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Pathar dil

Capital hospital,

अश्की इस वक्त अपनी जगह पर खडी सुन्न पड चुकी थी. अरमान ने जो उसके सामने सिचुएशन रखी थी, उसे ऐसा लग रहा था, जैसे अरमान ने उसके हलक में से उसकी जान ही बाहर निकाल ली हो. अश्की का दिमाग पूरी तरह से सुन्न पड चुका था. उसकी तो अरमान ने जैसे सोचने समझने की शक्ति ही छीन ली थी. अरमान ने उसके आगे खुद को या बच्चे को चुनने की शर्त रखी थी. अगर अश्की बच्चे को चुनती है, तो वो अश्की को छोड देगा और ये बात सुनकर अश्की का शरीर मानो उसका साथ छोड गया था.

अपनी जगह पर खडी- खडी जम चुकी थी. ना ही वह कोई हरकत कर रही थी और ना ही उसने एक पल के लिए भी अरमान से अपनी आंखें हटाई थी और ना ही उसने अपनी पलके झपकी थी. उसकी वह लाल आंखों में आंसू पूरी तरह से जम गए थे.

वही अरमान उसे लगातार गहरी नजरों से देख रहा था. अरमान ने एक बार फिर से उसे कमर से थाम कर अपनी तरफ खींचा, जिससे अश्की अरमान के सीने से जा लगी. लेकिन अभी भी उसके जिस्म में जान बिल्कुल भी नहीं थी. अब वह अरमान की आंखों में भी देख नहीं पा रही थी. उसकी आंखें जैसे एक जगह थम गई थी. अरमान अब उसके कान के पास झुका और एक गहरी सांस छोडकर बोला, फैसला जल्दी करो. मुझे तुम्हारे मुंह से जानना है कि आखिर क्या है तुम्हारा इश्क? बहुत तारीफ कर रही थी ना अपने इश्क की कि तुम्हें मुझसे इश्क हो गया है, तो मैं भी तो देखूं कि तुम्हारे दावे सच्चे थे या झूठे।

अश्की, जो कि अपनी जगह पर जमी खडी थी, उसे तो जैसे अरमान की बातें ही सुनाई देना बंद हो चुकी थी. जब अश्की ने कुछ देर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो अरमान की नजरे उसके चेहरे पर गहरी हो गई. उसका ना बोलना जैसे अरमान को अंदर तक और भी जलने पर मजबूर कर रहा था. उसकी खामोशी जैसे अरमान को बर्दाश्त नहीं हो रही थी. वह एक्सप्रेशन लेस चेहरा अब उस पर हल्का- हल्का गुस्सा आने लगा था, क्योंकि अश्की का ना बोलना उसके पत्थर से दिल को बेचैन कर रहा था.

अश्की खुद नहीं जानती थी, लेकिन अब अरमान को उससे फर्क तो पडने लग गया था. लेकिन यह चीज वह खुद मानना नहीं चाहता था. कुछ देर उसे यूं ही देखते रहने के बाद अरमान ने उसकी कमर को छोडा और पीछे की तरफ होते हुए बोला, जल्दी फैसला लो, अगर नहीं ले सकती.

इससे आगे वह कुछ बोलता कि अश्की की बात सुनकर अरमान की धडकन एक पल के लिए स्किप हो गई. उसका चेहरा पूरी तरह से सख्त पड गया, क्योंकि अश्की ने बेहद धीमी लेकिन सटीक आवाज में एक ही बात कही. मुझे यह बच्चा चाहिए।

बस अब बारी अरमान की थी अपनी जगह पर जमने की. अरमान की सांस गहरी हो गई थी और आंखें लाल. आज दूसरी बार था, जब उसे अपने अंदर एक अजीब सा खालीपन, जो शायद अश्की के आने से भरने लगा था. वह दोबारा से कौंधने लगा था. बरसों की तडप एक बार फिर से जाग चुकी थी, जो शायद अश्की के आने के बाद अरमान भूलने लगा था. पर अब अश्की ने जो फैसला लिया था, उसे सुनकर अरमान का दिल ही नहीं उसकी रूह तक जल गई थी. अब उसने अपने कदम पीछे की तरफ लेने शुरू किए.

जिस तरह से अरमान ने अपने कदम पीछे की तरफ लेने शुरू किए थे, अश्की का दिल धक सा रह गया था. पहले तो वह अपनी जगह पर जम चुकी थी, लेकिन अब उसे पता नहीं क्यों, ऐसा लग रहा था, जैसे उसने एक गलत डिसीजन ले लिया हो. उसे यह बच्चा भी चाहिए था. वह नहीं चाहती थी कि अरमान उसे छोडे. उसके दिल में यह बात थी कि शायद अरमान बच्चे के मोह में आकर पिघलने लगे. शायद एक न एक दिन अरमान पिघल ही जाता. लेकिन अब जो अरमान के चेहरे पर भाव थे, उसे देखकर अश्की का दिल धडकने से इनकार करने लगा था.

वह पिछले एक महीने से अरमान के साथ थी. लेकिन अरमान की यह साइड उसने कभी नहीं देखी थी. जिस तरह अरमान चुपचाप पीछे की तरफ जा रहा था, उसे देखकर अश्की की सांसों ने जैसे थमना शुरू कर दिया था. वह आगे कुछ कहने को हुई कि तभी अरमान चिल्ला कर बोला, जस्ट शट अप.

तुम्हें, तुम्हें कोई इश्क नहीं था मेरे साथ. अगर होता, तो आज तुम मुझे चुनती। अब अरमान उसकी तरफ देखते हुए हल्का सा व्यंग्य से हंसा. उसके हंसने में इतनी ज्यादा तडप थी कि अश्की के दिल को चीर रही थी. अश्की उसकी तडप साफ महसूस कर सकती थी. वह जल्दी से उसके पास आई और उसका हाथ पकडने को हुई कि तभी अरमान ने अपना हाथ पीछे की तरफ खींच लिया. वह गुस्से से चिल्लाते हुए बोला, दूर रहो मुझसे, तुम भी सब की तरह हो. सबने मुझे छोड दिया, क्योंकि मैं बुरा था और मैं बुरा ही रहूंगा. कोई अरमान त्रेहान को नहीं बदल सकता. no buddy can change Armaan trehaan, no buddy. ना। कहते हुए अरमान ने अब उसकी तरफ देखा और अपनी ऊंगली उसकी तरफ पॉइंट करते हुए बोला,

You, तुमने क्या सोचा कि मेरे दिल के साथ खेलोगी और मुझे तोडकर तबाह करके चली जाओगी. नहीं, तुम आज भी अरमान त्रेहान के दिल के साथ नहीं खेल सकती. जैसे एक बार पहले खेल कर गई थी और इस बार अरमान त्रेहान तुम्हें खुद के साथ खेलने नहीं देगा. अरे! अरमान त्रेहान तो वह आग है, जो अपने दुश्मन को जलाकर खाक कर दे. लेकिन तुमने अच्छी दुश्मनी निकाली मेरे साथ.

जानता था, जो तुम अपने इश्क का अलाप लापती फिरती हो ना, यह सब एक झूठा आईना है. जो कभी सच नहीं हो सकता. तुम आज भी झूठी हो और तुम कल भी झूठी थी। उसकी बात सुनकर अश्की जो उसे देखे जा रही थी, उसे पता नहीं क्यों एक अजीब सी फीलिंग अरमान से आज आ रही थी. जिस तरह से अरमान उसके सामने उसे झूठी कह रहा था, मक्कार कह रहा था, क्या पहले भी कभी अरमान उससे मिला था. यह बात उसके दिलों दिमाग में चल रही थी और दूसरा अरमान की टूटी हुई आवाज अश्की को अंदर तक जैसे हिला रही थी.

अरमान ऐसे ही करते हुए पीछे की तरफ दीवार से लग चुका था. उसका हाल देखकर अश्की का दिल बुरी तरीके से कांप रहा था. वह अब धीरे- धीरे कदमों से चलते हुए अरमान के पास आई और उसके गाल पर हाथ रखने को हुई. इस वक्त अरमान ने अपना चेहरा झुका रखा था, क्योंकि उसकी लाल आंखों में जैसे हल्की सी पानी की बूंद उतर आई थी. जो शायद वह अश्की को देखने नहीं दे सकता था. इसीलिए उसने अपना चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका लिया था.

अश्की जैसे ही उसके गाल पर हाथ रखने को हुई कि तभी अरमान ने उसका हाथ कसकर अपने हाथ में पकड लिया. अभी भी अरमान की निगाहें नीचे जमीन पर गडी हुई थी. अब अगले ही पल अरमान ने अश्की का हाथ जोर से नीचे की तरफ झटक दिया और बोला, मैंने पहले ही कहा था. तुमने वह मौका गवा दिया. अब तुम मेरा चेहरा तक नहीं देख पाओगी। इतना कहकर उसने अपनी आंखें ऊपर की तरफ उठाई और दोनों की आंखें आपस में मिल गई. आंखें मिलते ही अश्की का पूरा बदन जैसे ठंडा पड गया.

अरमान की आंखें आज आग उगल रही थी. वह आग, जो अश्की ने खुद लगाई थी. वह अब जल्दी से अरमान के चेहरे को अपने हाथों में भरते हुए ना में सिर हिलाते हुए बोली, नहीं नहीं, आप मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते. हमें, हम हमारा रिश्ता ठीक हो सकता है. हमारा बच्चा, यह हमारा बच्चा है मान.

मैं मैं मैं सब कुछ ठीक कर दूंगी. हम हम अपनी लाइफ में बहुत खुश होंगे, देखना मान। इतना कहते हुए लगभग से अश्की ने उसका हाथ पकडा और अपने पेट पर रखते हुए बोली, इसे महसूस कीजिए मान.

यह आपका खून है, आपका बच्चा. मुझे तो आप इतने प्यारे हैं. तो मैं कैसे आपके बच्चे को इस तरह से। इतना कहते हुए वह चुप हो गई. लेकिन उसकी आंखों में उसकी तडप साफ थी. पर अरमान के चेहरे को देखकर कहीं से भी यह नहीं लग रहा था कि वह पिघल रहा है. उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस था. वह अपनी बात कहकर बिल्कुल चुप हो गया था. उसकी नजरें लगातार अश्की पर थी, लेकिन मजाल थी, उसने अपने चेहरे पर कोई भी भाव लाए हो.

वह एक पत्थर की तरह अश्की की बात सुन रहा था. लेकिन उसे अश्की के कोई भी शब्द कहने से कोई फर्क नहीं पड रहा था. उसका वह चेहरा देखकर अश्की की जान और भी ज्यादा निकलती जा रही थी. वह अब बडे प्यार से उसके गालों को अपने हाथों में भरते हुए बोली, कुछ तो बोलिए ना मान, कुछ तो बोलिए. आपकी यह चुप्पी मुझे अंदर से खा जाएगी, प्लीज। इतना कहते हुए वह लगभग से अरमान के आगे गिडगिडाने पर मजबूर हो गई थी. अरमान की चुप्पी उसे किसी आने वाले तूफान का संकेत लग रही थी.

उसकी वह लाल आंखें बहुत कुछ जलाकर राख करने वाली थी. उसमें सबसे पहले तो जलने वाली थी अश्की खुद. अश्की तडप कर बोली, प्लीज, कुछ बोलिए. प्लीज, प्लीज, मैं आपके आगे हाथ जोडती हूं, मान.

लेकिन अरमान ने उसकी किसी भी बात का कोई जवाब नहीं दिया. वह पत्थर सा बनकर एक जगह पर खडा रहा. लेकिन अगले ही पल उसने अपनी पॉकेट से फोन निकाला और जावेद को Call लगा दिया. एक बेल पर ही जावेद ने फोन उठाया और दूसरी तरफ से जावेद की आवाज आई, जी बॉस।

तभी अरमान गहरी आवाज में बोला, rassia जाने के लिए प्लेन रेडी करो, अभी।

जैसे ही अरमान ने यह बात कही, अश्की का दिल धक सा रह गया. मानो अरमान ने जलता हुआ लावा उसके दिल पर डाल दिया हो. वह रोते हुए अब अरमान के कॉलर को पकडते हुए दांत पीसकर बोली, आप ऐसा नहीं कर सकते, मान.

आप ऐसा नहीं कर सकते, मान. आप मुझे छोडकर नहीं जा सकते।

जावेद, जो कि अभी भी Call पर था, उसने अश्की की आवाज साफ सुनाई दी थी और एक पल के लिए उसकी आंखें बडी हो गई थी.

वही अरमान अब गहरी आवाज में बोला, लगता है, तुम्हें सुनाई नहीं दिया, जावेद। जैसे ही जावेद को दोबारा से अरमान की आवाज सुनाई दी, तो जावेद जल्दी से बोला, जी boss. इतना कहकर उसने फोन काट दिया. वही अरमान ने अब अश्की का हाथ अपने हाथ में पकडा और उसे लेकर अस्पताल से बाहर अपने कदम बढा दिए.

गायनी वार्ड आज पूरी तरह से खाली था, जो हर वक्त भरा रहता था. वह शायद अरमान ने ही खाली करवाया था, वह भी सिर्फ बीस मिनट में. वही अरमान, जो कि उसका हाथ पकड कर आगे की तरफ ले जा रहा था, अब अश्की ने उससे हाथ छुडाते हुए बोली, मैं आपसे कुछ कह रही हूं, मान.

आप मुझे छोडकर नहीं जा सकते. मैं मर जाउंगी आपके बिना.

उसकी बात पर अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया. अब वह एक बार फिर से हाथ पकड कर खींचते हुए नीचे लेकर आया और देखते ही देखते वह दोनों Hospital से बाहर निकल गए. वहीं अश्की लगातार कुछ ना कुछ अरमान से बोले जा रही थी. अरमान जिस तरह से उसे अपने साथ लेकर आ रहा था, इस वक्त उसके चेहरे पर कोई भी भाव नहीं था. लेकिन अश्की, उसका रो- रो कर बुरा हाल हो चुका था.

कुछ ही देर में एक गाडी Hospital के आगे आकर रुकी. अरमान की गाडी तो पहले ही अस्पताल के आगे आकर खडी थी, लेकिन अब एक और गाडी अरमान के आगे आकर रुकी. गाडी को देखकर अरमान ने उस गाडी का दरवाजा खोला और अश्की को गाडी में बैठने का इशारा किया. जैसे ही अरमान ने अश्की को गाडी में बैठने का इशारा किया, अश्की तुरंत उसका हाथ झटकते हुए बोली, मुझे कहीं नहीं जाना. मुझे आपके साथ रहना है. मैं आपको छोडकर कहीं नहीं जाऊंगी, मान. क्यों आप इतने पत्थर बने है? मान. समझते क्यों नहीं मेरा दर्द.

अरे! बहुत इश्क करती हूं मैं आपसे। उसकी बात पर अब अरमान की आंखें और भी लाल हो गई. उसने अब झटके से अश्की को गाडी के साथ लगाया. इस वक्त वहां पर काफी गाडियां आसपास से निकल रही थी, क्योंकि वह Hospital एरिया था. कुछ लोगों की नजरे बार- बार अश्की और अरमान पर आकर ठहर रही थी. अरमान जिसकी उंगली अश्की के होठों पर आकर ठहर चुकी थी, वह अब गहरी नजरों से अश्की को देखते हुए बोला, यह शब्द दोबारा अपनी जुबान पर मत लाना, क्योंकि अरमान त्रेहान नफरत के लायक है. नफरत करो उससे, नफरत.

अभी वह बोल ही रहा था कि तभी अश्की ने अपने होठों से उंगली हटाई और अगले ही पल उसके सीने से जा लगी. जैसे ही अश्की उसके सीने से जा लगी, अरमान का दिल एक पल के लिए तेजी से धडक उठा. एक पल के लिए उसके पूरे शरीर के रोंगटे खडे हो गए थे. जिस तरह से अश्की ने उसे अपने गले से लगाया था, अब वह फूट- फूट कर रोते हुए बोली, प्लीज, मुझे खुद से दूर मत कीजिए, मान.

प्लीज, प्लीज, प्लीज, मैं मर जाउंगी आपके बिना। उसकी बात पर अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया. वह बस पत्थर सा जमा अपनी जगह पर खडा रहा और अश्की को महसूस करता रहा. कुछ देर अश्की के जज्बातों को अपने अंदर समेटने के बाद उसने अश्की को अपने से दूर किया और उसकी तरफ देखते हुए बोला, गाडी में बैठो।

उसकी बात पर अश्की ना में सिर हिलाते हुए बोली, बिल्कुल नहीं, मुझे आपके साथ रहना है। इतना कह कर दूसरी गाडी में जाने लगी, जिस गाडी में अरमान बैठता था. देखते ही देखते वह अरमान की गाडी में जाकर बैठ गई. जैसे ही वह अरमान की गाडी में बैठी, अरमान उस गाडी को गहरी नजरों से देखने लगा. जैसे वह पहले ही जानता था कि अश्की इसी गाडी में आकर बैठेगी. अब उसने ड्राइवर को इशारा किया, तो देखते ही देखते अरमान की कार वहां से निकल चुकी थी. वहीं जैसे ही अरमान की गाडी स्टार्ट हुई, अश्की की आंखें बडी हो गई.

ड्राइवर को पहले ही इंस्ट्रक्शन मिल चुकी थी कि जब अश्की गाडी में आकर बैठे, तो उसे त्रेहान फार्म हाउस लेकर जाया जाए और हुआ भी ऐसा ही अश्की गाडी में आकर बैठी और गाडी अगले ही पल स्टार्ट हो गई. अभी गाडी कुछ ही दूरी पर गई थी कि अश्की ड्राइवर की तरफ देखकर दांत पीसकर बोली, गाडी अभी रोको, नहीं तो मैं गाडी से कूद जाऊंगी। अश्की की बात सुनकर ड्राइवर की आंखें बडी हो गई. वह लडखडाती हुई आवाज में बोला, कैसी बातें कर रही है, मेम साहेब.

साहब मेरी जान ले लेंगे, अगर आपको एक खरोच भी आई तो। वही अश्की अब दांत पीसकर बोली, मैंने कहा गाडी रोको, नहीं तो मैं गाडी से कूद जाऊंगी। इतना कहकर उसने लगभग से पूरी तरह से दरवाजा खोल लिया था. वहीं दूसरी तरफ गाडी के जाते ही अरमान कुछ देर गाडी को पीछे से देखता रहा. अब वह गहरी सांस लेकर, जो गाडी इस वक्त उसके सामने आकर खडी हुई थी, उसने उस ड्राइवर को गाडी वहां पर छोडकर जाने के लिए बोल दिया. ड्राइवर तुरंत अरमान को चाबी देकर वहां से निकल गया.

आज अरमान का चेहरा एक अलग ही दर्द से भरा हुआ था जो शायद ही कभी उसके चेहरे पर किसी ने कभी देखा हो. वह ड्राइविंग सीट पर आकर बैठा और गाडी में चाबी लगाकर कुछ देर ड्राइविंग सीट पर सिर रखकर वैसे ही बैठ गया. उसकी आंखों में बार- बार अश्की का चेहरा घूम रहा था.

जिस तरह से अश्की ने बच्चे को choose किया था, अरमान को उस चीज पर रत्ती भर भी यकीन नहीं हो रहा था. पता नहीं क्यों, उसका दिल जैसे मानने को तैयार ही नहीं था कि अश्की सच में बच्चों को choose करेगी. लेकिन जिस तरह से उसने बच्चे को choose किया था, अरमान का दिल पूरी तरह से छलनी हो गया था. उसकी आंखों में तडप आज पहली बार saaf दिखाई दे रही थी. शायद यह दूसरी बार था और अब पहली बार कब था, यह तो अरमान ही जाने. जब उसने अश्की के सामने यह बात कही थी कि तुम पहले भी वैसे ही थी, जैसी अब हो.

अरमान, जोकि गाडी सीट से टेक लगाकर बैठा हुआ था और अब उसने अपनी पॉकेट में से सिगरेट निकाली और अपने होठों में दबाकर उसे जलाकर लंबे कश करने लगा. लगातार कितनी ही सिगरेट वह ऐसे ही कश भरता रहा, लेकिन उसके जलते हुए दिल को जरा सा भी सुकून नहीं पहुंच रहा था. वह लगातार सिगरेट पर सिगरेट पिए जा रहा था. जिस वजह से गाडी में भी धुआ फैलता जा रहा था. इस वक्त उसने अपना पूरा सिर पीछे की तरफ किया हुआ था और उसकी आंखों के सामने एक बार फिर से कुछ फ्लैशबैक के पल घूम रहे थे. जिसमें एक लडकी उसकी आंखों के आंसू साफ कर रही थी. वह ग्रीन आइज गर्ल, उसकी आंखों के आंसू साफ करते हुए बोली, तुम रो क्यों रहे हो पंपकिन? ग्रीन आइज गर्ल के कहने पर वह लडका फीका सा मुस्कुराया और बोला, कुछ नहीं। तभी वह लडकी बडे प्यार से बोली, तुम्हें अभी उस चोट पर दर्द हो रही है। इतना कहते हुए उसने उस लडकी के घुटने की तरफ देखा, जहां पर उसका छिला हुआ था.

वह लडकी हल्का सा पाउट बनाते हुए बोली, सॉरी, मेरी वजह से तुम्हें इतनी तकलीफ हुई। तभी वह लडका बडे प्यार से उस लडकी के गालों को अपने हाथों में भरते हुए बोला, नहीं चॉकलेट बेरी, तुम्हारी वजह से मुझे तकलीफ हो ही नहीं सकती. तुम तो मेरा सुकून हो। इतना कहते हुए वह लगभग से उस लडकी के गले लग चुका था.

तभी अचानक से अरमान की आंख खुली और अब उसकी आंखों में एक बार फिर से आग जल रही थी, जो कि दर्द की थी.

एक बार फिर से वह व्यंग्य से हंसा और बोला, ना तुम कल सुकून थी, ना तुम आज सुकून हो. तुम तब भी जहर थी, जो धीरे- धीरे मुझे अंदर से खा गई और आज भी तुम जहर हो, जो अब फिर से मुझे अंदर ही अंदर खा रही हो। इतना कहते हुए अरमान के चेहरे पर सख्ती आ चुकी थी. कोई इश्क नहीं था तुम्हें मुझसे, ना तब, ना अब, तुम एक छलावा हो, तुम एक धोखा हो।

इतना कहते हुए अब उसने लगभग से अपनी गाडी को स्टार्ट किया और अपनी गाडी को लगभग से मोड लिया.

वहीं दूसरी तरफ,

अश्की, जिसने अब गाडी का दरवाजा खोल लिया था. वह ड्राइवर की तरफ देखकर बोली, ब्रेक लगाओगे, या मैं यहीं से कूद जाऊं। जैसे ही ड्राइवर ने यह चीज सुनी, ड्राइवर की आंखें बडी हो गई. वह नहीं चाहता था कि अश्की को थोडी बहुत भी खरोच आए. अगर अश्की को कुछ भी हो जाता, तो हो सकता था कि अरमान उस ड्राइवर की जान ले लेता.

इसलिए ड्राइवर ने अगले ही पल ब्रेक लगा दी. अब अश्की गाडी से निकलकर पीछे की तरफ भागी. उसकी स्पीड इतनी ज्यादा तेज थी कि ड्राइवर भी उसे रोक नहीं पाया. वह लगभग से बहुत तेजी से दौड रही थी, पागलों की तरह. जिस तरह से वह सडक पर दौड रही थी, आसपास के लोग भी उसे देख रहे थे. दूसरी तरफ अरमान, जो कि अपनी गाडी अभी उसने मोड कर अस्पताल से निकाली ही थी कि तभी अरमान का फोन बजा. जिस पर अरमान के ड्राइवर का फोन आ रहा था. अरमान ने ड्राइवर का फोन देखकर उसने एक बार भी इग्नोर नहीं किया. अगले ही पल उसने फोन उठाया और अपने कान से लगाकर बोला, hmmm.

दूसरी तरफ से जो ड्राइवर ने कहा, उसे सुनकर अरमान की आंखें लगभग से बडी हो गई. वह गुस्से से कांपते हुए बोला, अगर उसे एक भी खरोच आई, तो मैं तुझे जिंदा गाड दूंगा, साले.

इतना कहते हुए अरमान का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका था. अब उसने वहीं पर ब्रेक लगाई और पीछे की तरफ देखा, जहां से अश्की अभी पागलों की तरह भाग कर आ रही थी. गाडी अभी ज्यादा दूर नहीं गई थी, इसीलिए अश्की जल्दी ही अरमान के पास पहुंच चुकी थी. जैसे ही अश्की ने अरमान को गाडी से उतरते हुए देखा, जैसे मानो उसका वह जलता हुआ दिल सुकून से भर उठा. अगले ही पल वह तेजी से भागते हुए अरमान के पास आई और देखते ही देखते अरमान के गले से लिपट गई.

जैसे ही अश्की उसके गले से आकर लिपटी, पिछले जो पंद्रह मिनट से वह लगातार सिगरेट पर सिगरेट पी रहा था, तब भी उसे सिगरेट ने उसे इतना सुकून नहीं दिया होगा, जो अश्की के एक बार गले लगने से उसे सुकून मिल गया था. जिस तरह से अश्की उसके गले लग कर फूट फूट कर रो रही थी. अब अश्की के आंसू उसका दिल जला रहे थे.

लेकिन अगले ही पल, अब उसकी आंखें लाल हो गई और जबडे कस गए. उसने अपने हाथों से उसके बालों को मुट्ठी में पकडा और उसका चेहरा ऊपर की तरफ उठाते हुए दांत पीसकर बोला, यह क्या बदतमीजी है? तुम गई क्यों नहीं? तभी अश्की रोते हुए बोली, मै मर जाउंगी आपके बिना मान, मैं मर जाऊंगी. मुझे नहीं जीना आपके बिना.

मुझे, मुझे, मुझे कुछ हो जाएगा मान, मैं, मैं जानती हूं कि आप मुझे छोड देंगे. जिस तरह से आज आपने मुझे अपने आप से दूर किया, मैं जानती हूं कि आप मुझे जरूर छोड देंगे। वही अरमान बस उसके चेहरे की तरफ देखे जा रहा था. लेकिन उसने एक भी बात का जवाब नहीं दिया था. उसका चेहरा अभी भी पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था. दूसरी तरफ, अश्की भी बिलख कर रोते हुए बोली, मै आपके बिना, प्लीज, ऐसा मत कीजिए. मुझे छोडकर मत जाइए. मुझे, मुझे आपके बिना सांस नहीं आ रही थी, मैं क्या करती। उसकी बात सुनकर अरमान की नजरे उस पर गहरी हो गई. वही अश्की लगातार लडखडाती हुई आवाज में बोली, मुझे, मुझे कुछ हो जाएगा.

अभी उसने इतना ही कहा था कि उसकी आंखें पूरी तरह से बंद हो चुकी थी. वह बेहोशी की हालत में अरमान की बाहों में झूल चुकी थी. अरमान की नजरे अब अश्की के चेहरे पर और भी गहरी हो गई थी. ना तो अश्की उससे दूर हो पा रही थी और ना ही अश्की के ख्याल उसे जीने दे रहे थे. अब वह कर भी तो क्या करें, उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था. उसे किसी भी हाल में अब अश्की से दूर जाना था.

वह बेहोश हुई अश्की को देखे जा रहा था और गहरी आवाज में बोला, दूर तो मुझे तुमसे जाना है, लेकिन तुम्हें छोडना ना. वह तो अब कभी पॉसिबल ही नहीं है, दिलरुबा.

मैं तुम्हें अब कभी नहीं मिलूंगा. लेकिन खुद से दूर भी नहीं जाने दूंगा, क्योंकि तुमने मुझे ना चुनकर अपनी जिंदगी की सबसे बडी गलती की है. यह एहसास तो मैं तुम्हें दिला कर रहूंगा। इतना कहकर उसने लगभग से अश्की को अपनी गोद में उठाया और गाडी की बैक सीट पर लेटा दिया. कुछ ही देर में, वह गाडी ड्राइव कर रहा था और गाडी ड्राइव करते हुए उसकी नजरें रियल व्यू मिरर से अश्की पर थी, जो की पूरी तरह से बेहोश पडी हुई थी. बेहोशी की हालत में भी उसके चेहरे का रंग पूरी तरह से फीका पड चुका था.

जिसकी रंगत अब अरमान के पास रहने से बदलने लगी थी. आज अरमान के दूर जाने के नाम से ही वह पूरी तरह से उसके चेहरे से अलग हो गई थी. पूरा चेहरा बेजान सा पड गया था और उसका वह बेजान सा चेहरा देखकर अरमान को अपने दिल में एक अलग ही चुभन महसूस हो रही थी.

अभी वह अश्की के चेहरे की तरफ देख ही रहा था कि तभी जावेद का फोन आया. उसने फोन की तरफ देखा, तो एक पल के लिए उसने फोन को इग्नोर कर दिया. पता नहीं क्यों, लेकिन इसका जावेद का फोन उठाने का बिल्कुल भी मन नहीं कर रहा था. कुछ देर जावेद का फोन बजता रहा, लेकिन अगले ही पल उसने फोन उठाया और कान से लगाया. hmmm

दूसरी तरफ से जावेद की आवाज आई, बॉस, प्लेन रेडी है। प्लेन का नाम सुनकर अरमान ने एक बार फिर से रियर व्यू मिरर से अश्की को देखा और गहरी सांस लेकर बोला, आ रहा हूं, थोडा लेट हो जाऊंगा, लेकिन पहुंच जाऊंगा।

इतना कहकर उसने फोन काट दिया. अब वह लगातार ड्राइव करते हुए उसकी नजर रियल मिरर में से अश्की पर थी.

कुछ ही देर में उनकी गाडी त्रेहान फार्म हाउस के आगे आकर रुकी.

अरमान अब गाडी से बाहर निकला और देखते ही देखते उसने बैक सीट का दरवाजा खोला. अश्की को अपनी गोद में उठाकर अंदर की तरफ लेकर चला गया. उसने अश्की को बिस्तर पर लेटाया और खुद अपनी शर्ट के बटन खोलते हुए बालकनी में चला गया. वह बालकनी में खडा होकर सिगरेट पर सिगरेट पीने लगा.

तकरीबन आधा घंटा वह यूं ही बालकनी में खडा होकर सिगरेट पीता रहा. उसकी आंखों के सामने अब वह नजारा घूम रहा था, जब अश्की भाग कर उसके पीछे आई थी. अब उसका दिमाग पूरी तरह से सुन्न पड गया था. दुश्मनों के छक्के छुडाने वाले अरमान के होश एक लडकी ने उडा रखे थे, यह कितनी ताजुब की बात थी.

जब उस सिगरेट से भी उसका दिल ठंडा नहीं हुआ, तो उसने उस सिगरेट को नीचे जमीन पर फेंका और अपने पांव से मसलते हुए अंदर की तरफ आया. वह बेहोश पडी अश्की को गहरी नजरों से देखने लगा. अभी- अभी उसने जावेद को कहा था कि इसे थोडा वक्त लगेगा, लेकिन वह आ जाएगा. लेकिन वह अब अश्की को देखते हुए ही सामने सोफे पर जाकर बैठ गया और अपनी शराब की बोतल खोलते हुए अश्की को देखते हुए ही उसने उस बोतल को ही अपने होठों से लगा लिया और गटागट पीने लगा.

To be continue.

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