
त्रेहान इंडस्ट्रीज,
अश्की इस वक्त त्रेहान इंडस्ट्रीज के टॉप पर थी, जहां पर अभी- अभी अरमान के प्लेन ने उडान भरी थी. अरमान के प्लेन को हवा में उडान भरता देख एक पल के लिए अश्की के जिस्म से जैसे जान ही निकल गई थी. वह लगभग से चिल्लाते हुए बोली, प्लीज मान, ऐसा मत कीजिए. मुझे छोडकर मत जाइए. मैं मर जाउंगी आपके बिना. मुझे, मुझे नहीं चाहिए यह बच्चा, मुझे सिर्फ आप चाहिए हो. मुझे नहीं चाहिए कुछ भी, प्लीज, वापस आ जाइए. मान, नीचे उतर आईए। वह लगभग से उस ठंडी बारिश में खडी चिल्लाए जा रही थी. लेकिन प्लेन को देखकर तो ऐसा लग रहा था, जैसे अश्की के चिल्लाने का अरमान पर कोई असर ही नहीं हो रहा था.
अश्की लगभग से चिल्लाए जा रही थी और बारिश में खडी कांप रही थी, क्योंकि इस वक्त जहां पर वह खडी थी, वह मुंबई की सबसे ऊंची बिल्डिंग थी. उस बिल्डिंग से हवा इतनी ठंडी होकर गुजर रही थी कि अश्की का बदन पूरी तरह से उस हवा के कारण ठंडा पडता जा रहा था. जिससे जब- जब उसके पास से हवा का झोंका गुजरा, अश्की का शरीर पूरी तरह से कांप उठता. ऊपर से उसने पिछली रात से कुछ नहीं खाया था. इस वक्त उसकी हालत इतनी ज्यादा खराब थी कि जिस तरह से वह भागते हुए यहां पर आई थी, ऐसा लग रहा था कि वह काफी देर से भाग रही थी.
इसका सफेद पड चुका चेहरा बहुत कुछ बयां कर रहा था. आंखों के नीचे आए डार्क सर्कल्स भी बहुत कुछ बयां कर रहे थे. लेकिन खुद को भूलाकर फिर भी वह अरमान को मनाने की कोशिश कर रही थी. उसने लगभग से अपने हाथ जोड रखे थे और चिल्लाते हुए लगभग एक ही बात दोहराए जा रही थी कि वह अरमान के बिना मर जाएगी. लेकिन अरमान तो जैसे अपने दिल को पत्थर बनाकर बैठा हुआ था. क्या सच में उसका दिल पत्थर बन जा रहा था या फिर यह पत्थर अब पिघलने वाला था, यह तो अब वक्त ही बताने वाला था. अब आखरी उम्मीद करते हुए, अब तक अरमान का प्लेन लगभग से दस फीट ऊपर की तरफ उड चुका था.
अगर आप ने यह प्लेन नहीं रुकवाया, तो आई स्वेयर मान, मैं यहां से कूद जाऊंगी. मैं अपनी जान दे दूंगी, लेकिन आपके बिना अकेली नहीं रहूंगी। उसकी बात सुनकर प्लेन में खडा अरमान, जो कि इस वक्त दरवाजे के पास ही खडा था, उसका दिल एक पल के लिए जैसे धडकना ही भूल गया था. उसे ऐसा लगा, एक पल के लिए उसकी सांस ही रुक गई हो. अश्की ने उसकी धडकने ही रोक दी थी. अगले ही पल, उसने प्लेन का दरवाजा खोला. अभी प्लेन ज्यादा ऊपर नहीं उडा था. दूसरे ही पल, उसने प्लेन से ही उस बिल्डिंग पर छलांग लगा दी.
अरमान को उस प्लेन से उतरता हुआ देखकर अश्की ने राहत की सांस ली. अब उसके चेहरे पर ना दिखने वाली मुस्कुराहट तैर गई. लेकिन अब अरमान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था. यह लडकी बात बात पर उसके दिमाग को चैलेंज कर रही थी और हर बढते पल के साथ इसका चैलेंज इतना ज्यादा बढ चुका था कि अरमान को उसके आगे झुकना ही पड रहा था. यही चीज तो उसको मंजूर नहीं थी. यही चीज अश्की की अरमान को हर वक्त बेचैन करती थी कि वह किसी भी हालत में अब अश्की के आगे झुकने लग गया था. इसीलिए वह यहां से रसिया जा रहा था, ताकि वह एक बार फिर से खुद को पत्थर बना सके. ना वह अश्कों के सामने झुके और ना ही उसकी कोई बात माने. लेकिन अश्की ने वह भी नहीं होने दिया.
दूसरा, अब जिस तरह से अरमान को उसने यह धमकी दी थी कि वह बिल्डिंग से कूद जाएगी, उससे तो अरमान का दिमाग ही फटने को आ गया था. अगले ही पल, वो अश्की के पास तेजी से आया. लेकिन इससे पहले कि वह कुछ करता, अश्की की आंखें अब बंद होने लगी. देखते ही देखते उसकी आंखों के आगे पूरी तरह से अंधेरा छा गया. वह एक बार फिर से जमीन पर गिरने को हुई, उसे इस तरह से बेहोश होता देख अरमान की आंखें बडी हो गई.
अगले ही पल, उसने जल्दी से अश्की की तरफ अपने कदम बढाए और देखते ही देखते उसने अश्की को संभाल लिया. अब एक बार फिर से अश्की उसकी बाहों में झूल रही थी. एक बार फिर से अश्की को अपनी बाहों में इस तरह से बेहोश होकर झूलता देख अरमान ही जानता था कि अब उस पर क्या बीत रही थी. उसके चेहरे पर अश्की को इस तरह से बेहोश देखकर बेचैनी और भी ज्यादा बढ चुकी थी.
अब उसने जल्दी से अश्की को गोद में उठाया और उसे लेकर लिफ्ट की तरफ बढ गया. वहीं जावेद, जो कि इस वक्त प्लेन में खडा था, उसकी आंखें फटी की फटी रह गई. उसने अरमान को इस तरह से कभी नहीं देखा था. आज जावेद को भी उसके चेहरे पर बेचैनी देख रही थी, जो वह शायद छुपाने में असमर्थ हो गया था. एक पल के लिए जावेद के चेहरे पर छोटी सी मुस्कुराहट भी तैर गई थी. अब उसने पायलट की तरफ देखा और उसे प्लेन लैंड करने के लिए कह दिया.
वहीं दूसरी तरफ,
अरमान इस वक्त लिफ्ट के सामने खडा था और दो- तीन बार बटन प्रेस करने पर भी लिफ्ट ऊपर नहीं आई थी. इसीलिए अब उसके चेहरे पर फ्रस्ट्रेशन साफ दिखाई दे रही थी. उसने लिफ्ट की तरफ देखते हुए लगभग से दांत पीस लिए थे. लेकिन अब वो अश्की को लेकर जल्दी से सीढियों की तरफ बढ गया था. देखते ही देखते वह सीढियों से होते हुए नीचे की तरफ आया. वही रिसेप्शनिस्ट, जो कि अभी तक रिसेप्शन पर खडी थी, अब एक बार फिर से वह कॉफी पी रही थी. इस वक्त उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन थे, क्योंकि वह कब से अश्की के बारे में ही सोच रही थी. अश्की को देखकर ही उसे उस पर बहुत ज्यादा तरस आ रहा था. जिस तरह से अश्की हांफ रही थी और उसके आगे हाथ जोड- जोड कर बात कर रही थी, उसे यह चीज बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी.
लेकिन अब जब उसने अरमान की गोद में अश्की को देखा, तो उसकी आंखें भी फटी की फटी रह गई थी. अब उसे सारी बात समझ में आई. अश्की जो भी कह रही थी, वह सच कह रही थी. यानी कि यह सच था कि अरमान की शादी हो चुकी है. यह चीज देखकर रिसेप्शनिस्ट की आंखें बडी हो चुकी थी. लेकिन अगले ही पल उसके चेहरे पर हल्की सी मुस्कराहट तैर चुकी थी.
ऊपर से अरमान के चेहरे पर जिस तरह से परेशानी झलक रही थी, वह साफ बता रही थी कि अरमान भी अश्की से शायद प्यार करता था. लेकिन उसका दिल इस चीज को मानने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था. अरमान अश्की को लेकर अपनी केबिन में आया और प्राइवेट Room में ले जाकर उसने उसे बिस्तर पर लेटा दिया था.
अश्की का चेहरा, जोकि भीगने की वजह से हद से ज्यादा लाल पडा हुआ था. उसके हाथ पैर भी इस वक्त बिलकुल बर्फ की तरह जमे हुए थे. क्योंकि ऊपर बारिश में भीगना कोई आसान बात नहीं था. ऊपर से इस वक्त जनवरी का महीना था. जिस तरह से अश्की भीग रही थी, अगर अश्की की जगह कोई और भी होता, तो शायद हद से ज्यादा बीमार पड जाता. लेकिन अश्की की हिम्मत थी कि वह इतनी देर अरमान के लिए वहां पर खडी रही.
जैसे ही उसने अश्की को लेटाया और अगले ही पल उसने जावेद को मैसेज ड्रॉप कर दिया. मैसेज ड्रॉप करते ही अब उसने अश्की की तरफ देखा. इस वक्त अश्की का चेहरा पूरी तरह से मुरझा गया था. उसका चेहरा पूरी तरह से ठंडा पड चुका था. जिस तरह से उसका चेहरा ठंडा पडा हुआ था, अरमान ने जब उसके गालों को हाथ लगाया, तो उसके भी रोंगटे खडे हो गए थे. अब वह जल्दी से अपने हाथों को अपने मुंह के पास लाया और अपने हाथों पर गर्म हवा छोडते हुए अपने हाथों को अच्छी तरह गर्म करके अश्की के चेहरे पर लगा रहा था. जिससे उसके चेहरे को हल्की- हल्की गर्मी मिले.
लेकिन फिर उसकी नजर अश्की के कपडों पर गई, क्योंकि उसके कपडे बारिश में पूरी तरह से भीगे हुए थे और गीले हो चुके थे. उन कपडों को देखकर अब अरमान ने जल्दी से पहले उसके कपडे उसके बदन से अलग किए. देखते ही देखते अरमान ने उसके बदन का हर एक कपडा उसके बदन से अलग कर दिया था. अब वह पूरी तरह से अरमान के सामने थी. उसके जिस्म को देखकर एक पल के लिए अरमान के चेहरे के भाव बदलने लगे थे. लेकिन अगले ही पल उसकी नजर अश्की के पेट पर ठहर गई. उसके पेट को देखकर अरमान के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए. वह कुछ देर अश्की के पेट को देखता रहा. लेकिन फिर अगले ही पल उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा दिया. अब अगले ही पल, वह अपने वार्डरोब की तरफ बढ गया. यहां पर भी उसका एक पर्सनल वॉर्डरोब था, जोकि काफी बडा था. जहां पर उसके लगभग से काफी हद तक कपडे थे. क्योंकि कभी- कभी वह शादी से पहले जब यहां पर रहता था, और जब उसे फौरन जाना होता था, तो वह यहीं से कपडे पहन कर चला जाता था. उसे घर जाने की भी जरूरत नहीं पडती थी. लेकिन आज तो जैसे उल्टा हो गया. अश्की ने तो उसे जाने ही नहीं दिया.
क्या अश्की सच में उसे रोकने में कामयाब हो गई थी या फिर अरमान को कुछ देर के लिए सिर्फ रोक पाई थी? अब यह तो वक्त ही बताने वाला था कि अरमान के दिमाग में अब क्या चलने वाला था. अरमान के दिमाग की बात तो जावेद भी नहीं समझ पाता था, तो अश्की को आए हुए फिर भी अभी एक महीना हुआ था. लेकिन फिर भी वह काफी हद तक उसकी बातें समझ जाती थी. अरमान अब वार्डरोब में गया. उसने अपनी व्हाइट शर्ट निकाली और उसे लेकर बाहर की तरफ आया. अब उसने एक बार फिर से अश्की की तरफ देखा. अश्की के चेहरे को देखकर एक बार फिर से अरमान के चेहरे पर परेशानी झलकने लगी. लेकिन जब उसकी नजर उसके पेट पर जाती, तो न जाने क्यों वह बेचैनी अलग ही लेवल पर पहुंच रही थी. अब उसने गहरी सांस ली और अश्की को अपनी शर्ट पहना कर एक बार फिर से अपने हाथों को गर्म करके उसके गालों पर लगाने लगा, ताकि अश्की के गाल काफी हद तक गर्म हो सके. ताकि उसके हाथ पैर जो ठंडे पड चुके थे, उन्हें भी थोडी गर्माईश मिल सके.
इस वक्त अरमान को खुद ठंड लग रही थी, क्योंकि अरमान भी काफी देर बारिश में भीगा था. पता नहीं अश्की Kiss तरह से इतनी देर भीगती रही. अरमान ने तो सिर्फ पांच मिनट ही भीगा था, तो उसकी ऐसी हालत हो गई थी. अश्की तो काफी देर भीगती रही थी. अरमान उसकी हालत तो समझ ही सकता था कि कैसी होगी. इस वक्त अरमान का बदन भी हल्का- हल्का कांप रहा था.
तकरीबन पंद्रह बीस मिनट बाद उसके केबिन का दरवाजा खुला और उसके पर्सनल Room का दरवाजा नोक हुआ. जैसे ही उसका दरवाजा नोक हुआ, अरमान जल्दी से अश्की के पास से उठा और अश्की को जल्दी से ब्लैंकेट से कवर करने लगा. क्योंकि इस वक्त अश्की ने जो शर्ट पहनी हुई थी, वह काफी हद तक ट्रांसपेरेंट थी. जिसमें से उसका बदन हल्का- हल्का रिवील हो रहा था. अब गौर से अश्की की तरफ देखा, तो वह पूरी तरह से उसे ब्लैंकेट में कवर हो गई थी. उसने एक राहत की सांस ली और अपने कदम दरवाजे की तरफ बढा दिए. थोडी देर में उसने दरवाजा खोला, तो सामने खडी मिसेज जिंदल पर उसकी नजर गई. मिसेज जिंदल को देखकर उसने जल्दी से अंदर की तरह आने का इशारा किया.
तकरीबन पाँच मिनट बाद,
मिसेज जिंदल अश्की का चेकअप कर रही थी. इस वक्त वह काफी ज्यादा परेशान लग रही थी. उनके चेहरे पर उनकी परेशानी साफ झलक रही थी. मिसेज जिंदल को You परेशान देखकर अरमान उसे सवालिया नजरों से देखने लगा. डॉक्टर की चुप्पी अरमान को अंदर तक जला रही थी. वही डॉक्टर अब उसके आगे आकर खडी हुई और उसने अपना चेहरा नीचे की तरफ झुका लिया था. उनको अपना चेहरा झुकाए हुए देखकर अरमान दांत पीसकर बोला, कुछ बकोगी या मूर्ति बन कर खडी रहोगी।
उसकी बात पर डॉक्टर अब पूरी तरह से हडबडा गई. वह लडखडाती हुई आवाज में बोली, वो Mister त्रेहान, मुझे लगता है, मिसेज त्रेहान ने पिछली रात से कुछ नहीं खाया है, तो इस वजह से इन्हें डिहाइड्रेशन भी हो गया है. ऊपर से बच्चे की जान भी खतरे में है. अभी ट्रिप नहीं चढाया गया, तो उनके साथ कुछ भी हो सकता है. ऊपर से मुझे तो लग रहा है, कल रात ही नहीं, इन्होंने लगता है दो दिन से कुछ नहीं खाया है. इस तरह से अगर हो सकता है कि उनकी जान पर भी बन आए. बिकॉज उनके साथ अभी एक जिंदगी जुड चुकी हैं. और ऊपर से इतनी ज्यादा केयरलेसनेस, यह चीज बिल्कुल भी अच्छी नहीं है.
इनकी पूरी बॉडी डिहाइड्रेटेड हो चुकी है. जब तक इन्हें ड्रिप वगैरा नहीं लग जाता, तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता. ऊपर से उनकी बॉडी इतनी ज्यादा ठंडी हो चुकी है कि इन्हें हीट की जरूरत है. इसके लिए मैंने इंजेक्शन दे दिया है. Mister त्रेहान, हो सकता है हम उनके बच्चे को ना बचा पाए, क्योंकि अब कोई फायदा नहीं है. उठते ही उनके पेट में हद से ज्यादा दर्द होगा. क्योंकि मुझे लगता है, यह काफी तेज भाग रही थी. जिस वजह से इनको अभी हल्की सी blood स्टेनिंग हुई है. लेकिन अब जल्द ही इनके पीरियड स्टार्ट हो जाएंगे.
सॉरी। इतना कहकर वह वहां से बाहर की तरफ आई और अपना सूटकेस अंदर ले आई. वहीं अरमान तो जैसे अपनी जगह पर खडा सुन्न पड चुका था. अरमान ही चाहता था कि वह बच्चा ना हो. अब जब उसके सामने ऐसी सिचुएशन आई थी, पता नहीं क्यों, उसे एक अलग ही भावनाओं ने घेर लिया था. उसकी नजरें अश्की के चेहरे पर जम चुकी थी. जब अश्की को होश आने वाला था, तो पता नहीं अश्की का क्या हाल होने वाला था. यह बात सोचकर ही अरमान को अजीब सा लग रहा था.
वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर ने अब जल्दी से अश्की को IV ड्रिप लगाया. वह अरमान की तरफ देखते हुए बोली, इसके बाद एक और चढेगा। इतना कहकर वह साइड पर बैठने को हुई कि तभी अरमान धीमे से लेकिन सख्त आवाज में बोला, get lost. अरमान की बात सुनकर मिसेज जिंदल की आंखें बडी हो गई. वह लडखडाती हुई आवाज में बोली, लेकिन सर, उन्हें एक और iv drip.
अभी उसने इतना ही कहा था कि अरमान की सर्द आवाज उसके कानों में पडी. आई सेड गेट लॉस्ट। उसकी इतनी ठंडी आवाज सुनकर मिसेज जिंदल अंदर तक कांप उठी. अब उन्होंने जल्दी से अपना बैग पैक किया और iv drip जो अश्की को लगाने वाली थी, वह वहीं पर छोडकर वह चली गई. उसके साथ ही एक गोली रखकर गई और अरमान को जाते- जाते बोली, मिस्टर त्रेहान, मिसेज त्रेहान को इस गोली की सख्त जरूरत है. बिकॉज, यह उनके मिसकैरेज में उनका साथ देगी, क्योंकि अब कोई उम्मीद नहीं है। इतना कहकर अब वह डॉक्टर वहां से चली गई. वहीं अरमान की नजर अश्की पर ठहर चुकी थी.
अरमान की आंखें बढते पाल के साथ लाल हो चुकी थी. अब वह दांत पीस कर अश्की के पास आया और उसकी तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोला, क्या जरूरत थी तुम्हें मेरे पीछे आने की? हां, और तुमने दो दिन से खाना क्यों नहीं खाया है? क्या तुम्हारा दिमाग इतना खराब हो गया है? इतना कहते हुए वह लगभग से इतना ज्यादा फ्रस्ट्रेटेड था कि इतना पता होते भी की अश्की इस वक्त पूरी तरह से बेहोश है, फिर भी उसे बोले जा रहा था. आज पहली बार अरमान अपनी दिल की बातें उसके सामने कर रहा था, लेकिन वह भी अश्की के बेहोश होने के बाद.
क्यों मजबूर कर रही हो? क्या हो तुम. और क्या समझती हो तुम खुद को, hmm.
मै नहीं हूं, जो पिघल जाऊंगा तुम्हारे इस तरह के बिहेवियर से. तुम मेरे पीछे आओगी, तुम मुझे इश्क करोगी, तुम्हें क्या लगता है कि मैं तुमसे इश्क कर बैठूंगा. बिल्कुल भी नहीं, पत्थर हूं मैं पत्थर, पत्थर को पिघलाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है. क्या करने की कोशिश कर रही हो तुम, मेरे लिए भूखी रह सकती हो, प्यासी रह सकती हो.
आई डोंट केयर अबाउट कि तुम मेरे लिए भूखी रहती हो, प्यासी रहती हो. मेरे लिए चाहे जीते भी मर जाओ, मुझे फर्क नहीं पडता. मेरे लिए चाहे तुम उस बिल्डिंग से भी कूद जाती ना, तब भी मुझे फर्क नहीं पडता और यह क्या मेरे पीछे बार- बार भाग कर आ रही हो? पागल हो गई हो क्या? तुम्हें क्या लगता है कि तुम्हारे ऐसे मेरे पीछे आने से मैं रुक जाऊंगा. नहीं, बिल्कुल भी नहीं, मैं जाऊंगा और जाकर रहूंगा. मैं भी देखता हूं कि तुम मुझे कैसे रोकती हो.
अरमान त्रेहान को आज तक कोई नहीं रोक पाया है. तुम क्या मुझे रोक पाओगी. तुम्हारी तो कोई औकात ही नहीं है मेरे सामने. अरमान त्रेहान एक ऐसा बवंडर है, जो जहां पर जाता है, वहीं पर सब कुछ खाक कर देता है. यह बार- बार मेरे पीछे पागलों की तरह भागना, मेरे पीछे आना और मेरे लिए भूखा रहना। इतना कहते हुए लगभग से अश्की के चेहरे पर झुक चुका था. इस वक्त अरमान की आंखें हद से ज्यादा लाल हो चुकी थी.
जिस तरह की लाली उसकी आंखों में छाई हुई थी, एक आंसू की बूंद उसके आंखों की पुतली पर आ चुकी थी. जो शायद अश्की के चेहरे पर गिरने को हुई, लेकिन उसने जल्दी से अपना चेहरा उसके चेहरे के ऊपर से हटा लिया. फिर अपनी आंखों को ऊपर की तरफ रोल करके उसे अंदर की तरफ सोख लिया. देखो मुझे, अब देखो, यही चाहती हो ना तुम कि मैं तुमसे इश्क करूं. दिल नहीं है मेरे सीने में, पत्थर है पत्थर, एक पत्थर से कब तक इस तरह से इश्क करोगी. जब पता है कि सामने वाला दुश्मन है, तब भी तुम मुझे इश्क करोगी, no baby no?
एक पत्थर कभी नहीं पिघल सकता। इतना कहते लगभग से पिघलने लगा था. लेकिन अश्की के चेहरे पर इस वक्त कोई भी भाव नहीं आया था, क्योंकि उसका चेहरा अब भी पूरी तरह से बेजान था. दूसरी तरफ अरमान का कलेजा उसे इस तरह से देखकर अंदर ही अंदर जले जा रहा था.
जब कुछ देर अश्की ने और आंखें नहीं खोली, तो इस बार अरमान चिल्ला कर बोला, मैंने कहा, आंखें खोलो अपनी.
I said open your eyes god demmit.
To be continue.








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