
त्रेहान palace,
अभी- अभी अश्की ने अरमान से जो कहा था, उसे सुनकर अरमान का दिल तेजी से धडक उठा था. क्योंकि अश्की अपनी नम आंखों से अरमान की तरफ देखते हुए बोली थी कि वह उसे महसूस करना चाहती है. उसकी यह बात सुन कर अरमान का दिल जैसे अंदर तक बेचैन हो उठा था. अब उसने उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए ही उसे जमीन पर लेटाया और उसके होठों पर झुक कर कंटीन्यूअस उसके होठों को चूमने लगा. जिस तरह से वह उसके होठों को चूम रहा था, ऐसे लग रहा था कि वह जैसे जन्मों का प्यासा हो. वह लगातार अश्की के होठों को चूमे जा रहाथा. वहीं अश्की, जो कि अब जमीन पर आ चुकी थी, जो टुकडे पहले अरमान के जिस्म में धंस रहे थे, अब वह अश्की के जिस्म में धंस रहे थे.
जिस तरह से नीचे कांच बिखरा हुआ था, उसे कांच पर पहले अरमान की पीठ चल रही थी, लेकिन अब अश्की की पीठ चल रही थी लेकिन दोनों में से किसी को जैसे इस चीज से फर्क ही नहीं पड रहा था. वह तो बस एक दूसरे को जैसे महसूस करने में लगे हुए थे. अरमान भी होश में नहीं था और अश्की तो होश में थी कहां. वह तो जब से अरमान से इश्क कर बैठी थी, तब से ही होश गवा बैठी थी. अब तो हद ही हो गई थी जिस तरह से वह एक दूसरे को खाने में लगे हुए थे.
जिस तरह से वह कांच पर लेट कर एक दूसरे पर हावी हो रहे थे. ऐसा लग रहा था, जैसे बरसों के प्यासे एक दूसरे की प्यास बुझा रहे हो. कभी अरमान अश्की के ऊपर, तो कभी अश्की उसके ऊपर आकर उसकी कमर पर बैठकर उसकी गर्दन पर, उसकी चेस्ट पर आकर चूमने लगती. जिससे अरमान और भी ज्यादा बेचैन होता. अश्की के वह सॉफ्ट होंठ, उसकी वह गहरी सांस, अरमान को और भी ज्यादा बहका रही थी. जिस तरह से अश्की उसके सीने पर चूम रही थी, आज पहली बार वह उसको इस तरह से खुद पर हावी होते हुए देख रहा था. लेकिन आज तो अरमान की जिस तरह से आंखें लाल थी, ऐसा लग रहा था, वह हद से ज्यादा नशे में हो. लेकिन अगर वह होश में होता, तो शायद अश्की को इस कदर आज अपने करीब ना आने देता.
वही अश्की लगातार उसकी चेस्ट को चूमते हुए ही उसके पेट तक आई और अपनी जीभ को उसके पेट पर घुमाते हुए ही उसकी पेंट के बटन खोलते हुए लगभग से उसके पेट को ही चूमे जा रही थी. जिससे अरमान और भी ज्यादा तडपने लगा था. उसके हाथ अपने आप ही अश्की के बालों पर आ चुके थे. आज की रात शायद उन दोनों की सबसे खूबसूरत रात बनने वाली थी. जिस तरह से वो एक दूसरे को प्यार कर रहे थे. भले ही उन्हें दर्द मिल रहा था, एक दूसरे के शरीर में कांच चुभ रहे थे, लेकिन उसमें भी उन्हें हद से ज्यादा सुकून मिल रहा था.
वहीं अश्की, जिसके बदन पर अभी भी गीले कपडे थे, वह अब अरमान लगभग से सारे उतार चुका था. अब सिर्फ उसकी लोअर बॉडी पर कुछ कपडे रह चुके थे, जो कि उसके निजी कपडे थे. वह भी अश्की के पीरियड्स की वजह से. अब अरमान को याद आया कि अश्की को तो पीरियड्स आए हुए है. यह चीज सोचकर अरमान पीछे की तरफ हटने को हुआ कि तभी अश्की उसका हाथ पकडते हुए ना में सिर हिला कर बोली, प्लीज मान, अधूरा मत छोडिए, मुझे आपको महसूस करना है. अपने अंदर तक समेटना चाहती हूं मैं आपको। इतना कहते हुए लगभग से उसकी आंखों में नमी उत्तर आई थी. यह चीज देखकर तो अरमान का जैसे एक पल के लिए दिल दहल उठा.
अब वह पूरी तरह से अश्की के ऊपर झुका और उसके होठों को एक बार फिर से चूमने लगा. जिस तरह से वह भी उसके होठों को चूम रहा था, अश्की की जन्मों की प्यास बुझ रही थी. उसके बुझे हुए चेहरे की रौनक जैसे हल्की- हल्की वापस लौटने लगी थी. वही अरमान भी लगातार उसके होठों पर कहर बरसाने पर लगा हुआ था. वह जिस तरह से उसके होठों को अपने होठों में लेकर Kiss कर रहा था, कभी- कभी तो अरमान को अपने होठों में अश्की के लहू की बूंद का स्वाद भी आ रहा था.
जिस प्रेशर से वह अश्की को Kiss कर रहा था, अश्की की भी सांस फूलने लगी थी. लेकिन फिर भी वह अरमान को रुकने को नहीं कह रही थी और लगातार अरमान को खुद पर हावी होने दे रही थी. अरमान लगभग से उसे चुमते हुए ही उसकी गर्दन पर आया और धीरे- धीरे उसके गले को चूमते हुए ही उसके हाथ अब उसके बदन पर चलने लगे थे. वह उसकी पूरी बॉडी को एक्सप्लोर करने लगे थे. एक्सप्लोर करते हुए ही उसके हाथ उसके सीने के अंगों पर आकर ठहर चुके थे. धीरे- धीरे वह उन्हें सहलाने लगा था. जिस तरह से वह उसके सीने को सहला रहा था, अश्की की सिसकियां और भी ज्यादा तेज होने लगी थी. वह अरमान के हाथों को खुद पर महसूस कर हल्का- हल्का तडपने लगी थी. लेकिन यह तडपना उसे अंदर तक सुकून से भर रहा था.
वही अरमान लगातार उसके गले को चूमते हुए नीचे की तरफ आया और उसके सीने पर आकर उसके अंगों को अपने होठों से चूमने लगा. चूमते हुए ही उसने उसके अंगों पर लगभग से नीले निशान दे दिए थे. वही अश्की लगातार अपने नाखूनों को जमीन पर कुरेद रही थी, जिससे उसके नाखून भी टूटने लगे थे. अश्की के हाथ कभी अरमान के बालों में आकर फंसते, तो कभी अरमान के कंधों पर गढ जाते, तो कभी जमीन पर कुरेदने लगते. जब- जब अश्की अरमान के कंधों में अपने नाखून धंसा रही थी, तब तब अरमान का चूमना और भी ज्यादा पैशनेट हो जाता था.
जिससे अश्की के होठों पर दबाव और भी बढ जाता. उसे अपने होठों में अब दर्द महसूस होने लगा था. लेकिन फिर भी वह आज जैसे रुकने नहीं वाली थी. उसने अब एक बार फिर से अरमान के कंधों पर हाथ रखा और लगभग से उसे एक बार फिर से जमीन पर लेटाते हुए खुद उसके ऊपर आ चुकी थी. अब अश्की चेस्ट पर चूमते हुए नीचे की तरफ जाते हुए अब उसने पूरी तरह से अपना चेहरा उसके पेट पर रगडना शुरू कर दिया था. जिस तरह से अश्की उसके पेट पर अपना चेहरा रगड रही थी, अरमान को अपने पेट पर गुदगुदी हो रही थी.
सांस तो उसकी पहले ही बहुत ज्यादा गहरी चल रही थी. अब तो जैसे उसे कुछ- कुछ होने लगा था. वही अश्की भी हद करने लगी थी. उसने अब हल्की सी टंग बाहर निकाली और उसकी नवल में अपनी टंग घुमाते हुए अंदर की तरफ चूमने लगी जिससे अरमान की जान जैसे उसकी मुट्ठी में आने लगी थी. आज पहली बार अश्की उसकी जान निकालने पर तुली हुई थी. जबकि हमेशा उल्टा होता था. हमेशा अरमान ही उसे डोमिनेट करता था. अब अश्की पूरी तरह से कमर पर आई और धीरे- धीरे कर वह उसकी पेंट और उसकी इनरवियर उसकी बॉडी से अलग करती है. अब अरमान पूरी तरह से उसके सामने था.
अरमान को इस तरह से देखकर अश्की की नजरे उस पर गहरी होने लगी थी. उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था. अब वह उसकी लोअर बॉडी पर झुकी और धीरे- धीरे कर उसने जो किया, अरमान की सांस उसके हलक में अटक गई. उसे जरा सी भी उम्मीद नहीं थी कि अश्की कुछ ऐसा करेगी. अब उसने अश्की के बालों को और कसकर मुट्ठी में जकड लिया था. क्योंकि आप जिस तरह से अश्की उस पर कहर बरसाने पर लगी हुई थी, अरमान को जैसे अपना आपा खोने पर मजबूर कर रही थी.
अश्की की लगातार गुथी हुई आवाज अब उसे कमरे में गूंजने लगी, जो कि किसी मधुर संगीत का काम कर रही थी. उसकी वह गुथी हुई आवाजों को महसूस कर अरमान और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगा था. बहुत जल्दी वह अपनी जगह से उठा और अगले ही पल अश्की को नीचे लेटाते हुए उसकी आंखों में देखने लगा, जहां से अब आंसू बह रहे थे. उसकी आंखों में आंसू देख कर अरमान ने लोअर Lip अंदर की तरफ दबाया और उसे देखते हुए बोला, क्या मैं भी करूं?
अरमान की बात पर अश्की का दिल तेजी से धडकने लगा. वह अपनी पलके पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाते हुए बोली, लेकिन मुझे पीरियड्स आए हुए हैं। उसकी बात पर अरमान मुंह बनाते हुए बोला, तो फिर क्या हुआ। इतना कहकर वह नीचे की तरफ जाने को हुआ कि तभी अश्की उसके कंधों पर हाथ रखते हुए बोली, प्लीज, मत कीजिए। इतना कहते हुए ना में सिर हिलाने लगी. वही अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, तुम अभी से ना ना कर रही हो. अभी तो मेरी रैंबो Kiss का पूरा- पूरा मूड है। उसकी बात पर अश्की हैरानी से अरमान की तरफ देखने लगी. उसे तो समझ ही नहीं आया कि एक पल के लिए अरमान ने कहा तो कहा क्या. वह लडखडाती हुई आवाज में बोली, वह क्या होता है!
उसकी बात पर अरमान उसके चेहरे पर झुका और बेहद गहरी आवाज में बोला, तुम्हें नहीं पता, क्या होता है? उसकी बात पर अश्की ना में सिर हिलाते हुए बोली, नहीं जानती हूं, इसीलिए तो आपसे पूछ रही हूं कि वह क्या होता है। तभी अरमान ने अपना फोन देखा, जो कि इस वक्त उसके पास नहीं था. क्योंकि अरमान का फोन उसकी पॉकेट में था. जब अश्की ने उसके बदन से पेंट उतार कर अलग की, तो फोन भी उसी के साथ साइड पर गिर पडा था. अब उसकी नजर साइड पडी पेंट पर गई. पेंट को देखकर अब उसने अपना हाथ आगे की तरफ बढाया और उसमें से फोन निकाला. वह उसमें से कुछ सर्च करने लगा. कुछ ही देर में कुछ सर्च करके अरमान ने वह फोन अश्की के आगे कर दिया.
जैसे ही अश्की ने वह वीडियो देखा, अश्की के होश पूरी तरह से उड गए. अभी कुछ देर पहले वह नशे में थी, लेकिन अब जो वीडियो वह देख रही थी, उसे देखकर तो उसके चेहरे की हवाइयां उड चुकी थी. वही अरमान उसे डेविल नजरों से देखते हुए बोला, सो, बी गेट रेडी, मैं अब ट्राई करने वाला हूं। इतना कहते हुए लगभग से अरमान उसकी लोअर बॉडी पर झुकने ही वाला था कि तभी अश्की जल्दी से अपनी जगह से उठते हुए बोली, नहीं, वह गंदा होता है।
उसकी बात पर अरमान अब उसे घूरते हुए बोला, अगर तुम बीच में बोली ना, तो आई स्वीयर, मै जबरदस्ती करने उतर आऊंगा. फिर तुम मत कहना, तुम्हें ही पेन होगा इसमें। लेकिन अब अश्की की आंखों में नमी उतर आई थी. उसे अनकंफरटेबल वाली फीलिंग आने लगी थी. उसे You अनकंफरटेबल होता हुआ देखकर अरमान ने अब गहरी सांस ली और उसके चेहरे पर आया. वह उसके गालों को अपने हाथों में थामते हुए बोला, ओके, अगर तुम नहीं चाहती हो, तो मैं नहीं करूंगा. बट तुम ठीक रहो, रोना बंद करो। इतना कहते हुए उसने अश्की को अपने सीने से लगा लिया था.
अश्की तो और भी हैरानी से अरमान की तरफ देखने लगी, क्योंकि अरमान कभी भी उसे इस तरह से पेश नहीं आया था. लेकिन अगले ही पल उसने जब अपना चेहरा पीछे की तरफ खींचा, तो अरमान के मुंह से उसे अल्कोहल की बहुत गंदी स्मैल महसूस हुई. अगले ही पल अश्की के चेहरे पर मुस्कराहट तैर गई. वह लडखडाती हुई आवाज में बोली, आपने भी ड्रिंक की है. आज मैंने भी की है। इतना कहते हुए वह लगभग से हंसने लगी. उसे यूं हंसता हुआ देखकर एक पल के लिए अरमान की नजरे उसके चेहरे पर ठहर गई. अश्की के चेहरे पर वह दुनिया जहां की मासूमियत जैसे अरमान ने छीन सी ली थी. लेकिन अभी भी कहीं ना कहीं उसमें मासूमियत बाकी थी. जिसे शायद अरमान जिंदा कर सकता था.
वही अरमान अब उसके चेहरे को अपने हाथों में थामते हुए बोला, तुम्हें मुझे महसूस करना है ना। उसकी बात पर अश्की ने हां में सिर हिलाया. अरमान ने उसे अपनी गोद में उठाया और उसे बालकनी की तरफ ले जाने लगा. अरमान को बालकनी में जाता हुआ देखकर अश्की की आंखें हैरत से फैल गई. वह जल्दी से अरमान की गोद में झटपटाते हुए बोली, हमें कोई देख लेगा वहां पर, अच्छा नहीं लगता. दोनों ने कपडे नहीं पहने हैं। उसकी बात पर अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया. लेकिन वह अपने कदम लगातार बालकनी की तरफ बढाता गया. तभी अश्की ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली. वह नहीं चाहती थी कि कोई उन्हें देख ले, क्योंकि अरमान के कमरे की बालकनी काफी बडी थी. जिसमें हर तरफ Garden की तरह नीचे घास बिछी हुई थी और साथ ही में एक हैंगिंग झूला. उसी के साइड में एक सोफा हुआ था, जोकि काफी लंबा था. बालकनी काफी बडी थी.
ऊपर से काफी हद तक खुली भी थी. अरमान को बालकनी की तरफ जाता देख अश्की का दिल जोरो से धक- धक करने लगा. लेकिन जैसे ही उसने बालकनी का नजारा देखा, तो एक पल के लिए जैसे उसका दिल धडकना ही छोड गया. अब उसकी आंखों से आं
सू तेजी से बहने लगे.
To be continue.





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