72

Ex wife

त्रेहान palace,

Guest room,

अरमान ने अभी- अभी अश्की को अंदर की तरफ खींचा था और अंदर खींचते ही अश्की की आंखें बडी हो गई थी, क्योंकि सामने खडी रश्मि पूरी तरह से बेलीबास थी. वही रश्मि के भी होश पूरी तरह से उड चुके थे. उसने यह उम्मीद तो बिल्कुल भी नहीं की थी कि अरमान कुछ ऐसा करेगा. अरमान ने जिस तरह से बिना रश्मि के परवाह किए दरवाजा खोल दिया था, रश्मि का दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था और ऊपर से रश्मि पूरी तरह से बेलीबास, थी. भले ही रश्मि ने उसके सामने अपने पूरे कपडे उतार दिए है, लेकिन मजाल है कि अरमान ने उसके बदन की तरफ एक बार भी देखा हो.

अभी भी अरमान की पीठ रश्मि की तरफ थी. उसने रश्मि की तरफ एक बार नहीं देखा था. उसकी नजरें तो अश्की पर गढ चुकी थी, जो उसकी आंखों के सामने खडी थी. अब रश्मि जल्दी से अपने आप को अपने हाथों से कवर करते हुए बेड की तरफ भागी और तेजी से उसने ब्लैकट को उठाकर खुद पर लपेट दिया. वहीं दूसरी तरफ अश्की, जोकि आंखें फाडे रश्मि की तरफ देखे जा रही थी. जैसे ही उसने खुद को कवर किया, उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा दिया. अब जाकर उसे रियलाइज हुआ कि वह रश्मि को Kiss तरह से देख रही थी. एक पल के लिए उसका मुंह तो खुला का खुला ही रह गया था.

वही रश्मि, जोकि बेड पर उछल कर चढते हुए खुद को ब्लैंकेट में उसने कवर किया था. अब वह चिल्ला कर बोली, अरमान, यह क्या कर रहे हो तुम? तुम्हें नहीं पता, मैं Kiss हाल में हूं। लेकिन अरमान ने उसकी बात का कोई भी जवाब नहीं दिया, वह तो सिर्फ अश्की को देखने में बिजी था.

दूसरी तरफ अरमान, जिसे अब नशा होने लगा था, उसने अश्की को मुंह घुमाते हुए देखा, तो मुंह बनाते हुए बोला, यह क्या बात हुई, इतनी देर से दरवाजा खोलने की जिद कर रही हो. अब दरवाजा खुला है, तो मुंह ही घुमा लिया. तुम्हें शर्म नहीं आती, पहले मुझे छेडती हो, मुझे दरवाजा खोलने को कहती हो और अब मुंह दूसरी तरफ घूमा रही हो। अरमान की बात सुनकर अश्की की आंखें बडी हो गई. उसने अब पलट कर अरमान की तरफ देखा, जो पूरी तरह से उसके चेहरे के ऊपर झुका हुआ था. इस वक्त अरमान की आंखों में मदहोशी छाने लगी थी.

अश्की बस उसे हैरानी से देख रही थी कि आखिर अरमान इस तरह की बातें कर कैसे रहा है. वह तो उससे हद से ज्यादा गुस्सा था. तभी उसकी नजर दोबारा से अरमान के हाथ पर पडी, जहां पर अब खून हल्का- हल्का जम चुका था. उसके हाथ को देखकर एक बार फिर से अश्की की आंखों में नमी उतर आई थी. वह उसका हाथ पकडने को हुई कि तभी अरमान, जोकि मदहोश होने लगा था, उसकी भी नजर अपने हाथ पर गई. एक बार फिर से उसकी नजर अश्की पर सर्द हो गई. वह अब अश्की का हाथ झटकते हुए बोला, डोंट Touch मी, तुम्हें क्या फर्क पडता है कि मैं जियू या मरूं. तुम तो अपनी ऐश करो, क्यों आई हो मेरे पीछे, hmm.

इतना कहते हुए अरमान ने उसका हाथ पकड लिया था और एक बार फिर से उसे कमरे से बाहर निकालने को हुआ. तभी अश्की उसकी तरफ पलटी और उसका चेहरा अपने हाथों में थामते हुए बोली, कैसी बातें कर रहे हैं, मान.

आपको चोट लगी है। तभी अरमान भी उसके चेहरे को अपनी उंगलियो के बीच दबाते हुए बोला, तो तुम्हें उससे क्या? मैं मरू या जियू. मुझे चोट लगे, मेरा सिर फूटे, तुम्हें तो इससे कोई लेना- देना नहीं होना चाहिए. तुम्हें तो दुआ करनी चाहिए कि मैं मर जाऊं और कभी तुम्हारे पीछे ना आऊ। जैसे ही अरमान ने यह बात कही, अश्की ने उसके होठों पर अपनी उंगलियां रख दी. इस वक्त उसका हाथ पूरी तरह से कांप रहा था और आंखों में नमी हद से ज्यादा उतर आई थी. जिस तरह से अरमान ने अपनी बात कही थी, एक पल के लिए अश्की का दिल कांप उठा था. यह तो बस वही जानती थी कि उसने Kiss तरह से अरमान की यह बात बर्दाश्त की थी.

अब उसके मोटे- मोटे आंसू उसकी आंखों से बहने चालू हो गए थे. वहीं अरमान, जो इस वक्त गुस्से से अश्की को घूर रहा था, जैसे ही उसने अश्की के आंसू को देखा, तो उसके चेहरे के भाव एक बार फिर से बदलने लगे. उसने अब अपना हाथ ऊपर की तरफ उठाया और अश्की के आंसुओं पर लगभग से अपने अंगूठे से साफ करते हुए देखने लगा. लेकिन जैसे ही उसने अपने अंगूठे पर उसके आंसुओं को महसूस किया, तो एक बार फिर से उसके चेहरे के भाव बदलने लगे. अब वह एक्सप्रेशन लेस होते हुए बोला, किसके लिए बहा रही हो ये आंसु, hmm.

क्या होगा, अगर मैं मर जाऊंगा तो? तुम्हारे मेरे यूं होठों पर उंगलियां रखने से मेरी उम्र लंबी नहीं हो जाएगी। उसने इतना ही कहा था कि अश्की चिल्ला कर बोली, चुप हो जाइए मान.

मैं नहीं सुन पाऊंगी। तभी अरमान उसका हाथ पकड कर उसके कानों से हटाते हुए दांत पीसकर बोला, सुनना पडेगा तुम्हें, तुम ही थी ना, जो मेरा चेहरा नहीं देखना चाहती थी. तो अब क्यों आई हो मेरे पीछे? तभी अश्की को एक बार फिर से रियलाइज हुआ कि वह अब क्या कर रही थी. अगर वह इसी तरह अरमान के दर्द में तडपती रहेगी, अरमान के पीछे आएगी, तो अरमान को यह पता लगते देर नहीं लगेगी कि आखिर बात क्या है. यही सोचकर अब वह जल्दी से अरमान के हाथ को अपने चेहरे से हटाते हुए बोली,

मैं वह बस यूं ही टहलते टहलते ऊपर ऊपर आ गई थी मैं। इतना कहकर वह अब पीछे की तरफ होने को हुई कि तभी अरमान ने उसकी कमर पर हाथ रखा और उसे खुद से चिपकाते हुए और भी उसके चेहरे पर झुकने लगा. यह चीज देखकर अश्की की सांस गहरी होने लगी. जिस तरह से अरमान उसके ऊपर झुक रहा था, इस वक्त उसे कुछ कुछ होने लगा था. पहले वह जब अरमान से प्यार नहीं करती थी, तब भी वह अरमान को कभी रेसिस्ट नहीं कर पाती थी. लेकिन अब, अब तो अरमान से प्यार करने लगी थी. अब तो सवाल ही पैदा नहीं होता था कि वह अरमान को रेसिस्ट कर जाए.

लेकिन अभी फिलहाल हालात अलग थे. जिस वजह से उसे अरमान को खुद से दूर करना था. इसीलिए वह अरमान की चेस्ट पर हाथ रखते हुए लडखडाती हुई आवाज में बोली, मान.

Please control yourself.

जैसे ही अश्की ने ये बात कही, अरमान का चेहरा एक बार फिर से गुस्से से भरने लगा. अगले ही पल उसने अश्की के बालों को मुट्ठी में भरा और उसके चेहरे को पूरी तरह से अपने हाथों में पकडते हुए पूरी तरह से उसके होठों को अपने मुंह में ले लिया. वहीं दूसरी तरफ बेड पर बैठी हुई रश्मि इस वक्त जबडे कसते हुए उन दोनों की तरफ देख रही थी. वह चाह कर भी कुछ बोल नहीं सकती थी, क्योंकि इस वक्त वह पूरी तरह से नेक्ड बेड पर बैठी हुई थी. ऊपर से जिस तरह से उसने चद्दर लपेटी हुई थी, वह नहीं चाहती थी कि अरमान कोई ऐसी हरकत करें और उसकी अश्की के सामने बेइज्जती हो जाए. अरमान लगातार उसके होठों को चूमे जा रहा था. अब उसने अश्की को पीछे की तरफ घुमाया, जिस तरफ बिस्तर था. उसे बिस्तर की तरफ घूमता देख रश्मि की आंखें बडी हो गई.

क्योंकि रश्मि ऑलमोस्ट पहले ही बेड पर थी. अब अरमान लगभग से अश्की को बेड की तरफ ले जाने लगा. यह चीज देखकर अश्की का दिल तेजी से धडकने लगा. उसकी सांसे और भी तेज होनी शुरू हो गई. वह लगातार अरमान से छूटने की कोशिश करने लगी. लेकिन अरमान तो उस पर हावी होता चला जा रहा था. उसने अश्की के हाथों को पूरी तरह से पीछे की तरफ लगा दिया था और लगभग से अपनी Kiss का प्रेशर बनाते हुए उसे पीछे की तरफ धकेल रहा था. जिससे अश्की के पैर पूरी तरह से लडखडा रहे थे. इस वक्त अश्की को अपने पेट में जो दर्द हो रहा था, अब थोडा कम हो गया था. लेकिन जिस तरह से अरमान उसे धकेल रहा था, अब वह दर्द धीरे- धीरे बढने लगा था.

अरमान ने लगभग से उसे पीछे की तरफ धकेलते हुए बेड पर ले जाकर एकदम से फेंक दिया. जिससे अश्की पूरी तरह से बेड पर जाकर गिरी. उसके हाथ, जो कि अरमान ने पीछे की तरफ पकडे थे, एकदम से छोडने की वजह से उनमें हल्का सा खिंचाव पैदा हो गया. अश्की के मुंह से आह निकल गई.

वही रश्मि तो पूरी तरह से सन्न पड चुकी थी, जो कि उन दोनों की देख रही थी. जिस तरह से अश्की बिस्तर पर गिरी थी, रश्मि के हाथ में पकडी हुई ब्लैंकेट एकदम से छूट गई. एक बार फिर से उसकी अप्पर बॉडी पूरी तरह से नेकेड अरमान के सामने थी. लेकिन अरमान ने तो एक नजर भी उसकी तरफ नहीं देखा. उसकी नजर तो सिर्फ अश्की पर टिकी हुई थी, जिसका सीना पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ रहा था.

इस वक्त अश्की का दिल जोरों जोरों से धक धक कर रहा था. ऊपर से उसकी गहरी चलती सांस, जो कि उस कमरे में गूंज रही थी. उसे और भी ज्यादा खूबसूरत बना रही थी. दोनों को यह याद ही नहीं रहा कि रश्मि भी वही थी. रश्मि, जिसके ऊपर से ब्लैंकेट गिर चुकी थी, अब वह लगभग से नीचे से ब्लैंकेट खींचने लगी. जैसे ही उसने ब्लैंकेट खींचा, अश्की अपने होश में आई. उसने अब रश्मि की तरफ देखा, तो उसने अपना चेहरा पूरी तरह से दूसरी तरफ घूमा लिया. क्योंकि एक बार फिर से उसकी नजर रश्मि के सीने पर जा टिकी थी. जिस वजह से उसे हद से ज्यादा शर्मिंदगी महसूस हो रही थी.

वही रश्मि मुंह बनाते हुए अब अश्की से बोली, तुम्हें शर्म नहीं आती इस Room में घुसते हुए, पता था ना कि मेरा और अरमान का रोमांस चलने वाला है. लेकिन नहीं, तुम्हें तो। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान ने रश्मि का हाथ पकड लिया और लगभग से उसे खींचते हुए बेड से खडा किया. जिससे रश्मि के हाथ में पकडी हुई चद्दर उसके हाथ से छूट गई. यह चीज देखकर रश्मि की आंखें बडी हो गई. एक पल के लिए रश्मि की सांस ही जैसे उसके गले में अटक गई हो. वही अरमान ने रश्मि को खडा करते हुए उसे दांत पीसते हुए कहा, अपनी बकवास बंद करो, समझी. उससे इस लहजे में कोई बात नहीं कर सकता, जिस लहजे में तुम बात कर रही हो। इतना कहते हुए अरमान ने लगभग से रश्मि को खींचना शुरू किया. अभी भी अरमान ने रश्मि के चेहरे की तरफ नहीं देखा था. उसने एक भी नजर रश्मि के शरीर की तरफ नहीं डाली थी.

अरमान उसे खींचते हुए लगभग से दरवाजे के पास लेकर जाने लगा, तो रश्मि की आंखें चौडी हो गई. वह लगभग से अरमान से हाथ छुडाने की कोशिश करते हुए बोली, अरमान, तुम पागल तो नहीं हो गैर हो. मैं इस हालत में बाहर कैसे जाऊंगी. मुझे कपडे तो पहनने दो। लेकिन अरमान को तो जैसे इस चीज से कोई फर्क ही नहीं पड रहा था. वह लगभग से रश्मि को खींचते हुए बाहर की तरफ लेकर आया और अगले ही पल उसे बाहर धक्का देते हुए उसने Room का दरवाजा बंद कर लिया.

अब रश्मि लगभग से बेलिबास Room के बाहर खडी थी और खुद को अपनी बाहों से ढकने की बेशुमार कोशिश कर रही थी. वही अश्की तो बस आंखें फाडे अरमान को ही देखते ही रह गई. अब अपनी जगह से खडी हुई और अरमान की तरफ बढते हुए बोली, क्या कर रहे है, मान.

वह बाहर इस हालत में। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान दुगनी तेजी से उसके पास आया और अगले ही पल उसके होठों पर अपनी उंगली रखते हुए बोला, I do not care about anyone. अगर वह इस हालत में है, तो उसकी जिम्मेदार वह खुद है. मुझे कोई लेना देना नहीं उससे. उसे किसने कहा था कि मेरे सामने इस तरह से कपडे उतार कर आए. मैंने तो नहीं कहा था. उसे ही शौंक चढा था। उसकी बात पर अश्की उसे घूरते हुए बोली, तो क्या आप उसे नीचे से आरती उतारने के लिए ऊपर लेकर आए थे. जिस तरह से आप उसके साथ ऊपर आए थे, वह तो यही समझेंगी ना कि आप उसके साथ यही सब करने आए हो.

आपकी ही वजह से वही इस हालत में बाहर खडी है। अश्की की बात पर अरमान के जबडे अब एक बार फिर से कस गए. वह अब दांत पीसकर बोला, तुम्हें अभी भी दूसरों की फिक्र है, तुम्हें मेरा कोई ख्याल नहीं। दूसरी तरफ अश्की मन ही मन खुद से बढ बढाई, आपसे तो इश्क ही इतना ज्यादा है कि आपका ख्याल तो कभी दिल से जा ही नहीं सकता. आप गलत सोचते हैं कि मैं आप एक ख्याल है. आप ख्याल नहीं है, आप तो मेरी रूह हैं। इतना सोचते हुए इसकी की आंखें एक बार फिर से नम होनी शुरू हो गई थी. लेकिन उसने अपनी नम आंखों को ऊपर की तरफ रोल करते हुए अपनी आंसुओं को बाहर आने से रोकते हुए अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया.

जिसे देखकर अरमान की नजरे अब अश्की पर गहरी हो गई थी. वह एक बात तो समझ गया था कि अश्की जो भी कर रही है, उससे खुद को भी हद से ज्यादा हर्ट हो रहा था. लेकिन वह भी देखना चाहता था कि आखिर अश्की की हद कहां तक जाती है. जिस तरह से आज उसने अरमान को धक्का दिया था और खुद से दूर करते हुए बोली थी कि उसे अरमान की शक्ल नहीं देखनी, यह चीज अरमान को दिल में हद से ज्यादा चुभी थी. अब वह एक बार फिर से उसके करीब आने को हुआ कि तभी अश्की उसके सीने पर हाथ रखते हुए अपनी नजरों को चुराते हुए बोली, मैंने कहा, दूर रहिए मुझसे. मुझे आपसे दूर रहना है, जितना हो सके. प्लीज, मैं आपके आगे हाथ जोडती हूं। इतना कहकर वह लगभग से अरमान के आगे हाथ जोडने को हुई कि तभी अरमान ने उसकी कलाइयों को अपनी मुट्ठी में भर लिया.

अश्की को अपने पास खींचते हुए, उसकी कमर पर हाथ रखकर खुद से सटाते हुए उसकी आंखों में देखते हुए बोला, यही बात मेरी आंखों में देखकर बोलो कि तुम्हें मेरा चेहरा नहीं देखना. मैं तुम्हें छोडकर चला जाऊं. आई स्वियर, कभी पलट कर तुम्हारी तरफ नहीं देखूंगा, वादा रहा। अरमान अपनी बात जब कह रहा था, तो उसकी आंखे इस वक्त हद से ज्यादा लाल थी. नशा तो जैसे मानो कहीं हवा ही हो गया था. उसके बात करने का तरीका एकदम गंभीर था. वही अश्की के तो रोंगटे खडे हो गए थे. एक पल के लिए उसका दिल जैसे धडकना ही भूल गया था.

जो बात वह कहना चाहती थी, अब उसके गले में अटक चुकी थी. अगर वह यह बात कह देती, तो शायद सच में अरमान कभी उसकी तरफ पलट कर ना देखता. लेकिन उसे करना तो कुछ ऐसा ही था, जिससे अरमान उससे दूर चला जाए. चाहे उसे खुद को कितनी भी तकलीफ क्यों न सहना पडती. लेकिन अरमान को तो वह अपनी तकलीफ का एक हिस्सा भी देना नहीं चाहती थी. उसने अब अपनी आंखें कसकर बंद की और बोली, हां, मैं चाहती हूं कि आप मुझसे दूर हो जाए। जैसे ही उसने यह बात कही, अरमान ने उसकी कलाइयां, जो कि हाथ में पकडी हुई थी, एकदम से छोड दी.

जिससे अश्की का पूरा शरीर कांप उठा. अगले ही पल अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, गेट लॉस्ट. अरमान ने जिस तरीके से उसे यहां से जाने को कहा था, अश्की की आंखों में लगभग से नमी उतर आई थी. वह कुछ कहने को हुई कि तभी अरमान चिल्ला कर बोला, मैंने कहा, दफा हो जाओ यहां से।

अरमान का इतना ऊंची आवाज चिल्लाना एक पल के लिए अश्की चिहुंक उठी और ऊपर से इसकी पूरी बॉडी शिवर करने लगी थी. लेकिन अब उसकी आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे. अरमान ने अपनी बात कह कर उसकी तरफ पीठ की और बार एरिया में जाकर एक बार फिर से ड्रिंक पर ड्रिंक करने लगा. उसके हाथ में अभी भी चोट लगी हुई थी, जिस पर उसने अभी तक मरहम पट्टी नहीं की थी. यह चीज देखकर अश्की को अपने दिल में दर्द महसूस हो रहा था. वह उसकी तरफ बढने को हुई कि तभी अरमान सर्द लहजे में बोला,

मैंने कहा, जाओ यहां से, नहीं तो इस बार मैं तुम्हें जाने को नहीं कहूंगा. क्योंकि मैं यहां से इतना दूर चला जाऊंगा कि तुम्हें मेरी शक्ल कभी नसीब नहीं होगी, ये बात याद रखना, Miss अश्की अरोडा. वैसे भी तुम कौन सा मेरी शक्ल देखना चाहती हो. वैसे एक सरप्राइज है तुम्हारे लिए, सुबह तक इंतजार कर लेना। इतना कहते हुए उसकी पकड उसकी वाइन पर ही कसी हुई थी.

दूसरी तरफ अश्की का दिल सरप्राइज का नाम सुनकर ही एक पल के लिए रुकने को हो गया था, क्योंकि वह इतना तो समझ चुकी थी कि जो भी अरमान करने वाला है, कुछ नॉर्मल तो बिल्कुल नहीं करने वाला था. अब जिस तरह से अश्की ने उसे ठुकराया था, अब तो शायद अरमान किसी भी हद तक जाएगा. अरमान ने ड्रिंक करते हुए ही अब दोबारा से सामने की तरफ देखते हुए सिगरेट भी अपने होठों में फंसा ली और लंबे कश भरने लगा.

दूसरी तरफ अश्की अब वहां पर नहीं रुक पाई. वह जल्दी से दौडते हुए कमरे से बाहर निकली और नीचे आकर अपने कमरे में जाकर फूट- फूट कर रोने लगी. वह रोते हुए खुद से बोली, मुझ जैसी कायर किसी की जिंदगी में ना हो, मैंने आपको खो दिया, मान.

मैंने आपको खो दिया। इतना कहते हुए वह बिलख बिलख कर रोने लगी. आज उसका रोना बहुत ज्यादा तेज था. लेकिन उसने अपने होठों को तकिए में लगाकर पूरी तरह से छुपाया हुआ था. जिस वजह से उसकी आवाज तकिए से बाहर नहीं जा रही थी. दूसरी तरफ अरमान लगातार वाइन पिए जा रहा था और सिगरेट अपने होठों में फसाते हुए सिगरेट पर सिगरेट पिए जा रहा था. जब एक सिगरेट खत्म होती, तो दूसरी सिगरेट वह अपने होठों में फंसा लेता. ऐसे ही सारी रात बीत गई, अरमान ने भी एक पल के लिए अपनी आंख नहीं झपकाई थी. अब उस Room में पूरी तरह से अंधेरा था, लेकिन अरमान अभी भी ड्रिंक पर ड्रिंक कर रहा था. सुबह के छह बज चुके थे.

उसके कानों में अश्की की कही हुई बातें गूंज रही थी कि वह उससे दूर रहना चाहती है. जिस वजह से हर बढते पल के साथ उसके माथे की नसे फूलने लगती थी. अब उसने ड्रिंक करते- करते ही अपने फोन पर से जावेद को फोन लगाया. पहले रिंग पर ही जावेद ने फोन उठा लिया और दूसरी तरफ से अरमान ने कुछ कहा, जिसे सुनकर जावेद की आंखें हैरत से फैल गई. वह लडखडाती हुई आवाज में बोला, लेकिन बॉस.

अरमान लगभग गरजते हुए बोला, जितना कहा है, उतना करो. नौकर हो, नौकर बनके रहो. मालिक बनने की कोशिश मत करो, समझे। इतना कहकर अरमान ने फोन डिस्कनेक्ट कर दिया. दूसरी तरफ जावेद को अरमान का लहजा बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था. वह खुद से ही बडबडाया, लेकिन बहुत बॉस आप ठीक नहीं कर रहे है? इतना कहते हुए जावेद के चेहरे पर लगभग से परेशानी छलक रही थी. लेकिन अरमान ने अब ऑर्डर दिए थे, करना तो उसे था ही. चाहे किसी भी हाल में करता. अब उसने अपने दिल पर पत्थर रखा और अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए. दूसरी तरफ अरमान, जो कि अभी भी वाइन पी रहा था, वह अपनी जगह से खडा हुआ और उसने अपने कदम बाथरूम की तरफ बढा दिए. फर्श पर हर जगह सिगरेट ही सिगरेट बिखरी हुई थी.

कोई भी जगह ऐसी नहीं थी कि जहां सिगरेट ना पडी हो. ऐसा लग रहा था, जैसे अरमान ने सौ से भी ज्यादा सिगरेट पी ली थी. ऊपर से जिस हिसाब से उसने ड्रिंक की थी, हद से ज्यादा उसके बदन से शराब की स्मेल आ रही थी. वहां पर वाइंस की बोतल जो पडी हुई थी, वह इस चीज की साफ गवाही दे रही थी कि अरमान ने पूरी रात सिर्फ ड्रिंक की है, इसके अलावा और कुछ भी नहीं.

अरमान अब अपनी जगह से खडा हुआ. एक पल के लिए अरमान के कदम लडखडा गए, लेकिन अगले ही पल उसने खुद को संभाला और अपने कदम बाथरूम की तरफ बढा दिए. कुछ ही देर में शावर लेकर वह बाहर की तरफ आया.

कहीं दूसरी तरफ,

अश्की का रूम,

अश्की इस वक्त बालकनी की रेलिंग से सटकर बैठी हुई थी. पूरी रात वह भी सोई नहीं थी. उसकी आंखों से ही पता चल रहा था. जिस तरह से वह आंखें खोल कर सामने की तरफ देख रही थी, उसकी आंखें सब कुछ बयां कर रही थी कि एक पल के लिए भी उसने अपनी आंख नहीं झपकाई थी. अभी भी वह अपनी सुनी आंखों से सामने आसमान की तरफ देख ही रही थी. तभी उसके कानों में कुछ शोर की आवाज गूंजने लगी. जिससे एक पल के लिए डर के मारे उसके शरीर में कंपकपी सी छूटने लगी. पता नहीं क्यों, उसे यह शोर नॉर्मल नहीं लग रहा था.

इस आवाज को कैसे नहीं पहचानती. यह आवाज तो उसके दिल धडकने का जरिया था. यह आवाज थी अरमान की. अरमान लगभग से चिल्लाते हुए सबको हाल में बुला रहा था. कुछ ही देर में सब इकट्ठे भी हो चुके थे. वहां पर सभी इकट्ठे हो चुके थे. नियति जी, वास्तव जी, सिद्धांत जी, जानवी जी और साथ में रोहिणी जी और रश्मि भी अब वहां पर खडी थी. इस वक्त रश्मि का चेहरा पूरी तरह से उतरा हुआ था, क्योंकि पूरी रात वह घोडे बेचकर सो तो गई थी, लेकिन उसे इंसिडेंट बार- बार याद आ रहा था. जब वह कमरे से बाहर निकल गई थी और एक सर्वेंट ने उसे इस हालत में देख लिया था. यह चीज सोचते सोचते उसका दिमाग पूरी तरह से खराब हो रहा था. जिस वजह से रात को वह बहुत देर से सोई थी और अब उसका चेहरा पूरी तरह से उतर चुका था.

सब वहां पर पहुंचे तो गए थे, लेकिन एक मिसिंग था और वह था मैन टारगेट, जो कि खुद अश्की थी. सभी एक दूसरे की तरफ देख रहे थे कि तभी नियति जी बोली, हमें सुबह- सुबह ऐसे बुलाने का क्या कारण है, अरमान और यह क्या तुमने? इतना कहते हुए वह लगभग से अरमान के करीब पहुंच चुकी थी. जब उन्हें अरमान से स्मेल आई, तो वह अपने फेस पर हाथ रखते हुए बोली, यह क्या तुमने इतनी ड्रिंक की हुई है, ohh god, तुमसे कितनी स्मेल आ रही है। लेकिन अरमान का चेहरा अभी भी एक्सप्रेशन लैस था. उसे जैसे नियति जी के कुछ भी कहने से कुछ खास फर्क नहीं पडा था. वही वास्तव जी भी उसकी तरफ अजीब सी नजरों से देख रहे थे.

वह खुद में ही बडबडाए, बेटा, लगता है आग का मुकाबला करने चला है. तभी तो शराब पीकर सुबह- सुबह आया है। इतना कहते हुए वास्तव जी अजीब से एक्सप्रेशन बना रहे थे. वहीं दूसरी तरफ अश्की, जिसके पैर इस वक्त हद से ज्यादा भारी हो रहे थे, उसका इस वक्त हाल में जाने का बिल्कुल भी मन नहीं कर रहा था. वह किसी तरह से अपने भारी कदमों के साथ बाहर की तरफ आई. सामने अरमान को जिस तरह से उसने पाया, एक पल के लिए उसका दिल धक सा रह गया. अरमान की आंखें आज बहुत कुछ बोल रही थी. जिसे महसूस कर अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे. वही अरमान, जैसे ही उसकी नजर अश्की पर गई, तो उसके चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई. ये स्माइल बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं थी. ऐसा लग रहा था, जैसे बहुत कुछ होने वाला है.

अरमान अब लगभग से क्लैपिंग करते हुए बोला, सो एवरीबॉडी इस हेयर, मुझे कुछ अनाउंसमेंट करनी है। इतना कहते हुए लगभग से उसने अपने कदम अश्की की तरफ बढा दिए थे. वहीं अश्की, जो कि अपनी जगह पर खडी- खडी सुन्न पड चुकी थी. जिस तरह से अरमान उसके पास आ रहा था, उसके पैर पूरी तरह से कांपने शुरू हो गए थे. पता नहीं क्यों, आज अरमान एक अलग ही वाइब दे रहा था. जिससे अश्की को घबराहट महसूस होने लगी थी. तभी अरमान उसके बराबर आकर खडा हुआ और अगले ही पल उसने अश्की की गाल पर हाथ रखा और यह चीज देखकर नियति जी के जबडे पूरी तरह से कस गए. वह दांत पीसते हुए बोली, इन दोनों का कुछ नहीं हो सकता। इस वक्त नियति जी को जिस तरह से जलन हो रही थी, साफ पता चल रहा था कि उनका खून Kiss कदर अरमान को अश्की के पास देखकर खोल रहा था. वही रोहिणी जी को तो बहुत ज्यादा खुशी हो रही थी कि अरमान अब अश्की के साथ शायद सब कुछ ठीक करने वाला है.

दूसरी तरफ अश्की का दिल इस वक्त तेजी से धडक रहा था. अरमान का औरा ही कुछ ऐसा था और ऊपर से आज तो अरमान जैसे कुछ और ही लेवल की वाइब दे रहा था. अब अरमान उसकी तरफ देखते हुए बोला, बेबी, मैंने तुम्हें कहा था ना कि मैं तुम्हारे लिए सुबह तक सरप्राइज प्रिपेयर करके रखूंगा. सो रेडी टू योर सरप्राइज। अरमान की बात पर अश्की के चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशन आ गए. उसे समझ नहीं आ रहा था कि अरमान आखिर Kiss सरप्राइज की बात कर रहा है. वह सवालिया नजरों से अरमान की तरफ देखते हुए लडखडाती हुई आवाज से कुछ बोलने को हुई, लेकिन अरमान उसके होठों पर अपनी उंगली रखते हुए बोला, sshhhh.

तुम्हें कुछ बोलने की जरूरत नहीं है, बेबी. आज जो तुम्हें सरप्राइज मिलने वाला है ना, वह तुम्हारी खुशी को दुगना कर देगा। इतना कहकर अभी वह पीछे की तरफ हटने ही वाला था कि तभी दरवाजे की तरफ से कुछ आहट हुई. अश्की ने दरवाजे की तरफ देखा, तो वहां पर आर्यन खडा था और उसके साथ उसकी फैमिली भी थी. लेकिन तभी उनके पीछे से जावेद भी निकल कर अरमान के पास आया. उसकी तरफ वह एक पेपर्स बढाते हुए बोला, बॉस, आपका काम हो गया है।

उन पेपर्स को देखकर अरमान की नजर उन पेपर्स पर हद से ज्यादा गहरी हो गई. अब उसने उन पेपर्स को पकडा और अश्की की तरफ बढाते हुए बोला, चेक योर सरप्राइज, बेबी। उन पेपर्स को देखकर अश्की को अपनी धडकने रुकती हुई महसूस हो रही थी. उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह आखिर पेपर है किसके. लेकिन उसे अच्छा तो बिल्कुल भी नहीं लग रहा था. लेकिन कहीं ना कहीं एक बात उसके दिमाग में घर कर रही थी कि हो सकता था कि यह वह पेपर ना हो.

यह सोच- सोच कर उसका दिमाग पूरी तरह से खराब होता जा रहा था. लेकिन किसी तरह वह अपनी कांपती हुई आवाज से बोली, यह, यह कौन से पेपर है, मान.

मैने कितनी बार कहा है, मुझे मान. कहना बंद करो. आई एम नॉट योर maan. क्या तुम बार- बार यह मान. मान. लगा कर रखती हो. अब इस पेपर से तो तुम्हें और भी पता चल जाएगा कि मैं मान हूं या अरमान त्रेहान हूं। अश्की एक बार फिर से बोली, यह कौन से पेपर है? प्लीज, बताइए ना। तभी अरमान उसकी तरफ वह पेपर्स बढाते हुए बोला, पढ लो और Sign कर दो. वैसे भी मैंने तो Sign कर ही दिए हैं।

उसने इतना ही कहा था कि तभी जानवी जी आगे आते हुए बोली, बेटा, लेकिन उसे बता तो दो, है क्या यह? तभी अरमान सर्द आवाज में बोला, मुझे पसंद नहीं, कोई मेरे मैटर में तीसरा इंसान घुसे. सो प्लीज, स्टे अवे फ्रॉम मी, stepmother.

जिस तरह से अरमान ने जानवी जी को स्टेप मदर कहा था, जानवी जी की आंखों में आंसू उतर आए. लेकिन उन्होंने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया. इस वक्त अरमान के शब्द उन्हें अंदर तक तडपा गए थे. लेकिन उन्होंने अपने होठों से उफ्फ तक नहीं की थी. दूसरी तरफ अश्की ने किसी तरह अपने कांपते हुए हाथ आगे की तरफ बढाए और उन पेपर्स को अपने हाथों में लिया.

जैसे ही उसने उन पेपर्स को खोला, एक पल के लिए अश्की का दिल धक से रह गया. उसकी सांस पूरी तरह से रुक चुकी थी. हाथ पैर ठंडे पड चुके थे. वही नियति जी, वास्तव जी के चेहरे पर भी सवालिया एक्सप्रेशन थे. सवालिया के साथ- साथ फ्रस्ट्रेशन भी उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी. जो बता रही थी कि अरमान कब बताएगा कि यह पेपर्स Kiss चीज के हैं. दूसरी तरफ दरवाजे पर खडे आर्यन के चेहरे पर भी अब सवालिया एक्सप्रेशन थे कि आखिर अश्की के हाथ में पकडे हुए पेपर्स Kiss चीज के हैं.

अश्की के चेहरे के भाव देकर अरमान के चेहरे पर डेविल्स स्माइल आ गई. वह गहरी आवाज में बोला, तो कैसा लगा सरप्राइज मेरी wifey? अब जल्दी से तलाक के पेपर्स पर Sign करो. now गेट लॉस्ट on माय लाइफ.

अरमान की बात सुनकर वहां खडी रोहिणी जी का दिल भी धक से रह गया था. दूसरी तरफ खडी नियति जी का तो जैसे चेहरा खुशी से खिल गया. अश्की, जिसके हाथ में वह पेपर थे, वह अरमान की तरफ देखते हुए बोली, जैसा आपको ठीक लगे। जैसे ही अश्की ने यह बात कही, एक जोरदार थप्पड की आवाज वहां पर गूंज गई.

To be continue.

Write a comment ...

Write a comment ...