
पठानी हाउस,
अमानत इस वक्त अफसाना की गर्दन को चूम रहा था और अभी-अभी जो उसने पूछा था, उसे सुनकर अफसाना के हाथ पैर ठंडे पड़ चुके थे। क्योंकि अफसाना ने भले ही सारी बातें अमानत को बता दी थी, लेकिन अभी भी कुछ पहेलियां से पर्दा उठना बाकी था जो कि यह चीज थी कि अमानत को यह बात बिल्कुल नहीं पता थी कि अफसाना तवायफ थी। अब अमानत के मुंह से तवायफ शब्द सुनकर अफसाना की आंखों से आंसू तेजी से बहने लगे थे। उसका दिल जैसे धड़कने से इनकार करने लगा और सांस हद से ज्यादा गहरी होने लगी। वह रोते हुए अब अमानत के चेहरे की तरफ देख रही थी, जो अभी भी उसकी गर्दन पर झुका हुआ उसकी गर्दन को चूमे जा रहा था। अभी तक उसने कुछ भी रिएक्ट नहीं किया था। लेकिन उसकी कोल्ड वॉइस बहुत कुछ बता रही थी, जिस हिसाब से उसने अफसाना से यह चीज पूछी थी।
इस वक्त अफसाना की पूरी बॉडी कांप रही थी और उसका कांपना अमानत को भी महसूस हो रहा था। तभी अमानत ने उसकी गर्दन से अपने होंठ हटाएं और अपनी लाल आंखें जब अफसाना की तरफ उठाई, अफसाना का दिल धक से रह गया। क्योंकि इस वक्त अमानत की आंखें बहुत कुछ बोल रही थी। अमानत एक बार फिर से गहरी आवाज में बोला, "क्या तुम एक तवायफ थी?" उसकी इतनी सर्द आवाज सुनकर अफसाना की सांस रुकने लगी थी। लेकिन किसी तरह उसने खुद को संभाला और बस हां में सिर हिला दिया।
जैसे ही उसने हां में सिर हिलाया, एक जोरदार थप्पड़ उसके गाल पर आकर लगा। अफसाना की आंखें अब जैसे समुद्र बन गई। उनमें से पानी झर झर बहने लगा। वही अमानत अब पूरी तरह से उसके ऊपर से उठ चुका था। अब वह बाहर की तरफ जाने को हुआ कि तभी अफसाना अपनी जगह से उठी और उसके पैरों में गिरते हुए बोली, "मुझे माफ कर दीजिए। मैंने इसीलिए आपको नहीं बताया कि आप मुझे छोड़ देंगे। कौन एक तवायफ से प्यार करेगा? मैं जानती हूं कि आपको मेरा तवायफ होना पसंद नहीं आया। लेकिन मैं सच में किसी के प्यार के लिए भूखी थी और वह प्यार मुझे आपसे मिला। अगर आप मुझे मेरी तवायफ होने की वजह से छोड़ रहे हैं, तो छोड़ दीजिए बेशक से। लेकिन यह अफसाना मरकर भी आप ही से मोहब्बत करेगी।" उसके इतना कहने पर अमानत अब उसके ऊपर झुका और अगले ही पल उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए उसका चेहरा ऊपर की तरफ उठाया, जिससे अफसाना की आह निकल गई।
लेकिन अभी भी उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे। अमानत की गर्म सांसे उसे अपने होठों पर महसूस हो रही थी। उसके गुस्से भरी लाल आंखें उसके चेहरे पर जिस तरह से गड़ी हुई थी, अफसाना के लिए उन्हें बर्दाश्त करना बहुत मुश्किल हो रहा था। अमानत दांत पीसकर बोला, "फर्क नहीं पड़ता कि तुम एक तवायफ हो। फर्क यह पड़ता है कि तुमने यह क्यों छुपाया? जब तुमने मुझे सारी सच्चाई बताई, एक पल के लिए मेरा प्यार और भरोसा तुम्हारे ऊपर और भी ज्यादा बढ़ गया। लेकिन जब मुझसे यह बात छुपाई कि तुम एक तवायफ हो, तो मुझे हद से ज्यादा तकलीफ हुई। क्योंकि तुमने यह सोचा कि मैं तुम्हारा कैरेक्टर पर उंगली उठाऊंगा। यही सोचकर तुमने मुझे यह नहीं बताया ना कि मैं तुमसे नफरत करूंगा।"
अफसाना रोते हुए बोली, "अभी भी तो आप मुझसे नफरत ही कर रहे हैं। आपकी आंखों में मेरे लिए अभी भी मुझे नफरत ही दिखाई दे रही है।" इतना कहते हुए उसने लगभग से अपना हाथ ऊपर की तरफ उठाया और उसके गालों पर रखने को हुई। तभी अमानत उसका हाथ पकड़ कर नीचे की तरफ झटकते हुए बोला, "मैं तुमसे नफरत नहीं कर सकता। इश्क किया है, मैं तुमसे प्यार करता हूं।
और मेरा प्यार इतना खोखला नहीं कि छोटी-मोटी बातों को सुनकर टूट जाए। लेकिन दुख इस बात पर हो रहा है कि तुम्हे ही मुझ पर भरोसा ही नहीं।" उसकी बात सुनकर अब अफसाना को अपनी गलती का रियलाइज हो रहा था। उसके दिल की धड़कनें जैसे रुकने को हो गई थी। अमानत की बात सुनकर वह जल्दी से अपनी जगह से खड़ी हुई और अगले ही पल अमानत के गले लगने को हुई कि अमानत अपनी जगह से खड़ा हो गया।
तभी अफसाना को इतना ज्यादा दर्द महसूस हुआ। अब एक बार फिर से वह सिर झुकाते हुए बोली, "देखा ना आपने, अब आपको मेरी सच्चाई पता चली, तो आपने मुझे गले लगाने तक का मौका नहीं दिया। सच्चाई तो यही है कि आप भी मेरे तवायफ होने पर एक न एक दिन मुझ पर थूकें....।" अभी वह बात कर ही रही थी कि तभी वहां पर जोरदार थप्पड़ की आवाज गूंज गई। अब अफसाना पूरी तरह से जमीन पर गिरी पड़ी थी और उसका चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका हुआ था।
वही अमानत अब एक बार फिर से उसके बालों को पकड़ते हुए उसकी आंखों में देखते हुए बोला, "कितनी घटिया सोच है तुम्हारी, मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं एक ऐसी लड़की से मोहब्बत कर पर बैठूंगा, जो इतना गिरा हुआ सोचती है।" उसकी बात पर अफसाना एक पल के लिए उसकी तरफ देखते ही रह गई। अमानत अब पूरी तरह से उसके चेहरे के ऊपर झुका और बोला, "क्या लगता है तुम्हें, इसीलिए तुम्हें गले से नहीं लगाया कि तुम्हारे तवायफ।" अभी वह बोल ही रहा था कि तभी अफसाना अपनी जगह से खड़ी हुई और अपने आंसुओं को पोंछते हुई बोली, "सच्चाई ही बोली है मैंने, मिस्टर अमानत पठानी।" उसकी बात सुनकर अमानत का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस हो गया।
"अरे! कोई भी मर्द ये नहीं चाहेगा कि उस की पत्नी कभी किसी के बिस्तर पर जाए और कोठों में नाचती फिरें। वह बात अलग है कि मैंने कभी किसी की तरफ आंख उठा कर नहीं देखा। वरना चामुंडा देवी ने तो मेरे लिए पत्थर बिछाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। उसने तो मुझे बेचने तक की नौबत ला दी थी, लेकिन मैं वहां से एक शर्त पर निकली थी। वह शर्तें मैंने आपको बता दी है। अगर वह शर्त पूरी ना हुई, तो वह मुझे किसी भी हालत में यहां से ले जाएगी।"
उसकी बात पर अमानत अब उसके चेहरे पर झुका और उसे गहरी निगाहों से देखते हुए बोला, "उस चामुंडा देवी की तो मैं जिंदगी नरक ही बनाऊंगा, लेकिन जिस दिन वह तुम तक पहुंचेगी ना, उसे जिंदा जलाकर राख कर दूंगा। वह तुम्हें यहां से ले जाना तो दूर, यहां पर कदम तक नहीं रख पाएगी। यह वादा है मेरा तुमसे।" उसकी बात सुनकर अफसाना का दिल जैसे एक पल के लिए सुकून महसूस कर रहा था। अब अगले ही पल अमानत ने उसका हाथ पकड़ा और उसे सीने से लगा लिया। जैसे ही अमानत ने उसे सीने से लगाया, अफसाना का रोना तेज हो गया। उसके आंसू इस कदर अमानत के सीने पर गिर रहे थे, जैसे अपना सारा दर्द वह बहा रही हो। अमानत ने भी अब उसे रोने से नहीं रोका।
ऐसे ही 15:20 मिनट वह दोनों एक दूसरे के गले लग रहे। अब अफसाना ने अपना चेहरा उसकी चेस्ट से निकाला और उसके चेहरे की तरफ देखते हुए बोली, "आई लव यू बाबू साहब।"
उसके मुंह से यह शब्द सुनकर अमानत हैरानी से उसके चेहरे की तरफ देख रहा था। उसे अफसाना से यह उम्मीद भी नहीं थी। आज पहली बार अफसाना ने जिस तरह से उससे प्यार का इजहार किया था, एक पल के लिए अमानत का दिल धड़क उठा था। उसने अब उसके चेहरे को अपने हाथों में पकड़ा और बड़े प्यार से बोला, "आज के बाद मुझसे कोई बात छुपाओगी नहीं, वादा करो।" उसकी बात पर अफसाना ने हां में सिर हिला दिया। अब अमानत ने उसके माथे पर अपने होंठ रख चूम लिया। वह अफसाना की तरफ देखते हुए बोला, "मुझे अभी बाहर जाना है, मैं आकर तुमसे बात करता हूं।" अफसाना हैरानी से उसकी तरफ देखते हुए बोली, "लेकिन आपको खाना नहीं खाना है क्या? वक्त देखिए ना।" अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अमानत उसके गाल पर हाथ रखते हुए बोला, "जाना जरूरी है।"
उसकी बात पर अफसाना को पता नहीं क्यों, एक अजीब सी घबराहट होने लगी। वह अपनी लड़खड़ाती सांसों से बोली, "प्लीज, रुक जाइए। मुझे पता नहीं क्यों, अच्छा नहीं लग रहा है।" उसकी बात पर अमानत ने उसे घूर कर देखा, तो अफसाना चुप कर गई। अमानत अब अपने कमरे से बाहर निकला, तो उसकी नजर गेट पर गई। उसकी आंखें हैरत से फैल गई, क्योंकि इस वक्त गेट पर असुर कनिका को अपनी गोद में उठाएं अंदर की तरफ आ रहा था। कनिका पूरी तरह से बेहोश उसकी गोद में सिमटी पड़ी थी। अमानत जल्दी से उसके पास गया और असुर की तरफ देखते हुए बोला, "लेकिन भैया भाभी की हालत।" अभी वह बोल ही रहा था कि असुर ने अपनी लाल आंखों से उसकी तरफ देखा, तो अमानत वहीं पर चुप कर गया। दूसरी तरफ अफसाना भी बाहर की तरफ दौड़ी आई और कनिका को इस हालत में देखकर उसे भी बहुत ज्यादा बुरा लग रहा था। लेकिन फिलहाल वह कुछ नहीं बोली। वही असुर अब उसे पूरी तरह से अंदर की तरफ लेकर आया कि तभी उसके पीछे ही डॉक्टर की टीम भी पूरी तरह से अंदर की तरफ आ चुकी थी।
डॉक्टर की टीम ने पूरी तरह से उसके आसपास मशीन वगैरा सेट की और उसे वेंटिलेटर पर लगा दिया, क्योंकि इस वक्त कनिका की हालत दोबारा से नाजुक हो गई थी। क्योंकि जिस तरह का पैनिक अटैक उसे आया था, वह बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं था। इस वजह से असुर भी और भी ज्यादा परेशान हो गया था।
इस वक्त वह जानता था कि उसने खुद को कैसे संभाल रखा था। ऊपर से कनिका का खुद को गोली मारना और आज जिस तरह कनिका पैनिक कर रही थी, उससे साफ पता चल रहा था कि कनिका का पास्ट अच्छा नहीं रहा था लेकिन कभी उसने असुर के सामने इस चीज का जिक्र भी तो नहीं किया था। आज जब असुर ने उसकी बातों को पूछा, तो कनिका पूरी तरह से पैनिक करने लगी। जाहिर सी बात है कि अगर वो पैनिक कर रही है, तो कुछ ना कुछ तो पास्ट की बातें होंगी, जो उसके दिमाग में घूम रही होगी। यही सोच सोच कर असुर का दिमाग घूमे जा रहा था। वहीं दूसरी तरफ कमरे में से सुहानी यह सब कुछ देख रही थी। इस वक्त उसकी मुट्ठियां पूरी तरह कसी हुई थी।
उसका चेहरा गुस्से से कांप रहा था। वही क्रिस्टल पीछे ही मिनी बार में बैठा ड्रिंक कर रहा था। वह उसकी तरफ देखकर अपनी जगह से खड़ा होकर उसके पास आया और लगभग से उसे पीछे से हग करते हुए बोला, "क्या बात है baby, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करती रहती हो। अभी तो जस्ट गेम स्टार्ट हुआ है। अभी उसे होश तो आने दो, देखना सबके होश ना उड़ा दिए तो।"
अभी वह बोल ही रहा था कि तभी सुहानी उसकी तरफ घूमी और अगले ही पल उसने उसके चेहरे को अपने हाथों में थामा और पागलों की तरह चूमते हुए उस पर हावी होने लगी। वही क्रिस्टल को तो पहले ही इस चीज की वेट थी। अब जिस तरह से सुहानी उसे चूम रही थी, वह भी लगातार उसे चूम जा रहा था। अब उसका हाथ पूरी तरह से उसके back एरिया पर घूम रहा था। जैसे-जैसे उसका हाथ घूम रहा था, वैसे-वैसे सुहानी वाइल्ड कैट बनती जा रही थी। देखते ही देखते वह दोनों बेड पर थे और दोनों के कपड़े जमीन पर बिखरे हुए थे। ऐसे ही 3 घंटे बीत गए। सुहानी अब उसके चेहरे की तरफ देखते हुए बोली, "लेकिन हम यह सब करेंगे कैसे?" उसकी बात पर क्रिस्टल के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई।
वह उसके चेहरे को अपने हाथों में थाम कर बोला, "पहले तो मुझे तुम्हारी भाभी के साथ एक नाइट स्पेंड करनी होगी। समझ रही हो ना तुम मेरी बात। क्या ही फर्क पड़ता है इन चीजों से, प्यार तो मैं तुमसे करता हूं।" इतना कहते हुए क्रिस्टल ने लगभग से उसके होठों को हल्का सा चूम लिया था। उसकी बात सुनकर सुहानी ने हां में सिर हिला दिया। वही क्रिस्टल के चेहरे पर अब डेविल स्माइल उतर आई।
To be continue......








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