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Hot session

त्रेहान इंडस्ट्रीज,

अरमान इस वक्त सामने बेजान पडी हुई अश्की को देख रहा था. अभी- अभी वह जोरों से चिल्लाया था और गुस्से में बोला,

I said open your eyes god demmit.

इस वक्त उसे यूं अश्की पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था, क्योंकि जिस तरह अश्की उसके लिए बारिश में भीगा थी और उसके पीछे फिर से भाग कर आई थी, उसे यह चीज बिल्कुल पसंद नहीं आई थी. उसका दिल अश्की के लिए बढते पल के साथ बेचैनियों से घिरे जा रहा था. यही चीज तो वह बिल्कुल भी नहीं चाहता था. इन एहसासों को वह अपने आप से दूर करना चाहता था. लेकिन अश्की थी कि उन बेचैनियों को कम होने देने का नाम ही नहीं दे रही थी. वह जितना उसके करीब जा रही थी, उसकी धडकने उतनी ज्यादा बेचैनियों से भरती जा रही थी. उसे अपने अंदर कुछ जलता हुआ महसूस हो रहा था.

जितना वह अश्की के करीब जाता, अपने दिल की धडकनों को काबू नहीं कर पाता था. अब जिस तरह से अश्की उसके सामने बेजान लेटी हुई थी, उसे यह चीज बिल्कुल भी गवारा नहीं हो रही थी. उसकी बंद आंखें देखकर इस वक्त उसका दिल जिस तरह से जल रहा था, यह वही जानता था कि उसे अंदर से कैसा महसूस हो रहा है. बस वह खुद यह चीज करने को तैयार नहीं था.

वह इस वक्त जिस तरह से अश्की के ऊपर चिल्ला रहा था, उसका कभी ऐसा नेचर था ही नहीं. वह तो हमेशा शांत रहने वाला इंसान था. लेकिन आज वह अपने आपे से बाहर हो चुका था, क्योंकि आज तो अश्की ने भी हद कर दी थी. पिछले दो दिन से उसने कुछ खाया नहीं था और यह चीज अरमान को अब जाकर पता चली थी. उसे अपने अंदर एक अलग ही चुभन सी महसूस हो रही थी.

अरमान अब पूरी तरह से उसके चेहरे के ऊपर एक बार फिर से झुकते हुए बोला, तुम मुझे इस आग में जला नहीं सकती, जो आग आज मेरे अंदर जल रही है. तुम दुश्मन हो, सिर्फ दुश्मन, इसके अलावा तुम कुछ नहीं हो. तुम्हें कोई हक नहीं है मुझसे इश्क करने का. अब अपनी आंखें खोलो. मैं कह रहा हूं, आंखें खोलो. सुना नहीं तुमने.

अरमान की आवाज में आज चीख से ज्यादा दर्द दिखाई दे रहा था. अश्की जो कि अभी तक आंखें नहीं खोल रही थी, तभी उसकी हल्की सी उंगली ने हरकत की. लेकिन अरमान के उसके ऊपर झुके होने की वजह से उसने यह चीज देखी नहीं. अरमान पूरी तरह से उसके चेहरे के ऊपर झुका हुआ था. अब वह गहरी गहरी सांस भरने लग गया था. उसे पता नहीं क्या होने लग गया था. लेकिन अब उससे अश्की को इस हालत में देखा नहीं जा रहा था. उसकी धडकनों ने जैसे भारी होना शुरू कर दिया था. लेकिन तभी अश्की की आंखें फडफडाई. जैसे ही अश्की की आंखें फडफडाई, अरमान की आंखें बडी हो गई.

एक बार फिर से उसके दिल की धडकनों ने रफ्तार पकड ली थी. क्योंकि अश्की को अब होश आने लग गया था. अश्की को होश आता हुआ देखकर अरमान जल्दी से पीछे की तरफ हुआ. वह नहीं चाहता था कि अश्की उसे इस हालत में देखे. हर वक्त उसके जेल से सेट रहने वाले बाल माथे पर बिखरे हुए थे और हर वक्त शांत रहने वाला अरमान, आज उसके सब्र का जैसे बांध टूट गया था.

दूसरी तरफ अश्की, जो कि अब धीरे- धीरे होश में आ रही थी. अब उसने धीरे से अपने होठों को हल्का सा खोला और आंखें बंद किए हुए ही धीरे से बोली, मान.

उसके मुंह से अपना नाम सुनकर एक पल के लिए अरमान की धडकन स्किप हो गई. अश्की, जो कि अब धीरे- धीरे होश में आ रही थी, उसने अब हल्की- हल्की अपनी आंखें खोली. जैसे ही उसने अरमान को अपनी आंखों के सामने देखा, तो अनायास ही उसके होठों पर एक छोटी सी मुस्कुराहट आ गई. उसने अब धीरे- धीरे अपना हाथ ऊपर की तरफ उठाया और अरमान की तरफ अपना हाथ कर दिया. जिस तरह से वह अरमान की तरफ अपना हाथ उठा लेटी हुई थी, ऐसा लग रहा था, जैसे अरमान को वह अपनी तरफ बुलाने की कोशिश कर रही थी.

वही अरमान, जो अश्की के सामने इतना चिल्ला रहा था. वह पूरी तरह से शांत होकर खडा हो चुका था. इस वक्त उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे. जो भाव उसके चेहरे पर अश्की के बेहोश होने पर थे, अब वह बिलकुल सख्त पड चुके थे. ऐसा लग रहा था, जैसे अरमान अश्की के होश होने में आने से पहले भी इसी तरह पत्थर होकर खडा था, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था.

कुछ देर पहले जैसे उसकी हालत थी, साफ पता चल रहा था. अब उसने अश्की से अपना चेहरा पूरी तरह से फेर लिया था. इस वक्त वह बिल्कुल भी अश्की को अपना चेहरा दिखाना नहीं चाहता था. अगर अश्की उसका चेहरा देखती, तो शायद उसकी हालत आज पहली बार अश्की के सामने आ जाती.

अश्की धीमे से बोली, मान.

इस बार अश्की के बुलाने पर अरमान की हाथों की मुट्ठियां कस गई. लेकिन उसने अब अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया. ऐसा नहीं था कि अश्की के बुलाने से अरमान को कोई फर्क नहीं पड रहा था. पड रहा था, लेकिन उसका बुलाना कहीं ना कहीं अरमान को पिघला रहा था, जो वह होने नहीं देना चाहता था. यह तो वह हरगिज नहीं होने देने वाला था.

वही उसको अपनी तरफ पीठ करता हुआ देखकर अश्की की आंखों में नमी उतर आई. उसकी आवाज एक बार फिर से लडखडाने लगी. वह धीमे से बोली, मान. प्लीज, मेरी तरफ देखिए.

वही अरमान अब अश्की की बात का जवाब दिए बिना ही बालकनी की तरफ अपने कदम बढाने को हुआ कि तभी उसके कानों में एक बार फिर से अश्की की आवाज पडी. प्लीज मान. रुक जाइए. मुझे, मुझे छोडकर मत जाइए. उसकी यह बात सुनकर अरमान ने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली. इस बार उसके जबडे पूरी तरह से कस गए, लेकिन फिर भी उसने पलट कर अश्की की तरफ नहीं देखा.

अश्की एक बार फिर से अपनी मिन्नत भरी आवाज में बोली, प्लीज, मेरी तरफ देखिए. मुझे आपका चेहरा देखना है. उसकी बात पर अरमान अब गुस्से में बोला, क्यों देखूं मैं तुम्हारी तरफ? क्या हो तुम मेरे लिए, जो मैं तुम्हारी तरफ देखूं? इतनी भी तुम खास नहीं हो कि मैं तुम्हारी तरफ पलट कर देखूं. उसकी बात पर अश्की अब तकलीफ से मुस्कुराई और बोली, अगर इतना ही फर्क नहीं पडता, तो कूदने देते मुझे बिल्डिंग पर से Mister त्रेहान, क्या ही हो जाता. ज्यादा से ज्यादा जान चली जाती मेरी, और तो कुछ नहीं होता. क्या ही फर्क पडता है. उसने इतना ही कहा था कि अरमान ने पलट कर उसकी तरफ देखा और तेजी से उसके पास आया. अगले ही पल उसके ऊपर झुका और बोला,

चुप, एकदम चुप, तुम समझती क्या हो खुद को? कुछ भी बकवास किए जाओगी और मैं सुनता रहूंगा तुम्हारी बात. हां, गिर जाती, तो मुझे कोई फर्क नहीं पडता. जाओ अभी जाकर छलांग लगा दो. मुझे कोई फर्क नहीं पडेगा. इतना कहते हुए अरमान का चेहरा लगभग से लाल पड चुका था. वहीं अश्की बस मुस्कुराते हुए उसके चेहरे की तरफ देखे जा रही थी. लेकिन जैसे ही अरमान ने यह बात कही, अब उसने कुछ देर अरमान की आंखों में देखा और धीमे से अपनी जगह से उठने लगी.

अश्की को बिस्तर पर से उठता देख अरमान हैरानी से उसे देख रहा था. उसे तो समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर अश्की इस तरह से बेड पर से उठ क्यों रही है. लेकिन उसने अश्की को कुछ नहीं कहा. वह बस उसकी तरफ देखे जा रहा था कि आखिर अश्की करना क्या चाहती है. अब अश्की पूरी तरह उठकर अपनी जगह पर बैठी और अपने हाथ में लगा हुआ केनवाल उसने एक झटके से खींच कर निकाल दिया. जिससे उसके हाथ में से हल्की- हल्की ब्लीडिंग होने लगी. जिस तरह से उसने अपने हाथ से केनवाल निकाला था, उसे देखकर अरमान को हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था. लेकिन उसने अपना गुस्सा अभी जाहिर नहीं किया. दूसरी तरफ अश्की ने अपने कदम बिस्तर से नीचे की तरफ रखें. जैसे ही उसने अपने कदम बिस्तर के नीचे की तरफ रखें और ऊपर की तरफ उठने को हुई कि तभी उसका सिर पूरी तरह से घूम गया. उसकी आंखों में एक बार फिर से अंधेरा छा गया.

तभी वह गिरने को हुई, पर इससे पहले वह गिरती, उसने खुद को पूरी तरह से संभाल लिया. दूसरी तरफ अरमान बस एक्सप्रेशन लेस चेहरे के साथ देखे जा रहा था. उसने उसे संभालने की कोशिश नहीं की. अभी अश्की गिरने वाली थी. उसके हाथों की मुट्ठियां पूरी तरह से कस चुकी थी और दिल पूरी तरह से तडप उठा था. लेकिन फिर भी वह आगे नहीं आया. अश्की अब अपनी जगह से सीधे खडी हुई और उसने अपने कदम बालकनी की तरफ बढा दिए. उसको बालकनी की तरफ कदम बढाता हुआ देखकर अरमान की आंखें बडी हो गई.

उसे तो यही समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर अश्की के दिमाग में चल क्या रहा है. वह इस तरह से उठकर बालकनी की तरफ क्यों जा रही है. लेकिन तभी उसका दिमाग ठनका. अभी कुछ देर पहले उसने जो बात कही थी, उसे सोचकर ही अरमान का दिल धक सा रह गया. अब वह जल्दी से अश्की के पास आया और उसका हाथ पकड कर उसने उसे सीधा दीवार से चिपका दिया. फिर पूरी तरह से उसके ऊपर झुकते हुए उसके होठों पर प्रेशर के साथ होठ रख दिए. इस वक्त उसने पूरी तरह से उसके होठों को बंद कर रखा था. लेकिन फिर भी उसके होठों को चूम नहीं रहा था. उसका गुस्से से लाल चेहरा अश्की को भी साफ दिखाई दे रहा था और वह किस, जो वह कर रहा था, वह बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं थी.

अश्की अपनी बडी- बडी आंखों से अरमान की तरफ देख रही थी, जो गुस्से भरी आंखों से उसकी आंखों में देख रहा था. दोनों की आंखें आपस में मिली हुई थी. कोई भी पलके झुकाने को तैयार नहीं था. यह छुईमुई सी लडकी, जो उसके सामने खडी थी, उसने कभी सोचा नहीं था कि वह कभी अरमान को जवाब देगी. लेकिन अब अश्की अरमान की बातों से जैसे पूरी तरह से klampete करती थी.

अरमान ने अपने होठों का दबाव लगातार अश्की के होठों पर बना रखा था. लेकिन अश्की ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की. वह जानती थी कि अरमान इस वक्त उस पर अपना गुस्सा निकाल रहा है. उसे पता चल गया होगा कि आखिर अश्की करना क्या चाहती है. इसीलिए अरमान उसके साथ इस तरह से बिहेव कर रहा था.

तकरीबन दस मिनट उसने ऐसे ही अश्की के होठों पर अपने होठों का दबाव बनाए रखा. दोनों में से किसी ने भी अपनी नजरें एक दूसरे से अलग नहीं की थी. अब अरमान उसके ऊपर से हटा और उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, लगता है, मेरी बातें कुछ ज्यादा ही मानना तुम्हें अच्छा लगने लगा हैं. अगर इतना ही अच्छा लगने लगा है, तो मेरी जिंदगी से चली क्यों नहीं जाती हो तुम. क्यों नहीं जाने दिया मुझे खुद से दूर. अरमान की बात सुनकर अश्की का दिल धक सा रह गया. अब उसकी आंखों से आंसू लबालब बहने लगे. वह रोते हुए बोली, क्या चाहते हैं आप कि मैं आपको छोडकर चली जाऊं? जीते जी मारना चाहते हैं आप मुझे. अगर इतना है, तो यहीं से कूद कर जान दे देती हूं. ना मै रहूंगी और ना आपको कहीं जाने से रोकूंगी.

उसकी बात पर अरमान का गुस्सा और भी बढ गया. वह अब उसके ऊपर झुका और उसके गले पर अपना हाथ रखते हुए लगभग से उसके गले पर दबाव बनाते हुए बोला, अपनी बकवास बंद रखो. तुम्हें क्या लगता है कि तुम्हारे मरने जीने से मुझे फर्क पडता है. बिल्कुल नहीं दिलरुबा, तुम तो सिर्फ मेरी सेटिस्फेक्शन के लिए मेरे साथ हो. फिक्र मत करो, मैं तुम्हें कभी कहीं जाने नहीं दूंगा. सिर्फ अपनी सेटिस्फेक्शन के लिए रखूंगा. तुम दिन रात मुझे सेटिस्फाइड करोगी. अब तुम वैसे बैटर फील कर रही होगी, चलो ना एक हॉट सेशन हो जाए. इतना कहते हुए उसके चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई.

जैसे ही अरमान ने यह बात कही, अश्की की आंखें बडी हो गई. एक पल के लिए उसे ऐसा लगा जैसे उसने कुछ गलत सुन लिया हो. वह हैरानी से अपनी बडी- बडी आंखों से अरमान के चेहरे को देखने लगी, जिसके चेहरे पर अब डेविल स्माइल तैर चुकी थी.

To be continue.

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