
त्रेहान farmhouse,
अरमान इस वक्त सोफे पर बैठा ड्रिंक पर ड्रिंक कर रहा था. उसकी गहरी नजरे बेड पर लेटी हुई अश्की पर थी. इस बीते भर की लडकी ने अरमान का दिमाग पूरी तरह से उडा रखा था. जो पूरी दुनिया का दिमाग उडाने का दम रखता था, उसे पूरी तरह से इस छोटी सी हाईट की लडकी ने पागल कर रखा था. इस वक्त उसका दिमाग इस हद तक उडा हुआ था. जिस तरह से उसने अश्की को अपने पीछे भागते हुए देखा था, वही जानता था कि उसका दिल Kiss हद तक अब जल रहा था.
वह खुद से ही दांत पीसते हुए बोला, मैं जानता हूं कि यह सब तुम्हारा ड्रामा है और कुछ नहीं. कोई तुम मुझसे प्यार नहीं करती. अगर मुझे इश्क करती, तो बच्चे को नहीं, मुझे चुनती. लेकिन तुमने फिर से पास्ट को दोहरा दिया मुझे न चुनकर. तुम मुझसे प्यार कभी कर ही नहीं सकती, ना अब, ना तब। इतना कहते हुए वह लगातार ड्रिंक करते हुए गहरी नजरों से अश्की को देखे जा रहा था. तकरीबन एक घंटा वहां पर बैठे वह ड्रिंक पर ड्रिंक करता रहा, लेकिन उसकी बेचैनी बिल्कुल भी कम नहीं हो रही थी.
उसने जो ड्रिंक की हुई थी, वह पूरी तरह से जैसे बेअसर हो रही थी. वो Kiss हद तक बयां कर रही थी, यह उसकी आंखों का दर्द ही बयां कर रहा था. वह वैसे ही अपनी जगह से खडा हुआ और अश्की को अपनी गहरी नजरों से देखते हुए बोला, तुम सिर्फ मेरे दिल को पागल बनाना जानती हो, और कुछ नहीं. यह दिल तुम्हारे लिए हर बार पागल बन जाता है, लेकिन नो बच्चे, नॉट दिस टाइम.
इस बार तुम्हारी इस मासूमियत की चाल में मैं नहीं फंसने वाला। इतना कहते हुए अरमान का चेहरा एक बार फिर से सख्त पड चुका था. अब वह अपनी जगह से खडा हुआ और बाहर की तरफ आ गया, क्योंकि वहां पर शराब लगभग से खत्म हो चुकी थी. अब वह बाहर की तरफ आया और बाहर एरिया में जाकर वहां पर ड्रिंक करने लगा. उसने इतनी ज्यादा ड्रिंक कर ली थी कि अब उसकी आवाज भी हल्की- हल्की लडखडाने लगी थी.
हालांकि उसने कुछ देर पहले जावेद को कहा था कि वह कुछ ही देर में आ जाएगा, लेकिन अब उसे दो घंटे बीत चुके थे. ना तो वह जावेद का फोन उठा रहा था और ना ही कोई जवाब दे रहा था कि उसे रशिया जाना भी है या नहीं.
दूसरी तरफ अश्की, जो कि बेड पर लेटी हुई थी, अब उसकी आंखें हल्की- हल्की फडफडाने लगी. उसे अपने पैरों में दर्द हो रहा था. जब वह गाडी से निकलकर भागी थी, तो उसके पैर हल्के हल्के जल गए थे. क्योंकि उसकी चप्पल तक गाडी में टूट गई थी. क्योंकि जिस रफ्तार में वह गाडी से निकली थी, तो दरवाजे में अटक कर उसकी एक चप्पल पूरी तरह से टूट चुकी थी जितना वह आगे तक जा चुकी थी, तकरीबन दस मिनट तो उसे भागते हुए ही अरमान तक पहुंचने को लगे थे. जिस वजह से उसके पैरों में लगभग से छाले पड चुके थे.
उसकी आंखें अब हल्की- हल्की फडफडाने लगी और धीरे- धीरे कर उसने अपनी आंखें खोली. उसकी नजर कमरे को देखते ही पहचान गई कि वह इस वक्त त्रेहान फार्म हाउस में है. खुद को त्रेहान farmhouse मैं पाकर अश्की का दिल जैसे धडकना ही भूल गया. अगले ही पल वह तेजी से अपनी जगह से उठी और इधर- उधर कमरे में देखने लगी. जब उसे अरमान कहीं नजर नहीं आया, तो उसकी जान जैसे उसके हलक में आ गई. उसे लगा कि अरमान उसे छोडकर चला गया. यह चीज सोचते ही वह बिलख- बिलख कर उस बेड पर रोने लगी. अगले ही पल पागलों की तरह एक बार फिर से बेड पर से उठी और बाहर की तरफ आई.
लेकिन अभी भी उसे अरमान दिखा नहीं था, क्योंकि बार थोडा सा आगे की तरफ था. जिस वजह से एक Room के साथ वह हाइड हो जाता था. इसीलिए अरमान अभी तक उसे दिखाई नहीं दिया था. वही अरमान अभी भी बार पर बैठा ड्रिंक ही कर रहा था, क्योंकि उसकी आंखों के सामने बार- बार अश्की का भाग कर आना और उसके गले से लग जाना घूम रहा था ऊपर से जिस तरह से उसने बच्चे को चुना था, यह चीज उसके दिमाग में और भी ज्यादा सुन्न कर रही थी.
अरमान को तो समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर अश्की है क्या? कभी तो उसे लगता था कि अश्की सच में उसे इश्क करती है. तो कभी उसे लगता था कि शायद अश्की ड्रामा कर रही हो. आज जिस तरह से उसने बच्चे को चुना, उसे देखकर तो ऐसा ही लग रहा था कि अश्की उसे इश्क करती ही नहीं. लेकिन जिस तरह से अश्की भाग कर अरमान के पीछे आई थी, उसे देखकर अरमान का दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था. उसे तो अश्की अब समझ में आना ही बंद हो चुकी थी. ऊपर से जिस तरह से उसने इस वक्त ड्रिंक की हुई थी, अब उसका दिमाग वैसे भी काम करना बंद करने लगा था.
वहीं अश्की, जोकि हाल में खडी थी, अब वह और भी तेजी से रोते हुए लगभग से चिल्लाने को हुई. तभी उसकी नजर साइड में बने हुए बार एरिया पर गई. बार एरिया में जैसे ही उसने अरमान को देखा, तो उसकी आंखें और भी तेजी से बरसने लगी. वह तेजी से भागते हुए बार एरिया में आई और देखते ही देखते वह अरमान के बिल्कुल करीब आकर खडी हुई. दूसरे ही पल उसने पीछे से अरमान को अपनी बाहों में भर लिया. जैसे ही अरमान को उसने अपनी बाहों में भरा, अरमान की आंखें बडी हो गई. एक बार फिर से उसकी धडकनों की स्पीड बढ चुकी थी.
वहीं अश्की फूट- फूट कर रोते हुए बोली, मुझे नहीं चाहिए कुछ भी, मुझे नहीं चाहिए यह बच्चा, मुझे सिर्फ आप चाहिए. आप चाहिए मुझे, मैं आपसे इश्क करती हूं. नहीं जी सकती मैं आपके बिना.
बस अश्की की यह बात सुनकर एक पल के लिए अरमान का दिल भी धक सा रह गया. एक पल के लिए वह पूरी तरह से ब्लैंक पड चुका था. ऐसा लग रहा था कि अरमान का दिमाग ही सुन्न पड गया हो. दिल की धडकन हद से ज्यादा बढ चुकी थी. उसने अब पलट कर अश्की की तरफ देखा, जो लगभग से रोए जा रही थी. अरमान जिसने अब हद से ज्यादा ड्रिंक कर ली थी, वह एक टक अश्की के चेहरे को देख रहा था. जो रोने की वजह से हद से ज्यादा लाल था. उसकी वह लाल नाक, जिससे अब पानी बहने को हो रहा था. उसे देखते हुए आज अरमान को उस पर हद से ज्यादा प्यार आ रहा था. अब जिस तरह से अश्की ने एक बात कही थी कि उसे अब सिर्फ अरमान चाहिए.
यह चीज अरमान का दिल और भी ज्यादा धडका गई थी. उसने अश्की की तरफ देखा, लेकिन कहा कुछ नहीं अगले ही पल उसने अश्की को गोद में उठा लिया. जैसे ही उसने अश्की को गोद में उठाया, तो उसके कदम एक पल के लिए लडखडा गए. उसको लडखडाता हुआ देखकर अश्की की पकड उसके कंधों पर कश गई. वह अपनी धीमी सी आवाज में बोली, प्लीज, मुझे नीचे उतार दीजिए, मान.
हम गिर जाएंगे.
उसकी बात पर अरमान ने उसके चेहरे की तरफ देखा, तो अश्की बिल्कुल चुप हो गई. उसके अंदर तो इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि वह अरमान के आगे कुछ कह सके. पता नहीं वह कैसे इतना कुछ अरमान के आगे कह गई. लेकिन अरमान को देखते ही उसके दिल की धडकन इस कदर तेज हो जाती थी कि उसकी जुबान खुद ब खुद बंद हो जाती थी. वही अरमान लगातार उसके चेहरे की तरफ देख रहा था. आज उसकी आंखों में अनकहे जज्बात, जो कब से उमड रहे थे, वह जैसे उनकी आंखों से बाहर आने को हो रहे थे.
लेकिन उसने उन्हें बाहर आने नहीं दिया. अब वह लडखडाते हुए कदमों से अश्की को लेकर कमरे में आया और कुछ ही देर में उसने अश्की को बिस्तर पर लेटाया. बिस्तर पर लेटते ही अश्की एक बार फिर से बेचैन हो उठी. अरमान अब उसके सिर पर हाथ फेरते हुए बोला, सो जाओ। उसको अपने सिर पर हाथ फेरता हुआ देख अश्की को एक पल के लिए राहत तो मिल रही थी, लेकिन अंदर ही अंदर डर के मारे उसकी हालत खराब भी हो रही थी कि कही सोने के बाद अरमान उसे छोडकर ना चला जाए.
अरमान उसकी आंखों में उसकी बेचैनी साफ देख सकता था. लेकिन उसने अश्की से कुछ नहीं कहा. अब उसने गहरी सांस ली और उसके सिर को सहलाते हुए गहरी आवाज में बोला, आई सेड क्लोज योर आइज और गेट स्लीप।
फिर दोबारा से उसके सिर पर आराम से हाथ फेरने लगा. लेकिन तभी अश्की उसका हाथ पकडते हुए बोली, आप, आप मुझे छोडकर तो नहीं जाएंगे ना. उसकी बात पर कुछ देर अरमान ने उसके चेहरे की तरफ देखा, जहां पर कुछ देर पहले जो सुकून पसरा हुआ था, वह एक बार फिर से तार तार होता हुआ नजर आ रहा था. जो की बेचैनियों से भर चुका था. अब फिर से अश्की की आंखें और दिल अरमान के लिए तडपने लगा था.
अरमान ने उसे देखा, लेकिन उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया. वह फिर से गहरी आवाज में बोला, मैंने कहा, सो जाओ. अब आखरी बार बोल रहा हूं। इतना कहकर उसके सिर को सहलाने लगा. अश्की बेचैन तो थी, लेकिन अरमान के इतनी बार कहने पर अब वह कैसे ही उसकी बात टाल सकती थी. इसीलिए उसने अपनी आंखें बंद कर ली और सोने की कोशिश करने लगी. लेकिन बेचैनियां कहां ही उसे सोने दे रही थी. ना चाहते हुए भी उसकी आंखें थोडी देर बाद खुल रही थी. उसकी आंखें बार- बार खुलता हुआ देखकर अरमान की एक eye ब्रो ऊपर की तरफ उठ गई.
उसकी आइब्रो को ऊपर की तरफ उठता हुआ देखकर अश्की उसकी तरफ देखते हुए बोली, प्लीज, एक बार कह दीजिए ना मान. कि आप मुझे छोडकर नहीं जाएंगे। उसकी बात को अरमान ने एक बार फिर से पूरी तरह से नजर अंदाज करते हुए डोमिनेटिंग वॉइस में कहा, मैंने कहा ना, सो जाओ। उसकी डोमिनेटिंग वॉइस को सुनकर अश्की के रोंगटे खडे होने लगे थे. इसलिए उसने जल्दी से अपनी आंखें बंद कर ली. वह बेचैन तो थी, लेकिन जिस तरह से सुबह से उसका हाल अरमान ने कर रखा था और ऊपर से शादी का बखेडा, इन सब में वह इतना उलझ गई थी कि एक पल के लिए भी वह सो नहीं पाई थी.
ऊपर से वह हद से ज्यादा थक चुकी थी. इसीलिए कुछ ही देर में उसे नींद आ गई उसके सोते ही अरमान ने उसे गहरी नजरों से देखा. फिर उसकी नजरें उसके पेट पर आकर ठहर गई. लेकिन उसने इस वक्त कोई रिएक्ट नहीं किया. उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था, लेकिन उसके दिमाग में ऐसा लग रहा था, जैसे कुछ ना कुछ तो चल रहा था.
वहीं दूसरी तरफ,
मुंबई के एक होटल में,
गौरव और हंसिका इस वक्त एक Room में एक दूसरे के साथ लड रहे थे. इस वक्त हंसिका का चेहरा गुस्से से कांप रहा था. वह गौरव की तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोली, यह सब गलती तुम्हारी है. अगर तुम टाइम पर उस लडकी को Kidnap करके यहां से ले जाते, तो आज हमारी यह हालत न होती और शादी, शादी इस माय फुट! मैं यह शादी कभी नहीं मानूंगी और मैं तुम्हें अपना पति कभी नहीं समझूंगी, यह बात याद रखना तुम। तभी गौरव भी चिखते हुए बोला, तो मैंने कौन सा तुम्हें अपनी पत्नी मान लिया है. मैं भी तुमसे शादी नहीं मानता और रही बातें शादी की, तो आज नहीं तो कल टूटनी तो है ही. इसीलिए डिवोर्स की तैयारी कर लो. मुझे तुम्हें डाइवोर्स देना है।
उसकी बात पर हंसिका दांत पीसते हुए बोली, वह तो अब मैं तुम्हें बहुत जल्दी दूंगी और तुम अपनी तैयारी करो. मेरी तैयारी की चिंता मत करो, पहले तो मैं तुम्हें और तुम्हारी उस अश्की को यहां से दफा करूंगी. बिकॉज मेरे और अरमान के बीच कोई नहीं आ सकता. उसके लिए चाहे मुझे तुम्हारी उस अश्की की जान ही क्यों ना लेनी पडे। जैसे ही हंसिका ने अश्की की जान लेने की बात की, तो गौरव ने उसका गला तेजी से पकड लिया और गुस्से से कांपते हुए बोला, अगर उसे एक खरोच भी आई ना, तो तुझे जिंदा जमीन में गाडने का दम रखता हूं. फौजी हूं मैं, यह बात याद रखना।
जिस तरह से उसने हंसिका का गला पकडा था, हंसिका की आंखें लगभग से बाहर आने को हो रही थी. उसकी सांसे उसके गले में अटक चुकी थी. वो अपने होंठों को खोल कर अपने होंठों से हवा बाहर छोडते हुए बोली, तुम पागल हो गए हो, तुम इस तरह से मेरे साथ बिहेव नहीं कर सकते. मैं तुम्हें छोडूंगी नहीं। उसकी बात सुनकर गौरव ने अपनी पकड उसके गले पर और भी ज्यादा कस दी. जिससे हंसिका को ऐसा लगा, जैसे उसकी जान कभी भी उसके बदन से निकल जाएगी. वह अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली, छोडो मुझे, पागल हो गए हो क्या? अगर मुझे कुछ हो गया, तो तुम्हें तुम्हारी अश्की कभी नहीं मिलेगी. यह बात याद रखना, छोडो मुझे। उसकी बात सुनकर अगले ही बोल गौरव ने उसकी गर्दन को छोडा.
जैसे ही गौरव ने उसकी गर्दन को छोडा, हंसिका जोरों जोरों से खांसने लगी. उसे तो सांस लेने में भी हद से ज्यादा तकलीफ हो रही थी. वह जोर- जोर से अंदर की तरफ हवा खींचते हुए सांस लेने की कोशिश कर रही थी. गौरव ने तो हद कर दी थी. जिस तरह से उसने हंसिका का गला पकडा हुआ था. गौरव ने इस बार हद पार कर दी थी. अगर कुछ देर हंसिका का गला और पकडे रखता, तो हो सकता था कि हंसिका अब जिंदा ना होती.
वहीं गौरव की गहरी नजरे अब भी हंसिका पर बनी हुई थी. वह दांत पीसते हुए बोला, तुम्हारी जान सिर्फ इसलिए बख्शी है, क्योंकि तुम एक सीढी हो मेरी अश्की तक पहुंचने के लिए, वरना अभी तुम्हें जिंदा जमीन में गाढ देता मैं. मुझे मेरी अश्की किसी भी हाल में चाहिए और उसे पाने के लिए मुझे किसी भी हद तक जाना पडे, तो मैं जाऊंगा. अगर तुमने उसे हल्की सी भी खरोच पहुंचाई, तो उस दिन तुम्हारा जिंदगी का काउंटडाउन शुरू हो जाएगा, यह बात याद रखना।
इतना कहते हुए उसने चुटकी बजाकर हंसिका की तरफ अपनी उंगली पॉइंट की और वार्निंग भरी नजरों से हंसिका को देखा. दूसरी तरफ हंसिका का चेहरा अब नॉर्मल हो चुका था. उसकी सांसे अभी भी गहरी चल रही थी, लेकिन फिर भी अब काफी हद तक वह नॉर्मल हो चुकी थी. वह गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए बोली, तुम यह अच्छा नहीं कर रहे हो. जानती हूं कि वह लडकी तुम्हारे लिए बहुत इंपॉर्टेंट है. लेकिन तुमने हंसिका को चैलेंज किया है और हंसिका कोई नॉर्मल लडकी नहीं है, यह तुम भी जानते हो। उसकी बात पर गौरव व्यंग्य से हंसा और उसके चेहरे पर अपना हाथ हवा में हिलाते हुए बोला, तुम जैसी औरतें सिर्फ एक अफवाह की तरह होती हैं, जो इस तरफ फैलाई जाती है, जैसे वह शेरनी हो. असल में होती वह भीगी बिल्ली है, जिस तरह से तुम हो। उसकी बात सुनकर हंसिका का चेहरा गुस्से से कांपने लगा.
वह गौरव की तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोली, जुबान संभाल के मेरे साथ बात करना, नहीं तो मैं तुम्हारा मुंह तोड दूंगी. अगर तुमने मेरे साथ फालतू की बात करने की कोशिश की तो। उसकी बात पर गौरव व्यंग्य से हंसा और बोला, तुम मेरा मुंह तोडोगी, पहले अपना मुंह संभालो, जो अभी कुछ देर पहले तुडवाने वाली थी मुझसे।
जहां गौरव और हंसिका लड रहे थे, वहीं दूसरी तरफ,
त्रेहान पैलेस में,
नियति जी इस वक्त हाल में इधर- उधर चक्कर काट रही थी. उसका चेहरा पूरी तरह से पीला पडा हुआ था. आज जो उसने कांड किया था, वह यह भी जानती थी कि अरमान अब उसे छोडने वाला नहीं है. तभी वास्तव जी उसके सामने आकर खडे हुए. वास्तव जी के भी चेहरे के रंग पूरी तरह से उडे हुए थे. उनका चेहरा भी पूरी तरह से पीला पडा हुआ था. नियति जी वास्तव जी की तरफ देखकर बोली, मुझे आपकी बातों में आना ही नहीं चाहिए था. आज जो हुआ है, उसके लिए अरमान पता नहीं हमारे साथ क्या करेगा.
अरे! वह लडकी अभी तक नहीं मिली है, जो हमारे कहने पर उस लडकी का विश्वास अरमान से उठाने गई थी. वह तो झूठी खाने गई थी कि उसकी शादी अरमान से होने वाली है. आज तक वह लडकी मिली नहीं है. वह क्या नाम था उस लडकी का, अरे! मैं तो उस लडकी का नाम भी भूल गई हूं। तभी वास्तव जी बोले, रश्मि था उसका नाम, और वह अरमान की दोस्त थी. मैंने ही उसे हायर किया था. लेकिन बेवकूफ लडकी अपनी इरादों में नाकामयाब हो गई. लेकिन हंसिका भी उसी की तरह निकली. वह चाहती तो अरमान को अपने काबू में कर सकती थी, लेकिन वह तो बिल्कुल ही बेवकूफ निकली.
अब हमें दोबारा से कुछ करना होगा। उसकी बात सुनकर नियति जी दोबारा से दांत पीसकर बोली, आपका दिमाग तो नहीं खराब हो गया है। तभी वास्तव जी उसकी तरफ देखकर बोले, चुप करो तुम, मुझे कुछ ना कुछ ऐसा करना होगा कि सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे. अगर अरमान से बचना है, तो हमें कुछ ना कुछ ऐसा करना होगा. नहीं तो इस बार अरमान जो करेगा, वह हम झेल नहीं पाएंगे, यह बात याद रखना, नियति। उसकी बात पर नियति जी भी अब चुप हो गई. जानती तो वह भी थी कि अरमान अब जो करने वाला था, उससे नियति जी और वास्तव जी पूरी तरह से हिलने वाले थे.
जिस तरह हंसिका इस वक्त बिन पानी की मछली की तरह झटपटा आ रही थी.
वहीं दूसरी तरफ,
सुबह के तकरीबन आठ बजे,
अरमान, जो अडकी के बगल में ही बैठा हुआ था, अब भी उसकी नजरें अश्की के चेहरे पर थी. वह सारी रात सोया नहीं था. लगभग से उसका अश्की के सिर को सहलाना जारी था. अब एक बार फिर से अरमान के फोन पर जावेद का Call आ रहा था. जावेद का Call देखकर अरमान ने गहरी सांस ली और फोन को उठाया
तभी जावेद बोला, boss, रशिया नहीं जाना है क्या?
उसकी बात पर अरमान ने एक नजर अश्की की तरफ देखा और अगले ही पल जावेद से बोला, मैं आ रहा हूं.
इतना कहते हुए उसकी नजरें अश्की पर बनी हुई थी.
To be continue.








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