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Ship पर…
अधिवीर इस वक्त शॉवर के नीचे खड़ा था और वह इस वक्त पूरी तरह से बेलीबास था। इस वक्त उसका गुस्सा हद से ज्यादा बढ़ चुका था। जिस वजह से उसने अपना हाथ सामने दीवार पर दे मारा था। उसकी आवाज़ बाहर सरगुन तक पहुंची थी, जिसे सुनकर सरगुन का दिल धक सा रह गया था।
इसीलिए वह बिना सोचे-समझे कि इस वक्त उसने भी कुछ नहीं पहना हुआ है, उठकर बाथरूम की तरफ दौड़ पड़ी। अगले ही पल उसने बिना सोचे-समझे बाथरूम का दरवाजा खोला और अंदर का नज़ारा देखकर सरगुन का दिल तड़प उठा। आज पहली बार अधिवीर को इस हालत में देखकर सरगुन के दिल में एक अलग ही कसक उठी थी, जो वह शब्दों में बयां नहीं कर पा रही थी।
अधिवीर शावर के नीचे खड़ा था, और जैसे ही उसकी नजर दरवाजे पर पड़ी, उसकी आंखें और भी ज्यादा सर्द हो गई और जबड़े पूरी तरह से कस गए। इससे पहले वह सरगुन को कुछ कहता कि सरगुन बोली,
“आप पागल हो गए हैं अधिवीर, कितनी चोट लगी है आपको?"
सरगुन चिल्लाते हुए उसकी तरफ भागी और उसका हाथ पकड़ लिया।
वह अधिवीर के हाथ को लगातार देख रही थी, लेकिन अधिवीर की नजरें हैरानगी से उसके चेहरे पर थी।
आज तक उसने सरगुन का ऐसा रवैया अपने प्रति नहीं देखा था। सरगुन अब आसपास देखने लगी, ताकि उसके हाथ पर मरहम-पट्टी की जाए। लेकिन वहां उसे ऐसा कुछ भी नहीं मिला। वह बाहर जाने को हुई ही थी कि तभी अधिवीर ने उसका हाथ पकड़ कर उसे दीवार से सटा दिया।
जैसे ही अधिवीर ने उसे दीवार से लगाया, सरगुन ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली। अधिवीर अब उसके चेहरे को गौर से देख रहा था कि आखिर सरगुन को हुआ क्या है?
अधिवीर (कोल्ड वॉइस में) में बोला, "यह तुम्हें मेरी इतनी चिंता कब से होने लगी…?"
उसके इतना कहते ही सरगुन की आंखें अपने आप खुल गई और उसकी नज़रें अधिवीर से जा मिली।
दोनों की नजरें टकरा रही थी और सांसें भी, क्योंकि इस वक्त अधिवीर उसके चेहरे के इतना पास था कि दोनों की सांसें आपस में घुल रही थी। अधिवीर को अपने इतना पास देखकर सरगुन का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा।
दोनों की नजरों का सारा ध्यान एक-दूसरे के चेहरे पर था। किसी को यह याद भी नहीं रहा कि वे दोनों इस वक्त पूरी तरह बेलीबास थे। सरगुन तो एक पल के लिए ये भी भूल गई थी कि अधिवीर ने अभी उससे क्या पूछा था… और अधिवीर भी यह भूल चुका था कि उसने अभी क्या कहा था।
उसकी नजरें लगातार सरगुन के फड़फड़ाते हुए होठों पर टिक चुकी थी। अधिवीर उसके और करीब झुकने लगा… और अगले ही पल उसने सरगुन के होठों को चूम लिया।
जैसे ही अधिवीर ने उसके होठों को चूमा, सरगुन के हाथ उसकी पीठ पर आ चुके थे। वह भी आज अधिवीर को रिस्पॉन्स दे रही थी। उसके हाथ अब हल्के-हल्के अधिवीर के बालों में घूमने लगे। दोनों की सांसें लड़खड़ा रही थी और स्मूच की आवाज बाथरूम में गूंज रही थी।
समय के साथ उनकी किस और भी इंटेंस होती गई। अधिवीर के हाथ उसकी पीठ से होते हुए उसकी बैक को हल्के-हल्के सहलाने लगे। दोनों के सीने आपस में रगड़ खा रहे थे, जिससे सरगुन की सिसकियां उसके मुंह से निकल तो रही थी, लेकिन किस की वजह से दबे जा रही थी।
अधिवीर का गुस्सा अब धीरे-धीरे शांत होने लगा था। उसकी आंखों में जो गुस्सा ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा था, अब वो जैसे कहीं गायब हो गया था।
करीब 15–20 मिनट एक-दूसरे को चूमने के बाद अधिवीर ने किस ब्रेक की। उसने सरगुन की तरफ देखा, जिसका चेहरा पूरी तरह से लाल हो चुका था। वह अपनी मदहोशी भरी नजरों से अधिवीर को देख रही थी।
सरगुन को इस तरह देखते ही अधिवीर की नजरें और गहरी हो गई। वह फिर उसके ऊपर झुका और उसे फिर से पागलों की तरह चूमने लगा। चूमते हुए उसने सरगुन को दोबारा दीवार से लगा दिया।
अब दोनों बेकाबू हो चुके थे। उनके बदन आपस में रगड़ खा रहे थे। अधिवीर की लोअर बॉडी सरगुन के सेंसिटिव एरिया से रगड़ खा रही थी, जिससे सरगुन के शरीर में एक करंट सा दौड़ रहा था।
अधिवीर अब उसके सीने के नाज़ुक हिस्सों को सहला रहा था और धीरे-धीरे उसकी कॉलर बोन को चूमने लगा। उन्हें पता ही नहीं चला कि कब वह एक-दूसरे में इतने इन्वॉल्व हो गए।
कुछ देर बाद अधिवीर सीधा खड़ा हुआ और सरगुन को गहरी नजरों से देखते हुए अगले ही पल उसे अपनी गोद में उठा लिया। फिर वह उसे बाहर रूम की तरफ ले आया और बेड पर लेटा दिया।
जैसे ही अधिवीर ने उसे बेड पर लेटाया, सरगुन ने शरमा कर अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया। अधिवीर की नजरें उस पर इतनी गहरी थी कि उसका दिल तेजी से धड़क रहा था।
सरगुन की पीठ उसकी तरफ थी और उसे देखकर अधिवीर के चेहरे पर तिरछी मुस्कराहट तैर गई।
अधिवीर बोला, "Why are you blushing, wifey? I am your husband."
सरगुन ने कोई जवाब नहीं दिया, बस उसकी पीठ अधिवीर की तरफ थी। उसकी गोरी पीठ देखकर अधिवीर के शरीर में सेंसेशन दौड़ गई। वह उसके ऊपर झुका और उसकी पीठ को हल्के-हल्के चूमने लगा।
सरगुन की सिसकियां फिर कमरे में गूंजने लगी, जिन्हें सुनकर अधिवीर और भी बेकाबू होने लगा।
कुछ देर बाद उसने सरगुन के कंधे पर हाथ रखकर उसे अपनी तरफ किया। सरगुन ने अपनी मदहोशी भरी आंखों से अधिवीर की आंखों में देखा। उसकी नजरें बेहद दिलकश थी।
अधिवीर अब उसके ऊपर झुकने लगा और उसके होठों को फिर से चूमने ही वाला था कि तभी
सरगुन (धीमे से) से बोली, "मुझे मुंबई जाना है…।"
उसकी बात सुनकर अधिवीर के होंठ वहीं रुक गए। उसके होठों पर एक हल्की दबी हुई मुस्कुराहट तैर गई, जो शायद सरगुन ने नहीं देखी।
लेकिन उसकी नज़रें अब सरगुन पर और भी गहरी हो गई थी। सरगुन की धड़कनें जैसे थमने को हो गई, क्योंकि अधिवीर का देखना अब उसे बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं लग रहा था
इस वक्त अधिवीर उसे अपनी गहरी नजरों से देख रहा था। जिस तरह से अभी वह उसे देख रहा था, उसकी नज़रें बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं लग रही थी। वहीं सरगुन को अब अंदर ही अंदर डर लग रहा था। उसका दिल इस वक्त जोर-जोर से धड़क रहा था और उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था।
अधिवीर अब उसके ऊपर से उठा और साइड में रखी हुई अपनी शर्ट उठाकर पहनने लगा। उसको अपनी शर्ट पहनते देख सरगुन हैरानी से उसकी तरफ देखने लगी और लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली,
"क्या हुआ? आप कपड़े क्यों पहनने लगे…?"
सरगुन की बात सुनकर अधिवीर बिना किसी एक्सप्रेशन के बोला,
"मुंबई नहीं चलना है क्या?"
जैसे ही अधिवीर ने यह बात कही, सरगुन के चेहरे पर एक गहरी मुस्कुराहट तैर गई। अगले ही पल, वह अपनी जगह से उठी और उसे इतना तक अंदाजा नहीं था वह इस वक्त अधिवीर के सामने बेलिबास बैठी है। अगले ही पल वह अधिवीर के सीने से जा लगी।
उसे इतना ज्यादा खुश देखकर एक पल के लिए अधिवीर भी चौंक गया था। लेकिन जैसे ही सरगुन ने उसे हग किया, अधिवीर के हाथ हवा में रह गए। उसका दिल आज धड़क रहा था और यह चीज अधिवीर भी महसूस कर रहा था। उसने कभी भी अपने दिल में ऐसी हलचल महसूस होते नहीं देखी थी।
वह सुन्न होकर अपनी जगह पर खड़ा था, लेकिन सरगुन उसके गले लगी हुई जोर-जोर से चिल्लाते हुए बोली,
"थैंक यू! थैंक यू! थैंक यू! आप नहीं जानते, आज आपने मेरे लिए क्या किया है। मेरा बहुत देर से मन था मुंबई जाने का, पर आप डरा कर रखते हो, तो मैंने कहा ही नहीं।"
इतना कहते हुए वह पीछे हुई, तो उसकी आंखें अब बड़ी हो गई, क्योंकि उसने खुद को देख ही नहीं था। अब वह शर्म के मारे जल्दी से अपनी चद्दर बेड से पकड़ती है और बाथरूम में दौड़ पड़ी।
वहीं अधिवीर अभी भी अपनी जगह पर जमा खड़ा हुआ था।
उसे तो जैसे समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर उसके साथ अभी-अभी हुआ क्या। आज पहली बार अधिवीर को अपने दिल में हलचल महसूस हुई थी। जिसे महसूस कर एक पल के लिए उसकी आंखें अब सर्द होने लगी थी।
अगले ही पल उसने सामने टेबल पर पड़ी सिगरेट उठाई और बालकनी में चला गया। बालकनी में आकर अधिवीर ने उसमें से सिगरेट निकाली और अपने होठों में दबाते हुए लाइटर जलाकर सिगरेट जलाई। लंबा कश भरते हुए सामने आसमान की तरफ देखने लगा, जहां दूर-दूर तक अंधेरा छाया हुआ था और समुद्र की लहरें थी।
अब अधिवीर का चेहरा डार्क होने लगा था। उसके चेहरे पर गहरे एक्सप्रेशन आने लगे थे। वह बेहद डोमिनेटिंग आवाज में बोला,
"तुम जो कर रही हो, उसका भुगतान तुम्हें करना होगा…।"
इतना कहते हुए उसकी आंखों के सामने सरगुन का चेहरा घूम रहा था। वह एक बार फिर अपनी गहरी आवाज में बोला,
"तुम आग से खेल रही हो… जल जाओगी, डियर wifey…।"
इतना कहते हुए अधिवीर ने अब एक और गहरा कश भरा और आसमान की तरफ देखने लगा। इस वक्त उसकी आंखें बहुत कुछ बयां कर रही थी, जैसे कि वह अपनी दलदल में किसी को फसाने वाला हो।
वहीं दूसरी तरफ, बाथरूम में,
सरगुन इस वक्त बाथरूम के दरवाजे से लगकर खड़ी थी और गहरी-गहरी सांस भर रही थी। वह खुद ही खुद से बड़बड़ाई,
"क्या करती है इडियट लड़की? किसी के सामने ऐसे खड़ी हो जाएगी? Oh god! I am so silly girl… कभी-कभी ना मुझे लगता है मैं बेवकूफ हूं। कैसे मैं उसके साथ लिपट गई थी, यार! वह मेरे बारे में क्या सोच रहा होगा…?"
इतना कहते हुए सरगुन का दिल इस वक्त जोर-जोर से धड़क रहा था। वह धड़कते हुए दिल पर अपना हाथ रखते हुए बोली,
"यार, यह क्या हो रहा है मुझे? जब भी वह मेरे आस-पास होता है, मुझे क्यों इतनी बेचैनी महसूस होती है? आज तक मैंने यह चीज महसूस नहीं की… इस घटिया इंसान के साथ ही मुझे ऐसी feelings क्यों आ रही है? Ooohhh यार, मुझे ना लगता है कि मुझे कुछ दिन की rest चाहिए। यह दिन आदमी मेरा दिमाग खराब कर रहा है…।"
इतना कहते हुए सरगुन ने अब गहरी सांस ली और सामने शावर के नीचे जाकर खड़ी हो गई।
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तकरीबन 1 घंटे बाद
एक जेट एक खाली मैदान में खड़ा हुआ था और उसके सामने ही एक लग्जरी कार आकर रुकी। इस वक्त आधी रात को कार की हेडलाइट्स सामने पड़े जेट पर बहुत ज्यादा रोशनी कर रही थी।
तभी कार में से अधिवीर और सरगुन बाहर निकले। सरगुन के चेहरे पर इस वक्त दुनिया जहान का जैसे सुकून उतरा हुआ था। वहीं अधिवीर के चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं था।
दोनों अपने जेट की तरफ आगे आ रहे थे। जेट में चढ़ने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी जब सरगुन सीढ़ियां चढ़ने को हुई, तो उसका पैर टेढ़ा पड़ गया और पैर में मोच आ गई। जिससे सरगुन की चीख निकल गई। वह अभी गिरने को ही हुई थी कि तभी अधिवीर ने उसकी कमर पर हाथ रख लिया और दोनों की नजरें आपस में मिल गई।
सरगुन का दिल इस वक्त जोर-जोर से धड़क रहा था। अधिवीर का इतना पास आना जैसे उसके दिल को अजीब सी बेचैनी महसूस करा रहा था। वहीं अधिवीर के चेहरे पर कोई भी एक्सप्रेशन नहीं था। उसे देखकर ऐसा लग ही नहीं रहा था कि उसके दिल में कोई भाव चल रहा हो।
लेकिन कहीं ना कहीं उसकी आंखों से इतना ज़ाहिर हो रहा था कि इस वक्त अधिवीर के अंदर एक तूफान चल रहा था, जो शायद सरगुन को अपने अंदर निगलने वाला था।
अगले ही पल अधिवीर ने बिना किसी भाव के सरगुन को अपनी गोद में उठाया और सर्द आवाज में बोला,
"Next time don’t try to wear high heels… unless consequences is not good for you And this heels…।"
अधिवीर की बातों में वार्निंग साफ सरगुन को महसूस हो रही थी। सरगुन ने अपनी पलकें नीचे झुका ली। जैसे ही उसने अपनी पलकें झुकाई, अधिवीर की नजरें उस पर और गहरी हो गई।
कुछ ही देर में वे लोग जेट में थे और उनका जेट आसमान में उड़ान भर रहा था।
वहीं दूसरी तरफ
एक सुनसान से इलाके में एक फैक्ट्री में एक गोदाम बना हुआ था और उस गोदाम के केंद्र में एक किंग साइज सोफा लगा हुआ था। उस सोफे पर एक शख्स अपनी टांग पर टांग चढ़ाकर बैठा हुआ था और अपने एक पैर को हिला रहा था।
तभी उस शख्स के सामने एक आदमी आकर खड़ा हुआ और बोला,
"Boss, अधिवीर Singh Mirani coming into India…।"
जैसे ही उसे सामने बैठे शख्स ने यह बात सुनी, उसका हिलता हुआ पैर वहीं रुक गया। उसने सामने खड़े आदमी से कहा,
"डायमंड का जहाज रेडी करो। अधिवीर मीरानी के आने से पहले वह जहाज अमेरिका पहुंचना चाहिए।"
इतना कहते हुए उस शख्स के चेहरे पर एक तिरछी मुस्कुराहट आ गई।
वहीं उसके पीछे एक लड़की बंधी हुई थी, जो उसे घिन भरी नजरों से देख रही थी।
तभी वह शख्स उस लड़की की तरफ देखकर बोला,
"और नील की मौत का इंतज़ाम किया जाए…।"
इतना कहते हुए उसकी नजरें उस लड़की पर गहरी हो गई थी।
To be continued…
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