
त्रेहान farmhouse,
अश्की इस वक्त अरमान के ऊपर पूरी तरह से झुकी हुई थी, जिसे देखकर अरमान भी एक पल के लिए हैरान हुआ लेकिन फिर भी उसने अपने चेहरे के भाव बदलने नहीं दिए. वह बस अपनी गहरी नजरों से अश्की को देख रहा था, जो पूरी तरह से उसके ऊपर झुकी हुई थी और उसे घूर रही थी. दूसरी तरफ प्रियंका, जोकि उसके सामने खडी थी, इस वक्त उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था. क्योंकि जिस तरह से अभी- अभी अश्की ने उसे कहा था कि वह उसकी हाथ तोड देगी, उसका तो दिल कर रहा था कि वह अश्की का मुंह तोड दे.
ऐसे कैसे वह प्रियंका से बात कर सकती थी. वहीं अश्की उसके ऊपर झुके हुए ही बोली, आप यहां से उठकर अपना इलाज करने जा रहे हैं कि मैं कुछ और करूं? अश्की की बात सुनकर अरमान की आई ब्रो ऊपर की तरफ उठ गई. जैसे पूछना चाहता हो कि तुम क्या करोगी. तभी अश्की उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोली, सोच लीजिए, आप तो नाराज है, लेकिन मैं नाराज नहीं हूं. अभी मेरा मूड चेंज हो गया है। उसकी बात पर अरमान आई डोंट केयर वाले भाव देते हुए अपने हाथों में पकडी हुई सिगरेट को दोबारा से होठों में फसाने लगा. तभी अश्की ने उसके हाथ से सिगरेट पकडी और ऐश ट्रे में बुझाते हुए उसके ऊपर एक बार फिर से झुक कर बोली, अभी मेरे साथ Hospital चलिए।
उसकी बात पर अरमान अभी भी एक्सप्रेशन लैस होकर बिना कुछ बोले ही अश्की के चेहरे की तरफ देख रहा था. तभी पीछे से प्रियंका आई और अगले ही पल अश्की का हाथ पकड उसे सीधा कर खडे करते हुए बोली, तुम्हारा दिमाग तो नहीं खराब हो गया. तुम्हें नहीं पता कि वह कौन है? वह मेरा होने वाला पति है और तुम उसके साथ ऐसी हरकतें नहीं कर सकती, समझी तुम। इतना कहते हुए प्रियंका ने लगभग से अश्की की तरफ उंगली पॉइंट कर ली थी.
अश्की भी बिना किसी एक्सप्रेशन के उसकी तरफ देखते हुए बोली, अगर तुम्हारा पति है, तो तुम्हें इतनी देर से यह क्यों नहीं नजर आया कि उसके हाथ में गोली के दो निशान बने हुए है, वह भी इतनी गहरी. अंधी थी क्या तुम इतनी देर से? वैसे तो तुम शादी करने के लिए मरी जा रही हो, लेकिन संभालने की बारी आई, तो तुमने उसकी चोट को देखकर अनदेखा कर दिया। अश्की की बात सुनकर एक पल के लिए प्रियंका का मुंह पूरी तरह से बंद हो चुका था. उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वह अश्की की बात का क्या जवाब दे.
लेकिन इस वक्त उसे अश्की पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था, क्योंकि अश्की उससे बार- बार सवाल जवाब किए जा रही थी. यह चीज उसे हद से ज्यादा Irritate कर रही थी. वह अश्की की तरफ देखकर कुछ बोलने को हुई कि तभी टेबल पर रखा हुआ उसका फोन रिंग करने लगा. इस फोन को देखकर प्रियंका के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए, क्योंकि वह तो अश्की को सबक सिखाना चाहती थी. लेकिन अब उसने अपने फोन की तरफ देखा, तो एक पल के लिए उसकी आंखें बडी हो गई. अगले ही पल उसने फोन उठाया और बिना कुछ कहे ही बाहर की तरफ निकल गई. यह चीज देखकर अश्की हैरानी से प्रियंका की तरफ देखने लगी कि उसे सच में अरमान की चोट की बिल्कुल भी फिक्र नहीं है. वैसे कहने को वह कह रही थी कि उसकी शादी अरमान से होने वाली है. लेकिन अब फोन आते ही वह ऐसे वहां से भागी, जैसे पता नहीं क्या हो गया हो.
दूसरी तरफ अरमान की गहरी नजरे अभी भी अश्की पर टिकी हुई थी. लेकिन अब वह बेफिक्री से अपनी जगह से उठा और अपने कदम उसने किचन की तरफ बढा दिए. अरमान को किचन की तरफ जाता देख अश्की की आंखें हैरत से फैल चुकी थी, क्योंकि अरमान कभी भी किचन में नहीं जाता था. इतनी देर से वह इतना तो समझ चुकी थी, जो इंसान एक गिलास पानी का नहीं उठा सकता, वह किचन में क्या ही जाएगा.
वही अरमान अब किचन में आया और इधर- उधर कुछ सामान ढूंढने लगा. उसको वहां पर कुछ ढूंढता हुआ देखकर अश्की उसकी तरफ देखते हुए बोली, क्या बात है मान, आपको कुछ चाहिए? आप मुझे बता दीजिए. मुझे पता है, यहां पर कौन सा सामान कहां पर पडा हुआ है। लेकिन अरमान ने उसकी कोई भी बात का जवाब नहीं दिया. यह चीज देखकर अश्की मुंह बनाते हुए बोली, बताइए ना, क्या चाहिए आपको? लेकिन अरमान बिना किसी सवाल का जवाब दिए अपना काम करता रहा, वहां पर ढूंढता रहा. लेकिन तकरीबन पाँच दस मिनट ढूंढने के बाद भी वहां पर उसे कुछ नहीं मिला. वही अश्की उसके कंधे पर हाथ रखने को हुई थी, तभी अरमान की सिसकी निकल गई. क्योंकि अश्की का हाथ गलती से उसके कंधे पर लग चुका था, जहां पर अभी भी गोली लगी हुई थी.
अरमान ने अब उसे घूर कर देखा, तो अश्की एक पल के लिए डरकर पीछे हो गई. लेकिन फिर से उसके पीछे आकर खडी होकर बोली, बताइए ना, क्या ढूंढ रहे हैं? मैं ढूंढ देती हूं आपको। लेकिन अरमान था कि कुछ बोलने का नाम ही नहीं ले रहा था. उसने अभी भी अश्की का कोई जवाब नहीं दिया.
तभी अरमान की नजर सामने एक वार्डरोब की तरफ गई, जो किचन में ऊपर की तरफ सेल्फ पर बना हुआ था. उस वार्डरोब में हर तरह के चम्मच, सीजर और नाइफ पडे हुए थे. उस नाइफ को देखकर अरमान अब उस वार्डरोब की तरफ बढा और अगले ही पल ऑटोमेटेकली उसने उस वार्डरोब का बटन दबाया. वार्डरोब अपने आप खुल गया और वार्डरोब के खुलते ही अरमान ने उसमें से चाकू लिया और उसे लेकर गैस के पास आया. दूसरे ही पल, उसने गैस ऑन किया और उस चाकू को गैस पर रख दिया.
उस चाकू को गैस पर रखने के बाद अरमान की गहरी नजरे उस चाकू पर बनी हुई थी. उसने एक बार भी अब पलटकर अश्की की तरफ नहीं देखा था. दूसरी तरफ अश्की भी हैरानी से अरमान की तरफ देख रही थी कि आखिर अरमान करना क्या चाहता है. ऐसे चाकू को गैस पर क्यों रख रहा था? उसे तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था. लेकिन अरमान बात भी तो कुछ नहीं रहा था कि आखिर वह करना क्या चाहता है. इसीलिए अश्की एक बार फिर से आगे की तरफ आई और उससे एक बार फिर से पूछते हुए बोली, बताइए ना मान, अगर कुछ काटना है. कोई सब्जी बनानी है, तो मुझे बता दीजिए. मैं बना दूंगी आपके लिए।
लेकिन अरमान तो ठहरा जिद्दी किस्म का, उसने अभी भी कोई जवाब नहीं दिया. लेकिन अश्की भी नहीं मानी. वह अब अरमान से कभी एक साइड, तो कभी दूसरे साइड जाकर उसे पूरी तरह से Irritate करने में लगी हुई थी. वह बच्चों की तरह पूछ रही थी. बताइए ना मान. क्या खाना चाहेंगे आप? मैं बना देती हूं आपके लिए. मुझे कुछ- कुछ हो रहा है. बताइए ना, प्लीज! प्लीज! प्लीज। अरमान के आगे मिन्नते किए जा रही थी. अब जाकर अरमान ने फ्रस्ट्रेटेड होकर उसे उसके कंधों से पकडा और उसे दीवार से सटाते हुए बोला,
Just shut up, shut up, अगर तुम अब कुछ बोली ना, तो आई स्योर मैं तुम्हें कच्चा खा जाऊंगा. समझी तुम। उसकी बात सुनकर अश्की की आंखें बडी हो गई. वह हैरानी से अरमान की तरफ देखते हुए अगले ही पल बोली, आप सच में मुझे खा जाएंगे? आप नॉनवेज खाते हैं. बाप रे! राम राम राम राम, ऐसा नहीं कहते मान. गंदी बात होती है. पता है, नॉनवेज नहीं खाना चाहिए और एक इंसान को खाना, वह तो महा पाप होता है. राक्षस इंसान को खाते है, आप थोडी हो। उसकी बात सुनकर अरमान की नजरे उस पर गहरी हो गई. अगले ही पल उसने अश्की, जो कि सेल्फ के साथ लगी हुई थी, अब उसने उसके इर्द- गिर्द अपने हाथ रखे और पूरी तरह से उसके ऊपर झुकते हुए बोला, लेकिन मैं खाता हूं।
अरमान की बात सुनकर एक पल के लिए अश्की के पूरी बदन में करंट सा दौड गया. वह अपना लोअर Lip अंदर की तरफ दबाते हुए बोली, खाते होंगे आप नॉनवेज, लेकिन मुझे नहीं खा सकते हैं. मुझे पता है, मुझे खुद पर बहुत गुरुर है। उसके गुरूर वाली बात सुनकर अरमान ने एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठाई. उसकी एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठाना ही अश्की के लिए इशारा काफी था कि अरमान जानना चाहता है कि इसमें गुरुर की बात कौन सी हुई. तभी अश्की उसकी तरह आते हुए बोली, क्योंकि आप मुझे प्यार जो करते है. आप मुझे थोडी खाएंगे। उसकी बात सुनकर अरमान व्यंग्य से हंसा और बोला, किस बहम में जी रही हो तुम।
उसकी बात सुनकर अश्की भी फीका सा मुस्कुराई और बोली, किसी भी वहम में जी रही हो, लेकिन इतना तो जी रही हूं ना कि आप मुझसे प्यार करते हैं। उसकी बात सुनकर एक पल के लिए अरमान का दिल धडक उठा था. लेकिन अरमान ने अब अपने हाथ उसके पास से उठाए और अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमाते हुए बोला, अपनी वहम दूर रखना, क्योंकि अरमान त्रेहान। कहते हुए वो चुप हो गया. लेकिन इससे आगे जो कुछ वह कहना चाहता था, वह अश्की बहुत अच्छी तरह से समझ रही थी. लेकिन उसने भी अब कोई बात नहीं की. वही अरमान ने अब गैस की तरफ देखा, जहां पर चाकू पूरी तरह से लाल पड चुका था.
अब वह गैस के पास गया और अपनी शर्ट को उतार कर साइड पर फेंक दिया. दूसरी तरफ अश्की तो हैरानी से उसकी तरफ देखे जा रही थी. वही अरमान चाकू को उठाकर कुछ देर उसे देखने लगा. वही अश्की भी उसे देखते हुए बोली, आप इस चाकू का क्या करने वाले हैं, मान. अभी वह बोल ही रही थी कि तभी उसकी जोरदार चीख वहां पर गूंज गई, क्योंकि अरमान ने उस चाकू को अपने कंधे में धंसा लिया था. अब अरमान का चेहरा दर्द से कांप रहा था. ऊपर से उसके चेहरे पर पसीने की बूंदे उभर आई थी. उसी के साथ उसके चेहरे और गले की नसे भी बाहर की तरफ दिखाई दे रही थी. जिससे साफ पता चल रहा था कि अरमान को इस वक्त कितनी ज्यादा तकलीफ हो रही थी. उसे यूं देखकर अश्की रोते हुए उसके पास आई और बोली, बस कीजिए मान. आपको दर्द हो रहा है।
वही अरमान अभी भी नहीं रुका. वह लगभग से उस चाकू को अपने कंधे में धसाए जा रहा था. दूसरी तरफ अश्की उसे देखते हुए रोए जा रही थी. उस चाकू को गडा अरमान अपने अंदर रहा था, लेकिन तडप अश्की रही थी. उसे ऐसा लग रहा था, जैसे वह चाकू अरमान को नहीं, अश्की को छलनी कर रहा हो. बस कीजिए मान, Hospital चलते हैं ना. प्लीज, इसे छोड दीजिए। लेकिन अरमान ने उसकी एक नहीं सुनी. देखते ही देखते अरमान ने उस गोली को बाहर की तरफ निकाल लिया. एक पल के लिए अरमान की सिसकी निकल गई थी.
अब जाकर उसने गहरी गहरी सांस भरना शुरू किया, क्योंकि उस चाकू को अपने अंदर तक लेना बहुत मुश्किल था. अगर कोई और होता, तो शायद उसकी चिल्ला चिल्ला कर इस वक्त बुरी हालत हो जाती. लेकिन अरमान ने उफ्फ तक नहीं की थी. यह चीज देखकर अश्की हैरानी से अरमान के चेहरे की तरफ देख रही थी. जो अभी भी अपने दर्द को बर्दाश्त करने की कोशिश कर रहा था. उसे इतना तो पता चल गया था कि अरमान पत्थर दिल तो बहुत है. दूसरी तरफ इतना बेदर्द भी होगा, उसने यह कभी नहीं सोचा था. जिस इंसान ने अपने ऊपर गोली भी खाई और उस गोली को इतनी मुश्किल से खुद ही निकाल लिया, वह इंसान Kiss हद तक चोट खाया होगा. यह तो आज उसे समझ आ गया था. अरमान ने जरूर अंदर से कहीं ज्यादा चोट खाई होगी. जिस वजह से आज अरमान इतना जालिम और पत्थर बन गया था.
उसे यूं तकलीफ बर्दाश्त करता देखकर अश्की को अपने दिल में दर्द उठ रहा था. वही अरमान ने अब एक बार फिर से उस चाकू को दोबारा से गैस पर रख दिया. उसे गैस पर रखता हुआ देखकर अश्की अब रोते हुए उसके गले से लगते हुए बोली, बस कीजिए मान, मैं मर जाऊंगी. ऐसे आपको देखकर मुझे तकलीफ हो रही है। अब अरमान ने उसके बालों को मुट्ठी में भरा और उसके चेहरे को ऊपर की तरफ उठाते हुए बोला, मुझे भी इसी तरह तकलीफ हुई थी, जब तुम मुझे सोता हुआ छोडकर उन लोगों के साथ बाहर गई थी।
तभी अश्की रोते हुए बोली, प्लीज, आई एम सो सॉरी, मैं आज के बाद ऐसा कोई काम नहीं करूंगी। अरमान उसके गालों पर हाथ रखते हुए बोला, तुम करोगी, आई नो that और तुम बहुत जल्द करोगी। उसकी बात सुनकर अश्की ने अपनी नजरें पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका ली, क्योंकि अरमान का वह इशारा बहुत अच्छी तरह से समझ चुकी थी कि अरमान क्यों ऐसी बात कर रहा है. लेकिन वह कर भी क्या सकती थी. वह इंगेजमेंट करना उसकी मजबूरी थी. अब अरमान भी यह चीज जानना चाहता था कि आखिर क्यों वह यह सब कुछ कर रही थी. हालांकि उसे खुद पता था. लेकिन वह अश्की के मुंह से सच सुनना चाहता था. वह चाहता था कि अश्की उससे यह बात खुद बताएं. वह अपने ही ख्यालों में डूबी हुई थी कि तभी अरमान ने उस चाकू को दोबारा से तपा कर उठाया. इस वक्त भी चाकू पूरी तरह से लाल हो गया था. अब उसने दूसरी तरफ जहां पर उसने अश्की के सामने गोली मारी थी, उसमें अंदर की तरफ गडा लिया. जिससे अरमान की एक पल के लिए फिर से वही हालत होने लगी. उसकी नसें अब पहले से भी ज्यादा बाहर की तरफ उभरने लगी.
अब वह और भी ज्यादा दर्द में तडपने लगा. लेकिन मजाल है कि उसने अपने होठों से तकलीफ भरी आह भी निकाली हो. उसकी आंखें हद से ज्यादा लाल हो चुकी थी और पूरे बदन की नसें बाहर की तरफ उभरने लगी थी. उसके पूरे चेहरे पर पसीने की बूंदे उसके गर्दन से होते हुए उसकी चेस्ट पर आ रही थी. जोकि साफ बयां कर रही थी कि इस वक्त उसे कितनी तकलीफ हो रही थी. पर अब उसने पूरी तरह से चाकू को अंदर की तरफ घुसाते हुए थोडा सा टेढा किया. जिससे वह गोली भी बाहर की तरफ निकल गई. एक पल के लिए अरमान की अब जाकर हिम्मत थोडी सी डगमगा गई और उसके मुंह से आह निकल गई. अब उसके कंधे और उस जगह से खून बहने लगा. एक बार फिर से अश्की, जो कि अपनी जगह पर खडी- खडी कांप रही थी, उसे अरमान को इस तरह से देखकर जोर से तेजी से चक्कर आने लगे. देखते ही देखते वह बेहोश होकर वहां पर गिरने को हुई कि तभी अरमान ने उसे अपनी बाहों में संभाल लिया. जिस तरह से बेहोश होकर वहां पर गिरने को हुई थी, इससे साफ पता चल रहा था कि उसका दिल कितना नाजुक होगा. वह इस तरह से चीजों को तो देख ही नहीं सकती थी. आज जिस तरह से अरमान उसके सामने यह चीज कर रहा था, उसका दिल कलेजे से बाहर आने को फिर रहा था. इस वक्त अश्की उसकी बाहों में बेजान सी झूल रही थी और अरमान उसे
गहरी नजरों से देख रहा था.
To be continue.





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