
त्रेहान पैलेस,
अभी- अभी अश्की ने अरमान को धक्का दिया था और उसे खुद से दूर धकेलते हुए दांत पीसकर बोली, दूर रहिए मुझसे, मुझे आपकी शक्ल भी नहीं देखनी। अरमान, जो कि अश्की के इस तरह के रिएक्शन के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था, उसकी आंखें एकदम से बडी हो चुकी थी. उसे तो समझ ही नहीं आया कि आखिर अश्की ने उसे धक्का क्यों दिया. लेकिन जिस तरह से अश्की ने उसे धक्का दिया था, इस वक्त उसका दिल पूरी तरह से जल उठा. वह अपनी आंख जलती हुई नजरों से अश्की को देख रहा था.
वह तेजी से अश्की की तरफ आया और अगले ही पल उसने अश्की के बालों को मुट्ठी में भरा, जिससे अश्की की आह निकल गई. अरमान दांत पीसकर उसके ऊपर झुकते हुए बोला, बहुत हो गई तुम्हारी मनमानी, कब से तुम्हें देख रहा हूं. अगर मैं कुछ कह नहीं रहा हूं, इसका मतलब यह नहीं है कि तुम कुछ भी बोलोगी. क्या कहा तुमने अभी- अभी कि तुम मेरा चेहरा नहीं देखना चाहती, तो ठीक है, अब यह चेहरा तुम नहीं देखोगी, बल्कि कोई और देखेगा. वह भी कौन, यह तुम बहुत अच्छी तरह से जानती हो। अरमान की बात सुनकर एक पल के लिए अश्की का दिल धक से रह गया. उसे इस वक्त अपने सीने में हद से ज्यादा दर्द महसूस हो रहा था. वही जानती थी कि उसने Kiss भारी मन के साथ अरमान को खुद से दूर किया था. लेकिन अरमान को इस चीज की शायद भनक नहीं थी या फिर थी, पर वह अश्की को जताना नहीं चाहता था.
इस वक्त अश्की अपनी सूनी आंखों से अरमान की आंखों में देख रही थी, जिसमें इस वक्त आग भरी पडी थी. इतनी देर से वह अश्की की मनमानी बर्दाश्त कर रहा था, क्योंकि वह जानता था कि कहीं ना कहीं अश्की मजबूर है. लेकिन अब जिस तरह से उसने अरमान को धक्का देकर खुद से दूर करते हुए यह बात कही थी कि वह उसकी शक्ल नहीं देखना चाहती, यह चीज अरमान को हरगिज भी पसंद नहीं आई थी. अरमान जिसकी पकड अभी भी उसके बालों में कसी हुई थी, वह उसकी आंखों में देखते हुए बोला, मेरी शक्ल से नफरत हो रही है ना तुम्हें?
वादा रहा, Miss अश्की अरोडा, अब इस अरमान त्रेहान की शक्ल देखने के लिए तुम तरसोगी। अरमान की बात सुनकर अश्की का दिल एक पल के लिए धडकना ही भूल गया. उसे अपने अंदर कुछ टूटता हुआ महसूस हो रहा था. लेकिन वह अरमान को इस चीज की भनक तक नहीं लगने देना चाहती थी. इसीलिए उसने अपने आंसू अपनी आंखों में ही समेट कर रखे हुए थे. वही अरमान ने अब उसके बालों को छोडा और लगभग से जिस तरह से उसने उसके बालों को छोडा था, अश्की जमीन पर गिरते गिरते बची थी. क्योंकि उसने खुद को संभाल लिया था. इस वक्त वह रोना चाहती थी चिल्लाना चाहती थी, लेकिन चिल्ला नहीं पा रही थी, कुछ कह नहीं पा रही थी. अरमान से दिल की बातें करना चाहती थी, पर शायद उसकी किस्मत ही खराब थी. इसीलिए उसने गहरी सांस ली और अपनी आंखों को ऊपर की तरफ करते हुए अपने आंसुओं को अंदर की तरफ समेटने लगी. वही अरमान उसकी हालत देख रहा था, लेकिन अब वह वहां पर नहीं रुका, क्योंकि इस वक्त उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था.
वह जल्दी से अश्की के Room से बाहर आया और Room से बाहर निकलते ही उसने अपने कदम बार एरिया की तरफ बढा दिए. दूसरी तरफ सामने ही खडी नियति जी यह चीज देख रही थी. जैसे ही नियति जी ने अरमान को बार एरिया की तरफ बढते देखा, तो उनके चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई. वह धीरे से बडबडाई, तीर निशाने पर लगा है। इतना कहते हुए उनके चेहरे पर अलग ही लेवल की सेटिस्फेक्शन दिखाई दे रही थी.
दूसरी तरफ अरमान, जोकि बार एरिया में था, अब वह वहीं पर बैठकर ड्रिंक करने लगा था. इस वक्त उसकी आंखों के सामने अश्की का चेहरा घूम रहा था. जिस तरह से अश्की ने उसे धक्का दिया था, वह चीज सच में उसकी उम्मीद से परे थी. इस वक्त उसका दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था. इसीलिए उसने वाइन की बोतल खोली और सीधे अपने होठों से लगा ली. अभी वह वाइन की बोतल अपने होठों से लगाया ही था कि तभी उसके हाथों पर किसी ने अपना हाथ रख दिया.
अरमान, जो कि पहले ही गुस्से में था, उसने अपनी आंखें खोलकर सामने की तरफ देखा, तो रश्मि ने उसके हाथ पर अपना हाथ रखा हुआ था. वह बेहद इंटेंस नजरों से इस वक्त अरमान को देख रही थी. लेकिन अरमान अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमाते हुए बोला, गेट लॉस्ट। उसके मुंह से अपने लिए गेट लॉस्ट सुनकर रश्मि ने मुंह बनाया और उसकी तरफ देखते हुए बोली, कैसी बातें कर रहे हो, अरमान, लगता है तुम्हारी तबीयत कुछ ठीक नहीं है. आंखे देखो अपनी, तुम्हारी आंखें कितनी लाल हो गई है। उसकी बात पर अरमान लगभग से चिल्लाते हुए बोला, मैंने कहा, दफा हो जाओ यहां से, समझ में नहीं आ रही बात या समझना नहीं चाहती हो।
वहीं दूसरी तरफ,
अश्की का रूम,
अरमान के जाते ही अश्की अपने घुटनों में मुंह देकर बिलख बिलख कर रोने लगी. अब उसके आंसू तो जैसे रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे. वह रोते हुए खुद से बडबडाई, आप नहीं जानते कि Kiss कदर मैं आपको देखना चाहती हूं. मन तो चाहता है कि आपको अपनी आंखों से लेकर अपने दिल में उतार लूं. लेकिन क्या करूं, कमबख्त किस्मत ही इतनी खराब है कि मैं कुछ कर नहीं पा रही। इतना कहते हुए वह अपने कलेजे पर हाथ रखते हुए बोली, मेरा कलेजा फटा जा रहा है कि आपको सीने से लगा लूं. लेकिन मेरी हिम्मत नहीं है कि मैं आपको सीने से लगा सकूं. यह सीना आपके लिए तडप रहा है, आपको गले लगाने के लिए तडप रहा है. यह आंखें आपको देखने के लिए तरस रही है, लेकिन.
बस दो दिन की बात है, मान, मर जाऊंगी मैं आपके बिना और मुझे और जीना भी नहीं है. क्योंकि ऐसी जिंदगी से तो मौत बेहतर. लेकिन मुझे, मुझे आपको थोडी देर के लिए संभालना होगा. जानती हूं मैंने आपको बहुत दर्द दिया है. पर मैं ऐसे आपको अकेला नहीं छोड सकती. कहीं आप खुद को चोट ही ना पहुंचा ले। इतना कहते हुए अश्की के चेहरे पर अब उसकी बेचैनी साफ दिखाई देने लगी थी. अब उसे डर लग रहा था कि कहीं अश्की की सजा अरमान खुद को न देने लगे. अरमान, जो कि इस वक्त बार एरिया में था, उसके हाथ को इस वक्त रश्मि ने अपने हाथ में थामा हुआ था. वह लगभग से उसकी आंखों में देखते हुए मुस्कुराते हुए बोली, बस करो ना अरमान, चलो, मैं तुम्हें कमरे में लेकर जाती हूं. क्यों उस लडकी के पीछे अपना समय बर्बाद कर रहे हो. जिस सेटिस्फेक्शन के लिए तुम उसके पीछे भाग रहे हो, वह मैं तुम्हें दे सकती हूं. क्या हुआ, शादी नहीं हुई है और कुछ दिन में शादी हो जाएगी ना.
वैसे भी ऐसी लडकियां ज्यादा देर किसी के साथ रुकती नहीं है। जैसे ही उसने यह बात कही, अगले ही पल अरमान के हाथों में पकडी हुई वाइन पर उसने अपनी पकड कस दी. पकड कसते ही वाइन पूरी तरह से चकनाचूर होते हुए उसके हाथों में गड गई. इस वक्त अरमान के हाथों से हद से ज्यादा खून बह रहा था. यह चीज देखकर रश्मि हैरानी से बोली, यह क्या कर रहे हो, अरमान? तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है. एक लडकी के लिए अपने आपको जख्मी कर रहे हो तुम. अरे! ऐसी लडकियां सिर्फ जिस्म बेचने के लिए बनी होती है या फिर किसी के नीचे लेटने के लिए। अभी उसने इतना ही कहा था अरमान ने वही हाथ रश्मि के चेहरे के ऊपर कर दिया. जिस तरह से अरमान ने उसके गाल पर थप्पड जडा था, रश्मि सीधा जमीन पर जा गिरी. उसका चेहरा भी पूरी तरह से जमीन पर लगा. जिससे उसकी दर्द नाक चीख उस बार एरिया में गूंज गई.
अरमान ने जिस तरह से उसके गाल पर थप्पड जडा था, रश्मि का चेहरा साइड से पूरी तरह से नीला पड चुका था. नीला भी क्या, वहां पर हल्का- हल्का कालापन आने लगा था. जिससे साफ पता चल रहा था कि वह थप्पड कितना जोर से रश्मि के चेहरे पर लगा हुआ था. अब अरमान अपनी आग उगलती हुई आंखों से रश्मि को देख रहा था, जो लगभग से अपनी आंखों में आंसू लिए अरमान की तरफ देख रही थी. वह अब अरमान की तरफ देखते हुए दांत पीसकर बोली, यह तुमने ठीक नहीं किया अरमान, दो दिन बाद हमारी इंगेजमेंट है. यह कोई तरीका है मेरे साथ पेश आने का. मैं तो तुम्हें अपने साथ ले जाने आई थी, ताकि मैं तुम्हारा दर्द कम कर सकूं. तुम तो उस लडकी के प्यार में पागल ही हुए जा रहे हो. तुमने मुझ पर हाथ उठा दिया। इतना कहकर लगभग से वह अपनी जगह से उठी और एक बार फिर से अरमान की तरफ अपने कदम बढाने को हुई. तभी अरमान की नजर दरवाजे पर गई, जहां पर अश्की अभी- अभी आई थी. अश्की को वहां पर देखकर अरमान का गुस्सा और भी ज्यादा बढ गया.
अश्की को देखकर उसका चेहरा अब गुस्से से कांपने लगा. उसने अब रश्मि की कमर पर हाथ रखा और उसे अपनी तरफ लगभग से खींचते हुए बडे प्यार से उसके गाल पर हाथ रखकर सहलाने लगा. वही रश्मि हैरानी से अरमान की तरफ देखने लगी. रश्मि की पीठ इस वक्त अश्की की तरफ थी. उसे नहीं पता था कि दरवाजे पर इस वक्त अश्की खडी है. इसीलिए वह हैरानी से अरमान को देख रही थी, जिसने अभी कुछ देर पहले उस पर हाथ उठाया था. अरमान अब लगभग से उसके गाल को सहलाते हुए बोला, आर You श्योर बेबी कि तुम रात को मुझे सच में सेटिस्फेक्शन दोगी. मुझे फुल टू एंजॉयमेंट चाहिए, सोच लो। उसकी बात पर रश्मि, जो अपने चेहरे पर थप्पड लगने की वजह से दुख मना रही थी, अब उसके चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट तैर गई. उसे ऐसा लग रहा था, जैसे कि अरमान शायद उसे परखना चाहता है. इसीलिए उसने थप्पड मार कर देखा है. रश्मि कुछ ज्यादा फालतू बोली नहीं, इसीलिए अरमान उससे इंप्रेस हो गया है. यह सोचकर उसने बडे ही सेडक्टिव वे में अरमान के कॉलर को लगभग से पकडते हुए बोली, बिल्कुल बेबी,
तुम चाहो, तो मैं यहीं पर शुरू हो जाती हूं. कहो तो, I can remove my cloth for you. इतनी बात कहते हुए रश्मि की आवाज हद से ज्यादा सेडक्टिव थी. जिस तरह से वह इस वक्त अरमान के ऊपर झुकी हुई थी, ऐसा लग रहा था, जैसे कि वह अरमान को कच्चा चबा जाएगी. दूसरी तरफ दरवाजे पर खडी अश्की का कलेजा अब पूरी तरह से फट चुका था. उसकी आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे. भले ही उसने अरमान से किसी चीज के दबाव में आकर खुद से दूर जाने की बात कही थी. लेकिन उसका दिल जान रहा था कि इस वक्त अरमान को रश्मि की बाहों में देखकर उसे कितनी जलन हो रही थी और कितना दर्द उसे अपने दिल में महसूस हो रहा था.
उसका दिल कर रहा था कि वह बार एरिया में आए और रश्मि का हाथ पकडकर लगभग से अरमान से दूर कर दे. लेकिन वह ऐसा कुछ नहीं कर सकती थी, क्योंकि इस वक्त वह हद से ज्यादा मजबूर थी और क्यों मजबूर थी, यह तो आने वाला वक्त ही बताने वाला था. अरमान बेहद सेडक्टिवली उसकी कमर को सहला रहा था और रश्मि भी बडे आराम से उसके सीने पर अब अपने हाथ चलाने लगी थी. साथ ही साथ अरमान ने अब ड्रिंक की तरफ अपना हाथ बढाया. तभी अश्की की नजर उसके हाथ पर गई, जहां पर अभी भी खून बह रहा था. उसके हाथ से खून बहता हुआ देखकर अश्की का दिल तडप उठा. भले ही वह रश्मि के पास होने से खुद को अरमान से दूर रख सकती थी, लेकिन अब अरमान के हाथ की चोट देखकर रश्मि को तो कुछ ज्यादा फर्क नहीं पडा था. लेकिन अश्की का कलेजा उसके मुंह को आ चुका था.
अब वह खुद को अंदर की तरफ आने से रोक नहीं पाई. जल्दी से अंदर की तरफ आते हुए उसने एक ही झटके से अरमान का हाथ पकडा और रोते हुए बोली, कितनी चोट लगी है आपके हाथ में? प्लीज, इस पर बैंडेज कर लीजिए, अरमान जी। उसने इतना ही कहा था कि अरमान ने अपना हाथ झटके से उसके हाथ से छुडाया और उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, don' t touch me miss अश्की Arora.
यह झूठे दिखावे मुझे बिल्कुल पसंद नहीं. जाइए, जाकर किसी हीरोइन की एक्ट्रेस का रोल प्ले करिए, लेकिन अरमान त्रेहान के सामने यह ड्रामा काम नहीं आते हैं। वही अश्की को तो अरमान की जैसे कोई भी बात सुनाई ही नहीं दे रही थी. इस वक्त उसको कुछ दिखाई दे रहा था तो सिर्फ अरमान का हाथ, जिसमें लगभग से उसके हाथ में पूरी तरह से वाइन की बोतल का कांच अभी भी लगा हुआ था. इस वक्त उसका कलेजा दर्द से फटा जा रहा था. वह रोते हुए अरमान का हाथ दोबारा से पकडने को हुई कि अरमान उसे अपना हाथ दिखा कर रोकते हुए बोला, get lost now.
उसकी बात पर लगभग से अश्की गिडगिडाते हुए बोली, आपको चोट लगी है, मान.
अश्की के मुंह से अपने लिए मान. शब्द सुनकर अरमान व्यंग्य से हंसा और बोला, कौन मान. यहां कोई मान. है क्या?
उसने अब रश्मि की तरफ देखा और बोला, तुम्हें कोई यहां पर ऐसा इंसान दिख रहा है, जिसका नाम मान हो। उसकी बात पर अश्की और भी तेजी से रोते हुए बोली, मुझे किसी से कोई फर्क नहीं पडता, लेकिन मेरे लिए आप मेरे मान. हो। उसकी बात पर अरमान तकलीफ भरा हंसा और बोला, वही मान. जिसकी तुम शक्ल तक नहीं देखना चाहती, है ना. अरमान की बात सुनकर अश्की ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली. वही जानती थी कि इस वक्त अरमान की बातें सुनकर उसे कैसा फील हो रहा था.
वह चाहती तो उसकी गलतफहमी दूर कर सकती थी, लेकिन फिलहाल के लिए वह कुछ नहीं कर सकती थी. इस वक्त वह हद से ज्यादा मजबूर थी. वही रश्मि अब आगे की तरफ आई और लगभग से अश्की का हाथ पकडते हुए बोली, तुम्हें सुनाई नहीं दे रहा है. वह तुम्हें देखना तक नहीं चाह रहे हैं और तुम आगे आगे होकर उनका हाथ पकड रही हो. Kiss हक से हाथ पकड रही हो. तुम्हारा तो तलाक हो गया ना अरमान से, तो क्यों गले पड रही हो. वैसे भी आज हमारी रोमांटिक Night है, सो प्लीज, मजा किरकिरा मत करो. now just get lost.
जिस तरह से रश्मि इस वक्त अश्की से बात कर रही थी, अरमान को रश्मि पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था. लेकिन इस वक्त वह अश्की से भी हद से ज्यादा गुस्सा था. इसीलिए उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया था. अब एक बार फिर से उस खून से सने हुए हाथ से उसने वाइन की बोतल उठाई और लगभग से खोलते हुए उसे अपने होठों से लगा लिया. इस वक्त अरमान का गुस्सा उसके सिर चढकर बोल रहा था, जो शायद अश्की ही शांत कर सकती थी. लेकिन रश्मि तो अपने ही गुमान में लगी हुई थी कि आज शायद उसे मौका मिल जाएगा और वह अरमान के साथ इंटीमेट हो जाएगी.
इसीलिए उसने अब अरमान का हाथ पकडा और गहरी आवाज में बोली, चले क्या Room में अरमान, Room में जाकर तुम ड्रिंक कर लेना और मैं तुम्हारे लिए कुछ स्पेशल कर लूंगी। इतना कहते हुए उसकी आवाज लगभग से बदल चुकी थी. दूसरी तरफ अश्की, जो कि यह सब देख रही थी, अब वह रश्मि के पास आई और उसकी चेहरे को देखते हुए बोली, तुम्हारा दिमाग खराब है क्या या तुम अंधी हो? तुम्हें दिखाई नहीं दे रहा है, अरमान जी के हाथ पर कितनी चोट लगी हुई है. उनके हाथों से खून बह रहा है और तुम्हें अपनी पडी है।
इतना कहते हुए वह एक बार फिर से अरमान का हाथ पकडने को हुई कि अरमान अब उसकी तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोला, मैंने कहा, मुझे छूना मत और इस बार मैं तुम्हें लास्ट वार्निंग दे रहा हूं, Miss अश्की अरोडा, बिकॉज अरमान त्रेहान ने डिसाइड कर लिया है कि वह तुम्हारे सामने कभी नहीं आएगा. तुमने कहा था कि तुम्हें मेरा चेहरा नहीं देखना. तो इट्स ओके, लेकिन अब जो होगा, उसकी जिम्मेदार तुम होगी. समझी तुम और now I will go for my enjoyment. इतना कहते हुए वह रश्मि का हाथ पकडते हुए वहां से निकल गया. यह चीज देखकर अश्की की आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे. वह जल्दी से अपने आंसुओं को पोंछते हुए अरमान के पीछे- पीछे आई. तब तक अरमान लिफ्ट में जा चुका था और उसकी लिफ्ट का दरवाजा बंद भी हो चुका था. यह चीज देखकर अश्की की आंखें बडी हो गई. इस वक्त उसका दिल हद से ज्यादा तेजी से धडक रहा था.
कुछ वजह यह थी कि वह अरमान के हाथ पर लगे हुए खून को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी. दूसरी वजह यह थी कि जिस तरह से अरमान रश्मि को लेकर गया था, हो सकता था कि शायद सच में रश्मि आज इस चीज का फायदा उठा लेती और अरमान के साथ इंटीमेट हो जाती. यह चीज तो अश्की हरगिज बर्दाश्त नहीं करने वाली थी. इसीलिए वह जल्दी से इधर- उधर देखने लगी. तभी उसकी नजर सीढियों पर गई, जोकि ऊपर की तरफ जाती थी. अरमान और किसी मेंबर को सीढियों से जाने की आदत नहीं थी, लेकिन वहां पर सीढियां भी थी. अब अश्की जल्दी से सीढियों की तरफ भागी.
दूसरी तरफ अरमान, जोकि रश्मि के साथ सेकंड फ्लोर पर पहुंच चुका था, इस वक्त उसके चेहरे पर बेहद सीरियस एक्सप्रेशन थे. अब वह मन ही मन खुद में बडबडाया, तुम्हे लेसन देना बहुत जरूरी है. कुछ बातें छुपाई नहीं जाती, जान.
लेकिन तुम मुझसे जो बातें छुपा रही हो, वह तुम्हें बहुत भारी पडेगी. इसके लिए चाहे मुझे कुछ भी करना पडे, पर अब तुम्हारे मुंह से मैं सच्चाई निकाल कर रहूंगा। इतना कहते हुए उसके चेहरे पर हद से ज्यादा गुस्सा झलक रहा था. अब वह लगभग से रश्मि को अपने साथ गेस्ट Room में लेकर आया. वही रश्मि भी हैरान हो रही थी. कहीं ना कहीं उसे सबसे पता चला था कि अरमान अपने फ्लोर पर किसी को नहीं लेकर जाता. यह चीज आज उसने देखी भी थी. लेकिन अब उसे चिढ भी हो रही थी, क्योंकि अरमान अश्की को लेकर अपने Room में गया था, लेकिन उसे नहीं. अब वो खुद से ही दांत पीसकर बोली, उसे लेकर गया अपने फ्लोर पर, लेकिन मुझे नहीं।
फिर कुछ सोचते हुए वह धीमी सी आवाज में बोली, अरमान, हम तुम्हारे फ्लोर पर नहीं चलेंगे क्या? तुम यहां पर क्यों लेकर आए हो मुझे? रश्मि की बात सुनकर अरमान के कदम वहीं पर रुक गए. अब उसने पलट कर रश्मि की तरफ देखा और उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, अपनी औकात में रहकर बात करो, समझी। इतना कहकर अरमान ने दोबारा से अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमाया और उसे लेकर गेस्ट Room में आ गया. गेस्ट Room में जैसे ही वह इंटर हुआ कि तभी अश्की भी उस फ्लोर पर पहुंच चुकी थी. जैसे ही अश्की ने अरमान और रश्मि को Room में इंटर होते देखा, एक पल के लिए अश्की की आंखें बडी हो गई. वह तेजी से उस Room की तरफ भागी, लेकिन तब तक अरमान ने पूरी तरह से दरवाजा बंद कर लिया था.
जैसे ही अरमान ने दरवाजा बंद किया, अश्की रोते हुए लगभग से दरवाजा पीटते हुए बोली, दरवाजा खोले, मान. आपको चोट लगी है. प्लीज, दरवाजा खोल दीजिए। लेकिन अरमान को तो जैसे इस चीज से कोई फर्क ही नहीं पड रहा था. दूसरी तरफ रश्मि, जो अरमान को बेहद सेडक्टिव नजरों से देख रही थी, वह तिरछी एक्सप्रेशन से दरवाजे की तरफ देख रही थी और अश्की की आवाज को सुन रही थी. अरमान, जो कि गेस्ट Room में बने हुए छोटे से बार एरिया में आकर बैठा और वहां पर बैठकर ड्रिंक करने लगा. जैसे ही अश्की की आवाज उसके कानों में पडी कि आपके हाथों में चोट लगी हुई है, अश्की की बात सुनकर वह दर्द भरा सा बोला, मेरी चोट की चिंता है, लेकिन खुद इतना बडा जख्म लेकर बैठी हो. उसे बयां भी नहीं कर रही हो. आना पडेगा तुम्हें। इतना कहते हुए अरमान की आंखों में हद से ज्यादा लाली आ चुकी थी.
दूसरी तरफ रश्मि ने अब गहरी सांस ली और खुद सामने शीशे की तरफ आकर खडी हो गई. शीशे में उसने खुद को देखा. इस वक्त उसने एक नी लेंथ ड्रेस पहनी हुई थी और ऊपर से ही एक श्रग था. अब उसने उस श्रग को लगभग से उतार दिया. जैसे ही उसने श्रग को उतारा बेहद सेडक्टिव ली, उसने अपने कंधों से जो स्ट्रिप्स लगी हुई थी, उन्हें भी थोडा सा नीचे की तरफ सरकाया. जिससे उसके क्लीवेज साफ दिखाई देने लगे थे.
दूसरी तरफ अरमान, जो की ड्रिंक कर रहा था, उसकी नजर बिल्कुल भी रश्मि पर नहीं थी. उसने ध्यान ही नहीं दिया कि रश्मि क्या कर रही है. वह अपने ही ध्यान में इस वक्त ड्रिंक पर ड्रिंक कर रहा था. आंखों के सामने सिर्फ अश्की का चेहरा था. वह एक बार फिर से तडप कर बोला, शक्ल नहीं देखना चाहती थी तुम मेरी, तो क्यों आई हो पीछे। अब जाकर उसे हल्का- हल्का नशा होने लगा था. वह खुद से ही बडबडाए जा रहा था. कैसे धक्का दिया तुमने, यहां दर्द हुआ मुझे। इतना कहते हुए उसने अपनी उंगली सीने पर पॉइंट की और अब उसने दरवाजे की तरफ देखा, जहां से अश्की की आवाज अभी भी आ रही थी.
अश्की लगभग से रोते हुए ही वही जमीन पर बैठते हुए बोली, क्यों जिद्दी हैं आप इतने, क्यों नहीं मानते मेरी बात, प्लीज, दरवाजा खोल दीजिए, मान.
मैं आपकी शक्ल नहीं देखना चाहती, इसका मतलब यह तो नहीं कि आप खुद को चोट पहुंचा ले. दरवाजा खोलिए। इतना कहते हुए लगभग से एक बार फिर से दरवाजा पीटते हुए रोने लगी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला. दूसरी तरफ रश्मि अब बेहद सेडक्टिवली चलते हुए अरमान के पास आई और लगभग से अरमान के ऊपर झुकते हुए बोली, तो कंटिन्यू करें।
उसके इतना कहते ही अरमान, जो कि इस वक्त ड्रिंक वाले गिलास की तरफ देख रहा था, उसने अब अपनी नजर उठा कर रश्मि की तरफ देखा. उसने एक बार भी रश्मि के किसी भी हिस्से को नहीं देखा, सिर्फ उसकी नजरे रश्मि के चेहरे पर टिक गई. वही रश्मि बेहद सेडक्टिव ली उसके गालों पर हाथ चलाते हुए बोली, बहुत मजा आएगा, लेट' एस हैव ए फन।
इतना कहते हुए वह लगभग से अपनी ड्रेस को रिमूव कर चुकी थी. अब भी अरमान ने उसके जिस्म की तरफ नहीं देखा था. लेकिन अब वह अपनी जगह से खडा हुआ और उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए. जैसे ही अरमान ने अपने कदम बाहर की तरफ बढाए, रश्मि की आंखें हैरत से फैल गई. वह जल्दी से अरमान की तरफ बढते हुए बोली, क्या कर रहे हो अरमान, मैंने कपडे उतार दिए हैं। तभी अरमान उसका हाथ पीछे झटकते हुए बोला, तो किसने कहा तुम्हें कपडे उतारने के लिए, मैंने कहा था क्या?
तुम्हें क्या लगता है कि मैं तुम्हें देखूंगा. तुम्हारी शक्ल देखने लायक है क्या? मेरी दिलरुबा की शक्ल देखने लायक है और मैं उसी को देखूंगा। इतना कहते हुए वह लगभग से दरवाजे की तरफ पहुंचा. वही बाहर खडी अश्की, जो की दरवाजा खटखटा रही थी, अब जैसे ही दरवाजा खुलने की आवाज आई, अश्की की आंखें बडी हो गई. अरमान ने अब दरवाजा खोला और अश्की की तरफ देखा, जो उसे ही देख रही थी. अरमान को देखकर इस वक्त उसके दिल की धडकन स्किप हो चुकी थी. वही अरमान ने अब उसके हाथ को पकडकर उसने झटके से अंदर की तरफ खींचा. जैसे ही अश्की अंदर की तरफ आई, उसकी नजरें सामने खडी रश्मि पर गई, जो इस वक्त पूरी तरह से बेलीबास खडी थी. सामने ही अपने अश्की को देखकर अब उसकी चीख निकल चुकी थी.
To be continue.





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