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शॉक्ड आदर्श

Hotel Paradise,

आदर्श इस वक्त पूरी तरह से ध्वनि के ऊपर झुका हुआ था और ध्वनि के बदन के हर एक अंग को चूम रहा था। इस वक्त वह उसकी ब्रेस्ट पर था और उसके बूब्स को दोनों तरफ से पकड़कर अपने होठों में लेकर दबा रहा था। जिससे ध्वनि की सिसकियां निकल रही थी। इस वक्त ध्वनि के चेहरे पर पूरी तरह से पसीना उभरा हुआ था और उसका चेहरा हद से ज्यादा लाल भी नजर आ रहा था। क्योंकि कुछ देर पहले ही जब वह रूम में आई थी, तो उस रूम में एक फ्रेगरेंस पूरी तरह से चढ़ चुकी थी। जिससे इस वक्त वह पूरी तरह से नशे में थी। उसे इतना तक होश नहीं था कि उसके साथ हो क्या रहा है।

वही आदर्श, जोकि पूरी तरह से उसकी ब्रेस्ट पर झुका हुआ था, उसके बूब्स को हाथों में भरते हुए जोर-जोरों से मसलते हुए अपने होठों में भरकर कभी उसकी निपल्स को काट रहा था, तो कभी उन पर स्पेंक कर रहा था। जिससे ध्वनि की चीख भी निकल रही थी, लेकिन आदर्श को इस चीज का उस पर जरा सा भी तरस नहीं आ रहा था। वह लगातार ध्वनि को अपने हाथों से नोचने की कोशिश कर रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे पिछले सालों का गुरूर अब बाहर आ रहा है। वह लगातार उसके बूब्स को अपने हाथों में पकड़ते हुए लगभग से खींच रहा था। जिससे ध्वनि को हद से ज्यादा दर्द हो रहा था। लेकिन बेचारी करती भी क्या, अभी फिलहाल वह नशे में थी। इस कारण उसे इस चीज का ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था। लेकिन जब वह होश में आने वाली थी, तो उसकी जान और भी ज्यादा निकलने वाली थी। आदर्श अब बूब्स को चूसते हुए ही अब अपना हाथ नीचे की तरफ लेकर आया।

अब उसके हाथ ध्वनि की पुसी पर थे। उसकी पूसी हद से ज्यादा खूबसूरत थी। वह फूल जैसी pussy को अपनी गहरी नजरों से देखते हुए डेविल स्माइल के साथ बोला, "मानना पड़ेगा, आज भी तुम्हारी गुलाबो वैसे की वैसी ही है।" इतना कहते हुए उसने अपना अंगूठा ध्वनि के पुसी के बीचो-बीच उसके क्लीटोरिस पर रखा और धीरे-धीरे अंगूठे को गोल-गोल रब करने लगा। जिस तरह से वह अपने अंगूठे को ध्वनि की पूसी पर रब कर रहा था, उससे ध्वनि और भी ज्यादा मचल रही थी।

वही आदर्श अब लगातार उसकी pussy को जोर-जोर से अपने अंगूठे से रगड़ते हुए अब अपना चेहरा उसकी पूसी के पास लेकर आया। जैसे ही उसने अपना चेहरा नीचे की तरफ किया और उसके पैरों को और भी ज्यादा थोड़ा सा फैलाया, उसे ध्वनि की pussy तो साफ नजर ही आ रही थी, साथ में उसकी ass होल भी दिखाई दिया। जैसे ही उसकी नजर ध्वनि के ass होल पर गई, तो उसकी पुरानी यादें ताजा हो गई। जब-जब उसने ध्वनि की ass में अपना dick डाला था।

ध्वनि की ass की कसावट उसे जब अपने dick पर महसूस होती थी, तो उसका प्लेजर हद से ज्यादा बढ़ जाता था। अब वह अपना अंगूठा, जो कब से वह पूसी पर रगड़ रहा था, अब वह नीचे की तरफ लेकर आया। उस अंगूठे को लगभग से उसकी ass के ऊपर रखते हुए उसने हल्का सा घुमाना शुरू कर दिया। अब आदर्श धीरे-धीरे कर उसे अंगूठे से सहला रहा था। साथ ही साथ अंगूठे को उसकी ass के अंदर हल्का-हल्का पुश भी करने लगा। वही ध्वनि के चेहरे पर अब एक बार फिर से दर्द उतर आया था। वह दर्द से तड़पते हुए बोली, "छोड़ दो मुझे, यहां पर दर्द हो रहा है मुझे, यहां पर कुछ करो।" इतना कहते हुए उसने अपनी pussy पर हाथ रखा और अपनी गहरी आवाज में बोली, "मुझे यहां पर सेंसेशन फील हो रही है।

प्लीज, मुझे कुछ हो जाएगा। यहां पर कुछ करो।" इतना कहते हुए लगभग से वह अपनी पुसी को रब करने लगी थी और साथ ही साथ में दो फिंगर अंदर की तरफ पुश करने लगी थी। जिससे ध्वनि की लोअर बॉडी ऊपर की तरफ उठने लगी थी। यह चीज देखकर आदर्श के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी। वह गहरी आवाज में बोला, "आज बहुत मजा आने वाला है।"

इतना कहते हुए वह ऊपर की तरफ हुआ। उसने उसकी ass पर से अपना अंगूठा हटाया और अगले ही पल जोर से spank उसकी पूसी पर किया। जैसे ही उसने उसकी पुसी पर स्पेंक किया, एक पल के लिए ध्वनि दर्द से झटपटा उठी। उसकी वह पिंक pussy अब रेड होने लगी थी, क्योंकि जिस तरह से आदर्श ने उसकी पूसी पर spank किया था।

ध्वनि दर्द से तड़प उठी थी। लेकिन वह और भी ज्यादा चिल्लाते हुए बोली, "प्लीज मुझे और करो ऐसे ही।" उसकी बात पर आदर्श और भी ज्यादा उसकी pussy पर spank करते हुए बोला, "ओके बेबी, आई डू इफ यू इंसिस्ट."

इस बार स्पेंक पहले से भी ज्यादा तेज था, जिससे ध्वनि का चेहरा पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ गया था। अब उसने अपने हाथों को अंदर दबाते हुए एक बार अपनी मदहोश नजरों से अब आदर्श की तरफ देखा। वह उसकी तरफ देखते हुए बोली, "अरे! तुम तो वही होना राक्षस।" उसकी बात सुनकर आदर्श की आई ब्रो ऊपर की तरफ उठ गई। वही ध्वनि अब अपनी जगह से उठी और उसकी तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोली, "तुम बहुत गंदे हो। सच में तुमने, तुमने पूरे 2 महीने मुझे इतना तंग किया। इतना तंग किया कि मैंने तुम्हें गोली से ही उड़ा दिया। लेकिन फिर भी तुमने मुझे स्टॉक करना नहीं छोड़ा। आज फिर से तुम यहां पर आ गए। शर्म नहीं आ रही है तुम्हें मेरे सामने आकर और एक बार फिर से तुमने मेरे कपड़े उतार कर...।" इतना कहकर वह चुप हो गई। लेकिन अब वह घुटनों के बल आदर्श के सामने बैठ चुकी थी।

दूसरी तरफ आदर्श उसे घूर-घूर कर देख रहा था। वही ध्वनि अब आगे बोलती हुई बोली, "ऐसे क्या घूर रहे हो मेरे को, बहुत गंदे इंसान हो तुम। तुम्हारी वजह से मेरा दम घुटने लगा था। जानते हो, कितना जीना आराम किया था। इंसान भी हो या जानवर हो। जब देखो मुझे ass fuck देते रहते थे। अरे यार मुझे भी दर्द होता था। अगर इतने ही बड़े मर्द हो तुम, मेरे आगे से मारते ना, पीछे में क्या रखा हुआ है। जब देखो, तुम्हें तो पिछवाड़े पर चढ़ना है। आगे तुम आते ही नहीं थे और आए तो आए,

मुझे मुझे।" इतना कहते हुए उसकी आंखें लगभग से बंद होने लगी थी। जैसे वह कुछ कहने को हो रही हो। उसकी बात बीच में अधूरी रह गई। वही आदर्श भी उसे सवालिया नजरों से देख रहा था कि आखिर ध्वनि कहना क्या चाहती है।

वह चुपचाप ध्वनि की बातें सुन रहा था। तभी ध्वनि आगे बोली, "तुम ना सच में बड़े गंदे इंसान हो। मुझे पता है, दिल कर रहा है इस टाइम में पुसी देने का, लेकिन अभी भी तुम्हारी उंगली मेरी गांड में ही जा रही है। गंदे इंसान कहीं के।" ध्वनि की वह डर्टी टॉक सुनकर आदर्श की आंखें बड़ी हो गई। एक पल के लिए उसे ध्वनि की लैंग्वेज पर हंसी आई, लेकिन खुद को कंट्रोल करते हुए उसे और भी ज्यादा घूरने लगा। या फिर आदर्श का औरा ही ऐसा था कि वह हर किसी को इसी तरह से अब देखने लगा था। इस वक्त वह ध्वनि को जिस तरह से घूर रहा था।

ऐसा लग रहा था, जैसे कभी भी वह ध्वनि को कच्चा चबा जाएगा। वही ध्वनि अब लगभग से बिल्कुल उसके करीब हुई। जैसे ही ध्वनि उसके करीब हुई, आदर्श के चेहरे के भाव बदलने लगे। क्योंकि ध्वनि का सीना आदर्श की चेस्ट से टकराने लगा था। ध्वनि अब पूरी तरह से उसके चेहरे के पास आई और उसके गालों को पकड़ते हुए लगभग से खींचकर बोली, "अबे ohh गांडू इंसान।" उसके मुंह से अपने लिए गांडू इंसान सुनकर आदर्श का चेहरा गुस्से से कांपने लगा। वही ध्वनि उसका गुस्से से कांपता हुआ चेहरा देखकर मुंह बनाते हुए बोली, "अब यह गुस्सा क्यों दिख रहा है। पहले मेरी गांड मार मार कर मुझे गांड मारी बना दिया और अब मुझे ऐसे घूर रहे हो, जैसे मुझे खा जाओगे।" इतना कह कर लगभग से उसने अपना हाथ आदर्श के गाल पर मारा। जिससे आदर्श का चेहरा दूसरी तरफ हो गया। अब उसने गुस्से से अपनी मुट्ठियां पूरी तरह से कस ली थी।

वही ध्वनि अब अपनी गर्दन पर हाथ रखते हुए बोली, "एक तो साला आज गर्मी बड़ी लग रही है।" ऐसे ही करते-करते वह फिर से बेड पर लेट गई और लगभग से अपनी पैरों को फैलाते हुए बोली, "इस गांड मारे ने तो मुझे गांडू ही बना कर रख दिया है। जब देखो, पहले गांड लेता रहता था और अगर अगवाड़ा लिया भी तो,

मुझे मुझे प्रेग्नेंट कर दिया।" जैसे ही ध्वनि ने यह बात कही, आदर्श की आंखें बड़ी हो गई। उसके होश पूरी तरह से उड़ चुके थे। प्रेग्नेंट शब्द सुनकर एक पल के लिए उसकी पूरी दुनिया हिल चुकी थी। उसकी आंखें हैरत से फैल गई थी। इस वक्त उसका दिमाग पूरी तरह से खराब हो चुका था ध्वनि की बात सुनकर। लेकिन क्या ध्वनि सच बोल रही थी? यह बात पक्का करने के लिए उसे ध्वनि के होश में आने का इंतजार करना था। लेकिन फिर भी वह खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाया। उसके दिल की धड़कन इतनी ज्यादा तेज चल रही थी कि एक पल के लिए उसके दिल की धड़कन जैसे रुकने को हो गई। आज पहली बार उसका दिल धड़क उठा था। वह जल्दी से ध्वनि के चेहरे के पास आया और उसके गालों को थपथपाते हुए बोला, "क्या बोला तुमने?"

To be continue.....

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