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Nipple liking 🔞🔞

होटल पैराडाइज,

आदर्श इस वक्त ध्वनि के गले पर झुका हुआ था। काफी देर बाद ध्वनि आज उसे महसूस कर रही थी। एक पल के लिए ध्वनि के शरीर के पूरे रोंगटे खड़े हो गए थे और उसका दिल तेजी से धड़क रहा था। इस बात से तो वह इंकार नहीं कर पा रही थी कि आज कितने दिनों बाद आदर्श के पास आने से उसके दिल की धड़कनों ने जैसे रफ्तार पकड़ ली थी। भले ही वह आदर्श से नफरत करती थी, पर क्या उसके दिल में फीलिंग थी? यह बात उसे खुद भी समझ नहीं आ रही थी। जिस तरह से आज आदर्श उसकी गर्दन को चूम रहा था, ध्वनि ने ब्लैंकेट को कसकर पकड़ लिया था।

उसकी सांसों का तूफान उसके सीने में उमड़ने लगा था। इस वक्त वह पूरी तरह से नेक्ड थी। उसके बूब्स पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ रहे थे। वही आदर्श, जो कि उसकी गर्दन को चूम रहा था, उसकी नज़रें ध्वनि के एस पर थी। आदर्श भी आज ध्वनि के साथ काफी हद तक सॉफ्ट था। हमेशा ही आदर्श ध्वनि के साथ वाइल्ड करता था, जब भी करता था। लेकिन काफी देर दूर रहने के बाद आज आदर्श जिस तरह से ध्वनि के साथ किस कर रहा था और पिछली नाइट जिस तरह से आदर्श उसके साथ इंटीमेट हुआ था, वह काफी ज्यादा ब्रूटल था। लेकिन आज बहुत ज्यादा सॉफ्ट होने पर भी ध्वनि को हैरानी हो रही थी, क्योंकि आदर्श ऐसा था ही नहीं।

वह तो हमेशा इंटिमेसी टाइम बहुत ज्यादा वाइल्ड रहा करता था। आज आदर्श जैसे कोई और ही था। आदर्श अब अपने होठों से उसके गले को चुमते हुए नीचे की तरफ जा रहा था। नीचे जाते हुए उसकी नज़रें अब ध्वनि के boobs पर आकर रूक चुकी थी। उसने एक नजर ध्वनि के boobs को देखा और फिर अपनी नजर उठा कर ध्वनि के चेहरे की तरफ देखा, जोकि सुर्ख लाल हो चुका था। अब उसने उसके boobs के निपल्स को देखकर उसे हल्का-हल्का अपनी जीभ से सहलाना शुरू किया। जिससे ध्वनि की पूरे बॉडी में करंट सा दौड़ गया। जिस तरह से वह उसके निपल्स को सहला रहा था,

ध्वनि को अपने शरीर में अलग ही करंट सा पैदा होता हुआ महसूस हो रहा था। सांस तो उसकी पहले ही गहरी थी, जिस वजह से उसके boobs पूरी तरह से आदर्श के चेहरे के पास उठ रहे थे। उसको यूं मचलता हुआ देखकर आदर्श के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई थी। चाहे कुछ भी था, ध्वनि आज भी उसी की ही थी। ध्वनि अब उसे देखते हुए बोली, "प्लीज, मुझे जाने दीजिए, मिस्टर आदर्श।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी आदर्श ने उसके निप्पल को अपने दांतों में लेकर दबा दिया, जिससे ध्वनि की चीख उस कमरे में गूंज गई।

आदर्श ने उसके निप्पल को इतनी जोर से दांतों में चबा दिया था कि हल्का सा ब्लड उसकी निप्पल से निकलने लगा था। जिससे ध्वनि की एक पल के लिए जान उसके शरीर से अलग हो गई थी। उसकी पूरी बॉडी शिवर करने लगी थी। आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे थे। वह रोते हुए बोली, "आप कभी नहीं बदल सकते, आप कभी बदल ही नहीं सकते। इसीलिए नफरत है मुझे आपसे। कितनी देर मुझे अपने पास रख लेंगे। तब भी मैंने गोली चला दी थी, आज भी मैं आपको गोली मार कर भाग जाऊंगी।" ध्वनि की बात पर आदर्श के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई।

आदर्श ने ध्वनि की बात का कोई जवाब नहीं दिया। बस उसके boobs पर दोबारा से झुकते हुए उसके boobs के इरोला पर अपनी जीभ रगड़ने लगा। जिससे ध्वनि का दिल धक सा रह गया। वही आदर्श अब लगातार उसके एरोला पर अपनी जीभ घूमाते हुए बोला, "तुम चाहे गोली मारो, चाहे फांसी लटका दो, हूं तो अब मैं तुम्हारा और तुम मुझसे पीछा नहीं छुड़ा सकती, मिस ध्वनि चौहान।" आदर्श की बात पर एक पल के लिए ध्वनि उसकी तरफ देखते ही रह गई।

आदर्श हर बढ़ते पल के साथ उसकी धड़कनों को बेकाबू होने पर मजबूर कर रहा था। लेकिन आदर्श ने अब एक बार फिर से उसके बूब्स को पकड़ा और दोनों बूब्स को अपने हाथ में पकड़ते हुए उसे जोर-जोर से मसलने लगा। जिससे ध्वनि के चेहरे पर दर्द की लकीरें उतर आई। इस वक्त ध्वनि के होठ बुरी तरह से फड़फड़ा रहे थे। उसके वह पिक फड़फड़ाते हुए होठों को देखकर आदर्श को अपनी डिक में सेंसेशन महसूस हो रही थी। वह धीरे-धीरे उसके बूब्स को पकड़ते हुए, मसलते हुए अपने होठों को एक बार फिर से उसकी निप्पल पर रगड़ने लगा। जिससे ध्वनि के निपल्स और भी हार्ड होने लगे। उसकी सिसकियां उस कमरे में गूंजने लगी, जिस तरह से आदर्श उसके निपल्स को lick कर रहा था

जिस वजह से उसका पूरा बदन मचलने लगा था। उसके पैर पूरी तरह से बिस्तर में धसने लगे थे। वह अपने शरीर को काबू नहीं कर पा रही थी। जिस कदर आदर्श उसके निपल्स को पकड़कर कभी अपनी दोनों उंगलियों में पकड़ते हुए निप्पल को मसल रहा था, तो कभी उन निपल्स को अपनी जीभ से रगड़ रहा था। अब उसने अपना चेहरा पीछे की तरफ किया, तो उसके निपल्स पूरी तरह से रेड हो चुके थे। वह पिंक पिंक निपल्स किसी सेंटर की सीढ़ियों की तरह ऊपर की तरफ उभर चुके थे। उनका रंग पूरी तरह से लाल पड़ चुका था।

जिस तरह से आदर्श उसे गहरी नजरों से देख रहा था, ध्वनि का दिल जैसे धड़कने से इनकार करने लगा था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह आदर्श की पकड़ से कैसे छूटे। वहीं आदर्श भी लगातार उसके बूब्स को पकड़े हुए अब उसके पेट पर आया। अगले ही पल, उसके पेट पर

आकर अपनी जीभ घूमाने लगा। जिस तरह से उसके पेट को वह चाट रहा था, ध्वनि को अपने पेट पर गुदगुदी महसूस हो रही थी।

तभी आदर्श ने जो राइट हाथ में पकड़ा हुआ था, उसे छोड़ा और अपना हाथ नीचे की तरफ ले जाने लगा। जैसे-जैसे आदर्श का हाथ नीचे की तरफ जा रहा था, वैसे-वैसे ध्वनि का पेट बल खाने लगा था। जिस तरह से उसका पेट अंगड़ाइयां ले रहा था, उसे देखकर आदर्श को बहुत मजा आ रहा था। लगातार नीचे की तरफ जाते हुए उसने अपना हाथ ध्वनि की पूसी पर रखा। जैसे ही उसका हाथ उसकी पूसी पर गया, एक पल के लिए ध्वनि की सांस रुक गई। बड़ी देर बाद उसने ऐसा कुछ महसूस किया था। वही आदर्श अपनी दो उंगलियां उसकी पूसी की लाइन में ले जाते हुए उसके क्लीटोरिस को हल्का-हल्का अपनी दो उंगलियों से रगड़ने लगा। लेकिन अगले ही पल उसके चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई, क्योंकि उसे अपनी उंगलियों में गीलापन महसूस हुआ। इसका मतलब साफ था कि ध्वनि उसके लिए wet फील कर रही थी।

To be continue.....

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