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Abort it

कैपिटल हॉस्पिटल,

अरमान की गाडी इस वक्त कैपिटल Hospital के आगे आकर रुकी थी. पूरे रास्ते उसने अश्की से कोई भी बात नहीं की थी. जिसका साफ मतलब था कि वह इस वक्त अश्की से हद से ज्यादा नाराज था. जिस तरह से अभी थोडी देर पहले अरमान ने गाडी की ब्रेक लगाई थी और अश्की आगे गिरने को हुई थी, अरमान ने उसे बचाया जरूर था. लेकिन उसने तब भी अश्की से कोई बात नहीं की थी. उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ फेर लिया था और जल्दी से गाडी से बाहर निकल चुका था.

अरमान की इतनी बेरुखी देखकर अश्की का चेहरा पूरी तरह से मायूस हो चुका था. उसकी आंखों से आंसू बहने लगे थे. अब वह खुद में ही सिसकते हुए बोली, आपको ही तो मुझसे फर्क नहीं पडता, तो मैं भी क्या करती, चली गई आपसे दूर. अब इतना गुस्सा क्यों हो रहे हैं? इतना कहते हुए वह खुद में ही बडबडाए जा रही थी और अपने आंसू साफ करने की कोशिश कर रही थी. लेकिन अरमान, जोकि गाडी से बाहर निकल चुका था. उसने पलट कर अश्की की तरफ देखा, तो उसकी नजरें अश्की पर गहरी हो चुकी थी.

उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था, लेकिन गहरी नजरे अश्की पर बखूबी बनी हुई थी. अश्की ने जो बात कही थी, भले ही उसने बहुत धीमी से कही थी, लेकिन अरमान को उसकी बात साफ सुनाई दी थी. अभी तक अश्की ने अपना सिर पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाया हुआ था और अपने आंसू लगातार साफ करने की कोशिश कर रही थी. लेकिन जैसे ही उसने अपनी नजरें उठाकर अरमान को देखा, तो वह जल्दी से हडबडा गई. उसने अपने आंसुओं को अंदर ही अंदर समेटना शुरू कर दिया.

अरमान अब उसे देखते हुए बेहद सख्त आवाज में बोला, गाडी से बाहर निकलो। इतना कहकर अरमान ने अपने कदम Hospital की तरफ बढा दिए थे. वही अश्की तो बेहद हैरान थी कि आखिर अरमान उसे Hospital क्यों लेकर आया है. उसे तो कुछ भी इस चीज का अंदाजा नहीं था. अश्की का दिल Hospital को देखकर पता नहीं क्यों जोर- जोर से धडक रहा था. उसे बहुत अजीब सी फीलिंग आ रही थी.

ऊपर से अरमान का रुड होकर बात करना उसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था. जिससे उसके दिल की तडप अरमान के लिए बढ रही थी. लेकिन वह यह चीज अरमान के सामने नहीं कह पा रही थी. अब उसने चुपचाप अपना सिर नीचे की तरफ झुकाया और गाडी से बाहर निकल कर अरमान के पीछे पीछे अपने कदम बढा दिए. कुछ ही देर में, अरमान एक लिफ्ट के सामने आकर खडा हुआ. लिफ्ट के सामने खडे होते हुए भी तिरछी नजरों से कभी- कभी अश्की को देख रहा था. लेकिन अश्की को ऐसा लग रहा था, जैसे अरमान तो उस पर कोई ध्यान ही नहीं दे रहा. जिस वजह से अश्की की आंखों में आंसू रह रहकर तैर रहे थे. लेकिन अरमान को उसका रोना बिल्कुल पसंद नहीं था, इसीलिए वह अपने आंसुओं को बाहर नहीं आने दे रही थी.

कभी वह पूरी तरह से अपना सिर नीचे की तरफ झुका लेती, तो कभी अपनी नजरें घूमा कर अरमान के चेहरे की तरफ देखती. अरमान जल्दी से अपनी नजरे सामने लिफ्ट की तरफ कर लेता. जिस तरह से अरमान उसे पूरी तरह से अवॉयड कर रहा था, यह चीज जैसे उसे अंदर से और भी तकलीफ दे रही थी. अब कुछ ही देर में लिफ्ट खुली, तो अरमान अंदर जाने को हुआ. इससे पहले अरमान अंदर की तरफ जाता, अश्की ने उसके हाथ की कलाई को पकड लिया.

जैसे ही अश्की ने अरमान की कलाई को पकडा, एक पल के लिए अरमान का दिल जैसे धडक उठा. पहले भी अश्की के छूने से उसे अपने दिल में अजीब सी हलचल महसूस होती थी, लेकिन आज जिस तरह से अश्की ने उसकी कलाई पकडी थी, उसके दिल की धडकनें हद से ज्यादा बढ चुकी थी. एक पल के लिए उसके चेहरे के भाव भी बदले थे. लेकिन अगले ही पल उसने अपने चेहरे को दोबारा से एक्सप्रेशन लेस कर लिया था, ताकि अश्की उसके चेहरे के भाव को ना देख सके.

अब अश्की से अपनी आंखों का समुंदर संभाला नहीं गया. वो लगभग तडप कर रोते हुए बोली, मान, मुझसे गलती हो गई. जिस तरह से आपने कहा कि आपको किसी से कोई फर्क नहीं पडता, तो हमारा दिल टूट गया था। इस वक्त अश्की का हाल बेहाल होता जा रहा था. उसके रोने की वजह से वह ठीक से कुछ बोल भी नहीं पा रही थी. जिस तरह से वह सुबक रही थी, उसकी सिसकियां उसे कॉरिडोर में साफ सुनाई दे रही थी. उसका रोना अरमान के दिल को और भी ज्यादा जला रहा था. अपनी बात आगे बढाते हुए वह बोली, हम हम. उस वक्त हम अपनी भावनाओं में बह गए थे. नहीं रोक पाए खुद को, दिल कर रहा था कि आपसे बहुत दूर चले जाए. इसीलिए हम वहां से चले गए थे. लेकिन हमें नहीं पता कि हम कब भागते भागते इतनी दूर आ गए और सडक के किनारे हमें चक्कर आ गए और हम वहीं पर बेहोश हो गए. लेकिन उसके बाद का हमें कुछ भी याद नहीं. मान.

इतना कह कर अश्की ने अपना चेहरा एक बार फिर से पूरी तरह से झुका लिया था, क्योंकि उसका चेहरा पूरी तरह से आंसुओं से सन्न हो चुका था. दूसरी तरफ अरमान, जिसकी कलाई इस वक्त अश्की ने पकडी हुई थी, उसने एक बार भी पलट कर अश्की की तरफ नहीं देखा था. वह जानता था कि अश्की इस वक्त रो रही है. अश्की का यूं रोना उसके दिल को जैसे बढते पल के साथ और भी जलने पर मजबूर कर रहा था.

वही लिफ्ट, जोकि खुली थी, वह एक बार बंद होने को हुई कि तभी अरमान ने उसके आगे अपना हाथ रख दिया और अपनी गहरी आवाज में बोला, अंदर चलो. फिर मत बोलना, मैं यहीं पर छोड कर चला गया, क्योंकि मुझे वैसे भी किसी से भी कोई फर्क नहीं पडता। अरमान की बात सुनकर इस बार अश्की का दिल पूरी तरह से चकनाचूर हो गया. उसे ऐसा लगा, जैसे अरमान ने उसके अरमानों का एक बार फिर से गला घोट दिया हो उसकी पकड अरमान की कलाई पर से ढीली पड गई. जैसे ही उसकी पकड अरमान की कलाई से ढीली हुई, अरमान ने उसका हाथ झटका और तेजी से लिफ्ट में बढ गया.

अब उसने पलटकर अश्की की तरफ देखा, जो अभी तक अपनी जगह पर खडी सुन्न हो चुकी थी. उसका हाथ अभी तक वैसे ही था. अरमान पल पल उसके दिल को तडपाने में कोई कमी नहीं छोडता था. लेकिन वह खुद नहीं समझ पा रही थी कि आखिर क्यों उसे अरमान से प्यार हो गया. इस वक्त उसका दिल कर रहा था कि वह बिलख कर रोए, लेकिन वो वह भी नहीं कर पा रही थी क्योंकि,

अरमान को उसका रोने से भी प्रॉब्लम होती. वह अरमान को इस तरह से तडपाना नहीं चाहती थी. इसीलिए उसने एक गहरी सांस ली और अपने आंसुओं को साफ कर लिफ्ट में अपने कदम बढा दिए. उसने भी अपना अपना चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस रखा और लिफ्ट में चुपचाप खडी रही. अब उसने एक बार भी अरमान की तरफ देखने की कोशिश तक नहीं की. जिस तरह से अभी कुछ देर पहले अरमान ने उसका दिल तोडा था, अब जैसे वह सुन्नी नजरों से वहां पर खडी थी. ऐसा लग रहा था, अरमान ने उसकी रूह तक को छान दिया हो.

बस फर्क इतना था कि आंसू निकलने बंद हो चुके थे, लेकिन दिल की तडप अब नासूर बन चुकी थी. दिल इस वक्त पूरी तरह से घायल हो चुका था. कुछ ही देर में उनकी लिफ्ट टॉप फ्लोर पर जाकर रुकी. दोनों में से ना ही किसी ने एक दूसरे की तरफ देखा और ना ही उनमें कोई बातचीत हुई. लिफ्ट के खुलते ही अरमान आगे की तरफ आया और अश्की एक बार फिर से उसके पीछे पीछे अपना सिर झुका कर चलने लगी. वह जितना मर्जी खुद को रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसकी आंखें तो जैसे उसका दर्द हर बढते पल के साथ बयां कर रही थी.

अब जैसे ही वह लिफ्ट से कुछ ही दूरी पर आए, तो वहां के शब्द को देखकर अश्की की आंखें बडी हो गई. क्योंकि वह वार्ड गाइनी वार्ड के सामने थे.

गाइनी वार्ड को देखकर अश्की का दिमाग एक पल के लिए पूरी तरह से घूम चुका था. गायनी वार्ड का सीधा सा मतलब साफ था कि वहां पर सिर्फ एक प्रेगनेंट लेडी ही आ सकती थी. वहां पर अपना चेकअप कराने या फिर अबॉर्शन करवाने या तो ज्यादा से ज्यादा डिलीवरी करवाने. अब अश्की बडी- बडी आंखों से गाइनी वार्ड को देख रही थी कि तभी एक डॉक्टर अरमान के सामने आकर खडी हुई.

अरमान ने उस डॉक्टर की तरफ देखा. अगले ही पल गहरी आवाज में बोला, एबॉट इट, मिसेज जिंदल। अरमान की आवाज सुनकर एक पल के लिए अश्की अपनी जगह पर स्तब्ध रह गई. एक पल के लिए तो उसे समझ ही नहीं आया कि आखिर Kiss बारे में अरमान बात कर रहा था. एबॉट इट, क्या मतलब हुआ इस बात का, वह तो सोचने समझने की शक्ति भी जैसे खो चुकी थी.

उसका दिमाग पूरी तरह से जैसे सुन्न पड चुका था. वह अब अरमान की तरफ देखते हुए बोली, आपने अभी भी क्या कहा, मान.

जैसे ही अरमान ने उसकी यह आवाज सुनी, तो अरमान की eye ब्रो ऊपर की तरफ उठ गई और उसकी नजरें अश्की पर बेहद गहरी हो गई. जो अपनी सवालिया नजरों से अरमान को ही देखे जा रही थी कि आखिर अरमान Kiss बारे में बात कर रहा था. तभी मिसेज जिंदल, जो कि Mister जिंदल की Wife थी, अश्की के पास आई और उनका हाथ पकडते हुए बोली, चलिए मिसेज त्रेहान।

मिसेज जिंदल को अपना हाथ खींचते हुए देखकर अश्की हैरानी से उनकी तरफ देखते हुए बोली, आप मुझे कहां पर लेकर जा रहे हैं और मैं ठीक हूं, मुझे क्या हुआ है? मुझे आपके साथ कहीं नहीं जाना और मान. यह क्या बोल रही है?

और यह क्या लगा रखा है बार- बार, एबॉट इट। उसकी बात सुनते हुए मिसेज जिंदल को भी उसके लिए बहुत तकलीफ हो रही थी. लेकिन वह क्या ही कर सकती थी, क्योंकि अरमान तो था ही पत्थर, जिसे पिघलाना लगभग से नामुमकिन था. लेकिन वही अरमान अब थोडा- थोडा जैसे पिघलने लगा था. अश्की की मासूमियत को देखकर अरमान का मरा हुआ दिल जैसे जीने लगा था. उसने भी धडकना शुरू कर दिया था. लेकिन यहां पिघलना उसे बिल्कुल भी मंजूर नहीं था. वह इस वक्त पत्थर बना हुआ था. उसे अश्की की भावनाएं जैसे दिखाई ही नहीं दे रही थी.

उसे इस वक्त तडपती हुई अश्की नहीं दिखाई दे रही थी. कुछ दिखाई दे रहा था, तो बस अपने दिल का गुमान, जो सिर्फ उसे पूरा करना था. भगवान जो उसे सबसे ऊपर था. उसने अब डॉक्टर की तरफ देखा और एक बार फिर से अपनी डोमिनेटिंग वॉइस में बोला, लगता है, आपको यह Job प्यारी नहीं है, मिसेज जिंदल।

जैसे ही अरमान ने यह बात कही, मिसेज जिंदगी का चेहरा पूरी तरह से पीला पड गया. वह जल्दी से अश्की को अपनी तरफ खींचते हुए बोली, चलिए ना मिसेज त्रेहान, मेरी Job खतरे में पढ चुकी है. आप क्यों नहीं समझ रही है. प्लीज, मेरे साथ चलिए.

मेरी Job चली जाएगी। अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अश्की अपनी जिद पर अडते हुए बोली, हम नहीं जाएंगे. पहले हमें हमारी बात का जवाब चाहिए. यह क्या चल रहा है? मुझे नहीं पता कि आखिर चल क्या रहा है यहां पर? कोई मुझे बताएगा।

वही मिसेज जिंदल अरमान की तरफ देख रही थी. वह, जो अश्की की एक भी बात का जवाब नहीं दे रहा था. उसने एक बार फिर से गहरी नजरों से मिसेज जिंदल को देखा, तो इस बार मिसेज जिंदल बुरी तरह से सहम गई. उसने अश्की का हाथ पकडा और अपने साथ ले जाने को हुई कि तभी अश्की ने उसका हाथ जोर से झटका और बोली, मुझे बताओ, आखिर मुझे तुम अपने साथ क्यों लेकर जा रही हो? यह क्या मतलब हुआ, एबॉट it।

इतना कहकर वह एक बार फिर से अरमान की तरफ घूमी और अरमान को गहरी नजरों से देखने लगी. अब उसकी नमी आंसुओं में बहने लगी थी. लेकिन अब उसने खुद को नहीं रोका. उसका रोना इस हद तक तेज हो चुका था. अब वह अपनी सिसकती हुई आवाज से बोली, मैं यहां से तब तक नहीं जाऊंगी, जब तक सच्चाई मान. के मुंह से नहीं सुन लेती।

इस वक्त अश्की का दिल कांप रहा था. कहीं ना कहीं उसे पता तो चल ही चुका था कि आखिर बात क्या है? जब एबॉट इट की बात हुई थी, तो इसका मतलब क्या ही हो सकता था. एक ही मतलब हो सकता था कि या तो अश्की प्रेग्नेंट थी. अब उसने अरमान की तरफ देखा और बेहद प्यार से उसके गाल पर हाथ रख कर बोली, बताइए ना मान, आखिर क्या बात है? आप क्यों मुझे यहां पर लेकर आए हैं और एबॉट, क्या मैं प्रेग्नेंट हूं?

जिस तरह से उसने अरमान के गाल पर हाथ रखा था, अरमान के दिल की धडकन एक बार फिर से तेज होने लगी थी. उसकी नजरें अश्की के चेहरे पर थी, जो रो- रो कर हद से ज्यादा लाल हो चुका था. उसके वह चबी होंठ लाल होठों में बदल चुके थे. रो कर जो आंसू उसके होठों पर आ रहे थे, वह उसे और भी खूबसूरत बना रहे थे. अरमान की नजरें उसके होठों पर जाकर टिक चुकी थी. लेकिन अश्की इस चीज से अनजान एक बार फिर से प्यार से बोली, बताइए ना मान.

अभी वह बोल ही रही थी कि अरमान उसके चेहरे पर पूरी तरह से झुका और अगले ही पल उसे पीछे की तरफ धकेलते हुए दीवार से लगा दिया. उसके होठों को अपने होठों में भर लिया और उसे पैशनेटली चूमने लगा. उसने खुद को बहुत देर से रोक रखा था. लेकिन अब जैसे वह खुद को रोक ही नहीं पाया. अश्की अपनी जगह पर जैसे स्तब्ध रह गई थी. उसे तो समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ तो हुआ क्या. आखिर ऐसी सिचुएशन में कोई किसी को इस तरह से कैसे ही चूम सकता है.

यह Kiss तो जैसे उसकी समझ के ही पार थी. वहीं दूसरी तरफ मिसेज जिंदल भी अपनी आंखें फाडे उन दोनों को देख रही थी. लेकिन अगले ही पल शर्म के मारे उन्होंने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा दिया. वही अरमान पैशनेटली उसे चूमे जा रहा था. जिस तरह से अरमान उसे चूम रहा था, इस वक्त उसे अपने होठों में बेइंतहा दर्द महसूस हो रहा था.

तकरीबन पंद्रह से बीस मिनट वह यूं ही उसे दीवार से सटाए चूमता रहा. उसने अश्की को सांस तक लेने का मौका नहीं दिया था. लेकिन अब उसने उसके होठों को छोडा और उसके सुर्ख हो चुके होठों की तरफ देखा, तो उसके चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई. वह अब बेहद गहरी और सेडक्टिव वॉइस में बोला, हां, हो तुम प्रेग्नेंट, पर मुझे यह बच्चा बिल्कुल भी नहीं चाहिए।

जैसे ही अरमान ने यह बात कही, अश्की का दिल धक से रह गया. अब तो अरमान ने हद ही कर दी थी. उसे पूरी तरह से जैसे अंदर तक आग लगा दी थी. उसके अरमानों को जलाकर राख कर दिया था. अरमान अब मिसेज जिंदल की तरफ देखकर बोला, अब मुझे अपनी बात रिपीट ना करनी पडे, जल्दी करो। इतना कहकर वह घूम कर वहां से जाने को हुआ कि तभी अश्की ने उसका हाथ पकड लिया. अब एक बार फिर से अश्की का चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुक गया था. उसके बदन में जैसे जान ही नहीं बची थी. पैर पूरी तरह दुखने लगे थे. हाथ पैर जैसे सुन्न पड चुके थे. लेकिन फिर भी बेजान हाथ से उसने अरमान की कलाई पकडी.

अश्की उसकी तरफ अपनी नम आंखों से देखते हुए बोली, मैं ऐसा नहीं करूंगी। जैसे ही अश्की ने यह बात कही, अरमान का चेहरा पूरी तरह से काला पड गया. उसने अब उसकी कलाई पकडी और उसे अपने करीब खींचकर उसकी कलाई पीठ से लगा दी. अब उसका सीना पूरी तरह से अरमान के सीने से टकरा रहा था. अरमान ने अपना चेहरा पूरी तरह से अश्की के चेहरे पर झुका रखा था. दोनों की नजरे आपस में मिली हुई थी. एक की नजरों में बेइंतहा दर्द उतरा हुआ था, तो दूसरे की आंखों में आग का लावा जल रहा था.

अरमान पूरी तरह से उसके चेहरे पर झुका हुआ था, जिस वजह से अश्की को उसकी गर्म सांसे अपने होठों पर साफ महसूस हो रही थी. दूसरी तरफ अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, लेकिन मुझे यह नहीं चाहिए. तुम्हारी जिंदगी में सिर्फ मैं रह सकता हूं. मेरे अलावा तुम्हें कोई छू नहीं सकता. दूसरी बात, मैं तुम पर किसी को भी राइट क्लेम नहीं करने दूंगा, चाहे वह तुम्हारा baby क्यों ना हो. मुझे बच्चे नहीं पसंद, आई हेट चिल्ड्रंस.

मुझे यह करना ही होगा। इतना कहकर उसने लगभग से अश्की का हाथ छोड दिया. जिससे अश्की पीछे की तरफ लडखडा कर गिरने को हुई कि तभी उसने खुद को संभाल लिया. अपनी नम आंखों से उसने अपने आंसू साफ किए और अब उसने खुद को पत्थर किया. वह अपनी सख्त नजरों से अरमान को देखते हुए उसके सामने आकर खडी हुई, जिससे अरमान की नजरे उस पर गहरी हो गई. पास में खडी मिसेज जिंदल अब उनकी तरफ देखकर वहां से चली गई थी, क्योंकि वह जानती थी कि उनके बीच कोई पर्सनल बात चल रही है. इसीलिए वह बीच में नहीं पडी और अपने केबिन में चली गई.

अश्की अब एक्सप्रेशन लैस होकर अरमान के सामने खडी थी. शायद ही कभी अरमान ने उसे इस हालत में देखा होगा. उसे देखकर एक पल के लिए अरमान के चेहरे पर भी अजीब से एक्सप्रेशन आए. लेकिन अगले ही पल उसने खुद को नॉर्मल किया और एक्सप्रेशन लेस चेहरे पर सख्ती लाकर बोला, अबॉर्शन Room में जाओ अभी। अश्की भी अपनी सख्त आवाज में बोली, नहीं जाऊंगी और मैं मेरे बच्चे को कुछ नहीं होने दूंगी. चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी क्यों न करना पडे।

जैसे ही अश्की ने मेरा बच्चा कहा, अरमान का खून पूरी तरह से खोल गया. अब उसने अश्की के चेहरे को अपनी उंगलियों से पकडा और दांत पीसते हुए बोला, बहुत इश्क है ना मुझसे, कहती रहती हो कि बहुत इश्क करती हो मुझसे. तो एक चॉइस देता हूं. बच्चा चुन लो या मुझे चुन लो. दोनों में से एक चीज चुन लो. अब यह डिसीजन तुम्हारा है. अगर बच्चा चुनना है, तो आज के बाद मैं तुम्हें अपनी शक्ल कभी नहीं दिखाऊंगा और अगर अरमान त्रेहान को चुनोगी। इतना कहकर अरमान चुप हो गया. उसकी बातों का मतलब अश्की को साफ समझ आ गया था. अब अश्की के सिर पर जैसे तूफानों का बादल फट पडा था. उसकी सांसे जैसे लडखडाने लगी थी और पैर पूरी तरह से डगमगा गए थे. अरमान ने उसके सामने एक ऐसी सिचुएशन रख दी थी, जिससे शायद ही वह बाहर आ पाती.

अब तो अरमान ने खडे- खडे ही उसकी सांसे उसके हलक में से छीन ली थी. उसके चेह

रे को देखकर पता लग रहा था, जैसे उसमें अब जान ही ना बची हो.

To be continue.

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