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Suking pussy 🔥🔥🔞

गुलरिया हाउस,

आराध्या पूरी तरह से अपनी टांगों को फैलाकर रेयांश के सामने बैठी हुई थी। अभी कुछ देर पहले उसने जो रेयांश को कहा था, उसे सुनकर रेयांश के कानों में उसकी कही हुई बातें ही गूंज रही थी। अभी-अभी आराध्या ने कुछ देर पहले रेयांश से कहा था कि वह भूल जाए कि उन दोनों का रिश्ता क्या है और वह कौन सा उसकी सच में बेटी है। कुछ पल के लिए वह सब कुछ भूल जाए। वही रेयांश की दिमाग में यही बातें चल रही थी कि तभी आराध्या की आवाज फिर से उसके कानों में पड़ी।

"प्लीज डैडी, कुछ देर के लिए बस, यू थिंक अबाउट इट आई एम योर ओनली bad partner."

उसकी बात पर रेयांश की नजरे उस पर गहरी हो गई थी। अब धीरे-धीरे कर उसकी नजरें उसके चेहरे से फिसलते हुए उसके बूब्स पर और फिर उसकी पुसी पर आकर ठहर गई थी। जिसमें से उसकी पुसी की लेयर्स खुली थी, जोकि आराध्य खुद बार-बार अपने हाथों से खोल रही थी। उसकी pussy का वह पिंक कलर टॉर्च देखकर रेयांश को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था। अब अगले ही पल उसने टेबल हल्का सा पीछे की तरफ किया और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख लिया। अब रेयांश ने अपने पूरे घुटने नीचे जमीन पर लगा दिए थे।

उसका चेहरा पूरी तरह से आराध्या की pussy के पास था। अब उसने अपनी तिरछी नजरों से आराध्या की तरफ देखा, जो उसे ही देख रही थी। इस वक्त आराध्या का दिल जोरो जोरो से धक धक कर रहा था। अब रेयांश उसकी तरफ देखते हुए बोला, "तो झेलो अब मुझे।" इतना कह कर रेयांश ने अपने चेहरे को पूरी तरह से उसकी pussy के पास किया और अगले ही पल उसकी pussy की स्मेल को सूंघते हुए अपना मुंह पूरी तरह से खोला और उसकी लेयर्स को पूरी तरह से अपने मुंह में लेते हुए उन्हें जोर से शक करने लगा। उसकी छोटी सी pussy इस वक्त पूरी तरह से रेयांश के मुंह में थी। उसे रेयांश बुरी तरह से शक कर रहा था। एक पल के लिए आराध्या तड़प उठी थी।

उसकी लोअर बॉडी पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ गई थी। जो वह चाहती थी, वह हो रहा था। एक पल के लिए उसे ऐसा लग रहा था, जैसे उसे जन्नत मिल गई हो। वह अब पूरी तरह से अपनी pussy को उसकी मुंह की तरफ पुश करते हुए उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए अपनी पुसी की तरफ उसका मुंह पुश करते हुए बोली, "ohh god, your dam fucking mouth daddy it's make me crazy daddy fuck me."

वही रेयांश, जो कि उसकी pussy को पूरी तरह से अपने मुंह में लेकर suck कर रहा था, उसने अब एक झटके से आराध्या की pussy को छोड़ा। तो आराध्या की pussy, जो की पूरी तरह से पिंक थी, अब वह रेड हो चुकी थी। कुछ देर वह उसकी तरफ देखते हुए बोला, "oh God, damn it is to tasty." इतना कहते हुए रेयांश ने अपने लोअर लिप को दांत तले दबाया। अगले ही पल, उसने आराध्या की पूसी पर जोर से स्पंक किया। जिससे आराध्या एक पल की लिए चीख पड़ी और पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठकर पड़ी। लेकिन अगले ही पल, उतनी ही तेजी से टेबल पर दोबारा से लेट गई। उसे यूं देखकर रेयांश के चेहरे पर डेविल स्माइल उतर आई थी

इस वक्त उसकी pussy के ऊपर से रेयांश का सलाइवा चमक रहा था। आराध्या की pussy पूरी तरह से रेयांश के सलाइवा से भर चुकी थी । रेयांश का सलाइवा उसकी पुसी से होते हुए नीचे की तरफ टपक रहा था। अब उसने आराध्या की pussy को हल्का सा खोला और उंगलियों से ही उसके कलेक्टर्स को सहलाने लगा। जिससे एक पल के लिए आराध्या का चेहरा ऊपर की तरफ उठ गया। अब उसने अपने जीभ हल्की सी बाहर की तरफ निकली और अपनी उंगली के ऊपर से ही उसके क्लीटोरिस पर अपनी जीभ रगड़ते हुए वह आराध्या के चेहरे की तरफ देखने लगा, जोकि पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठा हुआ था।

अब एक बार फिर से उसने अपना चेहरा ऊपर की तरफ उठाया और अगले ही पल दांत से उसका क्लीटोरिस पकड़ कर खींच दिया। जिससे आराध्या फिर से दर्द से तड़पते हुए बोली, "प्लीज़ स्लो daddy."

तभी रेयांश उसकी पुसी पर जोर से spank करते हुए बोला, "बहुत शौक है ना मुझसे खेलने का, आज मैं यह तुम्हारा फितूर खत्म करके रहूंगा।" इतना कहकर वह अपनी जगह से उठा और अगले ही पल उसने आराध्या की टांगों को पकड़ा और पूरी तरह से अपनी तरफ खींचते हुए उसकी टांगों को ऊपर की तरफ करते हुए उसकी ass की तरफ देखने लगा। अब उसने अपनी उंगलियों से उसकी ass पर अंगूठा रगड़ना शुरू किया। जिससे आराध्या के रोंगटे खड़े हो गए। अब उसकी आंखें बड़ी हो गई। एक पल के लिए रेयांश ने जैसे उसकी सांसे ही रोक दी थी। रेयांश को अपनी ass पर अंगूठा रगड़ते हुए देख आराध्या के रोंगटे खड़े हो गए थे। वह जल्दी से चिल्लाते हुए बोली, "नो डैडी नो।" जैसे ही उसने यह बात की,

रेयांश के चेहरे पर डेविल स्माइल और भी लंबी हो गई। उसने अपना अंगूठा, जो कि उसकी ass के ऊपर रखा हुआ था, वह अंदर की तरफ पुश कर दिया। जैसे ही रेयांश ने अपना अंगूठा अंदर की तरफ पुश किया, अगले ही पल आराध्या चिल्ला पड़ी।

"आह्ह्ह्ह......daddy it's hurting....nooooo....."

वही रेयांश ने उसे चुप करने की खातिर जोर से स्पंक उसकी ass पर कर दिया। जिससे आराध्या की ass पूरी तरह से हिलने लगी। उसकी ass को हिलते हुए देखकर रेयांश को बहुत मजा आ रहा था। रेयांश एक बार फिर से उसके चेहरे की तरफ देखते हुए बोला,

"और खेलना चाहोगी मुझसे।" उसकी बात पर आराध्या, जोकि दर्द से तड़प रही थी, जैसे ही रेयांश ने यह बात कही, उसके चेहरे पर भी तिरछी मुस्कुराहट आ गई। वह मदहोशी भरी आवाज में बोली, "व्हाय नॉट डैडी।" उसका व्हाई नॉट ही कहना था कि रेयांश की डेविल स्माइल और लंबी हो गई। अब उसने उसकी टांगों को पूरी तरह से खोला और अगले ही पल उसने दोबारा से उसकी pussy को खोलते हुए अपनी जीभ को उसकी pussy पर रखा और पूरी तरह से उसकी पुसी को चाटने लगा।

जिस तरह से वह उसकी pussy को चाट रहा था, आराध्या की सांस गहरी होती जा रही थी। उसका दिल कर रहा था कि रेयांश का सिर पकड़ के अपनी पुसी के अंदर ही घुसा ले। वही रेयांश लगातार उसकी पुसी को चाटते हुए अब उसने अपनी एक ऊंगली उसकी pussy के होल पर रखी। रेयांश का फोन बजने लगा और फोन की आवाज सुनकर रेयांश ने फोन की तरफ देखा। तो वही आराध्या के चेहरे पर अब फ्रस्ट्रेशन साफ दिखाई दे रही थी। उसे ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसका हसीन ख्वाब तोड़ दिया हो।

उसने अब खा जाने वाली नजरों से फोन की तरफ देखा, जो लगातार बज रहा था। वही रेयांश के चेहरे पर भी तिरछी मुस्कुराहट आ गई। अपना फोन बजता हुआ देखकर अब वह अपनी जगह से उठने लगा कि तभी आराध्या ने अपने टांगों को रेयांश की गर्दन पर लपेटते हुए उसे पूरी तरह से जकड़ लिया। जिससे रेयांश उसे देखते हुए बोला, "छोड़ो मुझे।" उसकी बात पर आराध्या ना में सिर हिलाते हुए बोली, "नॉट एट ऑल डैडी, आप मुझे ऐसे अधूरी में छोड़कर नहीं जा सकते।" जैसे ही उसने यह बात कही, रेयांश ने एक जोरदार थप्पड़ नीचे से उसकी ass पर जड़ दिया। जिससे आराध्या पूरी तरह से तड़प उठी। अगले ही पल, उसकी टांगों की पकड़ उसकी गर्दन से ढीली हो गई। वही रेयांश अपनी जगह से खड़ा हुआ और उसने अपने फोन की तरफ देखा, जहां पर उसके पर्सनल असिस्टेंट विक्रम का कॉल आ रहा था। विक्रम के कॉल को देखकर रेयांश समझ चुका था कि कोई ना कोई जरूरी काम जरूर होगा क्योंकि

विक्रम कभी भी छोटी-मोटी बात पर तो फोन करता ही नहीं था। अगले ही रेयांश ने फोन उठाया और दूसरी तरफ से विक्रम ने कहा, "सर, आज मल्होत्रा की पार्टी है और हमारा उस पार्टी को अटेंड करना बहुत जरूरी है। वह पार्टी आज रात बहुत सीक्रेट तरीके से रात को 11 गई है, blue sea baar में।

हमें इस पार्टी में जाने के लिए आपको अभी यहां पर आना होगा। बिकॉज़ हमारी मीटिंग करनी बहुत जरूरी है, क्योंकि इसी पार्टी में डायमंड की तस्करी भी होगी।" उसकी बात सुनकर रेयांश की आंखों में चमक आ गई। अब वह गहरी आवाज में बोला, "आई एम कमिंग।" इतना कहकर उसने फोन रखा और अगले ही पल वह वॉशरूम की तरफ चला गया। वहीं आराध्या तो बस रेयांश की तरफ देखती ही रह गई। उसे तो समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।

वह अपनी जगह से उठी और रेयांश के पीछे-पीछे बाथरुम में जाने लगी। इससे पहले वह बाथरूम में पहुंचती, रेयांश ने उसके मुंह पर ही दरवाजा बंद कर दिया। यह चीज देखकर आराध्या की आंखों में नमी आ गई। वह खुद में ही बड़बड़ाई, "कब समझेंगे आप मुझे रेयांश, कहीं आपकी बेरुखी मेरी जान ही ना ले ले। मैं जानती हूं कि कुछ पल के लिए आप आज भूल गए थे। लेकिन अगले ही पल मुझे फिर से वही रेयांश देखने को मिल ही गया।" इतना कहकर उसने अपना चेहरा नीचे की तरफ झुकाया और बेड की तरफ आई। वहां पर पड़े हुए कपड़े उठाकर वह पहनने लगी। कुछ ही देर में वह कपड़े पहन के वहां पर बैठ गई। वही रेयांश, जोकि अंदर शावर ले रहा था, इस वक्त उसका चेहरा पूरी तरह से खामोश लग रहा था और आंखें पूरी तरह से बंद थी।

लेकिन अगले ही पल उसके जबड़े पूरी तरह से कस गए। वह खुद में ही बड़बड़ाया, "क्यों मेरी मुसीबतें बढ़ा रही हो तुम, मुझे खुद तुमसे दूर जाना होगा। आज एक पल के लिए मैं पूरी तरह से बहक गया था। लेकिन no... अब तुम मुझे बहका नहीं सकती। मुझे कुछ ना कुछ ऐसा करना ही होगा।" इतना कहकर रेयांश की आंखें गहरी हो गई थी।

तकरीबन आधे घंटे बाद रेयांश बाथरूम से बाहर निकला, तो उसकी नज़रें सामने गई, जहां पर आराध्या बैठे-बैठे ही सो गई थी। पूरी रात आराध्या सोई नहीं थी। हर वक्त वह रेयांश को किसी न किसी तरीके से सेड्यूस करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन अब दिन होते-होते उसे नींद आ गई थी। इसलिए रेयांश ने उसे एक नजर देखा और वार्डरोब की तरफ बढ़ गया। कुछ ही देर में उसने बिजनेस सूट पहना और बाहर की तरफ आया। अभी भी आराध्य सो ही रही थी। रेयांश ने उसके चेहरे को गहरी नजरों से देखा, जहां पर आंसुओं की बूंदों ने उसके चेहरे पर निशान छोड़ दिए थे। उसे देखकर रेयांश ने गहरी सांस ली और अगले ही पल उसे गोद में उठाकर वहां से निकल गया।

कुछ ही देर में वह आराध्या के रूम में पहुंचा और उसने आराध्या को बेड पर लेटाया। कुछ देर वह उसके चेहरे को देखता रहा और उसके चेहरे को देखने के बाद उसने गहरी सांस ली और अपनी जगह से जाने लगा। तभी आराध्या ने नींद में ही उसका हाथ पकड़ लिया। वह सिसकते हुए बोली, "प्लीज़ daddy don't leave me I love you." आराध्या की बात सुनकर रेयांश के जबड़े एक बार फिर से कस गए थे और उसके हाथों की मुठिया भी बंध गई थी। उसे अब खुद पर ही गुस्सा आ रहा था कि आखिर क्यों वह आराध्या की बातों में बहक गया था। जब वह पिछले 5 साल से कंट्रोल करता आ रहा था, तो आज ऐसा क्या हो गया था कि आराध्या के साथ वह बहक गया था।

चाहे कुछ भी था, लेकिन आराध्या उसके सामने इस तरह से कभी आई भी नहीं थी। आज आराध्या को इस तरह से देखकर सच में उसका दिमाग पूरी तरह से घूम गया था। उसने उसका हाथ छुड़ाकर नीचे रखा और अगले ही पाल वहां से चला गया। इस वक्त रेयांश का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था। उसने सोच लिया था कि वह किसी भी हालत में आराध्या के सामने नहीं आएगा।

इतना सोचते हुए अब वह वहां से निकल गया। अभी तक सुबह के सिर्फ 6:30 बजे थे, जिस वजह से पूरा घर सो रहा था। रेयांश अब वहां से चला गया था।

ऐसे ही 12 बज गए। आराध्या का कमरा, दरवाजे की खटखटाहट से आराध्या की नींद टूट गई और उसने अपनी आंखें खोलकर सामने टाइम की तरफ देखा, तो उसकी आंखें बड़ी हो गई। अगले ही पल, वह ऊपर की तरफ उठी, तो उसे अपने सिर में तेजी से दर्द उठा। एक पल के लिए उसके मुंह से आह निकल गई। वही आराध्या के रूम का दरवाजा झटके से खुला और ध्रुविका अंदर की तरफ आई। ध्रुविका चिल्लाते हुए बोली, "कम ऑन यार, उठ जा ना कितना टाइम लगाएगी। सारी रात सोई तो होगी, अभी भी तुझे उठना नहीं है। चल, मैं तुझे सरप्राइस बताती हूं।" उसकी सरप्राइज की बात सुनकर आराध्या की आंखें बड़ी हो गई। अब उसे याद आया कि वह तो रेयांश के पास थी। उस पल को याद करते हुए ही एक पल के लिए आराध्या की आंखों में नमी आ गई। लेकिन अगले ही पल अपनी आंखों को रोल करते हुए दूसरी तरफ मुंह घूमा कर उसने अपनी नमी को पूरी तरह से कंट्रोल कर लिया।

अब वो अपनी जगह पर उठने को हुई, तभी ध्रुविका उसका हाथ पकड़ते हुए बोली, "कहां जा रही है?" ध्रुविका की बात पर आराध्या उसकी तरफ देखते हुए बोली, "छोड़ यार हाथ, मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा है। मैं शॉवर लेकर आती हूं।" तभी ध्रुविका उसका हाथ पकड़ते हुए बोली, "क्या हुआ तेरे mood को? और इतना ऑफ क्यों है तेरा मूड? चल कोई बात नहीं, आज मैं तेरा मूड बनाती हूं। आज रात मेरे फ्रेंड्स और हमारी पार्टी है, Hotel blue Sea में। मैं और तू वहां पर जा रहे हैं।" तभी आराध्या उससे हाथ छुड़ाते हुए बोली, "मेरा मूड नहीं है यार, प्लीज।" तभी ध्रुविका उसकी तरफ देखते हुए मुंह बनाकर बोली, "चल ना यार, तू नहीं चलेगी तो दादी मुझे भी नहीं जाने देगी। वह मुझ पर भी रिस्ट्रिक्शन लगा देंगे। प्लीज यार, चल ना, मेरे फ्रेंड भी वहां पर जा रहे हैं। प्लीज प्लीज, रिक्वेस्ट है।" उसकी बात पर आराध्या ने कुछ देर उसकी तरफ देखा और गहरी सांस लेकर बोली, "ओके फाइन, फिलहाल के लिए ना मुझे शावर लेना है। मुझे जाने दे।" इतना कहकर वह बाथरूम में चली गई। वही ध्रुविका उसकी तरफ देखते हुए बोली, "इसे हुआ क्या है?"

ऐसे ही सारा दिन बीत गया। रात के 11 बजे, एक गाड़ी होटल blue sea के आगे आकर रुकी। उसमें से आराध्या और ध्रुविका निकले। आराध्य को पता नहीं क्यों उस होटल को देखकर अजीब सी वाइब आ रही थी। लेकिन उसने ध्रुविका के लिए पूरी तरह से उस vibe को इग्नोर किया। वही ध्रुविका उसे खींचते हुए अब अंदर की तरफ ले गई।

वही होटल के दूसरी तरफ,

जो कि vip सेक्शन था, उसमें एक पार्टी चल रही थी, जहां पर कुछ इलीगल कामों की मीटिंग चल रही थी। उसी में रेयांश बैठा हुआ था। उसने हाथ में रेड वाइन का गिलास पकड़ा हुआ था और उस वाइन को लगभग से गोल-गोल घुमा रहा था। साथ ही साथ उस वाइन के sip भर रहा था। उसका चेहरा पूरी तरह से सख्त और एक्सप्रेशन लेस था। सामने बैठे हुए शख्स के माथे पर पसीने की बूंदे आई हुई थी।

To be continue...

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