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Behoshi

त्रेहान farmhouse,

अश्की अरमान की बाहों में इस वक्त झूल रही थी. अरमान की गहरी नजरे इस वक्त अश्की के चेहरे पर बनी हुई थी. जिस तरह से वह अश्की को देख रहा था, वह बेहद सनक भरा था. ऐसा लग रहा था, जैसे कोई सनकी इंसान किसी को देख रहा हो. अब उसने अपना खून से भरा हुआ हाथ अश्की के चेहरे पर बडे प्यार से रखकर उसके गालों को सहलाते हुए पागलों की तरह बोला, अब तुम किसी और के कहने पर बाहर जाओ, तो थोडा बहुत तो दर्द झेलना बनता है ना दिलरुबा, अभी तो मैंने तुम्हें दस% भी दर्द नहीं दिया और

तुम्हारी अभी से यह हालत हो गई. अभी तो तुम्हें और तकलीफ देनी बाकी है बिकॉज पनिशमेंट इज पेंडिंग, दिलरुबा. इतना कहते हुए उसकी आंखों में उसका पागलपन साफ दिखाई दे रहा था. उसने अश्की को गोद में उठाया. हालांकि उसके पूरे हाथ में दर्द हो रहा था. लेकिन उसे जैसे उस दर्द से कोई फर्क ही नहीं पड रहा था. अब वह उसे मास्टर बेडरूम में लेकर आया और उसने अश्की को बेड पर लेटा दिया. वह खुद उस हाथ की ड्रेसिंग करने लगा और ड्रेसिंग करते हुए भी उसकी नजर अश्की के चेहरे पर बनी हुई थी. ड्रेसिंग करने के बाद अब वह सामने सोफे पर बैठा. वहीं पास में कॉफी टेबल पर ही सिगरेट का बंडल पडा हुआ था और उस सिगरेट के बंडल में से उसने एक सिगरेट निकाली और अपने होठों में दबाकर उसे जलाकर सिगरेट के लंबे कश भरने लगा. लेकिन एक पल के लिए भी उसकी नजरें मजाल है अश्की पर से लडखडाई हो.

अभी वह अश्की के चेहरे की तरफ देख रहा था कि तभी उसके फोन पर एक बार फिर से रोहित को Call आने लगा. रोहित का Call आता हुआ देखकर उसने जल्दी से अपना फोन कान से लगाया, तो दूसरी तरफ से रोहित ने जो कहा, अरमान के चेहरे पर devil स्माइल आ गई. वह बेहद गहरी आवाज में बोला, उन दोनों को इतना तडपाना है कि बस उनकी जान ना निकलने पाए. बाकी मैं पहुंचूंगा, पर अभी नहीं, अभी फिलहाल मै बहुत बिजी हूं। इतना कहते हुए उसकी नजरें अश्की पर बनी हुई थी. जैसे वह पता नहीं कौन सा इतना ज्यादा कीमती काम कर रहा हो.

दूसरी तरफ रोहित जी बॉस कहकर फोन काटने को हुआ कि तभी अरमान सर्द आवाज में बोला, उस गौरव को बहुत शौक था ना किसी के साथ जबरदस्ती करने का, तो तुम समझ रहे हो ना उसके साथ क्या हश्र करना है। उसकी बात पर रोहित थोडा सा डरते हुए बोला, लेकिन बॉस, वह थोडा ज्यादा नहीं हो जाएगा। तभी अरमान गहरी आवाज में बोला, लगता है, मुझे तुम्हारे साथ वह कुछ करवाना पडेगा। जैसे ही अरमान की यह बात उसके कानों में पडी, रोहित के होश पूरी तरह से उड गए. वह जल्दी से बोला, no boss, आपका काम हो जाएगा।

उसकी बात पर अरमान बेहद इंटेंस वॉइस में बोला, good, अगर कुछ अधूरा रहा, तो फिर दोबारा तुम काम करने लायक नहीं रहोगे, यह बात याद रखना। इतना कहकर अरमान ने फोन काट दिया. दूसरी तरफ अरमान की धमकी सुनकर एक पल के लिए रोहित का पूरा शरीर कांप उठा.

अब वह सामने की तरफ देख रहा था, जहां पर हंसिका को एक पिलर से बांधा गया था और वह भी पूरी तरह से बेलीबास. दूसरी तरफ रोहित को भी कुछ इसी तरह से सामने स्ट्रक्चर पर लेटाया गया था. इस वक्त उसके बदन पर भी कोई कपडा नहीं था. उन्हें यूं देखकर रोहित का मुंह अजीब तरह से बना हुआ था. रोहित ने अब सामने खडे गार्डों की तरफ इशारा किया, तो गार्ड्स ने हां में सिर हिला दिया. अब कुछ गार्ड्स हंसिका के सामने आकर खडे हुए और उसकी तरफ देखते हुए अपने होठों पर जीभ घूमाते हुए एक दूसरे की तरफ देखते हुए बोले, आज तो दिन में लॉटरी लग गई. दिल तो करता है, बॉस को दुआएं दूं।

वही दूसरा बॉडीगार्ड उससे हंसते हुए बोला, वह तो मेरा भी दिल कर रहा है कि मैं बॉस को दुआ ही दूं. लेकिन पहले इसे तो कुछ दे दूं। इतना कहते हुए वह हंसिका की तरफ देख रहा था, जो की पूरी तरह से बेलिबास खडी थी, लेकिन अभी फिलहाल बेहोश थी.

वहीं दूसरी तरफ,

अरमान अभी भी अश्की को देखे जा रहा था. लगभग से उसके होंठों में अभी भी सिगरेट फंसी हुई थी. वह सिगरेट को इस तरह से फंसा कर उस सोफे पर बैठा था, जैसे वह अपनी सिगरेट को अपने होठों से अलग करना ही ना चाहता हो. तकरीबन से ऐसे ही उसने पचास सिगरेट फूंक दी थी. अब वह एक और सिगरेट अपने होठों में फसाने को हुआ कि तभी वो उस सिगरेट को गहरी नजर से देखते हुए बोला, तुम वह काम क्यों नहीं करती हो, जो यह लडकी करती है। इतना कहते हुए उसकी नजर अश्की पर आ चुकी थी. दूसरी तरफ अश्की जिसकी आंखें अब हल्की- हल्की फडफडाने लगी थी. उसकी आंखें फडफडाते हुए देख कर

अरमान अपनी जगह से उठा और अगले ही पल बालकनी में चला गया. उसे पता चल चुका था कि अश्की होश में आने वाली है, तो इसीलिए वह नहीं चाहता था कि अश्की अरमान को उसे देखता हुआ पाकर मन में उम्मीदें पाले कि अरमान अब उससे गुस्सा नहीं है. अरमान के दिल में सिर्फ यही चीज चल रही थी कि अश्की को भी पता होना चाहिए कि उसने क्या गलती की है. अगर आज वह वक्त पर नहीं पहुंचता, तो गौरव उसके साथ क्या कुछ नहीं कर सकता था. यह सोच सोच कर अरमान का खून बुरी तरह से खोल रहा था. अब गौरव की तो वह बैंड बजाने ही वाला था, साथ- साथ में हंसिका का वह हाल करने वाला था, जिससे उसकी रूह कांपने वाली थी. अभी फिलहाल वह आशिकी से नाराज था. इसीलिए वो बालकनी में चला गया था. अब वह बालकनी में बाहर का नजारा देखते हुए सिगरेट पी रहा था.

दूसरी तरफ अश्की, जिसकी आंखें पूरी तरह से खुल चुकी थी. अब वह इधर- उधर देखते हुए अरमान को ढूंढ रही थी. जब उसे अरमान कहीं नजर नहीं आया, तो अगले ही पल उसकी आंखों के सामने वही मंजर घूमने लगा, जब अरमान के कंधे से हद से ज्यादा खून बह रहा था. उस मंजर को याद करते हुए एक बार फिर से उसका दिल तडप उठा था और आंखों में आंसू भर गए थे. लेकिन अगले ही पल उसकी नजर सामने बालकनी पर गई, जहां पर अरमान खडा अभी भी सिगरेट पी रहा था. इस वक्त अरमान की पीठ उसकी तरफ थी और उसके कंधे पर पट्टियां बंधी हुई थी.

उन पट्टियों को बंधा हुआ देखकर एक पल के लिए अश्की ने राहत की सांस ली थी. वह जल्दी से अपनी जगह से खडी हुई, तो एक पल के लिए उसका सिर पूरी तरह से घूम गया, क्योंकि उसे इस वक्त चक्कर आ रहे थे. उसके चक्कर आने भी लाजमी थे, क्योंकि पिछले दिन से सिर्फ सिर्फ उसने सुबह खाना खाया था. रात को भी जो कुछ हुआ, उसके बाद उसने खाना नहीं खाया. पर आज सुबह से भी जिस तरह से वह घूम रही थी, बिना खाए पिए ही था. ऊपर से उसका मिसकैरेज हुआ था और तीसरी वजह यह थी कि अभी भी वह अपने पीरियड्स में थी.

भले ही वो रात को अरमान के साथ इंटीमेट हुई थी, लेकिन दर्द तो अभी भी वैसे ही था. अरमान के इंटिमेट होने से उसका दर्द बडा था, कम नहीं हुआ था. रात को तो वह किसी तरह जज्बातों में बह गई थी, लेकिन जब वह इंटिमेट होने के बाद सुबह उठी थी, उसे ही पता था कि उसे अपनी लोअर बॉडी में कितनी ज्यादा तकलीफ हो रही थी. लेकिन फिलहाल उसकी नजर अरमान पर थी, जो इस वक्त उसकी तरफ पीठ करके खडा था. अब वह अपनी जगह से खडी हुई और अरमान के पीछे जाकर खडी हुई और अपना सिर झुकाते हुए बोली,

आप Hospital नहीं ना जाएंगे, मान. क्यों है आप इतने जिद्दी? जानते भी हैं, अगर उन गोलियों का जहर आपके अंदर फैल गया, तो क्या होगा? उसकी बात पर अरमान बिना किसी खास एक्सप्रेशन के बोला, क्या हो जाएगा, मर जाऊंगा ज्यादा से ज्यादा, और क्या होगा। इससे आगे वह कुछ बोलता कि अश्की तडप गई. वह उसके सामने आकर बोली, खबरदार! अगर ऐसी बात की तो, चुप हो जाइए. मुझसे नहीं सुना जाएगा। उसकी बात पर अरमान एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठाते हुए बोला, मैं मरूं या जियू, तुम्हें क्या फर्क पडता है. करनी तो तुम्हें अपने दिल की ही है। इतना कहकर अब वह उसकी तरफ से दोबारा से घुमा और बालकनी में दूसरी तरफ चला गया.

और बस इतना काफी था दोबारा यह जताने के लिए कि अरमान अब भी उससे हद से ज्यादा गुस्सा था. अब अश्की की आंखों से नमी उसके गालों पर आने लगी थी. वह रोते हुए बोली, मै कैसे मनाऊं आपको मान. आपको Hospital तो मैं लेकर जाऊंगी ही जाऊंगी. चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी करना पडे. अगर आपको कुछ हो गया, मैं तो जीते जी मर जाऊंगी। इतना कहते हुए रोते हुए उसका नाक लाल होने लग गया था. अब वह एक बार फिर से अरमान के पीछे आकर खडी हुई और अगले ही पल उसने पीछे से अरमान को बाहों में भर लिया. जैसे ही अश्की ने उसे बाहों में भरा, एक पल के लिए अरमान की धडकन स्किप हो गई.

अरमान को ऐसा लगा, जैसे उसके दिल में सुकून पसर गया है. सुबह से लेकर शाम बीत गई थी, लेकिन उसका दिल पूरी तरह से जल रहा था. जब तक उसने अश्की को नहीं देखा था, उसके अंदर एक आग जल रही थी जो बढते पल के साथ उसे अंदर ही अंदर खाए जा रही थी. जब से अश्की को अपने साथ लेकर आया था, तब से अश्की से ठीक से बात नहीं कर रहा था. अश्की को अपने करीब आना तो दूर, वो अश्की की तरफ देख भी नहीं रहा था.

तब से लेकर अब तक उसने सिर्फ सिगरेट ही पी थी. अगर खाना अश्की ने नहीं खाया था, तो खाया अरमान ने भी कहा था. शिवाय सिगरेट और शराब के पिया भी उसने क्या था. पानी का घूंट तो उसके अंदर गया नहीं था. ऊपर से जब से अश्की को लेकर फार्म हाउस आया था, तब से सिगरेट पर सिगरेट पिए जा रहा था. और सिगरेट से भी उसे सुकून नहीं मिल रहा था. लेकिन अब जैसे ही अश्की ने उसे अपनी बाहों में भरा था, एक पल के लिए उसका दिल सुकून से भर गया था. एक पल के लिए उसकी आंखें बंद हो चुकी थी. लेकिन अभी भी उसने पलट कर अश्की की तरफ नहीं देखा था.

दूसरी तरफ अश्की, जो कि उसकी पीठ से लगी हुई थी, अब वह बुरी तरह से रोने लगी. जिससे अश्की की आंखों के आंसू अरमान की पीठ को भिगोने लगे, जो कि उसे साफ महसूस हो रहे थे. अब उसके आंसू एक बार फिर से अरमान को अंदर से जलाने लगे थे. लेकिन उसने अपने मुंह से एक शब्द भी नहीं निकाला. वह बस चुपचाप अश्की को महसूस कर रहा था.

अश्की ने अब रोते हुए ही अरमान की पीठ को बडी शिद्दत से चूम लिया. जिस तरह से अश्की ने उसकी पीठ को चूमा था, अरमान के बेचैन दिल को एक पल के लिए जैसे करार आ गया था. अश्की अब रोती हुई आवाज में बोली, बस कीजिए ना मान. हो गई गलती, क्यों इतना तडपा रहे हैं? क्यों इतना गुस्सा हो रहे हैं? मैं नहीं जानती थी कि मंदिर में मेरे साथ यह सब हो जाएगा. अगर जानती, तो कभी नहीं बाहर निकलती और वैसे भी मैं सिर्फ माथा टेकने गई थी. मुझे क्या पता था कि मंदिर में यह लोग मेरा वेट कर रहे होंगे. मुझे तो होश भी नहीं था, जब यह लोग मुझे लेकर आए. अगर मैं होश में होती, तो कभी उनके साथ नहीं जाती।

अश्की अकेले ही बोले जा रही थी, लेकिन अरमान आगे से पत्थर की तरह चुपचाप उसकी बातें सुन रहा था. जब इतना कुछ कहने पर भी अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया, तो अश्की अब उसके आगे आकर खडी हुई. क्या चाहते हैं आप, क्या करूं मैं, बोलिए? उसकी बात सुनकर अरमान की नजरे उस पर गहरी हो गई. लेकिन अभी उसने कुछ नहीं कहा और अब वह एक बार फिर से उसकी तरफ पीठ करके वहां से जाने को हुआ. इस बार अश्की ने दोबारा से उसका हाथ पकड लिया. वह लगभग से फुटकर रोते हुए बोली, अगर अब आप चले गए ना, तो कसम है मुझे आपकी, मान, मैं यहां से चली जाऊंगी और जिंदगी भर वापस नहीं आऊंगी। बस यही बात अरमान का गुस्सा बढाने के लिए काफी थी. अब वह अश्की की तरफ पलटा और अगले ही पल उसने उसके बालों को मुट्ठी में भरा.

दूसरे ही पल, उसने अश्की को दीवार से सटा दिया. जिससे अश्की का दिल जोरो जोरो से धक- धक करने लगा, क्योंकि अरमान का गुस्सा अब अश्की ने और भी ज्यादा बढा दिया था. पहले तो अरमान उसे माफ करने वाला था, लेकिन अब जो अश्की ने बात की थी, शायद अरमान उसे और भी ज्यादा बडी पनिशमेंट देने वाला था. अरमान अब दांत पीसकर बोला, जाना चाहती हो ना मुझसे दूर, यह मैं कभी होने नहीं दूंगा. लेकिन अगर तुम चाहती हो, तो तुम्हारी बात को पूरा करना तो बनता है ना, क्यों Miss अश्की अरोडा? उसकी बात सुनकर एक पल के लिए अश्की की धडकनें रुकने को हो गई. अब अरमान ने एक बार फिर से अपनी पॉकेट से फोन निकाला और रोहित को फोन लगा दिया.

जिस तरह से अरमान रोहित को फोन लगा रहा था, अश्की को एक अलग ही बेचैनी ने घेर लिया था. ना जाने क्यों उसे अजीब सा लग रहा था. तभी आगे से अरमान ने जो कहा, उसे सुनकर अश्की के होश पूरी तरह से उड गए. अरमान रोहित से बात करते हुए बोला, मेरा जेट रेडी करो और वह भी कनाडा के लिए और सात साल के लिए। सात साल का नाम सुनकर अश्की की धडकनें जैसे रुक गई. उसे ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसका कलेजा ही उसके सीने से बाहर निकाल लिया हो.

वही रोहित के भी होश उडे हुए थे. वह खुद हैरान था कि आखिर कल प्रियंका और उसकी इंगेजमेंट थी और आज वह वहां से जाने की बात कर रहा था. वह तो हैरानी से अपने फोन की तरफ देख रहा था. दूसरी तरफ अश्की, जोकि बेजान उसके सामने खडी थी, अभी भी अरमान ने उसके बालों को छोडा नहीं था. लेकिन अब अश्की ने होश में आते हुए अगले ही पल अरमान से फोन पकडकर उसका फोन लगभग से जमीन पर पटक दिया. फोन को टूटा हुआ देखकर अरमान व्यंग्य से हंसा और बोला, उसके टूट जाने से कुछ रुक नहीं जाएगा। इतना कहकर अब उसने अश्की के बालों को छोडा और वहां से जाने को हुआ. तभी अश्की ने उसका हाथ पकडते हुए उसे अपनी तरफ घुमाया. अरमान को अपनी तरफ घूमाना आसान नहीं था, लेकिन अश्की के लिए अरमान ने खुद को ढीला छोड दिया था. अब अरमान की पीठ दीवार से लगी हुई थी और अश्की उसके बराबर खडी थी. अश्की की एडियां पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठी हुई थी. अब वह अरमान की आंखों में देखते हुए लगभग से रोते हुए बोली, मैं आपको कहीं नहीं जाने दूंगी। इतना कहकर उसने अरमान के होठों पर अपने होंठ रख दिए. वही अरमान का दिल एक पल के लिए जैसे धडक उठा.

To be continue.

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