
फ्लैशबैक कंटिन्यू,
अश्की का कमरा,
अरमान और अश्की इस वक्त टेरेस पर थे और उन दोनों के सामने केक पडा हुआ था. केक को देखकर अश्की के चेहरे पर जो मुस्कुराहट थी, इतनी बडी थी कि अरमान लगभग से उसके चेहरे को देखे ही जा रहा था. क्योंकि वह चांद की चांदनी में और भी ज्यादा खूबसूरत लग रही थी. ऊपर से जिस तरह से वह प्रिंसेस की तरह तैयार हुई थी, उसे देखकर अरमान का हाल बेहाल हो रहा था. लेकिन अब अरमान ने अपना ख्याल झटका और उसकी तरफ देखते हुए बोला, जल्दी के cut करो। उसकी बात पर अश्की की आंखों में एक बार फिर से नमी उतर आई. वह अपनी रौंतली आवाज में बोली, क्या आपको इतनी जल्दी है मुझसे दूर जाने की? आप बताते क्यों नहीं कि आप कितनी देर के लिए जा रहे हैं? मैं कैसे रहूंगी आपके बिना, मैं आपके बिना जी नहीं पाऊंगी।
उसकी बात पर अरमान ने उसके होठों पर उंगली रखते हुए कहा, shhh.
मैं जानता हूं, तुम मेरा वेट करोगी. करोगी ना मेरा इंतजार। इतना कहते हुए अरमान ने उसके चेहरे को अपने हाथों में थामा और बडे प्यार से उसके माथे को चूमते हुए बोला, मुझे पता है, मेरी दिलरुबा मेरा इंतजार जरूर करेगी। उसकी बात पर अश्की की आंखों में आंसू आ गए. अश्की के आंसुओं को देखकर एक बार फिर से अरमान की आंखे सर्द हो गई. उसकी सर्द आंखें देखकर अश्की अपने आंसुओं को साफ करते हुए बोली, क्या करूं, अपने आप आ रहे हैं. आप तो मुझसे दूर हो रहे हैं, तो मैं रोऊं भी नहीं क्या? इस पर भी कोई पाबंदी है. मुझे अपने दिल में दर्द हो रही है। इतना कहते हुए लगभग से उसने अपनी उंगली अपने सीने की तरफ पॉइंट की. अरमान की धडकन एक पल के लिए स्किप हो गई.
वह उसकी तरफ देखकर बडे प्यार से बोला, हक है तुम्हारा, अब मैं तुम्हें नहीं रोकूंगा। तभी अश्की उसके चेहरे को अपने हाथों में लेते हुए बोली, तो बताइए ना, कितनी देर के लिए जा रहे है। उसकी बात सुनकर अरमान ने अब गहरी सांस ली और उसकी आंखों में आंखें डाल कर बोला, पाँच साल। और बस अश्की का दिल तडप उठा. अब तो उसकी आंखों में जैसे नदियां बहने लगी. वह अब ना में सिर हिलाते हुए लगभग से अपने कदम पीछे की तरफ खींचने लगी और बोली, आप मुझे इतने वक्त तक छोडकर नहीं जा सकते. नो, नो। इतना कहते हुए लगभग से उसने अपने दिल पर हाथ रख लिया था और दरवाजे से लग चुकी थी. इस वक्त उसकी जो हालत थी, उसे देखकर ही पता चल गया था कि अरमान के कहे हुए लफ्जों से कितना भारी सदमा लगा हुआ होगा. उसका चेहरा ही बता रहा था.
यह चीज देखकर अरमान की आंखें लाल पड चुकी थी. अब वह उसके पास आया और उसने अश्की को उसकी बाह से पकड कर ऊपर की तरफ उठाया और अपने सीने से लगाते हुए बोला, करोगी ना इंतजार मेरा, हम्मम.
उसकी बात पर अश्की ने कोई जवाब नहीं दिया. उसके हाथ पूरी तरह से ढीले पड चुके थे. ऐसा लग रहा था, जैसे उसके शरीर में जान ही ना हो. आंखें सूनी पड चुकी थी. अरमान का ऐसे जाना किसी सदमे से कम नहीं था. ऊपर से अरमान पूरे पाँच साल के लिए उससे दूर जा रहा था और कैसे ही अश्की यह बर्दाश्त कर सकती थी. जिसकी सांसों में वह सांसे भरती थी, वह उससे दूर जा रहा था. यानी कि उसके दिल की धडकन ही उससे दूर जा रही थी, तो वह कैसे जी सकती थी. अरमान लगभग से उसे पूछे जा रहा था कि करोगी ना तुम मेरा इंतजार, लेकिन आगे से सिर्फ एक सन्नाटा मिल रहा था, जो अरमान का दिल तोड रहा था.
क्योंकि अश्की का ऐसी हालत उसने कभी नहीं देखी थी. बहुत मुलाकाते हुई थी, लेकिन ऐसे अश्की का शांत रहना जैसे उसका दिल तोड रहा था. जब अश्की कुछ नहीं बोली, तो अरमान ने उसका चेहरा अपने सीने में से निकाला और उसके चेहरे को ऊपर की तरफ उठाते हुए बोला, अगर तुम मेरा इंतजार नहीं करोगी, तो पता कैसे चलेगा कि तुम मुझसे प्यार करती हो। उसकी यह बात सुनकर अश्की ने अपनी आंखें झपकी और अब जाकर उसकी आंखों में आंसू बहने लगे. उसके आंसू बहते हुए देखकर अरमान फीका सा मुस्कुराया. लेकिन अश्की तो अभी भी अपनी शुद्ध बुद्ध खोए अरमान के चेहरे की तरफ देख रही थी. उसका दिल अरमान ने पूरी तरह से छलनी कर दिया था. यह वही जानती थी कि वह इस वक्त क्या महसूस कर रही थी. लेकिन फिर भी उसने किसी तरह खुद को संभाला और अरमान की आंखों में देखते हुए बोली,
मैं करूंगी आपका इंतजार, मरते दम तक करूंगी. लेकिन आपको मुझसे वादा करना होगा कि आप मेरे इलावा किसी की ओर नहीं देखेंगे, किसी की भी और नहीं। उसकी बात पर अरमान ने उसके चेहरे पर हाथ रखा और बडे प्यार से उसके माथे को चूम लिया और बोला, अब किसी चीज की जरूरत है। उसकी बात पर अश्की ने आंखों में नमी दिए ना में सिर हिला दिया. अरमान ने उसका हाथ पकडा और लगभग से उसे टेबल के पास लेकर आया, जहां पर केक पडा हुआ था. अब उसने उसका हाथ पकडा और केक काटने को हुआ. तभी अश्की ने अपने हाथ रोक लिए. उसको हाथ रोकता हुआ देख अरमान हैरानी से उसकी तरफ देखने लगा.
उसकी आंखों से आंसू बहे जा रहे थे. अश्की की पीठ इस वक्त अरमान के सीने से लगी हुई थी और उसका चेहरा दूसरी तरफ था. जिस तरह से वह रो रही थी, उसकी सिसकियां अरमान को भी सुनाई दे रही थी. वह जानता था कि अभी इस वक्त अश्की हद से ज्यादा दर्द में है. इसीलिए वह अश्की को रोक नहीं रहा था. अश्की के आंसू उसका सीना जरूर चीर रहे थे. लेकिन वह उसे रोक भी नहीं पा रहा था. कहीं ना कहीं वह जानता था कि अश्की का दिल तभी हल्का होगा, जब वह रोएगी. अश्की उसकी तरफ घूमी और अपने आंसुओं को साफ करते हुए बोली, मुझे केक नहीं काटना।
उसकी बात पर अरमान उसके चेहरे की तरफ देखते हुए बोला, मेरे लिए भी नहीं काटोगी। अरमान की बात पर अश्की की आंखों से एक बार फिर से आंसू निकल आए. वह अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली, प्लीज, मुझे मजबूर मत कीजिए. यह खुशी नहीं मना पाऊंगी मैं, आपके आगे हाथ जोडती हूं। इतना कह कर लगभग से उसने अपना हाथ ऊपर की तरफ उठा लिए थे. लेकिन अरमान उसके हाथ पकडते हुए बोला, अगर तुम नहीं करना चाहती हो, तो मैं भी तुम्हें फोर्स नहीं करूंगा।
अश्की अब उसकी आंखों में देखते हुए बोली, अब यह खुशी तभी मनाऊंगी, जब आप मेरे पास आएंगे, मुझे अपना बनाएंगे और मैं हमेशा हमेशा के लिए आपकी हो जाऊंगी. उसके बाद ही मुझे खुशी मिलेगी. इन पाँच सालों में मैं वादा करती हूं कि हर एक पल, हर उम्मीद, हर घडी में आपका इंतजार करूंगी। इतना कहते हुए उसकी आंखों से आंसू उसके गालों पर आ चुके थे. दिल की तडप उसके आंसुओं से साफ बयां हो रही थी. अब अरमान ने उसके माथे को चूमा. तभी उसका फोन बजने लगा, जो उसकी पॉकेट में था. अब उसने अपनी पॉकेट में से फोन निकाला और फोन पर जावेद का नंबर फ्लैश हो रहा था. जावेद के नंबर को देखकर अरमान की आंखें कसकर बंद हो चुकी थी वह जानता था कि जावेद ने Kiss काम के लिए उसे फोन किया होगा.
इसीलिए उसने फोन उठाया और दूसरी तरफ से जो जावेद ने कहा, वह अरमान के सामने खडी हुई अश्की ने भी साफ सुना था. अब अश्की का दिल जैसे धडकना ही भूल गया. इतनी देर से वह खुद को तसल्ली देने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब वह अंदर से टूट रही थी. अभी- अभी जावेद ने फोन से अरमान को प्लेन की न्यूज दी थी कि प्लेन उसके लिए तैयार है और हमें कनाडा के लिए अभी निकलना होगा. उसकी बात पर अश्की के कदम लगभग से लडखडा गए थे. तभी अरमान ने इसकी कमर पर हाथ रखकर उसे संभाल लिया.
अश्की अब फूट- फूट कर रोते हुए बोली, प्लीज मान, मुझे छोड दीजिए. मुझे, मुझे छोड दीजिए. मुझे जाने दीजिए. मैं अब जहां पर नहीं रह पाऊंगी. मुझे, मुझे आज कुछ हो जाएगा। इतना कहते हुए उसका रोना इतना तेज हो चुका था कि उसकी सांसे तक चौक होने लगी थी. वही अरमान उसे एक्सप्रेशन लैस होकर देख रहा था, लेकिन उसके अंदर एक अलग ही तूफान घर कर गया था.
अरमान ने उसका हाथ पकडा. लेकिन अश्की उसका हाथ झटकते हुए बोली, चले जाइए यहां से, इससे पहले कि मैं आपको अपनी बाहों में भर लूं और यहां से जाने ना दूं. इससे अच्छा है कि आप यहां से चले जाइए. क्योंकि इससे ज्यादा मैं खुद को संभाल नहीं पाऊंगी। इतना कहते हुए उसकी सांस रुकने तक को आ गई थी. उसकी ऐसी हालत होती हुई देखकर अरमान को अपने जिस्म में से जान निकलती हुई महसूस हो रही थी.
उसका दिल इस वक्त कांप रहा था, लेकिन फिर भी उसने किसी तरह खुद को संभाला, क्योंकि अगर आज वह नहीं जाता, तो शायद वह अपनी डिजायर को कंट्रोल नहीं कर पाता. क्योंकि अश्की कमजोरी बन चुकी थी. जिस तरह से अश्की कमजोरी बनती जा रही थी, जब जब वह अश्की के पास आता है, वह अपनी डिजायर को कंट्रोल नहीं कर पाता था. ऊपर से खुद को संभालना इतना ज्यादा मुश्किल हो जाता था कि उसे पता ही नहीं चलता था कि वह Kiss हद तक अश्की के करीब चला जाता था.
वह नहीं चाहता था कि वह अश्की के साथ इस हद तक पहुंच जाए. वह अपने आपको कंट्रोल ही नहीं कर पाता था. इसीलिए वह यहां से जाना चाहता था. पर अब उसने अश्की की तरफ एक नजर देखा और बालकनी से कूद कर वहां से चला गया. उसके जाते ही अश्की जमीन पर बैठकर फूट फूट कर रोने लगी. उसका रोना इस वक्त इतना ज्यादा तेज था कि बालकनी से खुद कर गए अरमान, जो कि अभी थोडी ही दूरी पर था, उसे भी साफ सुनाई दिया था. उसका वह चिल्ला कर रोना अरमान को ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसका दिल पूरी तरह से निचोड लिया हो.
एक पल के लिए उसके कदम वहीं पर रुक गए और उसने अपने हाथों की मुट्ठियां कसकर बांध ली और आंखें कसकर बंद कर ली. क्योंकि उससे अश्की का रोना सहा नहीं जा रहा था. न जाने कितनी ही देर वह वहां पर खडा रहा और अश्की की रोने की आवाज उसके कानों में गूंजती रही. अश्की भी वही बालकनी में बैठी बैठी कितनी ही देर रोती रही. लेकिन अब उसने अपने कलेजे पर पत्थर रखा और वहां से निकल गया. दूसरी तरफ अश्की वहीं पर बालकनी में बैठी रोती रही. तभी उसे दरवाजे पर किसी की आहट सुनाई दी. जैसे ही उसने दरवाजे पर आहट सुनी, अपनी आंखों को साफ करते हुए वह अपनी जगह से उठी और अपने कदम अंदर की तरफ बढा दिए. तभी उसकी नजर अपने दरवाजे पर गई, जो हल्का सा खुला था और वहां से उसे किसी की परछाई नजर आई. पर उस परछाई को देख एक पल के लिए अश्की ने अपना चेहरा पूरी तरह से सही किया और अब उसने अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए.
दूसरी तरफ साक्षी जी,
इस वक्त गेस्ट Room में बैठी हुई थी और उनकी आंखों के सामने जयवंत जी का चेहरा घूम रहा था. जिस तरह से हरीश तोमर ने जयवंत को रखा हुआ था, उसे देखकर साक्षी का दिल बुरी तरह से दहल गया था. वह रोते हुए खुद से ही बोली, मैं क्या करूं। इतना कहते हुए लगभग से उसने अपने हाथ अपने बालों में उलझा लिए थे. अब लगभग से उसका रोना ऊंचा हो चुका था. वह गेस्ट Room पूरी तरह से साउंड प्रूफ था, जिस वजह से उसकी आवाज बाहर की तरफ नहीं जा रही थी. उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर वह जयवंत जी को कैसे ही उस राक्षस के हाथों से छुडाएं. बढते पल के साथ उनका दिमाग पूरी तरह से सन्न पडता जा रहा था.
दूसरी तरफ रोहिणी जी अपनी जगह पर बैठी हुई थी और अब उनके दोनों साइड की सीट खाली थी, क्योंकि तकरीबन पंद्रह बीस मिनट पहले ही उन्होंने तपस्या जी को एक Room में भेज दिया था, ताकि वह रेस्ट कर सके. क्योंकि उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी. इसीलिए उन्होंने तपस्या जी को एक सर्वेंट के थ्रू एक Room में पहुंचा दिया था. रोहिणी जी के दिमाग में यही था कि वह उस Room में लगभग से थोडी देर रेस्ट करेंगे, तो ठीक हो जाएगी.
वहीं दूसरी तरफ,
अश्की का कमरा,
अभी- अभी उसे अपने कमरे के आगे से परछाई निकलती हुई महसूस हुई थी. ऐसा लग रहा था, जैसे बडे धीमे से कोई उसके कमरे के आगे से निकला हो. तभी उसने अपने कदम दरवाजे की तरफ बढा दिए और धीरे- धीरे कर वह बाहर की तरफ आई. अगले ही पल उसकी नजर सामने से गुजर रहे जयवंत और उसके साथ ही वह तपस्या जी को लगभग से अपने कंधे पर उठा लेकर जा रहे थे. यह चीज देखकर अश्की का कलेजा मुंह को आ गया.
उसका दिल पूरी तरह से कांप उठा था और चेहरा पूरी तरह से दहशत से भर गया था. एक पल के लिए उसे यकीन ही नहीं आ रहा था कि अभी- अभी उसने कुछ देर पहले क्या देखा, क्योंकि जयवंत जी तो ऐसे कभी थे ही नहीं. यही चीज सोचकर वह खुद में बडबडाई, यह पापा क्या कर रहे है? और अरमान के पापा कहां पर है? क्या उन्हें पता है यह चीज? इतना सोचते हुए अश्की का दिमाग पूरी तरह से खराब हो चुका था. आज तक तो पापा ने कोई ऐसी हरकत की नहीं. इतना कहते हुए वह धीमे कदमों से अपने पापा जयवंत जी के पीछे की तरफ निकल गई, जोकि जयवंत जी थे ही नहीं. अब वह धीमे धीमे कदमों से जयवंत जी के पीछे जाने लगी. वही जयवंत जी अब तपस्या जी को, जो कि अभी भी आधी होश में थी. वह उन्हें लगभग से खुद से दूर धकेलते हुए, जो कि उनके कंधे पर टंगी हुई थी, उनके कमर पर मुक्के बरसाते हुए बोली, मुझे छोड दीजिए। इतना कहते हुए वह अपने सिर को पकड रही थी.
जैसे उनका सिर अभी भी घूम रहा था. तभी जयवंत जी ने एक कमरे का दरवाजा खोला, जो कि उनका एक अलग से गेस्ट Room था. गेस्ट Room में जाते हुए अपने पापा को देखकर अश्की की आंखें और भी हैरत से फैल गई. अब हरीश ने तपस्या को ले जाकर बेड पर पटका और तपस्या पूरी तरह से तडप उठी. क्योंकि इस वक्त तपस्या की कमर हद से ज्यादा दर्द कर रही थी. ऊपर से जिस तरह से हरीश ने तपस्या को पटका था, उसे उसे ऐसा लगा, जैसे उसकी जान ही उसके बदन से निकल गई हो. अभी- अभी कुछ देर पहले वह जितनी ज्यादा नशे में थी, हरीश के इस तरह से पटकने से उसका नशा एक पल के लिए हवा हो गया था. लेकिन उनकी आंखों के सामने अंधेरा अभी भी chhatta नहीं था.
वह अपनी आंखों को मलते हुए हरीश को देख रही थी, जो उसके पास आते हुए अपनी शर्ट को उतार रहा था. इस वक्त हरीश के चेहरे पर डेविल स्माइल थी. उसको इस तरह से अपनी शर्ट उतारता हुआ देखकर तपस्या जी का कलेजा जैसे उनके मुंह को आ गया था तपस्या जी वाकई में बहुत ज्यादा खूबसूरत थी. जैसे अरमान की आइस बिल्कुल ग्रे थी, उसकी आइस पूरी तरह से उसकी मॉम पर गई थी. तपस्या की आंखें भी बिल्कुल ग्रे थी. कहीं ना कहीं अरमान पूरी तरह से तपस्या जी पर ही था. ऊपर से तपस्या जी की खूबसूरती के चर्चे तो पूरी इंडस्ट्री में थे, क्योंकि वह एक टॉप की मॉडल भी रह चुकी थी.
इसीलिए सब की नजरे तपस्या जी पर थी. लेकिन तपस्या जी अरमान के dad को बहुत प्यार करती थी. इसीलिए उन्होंने उनसे ही शादी की. अब जिस तरह से हरीश उसे उठाकर लेकर आया था, इस वक्त उसका दिल हद से ज्यादा घबरा रहा था. वह लगभग से पीछे की तरफ घसीटते हुए खुद को बोली, यह आप क्या कर रहे है, जयवंत जी? प्लीज, ऐसी हरकत मत कीजिए, जिससे हमारे रिलेशन खराब हो जाए. अरमान अश्की से बेहद प्यार करता है. क्या आप नहीं जानते? इतना कहते हुए भी उनकी आवाज चौक हो रही थी और ऊपर से उनसे बोला भी नहीं जा रहा था.
तपस्या जी की बात सुनकर जयवंत जी हंसे और बोले, उससे मुझे क्या लेना देना. अश्की को चाहे अरमान पसंद करें, ना करें, लेकिन मुझे तो आप पसंद आ गई हैं. आज तो मैं आपकी खूबसूरती दिल से चाहूंगा। जयवंत जी की बात सुनकर तपस्या जी का दिल धडकना ही भूल गया. वह खुद को संभालने की बहुत ज्यादा कोशिश कर रही थी, लेकिन नशा अभी भी उनके ऊपर हावी होता जा रहा था. दूसरी तरफ बाहर खडी अश्की भी उनकी बातें सुन रही थी. इस वक्त अश्की का दिल पूरी तरह से दहल चुका था. उसे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह करें क्या? ऊपर से उसकी उम्र भी इतनी नहीं थी कि वह कुछ इस तरह का सोच पाए.
दूसरी तरफ तपस्या जी अब रोते हुए अपने हाथ जोडकर बोली, प्लीज, ऐसा मत कीजिए। तभी हरीश हंसा और बोला, आपको लगता है कि एक भूखे शेर के सामने जब उसका शिकार आ जाए, वह उसे छोड देगा। इतना कहते हुए लगभग से हरीश ने पूरी तरह से अपनी शर्ट उतार दी थी. अब उन्होंने अपनी पैंट का बटन खोला और तपस्या जी की तरफ बढ गए. तपस्या जी, जोकि बेड रेस्ट से पूरी तरह से लग चुकी थी, वह अब और भी ज्यादा पीछे की तरफ खिसकते हुए दीवार से सट गई. वह लगभग से हरीश के आगे पूरी तरह से फुटकर रोते हुए बोली, ऐसा मत कीजिए, सब खत्म हो जाएगा. सब तबाह हो जाएगा। तभी हरीश जी हंसते हुए बोले, हो जाने दो तबाह क्या लेना देना है मुझे किसी से।
इतना कहकर उन्होंने लगभग से तपस्या जी की टांग पकडी और अपनी तरफ खींच दिया. जिससे तपस्या जी की सांस उनके गले में अटक गई. दूसरी तरफ, दरवाजे पर खडी अश्की की भी सांस उसके हलक में अटक चुकी थी, क्योंकि तपस्या जी की चीख की आवाज अब बाहर की तरफ आई थी.
दूसरी तरफ,
अरमान की गाडी एक खुले एरिया में आकर रुकी, जहां पर उसका प्लेन लैंड हुआ पडा था. अब वह अपनी प्लेन में चढने ही वाला था कि तभी उसका फोन उसकी पॉकेट में बजने लगा. अपने फोन की तरफ देखकर उसकी आई ब्रो ऊपर की तरफ उठ गई. अब उसने फोन की तरफ देखा, वहां पर किसी अननोन नंबर से फोन आ रहा था. अननोन नंबर को अपने फोन पर देखकर उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए. लेकिन अगले ही पल उसने उस फोन को पिक किया और अपने कानों से लगाया ही था कि दूसरी तरफ से कुछ कहा गया, जि
से सुनकर अरमान का चेहरा पूरी तरह से काला पड गया.
To be continue.








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