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राक्षस अभय

ठाकुर हवेली,

अभी-अभी डॉक्टर सांवरी के कमरे से बाहर की तरफ आए थे और जो उन्होंने कहा था, उसे सुनकर एक पल के लिए रणबीर की धड़कनें जैसे रुक सी गई थी। वहीं निर्मला जी के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कुराहट तैर गई थी। डॉक्टर ने बाहर आकर सांवरी की प्रेगनेंसी की न्यूज़ अभी अभी निर्मला जी को दी थी, जिसे सुनकर रणवीर को ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसके पैरों तले जमीन खींच ली हो। उसका दिमाग पूरी तरह से घूम गया था। उसने अब निर्मला जी की तरफ देखा, जो खुशी से रणवीर की तरफ देख रही थी। रणवीर फीकासा मुस्कुराया। वही निर्मला जी उसके सीने से लगते हुए बोली, "हम बहुत खुश हैं रणवीर, हमारा वंश आगे बढ़ने जा रहा है हम, हम दादी बनने वाले हैं।"

इतना कहते हुए वह अब रणबीर से अलग हुई और बोली, "मुझे, मुझे अभय को भी बताना होगा कि वह बाप बनने वाला है।" इतना कहते हुए वह अब तेजी से वहां से अपने कमरे में चली गई। लेकिन पीछे रणवीर, जो कि अभी भी इस सदमे से उभर नहीं पाया था, उसका दिमाग जैसे काम करना ही बंद कर गया था। उसकी आंखें पूरी तरह से लाल हो चुकी थी। वह हैरानी से अब उस दरवाजे की तरफ देख रहा था, जहां से डॉक्टर अभी-अभी बाहर आए थे। उसे सामने बेड पर लेटी हुई सांवरी साफ दिखाई दे रही थी।

इस वक्त रणवीर की आंखें इस कदर लाल हो गई थी, जैसे मानो उनमें खून उतर आया हो। अब वह अपने लड़खड़ाते हुए कदमों से सांवरी की तरफ बढ़ने लगा। इस वक्त उसके कदम भी उसका साथ नहीं दे रहे थे। धीरे-धीरे कर वह सांवरी के पास आया और उसे गहरी नजरों से देखने लगा। वही सांवरी इस वक्त पूरी तरह से बेहोश बेड पर लेटी हुई थी। उसे इस चीज की कोई भी भनक नहीं थी। रणबीर अब पूरी तरह से उसके चेहरे पर झुका।

फिर पूरी तरह से उसके बगल में बैठ गया। इस वक्त जिस तरह से उसके चेहरे पर झुका हुआ था, वह किसी साइको से कम नहीं लग रहा था। उसकी नज़रें सांवरी के होठों पर ठहरी हुई थी। वह किसी साइकोपैथ की तरह उसके होठों की तरफ ही देखे जा रहा था। अब उसने अपनी लाल आंखें घुमाते हुए उसके नीचे उसके पेट की तरफ घुमाई, तो एक पल के लिए उसकी नज़रें उसके पेट पर थम गई। उसका खून जैसे उसके पेट को देखकर खोल रहा था।

जैसे-जैसे वह उसके पेट को देख रहा था, उसका गुस्सा जैसे उसकी आंखों में उतरता जा रहा था। अगले ही पल, उसके जबड़े कसते हुए महसूस हो रहे थे। वह अब सांवरी के चेहरे की तरफ देखकर

अपने सिर को खुद ही सहलाते हुए उससे बोला, "मुझे इसे खत्म करना होगा डार्लिंग, क्योंकि यह हमारे बीच आने वाला है। किसी और का बच्चा, वह भी तुम्हारे पेट में, यह मैं हरगिज बर्दाश्त नहीं करूंगा। तुम्हें तो मेरा हथियार बनना है और हथियार से पहले मैं बाजी नहीं हार सकता। अगर यह इस दुनिया में आ गया, तो मेरी यह सबसे बड़ी हार हो गई।" इतना कहते हुए उसने अपना हाथ लगभग से सांवरी के पेट पर कस दिया था। जिससे बेहोशी में ही सांवरी के जैसे माथे पर सिलवटें पड़ गई।

रणबीर अब उसे देखते हुए बोला, "तुम्हारे होश में आने से पहले मुझे इसे खत्म करना होगा।" इतना कहकर वह अपनी जगह से खड़ा हुआ और देखते ही देखे उस कमरे से निकल चुका था। पीछे सांवरी अभी भी बेहोश पड़ी थी।

वहीं दूसरी तरफ निर्मला जी का कमरा,

निर्मला जी इस वक्त अपने कमरे में चक्कर काटते हुए अभय को फोन लगा रही थी। लेकिन अभय का फोन अभी लग नहीं रहा था। लेकिन तभी एकदम से अभय का फोन लग गया और निर्मला जी के चेहरे पर चमक आ गई।

दूसरी तरफ,

मुंबई में,

अभय इस वक्त उस लड़की को देख रहा था। जो उसने लड़की से कहा था, उसे सुनकर उस लड़की की सांस थम सी गई थी। उसकी आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे थे। इस वक्त अभय के हाथ में अपने pee का गिलास था। वह उस लड़की को अपना pee पीने को बोल रहा था। अभय उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, "अगर तूने मेरा पेशाब पी लिया, तो वादा करता हूं कि मैं तुझे छोड़ दूंगा। तुझे यहां पर नहीं रोकूंगा।" इतना कहते हुए अभय के चेहरे पर डेविल स्माइल थी।

अभय की गहरी नजरे उस लड़की के चेहरे पर बनी हुई थी, जिसके माथे पर पसीने की बूंदे उभर आई थी और आंखों से आंसू लबालब बह रहे थे। वह रोते हुए अभय के आगे हाथ जोड़ना चाहती थी, लेकिन अभय उसे हाथ जोड़ने तक का मौका नहीं दे रहा था। क्योंकि उसके चेहरे से ही देखकर पता चल रहा था कि अगर उसने अभय की बात ना मानी, तो अभय उसका क्या हाल करेगा। वह लगातार उसकी तरफ देख रहा था कि तभी उसका फोन रिंग हुआ। जैसे ही उसका फोन रिंग हुआ, अभय की पकड़ उस गिलास पर कस गई। वह चिल्लाते हुए बोला, "तुझे सुना नहीं, इसे पी। अगर तूने इसे नहीं पिया, तो आज मैं तेरी भोसड़ी बुरी तरीके से फाड़ दूंगा।

अब यह तेरे हाथ में है कि तू इसे पिएगी या नहीं पिएगी।" अभय लगातार बोले जा रहा था। लेकिन उसका पास में पड़ा हुआ फोन लगातार बज रहा था। उस फोन पर अभय की नजर गई, तो अभय उस लड़की की तरफ देखते हुए बोला, "10 सेकंड है तेरे पास, अगर तूने इसे नहीं पिया, तो मैं तेरा वह हश्र करूंगा कि तू अपनी मौत से बदतर जिंदगी जीएगी।" जैसे ही अभय ने यह बात कही, उस लड़की सुनैना का चेहरा डर से पीला पड़ गया। अगले ही पल, उसने जल्दी से अभय के हाथ से वह गिलास पकड़ लिया। इस वक्त उसका हाथ बुरी तरीके से कांप रहा था। वही अभय के चेहरे पर अब डेविल स्माइल उतर आई थी।

उसने अब टेबल की तरफ जाकर फोन उठाया और उस लड़की की तरफ देखते हुए बोला, "अगर मेरे बात करने तक तुमने इस गिलास को पी लिया, तो ठीक। नहीं तो अपना हाल तुम खुद समझ लेना।" इतना कहते हुए अभय ने अब फोन की तरफ देखा और फोन उठाकर अपने कान से लगा लिया। लेकिन अब भी उसकी नजर उस लड़की पर थी, जो उसके पास ही बैठी हुई थी।

दूसरी तरफ से निर्मला जी के चहकने की आवाज आई। "अभय, मेरे पास तेरे लिए खुशखबरी है।" उसकी बात पर अभय अपनी मॉम से बोला, "मां, जल्दी बोलिए, मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं है।" इतना कहते हुए कंटीन्यूअस उस लड़की पर अपनी नजर बनाए हुए था। जिसके हाथ अभी तक कांप रहे थे। वह गिलास की तरफ देख रही थी। इस वक्त उसे उस गिलास को देखते हुए घिन आ रही थी। इसका घिन भरा चेहरा देखकर अभय के एक्सप्रेशन सख्त होते जा रहे थे। तभी दूसरी तरफ से जो कहा गया, उसे सुनकर अभय के माथे की नसे तन चुकी थी। क्योंकि अब उसके जबड़े पूरी तरह से कस चुके थे। सामने से निर्मला जी, जो चहकते हुए बात कर रही थी। वह अब खुश होते हुए बोली, "तू बाप बनने वाला है, अभय।" जैसे ही निर्मला जी ने यह बात कही, अगले ही पल अभय ने फोन काट दिया। इस चीज को देखकर निर्मला जी हैरानी से फोन की तरफ देखने लगी। वही अभय ने अगले ही पल अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया।

वह दांत पीसकर बोला, "मेरी इजाजत के बिना यह प्रेग्नेंट हो कैसे हो गई, हरामजादी।" इतना कहते हुए अभय का चेहरा गुस्से से कांप रहा था। अगले ही पल, वह उस लड़की के पास आया। उसने उस गिलास को छीना और एक झटके से उस लड़की के मुंह पर मारा। सारा पेशाब उस लड़की के मुंह पर जाकर लगा और उस लड़की का चेहरा पूरी तरह से कांप उठा।

वह दांत पीसकर बोला, "बहुत मौका दे दिया तुझे, अब तू नहीं बचेगी।" इतना कहते हुए उसने उसके boobs पर जोरदार थप्पड़ मार दिया। अगले ही पल, उसे बेड पर धक्का देकर उसकी ass पर अपना dick रख कर अंदर की तरफ एक ही झटके से धकेल दिया।

जिससे उस लड़की की दर्दनाक चीख उस कमरे में गूंज गई।

To be continue...

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