
त्रेहान farmhouse,
अरमान इस वक्त दीवार से लगा हुआ था और अश्की पंजों के बल उसके बराबर खडी थी. इस वक्त दोनों की बॉडी आपस में इस हद तक Touch हो रही थी कि दोनों को एक दूसरे के बदन का हर एक हिस्सा महसूस हो रहा था. जिस तरह से अश्की उसके साथ लगी खडी थी, अरमान को कुछ कुछ हो रहा था. दोनों की नजरे आपस में मिली हुई थी और दोनों के चेहरे एक दूसरे के इतने करीब थे कि दोनों को एक दूसरे की गर्म सांसे महसूस हो रही थी. दोनों के दिल इतनी तेजी से धडक रहे थे कि दोनों को अपने दिल की धडकनों की आवाज सुनाई दे रही थी. अश्की की आंखों से आंसू इस हद तक बह रहे थे कि अरमान के माथे पर शिकन आने पर मजबूर कर रहे थे. अश्की अब उसकी आंखों में देखते हुए बोली, मैं आपको कहीं नहीं जाने दूंगी. मर जाऊंगी, अगर आप इस बार कहीं गए। इतना कहते हुए अगले ही पल उसने अपने होंठ अरमान के होठों पर रख दिए और उसे शिद्दत से चूमने लगी. जिस तरह से वह अरमान को चूम रही थी, अरमान को अपने बदन में खलबली सी उठती हुई महसूस हो रही थी. वह अश्की के साथ कुछ नहीं करना चाहता था, लेकिन अश्की जिस तरह से उसके साथ चिपकी हुई थी, उसके तन- बदन में खुद ब खुद एहसास अपने आप पनपने लगे थे.
अश्की जिस तरह से उसके कभी लोअर Lip को, तो कभी अप्पर Lip को अपने होठों में लेकर चूम रही थी, अरमान को अपने होठों पर गुदगुदी सी महसूस हो रही थी. लेकिन अभी तक अरमान ने उसे Kiss करना शुरू नहीं किया था. जहां अश्की की आंखें पूरी तरह से बंद थी, वहीं अरमान की आंखें पूरी तरह से खुली हुई थी. उसकी नजरें अश्की के गालों पर थी, जहां अब भी आंसू बहे जा रहे थे. जब कुछ देर अरमान ने रिस्पांस नहीं दिया, तो अश्की ने अपना चेहरा पीछे की तरफ किया. वह उसकी आंखों में देखते हुए बोली, अगर आप सोच रहे है कि आपके जिद्दीपन के आगे में टूट जाऊंगी, बिखर जाऊंगी और मैं आपको यहां से जाने दूंगी. मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगी। उसकी बात पर अरमान ने गहरी सांस ली और उसकी आंखों में देखते हुए बोला, किस रिश्ते से रोकोगी तुम मुझे यहां पर. जो रिश्ता था, उसे तो तुमने ठुकरा दिया। अरमान की बात सुनकर अश्की का रंग पूरी तरह से उड गया. अरमान बात भी ठीक कर रहा था कि रिश्ते से अश्की उसे यहां पर रोकेगी.
कुछ देर तो अश्की ने अपनी नजरें पूरी तरह से झुका ली. उसे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर अरमान से कह क्या. वही अरमान की नजरे उस पर गहरी होती जा रही थी. वह सुनना चाहता था कि आखिर अश्की क्या जवाब देती है. क्या सच में सिर्फ एक शादी ही बंधन था, जो कि उन दोनों को जोड रख रहा था, और कोई वजह नहीं थी. क्या इतना ही इश्क था अश्की को बस उससे कि वह सिर्फ शादी के बंधन में तक सीमित रह गया. यह चीज सोचते हुए अरमान की नजरे उस पर और भी ज्यादा गहरी होने लगी थी.
उसने सोच लिया था कि अगर आज अश्की उससे सिर्फ शादी के लिए साथ जुडी थी, तो आज वह अश्की को छोड देगा. वह पूरी तरह से अश्की को आजाद कर देगा. लेकिन अगले ही पल जो अश्की ने कहा, उसे सुनकर अरमान उसकी तरफ देखता ही रह गया. अश्की की मासूमियत देखकर अरमान का दिल पिघलने लगा था. अश्की ने अब अरमान की तरफ नजरे उठाई और उसकी आंखों में देखकर बोली, एक सिर्फ शादी ही आपके साथ जुडने का रीजन नहीं था, मान.
हां, मैं मानती हूं कि हमारी शुरुआत गलत हुई थी. आपने जो किया, वह गलत था. लेकिन मेरा इश्क तो सच्चा था. मैं तो आपसे सच्चा इश्क करती हूं। उसकी बात सुनकर अरमान की नजरे उस पर इंटेंस हो चुकी थी. कुछ देर पहले जिन आंखों में गुस्सा झलक रहा था, वह जैसे गुस्सा कहीं छूमंतर हो गया था. वही अश्की अब रोते हुए बोली, इश्क तो तभी हो गया था आपसे, जब आपके साथ मै यहां फार्म हाउस में रहने लगी थी. लेकिन पता नहीं था कि इतना ज्यादा हो जाएगा. अगर आपके साथ तलाक भी हो गया, तो क्या हुआ, मेरा इश्क तो सच्चा था ना।
वही अरमान उसकी बातें सुनते हुए उसे गहरी नजरों से देखकर बोला, अगर तुम्हारा इश्क सच्चा है, then prove it. उसकी बात पर अश्की ने अब एक बार फिर से नजर उठाकर उसकी आंखों में देखा. उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह आखिर अपना इश्क साबित कैसे करें. वह अरमान की तरफ देखकर बोली, मैं नहीं जानती कि मुझे इश्क साबित करने के लिए क्या करना होगा. लेकिन जो मैं कर सकती हूं, वह मैं आपके लिए जरूर करूंगी। इतना कहकर वह एक बार फिर से पंजों के बल खडी हुई और उसके होठों को चूमने लगी. यह चीज देखकर अरमान के होठों के कोने मुड गए. वह अश्की के सॉफ्ट लिप्स अपने हार्ड लिप्स पर महसूस कर रहा था. ऊपर रात का कहर बरस रहा था और नीचे अरमान के होठों पर आज अश्की का कहर बरस रहा था.
आज अश्की अरमान के होठों को पूरी तरह से अपने होठों में लेकर मसलने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उससे हो नहीं पा रहा था. जितना वह अरमान के होठों को कैप्चर करना चाहती, वह उतना ही उसके होठों से निकलते जा रहे थे. क्योंकि उसे चूमना तो अभी तक सही से नहीं आया था. भले ही वह अरमान के साथ बहुत बार इंटिमेट हुई हो, लेकिन मासूम तो अभी बहुत थी. अब अरमान ने अपने हाथ उसकी कमर पर रखे और एक हाथ उसकी गर्दन के पीछे फसाया और उसके होठों को अपने होठों में भर लिया. अगले ही पल वह पैशनेटली होकर उसे चूमने लगा. चूमते हुए ही अरमान ने अब उसे पलट कर दीवार से लगा दिया. अब अरमान खुद उसके ऊपर झुका हुआ था. पहले अश्की ने अपनी एडियां ऊपर की तरफ उठाई हुई थी, लेकिन अब अरमान ने अपना चेहरा पूरी तरह से अश्की के चेहरे पर झुका रखा था और उसे wildly स्मूच कर रहा था.
बढते पल के साथ उसकी Kiss इंटेंस होती जा रही थी. अश्की भी अपने होठों को खोलकर उसे पूरी तरह से रिस्पांस दे रही थी. जैसे- जैसे अश्की के होंठ खुल रहे थे, वैसे- वैसे अरमान अपनी जीभ को उसके मुंह के अंदर डालकर पूरी तरह से उसके मुंह को एक्सप्लोर कर रहा था. दोनों की जीभ आपस में टकरा रही थी और दोनों का सलाइवा एक दूसरे के चेहरे पर लग रहा था. लेकिन उन्हें जैसे इस चीज से कोई मतलब ही नहीं था. वह तो एक दूसरे को प्यार करने में लगे हुए थे. ऐसे ही अरमान ने उसे ऊपर की तरफ उठाया और अगले ही पल अश्की की टांगे पूरी तरह से अरमान की कमर पर लिपट चुकी थी.
उसके हाथ पूरी तरह से अरमान के कंधों पर आ चुके थे. लेकिन जैसे ही उसने अपना हाथ दूसरे कंधे पर रखा, एक पल के लिए अरमान की सिसकी निकल गई. यह चीज देखकर अश्की जल्दी से अपना हाथ पीछे खींचने को हुई, पर अरमान ने खींचने नहीं दिया. वहीं अब अश्की अपना चेहरा पीछे की तरफ खींचने की कोशिश कर रही थी. लेकिन अरमान उसे खींचने नहीं दे रहा था, क्योंकि वह जानता था कि वह अरमान से क्या कहना चाहती है. अरमान लगातार पैशनेट होकर उसे चूमे जा रहा था. वही अश्की का कंसंट्रेशन उसके दर्द की वजह से अब भंग हो चुका था. वह अरमान से कुछ कहना चाहती थी, लेकिन अरमान था कि उसके होठों को छोडने का नाम ही नहीं ले रहा था.
जब कुछ देर अरमान ने उसके होठों को नहीं छोडा, तो अश्की भी आगे से दोबारा से रिस्पांस देने लगी, क्योंकि ना रिस्पांस देने की वजह से अरमान उसके साथ ज्यादा ही ब्रूटल और वाइल्ड होते जा रहा था. जिससे अश्की को तकलीफ होने लगी थी. अब अरमान उसे वैसे ही उठाए हुए अंदर की तरफ लेकर आया और अगले ही पल अश्की को बेड पर पटक दिया. जिससे अश्की की आह निकल गई. हालांकि अरमान को पता था कि उसकी हालत ऐसी नहीं है, लेकिन फिर भी अरमान ने उस पर तरस नहीं किया और उसे लाकर बेड पर पटक दिया.
उसके बेड पर पटकते ही अश्की की चीख निकल गई, क्योंकि उसकी कमर हद से ज्यादा दर्द कर रही थी. लेकिन अगले ही पल वह अपने सेंस में वापस आई और अरमान की तरफ देखते हुए बोली, जो अपनी पैंट का बटन खोल रहा था, नहीं, रुक जाइए मान. आपका हाथ अभी ठीक नहीं है. आपको लग ना जाए कहीं। वही अरमान पूरी तरह से अपनी पैंट अपने बदन से रिमूव करते हुए बोला, मेरा मरहम सिर्फ तुम हो, तो मुझे लग ही नहीं सकती. फिलहाल के लिए मुझे सिर्फ तुम चाहिए हो। इतना कहते हुए वह लगभग से अश्की के ऊपर आया. अब उसकी गर्दन को चूमते हुए नीचे की तरफ जाने लगा. धीरे- धीरे कर अश्की के बदन से उसके सारे कपडे उतरते जा रहे थे. वही अश्की भी अरमान के एहसासों में घुलती जा रही थी.
अरमान, जो कि उसके गले को चूम रहा था, अब धीरे- धीरे नीचे की तरफ आने लगा. नीचे आते हुए उसके सीने पर जाकर उसकी नजरें ठहर गई. जहां पर अभी भी कल रात के निशान बने हुए थे. उन निशानों को देखकर अरमान ने अपने होठों पर जीभ घुमाई और बोला, अभी तो कल रात की पनिशमेंट के भी दाग नहीं मिटे, लेकिन अब तुम्हें आज की पनिशमेंट के दाग भी मिलने वाले हैं। उसकी बात सुनकर एक पल के लिए अश्की के रोंगटे खडे हो गए. उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था. वही अरमान अब पूरी तरह से उसके सीने पर झुका और उसे हाथों से सहलाते हुए ही उन्हें चूमने लगा. चूमते हुए ही उसका दूसरा हाथ अब अश्की के पेट की तरफ बढने लगा था. पेट से होते हुए ही उसका हाथ उसकी लोअर बॉडी के कपडे के अंदर जाने लगा. जिससे अश्की की सांस गहरी होने लगी थी, क्योंकि इस वक्त उसे काफी हद तक हाई फ्लो ब्लीडिंग हो रही थी
जो की मिसकैरेज की वजह से थी. वह उसका हाथ रोकते हुए बोली, रुक जाइए, मान.
आपके हाथ गंदे हो जाएंगे। उसकी बात पर अरमान ने उसे गहरी नजरों से देखा, तो अश्की वही चुप हो गई. उसकी अब हिम्मत ही नहीं हुई कि अरमान से दूसरा कुछ सवाल पूछ सके. वही अरमान ने अब अपना हाथ पूरी तरह से उसकी लोअर बॉडी की तरफ ले जाते हुए अपने हाथों को हल्का- हल्का उसकी लोअर बॉडी पर सहलाने लगा. जिससे अश्की की सांस गहरी होनी शुरू हो गई थी. उसे कुछ- कुछ होने लगा था. उसकी सांस इस हद तक गहरी चल रही थी कि उसका सीना पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ रहा था. दूसरा उसके हाथ पूरी तरह से ब्लैंकेट पर कसने लगे थे. जिस वजह से
उसका खुद पर से कंट्रोल छूटने लगा था. वह अपना सिर पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठाते हुए बोली, प्लीज मान. क्यों तडपा रहे है?
इतना कहते हुए अश्की लगभग से अपने लोअर Lip को अपने दांतों तले दबाए जा रही थी. वही अरमान अब पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठा और अगले ही पल उसकी पैंटी पूरी तरह से उसके बदन से अलग करते हुए उसने साइड पर फेंक दी. अब अश्की पूरी तरह से उसके सामने थी. हालांकि अरमान को उसकी ब्लीडिंग साफ दिखाई दे रही थी, लेकिन उसने उस चीज को पूरी तरह से इग्नोर किया हुआ था. अब वह एक बार फिर से अश्की के नीचे की तरफ झुकने लगा कि तभी अश्की उसका सिर पकडते हुए पीछे की तरफ करते हुए बोली, नो मान.
प्लीज, मैंने आपको पहले भी कहा है, मुझे अनकंफरटेबल। उसकी बात पूरी होती, उससे पहले अरमान ने उसे सर्द नजरों से देखते हुए कहा, क्या तुम मुझे एक्सप्लेन कर सकती हो कि क्या मैं तुम्हें अनकंफरटेबल कर रहा हूं। उसकी बात सुनकर अब अश्की एक बार फिर से पूरी तरह से चुप हो गई. जब कुछ देर अश्की नहीं बोली, तो अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, अब बैटर यही होगा कि अपना मुंह बंद रखो और मैं जो करता हूं, मुझे करने दो. समझी तुम। उसकी बात पर अश्की ने अपनी नजरें पूरी तरह से झुका ली और अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया. क्योंकि अरमान के चेहरे को ही देखकर ऐसा लग रहा था कि अरमान नहीं रुकने वाला.
अब अरमान एक बार फिर से नीचे की तरफ झुका और अगले ही पल अश्की की सिसकियां उस कमरे में गूंज गई. अब उसके हाथ अरमान के सिर पर थे और वह लगभग से अरमान के सिर को अपने तरफ पुश कर रही थी. जिससे अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल उतर आई थी. वह लगभग से अश्की को खाने में लगा हुआ था. अश्की भी पूरी तरह से उसमें जैसे खो सी गई थी. उसे तो अब कुछ जैसे याद ही नहीं रहा था.
तकरीबन पंद्रह से बीस मिनट बाद अरमान ऊपर की तरफ आया. जैसे ही अश्की ने अरमान का चेहरा देखा, अश्की का चेहरा पूरी तरह से लाल पड गया. उसका लाल पडता हुआ चेहरा देखकर अरमान के होठों के कोने मुडे. अरमान ने अब उसके होठों पर होंठ रखते हुए उसे एक बार फिर से स्मूच करने लगा. आज फिर से अरमान ने वही हरकत की थी, जो कल की थी. वह अभी उसे चूमे ही जा रहा था कि तभी प्रियंका की आवाज वहां पर गूंजी.
अरमान, कहां पर हो तुम? प्रियंका की आवाज सुनकर अश्की की सांस उसके गले में ही अटक गई. वह अपना सिर पीछे खींचना चाहती थी, लेकिन अरमान लगातार उसे चूमे जा रहा था. उसे इस चीज से कोई फर्क नहीं पड रहा था कि प्रियंका वहां पर आ चुकी है. पूरी तरह से अश्की को चूमते हुए ही उसने अपने पैर से ब्लैंकेट ऊपर की तरफ सरकाया और दोनों के ऊपर ले लिया. जैसे ही उसने वह ब्लैंकेट पूरी तरह से खुद को और अश्की को कवर करने के लिए ऊपर की तरफ लिया, प्रियंका लगभग से धन- धनाते हुए उस Room में आई. उस Room का नजारा देखकर प्रियंका के होश पूरी तरह से उड गए.
अभी तक अरमान ने अश्की के साथ इंटीमेट होना शुरू नहीं किया था. वह बस उसे चूम रहा था. यह चीज साफ पता चल रही थी कि वह अभी इंटिमेट नहीं हो रहे हैं. बस उनके बदन पर कोई कपडा नहीं है और बस एक दूसरे को चूम रहे थे. यह चीज देखकर प्रियंका का चेहरा गुस्से से कांपने लगा. वह गुस्से में चिल्ला कर बोली, अरमान, यह तुम क्या कर रहे हो? मैं कुछ देर के लिए बाहर क्या गई, तुमने इस बेशर्म कुत्तिया के साथ यह सब कुछ करना शुरू कर दिया। उसके मुंह से बेशर्म कुत्तियां सुनकर अरमान ने अपना चेहरा थोडा सा पीछे की तरफ किया और* अश्की के गालों पर हाथ रखते हुए बोला* तुम इतनी नर्वस क्यों हो दिलरुबा, उसकी बात सुनकर अश्की तो बस हैरान ही रह गई. क्या अरमान को नहीं पता था कि वह क्यों इतना नर्वस हो रही है. दूसरी तरफ प्रियंका गुस्से से कांपते हुए बोली, स्टॉप इट अरमान। लेकिन अरमान को उसके बोलने से कोई भी फर्क नहीं पड रहा था. उसने अब लगभग से खुद को अश्की की तरफ पुश किया. जैसे ही उसने अश्की की तरफ पुश किया, प्रियंका के होश उड गए. उसकी
चीख कमरे में गूंज गई.
To be continue.





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