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मैं आपके बिना मर जाऊंगी

त्रेहान इंडस्ट्रीज,

अरमान इस वक्त अपनी केबिन में बैठा हुआ था और उसने अपना सिर पीछे चेयर पर लगा रखा था. अभी कुछ देर पहले ही जावेद का फोन आया था और उसने उसे प्लेन का मैसेज दिया था, जो कि त्रेहान इंडस्ट्रीज के टॉप पर खडा था. अरमान को आए हुए तकरीबन डेढ घंटा हो चुका था, लेकिन तब भी वह अभी तक अपने केबिन से निकला नहीं था. दूसरी तरफ जावेद, जो कि उसके केबिन के बाहर ही खडा था, उसके चेहरे पर अब परेशानी झलक रही थी. क्योंकि अरमान ने कभी भी ऐसा बिहेव तो बिल्कुल भी नहीं किया था जब भी वह कहीं जाने की तैयारी करता था, तो इसका मतलब पक्का होता था कि उसे जाना ही जाना होता था. लेकिन आज, आज तो जैसे अरमान का दिमाग किसी और चीज में अटका हुआ था और दिल किसी और चीज में. दिल और दिमाग की जद्दोजहद में अरमान पूरी तरह से फंसा हुआ था. बाहर खडा जावेद भी यह चीज महसूस कर रहा था. जब अरमान इंडस्ट्रीज आया था, तो उसकी आंखों में देखकर ही जावेद की सांस उसके हलक में अटक गई थी. अरमान की इस तरह से लाल आंखें उसने शायद ही कभी देखी होगी. लेकिन वह भी क्या ही कर सकता था, क्योंकि अरमान के गुस्से के आगे तो किसी की कोई भी मजाल नहीं थी कि कोई कुछ कर जाए.

इस वक्त उसकी आंखों के सामने कल रात का मंजर घूम रहा था, जब अश्की ने उसे पीछे से हग किया था. जिस तरह से उसने यह चीज कही थी कि उसे अरमान के अलावा कुछ नहीं चाहिए. नहीं चाहिए उसे यह बच्चा भी, एक पल के लिए अरमान की धडकनें रुकने लगी थी. अभी भी उसका वही हाल था. उस मंजर को याद करते हुए ही अरमान की पूरी बॉडी में गूसबंप्स खडे हो रहे थे. उसके दिल की धडकने बेतहाशा धडकने लगी थी.

अरमान अपने ही ख्यालों में आंखें बंद कर डूबा हुआ था. एक अलग सी बेचैनी आज अरमान के चेहरे पर छाई हुई थी. लेकिन तकरीबन पंद्रह और मिनट यूं ही बैठे रहने के बाद,

अरमान ने एक गहरी सांस ली और अपनी सीट से उठकर केबिन से बाहर निकला, तो सामने ही जावेद खडा था. जावेद ने जैसे ही अरमान को देखा, उसने गहरी सांस ली और अरमान को देखने लगा. वही अरमान ने अब केबिन से निकलते ही अपने कदम लिफ्ट की तरफ बढा दिए थे.

वहीं दूसरी तरफ,

अश्की इस वक्त त्रेहान इंडस्ट्रीज के सामने खडी बुरी तरह से हांफ रही थी. ऐसा लग रहा था, जैसे वह अभी- अभी भाग कर कहीं से आई थी. काफी देर गहरी सांस भरने के बाद भी उसकी सांसे नॉर्मल नहीं हो रही थी. अब वह जल्दी से त्रेहन बिल्डिंग के अंदर की तरफ आई और उसने रिसेप्शन पर बैठी रिसेप्शनिस्ट की तरफ देखा और सीधे उसके पास जाकर बोली, मुझे, मुझे मान. के पास जाना है।

इतना कहते हुए लगभग से उसका गला सूखा हुआ था. वही रिसेप्शनिस्ट, जो उसे अजीब सी नजरों से देख रही थी, वह उसकी तरफ देखते हुए बोली, कौन मान. और आप हैं कौन? जरा बताएंगे मुझे? उसकी बात सुनकर अश्की को अब जाकर होश आया कि यहां तो उसे कोई कुछ खास जानता नहीं. इसीलिए वह जल्दी से बोली, मैं Mister अरमान त्रेहान के बारे में बात कर रही हूं. मैं पत्नी हूं उनकी। जैसे ही अश्की ने यह बात कही, उस रिसेप्शनिस्ट ने पूरी तरह से दांत पीस लिए. वह गुस्से से बोली, कुछ भी बकवास किए जा रही हो तुम.

हमारे बॉस की अभी तक शादी नहीं हुई है और तुम कह रही हो कि तुम्हारी उनसे शादी हुई है. तुम पत्नी हो उनकी। वहीं अश्की, जिसकी आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा था, उसे चक्कर भी आ रहे थे. वह जिन हालातो में यहां पर पहुंची थी, वही जानती थी कि वह वहां पर कैसे पहुंची है और किन हालातो में पहुंची है. एक बात सोचते हुए कि अरमान यहां से चला जाएगा, यह सोच- सोच कर इस वक्त उसकी जान निकले जा रही थी. उसे अपनी सेहत का भी ख्याल नहीं था. उसे बस इतना ख्याल था कि अगर अरमान यहां से चला गया, तो वह सांस तक नहीं ले पाएगी.

रिसेप्शनिस्ट अब अपनी सीट पर से उठी और अपने रिसेप्शनिस्ट एरिया से बाहर निकलते हुए उसके पास आई. वह उसका हाथ पकडने को हुई कि तभी अश्की ने उसका हाथ पकडा और लगभग से मरोडते हुए उसकी पीठ पर लगाते हुए बोली, मुझे हाथ लगाने की गलती मत कर देना. अगर तुम्हारे बॉस को पता चल गया ना, तो तुम्हे यहीं पर गाढ देगा, समझी। इतना कहते हुए लगभग से अश्की ने उसे आगे की तरफ धकेल दिया था. वही रिसेप्शनिस्ट तो बस उसकी तरफ देखते ही रह गई. इतनी भोली भाली दिखने वाली लडकी इस तरह से उसके साथ पेश आएगी, उसने कभी सोचा भी नहीं था.

वही अश्की तो खुद नहीं समझ पा रही थी कि आखिर उसमें इतनी जान आई कहां से. इस तरह से रिसेप्शनिस्ट की बाजू मरोडना, वह तो कभी ऐसी थी ही नहीं और आज उसने एक रिसेप्शनिस्ट की बाजू मरोडी थी. वह भी किसके लिए, अरमान के लिए और अब वह उसकी तरफ देखते हुए बोली, मुझे मेरे मान. के पास जाना है, बताओ कहां से जाऊं?

तभी वह रिसेप्शनिस्ट, जिसका हाथ अश्की ने मरोडा था, वह गुस्से से कांपते हुए बोली, यह क्या बदतमीजी है? कोई भी ऐसे मुंह उठाकर यहां पर चलाएगा और मैं उसका मुंह देखते रह जाऊंगी। तभी वह गुस्से में चिल्लाई, गार्ड्स! गॉड्स! कम हेयर, इस लडकी को यहां से बाहर निकाल कर फेंको।

वह लडकी, जिसका नाम मीनाक्षी था, उसके कहने पर गार्ड जल्दी से अंदर की तरफ आए. जैसे ही गार्डों की नजर अश्की पर गई, वह अपनी जगह पर खडे- खडे सुन्न रह गए, क्योंकि इन गार्डों की ड्यूटी त्रेहान farmhouse कई बार लग चुकी थी. जिससे यह अश्की को बहुत अच्छी तरह से पहचानते थे. जैसे ही उन गार्ड्स ने अश्की को वहां पर देखा, वह तो अपनी जगह पर जैसे खडे- खडे freez हो चुके थे. वहीं मीनाक्षी, जोकि अश्की को देखकर गुस्से में पूरी तरह से पागल हुए जा रही थी, वह गार्डों की तरफ देखते हुए बोली, देख क्या रहे हो? इसे निकलो यहां से! वही अश्की अपनी बाहों में बाहें फंसा कर आराम से खडी हो गई. जैसे उसे इस चीज से कोई फर्क ही नहीं पड रहा हो.

अश्की को इतना आराम से खडा हुआ देखकर मीनाक्षी हैरानी से उसकी तरफ देखने लगी थी. आखिर अश्की के अंदर इतना कॉन्फिडेंस कैसे आया कि वह गार्डों के सामने भी बडे आराम से खडी थी. तभी अश्की उन गार्डों की तरफ देखते हुए बोली, इस लडकी को उठाकर बाहर फेंको और मुझे यह बताओ कि तुम्हारे बॉस कहां पर है? जैसे ही अश्की ने यह बात कही, मीनाक्षी को उन गार्डों ने जल्दी से पकड लिया. फिर उसकी तरफ देखते हुए बोले, मैम, वह टॉप फ्लोर पर है. कुछ ही देर में रशिया के लिए निकलने वाले हैं। जैसे ही उन्होंने यह बात कही, अश्की का दिल धक सा रह गया.

उसे तो जैसे सांस आना ही भूल गया था. वह जल्दी से बोली, ऊपर जाने का रास्ता कहां से है? उन गार्ड्स ने उन्हें लिफ्ट की तरफ इशारा किया, जो कि अरमान की पर्सनल लिफ्ट थी. अब अश्की जल्दी से उस लिफ्ट में चली गई. वहीं मीनाक्षी तो बस चिल्लाते रह गई. वह गुस्से में उन गार्डों को चिल्लाते हुए बोली, तुम्हारा दिमाग तो नहीं खराब हो गया. उसको पकडो, पता नहीं कहां से पागल आई है। वह गार्ड्स अब मीनाक्षी की तरफ देखते हुए उसे घूरते हुए बोले, तुम्हें पता भी है, वह कौन है?

मीनाक्षी गार्ड्स की तरफ मुंह बनाते हुए बोली, मैं नहीं जानती, लेकिन वह ऐसे कैसे हमारी कंपनी। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी गार्डों ने उसे दरवाजे तक लाकर बाहर की तरफ धक्का दिया. जिससे मीनाक्षी पूरी तरह से लडखडा गई और हैरानी से गार्डों की तरफ देखते हुए बोली, तुम लोगों ने मुझे क्यों धक्का दे दिया? तभी गार्ड उसकी बात का जवाब देते हुए बोला, वह हमारी लेडी बॉस है, बेवकूफ। जैसे ही उन गार्ड्स ने यह बात कही, मीनाक्षी अपनी जगह पर खडी- खडी सुन्न रह गई.

वहीं दूसरी तरफ,

अश्की, जो की लिफ्ट में थी, इस वक्त उसके चेहरे का रंग पूरी तरह से पीला पडा हुआ था रह रहकर उसकी आंखों के सामने अरमान का चेहरा घूम रहा था, जो हर वक्त एक्सप्रेशन लैस रहता था. स्माइल तो कभी उसके फेस पर अश्की ने ठीक से देखी ही नहीं थी. उसे चेहरे पर मुस्कुराहट देखने के लिए अश्की हर वक्त तडपती थी. वही जानती थी कि एक मुस्कुराहट अरमान की कितनी ज्यादा महंगी थी. लेकिन उसने कभी अरमान पर यह चीज जाहिर नहीं होने दी थी. वह हर वक्त उसके चेहरे पर एक मुस्कुराहट देखने तक के लिए तरसती थी.

पर अब, अब तो ऐसा लग रहा था, जैसे वह अरमान को देखने के लिए ही तरस जाएगी. तरस क्या, वह तो अरमान के बिना मर ही जाएगी. हर बढते पल के साथ जैसे- जैसे लिफ्ट ऊपर की तरफ जा रही थी, वैसे- वैसे अश्की की सांस मध्यम पडती जा रही थी. कुछ ही देर में उसकी लिफ्ट टॉप फ्लोर पर आकर रुकी. टॉप फ्लोर पर रुकते ही वह जल्दी से बाहर की तरफ भागी और भागते ही उसने सामने की तरफ देखा, जहां पर मैन केबिन था. देखते ही वह समझ गई थी कि वह अरमान का केबिन होगा, क्योंकि वही केबिन सबसे ज्यादा लग्जरियस था. एक ही केबिन था. दूसरा केबिन तो बस एक छोटा सा ऑफिस की तरह बना हुआ था, जो कि शायद जावेद के लिए था.

दूसरा टॉप फ्लोर के रिसेप्शनिस्ट एरिया पर भी इस वक्त कोई नहीं था. वह जल्दी से अंदर की तरफ भागी. लेकिन जैसे ही उसने दरवाजा खोला, तो वहां पर किसी को न देखकर अश्की की सांस उसके हलक में अटक गई. अब उसकी सांस जैसे रुकती हुई महसूस हो रही थी. दिमाग पूरी तरह से सन्न पडता जा रहा था और आंखों के आगे जैसे अंधेरा छाने लगा था.

वह रोते हुए खुद से बोली, नो, नो, नो. मान.

आप, आप मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते. आप मुझे छोडकर नहीं जा सकते, बिल्कुल भी नहीं. मैं आपको ऐसा बिल्कुल नहीं करने दूंगी, नहीं करने दूंगी मैं आपको ऐसा। इतना कहते हुए लगभग से उसने अपने बालों को पकड लिया था और उन्हें जैसे नोचने में लग गई थी. क्योंकि इस वक्त उसका दिमाग पूरी तरह से खराब हो चुका था.

लेकिन तभी उसके दिमाग में नीचे खडे गार्ड जो कहा था, उसे वह याद आया. उसे याद करते ही अश्की की आंखें बडी हो गई, क्योंकि उसे गार्ड ने साफ- साफ कहा था कि अरमान टॉप फ्लोर पर होगा और कभी भी रसिया के लिए निकल सकता है. अब एक बार फिर से उसने लिफ्ट की तरफ दौड लगा दी. लेकिन जैसे ही वह लिफ्ट के पास पहुंची, वैसे ही लिफ्ट जैसे अपनी जगह पर रुक गई. उसने दो- तीन बार लिफ्ट को चलाने की कोशिश की, लेकिन लिफ्ट चल ही नहीं रही थी. लिफ्ट चल नहीं रही थी या फिर कोई और प्रॉब्लम हो गई थी, यह तो भगवान ही जाने.

लेकिन नीचे खडी रिसेप्शनिस्ट, जो कि मीनाक्षी की Friend थी, उसने अश्की को साफ देखा था. उसके चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल थी. उस लडकी ने लिफ्ट नीचे से बंद कर दी थी. मीनाक्षी के साथ जब अश्की की बहस हो रही थी, तभी उस लडकी रिद्धिमा को अश्की पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था. अब उसने जैसे ही अश्की को ऊपर जाते हुए देखा, तो उसने नीचे से लिफ्ट बंद कर दी थी. अश्की, जोकि लिफ्ट की तरफ भाग रही थी, उसका दिमाग तो अब जैसे सुन्न ही पड गया था.

आखिर वह टॉप फ्लोर पर जाए कैसे और अब वह घुटनों के बल बैठकर बुरी तरह से रोने लगी. वह रोते हुए ही चिल्लाई. आखिर क्यों मेरे साथ ऐसा होता है? हर कोई मुझे छोडकर क्यों चला जाता है? पहले dad, फिर मॉम और अब मेरे मान.

क्यों भगवान, क्यों? आखिर मैंने आपका क्या बिगाडा है, जो मुझे मान से इस तरह से दूर कर रहे हैं, प्लीज। अभी वह खुद में बडबडा ही रही थी कि तभी वहां पर रिसेप्शनिस्ट, जो कि शायद कॉफी ब्रेक के लिए गई थी, वह अब वहां पर आई. वह शायद दूसरी तरफ कॉफी पीने गई थी. अब उसने अश्की को देखा, तो उसकी आंखें हैरत से फैल गई थी. किसी लडकी को इस तरह से टॉप फ्लोर पर देखकर उसे समझ नहीं आया कि आखिर वह लडकी यहां पर कर क्या रही है. कोई मामूली लडकी तो यहां पर पहुंच ही नहीं सकती थी.

इसीलिए वह रिसेप्शनिस्ट जल्दी से आगे की तरफ आई और अश्की के कंधे पर हाथ रखते हुए बोली, एक्सक्यूज मी मैम, क्या बात है? आप रो क्यों रही हैं और आप यहां पर कैसे आई? जैसे ही अश्की ने रिसेप्शनिस्ट को देखा और अब जाकर उसे जैसे उम्मीद की रोशनी मिली. अगले ही पल वह रिसेप्शनिस्ट का हाथ पकडते हुए जल्दी से अपनी जगह से खडी हुई और उसके आगे गिडगिडाते हुए बोली, मेरे, मेरे मान. कहां पर है? जैसे ही उसने मान. का नाम सुना, रिसेप्शनिस्ट के चेहरे पर कन्फ्यूजन भरे भाव आ गए. वह उसकी तरफ देखते हुए बोली, मैं कुछ समझी नहीं, मैम, आप किसको ढूंढ रही है?

उसकी बात सुनकर अश्की ने दोबारा से अपना सिर झटकाया, क्योंकि अब उसे दोबारा से याद आया कि यहां पर कोई भी अरमान को इस नाम से नहीं जानता था. इसलिए वह जल्दी से बोली, अरमान, Mister अरमान त्रेहान। अपने बॉस का नाम सुनकर उस रिसेप्शनिस्ट की आंखें बडी हो गई. वह लडखडाती हुई आवाज में बोली, यह क्या बोल रही हैं आप? क्या आपका बॉस के साथ कोई रिलेशन है या फिर आपको उन्होंने बुलाया है? आपकी कोई Meeting है उनसे? तभी अश्की उसके आगे हाथ जोडते हुए बोली, देखिए, मैं आपको हर एक चीज नहीं समझा सकती. बस इतना कहती हूं कि मैं उनकी पत्नी हूं और मुझे बस इतना बता दीजिए कि मेरा मान. कहां पर है, प्लीज?

अश्की को इस तरह से अपने आगे गिडगिडाता हुआ देखकर उस रिसेप्शनिस्ट के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए. उसे पता नहीं क्यों, अश्की को देखकर उस पर तरस आ रहा था. अब वह उसकी तरफ देखते हुए बोली, आप सच कह रही है ना, आप सच में उनकी Wife है. लेकिन अरमान sir ने कभी भी हमें नहीं बताया कि उनकी शादी भी हुई है। उसकी बात पर अश्की एक बार फिर से उसके आगे हाथ जोडकर बोली, मैं जानती हूं, यहां पर कोई नहीं जानता. लेकिन प्लीज, मुझे बता दीजिए. इससे पहले देर हो जाए, मुझे उनके पास पहुंचना है. बहुत जरूरी है मेरा उनके पास पहुंचाना, नहीं तो मैं उनके बगैर मर जाऊंगी. प्लीज, प्लीज, मेरी हेल्प कर दीजिए। वह लगभग से फूटकर रोने लगी और वहीं पर जमीन पर एक बार फिर से बैठ गई. अब उस रिसेप्शनिस्ट को खुद पर ही गुस्सा आ रहा था कि आखिर क्यों वह इतने सवाल अश्की से कर रही थी. उसकी मासूमियत देखकर ही पता चल रहा था कि अश्की गलत तो बिल्कुल भी नहीं थी.

अब उस रिसेप्शनिस्ट ने गहरी सांस ली और बोली, ऐसा करिए मैम, यह तो लिफ्ट बंद हो चुकी है. शायद कोई तकनीकी खराबी आ गई होगी. आप ऐसा करिए, सामने ही स्टेयर्स ऊपर की तरफ जाती है टॉप पर, सो आप वहां से चले जाइए। उस रिसेप्शनिस्ट को अभी यह नहीं पता था कि अश्की प्रेग्नेंट है. नहीं तो शायद वह लिफ्ट का कुछ जुगाड लगाकर अश्की को ऊपर की तरफ पहुंचा देती. लेकिन फिलहाल के लिए अश्की का ऊपर पहुंचना ज्यादा जरूरी था. जैसे ही अश्की ने यह बात सुनी, उसकी आंखों में एक अलग ही चमक आ गई. वह जल्दी से रिसेप्शनिस्ट के आगे हाथ जोडते हुए बोली, थैंक यू, थैंक You सो मच। इतना कहकर वह जल्दी से सीढियों की तरफ भागी.

अभी पहले से ही अश्की की सांस नॉर्मल नहीं हुई थी कि अब वह सीढियां चढने लगी. सीढियां भी कुछ ज्यादा नहीं थी, सिर्फ दो फ्लोर की सीढियां थी. अब कुछ ही देर में अश्की पूरी तरह से टेरेस पर पहुंच चुकी थी. जैसे ही अश्की टेरेस पर पहुंची, तो उसने देखा कि इस वक्त बारिश तेज हो चुकी थी. मौसम तो पहले ही खराब था, लेकिन अब बारिश तेज हो चुकी थी. जिस प्लेन में अरमान जाने वाला था, वह लगभग से अब उडने ही वाला था. अश्की तेजी से उस प्लेन की तरफ भागी, लेकिन उसकी छत ही इतनी बडी थी कि प्लेन तक पहुंचने में काफी टाइम लगने वाला था. लेकिन प्लेन तो जैसे अपनी उडान भर ही चुका था. वह लगभग से जमीन से काफी ऊपर तक उड चुका था.

जैसे ही प्लेन थोडा सा और ऊपर उडा, अरमान की नजर अश्की पर गई. अब उसकी आंखें बडी हो गई, दिल धक सा रह गया. जिस तरह से अश्की उसके पीछे अब एक बार फिर से भागते हुए आई थी, उसका दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था. वह तो अश्की को फार्म हाउस में सोता हुआ छोड कर आया था. उसने गार्डों को साफ हिदायत दी थी कि किसी भी हालत में अश्की को घर से बाहर ना निकलने दे. लेकिन अश्की फिर भी पता नहीं Kiss तरीके से गार्ड से बचते बचाते वहां पर पहुंच चुकी थी.

इस वक्त बारिश भी हद से ज्यादा तेज हो चुकी थी. अश्की पूरी तरह से भीग चुकी थी. वह जल्दी से प्लेन के पास आई. लेकिन प्लेन दस फीट ऊपर की तरफ उड चुका था. वह जोर से चिल्लाई, मान.

प्लीज, मुझे छोडकर मत जाइए. मैं मर जाउंगी आपके बिना, मुझे नहीं चाहिए यह बच्चा, मुझे सिर्फ आप चाहिए हो. प्लीज, नीचे आ जाइए. प्लीज, इस प्लेन को रोक दीजिए। वही अरमान, जो कि इस वक्त प्लेन में बैठा हुआ था, वह जल्दी से खडा होकर दरवाजे के पास आया और दरवाजा खोलने को हुआ. लेकिन उसके हाथ वहीं पर रुक गए. उसने अपनी आंखों को कसकर बंद कर लिया और खुद से ही बोला, नहीं, मैं ऐसा नहीं कर सकता.

मुझे उससे दूर जाना होगा, नो.

वह आज भी वही है. यह वही है, जिसके बाप की वजह से मेरी मां के साथ इतना कुछ हुआ. नो, नो, नो, मै ऐसा नहीं कर सकता। तभी अश्की की आवाज एक बार फिर से उसके कानों में गई.

अगर आप चले गए, तो एक बात याद रखिएगा, मान.

मुझे कभी जिंदा नहीं देख पाएंगे। अश्की ने इतना ही कहा था कि अरमान की आंखें बडी हो गई. उसे ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसके दिल की धडकन ही रोक दी हो.

To be continue.

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