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पिघलता दिल

त्रेहान industries,

अश्की ने इस वक्त अरमान की जो हालत कर दी थी, अरमान का गुस्सा उसके आपे से बाहर हो चुका था. अरमान ने खाने के लिए कई बार पूछ लिया था, लेकिन अश्की तो जैसे जिद पर अड चुकी थी कि उसे खाना खाना ही नहीं था. ऊपर से अभी कुछ देर पहले जो उसने कहा था, उसे सुनकर अरमान बडी- बडी आंखों से अश्की की तरफ देख रहा था कि आखिर अश्की को यह चीज कैसे पता चली कि उसने भी पिछले तीन दिन से कुछ नहीं खाया. लेकिन फिर भी उसने इस चीज को दरकिनार कर एक बार फिर से अश्की से कोल्ड वॉइस में बोला, मैंने कहा, खाना खाओ।

इस बार अश्की भी अपनी सख्त आवाज में बोली, मैंने भी आपसे कह दिया कि मुझे भूख नहीं है और मुझे कुछ नहीं खाना। उसकी बात पर अब जो अरमान ने कहा, उसे सुनकर अश्की की आंखें बडी हो गई. अब वह अश्की की तरफ देखकर बोला, देन फाइन, नहीं खाना ना कुछ, तो चलो एक सेक्सी सा हॉट सेशन हो जाए. तब तो मैंने मजाक किया था, लेकिन इस बार मैं मजाक नहीं कर रहा हूं. तुम्हारी हालत इतनी खराब कर दूं कि तुम्हें भूख लग जाए। उसकी बात सुनकर अश्की की आंखों में एक बार फिर से नमी उतर आई. लेकिन अगले ही पल खुद को नॉर्मल करते हुए उसने अपनी आंखों से आंसू साफ किए और अरमान की तरफ देखकर बोली, फाइन Mister त्रेहान, मुझे कोई दिक्कत नहीं है. आपकी जरूरत ही तो हूं मैं, इसके अलावा और औकात ही क्या है मेरी.

उसकी बात सुनकर अरमान को इस वक्त अश्की पर इतना ज्यादा गुस्सा आ रहा था कि उसका दिल कर रहा था कि अश्की का गला दबा दे. लेकिन उसने खुद को कंट्रोल किया और अगले ही पल अपने चेहरे पर डेविल स्माइल आते हुए बोला, now let' s start baby. इतना कहकर उसने जल्दी से अश्की को गोद में उठा लिया. अगले ही पल, उसने उसे बेड पर ले जाकर पटक दिया. जिस तरह से अरमान ने अश्की को पटका था, उस के मुंह से एक दर्द भरी चीख निकल चुकी थी. क्योंकि इस वक्त अश्की की हालत थी ही नहीं कि वह अरमान के साथ intimate हो सके. एक तो मिसकैरेज होने की वजह से उसे पीरियड हो रहे थे और दूसरा उसे तीन दिन से कुछ ना खाने की वजह से हद से ज्यादा कमजोरी आ चुकी थी. अब जिस तरह से जितनी बेरहमी से अरमान ने उसे बेड पर पटका था, तो उसकी तडप उसकी चीख में साफ सुनाई दी थी. जिससे अरमान का गुस्सा, जो कि उसे अश्की पर आ रहा था, उसे अब वह खुद पर भी आ रहा था. कहीं ना कहीं वह जानता था कि अश्की की हालत क्या है. लेकिन अश्की का उसके सामने ना झुकना, उसे और भी ज्यादा गुस्सा दिला रहा था.

आज तक उस के सामने किसी ने जिद नहीं की थी. लेकिन आज अश्की जैसे अपनी जिद पर अडी हुई थी. उसकी जिद को देखकर अरमान का चेहरा इस वक्त गुस्से से काला पडता जा रहा था. लेकिन अश्की झुकने का नाम ही नहीं ले रही थी. अश्की ने जो किया, उससे अरमान क

में हाथों की मुट्ठियां और भी कसकर बंद कर ली. इस वक्त उसने जिस तरह से अपने हाथों की मुट्ठियां बांधी हुई थी, उसके हाथों की तालियों से खून बहने लगा था. लेकिन उसे उस दर्द का एहसास हो ही नहीं रहा था. वह तो बस अपनी जलती हुई नजरों से अश्की की तरफ देख रहा था. जिसने अभी- अभी अपने आंचल से पल्लू नीचे की तरफ सरका दिया था.

अब उसके अंग उसके सामने थे, हालांकि अभी उसने ब्लाउज पहना हुआ था.

अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए तिरछी मुस्कुराहट के साथ बोला, बहुत जल्दी है तुम्हें, लगता है तुम्हें कुछ ज्यादा ही मजा आता है इस चीज में. इसीलिए अब शर्माना भी बंद हो गई। अरमान की बात पर अश्की को इस वक्त जितनी तकलीफ हो रही थी, यह वही जानती थी. लेकिन फिर भी वह फीका सा मुस्कुराई और बोली, पति हैं आप मेरे, आपसे कैसी शर्म. अगर मुझे आपसे ही शर्म करनी है, तो लोगों से मैं क्या करूंगी। उसकी बात पर अरमान की नजरे उस पर गहरी हो गई.

अब अरमान उसे देखते हुए बोला, अच्छा, तो मतलब पति के सामने शर्म नहीं की जाती है ना, यही कहना चाहती हो तुम। उसकी बात में अश्की को थोडी गडबड लग रही थी. ऐसा लग रहा था, जैसे कुछ उसके दिमाग में चल रहा हो. लेकिन उसने अपने ख्यालों को झटका और अरमान की बात पर का जवाब देते हुए बोली, बिल्कुल.

अब अरमान के चेहरे पर एक बार फिर से डेविल स्माइल उतर आई. वह अपनी जगह पर खडे- खडे अपनी शर्ट के बटन खोलने लगा. जैसे- जैसे वह अपनी शर्ट के बटन खोल रहा था, अश्की का दिल तेजी से धडक रहा था. उसकी सांसों ने जैसे गहरा होना शुरू कर दिया था. इस वक्त उसे अपने पेट में हद से ज्यादा दर्द हो रहा था. लेकिन फिर भी वह अपने चेहरे पर उस चीज को आने नहीं दे रही थी. लेकिन अरमान कहीं ना कहीं यह चीज जानता था.

अब उसने अपनी शर्ट उतार कर साइड में फेंकी और अपनी पैंट का बटन खोलकर दूसरे ही पल अपनी पैंट की जिप खोल सामने सोफे पर जाकर बैठ गया और नीचे से अंग को निकाल कर सहलाने लगा. यह चीज देखकर अश्की के रोंगटे खडे होने लगे. उसे इस चीज का अंदाजा भी नहीं था कि अरमान कुछ ऐसा करने वाला है अब उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमाया. उसकी पलके पूरी तरह से शर्म के मारे झुक गई थी.

उसको शर्म आता हुआ देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल और भी लंबी हो गई. वह अश्की की तरफ देखते हुए बोला, तुमने तो कहा था कि पति के सामने शर्म नहीं की जाती, तो अब तुम्हें शर्म क्यों आ रही है। उसकी बात पर अश्की अब उसे क्या ही जवाब देती. एक यह शख्स था, जो उसे बेशर्म होने पर भी मजबूर करता था और शर्माने पर भी.

उसने अब अपनी पलके ऊपर की तरफ उठाई और अरमान के चेहरे की तरफ देखते हुए बोली, क्या करूं. आप ही तो हैं, जिसे शर्म भी आती है और जिसके सामने बेशर्म होने का भी दिल करता है. क्या चाहते हैं आप, शर्माऊ या बेशर्म हो जाऊं। उसकी बात पर अरमान की नजरे अश्की पर इंटेंस हो गई. वह बेहद दिलकश अंदाज में सीधे होकर बैठते हुए अपने पैरों को थोडा फ्लेट करते हुए बोला, मैं तो चाहता हूं, तुम मेरे सामने बेशर्म हो जाओ।

अरमान की बात सुनकर अश्की का दिल जोरो से धडक उठा. अरमान का यूं उसे बेशर्म होने को कहना उसके दिल को बाहर निकालने तक आ गया था. उसने अपने अंग को लगभग से और भी तेजी से सहलाना शुरु कर दिया था. जिससे अरमान की सांस गहरी होने लगी थी. सांस अरमान की गहरी हो रही थी, लेकिन तडप अश्की के अंदर पैदा हो गई थी. अरमान जो इस वक्त उसकी आंखों के सामने कर रहा था, उसे देखकर उसे कुछ कुछ हो रहा था.

आंचल का पल्लू पूरी तरह से नीचे की तरफ गिरा हुआ था और पेट में हद से ज्यादा दर्द हो रहा था. लेकिन अरमान को देखकर अश्की जैसे खुद ही भूल चुकी थी कि वह Kiss हालत में है. बेसुध सी होकर अपनी जगह पर खडी हुई और उसका पल्लू पुरी तरह से जमीन पर झूल गया. जिस तरह से उसका पल्लू जमीन पर झूल रहा था, उसे देखकर अरमान की नजर अश्की पर और भी सेडक्टिव हो गई थी.

अब उसने अपने कदम अरमान की तरफ बढा दिए. हालांकि उससे चला नहीं जा रहा था, फिर भी जैसे पता नहीं उसमें कहां से जान आ गई थी कि उसने अपने कदम अरमान की तरफ बढा दिए थे. उसका वह पल्लू, जो जमीन पर गिर चुका था, वह साथ ही में जाते हुए वहीं पर उसके पीछे- पीछे आ रहा था. वह पल्लू पूरी तरह से उसके पैरों में आ चुका था. अब अश्की में अपने हाथों को नीचे की तरफ बढाकर अपनी साडी के प्लेट्स को अपनी शेप वेयर से बाहर निकाल दिया था. जिससे उसकी साडी पूरी तरह से जमीन पर बिखर गई थी.

दूसरी तरफ अरमान ने अपने अंग को छोडा नहीं था. वह लगातार उसे अपने हाथों से सहलाए जा रहा था. जिससे अरमान के चेहरे पर पसीने की बूंदे उभरने लगी थी. जो लगभग से उसके माथे पर से बहते हुए उसके सीने पर आ रही थी. उसे यूं देखकर अश्की को अपने बदन में से जान निकलती हुई महसूस हो रही थी. वह पूरी तरह से अरमान के पास आकर खडी हुई और उसके ऊपर पूरी तरह से झुक गई. अब वह अपने होठों को गोल कर अपने होठों से हवा अरमान के चेहरे पर छोडते हुए बोली, अगर आपको मैं बेशर्म चाहिए हु, तो हो जाउंगी आपके लिए बेशर्म. बस मुझसे दूर मत होइए, मुझे छोड कर मत जाइए. आपकी यह बेरुखी अब मुझसे बर्दाश्त नहीं होती. प्लीज, मुझसे इस तरह रुखा रुखा मत रहा कीजिए।

इतना कहते हुए उसकी आंखों में फिर से नमी उतर आई थी. उसकी आंखों में नमी देखकर अरमान के हाथ वहीं पर रुक गए थे. अब एक बार फिर से उसकी नजरें अश्की के चेहरे पर ठहर चुकी थी. वह रो- रोकर लाल पड चुकी आंखें और नाक, इस वक्त अश्की सच में अश्की लग रही थी. इस वक्त उसका दिल इतनी तेजी से धडक रहा था कि अरमान को उसकी आवाज भी साफ सुनाई दे रही थी. अब अरमान की दिल ने भी रफ्तार पकड ली थी. लेकिन वह अपनी बढती हुई धडकनों को कंट्रोल करते हुए बोला, ठीक है, मुझे रोकने के लिए क्या कर सकती हो? आज साबित करके बताओ? अगर तुमने कुछ ऐसा किया, जिससे मैं खुश हो गया, तो आई प्रॉमिस, मैं यहां से नहीं जाऊंगा।

अरमान की बात सुनकर अश्की की आंखों में एक चमक आ चुकी थी. अगले ही पल वह पूरी तरह से उसकी गोद में बैठती है. जैसे ही वह उसकी गोद में बैठी, एक पल के लिए अरमान की आंखें हैरत से फैल गई. क्योंकि आज तक अश्की ने उसके साथ इस तरह का बिहेव कभी नहीं किया था. वह जिस तरह से उसकी गोद में बैठी हुई थी, वह अरमान की सोच से बिल्कुल ही परे था.

वही अब अश्की उसकी तरफ घूमी और अगले ही पल उसने अपने दोनों पैर अरमान की कमर में फंसा लिए. जैसे ही अश्की ने अपने दोनों पैर उसकी कमर पर फंसाए, अरमान का अंग जोकि उसके नीचे के अंग से पूरी तरह से लग चुका था. उसे वहां पर अरमान की चुभन पूरी तरह से महसूस हो रही थी. जिससे अश्की का दिल और भी तेजी से धडक रहा था.

जिस वजह से उसका चेहरा पूरी तरह से लाल पड गया था. अश्की का लाल पडता हुआ चेहरा देखकर अरमान की नजरे एक पल के लिए उसके चेहरे पर टिक चुकी थी. अब उसे देखकर जो अरमान की धडकनें बवाल कर रही थी, यह वही जानता था. अश्की ने अब अपनी नजरें धीरे से झुकाई और अपनी मीठी सी आवाज में बोली, तो क्या मैं शुरू करूं? उसकी आवाज सुनकर अब जाकर अरमान अपने होश में आया.

वह तो बस हैरानी से अश्की की तरफ ही देखे जा रहा था. उसे तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि वह अश्की से अब क्या कहे. लेकिन अब अश्की ने उसके बिना जवाब के ही अपने होंठ उसकी चेस्ट पर रख दिए थे. जैसे ही अश्की ने अपने होंठ उसकी चेस्ट पर रखे, अरमान की पकड सोफे पर कस चुकी थी. जिस तरह से अश्की उसकी चेस्ट को चूम रही थी, उसे अपने सीने में एक अलग ही जलन महसूस हो रही थी. जैसे- जैसे अश्की के होंठ उसके सीने पर चल रहे थे, वैसे- वैसे वह बेचैनी, वह जलन, जो उसके सीने में महसूस हो रही थी, वह बढती जा रही थी. लेकिन फिर भी अश्की को रोकने की बजाय उसने उसके बालों में अपने हाथ फसाए और और भी शिद्दत से उसके चेहरे को अपने सीने पर चलाने लगा.

अभी उसके होंठ उसके सीने पर चल ही रहे थे कि तभी अश्की न अपना हाथ नीचे की तरफ ले जाना शुरू किया. जिससे अरमान का दिल और भी तेजी से धडकने लगा. उसकी मुट्ठियां और भी तेजी से कस गई. वह अब अश्की को गहरी नजरों से देखते हुए बोला, मत करो, पछताओगी. हालत नहीं है तुम्हारी मुझे झेलने की. आग में जल जाओगी तुम।

अरमान की बात सुनकर अश्की भी बेहद इंटेंस वॉइस में बोली, तो जल जाने दीजिए. आज तो जलने का भी अलग ही मजा होगा आपके इश्क में। उसकी बात सुनकर अरमान का दिल तेजी से धडक उठा. उसने अपनी पकड और भी ज्यादा कस दी और बोला, पछताओगी तुम। उसकी बात पर अश्की एक बार फिर से दर्द भरा मुस्कुराई और बोली, पछताना मंजूर।

इतना कहकर उसके सीने पर एक बार फिर से झुकने को हुई. इस बार अरमान दोबारा से उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए बोला, मैं पीछे नहीं हटने दूंगा। तभी अश्की भी उसी की लहजे में बोली, और मैं पीछे हटूंगी भी नहीं. जितना मर्जी दर्द दे दीजिए, आपके इश्क में दर्द तो क्या, अगर जान भी चली गई, तो उफ्फ भी नहीं करूंगी मैं।

उसकी बात पर अब अरमान पूरी तरह से तडप उठा. उसने अश्की को पूरी तरह से अपनी गोद में वैसे ही उठाया और उसे लेकर सोफे पर आ गया, जहां पर खाना अभी भी वैसे ही लगा पडा था. दूसरी तरफ, अश्की उस हैरानी से देख रही थी. तभी अरमान ने अपने कांपते हुए हाथों को खाने के प्लेट की तरफ बढाया. उसे देखकर अश्की की आंखें हैरत से फैल गई, क्योंकि अरमान एक चम्मच तक किसी के लिए नहीं उठा सकता था और आज उसने अपना हाथ अश्की के लिए प्लेट की तरफ बढाया था. यह देखकर अश्की हद से ज्यादा हैरान थी. वह तो अरमान को समझ ही नहीं पा रही थी कि आखिर अरमान है क्या? वह अपने इमोशंस को इस तरह से अपने अंदर दबा रहा था. जब उसके अंदर इतने इमोशंस है, उसका दिल क्यों अपनी तकलीफ को बाहर नहीं आने दे रहा था. अश्की तकलीफ को मरहम लगाना चाहती थी, लेकिन अरमान था कि अपनी तकलीफ को अपने सीने में दबाकर बैठा था. एक बार वह चाहती थी कि अरमान अपना दर्द उसके सामने बयान करें. अगर अरमान अपना दर्द उसके सामने बयां करे, तो हो सकता है कि उसका पत्थर का सीना थोडा नरम हो जाए. लेकिन अरमान तो ठहरा अरमान त्रेहान, जिसमें दुनिया जहां का रुतबे का गुरूर भरा हुआ था. वह कहां जल्दी से अपनी जुबान खोलने वाला था.

अरमान ने अब एक निवाला बनाया और अश्की के होठों की तरफ बढा दिया. जैसे ही उसने वह निवाला अश्की के होठों की तरफ बढाया, एक पल के लिए अश्की की आंखें एक बार फिर से बाहर आ गई. उसका वह जलता हुआ दिल, जिसे तब से अरमान चैन नहीं आने दे रहा था, अब वह खुद अपने हाथों से उसके होठों तक निवाला लाकर उसके दिल को चैन दे रहा था. अब वह क्या ही कह अरमान के बारे में, क्या सच में वह पत्थर दिल था या फिर बनने का दिखावा कर रहा था.

अपने होठों के पास आए निवाले को देखकर अश्की ने अब एक नजर अरमान की तरफ देखा, जो उसे ही एक्सप्रेशंस लैस होकर देख रहा था. अरमान अब गहरी आवाज में बोला, खाना खाओगी मेरे लिए। अरमान का इतना कहना था कि अश्की का दिल पूरी तरह से भर आया. अब उसने अरमान के गले में बाहें डाली और उसके गले से लगकर फूटकर रोने लगी.

उसको यूं रोता हुआ देखकर अरमान का दिल जैसे धडकना ही भूल गया. वह जैसे आज चाहते हुए भी कुछ नहीं कर पा रहा था. उसके हाथ जैसे हवा में ही रह गए. वही अश्की रोते हुए बोली, क्यों है आप इतने पत्थर दिल, मान.

कभी तो पिघल कर देखिए, कभी तो मेरे अंदर अपने जज्बातों को महसूस कीजिए. मेरा दिल तडपता है, जब आप मुझे इग्नोर करते हैं. छलनी हो जाता है, जब आप मुझसे बात नहीं करते और क्या कहा आपने, आप मुझे छोड कर जाएंगे. अरे! मर जाऊंगी मैं आपके बिना. नहीं जीनी अब मुझे ऐसी जिंदगी, जहां पर आप ना हो. अगर आप फिर भी चाहते है, तो उठाइए अपनी बंदूक और एक ही झटके से सीने के आर पार कर दीजिए. ना यह दिल रहेगा, ना आपके लिए धडकेगा और ना ही इसे यह डर होगा कि यह आपसे दूर हो जाएगा. हर बढते पल के साथ आंखें खोलती हूं, तो डर लगता है कि कहीं आप मेरी आंखों के सामने ना हुए, तो मैं तो जीते जी मर जाऊंगी। इतना कहते हुए वह लगातार अपना चेहरा अरमान की चेस्ट पर रगड रही थी और फूट- फूट कर रो रही थी. अपनी बातें भी सुबक सुबक कर अरमान के साथ कर रही थी.

अश्की को वह बातें आज अरमान पर इस कदर हावी हो रही थी कि उसे अपने दिल में एक अलग ही तडप महसूस हो रही थी, जो शायद ही उसने पहले कभी महसूस की होगी. अश्की अब उसकी चेस्ट से अपना सिर निकाल कर उसके चेहरे को देखते हुए बोली, प्लीज, एक बार कह दीजिए कि आप मुझे छोडकर नहीं जाएंगे. अगर आप मुझे इस बार छोडकर गए ना, आई स्वेयर मान. उस दिन जिंदगी में मेरा आखिरी दिन होगा।

उसकी बात सुनकर अरमान ने उसके बालों को एक बार फिर से मुट्ठी में भरा और दांत पीसते हुए बोला, अपनी बकवास बंद रखो, समझी। अब एक बार फिर से उसके होठों की तरफ निवाला करते हुए बोला, खाना खाओ। इतना कहकर उसने वह निवाला अश्की के होठों की तरफ बढा दिया.

लेकिन अश्की एक बार फिर से ना में सिर हिलाते हुए बोली, भूख नहीं है, मान.

उसकी बात सुनकर अरमान ने एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठाते हुए उसे गहरी नजरों से देखा, तो अश्की ने हल्के से अपना होंठ चबा लिया. अरमान ने भी निवाला अश्की के मुंह में रख दिया. आज पूरे तीन दिन बाद अश्की खाना खा रही थी. खाना अश्की खा रही थी, लेकिन पेट जैसे अरमान का भर रहा था. उसके चेहरे पर एक पल के लिए जैसे सुकून उतर आया था. यह सुकून था, अश्की के खाना खाने की वजह से.

कुछ देर बाद, अश्की को खाना खिलाने के बाद अश्की ने अपना हाथ उसके हाथ पर रखा और वही निवाला पकडकर अरमान के होठों की तरफ बढा दिया. जैसे ही वह वाला उसने अरमान के होठों की तरफ बढाया, अरमान का चेहरा जो की एक्सप्रेशन लैस था, वह एक पल के लिए सख्त हो गया. उसको अपना मुंह ना खोलता हुआ देखकर अश्की की आंखें नम हो गई. उसने अब अपने नजरे नीचे की तरफ झुकाई और अपना हाथ पीछे लेने को हुई. तभी अरमान ने अपने होंठ खोल दिए और यह चीज देखकर अश्की के होठों पर हल्की सी मुस्कुराहट खिल गई. उसके चेहरे पर मुस्कुराहट देखकर ना जाने क्यों अरमान के अंदर एक अलग ही सुकून उतर रहा था, जो कि आज पहली बार था. किसी के यूं मुस्कुराने से उसे भी सुकून मिल रहा था.

शायद ही कभी ऐसा हुआ होगा कि अरमान ने किसी चीज को लेकर सुकून महसूस किया हो. लेकिन अश्की की मुस्कुराहट उसे सुकून पहुंचा रही थी.

कुछ ही देर में दोनों ने खाना खत्म किया और अब जाकर अश्की के चेहरे पर थोडी रौनक आई थी. अभी भी वह अरमान के सामने वैसे ही थी. लेकिन अरमान ने अब नैपकिन लिया और उसके होठों को साफ करने लगा. यह चीज देखकर अश्की की हैरत और भी ज्यादा बढ गई. उसने आज अरमान का पहली बार यह रूप देखा था. इस रूप को देखकर अश्की का दिल भर रहा था. वही अरमान ने कुछ देर उसका चेहरा साफ किया और अब उसे गोद में उठाकर बिस्तर पर लेकर आया.

उसे ब्लैंकेट ओढा कर उसके सिर पर हाथ रखते हुए बोला, सो जाओ अब तुम। जैसे ही अश्की ने यह सुना, उस को जैसे एक हजार छह सौ वोट का झटका लग गया हो. वह अपनी बडी- बडी आंखों से अरमान की तरफ ही देखे जा रही थी, जो उसे बडे प्यार से सुला रहा था. वह अपनी आंखें खोलकर अरमान की तरफ ही देखती रही. उसे तो अरमान पर इस वक्त इतना ज्यादा प्यार आ रहा था कि उसका दिल ही सोने का नहीं कर रहा था. उसको आंखें ना बंद करता हुआ देखकर अरमान गहरी आवाज में बोला, अगर नहीं सोना, तो मैं जाऊं यहां से। जैसे ही उसने यह बात कही, अश्की ने तुरंत अपनी आंखें कसकर मींच ली और जल्दी से बोली, मैं सो रही हूं, मैं सो रही हूं। अश्की का यूं बच्चों की तरह आंखें बंद करने पर अरमान के चेहरे पर एक पल के लिए छोटी सी मुस्कुराहट तैर गई थी, जो शायद ही कभी तैरी होगी.

अश्की उसकी मुस्कुराहट को देख लेती, तो शायद आज पूरी तरह से अरमान पर लट्टू हो जाती. वह तो वैसे भी अरमान के पीछे लट्टू थी. लेकिन अरमान की वह मुस्कुराहट, जब से उसने अपना बिजनेस अंपायर संभाला था, तब से तो किसी ने भी उसके होठों पर नहीं देखी थी. तो अश्की तो बेचारी अभी थी ही

उसकी दुश्मन, वह कहां से ही यह चीज देख सकती थी.

कुछ देर उसके सिर को सहलाने के बाद अरमान को जब लगा कि अश्की गहरी नींद में सो गई है, तो उसने गहरी सांस ली. वह अपनी जगह से उठकर पूरी तरह से उसे ओढाते हुए वह बालकनी में चला गया और सिगरेट के लंबे कश भरने लगा. इस वक्त उसकी नजरें सामने आसमान पर थी और एक बार फिर से उसका चेहरा एक्सप्रेसन लैस हो चुका था. अब उसने पलटकर अश्की की तरफ देखा, जो बिस्तर पर गहरी नींद में सो चुकी थी. वह उसकी तरफ देखते हुए बोला, तुम मेरे पत्थर दिल को पिघला रही हो. तुमसे नफरत करना चाह रहा हूं, पर हो नहीं पा रही. मेरा यहां से जाना बहुत जरूरी है. अगर मैं तुम्हारे पास रहा.

तो मैं तुम्हें. इतना कहते हुए वह चुप कर गया, क्योंकि वह कहना नहीं चाहता था. अब उसका खुद के दिल को समझाना मुश्किल हो रहा था. यही तो वह कब से चाहता नहीं था.

अरमान ने अब गहरी सांस ली और सिगरेट को अपने होठों में दबाए एक बार फिर लंबा कश भरते हुए ऊपर आसमान की तरफ देखने लगा. इस वक्त उसकी लाल आंखें हद से ज्यादा शांत हो चुकी थी. पर अब अश्की की जिंदगी में क्या अनचाहा तूफान दस्तक देने को आ रहा था, जो शायद अश्की बर्दाश्त नहीं कर पाने वाली थी. वह तूफान लाने वाला था खुद अरमान, जिसमें शायद अश्की हमेशा के लिए बिखरने वाली थी.

अभी वह अपने ख्यालों में रात के अंधेरे में खोया ही हुआ था कि तभी रात के सन्नाटे को चीरते हुए उसका फोन बजा. फोन की तरफ देखकर उसकी एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठ गई. उसने फोन के पास आकर उसकी स्क्रीन पर फ्लैश हो रहे नंबर को देखा, तो उसके चेहरे पर अब एक बार फिर से परेशानी झलकने लगी. क्योंकि उसके फोन पर इस वक्त जावेद का फोन था और जावेद का फोन देखकर इस वक्त उसका दिल तेजी से धडक रहा था. वह जानता था कि जावेद उससे क्या कहना चाहता है.

इस वक्त सुबह के चार बजे थे. शायद जावेद को जो काम उसने दिया था, वह पूरा हो चुका था. उसने अब फोन उठाया और दूसरी तरफ से जावेद ने कुछ कहा, उसे सुनकर एक पल के लिए अरमान के हाथों की फोन पर पकड पूरी तरह से कस गई. उसका दिल जैसे धडकने से इनकार करने लगा. आंखें हद से ज्यादा लाल हो चुकी थी. अब वह गहरी आवाज में जावेद से बोला, मैं अभी आ रहा हूं। इतना कहते हुए उसने अश्की की तरफ देखा, जो अब गहरी नींद में जा चुकी थी. अब उसने जावेद का फोन काटा और अपनी पॉकेट में डालते हुए अश्की के पास आया. साथ ही में पडे हुए टेबल पर एक इंजेक्शन पडा हुआ था. उसने अब उस इंजेक्शन को अपने हाथ में लिया और अश्की की कलाई को अपने हाथ में थाम कर उसके हाथ में इंजेक्शन इंजेक्ट कर दिया. इस वक्त वह अपनी लाल आंखों से अश्की को देख रहा था.

अगर सच्चाई यह हुई, तो मैं पूरी दुनिया जलकर राख कर दूंगा तुम्हारे लिए। इतना कहते हुए अरमान की आंखें आज आग उगल रही थी.

To be continue.

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