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Smile

मॉल में,

अभी- अभी अश्की चेंजिंग Room में लहंगा ट्राई करने आई थी, जो उसने अभी- अभी अपने आप ही पसंद किया था. बाहर रहकर उसे यूं आर्यन का खुद को छूना बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा था. इसी बहाने से वह आर्यन को बाहर की तरफ छोडकर अंदर की तरफ आ चुकी थी. उसने अभी अपने कपडे उतारे ही थे कि तभी उसके चेंजिंग Room का दरवाजा खुला और अगले ही पल कोई शख्स अंदर की तरफ आया. जैसे ही चेंजिंग Room का दरवाजा खुला, अश्की का दिल धक सा रह गया. एक पल के लिए उसे ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसका कलेजा ही उसके सीने से बाहर निकाल लिया हो.

उसने अपने सीने पर हाथ रखा, क्योंकि इस वक्त सिर्फ उसने निजी कपडे ही अपने सीने पर पहने हुए थे. पलट कर जब उसने अरमान को देखा, तो उसकी आंखें और भी हैरत से फैल गई. वही अरमान, जो कि उसके पीछे ही खडा था, वह अब उसे गहरी नजरों से देख रहा था. गहरी नजरों से देखते हुए धीरे- धीरे कर उसके करीब आने लगा. जैसे- जैसे अरमान उसके करीब बढ रहा था, अश्की का दिल तेजी से धडकने लगा था. इस वक्त उसको अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था. जिस तरह से अरमान उसकी तरफ अपने कदम बढा रहा था.

उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था. वह अरमान की तरफ देखते हुए बोली, यह क्या कर रहे हैं आप, अरमान जी? आप क्यों मेरा पीछा नहीं छोड देते? क्यों बार- बार मेरे पीछे- पीछे चले आते है? उसकी बात सुनकर अरमान की नजरे उस पर और भी गहरी हो गई. अगले ही पल, अरमान तेजी से उसके पास आया और उसकी कमर पर हाथ रखते हुए उसे खुद से सटा लिया. वह उसके चेहरे की तरफ देखते हुए बोला, जिस तरह से तुम उस इंसान को इग्नोर करके यहां पर आई हो ना, तुम्हारी शक्ल ही बता रही है कि तुम्हें उसका छूना तक बर्दाश्त नहीं हो रहा था।

उसकी बात पर अश्की का चेहरा एक पल के लिए उड चुका था. वह अब अपनी नजरें पूरी तरह से चुराते हुए बोली, ऐसा कुछ भी नहीं है. वह होने वाले पति है मेरे. वह जिस तरह से मर्जी। अभी उसने इतना ही कहा था कि तभी अरमान ने उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए उसका चेहरा ऊपर की तरफ उठाया और उसकी आंखों में देखते हुए बोला, अब बोलो, क्या बोलना चाहती हो तुम? जिस तरह से अरमान ने उसके बालों को मुट्ठी में भरा हुआ था, अश्की को अपने बालों में दर्द महसूस हो रहा था. वह दर्द से तडपते हुए बोली, मुझे अपने बालों में दर्द हो रहा है। तभी अरमान भी लगभग से दांत पीसते हुए बोला, और मुझे अपने सीने में दर्द महसूस हो रहा है।

अरमान की बात सुनकर लगभग से अश्की की आंखों में नमी उत्तर आई. अब वह खुद को नॉर्मल करते हुए बोली, तो किसने कहा है कि अपने दिल में दर्द होने दीजिए. क्यों हो रहा है आपको दर्द? वैसे भी आप कौन सा मुझे पसंद करते थे? जब देखो, खुद से दूर ही तो करते थे. लीजिए, हो गई मैं आपसे दूर. वैसे भी सिर्फ जिस्म का रिश्ता था हमारे बीच और कोई रिश्ता था क्या?

उसकी बात पर अरमान का चेहरा और भी गुस्से से भरते जा रहा था. अब वह उसके चेहरे को अपने हाथों में भरते हुए लगभग से उसके ऊपर झुकते हुए बोला, क्या सच में हम दोनों के बीच सिर्फ जिस्म का रिश्ता था? तुम्हें इश्क नहीं था मुझसे, एक बार मेरी आंखों में आंखें डाल कर कह दो कि तुम्हें मुझसे इश्क नहीं था। उसकी बात सुनकर एक पल के लिए अश्की का दिल पूरी तरह से बैठने लगा था. वह कैसे ही अरमान की आंखों में देखकर ऐसी बात कर सकती थी, क्योंकि अरमान की आंखों में देखकर वह झूठ तो बिल्कुल भी नहीं बोल पाती थी. अगर वह अरमान की आंखों में देखकर झूठ बोलती, तो अरमान उसी वक्त उसका झूठ पकड लेता.

इसीलिए वह अरमान के सीने पर अपना हाथ रखकर उसे खुद से दूर करते हुए बोली, दूर हो जाइए Mister त्रेहान, जाइए आपकी होने वाली पत्नी आपका इंतजार कर रही है. आप तो उसके लिए लहंगा लेने आए थे, आप यहां पर क्या कर रहे हैं? मैं चेंज कर रही हूं और आप यहां पर चेंजिंग Room में मेरे पीछे- पीछे आ गए. अच्छा लगता है किसी औरत के. उसने इतना ही कहा था कि अरमान ने उसकी कमर पर अपनी पकड कस दी और एक बार फिर से खुद से चिपकाते हुए बोला, किसी और की औरत नहीं हो, तुम मेरी हो. जितना जोर लगा सकती हो, लगा लो. मैं भी तुम्हारा तमाशा देख रहा हूं कि कब तक तुम यह तमाशा देखती हो. एक बात याद रखना, जितना लंबा तुम तमाशा करोगी, उतना ही लंबा मेरा तमाशा चलेगा।

इतना कहकर उसने लगभग से अश्की की कमर को छोडा और अब उसके हाथों में पकडी हुई चोली उसके सीने पर पहनाने लगा. जिस तरह से उसके हाथ उसके सीने को छू रहे थे, अश्की के रोम रोम में गूसेबंप्स उठ रहे थे उसका पूरा बदन एक पल के लिए शिवर करने लगा था. अरमान के छूने भर से ही उसे कुछ- कुछ होने लगता था. एक पल में वह कहती थी कि उसे अरमान से इश्क नहीं. कैसे ही अरमान इस चीज को मान लेता कमबख्त दिल भी कितनी kutti चीज होती है. जितना मर्जी अपने भावनाओं को छुपा लो, लेकिन कमबख्त आंखें अपने दिल का हाल बयां कर ही देती है. ऊपर से अरमान का इतना करीब होना तो उसके लिए जैसे उसकी धडकनों में बवाल मचाना था उसने अपनी नजरें पूरी तरह से झुका रखी थी. अब एक बार फिर से उसकी आंखों में नमी उतर आई थी. वह अरमान की तरफ देख नहीं रही थी, लेकिन अरमान को इतना पता था कि इस वक्त अश्की की आंखों में नमी उतरी हुई है.

अश्की अब लगभग से अपनी रोतली हुई आवाज में बोली, प्लीज, चले जाइए अरमान जी यहां से, प्लीज, क्यों आप मेरा इम्तिहान ले रहे है? जाइए ना, कुछ देर पहले ही तो अपनी होने वाली पत्नी को kiss कर आए हैं. आपको उसी को Kiss करना था, तो अब मेरे पास क्या करने आए हैं. जाइए, उसी को Kiss कीजिए, उसी का लहंगा बदलवाए। अश्की की बात सुनकर अरमान के चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल उतर आई थी. अब उसने उसके चेहरे के नीचे अपना हाथ रखा और लगभग से उसका चेहरा ऊपर की तरफ उठाते हुए बोला, पक्का ना, जाऊं उसको लहंगा पहनाने। उसकी इस बात पर अश्की ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया था, जो कि सब बता रहा था. जिस तरह से अरमान ने यह बात कही थी कि वह रश्मि को Kiss करेगा, उसे यह चीज बिल्कुल भी पसंद नहीं आई थी.

अब एक बार फिर से अरमान वैसी ही बात कर रहा था, जिससे अश्की को तकलीफ हो रही थी. अश्की को चेहरा घुमाते हुए देखकर अरमान की डेविल स्माइल और भी लंबी हो गई. अब वह बेहद गहरी आवाज में बोला, चलो, ठीक है, अब मैं जाता हूं. फिर उसी के कपडे चेंज करवा देता हूं. मैं तो तुमसे यहां थोडा बहुत प्यार करने आया था. लेकिन लगता नहीं है, तुम मुझे प्यार करने दोगी. ऐसा करता हूं, रश्मि के पास जाता हूं. थोडा बहुत प्यार करने को तो मिलेगा. चलो, अब मैं चलता हूं, फिर थोडा बहुत प्यार कमाने। अरमान की बात सुनकर अश्की को अपनी सांसे रूकती हुई महसूस हो रही थी. उसका दिल इस वक्त बुरी तरह से कांप रहा था. ऊपर से उसकी आंखों में ना चाहते हुए भी नमी आ रही थी. लेकिन वह कमजोर नहीं पड सकती थी.

अरमान ने अब अपनी बात कहकर लगभग से अश्की की तरफ पीठ की और वहां से जाने को हुआ. इससे पहले की वह दरवाजे तक भी पहुंचता, उससे पहले ही अश्की ने उसका हाथ पकडते हुए उसे अपनी तरफ घुमाया और उसकी आंखों में देखते हुए बोली, आप कैसी बातें कर रहे है, मान.

उसके मुंह से एक बार फिर से मान सुनकर अरमान की एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई. जैसे कि पूछ रहा हो कि अभी यह क्या है. तुम तो चाहती हो कि मैं तुमसे दूर रहूं. अब तुम हाथ पकड कर रोक भी रही हो. उसके चेहरे के एक्सप्रेशन ही बता रहे थे कि वह अश्की को Kiss तरह से देख रहा था. अश्की भी उसके एक्सप्रेशन बखूबी समझ रही थी. उसका हाथ छोड कर वह अपनी नजरें चुराते हुए बोली, वह, वह अम्मा कहती हैं कि शादी से पहले किसी को नहीं देखना चाहिए. अब आप जाएंगे, उन्हें लहंगा पहनाएंगे, तो आप उन्हें उसे तरीके से देखेंगे ना. तो अम्मा कहती है, शादी के बाद ही आपको यह हक मिलता है. आपको उसे इस तरह नहीं देखना चाहिए।

यह सुनकर अरमान को उस पर हंसी आ रही थी. सभी अरमान उसकी टांग और भी ज्यादा खींचते हुए बोला, आई डोंट थिंक सो, आजकल यह चीज मैटर करती है. पहले करती होगी, लेकिन आजकल यह सब कुछ नॉर्मल हो चुका है. मैं उसे Kiss भी कर लूंगा, मैं उसे वैसे देख भी लूंगा. कोई खास फर्क नहीं पडेगा. वैसे भी कितनी खूबसूरत है शक्ल से ही, तो ओबसियस सी बात है, अंदर से भी इतनी ही खूबसूरत होगी।

जैसे ही अरमान ने यह बात कही, अश्की की आंखें बडी हो गई. अगले ही पल वह दांत पीसकर बोली, क्या बोले जा रहे हैं आप? आपको पता भी है कि आप क्या कह रहे है? मुझे तो कहीं से भी खूबसूरत नहीं लगती, चुडैल कहानी की. जब से आई है, गले ही पडे जा रही है आपके। अश्की की जलन देखकर अरमान को और भी ज्यादा मजा आने लगा था. अब वह और भी ज्यादा उसके मजे लेते हुए बोला, नहीं तो, वह तो बडी खूबसूरत है, बहुत ज्यादा. मेरा तो दिल कर रहा है ना, अब मैं उसको लहंगा पहन ही दूं। इतना कहकर वह दोबारा से जाने को हुआ. इस बार अश्की ने दोबारा से उसका हाथ पकड लिया और उसे देखकर लगभग से उसके चेहरे को पकडते हुए उसकी आंखों में देखते हुए बोली,

देखिए अरमान जी, मैं नहीं चाहती कि आपको पाप लगे. ठीक है ना, ऐसे किसी को इस तरह से देखना पाप लगता है. और वह तो है भी नागिन कहीं की और ऐसी नागिन को देखने का तो डबल पाप लगता है। उसकी बात पर अरमान ने अपना लोअर Lip अंदर की तरफ दबाया और उसकी आंखों में देखते हुए बोला, तो क्यों ना उस नागिन का जहर पी लिया जाए।

उसकी बात सुनकर अश्की की आंखें और भी ज्यादा बडी हो गई. वह लगभग से अरमान की तरफ से मुंह फूलाते हुए बोली, जाइए, जो करना है, कीजिए. मुझे क्या लेना देना है. मेरी तरफ से चाहे उस कुत्तियां की. इससे आगे उससे कुछ बोला भी नहीं जा रहा था. अब उसकी आंखों से लगभग से आंसू बहने लगे. उसने वह लहंगा वहीं पर छोडा और अपना ब्लाउज उतार कर दोबारा से अपना कुर्ता पहनकर बाहर की तरफ आ गई. इस वक्त उसे अरमान पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था.

क्योंकि अरमान लगभग से उसे चिढाने से ज्यादा उसकी जान निकाल रहा था. अश्की जैसे ही ड्रेसिंग Room से निकल कर गई, अरमान की हंसी वहीं पर छूट गई. वह इतनी तेजी से हंसा था कि अगर अश्की उसे देखती, तो एक पल के लिए उसकी हंसी में खो जाती. लेकिन वह शायद ही ऐसे कभी किसी के भी सामने हंस होगा और अकेले में भी वह कभी इस तरह से हंसा नहीं था. लेकिन आज अश्की की हरकतों ने से इस तरह से हंसने पर मजबूर कर दिया था.

इस वक्त उसके चेहरे पर बेहद दिलकश मुस्कुराहट थी. एक बार फिर से अश्की की बात दोहराते हुए बोला, कुतिया. और वह भी रश्मि। इतना कहते हुए वह रश्मि के चेहरे पर एक डॉगी का चेहरा इमेजिन कर रहा था. उसे इमेजिन करते हुए ही अरमान और भी ज्यादा हंसने लगा. हंसते- हंसते वह वहीं पर कुछ देर के लिए बैठ गया, क्योंकि आज तक शायद ही उसने इस तरह का कुछ सोचा था. अश्की के तो कहने ही क्या, जो जो वह बातें कह कर गई थी, अब अरमान को हद से ज्यादा उस पर हंसी आ रही थी.

दूसरी तरफ आर्यन, जोकि फ्रस्ट्रेटेड होकर वहीं पर खडा था, अब उसे गुस्सा आ रहा था जैसे ही उसने अश्की की तरफ देखा, तो उसकी आंखें बडी हो गई क्योंकि अश्की रोते हुए बाहर की तरफ आ रही थी. वह जल्दी से अश्की की तरफ आया और उसके चेहरे को अपने हाथों में थामते हुए बोला, क्या हुआ बेबी, तुम ऐसे रो क्यों रही हो? अश्की का मूड पहले ही बहुत ज्यादा खराब था. अब आर्यन ने जिस तरह से उसके चेहरे को अपने हाथों में भरा था, अब वह उसके हाथों को झटकते हुए बोली, एक तो तुम अपने गंदे से हाथ पीछे क्यों नहीं रखते हो. बार- बार मेरा चेहरा, कभी मुझे छूने की कोशिश करते हो. तुम्हें क्या मिलता है मुझे छूकर। इतना बडबडाते हुए वह लगभग से वहां से निकल चुकी थी.

दूसरी तरफ आर्यन तो हैरानी से अश्की की तरफ देख रहा था. अब अरमान भी वहां पर पहुंच चुका था. अरमान ने भी जिस तरह से अश्की ने आर्यन के हाथ झटके थे, वह देखा था. उसे देखकर उसकी मुस्कुराहट और भी ज्यादा लंबी हो चुकी थी. आज उसे अश्की का नया ही चेहरा देखने को मिल रहा था. जिसे देखकर शायद अरमान को हद से ज्यादा सुकून मिल रहा था, क्योंकि इस चेहरे में हद से ज्यादा अरमान के लिए पजेसिवनेस और जलन थी. अब जिस तरह से अश्की ने आर्यन की बेइज्जती की थी, उसे और भी ज्यादा मजा आ रहा था. वही अश्की अब उस शॉप से वैसे ही बाहर निकल गई, क्योंकि उसने लहंगे को वहीं पर पटका और बाहर की तरफ अपने कदम बढा दिए. वह वहां पर रुक कर अब अरमान को रश्मि के साथ नहीं देखना चाहती थी.

क्योंकि अगर वह रश्मि को अरमान के साथ देखती, तो शायद बर्दाश्त नहीं कर पाती. बर्दाश्त तो अभी भी नहीं कर पा रही थी, पर किसी तरह उसने अपने दिल को समझा रखा था. पर कमबख्त दिल, जिसको इश्क हो जाए, वह कहां ही दिमाग की सुनता है. वही हाल अश्की का था. उसका दिमाग कुछ और कह रहा था और दिल कुछ और. ऐसे ही उन्होंने कुछ भी नहीं खरीदा और घर वापस आ गए. जब नियति जी ने आर्यन और अश्की को खाली हाथ देखा, तो आर्यन से सवाल जवाब करने को हुई. लेकिन आर्यन उन्हें हाथ दिखाकर रोककर अपने कमरे में चला गया, क्योंकि इस वक्त वह खुद बहुत ज्यादा फ्रस्ट्रेटेड था. नियति जी के सवाल- जवाब उसे और भी ज्यादा फ्रस्ट्रेटेड बनाते.

अब वह अपना और दिमाग खराब नहीं करना चाहता था. इसीलिए वह वैसे ही अंदर की तरफ चला गया. वहीं नियति जी तो अश्की और आर्यन को हैरानी से देख रही थी. आर्यन और अश्की के कमरे में जाते ही अरमान भी उनके पीछे आया. इस वक्त रश्मि, जो कि उसके पीछे- पीछे आ रही थी, उसका भी मुंह पूरी तरह से बना हुआ था. क्योंकि अरमान उसे बिना शॉपिंग किए ही वापस ले आया था. नियति जी तो बस उन्हें देख ही जा रही थी. किसी ने भी कोई भी किस्म का कोई सामान नहीं लिया था. यह देखकर नियति जी सोच में पड गई थी कि आखिर ऐसा क्या हुआ है कि किसी ने भी कोई शॉपिंग का सामान नहीं लिया हुआ.

अरमान जैसे ही अंदर की तरफ आया, तो उसकी नजर नियति जी पर गई, जो उन्हें ही देख रही थी. जैसे ही उसने नियति जी को गहरी नजरों से देखा, तो एक पल के लिए नियति जी ऊपर खडी- खडी कांप गई थी. पता नहीं क्यों, नियति जी अरमान को देखकर हद से ज्यादा डर रही थी. वही अरमान भी हर पल के साथ उसकी नजर जब भी नियति पर जाती थी, तो उसकी वह गहरी नजरे बहुत कुछ बयां कर रही थी. जैसे वह कुछ तो जानता है, क्योंकि पहले अरमान कभी भी नियति जी को ऐसे नहीं देखता था.

अब अरमान की नजरे वह खुद पर और बर्दाश्त नहीं कर पाई, तो जल्दी से वह अपने कमरे तरफ भाग गई. उसके जाते ही अरमान वहां से जा चुका था. दूसरी तरफ रश्मि मुंह बनाते हुए अंदर की तरफ आ रही थी. तभी नियति जी दोबारा से बाहर निकली, क्योंकि उन्हें पता था कि अरमान जा चुका है. अरमान के जाते ही नियति जी ने रश्मि का हाथ पकडा और उसे अपने कमरे में लाते हुए दरवाजा लगभग से बंद कर लिया और सारी बातें रश्मि से पूछने लगी. जैसे- जैसे रश्मि उसे बता रही थी, वैसे- वैसे नियति जी ने अपने होठों पर अपना हाथ रख लिया था. अब नियति जी इतना तो जान गई थी कि अरमान के दिमाग में कुछ तो चल रहा है.

अब उन्होंने रश्मि की तरफ देखा और Room से बाहर निकल गई. Room से बाहर निकलते ही उनके कदम अश्की के Room की तरफ बढ गए. कुछ ही सेकंड में वह अश्की के सामने खडी थी. अश्की इस वक्त बेड पर उल्टे मुंह लेटी हुई थी. लेकिन जैसे ही उसने दरवाजा खुलने की आवाज सुनी, तो आंखें हैरत से फैल गई. अब उसने पीछे की तरफ पलट कर देखा, तो सामने नियति जी को देखकर अश्की का दिल धक सा रह गया.

शाम का वक्त,

सब डाइनिंग टेबल पर बैठे डिनर कर रहे थे. इस वक्त डाइनिंग टेबल पर रोहिणी जी, नियति जी, जानवी जी, वास्तव जी, सिद्धांत जी, सब मौजूद थे, शिवाय अरमान के छोटे भाई अक्षत के, अरमान और अश्की के. वह शायद कहीं पर गया हुआ था. अब अरमान भी लिफ्ट से नीचे की तरफ आया और उसकी नजर डाइनिंग टेबल पर गई. उसकी नजर डाइनिंग टेबल पर गहरी हो गई, क्योंकि इस वक्त अश्की डाइनिंग टेबल पर थी ही नहीं.

अरमान के आते ही जानवी जी की नजर अरमान पर पडी. वह अपनी जगह से खडे होते हुए बोली, आओ ना बेटा, खाना खा लो। उसने इतना ही कहा था कि तभी अरमान उन्हें हाथ दिखा कर रोकते हुए बोला, मुझे भूख नहीं है। इतना कहते हुए वह लगभग से अपने कमरे में चला गया. वही सब उसकी तरफ ही देखते रह गए. लेकिन रोहिणी जी बखूबी समझ रही थी कि अरमान ने खाना क्यों नहीं खाया, क्योंकि वहां पर अश्की ही नहीं थी. इसका मतलब साफ था कि अश्की ने खाना नहीं खाया होगा. अगर अश्की ने ही खाना नहीं खाया था, तो अरमान कैसे खा सकता था.

दूसरी तरफ अश्की, जो कि इस वक्त बालकनी में खडी थी. इस वक्त उसकी आंखें जैसे हद से ज्यादा तडप रही थी. उसकी आंखों से हद से ज्यादा आंसू उतर रहे थे. लेकिन वह उन्हें उतरने की इजाजत नहीं दे रही थी. अभी वह बालकनी में सामने चांद को देख ही रही थी कि तभी किसी ने उसे पीछे से अपनी बाहों में भर लिया. उस स्पर्श को महसूस करते ही अश्की की आंखें बडी हो गई. अब उसने पलट कर अरमान की तरफ देखा, जो उसे अपनी बाहों में लिए खडा था.

लेकिन अरमान को देखते ही एक पल के लिए उसका दिल धक सा रह गया. क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि अरमान अब उसके करीब आए. अब उसने जल्दी से अरमान की चेस्ट पर हाथ रखते हुए लगभग से उसे धक्का दे दिया, जिससे अरमान पीछे की तरफ हो गया. वह हैरानी से उसकी तरफ देखने लगा उसे अश्की का यह स्वभाव कुछ समझ में नहीं आया. दूसरी तरफ अश्की उसकी तरफ देखते हुए लगभग से चिल्लाकर बोली, दूर हो जाइए मुझसे और आज के बाद मुझे अपनी शक्ल मत दिखाएगा।

अश्की की बात सुनकर एक पल के लिए अरमान का दिल जल उठा.

To be continue.

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