
त्रेहान पैलेस,
अरमान इस वक्त अश्की को उठाकर बालकनी में लेकर आया था. वही अश्की तो हैरानी से अरमान की तरफ देख रही थी, क्योंकि इस वक्त वह जिस हालत में थी, अरमान उसे बालकनी में लेकर जा रहा था. इसलिए वह खुद में सिमटने लगी थी कि किसी की नजर उन दोनों पर ना पड जाए. इस वक्त उसका दिल जोरो जोरो से धडक रहा था. अरमान उसे बालकनी में लेकर गया और वहां का नजारा देखकर एक पल के लिए अश्की का दिल धक से रह गया और उसकी आंखों में नमी उतर आई.
क्योंकि वहां का नजारा हद से ज्यादा खूबसूरत था. हर तरफ फेयरी लाइट्स और साइड में छोटा सा Garden एरिया और इस छोटे से Garden में एक छोटा सा व्हाइट Color का बिस्तर बिछा हुआ था. उस पर गुलाब की पंखुडियां छिडकी गई थी, जो उसे और भी ज्यादा खूबसूरत बना रही थी. वाइट Color के पर्दे, जो उसके ऊपर से नीचे की तरफ आ रहे थे. वह तो माशा अल्लाह उस पर और भी ज्यादा अच्छे लग रहे थे. ऊपर से उन पर्दों के ऊपर से ही प्यारी सी लाइट नीचे की तरफ लटक रही थी उसमें लगा हुआ हैंगिंग झूला और साइड पर बेड कम सोफा, जो की बेड भी बन सकते थे. ऊपर से वहां पर की गई डेकोरेशन, जहां पर हर तरफ फ्लावर्स लगे हुए थे. वह तो उसे और भी ज्यादा खूबसूरत लग रहे थे. उस डेकोरेशन को देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे अरमान को पहले ही पता था कि अश्की वहां पर आएगी. इस चीज को देखकर अश्की की आंखों में नमी उतर आई थी. अब वह अरमान के चेहरे की तरफ देख रही थी, जो उसे ही अपनी इंटेंस नजरों से देख रहा था.
अरमान की नजरें इस तरह से अपने ऊपर इंटेंस पाकर अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे. वह अपनी नजरें नीचे की तरफ झुकते हुए बोली, यह गलत है अरमान जी, हमारा तलाक हो चुका है। इतना कहते हुए भी अश्की का गला पूरी तरह से भर आया था. वही जानती थी कि उसने अपनी बात Kiss तरीके से कही थी. अपनी बात कहते हुए वह कितनी तडप अपने अंदर तक महसूस कर रही थी. उसकी वह तडप भरी आवाज सुनकर अरमान उसे गहरी आवाज में बोला,
तुम्हारी आवाज कुछ और कह रही है, लेकिन बोल तुम कुछ और रही हो। उसकी बात पर अश्की ने पूरी तरह से अपना चेहरा नीचे की तरफ झुकाया और धीमी सी आवाज में बोली, ऐसा कुछ भी नहीं है. मैं जो बोल रही हूं, वह सही बोल रही हूं. आपकी भी शादी होने वाली है और मेरी। अभी वह बोल ही रही थी कि अरमान ने अपने कदम उस बिस्तर की तरफ बढा दिए, जो कि नीचे लगा हुआ था. वही अश्की उसकी तरफ देखते हुए बोली, आपने यह बिस्तर कब लगवाया? क्या यह बिस्तर मेरे लिए लगवाया था आपने?
उसकी बात सुनकर अरमान ने उसके चेहरे की तरफ देखा, जो इस वक्त रोने की वजह से लाल हो चुका था. अपनी मासूमियत भरी नजरों से अश्की जिस तरह से अरमान को देख रही थी, अरमान के दिल को कुछ- कुछ होना शुरू हो गया था. यह वही जानता था कि वह Kiss कदर अपने आप को संभाल रहा था. वरना अश्की की हरकतें तो ऐसी थी, कि उसका दिल कर रहा था कि वह उसे बेड पर पटके और उस पर टूट पडे. लेकिन फिलहाल उसने खुद को संभाल रखा था. पर अब जो अश्की ने उससे सवाल पूछा था, उसे सुनकर अरमान की नजरे उस पर और भी ज्यादा गहरी हो चुकी थी. अरमान ने अभी भी उससे कुछ कहा नहीं था. वह लगभग से अपने कदम बिस्तर की तरफ बढाए जा रहा था. लेकिन अभी भी उसकी नजर अश्की पर ही टिकी हुई थी. दूसरी तरफ अश्की पूरी उम्मीद भरी नजरों से अरमान की तरफ देख रही थी कि अरमान उसकी बातों का जवाब देगा. लेकिन जब अरमान ने कोई बात नहीं की, तो अश्की की आंखों में नमी आ गई. अरमान गहरी आवाज में बोला, नहीं, यह बिस्तर किसी और के लिए था.
अब तुमने तो मुझे छोड दिया, तो यह बिस्तर ओबवियस सी बात है प्रियंका के लिए होगा ना। जैसे ही उसने यह बात कही, एक पल के लिए अश्की का दिल तडप उठा. वहीं अरमान भी अब तक उसे बिस्तर पर लाकर लेटा चुका था. अरमान की इस बात ने अश्की को इस कदर अंदर तक तोडा था कि वह अब अपने आंसू नहीं रोक पा रही थी. वह किसी तरह खुद को संभाल रही थी. लेकिन अरमान था कि उसे संभलने दे ही नहीं रहा था. उसके लिए मुसीबतें और भी बढाए जा रहा था.
अब उसने उसकी चेस्ट पर हाथ रखे और उसे दूर धकेलते हुए बोली, तो मुझे क्यों यहां पर लेटा रहे हैं. प्रियंका के लिए है ना, तो उसे बुलाए यहां पर, उसी के साथ Night स्पेंड कीजिए. मुझे क्यों यहां पर लेकर आए हैं. मुझे नहीं रहना आपके साथ। इतना कहते हुए लगभग से उसकी आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे थे. इस वक्त उसका रोना इस हद तक बढ चुका था कि अरमान भी उसके चेहरे को गहरी नजरों से देखने लगा था. उसके आंसू देखकर अरमान चुपचाप वहां पर बैठा और बोला, एस You विश, अगर तुम चाहती हो कि मैं उसके साथ टाइम स्पेंड करूं, तो तुम्हारी मर्जी. मेरी डिजायर जहां पूरी होगी, मैं वहां पर जाऊंगा। इतना कहते हुए वह अपनी जगह से उठने को हुआ.
तभी अश्की ने उसका हाथ पकड लिया और रोते हुए बोली, आपको शर्म नहीं आती ऐसी बातें करते हुए, सिर्फ आपको अपनी डिजायर से मतलब है. इतने पत्थर बन चुके हैं आप, आपको मेरी मोहब्बत तक दिखाई नहीं देती। उसकी यह बात सुनकर अरमान का गुस्सा उसके चेहरे पर अब झलकने लगा. अब वह अगले ही पल उसके चेहरे पर झुका और उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए बोला, तुम्हारे इश्क को मौका दिया था मैंने, लेकिन तुमने क्या किया. तुमने तो मुझे तलाक दे दिया. तुम ही चाहती थी ना कि मैं तुम्हें अपनी शक्ल ना दिखाऊं. अब Kiss मोहब्बत की बात कर रही हो तुम। उसकी बात पर अश्की, जिसकी आवाज पूरी तरह से लडखडा रही थी, जो कि नशे में थी, वह रोते हुए बोली, लेकिन मैं मजबूर हूं।
अश्की की बात पर अरमान सख्त आवाज में बोला, ऐसी भी क्या मजबूरी, जो अपनी मोहब्बत से ऊपर हो जाए. अगर मजबूरी के चलते अपनी मोहब्बत को छोडना पड जाए, तो वह मोहब्बत मोहब्बत कहलाती ही नहीं है. वह तो एक सौदा कहलाती है, जो तुमने अपने दिल का किसी और के साथ कर दिया. अगर तुम सोचोगी कि मैं तुम्हारे लिए तडप लूंगा, बिल्कुल भी नहीं. वैसे भी इश्क तुमने किया है, मैंने नहीं। उसका बस इतना कहना था कि अश्की को ऐसा लगा, जैसे अरमान ने उसका दिल उसके कलेजे से निकाल कर अपने हाथों में ले निचोड दिया हो.
अब अश्की को और भी ज्यादा तकलीफ होने लगी थी. वह अपनी जगह से खडी हुई और अरमान के कॉलर को पकडते हुए अपने बराबर खडा कर बोली, बस यही सुनना बाकी रह गया था. क्या सच में आपको मेरे लिए इतना सा भी कुछ फील नहीं होता? इतना कहते हुए उसका रोना इतना ज्यादा तेज हो चुका था कि अरमान की नजरे अभी भी उसके चेहरे पर गडी हुई थी. वह अभी तक अश्की को कुछ कह नहीं रहा था. जिस तरह से अश्की उसके लिए रो रही थी, वह जानता था कि अश्की अंदर ही अंदर टूट रही है.
लेकिन फिलहाल अश्की को तोडना जरूरी था. अगर वह आज अश्की को ना तोडता, तो हो सकता है कि उसे दोबारा मौका न मिले. आज उसे अश्की को अपनी तरफ करना था. अगर अश्की इसी तरह दुश्मनो का साथ देती रही, तो वह सदा कमजोर पडती रहेगी. इस कदर तो अरमान और अश्की का प्यार कभी भी मुकम्मल नहीं हो पाएगा. अश्की कमजोरी ही पडती रहेगी और अब वह अश्की को स्ट्रांग बनाना चाहता था. इसीलिए उसने कुछ प्लानिंग की थी, जिसके चलते अब अश्की को वह कमजोर नहीं स्ट्रांग बनाने वाला था.
उसे एक ऐसी अश्की चाहिए थी, जो स्ट्रांग बने, टूटे ना किसी पर भरोसा ना करें और उसके लिए अश्की को इस वक्त तोडना बहुत जरूरी था, जो कि वह बखूबी कर रहा था. अभी- अभी अश्की ने उससे पूछा था कि उसे उसके लिए कोई फीलिंग फील नहीं होती, तो अरमान भी एक्सप्रेशन लेस होकर बोला, इश्क तुमने किया है, मैंने नहीं. अगर ऐसे ही तुम्हारा इश्क है कि तुम किसी की बातों में आकर मुझे छोड सकती हो, तो वह कैसा इश्क हुआ. वह तो इश्क है ही नही.
इश्क को मुकम्मल करने के लिए खुद को मिटाना पडता है, ना कि लोगों की बातों में आकर अपने इश्क से दूर हो जाना पडता है. लेकिन तुम तो लोगों की बातों में आकर मुझसे दूर होने चली हो. कोई बात नहीं, मैंने अब तुम्हें दूर कर दिया है, तुम्हारी मर्जी। वहीं अश्की रोतली सी आवाज में बोली, क्या सच में आपको कोई फर्क नहीं पडता? क्या इतनी सी भी फिलिंग्स आपके मन में कभी नहीं आई? इतना कहते हुए उसने अपनी उंगलियों को थोडा सा जोडा.
अरमान अब उसे गहरी नजरों से देखने लगा. इस वक्त अरमान का दिल जोरो जोरो से धक धक कर रहा था. वह किसी तरह खुद को संभालने की कोशिश कर रहा था. लेकिन अश्की थी कि उसे कमजोर पडने पर मजबूर कर रही थी. जिस तरह से वह अरमान के सामने खडी अरमान के प्यार की भीख मांग रही थी, अरमान के दिल को कुछ कुछ होना शुरू हो गया था. अब उसने उसके हाथों को पकडा और अगले ही पल घुमा कर उसकी पीठ से लगा दिया. अब अश्की की पीठ अरमान की तरफ थी, जो उसके सीने से लग चुकी थी. इस वक्त जिस हालत में वह दोनों थे, अश्की को शर्म भी आ रही थी लेकिन इस वक्त सिचुएशन ही ऐसी थी कि
उसे अरमान से ऐसी बातें करनी पड रही थी, क्योंकि अरमान की बातें उसे तकलीफ पहुंचा रही थी. अरमान ने अब उसके बालों को उसके कंधों पर टिकाया और उसके कंधे पर चूमते हुए बोला, तुम्हे क्या लगता है? जिस तरह से अरमान बेहद सेडक्टिवली उसके कंधों पर Kiss कर रहा था, अश्की की सांसों ने गहरा होना शुरू कर दिया था. जिसका तूफान उसके सीने में साफ दिखाई दे रहा था. उसका वह ऊपर उठता हुआ सीना, जो हद से ज्यादा Attractive लग रहा था. अरमान अब अपना दूसरा हाथ उसके पेट पर लेकर गया और पेट से ले जाते हुए ही बेहद सेडक्टिव वे ऊपर की तरफ ले जाने लगा. जैसे- जैसे अरमान का हाथ उसके पेट पर से होते हुए ऊपर की तरफ जा रहा था, अश्की की सांस गहरी होती जा रही थी.
तभी अरमान अपनी बात दोहराते हुए बोला, तुम्हें क्या लगता है, मैंने पूछा। तभी अश्की बोली, मुझे, मुझे लगता है, मुझे. यही लगता है कि आप मुझसे भी उतना ही इश्क करते हैं जितना मैं.
अभी उसने इतना ही कहा था कि उसकी आह. निकल गई, क्योंकि अरमान ने उसके सीने पर अपना हाथ ले जाकर दबाव बढा दिया था. इतना दबाव बढा दिया था कि उसे अपने अंग में हद से ज्यादा दर्द महसूस हुआ था. उसके मुंह से इस वजह से दर्द भरी सिसकी भी निकल गई थी. लेकिन अरमान अब वहीं पर नहीं रुका. अरमान ने उसकी बात सुन तो ली थी, लेकिन अब उसने आगे एक शब्द नहीं कहा. उसने अब पलट कर अश्की को अपनी तरफ खडा किया. अब अश्की का सीना पूरी तरह से अरमान के सीने से लग चुका था.
अरमान उसे अब अपनी गहरी नजरों से देख रहा था. दूसरी तरफ अश्की अरमान के जवाब का इंतजार कर रही थी कि क्या वह सच में अश्की से प्यार करता था. लेकिन अरमान उसके सवाल का जवाब दिए बिना ही उसके होठों पर टूट पडा था और शिद्दत से उसके होठों को चूमने लगा था. कभी वह अप्पर Lip को अपने होठों में लेकर चूमता, तो कभी लोअर Lip को अपने होठों में लेकर चूमता. इस वक्त उनके पूरे बदन आपस में उलझे हुए थे. जिस तरह से उनके बदन आपस में लडखडा रहे थे, ऐसा लग रहा था कि कभी भी
उन दोनों में इंटिमेसी स्टार्ट हो जाएगी. इसीलिए अरमान ने अब उसे बिस्तर पर लेटाया. इस वक्त उसके हाथ पूरी तरह से अश्की की बैक पर थे. अभी भी वह लगभग से अश्की के होठों पर अपना कहर बरसाए जा रहा था. उसको You अपने होठों पर कहर बरसाता देख और अपनी बात का जवाब ना देता देख अश्की की आंखों में एक बार फिर से नमी उतर आई थी. वह अंदर ही अंदर अरमान का जवाब पाने के लिए तडप रही थी लेकिन अरमान था कि उसकी तडप शांत करने का नाम ही नहीं ले रहा था वह तो जैसे आग में घी डालने का काम कर रहा था.
वह पागलों की तरह उसके होठों को चूमते हुए ही अपने हाथ आगे की तरफ लेकर आया और उसके सीने पर चलाने लगा. उसके अंगों को अपने हाथों में भर वह हल्का- हल्का सहलाने लगा. जिस तरह से अरमान उसके होठों पर वाइल्डली Kiss कर रहा था, अश्की को अपने होठों में दर्द होना महसूस हो होने लगा था. लेकिन उसने भी अरमान को नहीं छोडा. उसने अब अपनी उंगलियां अरमान के बालों में उलझाई और अरमान भी वाइल्डली उसे स्मूच करने लगा.
उसकी Kiss का प्रेशर जिस तरह से उसके होठों पर पड रहा था, अश्की को अपने होठों में इतना दर्द हो रहा था कि उसे ऐसा लग रहा था कि कभी भी उसके होंठ फटकर उनमें से खून बाहर की तरफ निकल आएगा. लेकिन फिर भी वह अरमान को छोड नहीं रही थी. वह भी अपने होठों को पूरी तरह से खोलकर अरमान को रिस्पांस देने लगी थी. उसकी तरफ से इस तरह का रिस्पांस प्रकार अरमान तो जैसे पागल ही हो गया था. ऊपर से उस पर नशा हावी हो रहा था. दूसरी तरफ अश्की उसे किसी कैफीन से कम नहीं लग रही थी. आज उसे अश्की किसी ड्रग्स के नशे की तरह लग रही थी. जिस तरह से वह उसे खा रहा था, इस वक्त अरमान का दिल कर रहा था कि वह अश्की को पूरी तरह से खा जाए.
तकरीबन पंद्रह बीस मिनट अश्की को चूमने के बाद अरमान ने उसके होठों को अपने होठों से रिहा किया. जिससे अश्की ने खींच कर अपने अंदर सांस ली, क्योंकि अब उसकी सांसे लगभग से उखडने लगी थी. काफी देर से अरमान उसे चूम रहा था, जिस वजह से उसकी सांसे अरमान की सांसों में घुट कर रह रही थी.
अब जैसे ही अरमान ने छोडा था, उसने एक तेजी से सांस अपने अंदर खींची और सांस लेने के लिए पूरी तरह से उसने पूरी मशक्कत लगानी शुरू कर दी जिस तरह से अश्की ने अपने अंदर सांस ली थी, उसका सीना इतना ऊपर की तरफ उठा था कि अरमान ने अपना लोअर Lip अंदर की तरफ दबा दिया था. उसे अपनी बॉडी में एक अलग ही हिट और अकडन महसूस होने लगी थी. अश्की तो वैसे ही उसका बुरा हाल करती थी और आज जिस तरह से अश्की उस पर कहर बरसा रही थी, आज तो अश्की की बैंड बजने वाली थी.
अश्की अब लगभग से गहरी सांस भरते हुए अरमान की तरफ देखते हुए बोली, प्लीज, स्लो कीजिए अरमान जी। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान की नजरे उस पर और गहरी हो गई. उसकी एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई. उसके मुंह से एक बार फिर से अरमान जी सुनकर अरमान को पता नहीं क्यों, एक अजीब सी चिढन सी महसूस हो रही थी. उसे सिर्फ अश्की के मुंह से मान सुनना पसंद था.
अब जिस तरह से अश्की ने उसे अरमान जी कहा था, उसे बिल्कुल भी पसंद नहीं आया था. वही अश्की, जो कि अभी भी गहरी गहरी सांस भर रही थी, उसे तो जैसे कुछ समझ में ही नहीं आया था कि अरमान उसे ऐसे क्यों देख रहा है. लेकिन अगले ही पल अरमान ने दोबारा से उसके होठों को कैप्चर कर लिया और पागलों की तरह फिर से चूमने लगा. उसके चूमने का तरीका अब पहले से भी ज्यादा wild था. जिसे अश्की बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी. उसके हाथ अब अरमान के कंधों पर आ चुके थे. वह लगभग से अरमान के कंधों में अपने नाखून गडाते हुए उसे पीछे करने की कोशिश कर रही थी. लेकिन अरमान को इस चीज से जैसे कुछ फर्क ही नहीं पड रहा था. जैसे- जैसे अश्की के नाखून अरमान के कंधों में गढ रहे थे, उसे तो जैसे एक प्लेजर सा फील होने लगा था.
दूसरी तरफ अश्की का दर्द अब इतना बढ चुका था कि उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे थे. वह रोते हुए ही अरमान को पीछे करने की कोशिश कर रही थी. लेकिन अरमान था कि उस पर उतना ही ज्यादा हावी होने लगा था. जिस तरह से अश्की उसके कंधों को पकड कर पीछे की तरफ कर रही थी, अरमान ने अब उसके हाथों को पकडकर पूरी तरह से ऊपर की तरफ किया और उसे और भी वाइल्डली चूमने लगा. तकरीबन पाँच दस मिनट ऐसे ही Kiss करने के बाद अरमान ने अपना चेहरा पीछे की तरफ उठाया, तो अश्की बुरी तरह से सुबकने लगी. वह रोते हुए बोली, आपने ऐसा क्यों किया, मुझे दर्द हो रहा है, मान.
उसके मुंह से मान सुनकर एक पल के लिए अरमान के सीने में ठंडक पड गई. अब वह बेहद इंटेंस वे में उसके होठों की तरफ देखते हुए अपना अंगूठा उसके होठों पर चलाते हुए बोला, कुछ नहीं, एक छोटी सी गलती की थी तुमने। उसकी बात पर अश्की हैरानी से उसकी तरफ देख रही थी. आखिर उसने ऐसी क्या गलती की, जो अरमान ने उसे इस तरह की सजा दी. उसे तो समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर उसने ऐसी क्या गलती कर दी. अब उसके मुंह से मान. सुनकर अरमान ने उसके होठों पर बडे प्यार से होंठ रखे और लाइट Kiss की. अब वह उसके होठों पर बेहद लाइट लाइट Kiss कर रहा था. जिस तरह से वह इस वक्त उसे चूम रहा था, अश्की भी हैरानी से अरमान की तरफ देख रही थी. एक पल में अरमान इतना ज्यादा वाइल्ड था और दूसरे ही पल अरमान इतना ज्यादा लाइट. उसे तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था.
वह लडखडाती हुई आवाज में बोली, आप ठीक तो है ना, मान।
उसकी बात का अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया. बस अब लगातार उसके होठों को चूमते हुए ही उसकी ठोडी पर आया. फिर उसकी गर्दन को चूमने लगा और गर्दन को चूमते हुए ही वह नीचे की तरफ जाने लगा. जिससे अश्की की सांस और भी गहरी होनी शुरू हो गई. अश्की एक बार फिर से अपनी धीमी सी आवाज में बोली, क्या सच में आप मेरे लिए कुछ नहीं फील करते? उसकी बात पर अरमान के होंठ, जो उसके जिस्म पर चल रहे थे, वह एक पल के लिए रुक गए. अब उसने अपना चेहरा ऊपर की तरफ उठाकर अश्की को गहरी नजरों से देखा.
लेकिन उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया और एक बार फिर से उसके सीने को चूमने लगा. उसे चूमते हुए ही वह नीचे की तरफ जाने लगा. इस बार भी अश्की की आंखों में दोबारा से नमी उतर आई. अरमान सच में कितना जालिम था. अश्की को तडपाने का एक भी मौका नहीं छोडता था और अभी भी उसने वही किया.
जिस तरह से उसने अश्की की बात को इग्नोर करके दोबारा से उसे चूमना शुरू कर दिया था, अश्की को एक बार फिर से अपने दिल में एक अलग ही टीस उठती हुई महसूस हो रही थी. तभी उसके मुंह से एक बार फिर से आह निकल गई, क्योंकि अरमान ने उसके पेट पर चूमते हुए ही उसकी नवल के पास जाकर एक बार फिर से अपने दांतों को उसकी नवल पर हल्का सा गडा दिया था. जिससे उसके आह निकल गई थी. लेकिन उसने इतना जोर से भी नहीं दांत गडाए थे कि उसे हद से ज्यादा दर्द हो. इस वक्त वह उसे मचलने पर मजबूर कर रहा था. अश्की मचल भी रही थी. आज ऐसा लग रहा था कि अरमान उसकी जान पूरी तरह से निकाल कर रहेगा. ऐसे ही चुनते हुए अरमान उसकी कमर तक आया. अब उसकी नजर उसकी लोअर बॉडी पर थी, जिससे अश्की शर्म से डूबे जा रही थी, क्योंकि इस वक्त वह पीरियड्स में थी.
दूसरी तरफ अरमान ने अब उसकी लोअर बॉडी पर होंठ रखें और अपने होठों से ही उसकी लोअर बॉडी को सहलाने लगा. जिससे अश्की बुरी तरह से मचलने लगी. उसे शर्म भी बहुत ज्यादा आ रही थी. क्योंकि जिस तरह से उसके हालात थे, वह ऐसे थे ही नहीं कि उस पर हॉट रखे जाए. इसीलिए उसने अरमान के सिर पर हाथ रखा और उसका सिर पीछे की तरफ धकेलने को हुई कि तभी अरमान ने उसके हाथ में अपना हाथ फसा कर पूरी तरह से बेड पर लगा दिया. जिससे अश्की और भी ज्यादा मचलने लगी. अब वह पूरी तरह से उसकी लोअर बॉडी पर झुका हुआ था और पागलों की तरह चूमे जा रहा था. जिस वजह से उसका दिल जोरो से धक धक कर रहा था. अरमान उसे इस हद तक पागल कर रहा था कि अश्की उसके हाथों से अपना हाथ छुडाने के लिए झटपटा रही थी.
ऐसे ही वह अब दोबारा से अश्की के चेहरे पर आया, तो अब अरमान का चेहरा देखकर अश्की शर्म से डूब कर मरे जा रही थी. उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया. अश्की को उसे शर्माता देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई. इस वक्त अरमान के होंठ पूरी तरह से लाल पड चुके थे. उसके होठों को यूं लाल रंग से रंगता देखकर अश्की को और भी ज्यादा शर्म महसूस हो रही थी. वही अरमान ने उसके गालों को अपने हाथों में पकडा और अपनी तरफ उसका चेहरा घूमाते हुए उसके होठों पर एक पर फिर से होंठ रख दिए. वहीं अश्की तो हैरत से अरमान की आंखों में देखने लगी, जो अभी भी उसकी आंखों में देख रहा था. इस वक्त उसकी आंखों में डेविल एक्सप्रेशन थे. यह अरमान की एक फेंटेसी थी, जो उसने अब अश्की के साथ पूरी की थी.
जिस तरह से अरमान ने उसके होठों पर होठ रखे थे, अश्की का दिल धक से रह गया था. क्योंकि उसने कभी सोचा भी नहीं था कि वह अरमान को इस तरह से Kiss करेगी या अरमान उसे कभी इस तरह से Kiss करेगा. उसकी आंखें तो जैसे फटी की फटी रह गई थी. वह लगातार अरमान की आंखों में देख रही थी. दोनों की आंखें आपस में मिली हुई थी. कोई भी अपनी आंखें बंद नहीं कर रहा था. अब अरमान ने बिना वार्निंग दिए खुद को उसकी तरफ पुश किया, जिससे अश्की पूरी तरह से तडप उठी और उसका चेहरा पूरी तरह से लाल पड गया.
उसे लगा था, शायद अरमान ऊपर ही ऊपर से उसे सिर्फ प्यार करेगा. लेकिन नहीं, अरमान तो सच में उसके साथ इंटिमेट होने लगा. इंटिमेट होते हुए ही वह उसे अभी भी चूमे जा रहा था. चूमते हुए ही अश्की की सिसकियां अब वहां पर गूंजने लगी थी. जिस तरह से अश्की की सिसकिया वहां पर गूंज रही थी, अरमान और भी ज्यादा पागल हुए जा रहा था वह लगातार खुद को मूव करते हुए उसके होठों को चूमते हुए अब वह एक बार फिर से उसकी गर्दन पर आ चुका था. अश्की भी उसकी तरफ देखते हुए बोली, यह आपने क्या किया? आपको घिन महसूस नहीं हुई क्या?
उसकी बात पर अरमान के होंठ, जो उसकी गर्दन पर चल रहे थे, वह एक बार फिर से रुक गए. लेकिन उसने अश्की की तरफ नहीं देखा. तभी अरमान गहरी और इंटेंस आवाज में बोला, क्या कभी तुम मेरे साथ ऐसा करोगी, तो तुम्हें घिन महसूस होगी? अरमान की बात सुनकर अश्की पूरी तरह से चुप हो चुकी थी. उसे तो समझ ही नहीं आ रहा था कि अरमान की बात का वह क्या जवाब दे. लेकिन अरमान भी कहां रुकने वाला था. वह लगातार उसकी गर्दन को चूमते हुए ही खुद को मूव किए जा रहा था. अब उसके हाथ पूरी तरह से उसके बदन पर घूम रहे थे. देखते ही देखते वह पंद्रह बीस मिनट ऐसे ही खुद को उसकी तरफ मूव करता रहा. पंद्रह- 20 मिनट बाद उसने पूरी तरह से अश्की को ऊपर की तरफ उठाया और अपनी गोद में बिठाकर
उसकी बैक पर हाथ रखकर अश्की को मूव करने लगा. यह चीज देखकर अश्की हैरानी से उसकी तरफ देख रही थी. वह कितने आराम से अश्की के साथ यह सब कर रहा था. इस वक्त अश्की के पैर पूरी तरह से उसकी कमर पर लिपटे हुए थे. अरमान के हाथ पूरी तरह से उसकी बैक पर थे और उसकी बैक से ही वह उसे मूव कर रहा था. दोनों के बदन पर इस वक्त बेहिसाब पसीना तैर रहा था और पसीने से तरबतर हुए बदन एक दूसरे से इस कदर उलझे पडे थे कि अलग होने का नाम ही नहीं ले रहे थे. अरमान लगातार अश्की को मूव करते हुए खुद भी उसकी तरफ मूव हो रहा था. अब भी उसके होंठ अश्की की गर्दन पर चल रहे थे.
अश्की की गहरी सांसों का शोर वहां पर पूरी तरह से गूंज रहा था. अश्की के बालों में भी पसीने की बूंदे इस तरह से टपक रही थी कि उसके बाल उसके बदन से चिपक चुके थे. अब अरमान ने एक बार फिर से उसे बिस्तर पर लेटाया और दूसरे ही पल, उसे उल्टा कर दिया. एक बार फिर से उसकी पीठ को भी उसने वैसे ही चूमना शुरू कर दिया. उसकी गर्दन से चूमते हुए वह नीचे की तरफ जाने लगा. उसे नीचे की तरफ जाता देखकर अश्की का दिल जोरो जोरो से धक- धक करने लगा था.
वह पूरी तरह से उसके नीचे झटपटा रही थी. लेकिन अरमान तो जैसे उसे अपने लिए पागल किए जा रहा था. अब अरमान एक बार फिर से उसके ऊपर आया और खुद को उसकी तरफ पुश करते हुए उसने अब उसके गालों पर अपने होंठ रख दिए. जैसे ही इस बार उसने खुद को पुश किया, तो अश्की की चीख निकल गई. क्योंकि इस तरह से पुश करने से अश्की को भी बेहद दर्द हुआ था. इस वक्त वह सीने के बल बिस्तर पर लेटी हुई थी और अरमान की तरफ उसकी पीठ थी. अरमान अब पूरी तरह से उसके ऊपर था और खुद को मूव कर रहा था.
उसको मूव करता हुआ देखकर अश्की धीमी सी आवाज में बोली, मान. मुझे बहुत दर्द हो रहा है।
अरमान भी उसके कानों में गहरी आवाज में बोला, क्या तुम मेरे लिए दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकती। इतना कहते हुए वह लगभग से उसके कानों को चूमने लगा और चूमते हुए ही उसके कानों के पास अपनी जीभ को घुमा रहा था. जिससे अश्की के रोंगटे खडे होने शुरू हो गए थे. उसकी वह जीभ कानों के पास जो घूम रही थी, उसकी पूरी बॉडी में गूसेबंप आ रहे थे. अब अरमान के हाथ आगे की तरफ जाकर उसके सीने पर घूम रहे थे.
सीने पर घूमते हुए ही उसे पूरी तरह से सहला रहे थे. जिससे अश्की और भी ज्यादा मदहोश होने लगी थी. अरमान अब उसके सीने को सहलाते हुए ही खुद को पीछे से ही मूव किए जा रहा था.
अश्की और भी ज्यादा मदहोश होने लगी थी. ऐसे ही पूरी रात मदहोशी भरा सिलसिला चलता रहा. सुबह के छह बजे अरमान हांफते हुए अश्की के साथ लेटा. वही अश्की का तो कहना ही क्या था, वह तो लेटते ही जैसे बेहोश हो चुकी थी. उसकी आंखें इतनी ज्यादा बोझिल हो चुकी थी कि उसकी आंख अब खुल भी नहीं रही थी. दोनों के बदन अभी भी पसीने से तरबतर हुए पडे थे. क्योंकि अभी- अभी दोनों एक दूसरे से अलग हुए थे पूरी रात एक दूसरे से उलझने के बाद. जाहिर सी बात थी कि दोनों बहुत ज्यादा थक चुके थे. अरमान की सांस भी इस वक्त हद से ज्यादा गहरी चल रही थी.
वही अश्की, जो कि अरमान के छोडते ही पूरी तरह से नींद में चली गई थी. उसे तो पता ही नहीं चला कि कब कहां कैसे उसे नींद आई. अरमान ने अब उसकी तरफ देखा, तो उसकी गहरी सांसों को महसूस कर अरमान को पता चल चुका था कि अश्की पूरी तरह से सो चुकी है. अब उसने पास में पडे हुए ही वेट वाइव्स लिए और अश्की को क्लीन करके उसे अपनी तरफ खींचा. फिर उसे बाहों में भरकर उसकी गर्दन में सिर छुपा कर सो चुका था.
सुबह के तकरीबन नौ बजे,
अरमान की नींद हल्की सी धूप पडने से खुली, क्योंकि अभी भी वह Garden एरिया में ही सोया हुआ था. उसके बदन पर वाइट Color की ब्लैंकेट लिपटी पडी थी. जैसे ही उसकी आंख खुली, उसने बगल में अश्की को देखा, तो उसकी आंखें बडी हो गई. क्योंकि इस वक्त वहां पर कोई भी नहीं था. अश्की को अपने पास ना पाकर अरमान का चेहरा गुस्से से भर गया. उसे कल रात की हर एक बात याद थी. अब वह अपनी जगह से खडा हुआ और जल्दी से उसने अपनी लोअर और शर्ट पहनी और अपने Room से बाहर निकल गया. Room से बाहर निकलते ही उसने ईधर देखा, तो उसे वहां पर कोई नजर नहीं आया. तभी उसकी नजर सर्वेंट पर पडी, जो कि वहां पर सफाई कर रहे थे. लेकिन वह ज्यादा कुछ ध्यान नहीं देते हुए अश्की के Room की तरफ बढ गया. जैसे ही वो अश्की के Room की तरफ बढा, उसने अश्की के Room का दरवाजा खोला, तो अश्की के Room में भी कोई नहीं था. अब अरमान के चेहरे पर परेशानी छलकने लगी थी.
To be continue.
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