लेकिन आदर्श की एक आई ब्रो ऊपर की तरफ उठ गई।
वहीं दूसरी तरफ,
चौहान मेंशन में,
मालिनी जी, आदर्श की मॉम खिलखिलाते हुए बोली, "कल तुम्हारी इंगेजमेंट कर दूंगी। इससे ज्यादा मेरे लिए खुशी की बात तो हो ही नहीं सकती।" इतना कहते हुए उनके चेहरे पर बड़ी सी मुस्कुराहट आ गई। वह खुद में ही बड़बड़ाई, "अब तुम्हें उस ध्वनि के पास जाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। उसी ने तुम्हें गोली मारी थी और मैं उसे अब तुम्हारे पास तो आने ही नहीं दूंगी। वैसे भी वह तुमसे बहुत दूर जा चुकी है।" इतना कहते हुए मालिनी जी के चेहरे पर खुशी भरे एक्सप्रेशन थे।
To be continue...





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