
Flashback continue,
अश्की, जो पंद्रह दिन से अस्पताल में थी और कोमा में थी. उसकी आंखें फडफडाने लगी. पास में बैठी हुई रोहिणी जी ने जब अश्की की पलकों को फडफडाते देखा, तो उनकी आंखें बडी हो गई. उन्होंने जल्दी से डॉक्टर को बुलाया. तब तक अश्की को पूरी तरह से होश आ चुका था. अब अश्की ने आसपास देखा, तो उसकी आंखें हैरत से फैल गई. अब वह डॉक्टर को देख रही थी. रोहिणी जी, जोकि अश्की के पास आने को हुई और उसके माथे पर हाथ रखने ही वाली थी कि तभी अश्की ने अपना सिर पीछे की तरफ खिसकाते हुए बोली, आप कौन?
अश्की की बात पर रोहिणी जी हैरान रह गई. एक पल के लिए वह पूरी तरह से स्तब्ध रह गई. वह हैरानी से डॉक्टर की तरफ देखने लगी. उन्हें तो समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर अश्की उसके साथ ऐसी बात क्यों कर रही हैं. इस वक्त रोहिणी का दिल जोरों जोरों से धडक रहा था. कहीं ना कहीं उनके मन में एक बात घर कर गई थी. रोहिणी जी डॉक्टर की तरफ देखकर बोली, यह ऐसे क्यों बोल रही है, डॉक्टर? डॉक्टर ने अब गहरी सांस ली और रोहिणी जी की तरफ देखकर बोली, इनको सिर में चोट लगी है. उस वजह से इनका मेमोरी लॉस हो सकता है. बिकॉज, चोट भी काफी गहरी लगी है. यह मैंने आपको पहले भी बताया था कि उनके सिर पर चोट बहुत ज्यादा गहरी लगी है. ऊपर से यह ऑलमोस्ट पंद्रह दिन से कोमा में है, तो इस सिचुएशन में उनकी यादाश्त जा चुकी है।
डॉक्टर की बात सुनकर रोहिणी जी की आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे. अब उन्होंने अश्की की तरफ देखा, जो उन्हें सवालिया नजरों से देख रही थी. इस वक्त तो उसे अपनी मां तक याद नहीं थी. अब रोहिणी जी ने अपने आंसू साफ किए और उसकी तरफ देखते हुए बोली, मैं तुम्हारी मां हूं, बेटा, मैंने तुम्हें अनाथ आश्रम से अडॉप्ट किया है।
उसकी बात पर अश्की उनकी तरफ देखते ही रह गई.
प्रेजेंट टाइम,
अरमान इस वक्त जलती हुई नजरों से सामने पहाडों की तरफ देख रहा था और इस वक्त उसका दिमाग पूरी तरह से फट रहा था. क्योंकि अब उसे ए टू जेड पास्ट पता लग चुका था, जो की जावेद ने उसे बताया था. अब जावेद ने उसके आगे एक पेन ड्राइव बढा दी और उस पेन ड्राइव को देखकर अरमान के चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशन आ गए. वह अब जावेद के चेहरे की तरफ देख रहा था. वही जावेद ने हां में सिर हिलाते हुए उस पेन ड्राइव को अब कार के बोनट पर रखा और वहां से चला गया.
अब अरमान उस पेन ड्राइव को गहरी नजरों से देख रहा था. अब उसने उस पेन ड्राइव को उठाकर अपने फोन में ही चलाया और जैसे- जैसे उसमें वीडियो चल रही थी, वैसे- वैसे अरमान की आंखें और भी ज्यादा लाल होती जा रही थी. उसमें जो वीडियो चल रही थी, वह अरोडा मेंशन की चल रही थी. यह वही वीडियो थी, जब हरीश तोमर ने तपस्या जी, साक्षी जी और अश्की को मारा था. भले ही वह कमरे की वीडियो नहीं थी, पर हॉल की वीडियो थी, जहां से वह कमरा साफ दरवाजे से दिखाई दे रहा था. जब हरीश ने तपस्या को गोली मारी, वह चीज भी उसमें रिकॉर्ड हुई था. भले ही तपस्या का चेहरा उसमें नहीं आया था, पर इतना साफ था कि जब तपस्या को गोली लगी, वह वहीं पर थी. साक्षी जी को जिस तरह से उसने सिर पटक पटक के मारा था, उसे भी अरमान ने देखा था.
वह चीज देखकर अरमान का दिल अंदर तक जल रहा था. ऊपर से अश्की को जिस तरह से हरीश ने मारा था, अब उसका दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था. क्योंकि दिमाग इसलिए घूम रहा था कि अगर अश्की वहां पर थी, तो जिसे उसने बाहर Garden एरिया में देखा था, तो वह कौन थी. ऐसे ही पूरी क्लिप चली और और में एक छोटी सी क्लिप और चली, जहां पर एक लडकी, जो की अश्की की तरह ड्रेस पहने हुए थी. यह वीडियो थी बाहर Garden एरिया की उसी दिन की और यह लडकी कोई और ही थी. दूसरा लडका, जो उसके ऊपर झुका हुआ था, वह उसके सिर पर चोट लगी होने की वजह से उसके sir को हल्के- हल्के होंठों को गोल कर फुक मार रहा था.
उन दोनों को देखकर अरमान को वहीं पल याद आया, जब उसे गलतफहमी हो चुकी थी. अब उसने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली, क्योंकि इतने दिनों से वह अश्की को इतना ज्यादा हर्ट कर चुका था कि उसे अब खुद पर ही गुस्सा आ रहा था. जबकि अश्की तो उसे सही तरह से पहचानती भी नहीं थी. तब भी दोबारा उसको अरमान से प्यार हो गया. यह चीज सोच सोच कर अरमान का गुस्सा बढते जा रहा था. वह जल्दी से गाडी में बैठा और वहां से निकल गया.
तकरीबन आधे घंटे बाद उसकी गाडी
त्रेहान इंडस्ट्रीज के आगे आकर रुकी.
इस वक्त उसकी आंखें इस हद तक लाल थी कि उसके सामने इस वक्त हरीश तोमर आ जाता, तो शायद वह उसका कत्ल कर देता. लेकिन अब उसे हरीश तोमर का तो पता लगाना ही था, पर यह भी पता लगाना था कि अश्की का पिता आखिर है कहां पर, क्योंकि जो इतने दिनों से दुनिया में अपनी पहचान जयवंत के नाम से बना कर बैठा था, वह हरीश तोमर ही था. अब उसे जयवंत के बारे में पता करना जरूरी था. अब वह तेजी से लिफ्ट में आया और लिफ्ट में आते ही उसने फर्स्ट फ्लोर का बटन दबा दिया. इस वक्त उसकी सांस इस हद तक गहरी चल रही थी, जैसे उसे सांस ही नहीं आ रही हो. उसकी आंखों के सामने हर एक पल घूम रहा था, जब उसने अश्की को तकलीफ दी थी.
अश्की का हर बार यह कहना कि वह उसे हद से ज्यादा प्यार करती है. वह हर पल उसके साथ घूम रही थी. जिस तरह अश्की उसके पीछे भागी थी, जिस तरह रूफ टॉप पर आई थी और उसको ठंड लग गई थी. इतना ज्यादा उसका ठंडे पानी में उसके लिए बैठना, हर एक चीज उसके आंखों के आगे घूम रही थी. कुछ ही देर में वह अपने केबिन के बाहर आकर खडा हो गया. लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी कि अपने कदम केबिन के अंदर तक रख ले. इस वक्त अरमान का दिल जोरो जोरो से धडक रहा था और आंखों में लाल नमी विकराल रूप ले रही थी.
आज उसे अपने दिल में हद से ज्यादा तकलीफ हो रही थी, क्योंकि वह अश्की को इतनी तकलीफ दे बैठा था कि आज उसे सांस लेना तक मुश्किल हो गया था. लेकिन कुछ देर की हिम्मत जुटाने के बाद उसने धीमे से अपना हाथ दरवाजे पर रखा और अगले ही पल दरवाजा पूरी तरह से अंदर की तरफ खुल गया. दरवाजा खुलते ही उसकी सांस भारी होने लगी. कल रात का मंजर उसकी आंखों के सामने घूमने लगा, जब अश्की दर्द से तडपते हुए नीचे जमीन पर गिरी पडी थी और वह अपने बार Room एरिया में ड्रिंक पर ड्रिंक कर रहा था. उसे एक बार भी अश्की पर तरस नहीं आया था. सुबह से लेकर शाम बीत गई थी, लेकिन अश्की ने उसके लिए कुछ नहीं खाया था. उस चीज को याद कर एक बार फिर से उसको दिल पर पत्थर की तरह वजन महसूस हो रहा था.
उसने अब धीरे- धीरे कर अपने कदम अपने प्राइवेट Room की तरफ बढाने शुरू किए. इस वक्त अरमान के कदम इतने भारी थे कि एक- एक कदम उसके लिए हर बढते पल के साथ भारी होते जा रहा था. तभी उसने अपने Room का दरवाजा खोला और अगले ही पल अंदर का नजारा देखकर उसकी आंखें बडी हो गई. क्योंकि इस वक्त अश्की उसके Room में थी ही नहीं. अश्की को वहां पर ना देखकर एक पल के लिए अरमान का दिल धडकना ही छोड गया.
उसने अब बालकनी की तरफ देखा, अश्की वहां पर भी नहीं खडी थी. अब उसने बाथरूम की तरफ देखा, जहां का दरवाजा बंद था. एक पल के लिए उसने राहत की सांस ली और सोचा कि शायद अश्की बाथरूम में है. इसीलिए वह बाहर बैठकर अश्की का वेट करने लगा. लेकिन जब पंद्रह- 20 मिनट बीत गए और अश्की बाहर नहीं आई, तो उसके दिल को बेचैनी ने घेर लिया. अब वह जल्दी से अपनी जगह से उठा और अपने कदम बाथरूम की तरफ बढा दिए. क्योंकि इस वक्त उसका दिल हद से ज्यादा घबरा रहा था. देखते- देखते उसने बाथरूम का दरवाजा खोला.
तो उसकी आंखें बडी हो गई, क्योंकि अश्की इस वक्त बाथरूम में भी नहीं थी. अब उसका दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था. अगर अश्की बाथरूम में नहीं थी Room में नहीं थी, तो अश्की गई कहां पर. अभी वह अपने ख्यालों में डूबा ही हुआ था कि तभी उसकी पॉकेट में रखा हुआ फोन बजने लगा. जैसे ही उसने पॉकेट में से फोन निकाला, तो सामने जावेद का नंबर फ्लैश हो रहा था. जावेद के नंबर को देखकर अरमान ने अगले ही पल उसका फोन उठाया और दूसरी तरफ से जो जावेद ने कहा, उसे सुनकर अरमान का चेहरा गुस्से से कांपने लगा.
अब वह जल्दी से त्रेहान इंडस्ट्रीज से निकल गया.
त्रेहान palace,
अश्की, अम्मा जी और नियति जी इस वक्त हाल में बैठी हुई थी. वहां पर जानवी जी भी खडी थी और उन सबके चेहरों को देख रही थी. इस वक्त जानवी जी का दिल जोरों जोरों से धडक रहा था. अश्की, जोकि सूनी आंखों से सामने टेबल की तरफ देख रही थी. उसकी आंखों को देखकर साफ पता चल रहा था कि वह इस वक्त बहुत ज्यादा रोकर हटी है. लेकिन क्यों, यह तो अब वह वक्त ही बताने वाला था. वही नियति जी के चेहरे पर कुटिल मुस्कुराहट थी और अम्मा जी के चेहरे पर इस वक्त मायूसी छाई हुई थी वह तो बस अश्की के फैसले को ही सुनकर हैरान रह गई थी. ऐसा फैसला तो आज तक उसने कभी लिया ही नहीं था.
नियति जी, जोकि डेविल स्माइल के साथ इस वक्त अश्की को देख रही थी, इस वक्त उनका चेहरा खुशी से Garden Garden हुए जा रहा था. इस वक्त पूरे हॉल में सन्नाटा पसरा हुआ था. सिद्धांत जी भी एक साइड पर खडे थे और वास्तव जी के चेहरे पर भी डेविल स्माइल थी. अभी वह अपनी सोच में ही थे कि तभी बाहर से एक गाडी की आवाज आई. गाडी की आवाज सुनकर दरवाजे के बाहर खडे जावेद ने गाडी का दरवाजा खोला. अगले ही पल, अरमान दौडता हुआ अंदर की तरफ आया. अंदर आते ही उसकी नजर अश्की पर गई. अश्की को देखकर ही उसका दिल धक सा रह गया.
क्योंकि अश्की की हालत ही इस तरह से बनी हुई थी. अश्की ने एक वाइट Color की शर्ट पहनी हुई थी और उसके नीचे एक पजामा पहना हुआ था. इस वक्त उसके होठों पर लिपस्टिक तक नहीं थी. ना ही मांग में सिंदूर, एक सिर्फ खुले बालों के नीचे से छोटी क्लिफ लगी हुई थी हल्की सी, और वह एक तरफ ही देखे जा रही थी. अरमान अंदर आ चुका था, लेकिन उसने अपनी नजर उठाकर अरमान की तरफ नहीं देखा था. पर अब उसने सामने पडे हुए पेपर्स को उठाया और अम्मा जी की तरफ बढाते हुए बोली, मुझे तलाक चाहिए, मां। बस इतना ही काफी था अरमान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचाने के लिए. अभी- अभी कुछ देर पहले जावेद ने उसे यही न्यूज दी थी कि अश्की ने डाइवोर्स पेपर Sign कर दिए हैं.
जैसे ही उसने वह पेपर अम्मा को देने चाहे, अम्मा जी ने अपनी नजर उठाकर सामने अरमान की तरफ देखा. अरमान को देखकर ही उनकी आंखों में नमी उत्तर आई थी. वही अरमान अब अपनी लाल आंखों से अश्की की तरफ देख रहा था, जो उसकी तरफ देख तक नहीं रही थी. अरमान अब बिल्कुल उसके पास आकर खडा हुआ. अगले ही पल, उसने उसकी बाजू को अपने हाथ में पकडा और अपनी तरफ घुमाते हुए चिल्लाकर बोला, यह तुम क्या कर रही हो, अश्की.
उसकी आवाज इतनी ऊंची थी कि अश्की अपनी जगह पर खडी- खडी कांप चुकी थी. उसका दिल तेजी से धडक उठा था. उसके चेहरे पर आए डर को अरमान ने भांप लिया था. इसीलिए उसने अपने आप को काबू करते हुए अपनी आंखें बंद की और उसकी आंखों में आंखें डाल अब उसने अश्की के गाल पर अपना हाथ रखा और बोला, क्या हुआ है, तुम इस तरह से बिहेव क्यों कर रही हो? उसकी बात पर एक पल के लिए अश्की की आंखों में नमी उतर आई थी. लेकिन अगले ही पल उसने खुद को नॉर्मल किया और उसकी तरफ देखकर बोली, मुझे आपसे तलाक चाहिए। उसकी बात सुनकर अरमान एक पल के लिए उसकी तरफ देखता ही रह गया.
दूसरी तरफ अश्की को अरमान से तलाक मांगता हुआ देखकर वास्तव जी और नियति जी के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी. आज पहली बार उन्हें इस फैसले पर बडी खुशी महसूस हो रही थी. वही अरमान बस एक्सप्रेशन लेस चेहरे के साथ अब अश्की को देख रहा था. इस वक्त अरमान अश्की को देखते हुए एक्सप्रेशन लैस होकर खडा था. उसने अभी तक अश्की की बात का कोई जवाब नहीं दिया था. दूसरी तरफ अश्की ने अब अम्मा के हाथ से वह पेपर लिए और अरमान की तरफ बढा दिए. अम्मा अश्की को रोकने को हुई कि तभी अरमान ने अम्मा जी की तरफ देखा, तो अम्मा वहीं पर चुप हो गई.
अश्की अरमान की तरफ डाइवोर्स पेपर बढाते हुए बोली, प्लीज अरमान जी, मुझे डाइवोर्स दे दीजिए. रिक्वेस्ट है मेरी आपसे। अश्की की बात सुनकर अरमान की नजरे उस पर और भी ज्यादा गहरी हो गई. अभी वह अपने बीच में बात कर ही रहे थे कि तभी वहां पर एक आवाज गूंजी. अश्की बेबी, तुमने डाइवोर्स ले लिया। जैसे ही यह आवाज वहां पर गूंजी, अश्की का दिल भारी हो गया. उसकी नजरें पूरी तरह से झुक गई. वही अरमान, उसके होठों के कोने मुड गए. अरमान के चेहरे पर जो स्माइल आई थी, उसे देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे कुछ तो वह जानता हो.
जो आवाज अभी- अभी हाल में गूंजी थी, उसे देखकर सभी की नजरे दरवाजे की तरफ उठ गई थी. रोहिणी जी, जानवी जी, नियति जी, वास्तव जी, सिद्धांत जी, सब दरवाजे की तरफ देख रहे थे, शिवाय अरमान और अश्की के. अश्की ने अपनी नजरें पूरी तरह से झुका रखी थी. इस वक्त उसका जिस्म कांपने लगा था, क्योंकि उसे सबसे ज्यादा डर अरमान से लग रहा था.
पता नहीं अब अरमान का क्या रिएक्शन होने वाला था. वही दरवाजे पर खडा लडका अब आगे की तरफ आया. उसके साथ एक लेडिस थी और एक जेंट्स भी था. यह था आर्यन वशिष्ठ और उसके साथ ही उसके मॉम डैड कविता विशिष्ट और करण वशिष्ठ थे, जो अभी- अभी कुछ देर पहले आए थे. अश्की को किसी ने बच्चे कहा था, वह कोई और नहीं आर्यन था. आर्यन की मुंबई में एक छोटी सी वॉटर बॉटल सप्लाई की कंपनी थी और दिखने में भी आर्यन ठीक- ठाक लगता था. तभी आर्यन के साथ ही नीलिमा, जोकि अम्मा जी की सगी बेटी भी थी, अंदर की तरफ आए. जैसे ही नीलिमा अंदर की तरफ आई और आते ही उसकी नजर अरमान पर गई. अरमान को देखते ही नीलिमा जैसे पानी पानी हो गई. उसका तो दिल कर रहा था कि अरमान को पकडे और कहीं पर छुपा ले. वही अरमान की नजरे अभी भी अश्की पर टिकी हुई थी, जो कि अपना सिर नीचे की तरफ झुकाए खडी थी.
उसकी आंखों से आंसू लगातार बह रहे थे. अरमान ने अब उसे कुछ नहीं कहा और सीधा अपने Room की तरफ बढने को हुआ. तभी अश्की की आवाज दोबारा से उसके कानों में पडी. प्लीज अरमान जी, Sign कर दीजिए।
तभी आर्यन की आवाज दोबारा से वहां पर गूंजी, जिसे सुनकर अश्की की आंखें कसकर बंद हो गई. आर्यन जल्दी से अश्की के पास आया और उसके कंधे पर लगभग से हाथ रखते हुए उसे खुद के साथ सटाते हुए बोला, इट्स Ok बेबी, कर देगा वह साइन, हमारी इंगेजमेंट तो परसों हो ही रही है. तो इतनी फिक्र की कौन सी बात है। जैसे ही उसने यह बात कही, अश्की का पूरा बदन ठंडा पड गया. दूसरी तरफ अरमान, जो कि कमरे की तरफ दोबारा से बढने ही वाला था, अब यह बात सुनकर उसने पलट कर दोबारा से आर्यन की तरफ देखा. आर्यन जिस तरह से इस वक्त अश्की के साथ खडा था, अरमान के जबडे पूरी तरह से कस गए थे. अब वह तेजी से अश्की के पास आया और अगले ही पल उसने आर्यन का हाथ पकडा और लगभग से मरोडते हुए पीछे की तरफ लगा दिया.
जैसे ही उसने यह किया, अश्की आगे आकर अरमान के कंधे पर हाथ रखकर बोली, छोड दीजिए उन्हें अरमान जी, वह गलत क्या कह रहे हैं? सच ही तो बोल रहे हैं। जैसे ही उसने यह कहा, एक पल के लिए अरमान की आंखें बडी हो गई. उसने पलटकर अश्की की तरफ देखा और बोला, और कोई रह गया है झूठ बाकी, अब बस यही देखना बाकी रह गया था क्या? मेरी आंखों में देखकर कहो कि तुम उससे इंगेजमेंट करना चाहती हो? उसकी बात पर अश्की ना तो अपनी नजरें उठा पा रही थी, ना ही कुछ बोल पा रही थी. उसने अपनी नजरें चुरानी शुरू कर दी थी. उसको नजरे चुराता हुआ देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई.
अब उसने अश्की की कमर पर हाथ रखा और खुद से सटा लिया. जैसे ही अरमान ने उसे खुद से सटाया, अश्की का दिल जैसे धडकना ही भूल गया. आज अरमान की आंखें अश्की के लिए और ही कुछ बयां कर रही थी. अरमान बेहद इंटेंस वॉइस में अश्की की आंखों में देखते हुए बोला, एक बार मेरी आंखों में देखकर कह दो कि तुम इस इंगेजमेंट को करना चाहती हो और मुझसे प्यार नहीं करती हो।
अरमान की बात पर अश्की का गला सूखने लगा. वह लगभग से लडखडाती हुई आवाज में बोली, प्लीज अरमान जी, छोड दीजिए मुझे, यहां सभी देख रहे हैं। तभी अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, देखेंगे तो अभी सब तुम्हें। उसकी बात सुनकर अश्की के चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशन आ गए. लेकिन अगले ही पल उसका दिल धडकना ही छोड गया.
क्योंकि अरमान ने सबके सामने उसके होठों पर होंठ रख दिए. वहां पर खडे हर एक शख्स की आंखें बडी हो गई थी.
To be continue.








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