
ठाकुर हवेली,
अभय ने अभी-अभी सांवरी को थप्पड़ जड़ा था, जिससे सावरी जमीन पर जा गिरी थी। उसकी आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे थे। दूसरी तरफ थप्पड़ की आवाज सुनकर रणबीर भी भागता हुआ अंदर की तरफ आया, क्योंकि काफी तेज आवाज हुई थी। जिस वजह से पीछे आते रणवीर को भी उस थप्पड़ की आवाज साफ सुनाई दी थी। वहीं अभय अब यहीं पर नहीं रुका, उसने अब सांवरी के बालों को मुट्ठी में भरा और लगभग से दांत पीसते हुए उसे ऊपर की तरफ उठाया और दांत पीसते हुए बोला,
"साली कुत्तिया, बहन चोद, कहां तुझे कसर छोड़ी थी। जब जरूरत पड़ी, तब तुझे लंड दिया। लेकिन भोसड़ी की, लगता है तुझे हर वक्त चाहिए। आज मैने तेरे मुंह में ना मुत्ता, तो मैं भी अभय ठाकुर नहीं। आज मरूंगा तेरी गांड, लेकिन मेरा लण्ङ तेरी भोसड़ी से बाहर ना निकल आया, तब बताना। बहुत शौंक है ना भागने का, आज तेरी टांगें तोड़ कर बिस्तर पर डाल दूंगा भोसड़ी की।" दूसरी तरफ बाहर से आए हुए रणवीर में जब उसकी यह बातें सुनी, तो उसके हाथों की मुट्ठियां पूरी तरह से कस गई। रणवीर की आंखें लाल होनी शुरू हो गई थी।
इस वक्त रणवीर के जबड़े पूरी तरह से कस चुके थे। इस वक्त उसे अभय पर इतना गुस्सा आ रहा था कि उसका दिल कर रहा था कि वह अभय की जान ले ले। लेकिन इस वक्त वह चुप खड़ा था। लेकिन उसका चेहरा गुस्से से लाल होने लगा था। वह जानता था कि अगर अभय को रोका, तो शायद अभय को उस पर शक होने लगे। इसीलिए वह चुप खड़ा रहा। वहीं अभय अब उसे दोबारा बालों से पकड़ कर खींचते हुए अंदर की तरफ ले जाते हुए बोला, "चल बहनचोद, बहुत तेरी गांड फुदक रही थी ना भागने के लिए, आज तेरी गांड शांत करता हूं। शांत क्या, फाड़ देता हूं।" इतना कह कर
वह सांवरी को लगभग से खींचते हुए अंदर की तरफ लेकर आया। पहले जाकर उसने उसे जमीन पर पटक दिया, जिससे सावरी की कमर पर हल्की सी चोट लग गई। वह बुरी तरह से तड़प उठी और रोते हुए हाथ जोड़कर बोली, "मुझसे गलती हो गई, बाबू साहब, मैं आगे से ऐसा कुछ नहीं करूंगी, प्लीज।" इतना कहते हुए लगभग से अपने हाथ जोड़ रही थी। लेकिन अभय को उस पर बिल्कुल भी तरस नहीं आ रहा था। अब वह गुस्से से गरजते हुए बोला, "साली कुत्तिया, तुझे तो मै बताता हूं।
पहले तो मुझे मूत तेरे मुंह पर करना है।" अभय की बात सुनकर सांवरी के होश पूरी तरह से उड़ चुके थे। क्योंकि उसने सोचा नहीं था कि अब अभय उसके साथ इतना ज्यादा क्रुएल हो जाएगा। क्रूअल तो शायद वह पहले से ही था, लेकिन आज शायद वह अपनी लिमिट क्रॉस करने वाला था। अभय ने अब उसके सामने ही अपने सारे कपड़े उतारे और कुछ ही देर में वह पूरी तरह से सांवरी के सामने नेकेड खड़ा था।
उसका dick पूरी तरह से हार्ड हुआ पड़ा था। अब वो गुस्से से उसके पास आया। इस वक्त सांवरी पूरी तरह से जमीन पर बैठी हुई थी। जैसे-जैसे अभय उसके पास आ रहा था, वैसे-वैसे सांवरी की सांस उसके हलक में अटक चुकी थी। अभय पूरी तरह से उसके पास आया और उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए उसका चेहरा ऊपर की तरफ उठाया। अगले ही पल उसने अपने डिक को अपने हाथों में होल्ड किया। अभी भी वह कमरे में थे। सांवरी रोते हुए बोली, "प्लीज, ऐसा मत कीजिए। प्लीज, मुझे माफ कर दीजिए। मैं आगे से ऐसा कुछ नहीं करूंगी।" लेकिन अभय को उस पर बिल्कुल भी तरस नहीं आया. जिस तरह की सांवरी की हालत थी, शायद कोई और होता,
तो सांवरी के लिए अपनी जान भी दे देता। लेकिन अभय तो ठहरा पत्थर। उसने अब अपनी पूरी तरह से डिक को होल्ड किया और खुद के शरीर को पूरी तरह से ढीला छोड़ दिया। अगले ही पल, अभय का pee पूरी तरह से सांवरी के चेहरे पर गिरने लगा। जिससे सांवरी का चेहरा पूरी तरह से कांप गया और आंखें बंद हो गई। आज सांवरी का दिल कर रहा था कि कोई गड्ढा खोदे और बस उसी में वह दफन हो जाए। अब सांवरी को अपनी गलती सच में रियलाइज हो रही थी कि उसने इतनी बड़ी गलती कर दी।
सांवरी का दिल कर रहा था कि अगर वह भागी ही थी, क्यों ना वह अपनी जान दे देती। जो हाल अब अभय उसका कर रहा था। इतना घिनौना पन देखकर सांवरी को खुद से घिन महसूस होने लगी थी। अभय लगातार उसके ऊपर pee किए जा रहा था। आज तो सच में अभय ने हद पार कर दी। कुछ ही देर में वह पूरी तरह से खाली होकर सांवरी को देखते हुए बोला, "अभी तो एक बार किया है, अभी जितनी बार आएगा, तेरे मुंह पर ही मूतना है मुझे।"
दूसरी तरफ सांवरी, जो पूरी तरह से जमीन पर बैठी हुई थी, उसकी आंखें पूरी तरह से सुन्न हो चुकी थी। ऐसा लग रहा था, जैसे अभय ने उसके बदन में से जान ही निकाल ली हो। अभय ने अब उसके बालों को छूना चाहा, तभी घिन से भरते हुए खुद से बोला, "अरे यार, मैंने क्या कर दिया। पहले तुझे चोदना चाहिए था, फिर जाकर मूतना चाहिए था। अब तो बहन चोद तुझे चोदने में भी ज्यादा मजा नहीं आएगा, क्योंकि तुझे मैं छू नहीं सकता।
लेकिन छोडूंगा तो मैं तुझे अभी भी नहीं।" इतना कहते हुए उसने लगभग से सांवरी को धक्का दिया, जिससे सांवरी जमीन पर जा गिरी। उसका मुंह एक बार फिर से अभय के पी पर, जो की जमीन पर फैला हुआ था, उसे पर जा लगा। अभय ने उसे डॉगी पोजिशन में जमीन पर ही किया और अगले ही पल उसके कपड़े फाड़ दिए। लेकिन अभी उसकी अप्पर बॉडी पर कपड़े थे।
लेकिन लोअर बॉडी पर कपड़े बिल्कुल भी नहीं थे, क्योंकि वह उसने फाड़ कर अलग कर दिए थे। उसकी ass पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठा दी थी। अगले ही पल अपनी dick को दोबारा से होल्ड कर सांवरी के पीछे से ass पर रख अंदर की तरफ थ्रस्ट कर दिया। जिससे सांवरी की दर्दनाक चीख निकल गई।
वहीं बाहर खड़े रणवीर ने भी सांवरी की आवाज सुनी थी। सांवरी की आवाज सुनते ही उसकी आंखें लाल हो गई थी। जैसे उसका खून खौल रहा था। अब वो जल्दी से बाहर की तरफ निकल गया। देखते ही देखते वह बाहर की तरफ आया और गाड़ी में बैठ वहां से निकल गया।
To be continue...





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