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Hath tod dungi

पहाडी पर,

जिस तरह से अश्की सामने खडी हंसिका को बोल रही थी, वह चीज देखकर अरमान ने भी हैरानी से उसी की तरफ देखा. लेकिन अगले ही पल उसे खुशी भी हो रही थी कि कहीं ना कहीं अश्की थोडा तो स्ट्रांग बनी. कुछ ही देर में अश्की ने हंसिका की पूरी तरह से वाट लगा कर रख दी थी. वही हंसिका तो अपनी फटी हुई आंखों से अश्की का यह रूप देख रही थी. दूसरी तरफ गौरव का भी यही हाल था. अभी- अभी हंसिका ने अश्की पर हाथ उठाने की भी कोशिश की थी, लेकिन अश्की ने उसका हाथ बीच में ही रोक दिया था.

अभी उन दोनों की बहस चल ही रही थी कि तभी पीछे से एक गन फायर की आवाज आई. उस आवाज को सुनते ही सबकी आंखें फटी की फटी रह गई, लेकिन हंसिका के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी. दूसरी तरफ अश्की का तो दिल कांप उठा था. इस वक्त चाहे उसका चेहरा हंसिका की तरफ था, लेकिन वह इतना समझ चुकी थी कि गोली की आवाज पीछे अरमान की तरफ से आई थी. उस आवाज को सुनकर अश्की का दिल धडकने से इनकार करने लगा था. ऊपर से वह हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी कि पलट कर अरमान की तरफ देख सके. लेकिन किसी तरह हिम्मत करके अपने दिल को संभालते हुए उसने कांपते हुए पीछे की तरफ देखा, तो उसकी आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे.

क्योंकि पीछे गौरव ने अरमान के ऊपर गोली चलाई थी और गोली अरमान के कंधे में आकर लगी थी और उसके कंधे से खून का फव्वारा छूट पडा था. यह चीज देखकर अश्की के हाथ पैर ठंडे पड चुके थे. एक पल के लिए उसे ऐसा लगा, जैसे अभी उसकी सांसे ही रुक जाएगी. वह लडखडाती हुई आवाज से बोली, खून.

खून. खून.

इतना कहते हुए वह लगभग से वहां पर चिल्लाने लगी थी. उसकी आंखों से आंसू लबालब बहे जा रहे थे. वहीं दूसरी तरफ अरमान, जिसके कंधे पर गोली लगी थी, उसके चेहरे पर अभी भी कोई भी एक्सप्रेशन नहीं थे. जैसे मानो उसे कोई खास फर्क ही ना पडा हो और रोहित, रोहित भी आंखें फाडे अरमान को ही देखे जा रहा था. अगर अरमान चाहता, तो यह गोली उसे कभी न लगती. लेकिन ऐसा लग रहा था कि अरमान ने जानबूझकर यह गोली अपने कंधे पर ली थी. क्योंकि गौरव ने जिस हिसाब से गोली चलाई थी, उस हिसाब से अरमान को गोली तो लग ही नहीं सकती थी. गोली तो सीधा अश्की को लगती थी.

फिर भी अगर अरमान चाहता, तो उस गोली को ना अश्की को लगने दे सकता था, ना ही अरमान को. आखिर अरमान चाहता क्या था? आखिर क्यों उसने अपने कंधे पर गोली खाई थी? यह चीज सोच कर रोहित का दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था. वह अरमान की तरफ बढने को हुआ कि तभी अरमान ने उसे हाथ दिखाकर रोक दिया. वहीं दूसरी तरफ गौरव को अरमान के आदमियों ने पूरी तरह से नील डाउन करके पीछे से घेर लिया था. इस वक्त गौरव के सिर के ऊपर गन पॉइंट की गई थी. अब तो गौरव का जो हाल होने वाला था, वह तो भगवान भी उसे नहीं बचा सकता था. दूसरी तरफ अरमान की नजरे इस वक्त अश्की के चेहरे पर टिकी हुई थी. जिसकी आंखों से आंसू तेजी से बह रहे थे. वह रोते हुए अरमान के पास आई और लगभग से अरमान के कंधे के पास उसके सीने पर हाथ रखते हुए रोते हुए बोली, आपको गोली लगी है, मान.

चलिए, चलिए, आपको डॉक्टर के पास जाना होगा, चलिए मान। इतना कहते हुए उसने दूसरे हाथ को लगभग से पकड लिया था. लेकिन अरमान वहां से हिला तक नहीं था. वह अभी एक्सप्रेशन लेस होकर अश्की को देख रहा था. जैसे ही अश्की ने एक कदम आगे की तरफ बढाया और जब अरमान उसके साथ नहीं चला, तो उसने पलट कर हैरानी से अरमान की तरफ देखा. जो अब भी उसे ही देखे जा रहा था. अब जाकर अश्की को एहसास हुआ कि अरमान ऐसा क्यों कर रहा है. वह रोते हुए बोली, प्लीज, इस वक्त मेरे साथ चलिए. आपको गोली लगी है. मान, मानती हूं मुझसे गलती हुई. मुझे आपको बता कर जाना चाहिए था. लेकिन मैं क्या करती, मेरी मजबूरी थी उनके साथ जाना। अरमान ने अभी भी अपने कदम आगे की तरफ नहीं बढाए. वह बस चुपचाप वहीं पर खडा रहा. दूसरी तरफ रोहित अब गौरव को वहां से लेकर जाने को हुआ कि तभी अरमान ने उसकी तरफ देखकर कुछ इशारा किया, तो रोहित ने हां में सिर हिला दिया. अब वह अरमान के कुछ आदमी हंसिका की तरफ भी बढ गए थे. वही हंसिका तो हैरानी से अरमान की तरफ ही देखने लगी. वह चिल्लाते हुए बोली, यह तुम क्या कर रहे हो, अरमान? पागल हो गए हो क्या? अभी तुमने मुझे प्रपोज किया और अब तुम मुझे इस तरह से रखोगे.

प्लीज, मैंने बहुत ख्वाब देखे हैं तुम्हारे साथ रहने के, ऐसा मत करो अरमान, प्लीज। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान के एक आदमी ने पूरी तरह से हंसिका के हाथ को पूरी तरह से मरोडते हुए पीछे की तरफ खींचना शुरू किया. इस वक्त हंसिका को उसके गार्ड्स से दबोचा हुआ था, जिस वजह से अब हंसिका ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी. अब जो इन दोनों का हाल होने वाला था, वह तो अब अरमान ही जाने. देखते ही देखते रोहित उन दोनों को वहां से लेकर जा चुका था. अब शिवाय अरमान और अश्की के वहां पर कोई नहीं था.

इस वक्त अश्की की आंखों से आंसू तेजी से बह रहे थे. वह रोते हुए ही अरमान के आगे गिडगिडा रही थी. लेकिन अरमान के चेहरे पर भाव रत्ती भर भी बदले नहीं थे. उसका चेहरा ज्यों का त्यों एक्सप्रेशन लेस ही था. ना वह अपनी जगह से हिल रहा था. अब अश्की लगभग से उसके पास आई और उसके गाल पर हाथ रखते हुए बोली, प्लीज, मुझे माफ कर दीजिए, मान.

मैं जानती हूं, आप मुझे पनिशमेंट देने के लिए यह सब कुछ कर रहे हैं. लेकिन प्लीज, यह पनिशमेंट का टाइम नहीं है. आपके हाथ से खून बह रहा है। इतना कहते हुए वह अरमान के कंधे की तरफ देखने लगी, जहां से अभी भी खून बह रहा था. कुछ खून थोडा- थोडा साइड में जम चुका था. लेकिन अरमान को तो जैसे इस चीज से कोई फर्क ही नहीं पडता था. अब उसने अपने हाथ से बैक में से गन निकाली और लगभग से उसी हाथ पर दोबारा से पॉइंट कर दी.

अरमान को ऐसा करते देखा अश्की की रूह कांप उठी थी. उसे ऐसा लग रहा था, जैसे दिल की धडकन ने उसका साथ छोड दिया. वह रोते हुए बोली, नहीं प्लीज, नो मान, अब नहीं। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी वहां पर एक बार फिर से गन शॉट हुआ और अश्की जोरों से चिल्लाई.

" नाहीईई.

उसकी आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे. अब वह लगभग से घुटनों के बल बैठते हुए बोली, माफ कर दीजिए मुझे मान. मैं नहीं जाऊंगी आज के बाद आपको बिना बताए. खुद को चोट पहुंचाना बंद कीजिए. आप जानते है, अगर आपको इतनी सी भी खरोच लगती है, तो मेरी जान निकल जाती है. अब तो आप मुझे जीते जी मार रहे हैं। उसको घुटनों के बा? ल बैठा हुआ देखकर अरमान के हाथों से गन पर पकड ढीली हो गई. अगले ही पल उसने गन को छोड दिया. लेकिन उसने अब अश्की की तरफ नहीं देखा. अब वह गाडी की तरफ बढ गया.

उसने अश्की को कुछ नहीं कहा. इस वक्त वह अश्की से बेहद नाराज था. यह बात तो अश्की समझ चुकी थी और अब उसे अरमान का गुस्सा ठंडा करना था और वह कैसे करना था, वह तो वक्त ही बताने वाला था. देखते ही देखते अरमान गाडी में बैठा हुआ था और गाडी में बैठा हुआ अश्की के गाडी में आने का इंतजार कर रहा था. दूसरी तरफ अश्की अभी भी वैसे ही बैठी थी. उसे अपने दिल में इतना ज्यादा दर्द हो रहा था कि उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. एक तो वह अरमान के इतने करीब नहीं जा सकती थी और दूसरा अरमान ने खुद को घायल कर लिया था. वह भी इस कारण से कि वह अरमान को छोडकर उसको पूछे बिना बाहर गई थी.

अगर अरमान का अभी से यह हाल था, जब अश्की की इंगेजमेंट होगी, तो वह क्या करने वाला था. यही सोच सोच के अब अश्की का दिमाग खराब हुए जा रहा था. कुछ घंटे की दूरी तो अरमान से बर्दाश्त हुई नहीं थी. वह तो इनफैक्ट खुद यह इरादा बना रही थी कि उसे घर छोडकर जाना है. लेकिन अब उसने वह इरादा बदल दिया था. अरमान का गुस्सा देखकर अब किसी तरह उसने अपने आंसुओं को पोंछा और अपनी जगह से खडे होकर अरमान के साथ बैक सीट पर बैठ गई.

अरमान, जैसे ही अश्की गाडी में बैठी, उसने अपना फोन हाथों में लिया और अपनी नजरें फोन में कर दी. उसने एक नजर भी अश्की की तरफ नहीं देखा. यह चीज देखकर अश्की को अपने दिल में टीस उठती हुई महसूस होने लगी. अब एक बार फिर से उसकी आंखों में नमी उतर आई थी, क्योंकि अरमान उसे पूरी तरह से इग्नोर कर रहा था. वही अरमान लगभग से अपना फोन चलाते हुए एक साइड होकर बैठा था. उसका एक हाथ गाडी की सीट पर था. अभी भी उसके कंधे से खून वैसे ही बह रहा था और गोली उसके कंधे में अटकी पडी थी. उस गोली को देखकर अश्की का दिल बुरी तरह से जल रहा था. उसकी आंखों से आंसू बार- बार बहते चले जा रहे थे. लेकिन किसी तरह खुद को समझाते हुए अश्की ने उसके हाथ को सीट पर देखकर अश्की ने अपना हाथ उसके हाथ पर रखना चाहा, लेकिन अगले ही पल अरमान ने अपना हाथ पीछे की तरफ खींच लिया.

एक बार फिर से यह चीज देखकर अश्की का दिल टुकडों में छलनी हो गया. अब अरमान उसे सच में हर्ट कर रहा था. यह बात वह समझ चुकी थी कि अब अरमान की नाराजगी मामूली नहीं होने वाली थी. अब उसे मनाना बहुत ज्यादा मुश्किल होने वाला था. देखते ही देखते उनकी गाडी त्रेहान फॉर्महाउस के आगे आकर रुकी. गाडी को त्रेहान फार्म हाउस के आगे रुकता देख अश्की हैरानी से बगल में बैठे हुए अरमान की तरफ देखने लग, क्योंकि उसे यही उम्मीद थी कि अरमान उसे Hospital लेकर जा रहा है. लेकिन अरमान ने तो अपनी गाडी त्रेहान फार्म हाउस ले आया था. यह चीज उसे और भी ज्यादा तकलीफ दे रही थी कि अरमान खुद को ही चोट पहुंचा रहा था गुस्से में आकर. वही अरमान अब उसे बिना देखे ही गाडी से उतरा और अंदर की तरफ चला गया. उसने एक बार भी अश्की को अंदर आने के लिए नहीं कहा या फिर उसकी तरफ का दरवाजा खोला हो.

अरमान की इतनी ज्यादा रुडनेस देखकर अश्की का दिल बार- बार टुकडों में बिखरते जा रहा था. लेकिन अश्की अब उसे समेट नहीं पा रही थी, क्योंकि अब उसे खुद को संभालना था और साथ में अरमान के गुस्से को भी. कुछ ही सेकंड में वह गाडी से बाहर निकली और अपने कदम उसने अंदर की तरफ बढा दिए. अश्की ने अपना पूरा चेहरा नीचे की तरफ झुका रखा था. उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी कि अपना सिर उठाकर सामने की तरफ देख ले. कुछ ही देर में वह फार्म हाउस के अंदर पहुंची और सामने का नजारा देखकर उसका दिल जैसे तडप उठा. क्योंकि सामने अरमान बैठा हुआ था और अरमान के बगल में ही प्रियंका, जो कि पहले ही वहां पर मौजूद थी. वह वहीं पर बैठी हुई थी और अब अरमान भी उसके बगल में बैठा सिगरेट के लंबे कश भरते हुए. अब जाकर उसकी नजर अश्की पर आई थी. वह अश्की के एक्सप्रेशन देखना चाहता था.

जो कि उसके चेहरे पर से साफ दिखाई दे रहे थे. वहां पर प्रियंका को देख कर अश्की Kiss तरह जल उठी थी, यह तो उसके चेहरे पर ही साफ पता चल रहा था. लेकिन फिलहाल वह कुछ नहीं कर सकती थी, क्योंकि उसके हिसाब से तो अभी अरमान प्रियंका से शादी करने वाला था. यह चीज उसे बहुत ज्यादा हर्ट भी कर रही थी. उसकी आंखों में नमी उतर आई थी. अब वह अंदर की तरफ आने को हुई कि तभी प्रियंका उसे रोकने हुए बोली, एक मिनट, तुम यहां पर क्या कर रही हो? उसने पलट कर अरमान की तरफ देखा और बोली, अरमान, तुम लेकर आए हो इसे यहां पर?

अरमान बडे आराम से अपना सिर सोफे के रेस्ट पर लगाते हुए अपनी आंखें बंद करते हुए अभी भी सिगरेट के लंबे कश भरे जा रहा था. उसे तो जैसे प्रियंका से कोई लेना- देना ही नहीं था कि अभी प्रियंका ने उससे क्या पूछा, क्या नहीं. उसने कोई भी जवाब नहीं दिया था. प्रियंका दांत पीसते हुए बोली, अरमान, this is not fair.

मैं यहां पर हमारे पर्सनल मोमेंट्स बनाने आई थी और तुमने इस लडकी को यहां पर बुला लिया. क्या सोचकर तुम्हें यहां पर बुलाया इस लडकी को? सीरियसली, अगर मुझसे इंगेजमेंट करोगे, तो क्या मैं तुम्हारे साथ टाइम नहीं स्पेंड कर सकती। प्रियंका लगभग से बोले जा रही थी, लेकिन अरमान तो जैसे फुली अपने मजे में सिगरेट पीने में लगा हुआ था. जब अरमान ने आगे से कोई जवाब नहीं दिया, प्रियंका फ्रस्ट्रेटेड होकर बोली, ओके फाइन, तुम्हें जो करना है, करो. लेकिन मैं इस लडकी को यहां से निकाल रही हूं. यह त्रेहान पैलेस जाएगी, यहां पर नहीं रहेगी।

उसकी बात पर अभी भी अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया, तो प्रियंका अब अपनी नजरे उठाकर अश्की की तरफ देखने लगी. जिसकी आंखें हैरत से फैल चुकी थी, क्योंकि अरमान खुद यहां पर उसे लेकर आया था. ऐसे कैसे अरमान उसे वहां से निकाल सकता था. अगर उसे इतना ही था, तो उसे त्रेहान फार्म हाउस लेकर ही ना आता और अब वह Kiss तरह से आराम से बैठा हुआ था और प्रियंका से उसे निकलवा रहा था. यह बात तो अरमान की भी गलत थी. वही अश्की की नजर तो अभी भी उसके कंधे पर बनी हुई थी, जहां से खून बह रहा था. दूसरी तरफ प्रियंका अब उसके पास आई और उसके हाथ को लगभग से पकडते हुए खींचने को हुई. तभी अश्की ने अपना हाथ उससे छुडाते हुए बोली, तुम्हें मुझे खींचकर बाहर निकालने की पडी है. एक बार भी तुमने मान. की तरफ देखा है कि उनकी क्या हालत है।

उसकी बात पर प्रियंका हैरानी से उसकी तरफ देखते हुए बोली, क्या हालत है उसकी, इतनी सी गोलियां उसे लगती रहती हैं. ज्यादा ना चतुर चालाक बनने की कोशिश मत करो. तुम्हारी भी इंगेजमेंट होने वाली है ना, तो प्लीज, मेरे अरमान पर डोरे डालने बंद करो। इतना कहकर वह एक बार फिर से उसका हाथ पकडने को हुई कि तभी अश्की उसका हाथ पकडते हुए बोली, अगर अब तुमने मेरा हाथ पकडा ना, तो कसम से तुम्हारा हाथ तोड दूंगी। अश्की की बात सुनकर प्रियंका तो बस उसकी तरफ देखते ही रह गई.

दूसरी तरफ को अरमान, जिसका सिर अभी भी सोफे रेस्ट पर पडा हुआ था, उसके चेहरे पर अब छोटी सी हल्की सी ना दिखने वाली मुस्कराहट तैर गई, जो कि किसी ने नहीं देखी. अगर शायद अश्की देख लेती, तो उसकी दीवानी तो वह पहले ही थी, अब तो वह पूरी तरह से उसके इश्क में मर मिट जाती. लेकिन अब वह प्रियंका की तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोली, और मुझे रोकने की कोशिश मत करना। इतना कहते हुए वह लगभग से अरमान की तरफ आई. अब तक अरमान ने अपनी आंखें खोल ली थी. अगले ही पल अश्की पूरी तरह से अरमान के ऊपर झुकी और यह चीज देखकर अरमान

की भी आंखें हैरत से फैल चुकी थी.

To be continue.

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