
त्रेहान farmhouse,
अभी- अभी जिस तरह से अरमान उठकर अश्की के सामने से गया था, साफ पता चल रहा था कि अरमान अश्की से गुस्सा हो चुका था. वही अश्की तो हैरानी से बस अरमान को जाते हुए देखते रह गई थी, क्योंकि अरमान ने उसके आगे डिमांड रखी थी कि वह बेबी की तरह जमीन पर करोल करते हुए उसके पास आए. जिस वजह से अश्की को यह लग रहा था कि अरमान उसे नीचा दिखाने की कोशिश कर रहा था. यह चीज अरमान को अश्की की बिल्कुल भी पसंद नहीं आई थी. क्योंकि कहीं ना कहीं वह अश्की की थिंकिंग भांप चुका था कि अश्की क्या सोच रही है.
उसकी आंखों में आए पानी ने यह सब कुछ सच में बदल दिया था. अरमान जो सोच रहा था, वह सच में वही सोच रही थी. वही अरमान अब वार्डरोब की तरफ आ चुका था. वह इस वक्त वार्डरोब में अपने पहनने के लिए कपडे ढूंढ रहा था, क्योंकि इस वक्त उसके एक बदन पर कुछ भी नहीं था. अभी वह कपडे ढूंढ ही रहा था कि तभी एक पल के लिए उसकी धडकन जैसे रुक सी गई. क्योंकि पीछे से अश्की ने उसे हग कर लिया था और इस वक्त पागलों की तरह उसकी पीठ को चूमे जा रही थी. वह चूमते हुए बोली, प्लीज, मुझे माफ कर दीजिए।
दूसरी तरफ अरमान, जोकि एक्सप्रेशंस लैस होकर खडा था, वह अभी भी अपनी धडकनों को संभालने की कोशिश कर रहा था. क्योंकि अश्की की इतनी नजदीकी से उसे कुछ- कुछ होने लगा था. अब तो जैसे उसका दिमाग पूरी तरह से घूमने लगा था. जिस तरह से अश्की उसकी पीठ को पागलों की तरह चूम रही थी. दोनों के बदन पर इस वक्त कुछ भी नहीं था और एक दूसरे के बदन आपस में टकराने की वजह से वहां पर गर्माहट अब वार्डरोब में फैलती हुई महसूस हो रही थी. उन दोनों के माथे पर पसीने की बूंदे उभर आई थी. अश्की अब रोते हुए बोली, मुझे लगा.
इससे आगे वह कुछ कह ही नहीं पाई, क्योंकि अरमान जानता था कि वह क्या कहना चाहती है. अरमान अब उसकी बात पूरी करते हुए बोला, कि मैं तुम्हें नीचा दिखा रहा हूं, यही ना. अरमान की बात सुनकर अश्की की आंखें हैरत से फैल गई. वह अपनी जगह पर खडी खडी जैसे जम सी गई थी. उसे बिल्कुल भी नहीं पता था कि अरमान को एक्जेक्टली वही बात पता थी, जो इस वक्त उसके दिमाग में चल रही होगी. उसकी बात पर अश्की ने अब अपना सिर पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका लिया. दूसरी तरफ अरमान अब उसकी तरफ पलटा और अगले ही पल उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए उसने उसका चेहरा पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठाया और लगभग से उसके चेहरे के ऊपर झुक गया.
दोनों के चेहरे इतने नजदीक थे कि दोनों की नाक आपस में टकरा रही थी. अश्की की सांस इतनी गहरी चल रही थी कि उसका सीना बार- बार अरमान के सीने के साथ टकरा रहा था. जिससे अरमान के बदन में पूरी तरह से खलबली मैच चुकी थी. लेकिन उसने खुद को कंट्रोल किया हुआ था. उसकी आंखों में सर्द नजरों से देखते हुए बोला, जितना ज्यादा सोचती हो ना, अगर उतना ज्यादा इश्क किया होता, तो शायद यह बात कभी दिमाग में आती ही नहीं। उसकी बात पर अश्की उसकी आंखों में देखते हुए बोली, मुझे वाइन पीनी है।
अश्की की बात पर अरमान पूरी तरह से चुप हो गया. वह उसकी आंखों में गहराई तक देखने लगा. इस वक्त अरमान का एक्सप्रेशन लेस चेहरा बहुत कुछ बयां कर रहा था. वही अश्की भी कम नहीं थी. वह बेहद इंटेंस तरीके से अरमान की आंखों में देख रही थी. जिस तरह से अश्की ने यह बात कही थी, अरमान के रोंगटे खडे हो गए थे. उसने अब अगले ही पल अश्की को दोबारा से गोद में उठाया और वहीं पर वार्डरोब के कपडे साइड में किए और अलमारी के केंद्र में बिठा दिया. अब वह पीछे की तरफ हटने लगा. उसे पीछे की तरफ हटता देख अभी भी अश्की उसे अपने इंटेंस नजरों से देख रही थी.
वह अब अपने पैरों को अलग कर अपनी उंगलियों से अपने सीने को सहलाते हुए अपना दूसरा हाथ अपनी लोअर बॉडी पर ले जाने लगी. उसे इस तरह से देखकर अरमान की धडकन एक पल के लिए स्किप हो गई. आज तो अश्की सच में उस पर कहर ढाने में लगी हुई थी. उसने अब अपना लोअर Lip अंदर की तरफ दबाया. वह बहुत ज्यादा पीछे की तरफ आ चुका था. उसके बदन से अभी भी वाइन की स्मेल आ रही थी. लेकिन फिर भी उसने अब साइड में एक शोरूम बना हुआ था और उस शोरूम में काफी सारी लाइट्स लगी हुई थी, जो उसमें रखे हुए वाइंस पर पड रही थी. उन वाइंस को देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे वह काफी ज्यादा एक्सपेंसिव होगी.
वहीं अब अरमान ने उसमें से एक वाइन निकाली और एक बार फिर से उसे अपनी बॉडी पर उडलने लगा. उसे यूं देखकर अश्की, जो कि अपनी लोअर बॉडी को पूरी तरह से सहलाने में लगी हुई थी, उसमें अब एक बार फिर से करंट दौड गया. अब वह बेहद सेडक्टिवली अलमारी से नीचे की तरफ उतरी और अपने घुटनों के बल नीचे की तरफ बैठी और बेहद सेडक्टिवली स्क्रोल करते हुए अरमान की तरफ आने लगी. इस वक्त जिस तरह से वह स्क्रोल करके अरमान की तरफ आ रही थी, उसे देखकर अरमान को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था. जिस तरह से वह अपनी बॉडी को मूव कर रही थी.
उससे उसका हर एक अंग बाहर की तरफ उभर रहा था, जो कि अरमान को और भी ज्यादा पागल कर रहा था. वही अश्की अब लगातार स्क्रोल करते हुए उसके पास आई और अगले ही पल उसने अरमान की थाई पर अपना हाथ रखते हुए ऊपर की तरफ उठी. वह उसके बराबर अब खडी हो गई. अश्की को अपने इतना पास देखकर अरमान की सांस गहरी होने लगी थी. वह अब पूरी तरह से दीवार से लग चुका था, हालांकि दोनों खडे थे. वाइन पूरी तरह से अरमान के ऊपर से होते हुए नीचे जमीन पर गिर रही थी. अरमान को जैसे- जैसे वह वाइन भिगो रही थी, वैसे- वैसे उसे अपनी लोअर बॉडी में जलन महसूस हो रही थी. क्योंकि काफी सेंसिटिव एरिया था, तो जलन होनी तो बनती ही थी. लेकिन फिर भी उसने उस चीज को अपने चेहरे पर नहीं आने दिया. वही अश्की उस वाइन को उसकी बॉडी पर गिरता हुआ देख उसने अपनी जीभ अपने होठों पर गोल घुमाई और अगले ही पल अपने होंठ उसकी चेस्ट पर रख दिए. अभी भी अरमान धीरे- धीरे वह वाइन अपने चेस्ट पर गिरा रहा था, जिससे बूंद बूंद वाइन उसकी चेस्ट पर से होते हुए नीचे की तरफ फिसल रही थी. वही अश्की अपनी जीभ चलाते हुए उस वाइन को अपने अंदर लेने की कोशिश कर रही थी.
इस वक्त वह जिस तरह से उस वाइन को पीने की कोशिश कर रही थी, वह सच में कातिलाना लग रही थी. यह चीज देखकर अरमान के रोंगटे और भी तेजी से खडे होने शुरू हो गए थे. ऐसे ही वाइन पीते पीते अश्की पूरी तरह से पंजों के बाल नीचे जमीन पर बैठ चुकी थी. अब वह पूरी तरह से अरमान की कमर पर झुकी हुई थी और नीचे से ही वाइन पीने में लगी हुई थी. जैसे- जैसे वह वाइन नीचे की तरफ आ रही थी, वैसे- वैसे अश्की के होंठ नीचे चल रहे थे. जिससे अरमान का पूरा बदन अकड चुका था. वहां पर अश्की की मदहोशी भरी सिसकियां और भी ज्यादा गूंजने लगी थी.
अरमान उसे बेहद सेडक्टिव वे में देख रहा था. अब उसने उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए लगभग से उसका चेहरा एक बार फिर से ऊपर की तरफ उठा दिया था. अब वह वाइन अश्की के होठों पर गिरते हुए उसके सीने पर से होते हुए नीचे की तरफ जा रही थी. उसे यूं देखकर अरमान को अपना गला और भी ज्यादा सूखते हुए महसूस हो रहा था. वहीं अश्की, जैसे- जैसे उसके होठों पर वह वाइन गिर रही थी, आधी वाइन वह अपने होठों में अंदर की तरफ ले रही थी और आधी वाइन उसके गले से होते हुए नीचे की तरफ फिसल रही थी.
अरमान अब वैसे ही वाइन उडेलते हुए नीचे की तरफ आया और पूरी तरह से उसने अपने होंठ अश्की की गर्दन पर रख दिए. उस वाइन को वैसे ही गिराते हुए अश्की की गर्दन पर से पीने लगा. दोनों इस वक्त किसी पागल की तरह लग रहे थे. अब ऐसे ही अरमान ने उसे नीचे जमीन पर लेटा दिया था और जमीन पर लेटे हुए ही अश्की को पूरी तरह से वाइन से भर दिया था. अब वाइन की हर एक ड्रॉप उसकी कमर पर गिर रही थी. जिससे वह नीचे जमीन पर बिखर रही थी. हालांकि वह वाइन पूरी तरह से व्हाइट थी, लेकिन जमीन पर आते- आते वह रेड हो रही थी, क्योंकि अश्की इस वक्त पीरियड्स में थी. लेकिन उन दोनों को इस चीज से जैसे कोई खास फर्क ही नहीं पड रहा था.
वह दोनों आज एक दूसरे को खाने में इतना ज्यादा बिजी थे कि उनकी नजरें एक दूसरे पर हद से ज्यादा गहरी हुई पडी थी. अश्की ने अब अपना एक पैर पूरी तरह से अलग करते हुए वार्डरोब के ऊपर की तरफ रख दिया था और दूसरा पैर खोलकर दूसरे तरफ टेबल पर रख दिया था, जो वार्डरोब में पडा हुआ था. इस वक्त वह उस टेबल और वार्डरोब के बीच में लेटी हुई थी. उसको इस तरह से देखकर अरमान को और भी ज्यादा मजा आने लगा था. अब वह पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका और अब उसके होंठ उसकी कमर पर चल रहे थे. जैसे- जैसे उसके होंठ उसकी कमर पर चल रहे थे, अश्की पागल हुए जा रही थी. वह तो लगभग से चिल्लाने ही लगी थी.
लेकिन अरमान भी कहां कम था. लगभग से अपना हाथ अश्की की बैक पर ले जाते हुए उसने अश्की को ऊपर की तरफ उठा दिया था और बडे आराम से अपने होंठ उसकी कमर पर रख दिए थे और और भी शिद्दत से उसकी कमर को चूमने में लगा हुआ था. अश्की भी अब पूरी तरह से अपनी कमर को उसके चेहरे पर पूरी तरह से पुश कर रही थी. दोनों एक दूसरे में इतना ज्यादा खो गए थे कि पागलों की तरह एक दूसरे को खाए जा रहे. दूसरी तरफ अश्की भी अपने होश खो चुकी थी. ऐसा लग रहा था, जैसे वाइन का असर अब उसके सिर पर चढकर बोल रहा था.
अरमान अब अपने होंठ उसकी कमर से हटाते हुए उसके चेहरे पर आकर बेहद सेडक्टिव वॉइस में बोला, तुम मुझसे प्यार करना नहीं चाहोगी। उसकी बात पर अश्की हां में सिर हिलाते हुए अपनी जगह से उठी और लगभग से अरमान की चेस्ट पर हाथ रखते हुए अब उसने अरमान को जमीन पर लेटा दिया था और खुद अरमान के ऊपर आ चुकी थी. अब वह अरमान की चेस्ट को चूमते हुए नीचे की तरफ जाने लगी थी. जिस तरह से वह अरमान की चेस्ट को चूम रही थी, अरमान अपने हाथ पूरी तरह से जमीन पर रगडने लगा था. अश्की उसे सच में आज पागल कर रही थी.
अब वह पूरी तरह से नीचे की तरफ आई और उसने हल्का सा उसकी कमर को चूमा. अगले ही पल पूरी तरह से उसकी कमर पर आकर बैठी. जिससे अगले ही पल अश्की की चीख निकल चुकी थी, क्योंकि उसने अरमान को खुद के अंदर दाखिल करवा लिया था, वह भी खुद ही. यह चीज देखकर अरमान भी एक पल के लिए हैरान था.
लेकिन अगले ही पल उसके चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई. आज उसे खुद पर सच में प्राउड हो रहा था कि उसने अश्की को Kiss कदर अपने लिए पागल कर लिया था. वही अश्की लगभग से उसकी कमर पर खुद को मूव करते हुए अरमान के चेहरे पर झुक चुकी थी. जहां पर अरमान के अभी भी होठों पर लाली छाई हुई थी. जोकि साफ पता चल रहा था, कहां से आई थी. अब वह लगभग से अरमान को चूमने में लगी हुई थी और खुद को मूव कर रही थी. मूव करते हुए ही वह अरमान की जान निकाल रही थी. ऐसे ही मूव करते हुए लगभग उसे पंद्रह- 20 मिनट बीत गए. अब अरमान ने उसे नीचे की तरफ किया और अगले ही पल वह खुद को उसकी तरफ पुश करने लगा. वह इस कदर खुद को उसकी तरफ पुश कर रहा था कि अश्की के नाखून उसके कंधों में गढ रहे थे. ऐसे ही वह पूरी रात उस वार्डरोब में इंटीमेट होते रहे और अश्की की मदहोश सिसकियां और अरमान की गर्म सांसे वहां पर गूंजती रही.
सुबह के तकरीबन पाँच बजे अरमान अश्की को लेकर बाथरूम से बाहर निकला. इस वक्त अश्की के बदन पर टॉवल लिपटा हुआ था. हाथ पूरी तरह से नीचे की तरफ लटक रहा था. साफ पता चल रहा था कि अश्की पूरी तरह से थक चुकी थी. अरमान ने अब उसे पूरी तरह से बेड पर लेटाया और खुद वह वार्डरोब की तरफ बढ गया. कुछ ही देर में उसने अपने कपडे पहने और अश्की के लिए भी कुछ कपडे निकाल कर लेकर आया. देखते ही देखते वैसे ही उसने अश्की को कपडे पहना दिए.
अश्की अभी भी गहरी नींद में थी. उसे नहीं पता था कि उसके साथ क्या हो रहा है. क्योंकि अरमान ने उसे हद से ज्यादा थका दिया था. अरमान अब उसे गोद में उठाकर गाडी में लेकर आया और देखते ही देखते उनकी गाडी त्रेहान फार्महाउस से निकल चुकी थी. अब वह गाडी में बैठा हुआ था. इस वक्त अरमान के दिमाग में जैसे कुछ चल रहा था. उसकी नजर सामने फ्रंट व्यू मिरर्स में से पीछे की तरफ थी, जहां पर उसने अश्की को बैक सीट पर लेटाया हुआ था. इस वक्त उसकी नजर अश्की पर बेहद गहरी थी. देखते ही देखते वह त्रेहान पैलेस पहुंच चुके थे.
इस वक्त सुबह के लगभग से सात बजे थे. ज्यादा वक्त भी नहीं हुआ था. जिससे त्रेहान पैलेस पूरी तरह से शांत था. वहां पर सभी लोग सोए हुए थे. लेकिन बस बाहर के गार्ड अब जाग रहे थे. अरमान अब अश्की को गाडी में से उतार कर लेकर आया और देखते ही देखते लिफ्ट में से होते हुए वह अश्की को अपने Room में लेकर जा चुका था.
सुबह के तकरीबन बारह बजे,
अश्की की आंख खुली, तो उसकी नजर अपने बगल में लेटे हुए अरमान पर गई, जोकि बिल्कुल ही बेलीबास उसके साथ ही लेटा हुआ था. इस वक्त अरमान की आंखें पूरी तरह से बंद थी. जिस तरह से अरमान सोया हुआ था, एक पल के लिए अश्की की नजर उसके चेहरे पर ठहर चुकी थी. अरमान को यूं देखकर अश्की को कुछ- कुछ होना शुरू हो गया था. अब वह उसके चेहरे के ऊपर झुकी और अगले ही पल उसके गाल को चूमते हुए बोली, आप सोते हुए कितने मासूम लगते हैं. लेकिन जब भी यह आंखें खुल जाती है, तो एकदम शेर की तरह बन जाते है. जैसे किसी का शिकार करना हो। इतना कहते हुए वह लगभग से मुंह बना रही थी. तभी उसे अपनी कमर पर अरमान का हाथ महसूस हुआ, जिससे उसकी आंखें बडी हो गई. अगले ही पल अरमान ने अपनी आंखें खोलकर अश्की की तरफ देखा, तो अश्की के दिल की धडकन एक पल के लिए स्किप हो गई. मतलब अरमान
उसकी सारी बातें सुन रहा था.
To be continue.





Write a comment ...