
त्रेहान palace,
अभी- अभी अरमान ने अपना हाथ अपने कमरे के मिरर पर दे मारा था, क्योंकि अश्की की बातें अब उससे और बर्दाश्त नहीं हो रही थी. जब अश्की उसे इस तरह से छोड कर गई, तो उसने अपना हाथ शीशे पर दे मारा अब उसका हाथ बुरी तरह से फट चुका था. उसके हाथ से खून पानी की तरह बह रहा था. वह शीशा, जिस पर अरमान ने अपना हाथ मारा था, वह जमीन पर टुकडों में बिखर गया था और हर जगह अरमान की छवि बन गई थी.
दूसरी तरफ अश्की, जो कि अभी बाहर निकली ही थी, उसे भी यह आवाज बहुत तेजी से अपने कानों में सुनाई दी थी. एक पल के लिए उसका दिल जैसे धक सा रह गया था. पर शरीर पूरी तरह से ठंड पड चुका था. वह इतना तो समझ चुकी थी कि अरमान ने खुद को हर्ट किया है. इसीलिए जल्दी से पलट कर अरमान के कमरे की तरफ उसने अपना एक कदम बढाया ही था कि तभी उसने खुद को रोक लिया. अगर वह अरमान के कमरे में जाती, तो अरमान इस बार उसके दिल की बात पूरी तरह से जान जाता. वह अपने दिल पर पत्थर रख वहां से चली गई और देखते ही देखते वह नीचे आई. अपने कमरे में जाकर बेड पर उल्टे मुंह लेट कर फूट फूट कर रोने लगी.
वह इस कदर रो रही थी, उसने अपने चेहरे को पूरी तरह से तकिए में घुसा रखा था. वह लगभग से तकिए में अपना चेहरा घुसाते हुए चिल्ला रही थी, जिस वजह से उसकी आवाज बाहर तक तो नहीं जाने वाली थी. लेकिन कुछ देर रोने के बाद उसने अपना चेहरा तकिए से बाहर निकाला. इस वक्त उसका चेहरा पूरी तरह से लाल पड चुका था. वह रोते हुए ही खुद में बडबडाई, क्यों नहीं समझ रहे हैं आप अरमान जी, अब हमारा कुछ नहीं हो सकता. सब खत्म हो गया, सब कुछ खत्म हो गया है. मेरा रिश्ता बस यही तक था। इतना कहते हुए वह लगभग से टूट चुकी थी.
जितना मर्जी अब मुझे इश्क हो, जरूरी नहीं कि हर किसी का इश्क मुकम्मल हो. मुझे बिखरना होगा अरमान जी आपके लिए, पता नहीं कब तक आपके बिना जी पाऊंगी. लेकिन आपकी अश्की आपसे बेइंतहा इश्क करती है, मान. इतना कहते हुए वह लगभग से एक बार फिर से रोने लगी. उसकी आंखों से आंसू निकलते हुए उस तकिए को पूरी तरह से भिगो रहे थे. तकरीबन एक घंटा वह यूं ही लेटी रोती रही, उसे अपना दिल में तडप इतनी ज्यादा महसूस हो रही थी कि उसका दिल दर्द से भरा हुआ था. उसे ऐसा लग रहा था, जैसे वह अपने दिल के दर्द के साथ मर जाएगी.
ऐसे ही रोते- रोते उसकी कब आंख लग गई, उसे भी पता नहीं चला. अभी उसे सोए हुए पंद्रह- 20 मिनट ही हुए थे कि तभी उसके Room का दरवाजा खुला और एक शख्स अंदर की तरफ आया. इस वक्त दोपहर के बारह बज चुके थे. अश्की यह चीज तो पूरी तरह से भूल चुकी थी कि उसे बाजार जाना है और ऊपर से अरमान के साथ बिताए हुए पल ने उसे और भी ज्यादा दर्द से भर दिया था. दूसरी तरफ, जो शख्स अंदर की तरफ आया था, उसकी गहरी नजरे इस वक्त अश्की के चेहरे पर थी. जो रो- रोकर लाल पड चुका था चेहरा और ऊपर से उसके आंसू, जो कि उसके गालों पर सूख चुके थे, साफ दिखाई दे रहे थे.
वह शख्स अब पूरी तरह से अश्की के पास आकर बैठा और उसके माथे पर हाथ फेरते हुए बोला, जितना खेल खेलना है, खेलो दिलरुबा, बहुत जल्द इस खेल का अंत मै खुद करूंगा. क्योंकि अभी कुछ ऐसी चीज है, जिनसे पर्दा उठना बहुत जरूरी है। इतना कहते हुए अरमान की आंखें आग उगल रही थी. उसने अश्की के चेहरे की तरफ देखा और अश्की का चेहरे को देखकर इस वक्त वह कितना तडप रहा था, यह वही जानता था. अब वह गहरी आवाज में बोला, लेकिन तुम्हें भी पनिशमेंट देनी जरूरी है दिलरुबा. Now that' s time to a your punishment.
इतना कहते हुए उसकी आवाज बेहद इंटेंस थी और चेहरे से ही देखकर पता चल रहा था कि अब कुछ अरमान खतरनाक करने वाला था. कुछ ही देर में अरमान अपनी जगह से उठा और बाहर की तरफ आया. तभी दरवाजे पर से आवाज आई. hey armaan. How are baby? जैसे ही यह आवाज अरमान के कानों में पडी, अरमान, जो कि अपनी लिफ्ट की तरफ जा रहा था, उसके कदम वहीं पर रुक गए और अब उसके चेहरे पर डेविल स्माइल थी.
अभी- अभी जिसने अरमान को आवाज लगाई थी, वह लडकी और कोई नहीं रश्मि थी. रश्मि वही लडकी थी, जब पहली बार अश्की ने रश्मि को देखा था, तो रश्मि उसके गले से आकर लगी थी. इसे तब वास्तव जी और नियति जी ने भेजा था, लेकिन आज शायद रश्मि को बुलाने वाला कोई और था. तब नियति जी ने अश्की की नजरों में अरमान को गिराने के लिए रश्मि को भेजा था, लेकिन आज रश्मि किसी और ही इंटेंशन से यहां पर आई थी. लेकिन अरमान को लेकर इरादे आज भी उसके वही थे.
इस वक्त रश्मि की नजरे अरमान पर बेहद गहरी थी. वही नियति जी, जो अभी- अभी कमरे से बाहर निकली थी, उनकी नजर जैसे ही रश्मि पर गई, तो उसकी आंखें बडी हो गई. एक पल के लिए डर के मारे नियति जी के माथे पर पसीने की बूंदे उतर आई. वही अरमान, जोकि रश्मि की तरफ अब देख रहा था, उसकी नजर एकदम से नियति जी पर गई. उसके चेहरे पर वह डेविल स्माइल और भी ज्यादा बडी हो गई. वह बेहद धीमी आवाज में बोला, अब सबका बहुत कुछ फटने वाला है. सबके कलेजे उनके हलक से ना निकाल दिए, तो मैं भी अपने दिलबर का दिलबर नहीं.
इतना कहते हुए अरमान बेहद दिलकश लग रहा था. दूसरी तरफ अश्की, जोकि अपने कमरे में सोई हुई थी, उसकी आंखें लगभग से खुलने लगी. क्योंकि इस वक्त उसे अपने शरीर में हद से ज्यादा दर्द हो रहा था. एकदम से उसके पेट में दर्द होने की वजह से उसकी आंखें खुल गई थी. अब बाहर से कुछ आवाज सुनकर वो आंखें मलते हुए अपनी जगह से उठी और बाहर की तरफ आई. बाहर का नजारा देखकर अश्की का दिल जैसे धक सा रह गया, क्योंकि रश्मि अब अरमान के सीने से लगी हुई थी. दूसरी तरफ, अरमान ने भी अपने हाथ रश्मि की कमर पर रख दिए थे. यह चीज देखकर अश्की का तन- बदन जैसे जल उठा था.
उसकी आंखों से लगभग से आंसू उतर आए थे. दूसरी तरफ अरमान ने अश्की की तरफ देखा भी नहीं था. लेकिन वह अश्की का रिएक्शन बहुत अच्छी तरह से जानता था. वह अब मन ही मन बडबडाया. जिस आग में तुम मुझे जलाने की कोशिश कर रही हो, तुम्हें भी तो पता चले कि उस आग में जलने से कितना दर्द होता है, दिलरुबा.
सजा तो तुम्हें मिलनी बहुत जरूरी है, दिलरुबा. क्योंकि तुम जो कर रही हो, वह तुम्हारे लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। दूसरी तरफ रश्मि, जो उसके सीने से लगी हुई थी, अब उसने अपना चेहरा ऊपर की तरफ उठाया और अरमान की तरफ देखते हुए बोली, आई एम सो ग्लैड अरमान, मुझे नहीं पता था कि तुम मेरे पास वापस आओगे. आई एम सो हैप्पी, बेबी, तुम जो कहोगे ना, मैं वही करूंगी. लेकिन प्लीज प्लीज, जल्दी करना. मैं बहुत खुश हूं तुम्हारे फैसले से। उसके फैसले वाली बात सुनकर अश्की के चेहरे पर अब सवालिया एक्सप्रेशन आ गए. वही नियति जी के भी चेहरे पर भी अब सवालिया एक्सप्रेशन थे. वह रश्मि और अरमान की तरफ ही देखे जा रही थी. कुछ ही देर में उनकी आवाज सुनकर सभी लोग बाहर की तरफ आए. रोहिणी जी, वास्तव जी, चांदनी जी, सत्यम जी, सब अपने- अपने कमरों से बाहर निकाल कर आ चुके थे. हालांकि नियति जी पहले ही वहां पर उपस्थित थी. वही वास्तव जी ने जैसे ही रश्मि को देखा, तो उनके चेहरे का भी रंग पूरी तरह से उड गया.
उन्होंने अब नियति जी की तरफ देखा. नियति जी ने भी अपने नजरे उनकी तरफ लाते हुए अपने कंधे ऊपर की तरफ उचकाते हुए इशारा करने लगी कि मुझे भी नहीं पता कि यहां पर क्या चल रहा है. तभी रश्मि अरमान के गले में अपनी बाहें डालकर बोली, बेबी, फिर शॉपिंग कब से स्टार्ट करनी है। उसकी बात पर अरमान ने अब उसकी कमर पर लगभग से अपने हाथ कसते हुए कहा, शॉपिंग भी करेंगे बेबी, लेकिन पहले सबसे तुम्हें मिला तो दूं. कुछ तो तुम्हें जानते भी होंगे। इतना कहते हुए उसने वास्तव जी और नियति जी की तरफ देखा. अरमान के इस तरह से देखने से ही वास्तव जी और नियति जी अपनी जगह पर जैसे सुन्न पड चुके थे. वही रोहिणी जी भी सवालिया नजरों से अरमान की तरफ देख रही थी.
रोहिणी जी अरमान की तरफ देखकर बोली, यह कौन है बेटा. रोहिणी जी की बात सुनकर अरमान उनकी तरफ देखते हुए बोला, बताता हूं बडी मां, बताता हूं। उसके मुंह से बडी मां सुनकर रोहिणी जी का दिल जैसे एक पल के लिए खिल उठा. आज बरसों बाद अरमान ने दोबारा से उन्हें बडी मां कहा था. यह चीज उसके लिए किसी सपने से कम नहीं थी. लगभग से रोहिणी जी की आंखों में जैसे नमी उतर आई थी. वही अश्की के चेहरे पर भी सवालिया एक्सप्रेशन आ गए थे. उसे तो समझ ही नहीं आ रहा था कि अरमान अम्मा जी को बडी मां क्यों कह कर बुला रहा था. वह रोहणी जी के चेहरे की तरफ देख रही थी, लेकिन रोहिणी की नजरे जैसे ही अश्की के साथ मिली, उनके चेहरे के रंग एक पल के लिए उड गए. लेकिन अगले ही पल वह खुद को नॉर्मल करते हुए फीका सा मुस्कुराई. तभी अरमान के पीछे खडी अश्की की तरफ अपना चेहरा घुमाया.
जिसके पास अब तक आर्यन भी आकर खडा हो चुका था. आर्यन लगभग से उसका हाथ पकडने को हुआ कि तभी उसकी नजर अरमान पर गई. अगले ही पल डर के मारे उसने अपना हाथ पीछे की तरफ खींच लिया. भले ही वह कहता नहीं था, लेकिन यह बात आर्यन भी जानता था कि अरमान के सामने वह कुछ भी नहीं. उसको इस तरह से हाथ खींचना हुआ देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल उतर आई. अब अरमान बेहद गहरी आवाज में सबके सामने बोला, मीट माय फ्यूचर वाइफ, रश्मि।
जैसे ही अरमान ने यह बात कही, एक पल के लिए अश्की के कदम लडखडा गए. उसकी सांसे जैसे वहीं पर जम सी गई थी. उसने लगभग से पीछे का दरवाजा पकडा खुद को संभालने के लिए, क्योंकि उसे अरमान से यह उम्मीद तो बिल्कुल भी नहीं थी. लेकिन अब जब अरमान ने उसका रिएक्शन देखा, तो उसकी नजरें अश्की पर गहरी हो गई थी. वह देख सकता था कि अरमान का इस तरह से किसी के करीब आने से ही अश्की की जो हालत हो रही थी.
उसी को ऐसा लग रहा था, जैसे उसे सांस ही ना आ रही हो. दूसरी तरफ रोहिणी जी की भी आंखें बडी हो चुकी थी. वह अरमान की तरफ देखते हुए बोली, अरमान, यह क्या कह रहे हो बेटा? लेकिन अभी वह कुछ बोल ही रही थी कि तभी अरमान रोहिणी जी को अपना हाथ दिखाते हुए बोला, बडी मॉम, प्लीज. यह मेरी लाइफ है. अगर किसी को मेरे जीने या मरने से कोई फर्क नहीं पडता, तो आई डोंट थिंक सो कि मुझे अब किसी की फिक्र करनी चाहिए. मुझे भी अपनी जिंदगी जीनी है, मेरी भी अपनी लाइफ है. आफ्टर ऑल मेरी भी कुछ शारीरिक जरूरतें हैं। उसकी शारीरिक जरूरत वाली बात सुनकर अश्की को और भी ज्यादा दर्द महसूस होने लगा. एक पल के लिए उसे ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसका दिल उसके सीने से निकाल कर पूरी तरह से निचोड दिया हो.
आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे. अब वह जल्दी से अपने कमरे की तरफ भागी और देखते ही देखते उसने अपने Room का दरवाजा बंद किया. फिर दरवाजे से लगकर वहीं जमीन पर बैठकर बुरी तरह से रोने लगी. उसका इतना रिएक्शन ही काफी था अरमान को यह बताने के लिए कि अश्की अंदर तक और भी ज्यादा टूट चुकी है. अब उसके हाथों की मुट्ठियां कस चुकी थी. जिस तरह से उसने अपने हाथों की मुट्ठियां कसी हुई थी, उसके हाथों की नसे बाहर तक उभर रही थी. वहीं आर्यन के चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल थी. दूसरी तरफ नियति जी और वास्तव जी के चेहरे पर भी इस वक्त तिरछी मुस्कुराहट थी. वह अब धीमे से एक दूसरे के साथ बडबडाई. यहां तो हमें कुछ करना ही नहीं पड रहा. यह तो खुद ब खुद ही सब कुछ करने लगा. अच्छी बात है, हमारा तीर खुद- ब- खुद निशाने पर लग रहा है।
अश्की के जाने के बाद अरमान भी अब अपने कमरे की तरफ जाने को हुआ. तभी रश्मि उसका हाथ पकडते हुए बेहद सेडक्टिव वॉइस में बोली, बेबी, हम कब तक शॉपिंग करने जाएंगे। शॉपिंग की बात सुनकर आर्यन के चेहरे पर अब बारह बज चुके थे, क्योंकि अभी उसे अश्की के साथ भी शॉपिंग पर जाना था. तमाशे के बीच में वह यह चीज भूल ही चुका था कि टाइम शॉपिंग करने का हो चुका था. उसने जल्दी से अश्की के कमरे की तरफ अपने कदम बढा दिए. दूसरी तरफ अश्की, जोकि जमीन पर बैठकर फूट- फूट कर रोए जा रही थी, उसकी हालत हद से ज्यादा बदतर हो गई थी. वह रोते हुए ही खुद में बोली, क्यों कर रहे हैं मान. क्यों, क्यों मुझे जीते जी मारना चाहते हैं आप? क्या चाहते हैं आप मुझसे कि मैं आपको इस तरह किसी के साथ देखकर तिल तिल मरूं. यही चाहते हैं ना आप। इतना कहते हुए वह अपने बालों पर अपना हाथ उठाकर खुद से ही अपने बालों को खींचने लगी और लगभग से अपने मुंह पर हाथ रखकर फूटकर रोने लगी.
दूसरी तरफ आर्यन अब उसके कमरे के दरवाजे पर आकर खडा हुआ. अगले ही पल, वो दरवाजा Knock करते हुए बोला, अश्की, हमें शॉपिंग पर जाना है, तुम्हें याद है ना। उसकी बात पर अश्की, जोकि जमीन पर बैठी रो रही थी, अब उसने अपना चेहरा ऊपर की तरफ उठाया और गहरी गहरी सांस भरने लगी. क्योंकि वह इस वक्त खुद को संभाल नहीं पा रही थी. लेकिन फिर भी उसे खुद को संभालना था. उसने दो- चार गहरी गहरी सांस भरी और अपनी जगह से खडी होकर अपने आंसुओं को अच्छी तरह से पोंछा. अपना चेहरा पूरी तरह से साफ करते हुए उसने दरवाजा खोला और सामने ही आर्यन खडा था, जो उसे ही देख रहा था. वह उसकी तरफ देखकर बोला, शॉपिंग पर नहीं चलना है क्या? जल्दी करो, रेडी हो जाओ. हमें शॉपिंग पर जाना है। बाहर खडे अरमान ने भी यह बात सुनी थी, जो कि दरवाजे से कुछ ही दूरी पर खडा था. जिससे अश्की की नजर सीधा अरमान पर गई. अब अरमान ने दोबारा से रश्मि की कमर पर हाथ रखा और बोला, चलो ना बेबी, तुमने तो कहा कि शॉपिंग पर कब जाना है. अभी तो चलना था. चलो, परसों इंगेजमेंट है तो.
शादी के लिए तैयार तो होना ही है। इतना कहते हुए उसने अपना पट्टी वाला हाथ, जिस पर हद से ज्यादा चोट लग चुकी थी, वह उसने रश्मि की कमर पर रखा. वह अब लगभग से उसे बाहर की तरफ ले जाने लगा. दूसरी तरफ अश्की यह चीज देखकर बेचैन हो उठी. उसने जल्दी से खुद को समेटते हुए अपना दुपट्टा लिया और आर्यन की तरफ देखते हुए बोली, चलिए आर्यन जी, मैं ऐसे ही जाऊंगी। आर्यन उसकी तरफ मुंह बनाते हुए देखकर बोला, पक्का ना, इन कपडों में जाओगी, कैसी लग रही हो तुम बहन जी टाइप, कम से कम यह शर्ट वगैरा तो चेंज कर लो. यह शर्ट, पजामा और ऊपर से दुपट्टा कैसा लग रहा है, अजीब सा। उसकी बात पर अब अश्की उसकी आंखों में देखते हुए बोली, तुम्हें ज्यादा ड्रामा करने की जरूरत नहीं है.
मैं अभी भी यह नहीं मानती हूं कि मेरी मॉम तुमसे मेरी शादी करना चाहती थी, ठीक है ना. मुझे सिर्फ एक प्रूफ की जरूरत है. एक सिर्फ लेटर के आधार पर मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती। इतना कहते हुए अश्की का चेहरा पूरी तरह से लाल पड चुका था. लेकिन वह उस लेटर को भी ला नहीं सकती थी, जो नियति जी ने अश्की के हाथ पर रखा था. वह हैंडराइटिंग पूरी तरह से उसकी मम्मी की थी.
अब यहां पर यह खुलासा होने वाला था कि नियति जी ने ही कुछ ऐसा किया था, जिसे शायद अश्की अरमान से दूर होने वाली थी या क्या अरमान अश्की को दूर होने देने वाला था. अब इस सवाल का जवाब तो अरमान के पास ही था. वही आर्यन तो बस हैरानी से अश्की की तरफ ही देखे जा रहा था, क्योंकि जब से वह लेटर मिला था, वह तब से आर्यन से प्यार से ही बात कर रही थी. लेकिन आज इस तरह से बात करता हुआ देखकर आर्यन भी हैरान रह गया था. अब वह गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए बोला, तुम मेरे साथ इस तरह बात नहीं कर सकती। तभी अश्की उसकी तरफ देखते हुए बोली, तो खुद को भी संभाल कर रखो. मुझे जो पहनना है, जैसा रहना है, मैं वैसे ही तुम्हारे साथ चलूंगी अगर मेरे साथ चलना है, तो चलो. नहीं चलना, तुम्हारी मर्जी. मैं खुद चली जाऊंगी। अभी उसने इतना ही कहा था कि तभी आर्यन ने उसका हाथ पकडा और बोला, मैं चलूंगा ना तुम्हारे साथ, ऐसा क्यों कह रही हो, बेबी? अभी उसने उसका हाथ पकडा ही था कि तभी अश्की उसका हाथ झटकते हुए बोली, तुम क्या बार- बार मेरा हाथ पकड रहे हो. मुझे नहीं पसंद कि कोई मेरा हाथ पकडे।
अश्की की बात पर आर्यन को और भी गुस्सा आने लगा. वह गुस्से में खुद में ही दांत पीसते हुए बोला, उसका हाथ तो बहुत जल्दी लगवा लेती है, उसकी तो गोद में भी चढ जाती है। इतना कहते हुए आर्यन का चेहरा अब गुस्से से लाल हुए जा रहा था. लेकिन अश्की ने उसका चेहरा नहीं देखा. वह लगभग से बाहर की तरफ आ चुकी थी. अब उसकी नजर सामने की तरफ गई, जहां पर अरमान लगभग से रश्मि के ऊपर झुका हुआ था. उसे रश्मि के ऊपर झुका हुआ देखकर एक पल के लिए अश्की के दिल की धडकन जैसे रुक सी गई थी.
दूसरी तरफ अरमान, जोकि पूरी तरह से रश्मि के ऊपर झुका हुआ था, उसे इस चीज का बिल्कुल भी पता नहीं था कि पीछे से अश्की उसे देख रही है. वह तो बस गुस्से भरी नजरों से रश्मि को देख रहा था, जो उसका कॉलर पकडकर उसे अपने ऊपर झुका कर खडी थी. इस वक्त अरमान के जबडे पूरी तरह से कसे हुए थे. वह उसे गहरी नजरों से देखकर कुछ कहने को हुआ कि तभी उसके कानों में पीछे से आवाज सुनाई दी. चलो बेबी, चलते हैं। यह आवाज सुनते ही अरमान की आंखें बडी हो गई. उसने पलट कर देखा, तो आर्यन ने अश्की की कमर पर हाथ रखा हुआ था. जिससे अश्की एक बार फिर से अनकंफरटेबल हो गई थी. वह उसके हाथ को अपनी कमर से हटाते हुए दोबारा से बोली, तुम्हें कितनी बार कहा है कि मेरी कमर पर हाथ मत रखो, मुझे नहीं अच्छा लगता। उसकी इस बात पर आर्यन ने अब अरमान की तरफ देखा. अब उसने एक बार फिर से जिद से अश्की की कमर पर हाथ रखा और बोला,
ज्यादा बोलने की कोशिश मत करो, बेबी, सामने देखो. तुम्हारा आशिक तुम्हारी तरफ देख रहा है. अगर इसी तरह नखरे दिखाओगी ना, तो तुम्हारा आशिक एक बार फिर से तुम्हारे पीछे लग जाएगा. फिर तुम जानती हो कि उसे तुम्हारे पीछे आने से कोई नहीं रोक सकता। उसकी बात सुनकर अश्की की आंखों में एक बार फिर से नमी उतर आई थी, क्योंकि वह जानती थी कि अरमान उसी की तरफ ही देख रहा होगा. इसीलिए उसने अपनी आंखें झुकाई और अपने कदम गाडी की तरफ बढा दिए. लेकिन अरमान भी अब कहां कम रहने वाला था. उसने भी रश्मि की कमर पर हाथ रखकर उसे खुद से सटाया और उसके चेहरे को अपने हाथ में भरते हुए बोला,
ऑफकोर्स बेबी, हम करेंगे ना kiss. दूसरी तरफ पास में से गुजरती हुई अश्की ने जब यह बात सुनी, उसके हाथों की मुट्ठियां कश गई और आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे. अरमान उसके दिल को जलाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड रहा था. आर्यन जो कर रहा था, उसके चलते अरमान की थोडी सी भी प्रतिक्रिया अश्की को और भी ज्यादा जला रही थी.
लेकिन खुद को संभालते हुए वह आर्यन की गाडी की तरफ आई और देखते ही देखते वह गाडी में बैठी. दूसरी तरफ आर्यन भी गाडी में आकर बैठा और वहां से वह दोनों निकल गए.
कुछ ही देर में उनकी गाडी एक बडे से माल के आगे आकर रुकी और उस मॉल को देखकर आर्यन के चेहरे पर एक बडी सी मुस्कराहट तैर गई. वह अब बेहद गर्व से बोला, यह हमारा फैमिली मॉल है. यहां पर हमारे घर की बहू शॉपिंग करने आती है। इतना कहते हो उसने अश्की की तरफ बडे प्राउडली देखा. जैसे पता नहीं कितने ही गर्व की बात होगी उसके लिए यह. दूसरी तरफ अरमान की भी गाडी उसी माल के आगे आकर रुकी. अब उसने आर्यन की गाडी की तरफ देखा, जहां से अश्की और आर्यन अब गाडी से बाहर निकल चुके थे. अश्की, जिसका पूरा चेहरा नीचे की तरफ झुका हुआ था. इस वक्त उसका चेहरा हद से ज्यादा मायूस था.
दूसरी तरफ आर्यन अब एक बार फिर से घूम कर आया और उसने अब दोबारा से अश्की की कमर पर हाथ रखना चाहा. लेकिन इस बार अश्की तेजी से आगे की तरफ बढ गई, ताकि आर्यन उसकी कमर पर हाथ ना रख सके. क्योंकि आर्यन के उसकी कमर पर हाथ रखते ही उसे अजीब सी गंदी वाली फीलिंग आती थी, जो वह और भी ज्यादा फील नहीं करना चाहती थी. उसको इस तरह से आगे बढता हुआ देखकर आर्यन की मुट्ठियां कस चुकी थी. दूसरी तरफ अरमान भी यह चीज बहुत अच्छी तरह से नोटिस कर रहा था.
उसके होठों पर हल्की सी मुस्कुराहट आ चुकी थी. अरमान खुद में ही बडबडाया, कितना इनकार करोगी दिलरुबा, किसी को हाथ तो खुद को लगाने नहीं देती. कहती हो कि मुझसे इश्क नहीं, इश्क तो तुम्हारी आंखों में, तुम्हारी रग रग में भर चुका है. मेरे छूने के अलावा तुम्हें कोई और छू जाए, यह तुम्हें खुद को ही मंजूर नहीं और मैं क्या ही कहूं। इतना कहते हुए अरमान के चेहरे पर गहरी मुस्कुराहट तैर चुकी थी. आज से पहले शायद ही कभी अरमान इस तरह से मुस्कुराया होगा. हमेशा एक्सप्रेशन लेस चेहरा रखने वाला अरमान आज मुस्कुरा रहा था और वह भी अश्की की हरकतों की वजह से.
उसे अपने दिलरुबा पर तरस आ रहा था कि वह इस कदर पीस रही थी कि अभी वह उसे चीज का खुलासा भी नहीं कर सकता था. क्योंकि कोई ना कोई बात बीच की कडी को तोड रही थी और वह कडी उसे ढूंढनी. थी.
अश्की आर्यन एक मॉल के आगे आकर खडे हुए, जहां पर काफी ज्यादा लहंगा वगैरा लगे हुए थे और उन लहंगा को देखकर ही पता चल रहा था कि वह कितने जगह एक्सपेंसिव होंगे. आर्यन अब अश्की को अंदर की तरफ लेकर आया, तो वहां पर ही एक तरफ एक लेडिस, जो कि उन लहंगा को समेट रही थी, वह जल्दी से आगे की तरफ आई. साफ पता चल रहा था उसकी यूनिफार्म से कि वह वहां पर काम करती है. वह लेडिस आगे की तरफ आई और आर्यन की तरफ देखकर बोली, यस सर, मैं आपकी क्या मदद कर सकती हूं। उस औरत की बात पर आर्यन अश्की की तरफ देखते हुए बोला, मुझे इसकी फिटिंग के According लहंगे चाहिए या फिर गाउन वगैरह कुछ भी दिखा दीजिए. इंगेजमेंट है हमारी। उसकी बात सुनकर वह औरत हल्की सी मुस्कुराहट के साथ बोली, shure sir।
इतना कहते हुए उसने अपने कदम अंदर की तरफ बढा दिए थे. वही अश्की, जिसकी नजरे नीचे जमीन पर गढ चुकी थी, वह तो अपना चेहरा ही ऊपर उठाकर नहीं देख रही थी. क्योंकि उसका दिल उसी पल में जैसे कैद हो गया था, जब अरमान रश्मि के ऊपर झुका हुआ था. अभी कुछ देर पहले अरमान का इस तरह से कहना कि भी Kiss करेंगे ना, यह चीज जैसे अश्की को और भी ज्यादा हर्ट कर रही थी रश्मि अगर कुछ भी कहती, तो उसे इतना बुरा नहीं लगता. लेकिन अरमान का यह कहना उसे अंदर तक तोड रहा था.
तब से ही उसने अपना चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाया हुआ था. उसने अपनी नजरें तक उठाकर आर्यन की तरफ नहीं देखा था. आर्यन भी यह चीज देखकर फ्रस्ट्रेटेड हो रहा था, लेकिन उसने ज्यादा अश्की को कुछ कहा नहीं. क्योंकि इस वक्त उसके दिमाग में भी कुछ चल रहा था. आर्यन एक बार फिर से उसके पास आया. वह अश्की के हाथ को पकडते हुए बोला, चलो ना बेबी, कुछ ट्राई कर लेते हैं। तभी अश्की उससे हाथ छुडाते हुए कहा, मेरा मूड नहीं है. प्लीज आर्यन जी, मेरे साथ जबरदस्ती मत कीजिए। इतना कहते हुए वह लगभग से बाहर की तरफ जाने को हुई तभी वह किसी से टकरा गई और लड पडा कर गिरने को हुई कि तभी उस शख्स ने अश्की की कमर पर हाथ रखकर उसे संभाल लिया.
जैसे ही यह छुअन अश्की को महसूस हुई, अश्की की नजरे खुद ब खुद ऊपर की तरफ उठ गई. अब उसकी आंखें एक बार फिर से भर आई और अगले ही पल उसने उस शख्स के हाथों को पीछे की तरफ करते हुए कहा, अपनी वाईफाई पर ध्यान दीजिए, Mister अरमान त्रेहान। उसकी बात पर अरमान हल्का सा मुस्कुराया और बोला, जरूर Miss अश्की, वैसे भी मैं अपनी Wife के साथ यहां पर शॉपिंग करने आया था, क्योंकि हमारी इंगेजमेंट है ना परसों ही. सो मुझे अपनी Wife के लिए लहंगे सेलेक्ट करने है। इतना कहते हुए उसने रश्मि का हाथ पकडा और आगे की तरफ ले गया. वहीं आर्यन तो जैसे दांत पीसकर ही रह गया. वह गुस्से से मन ही मन बडबडाया. इसे भी यहीं पर आना था क्या? इसे कोई और जगह नहीं मिली। इतना कहते हुए वह गुस्से भरी नजरों से अरमान की तरफ देख रहा था. अरमान, जो कि अब आगे की तरफ बढ गया था, उसने भी आर्यन की नजर खुद पर महसूस की थी. लेकिन
उसने आर्यन को फुल तू इग्नोर किया और वहीं पर जाकर साइड में खडा हो गया वह लेडिस अब अरमान को अटेंड कर रही थी. दूसरी तरफ आर्यन अश्की के पास आया. वह उसकी तरफ देखते हुए बोला, चलो बेबी, हम कहीं और से लहंगे ले लेते है. हमें यहां पर नहीं लेना।
तभी अश्की उसका हाथ लगभग से झटकते हुए बोली, मुझे, मुझे यहीं से लेनी है. काफी अच्छे लहंगे लग रहे हैं, तो मैं यहीं से ले लूंगी। इतना कहते हुए वह आगे की तरफ बढ गई. वही आर्यन तो बस हैरानी से अश्की की तरफ ही देखता रह गया कि आखिर अब ऐसा क्या हो गया, जो अश्की एकदम से मान भी गई. पहले अश्की ही मना कर रही थी, लेकिन अब उसका चेहरा गुस्से से तमतमा गया था. कहीं ना कहीं वह यह बात समझ चुका था कि अश्की जानबूझकर मना कर रही है. पर अब अरमान के आ जाने पर अश्की का ध्यान अरमान पर था. इसीलिए वह यहां पर रहकर देखना चाहती थी कि आखिर अरमान कर क्या रहा है.
वही रश्मि, जो कि अरमान को बार- बार लहंगे दिखा कर ट्राय कर रही थी. वह कभी दूसरा लहंगा अरमान को दिखा रही थी, तो कभी पहले लहंगा उठा कर अपने आप से लगाकर अरमान को दिखा रही थी. लेकिन अरमान की नजरे तो उस पर आ ही नहीं रही थी वह तो बार- बार अपने फोन की तरफ देख रहा था. फोन में देखते ही हुए ही उसकी तिरछी नजरे अश्की पर थी, जो वहीं दूसरी साइड खडी थी. उसे भी दूसरी स्टाफ लहंगे दिखा रही थी. लेकिन अश्की को लहंगे से तो कोई मतलब ही नहीं था उसकी भी तिरछी नजरे अरमान पर ही थी. वह देखना चाहती थी कि अरमान रश्मि के इतना करीब हो जाए. यही सोच सोच कर उसकी जान निकल रही थी.
तभी आर्यन उसके पास आकर खडा हुआ और एक पीच Color का लहंगा उठा कर उसने अश्की के बदन से लगाया. जिसे देखकर अश्की का शरीर कांप उठा, क्योंकि जिस तरह से उसने उसके बदन पर वह लहंगा लगाया था, वह बेहद से सिटेक्टिव था. यह चीज अश्की को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई थी. दूसरी तरफ अरमान ने भी शीशे में से यह चीज देखी थी, जिससे अरमान का चेहरा एक पल के लिए काला पड गया था. उसका दिल तो कर रहा था कि आर्यन को बाहर की तरफ ले जाए और ऊपर से ही नीचे की तरफ धक्का दे दे. लेकिन अभी फिलहाल उसने खुद को कंट्रोल रखा हुआ था. अब यह कंट्रोल कब तक रहने वाला था, यह तो अरमान ही जाने.
अभी अश्की ने वहां पर से सिल्वर ब्लू Color का लहंगा पडा हुआ था, वह काफी ज्यादा खूबसूरत लग रहा था. उसने वह लहंगा उठाया और आर्यन की तरफ देखते हुए बोली, आर्यन जी, मै इसे ट्राई करके आती हूं, प्लीज। इतना कहकर वह जल्दी से वहां से निकल गई, क्योंकि आर्यन उसे तरह- तरह से छुने के बहाने अब ढूंढ रहा था. क्योंकि वहां पर अलग- अलग लहंगे पडे हुए थे और वह जब भी लहंगा उसके साथ लगा रहा था, वह अलग तरीके से उसे छू रहा था. जिससे अश्की का बदन कांप पडता था. अब अश्की जल्दी से चेंजिंग Room में आई और चेंजिंग Room में आकर उसने गहरी सांस भारी. अब वह अपने कपडे रिमूव करने लगी. देखते ही देखते उसने अपने पूरे कपडे रिमूव कर दिए. तभी चेंजिंग Room का दरवाजा खुला और कोई अंदर की तरफ आया, जिसे देख अश्की के दिल की धडकन एक पल के लिए रुक गई.
To be continue.








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