
होटल पैराडाइज,
आदर्श के चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल थी, क्योंकि उसकी उंगलियां ध्वनि की पूसी पर थी। उसे अपनी उंगलियों पर गीलापन साफ महसूस हो रहा था। जिसका मतलब साफ था कि ध्वनि आदर्श के लिए वेट फील कर रही थी। अब उसने अपनी उंगलियां उसकी पूसी पर मसलते हुए उन्हें हल्का सा पीछे की तरफ लिया। उसकी उंगली पर लगी हुई वेटनेस को देखकर उसने ध्वनि की तरफ देखा, जोकि पूरी तरह से मदहोश होकर अब उसकी तरफ देख रही थी। लेकिन जैसे ही ध्वनि की नजर उसकी उंगलियों पर गई, ध्वनि का पूरा चेहरा लाल पड़ गया। क्योंकि ध्वनि की वेटनेस आदर्श की उंगलियों पर लग चुकी थी और उसकी उंगलियों पर चमकती हुई वह वेटनेस ध्वनि को साफ दिखाई दे रही थी।
आदर्श अब अपना लोअर लिप अंदर की तरफ दबाते हुए उसने अपनी जीभ को बाहर निकाला और अपनी उंगलियों पर लगी हुई वेटनेस को चाटने लगा। जिस तरह से उस वेटनस को वह चाट रहा था, एक पल के लिए ध्वनि उसकी तरफ देखते ही रह गई। उसे अपने पूरे बदन में करंट सा दौड़ता वह महसूस हो रहा था। लेकिन आदर्श तो अपनी ही धुन में उसकी वेटनेस को चाट रहा था। अब उसने उसकी पुसी की तरफ देखा, जिसकी लेयर्स हल्की-हल्की बाहर की तरफ आई हुई थी। उसने अब उसकी पुसी के लिप्स पर दो फिंगर रखी, जिस वजह से उसकी लेयर्स और भी ऊपर की तरफ उभरते हुए बाहर की तरफ आ गई। अंदर की पिंक पिंक लेयर्स को देखकर आदर्श ने अपने होठों पर उंगली घुमाई और उस पर अपना चेहरा नजदीक ले जाते हुए उसने एक नजर ध्वनि को देखा, जिसकी सांसे हद से ज्यादा गहरी चल रही थी।
आदर्श उसकी तरफ देखते हुए बोला, "हमेशा मेरी वाइल्ड नेस देखती आई होना, तो चलो आज मैं तुम्हें अपना सॉफ्ट साइड दिखाता हूं।" उसकी बात सुनकर ध्वनि ने उसकी आंखों में देखा, जैसे कुछ ढूंढने की कोशिश कर रही थी। दोनों की नजरे आपस में मिली हुई थी, लेकिन अब दोनों में से कोई कुछ बोल नहीं रहा था। ध्वनि तो इस कदर उसकी आंखों में देख रही थी कि मानो उसे कुछ मिल ही जाएगा। लेकिन जब कुछ देर कुछ नहीं मिला, तो अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमाते हुए बोली, "जिसकी कभी कोई सॉफ्ट साइड रही ही नहीं, वह मुझे क्या सॉफ्ट होकर दिखाएगा। जो हो ही पत्थर का, उसके अंदर सॉफ्ट कहां से आएगा।"
इतना कहते हुए ध्वनि की आंखों में नमी उतर आई थी। वही आदर्श उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, "मतलब अगर मैं तुमसे प्यार से बात कर रहा हूं , तो क्या तुम करने नहीं दोगी?" तभी ध्वनि ने उसकी तरफ देखा और गहरी सांस लेकर बोली, "आप प्यार से बात करते ही कब है, आपको तो आती ही जबरदस्ती है।" ध्वनि की बात पर आदर्श के जबड़े कसने लगे थे। लेकिन वह अपने गुस्से को दरकिनार कर अपने चेहरे पर एक तिरछी मुस्कुराहट लाते हुए बोला, "जैसा तुम्हें ठीक लगे। लेकिन फिलहाल के लिए मेरा मूड कुछ और कर रहा है। मैं तुम्हारी बातों को अपने दिल पर नहीं लेने वाला, बिकॉज आज मुझे बहुत दिनों बाद तुम्हें प्यार करने का मौका मिलने वाला है और आज मेरा भी दिल है कि मैं तुम्हारे साथ जेंटल रहूं।"
आदर्श की बात सुनकर ध्वनि चुपचाप उसकी तरफ देखती रही, लेकिन अब उसने कुछ नहीं कहा। वहीं आदर्श की नजर अब एक बार फिर से उसकी पुसी पर पड़ी, जिसकी लेयर्स बाहर की तरफ आई हुई थी। अब वह उसके ऊपर झुका और अपना एक अंगूठा दूसरे हाथ का उसके ऊपर से ले जाकर उसने उसके क्लीटोरिस पर गोल-गोल घुमाना शुरू कर दिया। जिस वजह से उसके क्लीटोरिस में गुदगुदी सी महसूस होने लगी। जैसे-जैसे उसका अंगूठा रगड़ खा रहा था, वैसे-वैसे ध्वनि की सांसे गहरी होने लगी थी।
बढ़ते पल के साथ उसका दिल जोरो से धक-धक करने लगा था और पकड़ ब्लैंकेट पर कसती जा रही थी। वही आदर्श अब पूरी तरह से उसकी पुसी पर झुका और अपनी जीभ बाहर की तरफ निकालते हुए उसने अपनी जीभ को उसकी पूसी पर चलाना शुरु कर दिया। जैसे-जैसे वह अपनी जीभ उसकी पुसी पर चला रहा था, वैसे-वैसे ध्वनि का पेट अंदर की तरफ धंस रहा था। आदर्श ने अब अपनी पूरी जीभ बाहर की तरफ निकाली और एक ही झटके से उसकी पुसी पर अपनी जीभ को पूरी तरह से ऊपर की तरफ ले जाते हुए उसकी पूरी pussy को चाट लिया।
जिस तरह से आदर्श ने उसकी पुसी को चाटा था, एक पल के लिए ध्वनि उसकी तरफ देखते ही रह गई थी। क्योंकि उसके दिल की धड़कन इतनी ज्यादा तेज हो चुकी थी कि उसे समझ में ही नहीं आ रहा था। वही आदर्श, जो कि उसकी पुसी पर पूरी तरह से झुके हुए उसकी पुसी को चाट रहा था, अब वह सीधा होकर बैठा। अभी भी उसकी बॉडी पर कोई कपड़ा नहीं था। उसका डिक पूरी तरह से रिएक्टिंग मोड पर था। उसने अपनी पैंट कब की उतार दी थी, जोकि ध्वनि को भी नहीं पता चली थी कि कब आदर्श के बदन से उतरकर नीचे जमीन पर गिरी पड़ी थी। अब उसका लॉन्ग मोटा डिक ध्वनि के सामने था, जिसे देखकर एक पल के लिए ध्वनि की सांस रुक सी गई थी।
वह लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली, "रुक जाइए, मुझे मुझे वॉशरूम जाना है।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी आदर्श उसके ऊपर आया और अगले ही पल उसने अपना dick उसकी pussy पर सेट किया। फिर इतनी तेजी से उसके अंदर थ्रस्ट किया कि एक पल के लिए ध्वनि की चीख निकल गई। दर्द से एक पल के लिए उसकी आंखों में आंसू आ गए। उसे ऐसा लगा था, जैसे वह अपने बाथरूम पर कंट्रोल ही नहीं कर पाएगी और शायद बेड पर ही उसका पी हो जाएगा। लेकिन बड़ी मुश्किल से उसने अपनी pee को कंट्रोल किया था।
ध्वनि रोते हुए बोली, "प्लीज, इसे बाहर निकलिए, मुझे बाथरूम यूज़ करने जाना है।" उसकी बात पर आदर्श ने अब उसके चेहरे की तरफ देखा और कुछ देर चुपचाप देखता रहा। फिर उसने ध्वनि की पुसी की तरफ देखा, जिसकी लेयर्स उसका dick अंदर की होने की वजह से पूरी तरह से खुल चुकी थी। अब उसके चेहरे पर डेविल स्माइल उतर आई थी। उसकी डेविल स्माइल को देखकर ध्वनि की आंखें बड़ी हो गई थी। इसका मतलब साफ था कि अब आदर्श नहीं रुकने वाला और वही बात हुई। आदर्श ने उसके अंदर खुद को इतनी जोर से स्टॉक किया कि एक पल के लिए ध्वनि की चीख दोबारा से निकल चुकी थी। क्योंकि जिस तरह से उसने स्टॉक किया था, ध्वनि पता नहीं कब तक खुद को रोक पाती। वह चिल्लाते हुए बोली, "मुझे पी आया है और मुझे वॉशरूम जाना है।"
उसकी बात पर आदर्श उसकी आंखों में देखते हुए गहरी आवाज में बोला, "तो कर दो ना, किसने मना किया है। मेरे ऊपर कर दो। मैं चाहता हूं कि मेरे ऊपर पी करो।" इतना कहते हुए उसने अब ध्वनि को अपने ऊपर बिठा लिया और खुद बेड पर लेट गया। वहीं ध्वनि तो बस उसकी तरफ देखते ही रह गई। इस वक्त उसका दिल जिस तरह से कांप रहा था, वही जानती थी कि वह किस तरह खुद को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी। उसकी अंतड़िया अंदर ही अंदर सिकुड़ रही थी। अब वह आदर्श की तरफ देख कर दांत पीसकर बोली, "यह क्या हरकत है, ऐसे कोई बेड पर बाथरूम करता है क्या और मैं आपके ऊपर बाथरूम क्यों करूं? इतनी गंदी हरकत मैं नहीं कर सकती।" उसकी बात पर आदर्श उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, "अगर तुमने खुद नहीं किया, तो मैं तुम्हारे ऊपर जाकर जिस तरह से तुम्हारा पी निकलेगा ना, तो वह तुम्हें बर्दाश्त नहीं होगा। वह इतना दर्दनाक होगा ना, तुम्हारा पी क्या तुम्हारे पूरे शरीर का पानी निकलेगा।"
आदर्श की बात सुनकर ध्वनि उसकी तरफ देखते ही रह गई, लेकिन अब उसके पास कोई ऑप्शन नहीं था। अगर आदर्श खुद आता, तो वह जानती थी कि उसे कितना दर्द होने वाला था। इसीलिए उसने खुद को ढीला छोड़ दिया और किसी तरह रिलैक्स होकर उसके ऊपर ही करने को हुई थी कि तभी आदर्श गहरी डोमिनेटिंग आवाज में बोला, "स्टॉप, ऐसे नहीं।" जैसे ही उसने यह बात कही, ध्वनि ने अपना शरीर फिर से कस लिया और हैरानी से आदर्श की तरफ देखने लगी। वही आदर्श अब उसे देखते हुए बेहद दिलकश आवाज में बोला, "खुद को मूव करो और साथ ही साथ मेरे ऊपर पी करो।"
उसकी बात सुनकर ध्वनि हैरानी से आदर्श की तरफ देख रही थी। वह अब आदर्श की तरफ देखते हुए बोली, "लेकिन मुझे ऐसी हरकत नहीं करनी आती। मैंने कभी ऐसा।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी आदर्श बोला, "लगता है, तुम्हें मेरी बात सुनाई नहीं दी। चलो कोई बात नहीं, मैं ही ऊपर आ जाता हूं।" जैसे ही उसने यह बात कही, ध्वनि जल्दी से बोली, "नहीं नहीं, मैं करती हूं, मैं करती हूं।" ध्वनि की बात पर आदर्श के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई। वह एक बार फिर से वह रिलैक्स होकर लेट गया। लेकिन अब उसकी नजर ध्वनि के होठों पर थी और अब उसने अपना हाथ ध्वनि के गाल पर रखा। वही ध्वनि अब अपने घुटनों के बल बैठी और उसके डिक, जो कि पहले से ही उसकी pussy के अंदर था, उस पर हल्का-हल्का मूव करने लगी।
जैसे-जैसे आदर्श का डिक उसके अंदर मूव हो रहा था, वैसे-वैसे उसको अपनी पुसी में और भी ज्यादा सेंशन हो रही थी, क्योंकि एक तो उसको बाथरूम आया था और दूसरा उसकी टाइटनेस बढ़ गई थी बाथरूम आने से। जिसे महसूस कर आदर्श को हद से ज्यादा मजा आ रहा था। वह अब गहरी आवाज में बोला,
"Ohhh तुम्हारी यह पूसी...,
यह मेरे अंदर से मेरी जान नहीं छोड़ रही है। जिस तरह से इतनी टाइट नजर आ रही है। Move yourself fastly." जैसे ही आदर्श ने यह बात कही, ध्वनि हैरानी से उसकी तरफ देखते हुए बोली, "लेकिन मुझसे इतना ही होगा, बिकॉज मुझे दर्द हो रहा है, मुझे..।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी आदर्श उसके गाल को सहलाते हुए बोला, "तुम करोगी और अपनी जरूरत के लिए करोगी।
अगर मैं करने पर आऊंगा, तो तुम्हारी हालत खराब हो जाएगी। यू नो व्हाट आई मीन।" इतना कहते हुए आदर्श की नजरे उस पर गहरी हो चुकी थी। वहीं ध्वनि ने अपना सलाइवा गटका और खुद में ही बड़बड़ाई, "मै कहां पर पहुंच गई?" कहते हुए उसका चेहरा पूरी तरह से रोने वाला हो चुका था। वही आदर्श उसे डेविल नजरों से देख रहा था। ध्वनि एक बार फिर से खुद को उसके ऊपर मूव करते हुए खुद के पी करने पर कंट्रोल कर रही थी। जिसे देखकर आदर्श बोला, "कितनी देर कंट्रोल करोगी, उसे ढीला छोड़ दो और खुद को मूव करती रहो। हो जाने दो, जो होता है।" इतना कहते हुए उसने ध्वनि के चेहरे की तरफ देखा।
उसकी आंखें कसकर बंद हो चुकी थी और खुद को लगातार मूव कर रही थी। जिस तरह से जोर-जोर से वह अब मूव करने लगी थी, वाकई में कुछ ही देर में उसका पी निकलने वाला था। और ऐसा ही हुआ, जैसे ही उसका पी निकलने को हुआ कि ध्वनि जोरो जोरो से चीखने लगी। आदर्श जिसे अपनी लोअर बॉडी पर गीला गीला महसूस हो रहा था, उसके चेहरे पर विनिंग स्माइल आ गई। उसे सुकून महसूस हो रहा था। ध्वनि, जिसने उसकी लोअर बॉडी पर सूसू कर दिया था और साथ ही साथ में उसका सीमन भी हो गया था, क्योंकि वह काफी देर से आदर्श के ऊपर खुद को मूव कर रही थी। अब तक वह पूरी तरह से आदर्श के ऊपर खाली हो चुकी थी। यह चीज देख आदर्श के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई। उसने ध्वनि को नीचे की तरफ लेटाया और खुद उसके ऊपर आकर हार्डली उसने एक ही झटके से स्टॉक किया। जिससे ध्वनि की चीख उस कमरे में गूंज गई।
तभी साइड में रखा हुआ आदर्श का फोन रिंग करने लगा। अपने फोन को देखकर एक पल के लिए आदर्श का चेहरा काला पड़ गया, क्योंकि उस पर उसके पर्सनल असिस्टेंट का कॉल आ रहा था। उसने पहले ही अपने पर्सनल असिस्टेंट को मना किया था कि वह उसके पर्सनल मोमेंट्स में तंग नहीं करेगा। अब इस तरह से असिस्टेंट का कॉल आते देख आदर्श के चेहरे पर गुस्सा झलकने लगा था। लेकिन कुछ सोचते हुए उसने ध्वनि की तरफ देखा और खुद को देखा, जो अभी भी ध्वनि के अंदर ही था। ऐसे ही उसने फोन उठाया और अगले ही पल उसके असिस्टेंट ने जो आगे से कहा, उसे सुनकर आदर्श का चेहरा कंपनी लगा। उसने उस फोन को उठाकर जमीन पर पटक दिया। दूसरे ही पल, ध्वनि के चेहरे पर एक जोरदार तमाचा जड़ दिया।
वही ध्वनि, जोकि बेड पर लेटी हुई थी, उसका चेहरा पूरी तरह से कांप गया और आंखे हैरत से फैल गई।
To be continue...





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