
पहाडी पर,
गौरव और हंसिका आपस में बातें कर ही रहे थे कि तभी वहां पर गाडियों की आवाज आई. गाडियों की आवाज सुनकर गौरव और हंसिका की आंखें फटी की फटी रह गई. वही अश्की, जोकि एक साइड पर लगी हुई थी, उसने जैसे ही गाडियों की आवाज सुनी, वह गाडियों की आवाज सुनते ही पहचान गई कि यह गाडियां किसकी है. अब वह जल्दी से चिल्लाने को हुई. इससे पहले वह चिल्लाती, गौरव अगले ही पल पीछे की तरफ मुडा और उसने उसकी के मुंह पर पट्टी बांध दी. जिससे अश्की चिल्ला ना पाए. वहीं अश्की चिल्लाने की कोशिश कर रही थी. अब गौरव ने उसे गोद में पीछे की तरफ ले जाकर पिछली डिक्की में डाल दिया.
जैसे ही अश्की को पिछली डिग्गी में डाला, उसका दम घुटने लगा. लेकिन गौरव को तो इस चीज से कुछ फर्क पडता नहीं था. वही ऐसे ही चिल्लाती रह गई. लेकिन उसकी आवाज उस गाडी में घुट कर रह गई. दूसरी तरफ जो गाडियां अभी- अभी आकर खडी हुई थी, उसमें से अरमान और रोहित बाहर निकले और उसी के साथ उसके बॉडीगार्ड की टीम भी वहां पर पहुंच चुकी थी. इस वक्त अरमान की गहरी नजरें सामने खडे गौरव और हंसिका पर थी. अभी तक अरमान ने यह चीज नहीं देखी थी कि अश्की को गौरव ने पीछे की तरफ डिक्की में बंद कर दिया है या फिर देखी भी होगी, तो शायद ही वह इस चीज को उन पर हावी होने देने वाला था.
दूसरी तरफ हंसिका, जोकि अजीब से एक्सप्रेशन से सामने खडे अरमान की तरफ देख रही थी. वह बेहद सेडक्टिव वॉक करते हुए अरमान के पास आई और उसके सीने पर अपनी उंगलियां चलाते हुए बोली, तो तुमने मुझे ढूंढ लिया. लेकिन जिसे तुम ढूंढने यहां पर आए हो ना, वह तो यहां पर है ही नहीं। इतना कहते हुए उसके चेहरे पर बेहद दिलकश एक्सप्रेशन थे. उसके वह एक्सप्रेशन देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल उतर आई. अरमान ने अब बेहद सेडक्टिवली उसकी कमर पर हाथ रखा और गहरी आवाज में बोला, मैंने कब कहा कि मैं उसे ढूंढने यहां पर आया हूं। उसकी बात सुनकर हंसिका हैरानी से अरमान की तरफ देखने लगी. वही गौरव को भी यह चीज सुनकर झटका लगा. वह जल्दी से अरमान की तरफ देखते हुए बोला, तो फिर तुम यहां पर क्यों आए हो?
उसकी बात पर अरमान ने कुछ देर उसे देखा, लेकिन कहा कुछ नहीं. वही गौरव अब व्यंग्य से हंसते हुए बोला, हमें तुम पर यकीन नहीं है. हमें पता है कि तुम उसे ही ढूंढने यहां पर आए हो. लेकिन कोई फायदा नहीं, वह यहां पर है ही नहीं। उसकी बात पर हंसिका भी गौरव की बात पर हामी भरते हुए बोली, बिल्कुल सही कह रहा है यह, वह यहां पर है ही नहीं। दूसरी तरफ अरमान अब उसकी कमर पर अपनी पकड कसते हुए उसे खुद से सटाते हुए बोला, क्या तुम मुझे इतना ही जानती हो, हंसिका। उसकी बात पर हंसिका के चेहरे पर सेडक्टिव एक्सप्रेशन आने लगे. वह तो बस अरमान के चेहरे में खोने लगी थी. उसका कब से ख्वाब था कि वह अरमान के साथ हर रात बिताए और वह हर रात उसकी इतनी हसीन हो. वह अरमान की बाहों में पिघलना चाहती थी. लेकिन अरमान ने कभी उसे इतना मौका दिया ही नहीं. लेकिन आज इस तरह से अरमान उसके पास खडा था इस वक्त.
हंसिका को कुछ- कुछ होने लगा था. वह अरमान की गर्दन में अपनी बाहें फंसाते हुए बेहद गहरी आवाज में बोली, सच में। अरमान हां में सिर हिलाते हुए बोला, सच में, मैं तो यहां तुम्हारे लिए आया हूं. मैं तुम्हें यहां प्रपोज करने आया हूं. क्या तुम मुझसे शादी करोगी? उसकी बात पर एक पल के लिए हंसिका के होश उड गए. वही गौरव का भी यही हाल था. उसके चेहरे के भी पूरी तरह से रंग उड चुके थे. उन्होंने तो एक्सपेक्ट ही नहीं किया था कि अरमान कुछ ऐसा कर देगा. तभी गौरव हंसिका के पीछे से चिल्लाते हुए बोला, तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या? पीछे हटो उससे, वह कोई ना कोई प्लानिंग करके आया है. क्योंकि उसकी शादी अब प्रियंका से होने वाली है. यह हमें बेवकूफ बना रहा है। उसकी बात पर हंसिका मुंह बनाते हुए अरमान की तरफ देखते हुए बोली, क्या यह सच कह रहा है कि तुम प्रियंका से शादी करने वाले हो।
उसकी बात पर अरमान भी मुंह बनाते हुए बोला, तुम्हें क्या लगता है कि मैं तुम्हारे सिवा किसी से शादी कर सकता हूं. तुम्हारी खूबसूरती ने आज मेरी आंखें खोल दी है। इतना कहते हुए लगभग से अरमान ने उसके बालों को उसके कानों के पीछे किया. वहीं हंसिका भी इतराते हुए बोली, शायद तुम्हें यह एहसास पहले हो गया होता, तो आज तुम इस लडकी के पीछे इतने बावले होकर जो घूम रहे हो ना, वह ना होते. वैसे इतना भी कुछ खास नहीं है उस लडकी में, जो तुम्हें अपने जाल में फंसा कर रख लिया था इसने, ब्लडी भाजी कहीं की. मुझे तो इतना गुस्सा आता है, दिल करता है इसकी कब्र खुदवा दूं। इतना कहते हुए लगभग से हंसिका ने दांत पीस लिए थे.
अगले ही पल हंसिका अरमान के गालों पर अपना हाथ रखते हुए बोली, तुम्हें पता है, अच्छा किया गौरव ने भी उसे पीछे डिक्की में डाल दिया. तुम्हें पता है, पहले गौरव उसके साथ सेक्स करने वाला था. लेकिन तुम आ गए. पर कोई बात नहीं, अब कर लेगा. अब तो तुम्हें भी कोई फर्क नहीं पडता। हंसिका की बात पर एक पल के लिए अरमान के चेहरे के भाव बदले और उसकी पकड उसकी कमर पर कस गई. ऐसा लग रहा था, जैसे अरमान को गुस्सा हो आ रहा हो. लेकिन वह उस गुस्से को अपने अंदर कहीं दफन कर रहा हो. हंसिका की बात सुनकर गौरव ने अपने सिर पर पूरी तरह से हाथ रख लिया. वह मन ही मन बडबडाया, यह बेवकूफ औरत हमें आज मरवा कर रहेगी. इसे समझ क्यों नहीं आ रहा है कि वह किसी जाल में हमें फसाने की कोशिश कर रहा है और यह बेवकूफ फसती भी चली जा रही है। इतना कहते हुए गौरव के चेहरे पर फ्रस्ट्रेशन साफ दिखाई दे रही थी.
दूसरी तरफ अरमान अब बडे प्यार से उसके बालों के साथ खेलते हुए बोला, क्या मैं उस लडकी को देख सकता हूं. एक आखरी बार तो देखना बनता ही है. वैसे भी अब मेरा मन भर गया है उससे। उसकी बात सुनकर हंसिका की स्माइल बडी हो गई. वह अरमान के गालों पर बेहद सेडक्टिव वे में सहलाते हुए बोली, बिल्कुल, चलो, मैं तुम्हें दिखाती हूं. वैसे भी मेरा तो दिल कर रहा था कि मैं उसे गाडी समेत खाई में गिरा दूं. पर अब तुम देख लो, तुम्हें क्या करना है उसके साथ। उसकी बात पर अरमान बोला, वैसे आईडिया बुरा नहीं है. उसे खाई में गिरा देते हैं. यह ज्यादा बढिया आईडिया है।
अरमान और हंसिका की बात सुनकर गौरव के चेहरे का रंग पूरी तरह से उड गया. वह जल्दी से हंसिका के पास आते हुए उसकी बांह पकडने को हुआ कि तभी अरमान ने उसका हाथ बीच में ही रोक दिया. वह उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, दो' टी Touch हर, समझे तुम, हाथ मत लगाना उसे। उसकी बात पर गौरव दांत पीसकर बोला, मैं तुमसे बात नहीं करना चाहता. मैं उससे बात करना चाहता हूं। वही अरमान भी बेहद एटीट्यूड से बोला, उससे बात करने से पहले तुम्हें मुझसे बात करनी पडेगी, क्योंकि मैं उसका होने वाला पति हूं।
जैसे- जैसे अरमान आज हंसिका के लिए बोल रहा था, हंसिका तो जैसे फूले नहीं समा रही थी. वह तो जैसे हवा में ही उडने लगी थी. दूसरी तरफ गौरव अब हंसिका की तरफ देखकर बोला, तुम पछताओगी पागल कहीं की. उसे सच्चाई बता रही हो. वह उस लडकी को लेकर यहां से उडना चाहता है। तभी हंसिका मुंह बनाते हुए बोली, चुप करो तुम, तुम्हें दिखाई नहीं दे रहा है. वह कह रहा है मुझसे शादी करने को और तुम अपनी ही बातें बीच में मनवाने में लगे हुए हो. तुम्हें सेक्स के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है क्या?
अरे! वह लडकी पता नहीं क्या जादू टोना जानती है. हर मर्द को अपनी अदाओं में फंसा लेती है. पता नहीं ना शक्ल है, ना अक्ल है। उसकी बात पर गौरव अपने सिर पर हाथ रखते हुए बोला, बेवकूफ औरत, तुम्हें कुछ दिखाई क्यों नहीं दे रहा है, अरमान के अलावा। हंसिका अब उसे पीछे की तरफ होने का इशारा करते हुए बोली, पीछे हटो, मुझे अरमान को उसे दिखाना है और वह उसे आज खाई में गिराएगा, समझे तुम।
हंसिका की बात सुनकर गौरव दांत पीसकर बोला, वह तुम्हें पहाडी से फेंक देगा, बेवकूफ औरत। वही अरमान अब उसे और भी गहरी नजरों से देखते हुए बोला, देखो ना बेबी, यह कैसी- कैसी बातें कर रहा है. तुम क्या चाहती हो, मैं तुम्हें छोडकर चला जाऊंगा यहीं पर. तुम मुझसे शादी नहीं करना चाहती हो. यह जिस तरह से बोल रहा है ना, अब मेरा मूड चेंज होने लगा. मेरा दिल कर रहा है कि मैं यहां से चला जाऊं. बिकॉज मुझे लग रहा है तुम इसकी बातों में आने लगी हो. अगर इसकी बातों में आती रही, तो मुझे तुमसे शादी नहीं करनी। वहीं दूसरी तरफ खडा रोहित भी अरमान के इस चेहरे को देखकर हैरान हो रहा था. जबकि अरमान तो हंसिका से हद से ज्यादा नफरत करता था. आज अरमान का बदला हुआ रूप देखकर रोहित के भी होश उडे हुए थे.
वही हंसिका जल्दी से अरमान की बाहों को पकडते हुए बोली, अरे! नहीं नहीं बेबी, ऐसी कोई बात नहीं है. यह तो है बेवकूफ, कहते हैं ना एक उल्टी खोपडी वाला, यह उल्टी खोपडी वाला है. बेवकूफ कहीं का, तुम उसे जाने दो। अभी वह बोल ही रहा था कि तभी गौरव आगे की तरफ आया और उसे चांटा झडने को हुआ कि तभी अरमान ने उसका हाथ पकड लिया और लगभग से मरोडते हुए उसे गाडी की तरफ पुश कर दिया. जिससे गौरव की पूरी चेस्ट गाडी पर लग गई थी. यह चीज देखकर हंसिका और भी इंप्रेस हुए जा रही थी. जिस तरह की हरकतें वह इस वक्त कर रही थी, वह इस वक्त बेहद बचकानी लग रही थी.
वह भी बेवकूफों की तरह उसके बाइसेप्स की तरफ देखते हुए बोली, अरमान, तुम सच में बहुत हॉट हो। इतना कहते हुए वह लगभग से उसके मसल्स को हाथ लगा रही थी. जिसे महसूस कर अरमान को एक अजीब सी फीलिंग हो रही थी. वहीं दूसरी तरफ गौरव उसकी तरफ देखते हुए बोला, बेवकूफ औरत, अभी भी उसकी बातों में आए जा रही हो. समझने की कोशिश करो. वह कुछ सोच रहा है, उसके दिमाग में कुछ चल रहा है। अभी वह बोल ही रहा था कि तभी अरमान ने पीछे से
एक जोरदार पंच उसकी पीठ में जड दिया. जिससे गौरव की आह निकल गई. वही हंसिका तो बस उस चीज के नजारे ले रही थी वह लगभग से उछलते हुए बोली, one more baby one more.
हंसिका की बातों पर गौरव का गुस्सा और भी ज्यादा बढते जा रहा था. वह अरमान से खुद को छुडाने की कोशिश कर रहा था. लेकिन अरमान था कि उसे छोडने का नाम ही नहीं ले रहा था इस वक्त जिस तरह से अरमान पीछे से पंच पर पांच जड रहा था, गौरव की हालत खराब होने लगी थी. हंसिका अब उसे पीछे की तरफ करते हुए बोली, तुम उसे रहने दो. चलो, मैं तुम्हें उसे दिखाती हूं. तुम उसका पहले कुछ करो, इसको बाद में हम देखेंगे। हंसिका की बात पर अरमान ने हां में सिर हिलाया. अब हंसिका उसका हाथ पकडने लगी कि तभी अरमान अपना हाथ पीछे की तरफ खींचते हुए बोला, वह मेरा हाथ दर्द करने लगा है, तो प्लीज, थोडा हाथ मत लगाओ। उसकी बात पर हंसिका मुंह बनाते हुए बोली, इतनी जोर से लगी है क्या? उसकी बात पर अरमान ने हां में सिर हिलाते हुए हंसिका को आगे बढने का इशारा किया. वहीं हंसिका भी हां में सिर हिला कर अब गाडी की डिक्की की तरफ बढ गई.
अब अगले ही पल हंसिका ने गाडी की डिक्की खोली, तो सामने ही अश्की को देखकर अरमान की नजरे उसे पर ठहर चुकी थी. अश्की इस वक्त सांस लेने के लिए झटपटा रही थी. जिस वजह से उसका बदन पूरी तरह से पसीने से लथपथ हुआ पडा था. अब जैसे ही डिक्की खुली, तो वह गहरी गहरी सांस भर रही थी. जैसे वह सांस भर रही थी, ऐसा लग रहा था, जैसे अभी भी उसे सही तरह से सांस नहीं आ रही थी. गहरी गहरी सांस लेते हुए ही उसने अब अरमान की तरफ देखा, तो उसका दिल धक से रह गया. अरमान अपनी लाल आंखों से अश्की की तरफ देख रहा था.
दोनों की आंखें आपस में मिली हुई थी. जहां अरमान की आंखों में आग जल रही थी, वही अश्की की आंखों में नमी उतर आई थी और आंखों से आंसू बहने लगे थे. दूसरी तरफ हंसिका अरमान को देख रही थी. अब अरमान के चेहरे के भाव बदलने लगे थे. यह चीज देखकर हंसिका को अजीब सी वाइब आ रही थी. हंसिका अब उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोली, क्या हुआ अरमान, करो ना, इसका क्या करें? तुम कुछ बोल क्यों नहीं रहे हो? अभी उसने अरमान के कंधे पर हाथ रखा ही था कि अरमान ने उसका हाथ अपने हाथ में लिया और अगले ही पल लगभग से मरोडते हुए उसके हाथ को पूरी तरह से उसके पीठ के पीछे लगा दिया. जिससे हंसिका की जोरदार चीख वहां पर गूंज गई
और एक चटक की आवाज वहां पर गौरव के भी कानों में पडी थी. अब हंसिका का ऐसा हाल होते देख गौरव के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट तैर गई. वह व्यंग्य से हंसते हुए बोला, यही तो बेवकूफ औरत को मैं समझाने की कोशिश कर रहा था कि वह कोई इसे पसंद नहीं कर रहा. वह तो बस इसको बेवकूफ बना रहा था और यह बेवकूफ औरत अपनी हवस की लालसा में इतनी अंधी हो गई कि उसका चेहरा भी नहीं देख पा रही थी. इसके चक्कर में मुझे भी बहुत कुछ सहना पडेगा। इतना कहते हुए गौरव गुस्से से हंसिका की तरफ देख रहा था, जो दर्द से तडप रही थी. अरमान ने उसकी कोहनी तक तोड दी थी. जिस तरह से उसने हंसिका की हाथ को घुमा कर उसकी पीठ पर लगाया था, उसकी कोहनी की हड्डी दूसरी हड्डी से अलग हो गई थी.
जिससे वह दर्द से तडप उठी थी. अब रोते हुए बोली, यह क्या तरीका है, अरमान और यह तुमने क्यों किया? उसकी बात पर अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया. वह लगभग से अश्की को गाडी की डिक्की से निकलते हुए उसके होठों में फंसा हुआ कपडा निकाला. जैसे ही उसके होठों से कपडा निकाला, अश्की फूट- फूट कर रोते हुए बोली, वह, वह, मैं खुद नहीं आई थी, अरमान जी यहां पर. मुझे, मुझे नहीं पता, मैं यहां पर कैसे पहुंची। उसकी बात पर अरमान ने उसके होठों पर उंगली रखते हुए कहा, sshhhiii.
अरमान के इस तरह के रवैया से अश्की बिल्कुल ही शांत हो गई. अब वह अपनी शांत आवाज में बोली, मुझे नहीं पता, यह लोग मुझे यहां पर क्यों, कब, कैसे लेकर आए. मैं तो नियति आंटी के साथ मंदिर आई थी और इसी बीच मुझे नहीं पता चला। अपनी बात कहते हुए वह गाडी से उठने को हुई कि तभी उसकी आह निकल गई, क्योंकि उसका पूरे बदन दर्द से तडप उठा था. अभी भी रात की इंटिमेसी की वजह से उसे अपने बदन में दर्द हो रहा था और ऊपर से उसके पीरियड्स की वजह से उसकी हालत अभी भी खराब थी.
उसको इस तरह से ऊपर की तरफ उठता हुआ देख अरमान सर्द आवाज में बोला, तुम्हे किसी ने उठने के लिए कहा है यहां से? उसकी बात पर अश्की पूरी तरह से चुप हो गई. उसने अपना चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाते हुए ना में सिर हिला दिया. उसको यूं नीचे सिर करके सिर झुकाते हुए देख अरमान भी चुप हो गया. अगले ही पल उसे गोद में उठाते हुए वहां से ले जाने लगा. तभी हंसिका बीच में आते हुए बोली, तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है. अभी तुमने मुझसे वादा किया था कि तुम मुझसे शादी करोगे और अब तुम इस लडकी को अपनी गोद में उठाकर घर ले जा रहे हो.
तुम सिर्फ मेरे हो, अरमान और तुम मुझसे पीछा नहीं छुडा सकते. तुमने मुझे धोखा दिया, तुमने मुझे अपनी बातों के जाल में फसाया, अरमान। हंसिका की बात पर अरमान की सर्द नजरे उस पर अभी भी बनी हुई थी. उसका गुस्सा पहले ही परवान चढा हुआ था. अभी हंसिका जिस तरह से बिहेव कर रही थी, उसका गुस्सा और भी बढने वाला था. इस वक्त अश्की उसकी गोद में ही थी. अश्की को इस वक्त हद से ज्यादा डर लग रहा था, क्योंकि वह जानती थी कि अरमान गुस्से में ना लडकी देखता है और ना ही लडका. अगर उसका दिमाग खराब हो गया, तो वह सामने वाले की जान तक ले सकता था. वह लडखडाती हुई आवाज में बोलने को हुई. वह मैं। अभी वह इतना ही बोली थी कि अरमान सर्द आवाज में बोला, अपनी आवाज अपने गले तक सीमित रखना, दिलरुबा.
अरमान की बात पर अश्की की आवाज उसके गले में अटक गई. दूसरी तरफ हंसिका दांत पीसकर बोली, यह तुम्हारे आगे मुंह खोल भी नहीं सकती है. इसकी औकात ही इतनी है. आखिर rakhel है तुम्हारी। बस इस शब्द को सुनकर अश्की की आंखों से आंसू झर झर बहने लगे यही वह शब्द था, जिससे वह हद से ज्यादा नफरत करती थी. यही शब्द बार- बार हंसिका उसके लिए यूज करती थी, क्योंकि हंसिका उसकी पहली बीवी थी और अश्की शायद दूसरी. इसका भी कोई प्रूफ नहीं था कि हंसिका और अरमान की शादी हुई भी थी या फिर नहीं. क्योंकि अरमान तो इस चीज को पूरी तरह से झूठला चुका था कि हंसिका और उसकी शादी हुई ही नहीं थी.
अश्की को यूं आंसू बहाता देखकर अरमान का गुस्सा और भी बढने लगा. वह अब अपने गुस्से भरी नजरों से सामने खडी हंसिका की तरफ देख रहा था. तभी रोहित आगे की तरफ आते हुए, उसने हंसिका का हाथ पकडना चाहा कि तभी हंसिका उससे हाथ छुडाते हुए बोली, खबरदार! अगर तुमने मुझे छूने की कोशिश की. यह दो कौडी की लडकी, है क्या इसमें, जो हर एक मर्द को अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है.
और तुम अरमान, तुम सच में इस लडकी के लिए मुझे धोखा दोगे. अरे! क्या नहीं किया मैंने तुम्हारे लिए और आज तुम्हे यह लडकी मुझसे ज्यादा प्यारी है. अरे! पहले बीवी मैं हूं तुम्हारी, यह नहीं. वह तो धोखे से उस गौरव से शादी हो गई मेरी, लेकिन अभी भी मैंने तुम्हें तलाक नहीं दिया है। हंसिका बोले जा रही थी, वही अरमान भी एक्सप्रेशन लैस होकर उसकी बातें सुन रहा था.
वही अश्की तो बस अपना सिर झुकाए अपनी आंखों में आंसू लिए हंसिका की बातें सुन रही थी. उसमें हिम्मत ही नहीं थी कि कुछ बोल जाए. लेकिन अरमान था आज सिर्फ उसके आगे खडा था. वह चाहता था कि अश्की कुछ बोले. लेकिन अश्की थी कि अपना मुंह खोलने को तैयार ही नहीं थी. उसने अश्की को गोद से नीचे की तरफ उतारा और गहरी नजरों से अश्की को देखने लगा. जो सिर झुकाए हुए अभी भी वैसे ही खडी थी. इस वक्त उसका बदन पूरी तरह से शिवर कर रहा था. पूरे शरीर में उसके इतना ज्यादा दर्द हो रहा था कि वह बता नहीं सकती थी. लेकिन फिर भी किसी तरह हिम्मत करके वहां पर खडी थी और ऊपर से हंसिका की बातें उसे और भी ज्यादा हर्ट कर रही थी.
हंसिका अब अश्की की तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोली, जैसी तुम्हारी किस्मत है ना, तुम तो सिर्फ लोगों को बेड तक सेटिस्फाई करने के लिए ही हो। हंसिका की बात सुनकर अरमान की हाथों की मुट्ठियां कस गई. लेकिन अभी भी उसने हंसिका से कुछ नहीं कहा. उसकी नजरें अश्की पर बढते पल के साथ गहरी होती जा रही थी. जैसे एक उम्मीद में हो कि शायद अश्की बोले. लेकिन अश्की ने जिस तरह से अपने होठों को सिला हुआ था, ऐसा लग नहीं रहा था कि वह कुछ बोलेगी.
लेकिन तभी हंसिका ने अरमान की तरफ देखा और बोली, तुम, कैसे मर्द हो तुम, इस जैसी औरत पर अपनी निगाह गडा कर बैठे होm जिसमें अपने लिए लडने की हिम्मत नहीं है. अरे! ऐसी औरतें सिर्फ मर्दों को आकर्षित करती है. क्या पता तुम्हारी पीठ पीछे किस- किस को अपने वश में करती हो और तुम्हें, तुम्हें भी औरतें ही चाहिए ना अपने बेड के लिए. जिसके साथ तुम सेटिस्फाइड हो जाओ। अभी उसने इतना ही कहा था कि तभी वहां पर एक जोरदार तमाचे की आवाज गूंज गई. इस चीज को देखकर अरमान के होठों के कोने मुड गए. ऐसा लग रहा था, जैसे उसके होठों पर एक विजय मुस्कान तैर गई हो. क्योंकि उसे जो चाहिए था, वह पूरा हो गया था. अपने लिए ना सही, लेकिन अश्की ने अरमान के लिए स्टैंड लिया था. उसको अपने लिए स्टैंड लेता देख एक पल के लिए अरमान को एक अलग सा सुकून मिल रहा था.
सभी की आंखें हैरत से फैल गई. वहीं हंसिका, जिसका चेहरा दूसरी तरफ लुढक गया था, उसका चेहरा भी अब गुस्से से कांप रहा था. गौरव, जोकि एक साइड पर खडा था अपनी कमर को पकडे हुए, वह भी यह नजारा देखकर हैरानी से अश्की की तरफ देख रहा था, क्योंकि यह थप्पड अश्की ने हंसिका को जडा था.
क्योंकि अश्की अपने लिए तो बहुत कुछ सुन सकती थी, लेकिन अरमान के लिए बिल्कुल भी नहीं. जिस तरह से अरमान से वह इश्क करती थी, वह तो कभी भी यह चीज बर्दाश्त नहीं कर सकती थी कि कोई अरमान पर उंगली उठाए. वह गुस्से से कांपते हुए हंसिका की तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोली, तुम्हारी सोच इतनी घटिया होगी, मैंने कभी सोचा नहीं था. तुम्हें उंगली उठानी थी, मुझ पर उठाती, लेकिन मेरे पति पर नहीं. क्या कहा तुमने कि वह अपने बिस्तर पर लडकियों को लाते हैं. अगर ऐसी बात है, तो तुम्हारी जैसी औरतें क्या करती हैं. वह भी तो लडकों को अपने बिस्तर तक ही सीमित रखती हैं.
तुम, तुम अरमान जी से शादी करना चाहती हो. शक्ल देखी है तुमने कभी अपनी, ऐसा लगता है, हर वक्त अपने शक्ल पर बारह बजाए हो. तुम क्या शादी के दावे कर रही हो अरमान जी के साथ, मुझे नहीं लगता कि अरमान जी ने तुमसे शादी की होगी. तुम लायक ही नहीं हो अरमान जी के और मुझे अरमान जी पर पूरा भरोसा है कि वह तुमसे शादी कर ही नहीं सकते. तुम जैसी औरतें सिर्फ दूसरों को या तो बिस्तर पर रिझा सकती हैं, या तो सिर्फ उन्हें इंप्रेस कर सकती हैं. उनका जिंदगी भर का साथ पाना तुम जैसी औरतों के बस में नहीं होता.
शादी की बात करती हो. शादी का मतलब भी जानती हो तुम. शादी का मतलब सिंदूर मांग में सजाना और गले में मंगलसूत्र पहनना और मेकअप करना नहीं होता है. उस शादी को निभाने के लिए बहुत सी चीजों से गुजरना पडता है. बहुत तकलीफों से गुजरना पडता है. हर दर्द सहना पडता है और यह दर्द जरूरी नहीं, एक जैसा ही हो. किसी का पति गरीब होता है, तो किसी का पति अमीर होता है. जो औरत समझदार होती है, वह गरीबों के साथ भी रहती है और अमीर के साथ भी रहती है. तुम जैसी औरतें एक गरीब के साथ रह लेंगे क्या? बिल्कुल भी नहीं. ना ही तुम अमीर के साथ रह सकती हो. तुम सिर्फ रह सकती हो पैसों के साथ. जिसके पास पैसा, उसी के पास तुम जाओगी. इस वक्त अरमान जी के पास पैसा है, तो तुम कुत्तों की तरह दुम हिलाते हुए उनके पीछे आ रही हो.
जब तुम्हें अरमान जी से अमीर मिल जाएगा, तो तुम उसके पीछे दुम हिला कर चली जाओगी। उसकी बात पर हंसिका गुस्से से कांपते हुए बोली, how dare you to call me like that?
तुम मुझे कुत्तियां कहना चाहती हो। तभी अश्की एक्सप्रेशन लैस होकर बोली, मैंने कहा नहीं है, तुम हो।
तभी हंसिका गुस्से से कांपते हुए आगे की तरफ आई और अपना हाथ उठाकर अश्की के चेहरे पर थप्पड झडने को हुई. उसका एक हाथ तो पहले ही टूट चुका था, लेकिन अब वह दूसरे हाथ से अश्की के चेहरे पर थप्पड झडने ही वाली थी कि अश्की उसका हाथ पकडते हुए गहरी नजरों से उसे देखकर बोली, यह गलती मत कर देना. अभी एक हाथ तोडा है अरमान जी ने, कहीं मैं दूसरा ना तोड दूं। उसकी यह बात सुनकर अरमान भी हैरानी से अश्की की तरफ देख रहा था. उसे तो यकीन ही नहीं आ रहा था कि आखिर उसकी दिलरुबा ऐसी बातें भी कर सकती हैं. लेकिन अगले ही पल उसके चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट तैर गई. यही तो वह चाहता था कि अश्की में थोडी बहुत हिम्मत आए. अभी सब लोग आपस में बात कर ही रहे थे कि तभी वहां पर एक गन शॉट की आवाज गूंजी. जिसे सुनकर अश्की की रूह कांप
उठी और दूसरी तरफ हंसिका के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई.
To be continue.





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