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बेचैनियां

त्रेहान इंडस्ट्रीज,

अभी- अभी अरमान ने जो कहा था, उसे सुनकर अश्की अपनी बडी- बडी आंखों से अरमान को देख रही थी. उसे कुछ देर के लिए ऐसा लग रहा था, जैसे उसने अरमान के मुंह से कोई गलत बात सुन ली हो. इस वक्त उसके दिल की धडकनें हद से ज्यादा तेजी से दौड रही थी. उसकी नजरें लगातार अरमान के चेहरे पर बनी हुई थी, जिसके चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल थी. जिस तरह से अरमान ने उसे अपनी जरूरत का नाम दिया था, अश्की को इस वक्त बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही थी. लेकिन कुछ सोचते हुए वह एक बार फिर से फीका सा मुस्कुराई और बोली, जरूर,

अब आपके हैं, जो चाहे कीजिए। इतना कहकर उसने अपने कदम बिस्तर की तरफ बढा दिए. जैसे ही अश्की ने इतने कैजुअल वे में बिस्तर की तरफ कदम बढाए, अरमान का खून खौल उठा. वह जानता था कि अश्की की हालत उसे झेलने की तो बिल्कुल भी नहीं थी. इस वक्त अश्की को हल्की- हल्की ब्लीडिंग भी हो रही थी. जोकि अरमान की टीशर्ट पर भी उसकी बैक से हल्की- हल्की लगी हुई थी. वह मन में ही सोच रहा था कि कैसी है यह लडकी? क्या है यह, जो कदम- कदम पर उसे चैलेंज कर रही थी. इस वक्त अश्की ने उसकी सोच को पूरी तरह से हिला कर रखा हुआ था.

अश्की बिस्तर के पास आकर खडी हुई और अगले ही पल उसने अपनी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए. जैसे ही उसने अपनी शर्ट के बटन खोलने शुरू किया, अरमान की आंखें बडी हो गई. वो तेजी से उसके पास आया और अगले ही पल उसे कॉलर से पकडकर अपनी तरफ खींचते हुए बोला, अपनी लिमिट में रहना सीख जाओ. अगर इस वक्त मैंने तुम्हें छुआ भी ना, जो तुम्हारी हालत होगी ना, उसके बाद यह तुम भी जानती हो कि तुम्हारा क्या हाल होने वाला है।

उसकी बात पर अश्की फीका सा मुस्कुराई और बोली, क्या ही फर्क पडता है, मान.

अब तो जीना भी आपसे और मरना भी आपसे. इससे अच्छा आपके काम ही आ जाओ. अगर ऐसे में मुझे कुछ हो भी जाएगा, आई swear मैं आपसे कोई शिकायत नहीं करूंगी। अश्की की बात सुनकर अब तो अरमान का दिमाग फटने को आ रहा था. उसका दिल कर रहा था कि वह अश्की को चिल्लाकर पूछे कि आखिर Kiss मिट्टी से बनी हो. तुम्हें अपनी बेइज्जती महसूस नहीं हो रही. वही अश्की ने अब पूरी तरह से अपनी शर्ट निकाल कर जमीन पर फेंक दी थी. अब वह पूरी तरह से अरमान के सामने थी, लेकिन अरमान की नजर उसके चेहरे पर टिकी हुई थी.

उसकी वह आंखों की मासूमियत देखकर अरमान को अपने दिल में कुछ- कुछ महसूस हो रहा था. एक बार भी उसकी नजरें अश्की के बदन की और नहीं गई थी. उसने कभी सोचा नहीं था कि अश्की इस तरह से उसका मुंह हर बात पर बंद करवा दिया करेगी. लेकिन अब अश्की लफ्जों में उससे कहीं ज्यादा आगे तक सोचती थी, जो उसकी सोच से भी परे था.

उसने उसकी तरफ गहरी नजरों से देखा और अगले ही पल अरमान ने अब उसे बिस्तर पर धक्का दे दिया. जिससे अश्की पूरी तरह से बिस्तर पर लेट गई. अगले ही पल अश्की की आंखें पूरी तरह से बंद हो गई. एक पल के लिए उसका मन दर्द से भर गया कि शायद अरमान सच में उसके साथ वही सब कुछ करने वाला है. लेकिन अरमान ने अब जल्दी से उस पर ब्लैंकेट डाल दी और उसकी तरफ गहरी नजरों से देखते हुए पास में न्यू कनोला जो पडा हुआ था, उसके हाथ में इंजेक्ट कर दिया. जैसे ही न्यू कनोला उसके हाथ में इंजेक्ट हुआ, एक पल के लिए अश्की के चेहरे पर दर्द उभर आया. अब जाकर उसने अपनी आंखें खोली और अरमान की तरफ देखा.

अब एक बार फिर से अश्की के चेहरे पर दर्द भरी मुस्कराहट तैर गई. वह अरमान की तरफ देखते हुए बोली, क्यों लड रहे हैं अपने जज्बातों के साथ, क्यों नहीं मान लेते कि आपको भी। अभी वह बोल ही रही थी कि अरमान का चेहरा सख्त पड गया. वह उसकी तरफ देखकर बोला, सोच भी मत लेना कि अरमान त्रेहान तुम्हारे जैसी लडकी से तो बिल्कुल भी प्यार नहीं कर सकता. बीवी भी मैंने तुम्हें सिर्फ तुमसे बदला लेने के लिए बनाया है. यह बात याद रखना और यह बदला सारी उम्र चलता रहेगा. अरमान त्रेहान तुमसे कभी मोहब्बत नहीं कर सकता, यह एक बात अपने दिल में बैठा लो।

अगर सारी उम्र मुझे इसी तरह दर्द देंगे, तो मुझे दर्द भी बहुत मीठा लगेगा, मान.

मैं तो वैसे ही आपकी दीवानी हो चुकी हूं। उसकी बात सुनकर अरमान के चेहरे पर कोई भाव नहीं आया, लेकिन उसके दिल की धडकन इतनी ज्यादा बढ गई थी कि अश्की को भी सुनाई दी थी. अब वह एक बार फिर से मुस्कुराई और बोली, अगर फर्क नहीं पडता, तो क्यों आपकी धडकने मेरे कुछ बोलने पर बवाल करती है, मान.

उसकी बात पर अरमान ने कुछ देर उसके चेहरे की तरफ देखा और अब उसकी तरफ पीठ करके बोला, गलतफहमियां बहुत पालती हो तुम अपने मन में। तभी अश्की बोली, इश्क तो बहुत हो गया है आपसे, लेकिन अब आपकी तरफ से इजहार बाकी है, मान.

उसकी बात पर अरमान व्यंग्य से हंस कर बोला, सपने में.

उसकी बात पर अश्की भी फीका सा मुस्कुराई और बोली, अगर मेरा इश्क सच्चा है, तो आप भी कभी ना कभी मुझसे प्यार करेंगे और इजहार भी करेंगे. अगर मेरा इश्क झूठा है, तो वादा करती हूं, आपके सामने अपने इश्क का इजहार तो क्या, अपना चेहरा तक नहीं दिखाऊंगी। उसकी बात सुनकर अरमान का दिल एक पल के लिए तेजी से धडक उठा. लेकिन अब उसने बिना उसकी तरफ देखे अपने कदम बाहर की बढा दिए.

अश्की ने जो कहा था, अरमान का मन अब हद से ज्यादा बेचैन हो गया था. अब उसे अश्की को यह साबित करना था कि कुछ भी हो जाए, वह कभी भी उसे इश्क नहीं करेगा. उसके लिए चाहे अश्की कुछ भी करे, चाहे मरे. सोचने वाली बात यह थी कि क्या वह सच में यह चीज साबित कर पाएगा. अब तो यह आने वाला समय ही बताने वाला था. दूसरी तरफ अरमान अब बाहर की तरफ आया और अपने ऑफिस के साइड में बने हुए बार एरिया Room की तरफ बढ गया. अश्की को तो इस चीज की भनक तक नहीं थी कि अरमान अभी भी वहीं पर है. इसीलिए वह अपनी जगह पर बैठी और अब उसकी आंखों में नमी उतरने लगी. वह खुद ही अपने दिल पर हाथ रख कर बोली, मान. इश्क बहुत करती हूं मैं आपसे.

इसीलिए आपके इश्क का इंतजार करूंगी. लेकिन इंतजार करते- करते इंतहा ना हो जाए कि मैं बदल जाऊं और मुझे फर्क पडना ही बंद हो जाए। इतना कहते हुए उसकी आंखों में से आंसू का कतरा उसके गालों पर गिर गया. इस वक्त वही जानती थी कि उसका दिल Kiss हद तक तडप रहा था, वह भी अरमान के लिए.

दूसरी तरफ बार में बैठा अरमान एक बार फिर से ड्रिंक करने लगा था. सारी रात उसने नींद की एक झोंक तक नहीं ली थी. सारी रात उसकी ड्रिंक करते हुए ही निकली थी और उसके बाद उसने सारी रात अश्की के सिरहाने बैठकर काट दी थी. उसका चेहरा देखते हुए एक पल के लिए भी उसने अपनी आंखें मूंद कर नहीं देखी थी. अब भी उसकी आंखों से नींद जैसे कोसों दूर थी. उसकी आंखों के सामने अश्की का चेहरा ही घूमे जा रहा था. जिस तरह से अश्की ने उसके सामने यह चीज कही थी कि अगर उसका इश्क सच्चा है, तो वह अपने इश्क का इजहार जरूर करेगा. यह चीज उसे अलग ही लेवल की बेचैनी दे रही थी.

अब अरमान ने एक बोतल अपने होठों में लगाई और एक ही घुट में सारी बोतल पी गया. देखते ही देखते उसने कितनी ही बोतल पी डाली थी, लेकिन नशा होने का नाम ही नहीं ले रहा था. वह इस वक्त चाहता था कि नशे में वह डूब कर किसी तरह से गहरी नींद आ जाए और अश्की के ख्याल उससे दूर हो जाए. लेकिन जब किसी से मोहब्बत हो जाए, कहां ही दिल चैन पाता है. बेचैनियों में भी महबूब के दीदार से करार आता है.

उसने सोच लिया था कि कुछ भी हो जाए, अब वह अश्की के पास नहीं जाएगा. लेकिन क्या उसकी सोच अश्की पूरी होने देने वाली थी. अब यह तो वक्त ही बताने वाला था. दोपहर के दो बज गए, अरमान अभी भी ड्रिंक पर ड्रिंक किए जा रहा था. तभी उसकी नजर सामने घडी पर गई. जैसे ही उसने घडी पर देखा, तो उसकी आंखें एक पल के लिए बडी हो गई. अगले ही पल उसने साइड में पडा हुआ इंटरकॉम उठाया और कुछ आर्डर कर दिया.

वहीं दूसरी तरफ अश्की, इस वक्त बेड की रेस्ट से अपना सिर ऊपर कर सीलिंग की तरफ देख रही थी. इस वक्त उसने अपनी दोनों कलाइयों को अपने घुटनों के ऊपर से मोड रखा था. सीलिंग की तरफ देखते हुए उसकी आंखों में आंसू निकल रहे थे और अरमान का चेहरा घूम रहा था.

तभी उसके Room का दरवाजा Knock हुआ. Room का दरवाजा Knock होते ही उसने जल्दी से अपने आंसू साफ किए. उसे एक पल के लिए ऐसा लगा, शायद अरमान उसके Room की तरफ आया हो. लेकिन जैसे ही Room का दरवाजा अपने आप खुला, तो सामने सर्वेंट को देखकर उसका चेहरा मायूस हो गया. वही सर्वेंट अब टेबल पर खाना लगाकर वहां से जाने को हुई कि तभी अश्की उसकी तरफ देखकर बोली, मुझे कुछ नहीं खाना, भूख नहीं है, ले जाइए यहां से। तभी सर्वेंट ने अश्की की तरफ देखा और अपना सिर झुका कर बोली, सॉरी मेम, मुझे इस चीज की इजाजत नहीं है. मुझे सिर्फ ऑर्डर दिया गया है और इस आर्डर को पूरा करना मेरा फर्ज था. सो मैंने खाना लगा दिया है. आपको खाना ही पडेगा। इतना कहकर वह सर्वेंट जल्दी से वहां से चली गई.

ऑर्डर मतलब, अरमान ने ही उसे आर्डर दिया होगा, तभी तो यह खाना यहां पर आया है. अश्की ने एक नजर खाने की तरफ देखा. अगले पल एक बार फिर से उसकी आंखें नम हो गई. वह खुद में ही बडबडाई, एक तरफ कहते हैं कि आपको मेरी जरा सी भी फिक्र नहीं और दूसरी तरफ मेरे लिए ही खाना भेजते हैं. पत्थर है, लेकिन पिघल रहे हैं मेरे लिए, पर झुकना आपको मंजूर नहीं, क्यों मान.

जानती हूं, मेरे पिता ने गलती की है. लेकिन उसकी सजा आप मुझे क्यों दे रहे हैं. मैंने तो कुछ नहीं किया। इतना कहते हुए लगभग से उसके आंसू और भी तेज हो चुके थे. अब वह खाने पर से अपनी नजरें फेर कर दोबारा से सीलिंग पर नजरें गढा कर बैठ चुकी थी. उसकी आंखों से आंसू तेज से बहने लगे थे.

दूसरी तरफ अरमान, जो कि अभी भी ड्रिंक कर रहा था, उसकी आंखों में इस वक्त गहरी लाली छाई हुई थी. क्योंकि इस वक्त उसके हाथ में एक आईपैड था, जहां पर अश्की उसे साफ दिखाई दे रही थी. जो की बेड पर बैठी उसकी ही बात कर रही थी. उसने जो अभी- अभी कहा, उसे अरमान ने साफ सुना था. लेकिन कुछ रिएक्ट नहीं किया, बल्कि उसका चेहरा पूरी तरह सख्त पड गया था. जिस तरह से वह खाना वहां पर पडा था, अब अरमान का गुस्सा एक बार फिर से बढने लगा था. क्योंकि उसे यह चीज बिल्कुल भी नहीं पसंद आ रही थी कि आज भी जिस तरह से अश्की खाने को हाथ नहीं लगा रही थी.

उसने अब अश्की को गहरी नजर से देखते हुए कहा, जितना मर्जी करो, मुझे तुम्हारी हरकतों से फर्क नहीं पडने वाला. मरना है, तो मरो मेरी तरफ से. खाना है खाओ, नहीं खाना तुम्हारी मर्जी। इतना कह कर उसने फ्रस्ट्रेशन से आईपैड बंद किया और एक साइड पर फेंक दिया. उसके चेहरे पर अब एक बार फिर से बेचैनी ने घर बना लिया था. लगभग से यूं ही एक डेढ घंटा फिर से ड्रिंक करने में लग गया. पर उसकी बेचैनी कम होने का नाम ही नहीं ले रही थी. अब उसने सिगरेट अपनी जेब से निकाली और अपने होठों में फंसा कर गहरी कश भरने लगा. क्या पता कहीं सिगरेट से ही उसे चैन मिल जाए. लेकिन जो चैन उसे अश्की के पास मिलने वाला था, वह सिगरेट कहां ही देने वाली थी.

दूसरी तरफ अश्की, जोकि सीलिंग की तरफ अपनी नजरें गडा कर बैठी हुई थी, अब उसे वैसे ही बैठे हुए काफी देर हो चुकी थी. अब तक उसके आंसू भी सूख चुके थे. लेकिन अब उसके पेट में हल्की- हल्की दर्द महसूस होने लगी थी. उसके दिमाग में यह बातें थी कि शायद उसने खाना नहीं खाया, इसीलिए उसके पेट में हल्का- हल्का दर्द महसूस हो रहा था. पर उसने उस दर्द को पूरी तरह से इग्नोर किया और वैसे ही बैठी रही. खाना भी वहीं पर पडा पडा ठंडा हो चुका था. उसने खाने की तरफ एक नजर देखा तक नहीं था.

धीरे- धीरे करके वक्त बीतता गया. ना अरमान अपनी जिद के चलते कमरे में आया और ना ही अश्की ने खाने का एक निवाला भी तोडा. अब वक्त के साथ- साथ उसके पेट में दर्द बढने लगा था. कनोला जो उसके लगा हुआ था, वह कब से खत्म हो चुका था. उसने एक बार फिर से उसी तरह खींचकर उस केनोला को उतार दिया था. तब से वो वहीं पर पडा था और उसके हाथ में जो ब्लीडिंग हो रही थी, वह उसकी पूरी कलाई तक लकीर आई हुई थी और वह सूख चुकी थी. पर अब जो पेट दर्द उसके पेट में हो रही थी, वह उसकी बर्दाश्त से बाहर होती जा रही थी. उसके चेहरे पर अब दर्द की शिकन उतरती जा रही थी.

एक वक्त ऐसा आया, शाम के सात बज गए और अब उसका दर्द हद से ज्यादा बढ गया. वह दर्द से चिल्ला पडी. उसने अपने पेट पर लगभग से हाथ रख लिया और आंखों से उसके आंसु लबालब बहने लगे. वह रोते हुए बेड पर वैसे ही बिलख बिलख कर पेट को पकडकर रोने लगी. उससे हिला तक नहीं जा रहा था. दूसरी तरफ अरमान, जो कि इस वक्त वहीं पर बैठा बैठा बार एरिया में सो चुका था. उसे इस चीज की कोसों भनक नहीं थी. वह अपने ही बेसुध सोया हुआ था. उसे तो यह तक नहीं पता था. एक तो उसने हद से ज्यादा ड्रिंक कर ली थी, दूसरा उसकी जिद की वजह से वह अश्की के पास नहीं जा रहा था. इसलिए वहां पर बैठे- बैठे ड्रिंक करते हुए ही उसे नींद आ गई.

दूसरी तरफ अश्की, जोकि दर्द से तडप रही थी. उसकी तो जैसे जान ही उसके शरीर से निकल रही थी. वो रोते हुए लगभग से चिल्ला पडी, मान.

Help me.

वहीं दूसरी तरफ,

जावेद, जो अभी- अभी केबिन में आया था, उसने जैसे ही अश्की की आवाज सुनी, तो उसकी आंखें हैरत से फैल गई. अब वह अंदर भी नहीं जा सकता था, क्योंकि उसे नहीं पता था कि अश्की किन हालातो में अंदर होगी या किन हालातो में नहीं है. ऊपर से उसे अरमान का भी नहीं पता था कि अरमान कहां पर है. उसे तो ऐसा लग रहा था कि अरमान उसके साथ अंदर होगा. लेकिन अगले ही पल जब उसने दोबारा से अश्की की वही चीख सुनी, तो उसे यकीन हो गया कि अरमान तो अश्की के साथ बिल्कुल भी नहीं है. क्योंकि जिस तरह से अश्की अरमान को आवाज लग रही थी, मतलब साफ था कि अरमान उसके साथ नहीं था.

अगर अरमान उसके साथ होता, तो अश्की कभी भी इस तरह से अरमान को आवाज नहीं लगाती. अब उसने जल्दी से इधर- उधर देखा, क्योंकि अरमान तो नीचे भी नहीं आया था. अब अगले ही पल उसकी नजर बार एरिया Room की तरफ गई, जिसका दरवाजा खुला हुआ था. अब जाकर उसे अंदाजा हुआ कि अरमान कहां होगा. वह जल्दी से दरवाजे की तरफ बढ गया, क्योंकि अश्की के Room में तो वह जा नहीं सकता था. इसीलिए वह अरमान जिस Room में बैठा हुआ था, उस Room की तरफ जल्दी से दौडा.

जैसे ही उसने अरमान की तरफ देखा, तो उसके होश पूरी तरह से उड गए, क्योंकि अरमान इस वक्त गहरी नींद में था. इसीलिए अरमान अश्की की आवाज नहीं सुन पा रहा था. वह जल्दी से अरमान के पास आया और उसने अरमान के कंधे पर हाथ रखकर उसे हिलाया. जैसे ही उसने अरमान को हिलाया, अरमान झटके से अपनी आंखें खोल कर गुस्से से दांत पीसते हुए बोला, मुझे नहीं है तुमसे मोहब्बत, समझती क्यों नहीं हो तुम.

और ना ही कभी करूंगा. इतना कहते हुए ही उसकी आवाज बंद हो चुकी थी, क्योंकि सामने जावेद को खडा हुआ देखकर अब वह हैरान था. उसने अब इधर- उधर देखा. अब जाकर उसे होश आया कि वह तो बार एरिया में था. अश्की को तो इस चीज का पता भी नहीं है. वह अब जावेद की तरफ देखकर बोला, यह कौन से मैनर्स है, तुम्हें नहीं पता। अभी अरमान बोल ही रहा था कि तभी जावेद हडबडा कर बोला, boss वह मैडम.

उसकी बात सुनकर अरमान की आंखें हैरत से फैल गई. उसने अब इससे आगे जावेद की बात नहीं सुनी और भागते हुए अपने कदम Room की तरफ बढा दिए, लेकिन जावेद उसके पीछे नहीं आया.

अरमान ने जैसे ही Room का दरवाजा खोला, उसके होश पूरी तरह से उड गए. बिस्तर पर पूरा हर तरफ खून ही खून फैला हुआ था और अश्की बिस्तर से नीचे गिरी हुई थी और बिलख कर रो रही थी. उसने अपना पेट जिस तरह से पकडा हुआ था, साफ पता लगा चल रहा था कि उसे इस वक्त अपने पेट में Kiss हद तक दर्द हो रही होगी. उसे देखकर अरमान का दिल तो एक पल के लिए उसके मुंह तक को आ गया. अब तो जैसे उसकी आंखें भी बंद होने पर आ गई थी. पता नहीं वह कितनी देर से झटपटा रही थी. उसकी हालत देखकर अरमान अपनी जगह पर खडा- खडा सुन्न पड चुका था.

वह तेजी से अश्की की तरफ भागा और उसने जल्दी से उसे गोद में उठाया. बेड की हालत इतनी ज्यादा खराब थी. उसने उस बेड पर अश्की को नहीं लेटाया, लेकिन उसने जल्दी से बेड पर साइड पर हुई ब्लैंकेट को उठाया और अश्की के ऊपर पूरी तरह से लपेट दिया. जिससे अश्की पूरी तरह से ब्लैंकेट से cover हो गई.

अब तक अश्की अपनी आंखें धीरे- धीरे बंद कर चुकी थी. उसको आंखें बंद करता हुआ देखकर अरमान का दिल पूरी तरह से कांप रहा था. उसने जल्दी से अश्की के गालों पर हाथ रखते हुए, लगभग से उसके चेहरे को थपथपाते हुए बोला, आंखें खोलो, wifey. आंखें खोलो. देखो, तुम ऐसे नहीं सो सकती. जल्दी करो, क्या हुआ है तुम्हें, दर्द हो रहा है, उठो.

लेकिन अब अश्की पूरी तरह से बेहोश हो चुकी थी. तभी अरमान की नजर सामने टेबल पर पडी, जहां पर खाना वैसे ही पडा हुआ था. खाने को वैसे का वैसा पडा हुआ देखकर अब अरमान को अश्की पर और भी गुस्सा आने लगा. लेकिन अब वह क्या ही कह सकता था. वह गुस्से में उसकी तरफ देखते हुए बोला, तुम सच में बहुत बडी बेवकूफ हो. ना खुद जी रही हो, ना मुझे जीने दे रही हो.

दिमाग खराब करके रखा हुआ है तुमने, क्या करूं मैं तुम्हारा? मुझे समझ में नहीं आ रहा। कहते हुए अरमान लगभग से हद से ज्यादा फ्रस्ट्रेटेड था. उसकी आंखें ही बता रही थी कि उसे अश्की को ऐसी हालत में देखकर कैसा महसूस हो रहा था. उसका दिल तडप रहा था, लेकिन वह तडप अश्की की आवाज से शांत होने वाली थी. अरमान अब उसके गालों को थपथपाते हुए बोला, आंखें खोलो अपनी, तुम इस तरह से बेहोश नहीं हो सकती. तुम्हें दर्द हो रहा है, कोई बात नहीं. मैं अभी डॉक्टर को बुलाता हूं. आंखें खोलो अपनी। इतना कहते हुए उसने लगभग से अश्की के गालों को अपने हाथों में पूरी तरह से भर लिया था. वह उसके चेहरे को हिला रहा था, लेकिन अश्की का चेहरा तो बेहोश होने की वजह से पूरी तरह से ढीला पड चुका था.

अब अरमान जोर से चिल्लाया, जावेद.

डॉक्टर को Call करो. डॉक्टर डीमेट, मुझे अभी के अभी इसी वक्त डॉक्टर चाहिए यहां पर। अरमान का इस तरह से चिल्लाना सुनकर एक पल के लिए जावेद चौक गया. वह दरवाजे पर कुछ ही दूरी पर खडा था. वह एक पल के लिए कांप उठा. उसने जल्दी से हडबडी में डॉक्टर जिंदल को फोन लगाया, तो सारी सिचुएशन बताते हुए उसने अब फोन काट दिया.

दूसरी तरफ जावेद के फोन पर एक अननोन नंबर से Call आया और अननोन नंबर को देखकर एक पल के लिए जावेद के चेहरे पर सवालिया एक्सप्रेशन आ गए. उसने जल्दी से फोन को उठाया और अगले ही पल दूसरी तरफ हंसिका की आवाज उसके कानों में पडी. हंसिका की आवाज सुनकर जावेद का चेहरा सख्त पड गया. वह धीमे पर सख्त आवाज में बोला, बॉस ने आपके साथ बात करने से मना किया है. सो प्लीज डॉन' टी Call me, अगर आपको बॉस से बात करनी है, तो सीधा उनसे बात कीजिए. उन्होंने मुझे मना किया है। अभी वह बोल ही रहा था कि तभी हंसिका बोली, मैं अभी उनकी पत्नी हूं, समझे तुम. हमारा अभी डिवोर्स नहीं हुआ है। तभी जावेद सारकास्टिक way में बोला, सीरियसली, आप अभी यही कहेगी. फिलहाल के लिए हमारे पास वक्त नहीं है, बिकॉज अश्की मैम की हालत बहुत नाजुक है तो.

जैसे ही जावेद ने यह बात कही, जावेद ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली, क्योंकि हंसिका को इस चीज की खबर तो वह लगने ही नहीं देना चाहता था. लेकिन उसे अब जाकर एहसास हुआ कि उसने लगता है हंसिका से कुछ ज्यादा बोल दिया. अगले ही पल उसने फोन काट दिया. पर उसके चेहरे पर अब परेशानी छलकने लगी थी. दूसरी तरफ हंसिका, जिसे यह चीज पता चली थी, वह डेविल स्माइल के साथ इस वक्त नियति जी के कमरे में थी, जो कि इस वक्त हंसिका को देख रही थी. जिसके चेहरे पर अब डेविल स्माइल थी. हंसिका अब नियति जी की तरफ देखते हुए बोली, एक नई न्यूज मिल गई है, आंटी. इतना कहते हुए उसने सामने सोफे की तरफ देखा, जहां पर इस वक्त अश्की की अम्मा और जानवी जी बैठी हुई थी और दोनों आपस में बात कर रही थी.

वहीं दूसरी तरफ अरमान इस वक्त अश्की के सामने खडा था और अश्की बेड पर लेटी हुई थी. अब तक बेड की साफ सफाई कर दी गई थी. तकरीबन पंद्रह बीस मिनट ऐसे ही बीत गए. अरमान लगातार अश्की के चेहरे की तरफ देख रहा था, जिसका चेहरा पूरी तरह से पीला पड चुका था. अब पाँच मिनट और बीते, तो अरमान ने जलती हुई नजरे जावेद की तरफ उठाई, क्योंकि डॉक्टर अभी तक नहीं आई थी. अरमान की नजर खुद पर पाकर जावेद के चेहरे पर पसीना छलकने लगा. उसने जल्दी से दोबारा से डॉक्टर को Call लगाया, तो उसके पीछे से ही डॉक्टर की आवाज आई. क्योंकि डॉक्टर लगभग से अब केबिन के बाहर खडी थी. बाहर से ही डॉक्टर के फोन बजाने की आवाज आई, तो जावेद ने जल्दी से केबिन का दरवाजा खोला और डॉक्टर जिंदल अंदर की तरफ आई.

इस बार अश्की की हालत देखकर मिसेज जिंदल की चेहरे की हवाइयां उड गई, क्योंकि अश्की की हालत और भी ज्यादा नाजुक हो चुकी थी. अब उसने जल्दी से सूटकेस रखा और अश्की की नब्ज वगैरा Check की. वह अरमान की तरफ देखते हुए बोली, मिस्टर त्रेहान, आपको बाहर जाना होगा. मुझे मिसेज त्रेहान का पर्सनल चेकअप करना है। उसकी बात पर अरमान ने गहरी नजरों से देखा, तो मिसेज जिंदल ने अपनी नजरें पूरी तरह से झुका ली और बेहद धीमी आवाज में बोली, प्लीज सर, आईटी' एस अर्जेंट। उसकी बात का अरमान को कोई फर्क नहीं पडा. वह किसी बुत की तरह अपनी जगह पर खडा रहा.

जब अरमान कुछ देर तक वहां से नहीं हिला, तो मिसेज जिंदल ने अब गहरी सांस अपने अंदर खींची और अश्की का चेकअप करने लगी. जैसे- जैसे अश्की का चेकअप हो रहा था, अरमान की नजरे सिर्फ अश्की के चेहरे पर बनी हुई थी. उसने एक बार भी नीचे की तरफ नहीं देखा था कि मिसेज जिंदल Kiss तरह से उसका चेकअप कर रही है, Kiss तरह से नहीं.

कुछ ही देर में मिसेज जिंदल जैसे ही चेकअप करके पीछे की तरफ हटी, उन्होंने अपना मास्क और हाथ में पहने ग्लव्स उतारे और अरमान की तरफ देखते हुए बोली, मिस्टर त्रेहान, आई' एम सो सॉरी. मिसेज त्रेहान का मिसकैरेज हो चुका है। इतना कहते हुए उसने अपना चेहरा नीचे की तरफ झुका लिया था. दूसरी तरफ अरमान के चे

हरे पर इस वक्त कोई भाव नहीं था. तभी पीछे से आवाज आई, यह क्या बकवास कर रही हैं आप.

To be continue.

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