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Aditya armaan

हाईवे पर,

अरमान की गाडी इस वक्त सडकों पर तेजी से दौड रही थी. इस वक्त उसका चेहरा पूरी तरह से काला पड चुका था. उसके चेहरे को देखकर ही पता लगाया जा सकता था कि इस वक्त वह Kiss कदर अंदर से जल रहा होगा. उसकी वह जलन उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी. वह गुस्से में दांत पीसते हुए बोला, नॉट फेयर दिलरुबा, नॉट फेयर, तुम्हें उसके घर तो बिल्कुल भी नहीं जाना चाहिए था। इतना कहते हुए अरमान का चेहरा लगभग से कांपने लगा था.

जो रास्ता एक घंटे का था, वह उसने पच्चीस मिनट में तय कर लिया था. अब वह खुराना फार्म हाउस के सामने खडा था और उसकी आंखें इस वक्त आग उगल रही थी. उसकी आंखों के सामने कुछ पुराने पल चल रहे थे.

जहां एक लडकी दो लडकों के साथ खेल रही थी. उनमें से एक लडके ने उसका हाथ पकड कर उसे अपने पीछे की तरफ करते हुए दूसरे लडके को धक्का देते हुए कहा, यह सिर्फ मेरी है. दूर रह इससे, समझा। वही वह जमीन पर पडा हुआ लडका, उसे देखते हुए दांत पीसकर बोला, वह तेरी अकेली नहीं है, वह मेरी भी Friend है, समझे। उस लडके की बात सुनकर वह लडका जिसने उसे धक्का दिया था, उसकी पकड उस लडकी के हाथों पर कश गई. जिससे उस लडकी की आंखों में नमी तैरने लगी. वह रोते हुए ही उस लडके का हाथ छुडाते हुए बोली,

छोडो ना, कपकेक, मुझे बहुत दर्द हो रहा है. तुम मेरे साथ ऐसे जबरदस्ती नहीं कर सकते. मुझे पेन हो रहा है। तभी उस लडके ने उस लडकी की तरफ देखा, जिसने उसका हाथ पकडा हुआ था. वह बेहद प्यार से उसके गाल पर हाथ रखते हुए बोला, तुम्हें कोई छू भी नहीं सकता है चॉकलेट बेरी, तुम सिर्फ मेरी हो. इसने तुम्हें हाथ कैसे लगाया? तुम जानती हो ना, मुझे यह बिल्कुल भी नहीं पसंद. जब कोई तुम्हें हाथ लगाता है। उस लडके की बात पर वह छोटी सी प्यारी सी लडकी ने अपनी नजरें पूरी तरह से झुका ली थी. जिसे देखकर उसे लडके की ग्रे आइज उस पर गहरी हो गई थी.

अब उसने पलट कर उस लडके की तरफ देखा, जो जमीन पर अभी भी बैठा हुआ था. वह उसे नफरत भरी निगाहों से देखते हुए बोला, तुम मुझसे हर एक चीज छीन नहीं सकते. वक्त आने पर मैं तुमसे तुम्हारा सब कुछ छीन लूंगा, यह बात याद रखना। तभी दूसरा लडका बोला, देखा जाएगा। इतना कहकर उस लडके ने उस लडकी का हाथ पकड उसे लगभग से खींचते हुए वहां से ले गया.

प्रेजेंट टाइम,

अरमान इस वक्त खुराना फार्म हाउस के आगे खडा था और उसकी आंखें इस वक्त हद से ज्यादा लाल थी. जिस तरह से वह इस वक्त फार्म हाउस को देख रहा था, साफ पता चल रहा था कि उसका गुस्सा Kiss कदर बडा हुआ है. वह फार्म हाउस को देखते हुए बोला, ना उसे मुझसे तुम तब छीन पाए थे, ना तुम आज छीन पाओगे. क्योंकि यह मौका तुम्हें अरमान त्रेहान कभी देगा ही नहीं। इतना कहते हुए अरमान का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस हो चुका था. अब उसने अपने कदम खुराना फार्म हाउस के अंदर की तरफ बढा दिए. देखते ही देखते अरमान पूरी तरह से खुराना फार्म हाउस के अंदर था.

वहीं दूसरी तरफ,

आदित्य जो कि इस वक्त किचन में था. इस वक्त वह किचन काउंटर पर कुछ सब्जियों चॉप कर रहा था और इस वक्त उसने अप्रैन लपेट रखा था और हाथों के कफ को थोडा सा फोल्ड कर रखा था. लेकिन इतने में भी आदित्य काफी ज्यादा हैंडसम लग रहा था. वह लगातार उन सब्जियों को फाइनली चॉप कर रहा था. ऐसा लग रहा था, जैसे वह मिक्स वेजिटेबल सूप बनाने जा रहा था. उसका ध्यान इस वक्त पूरी तरह से उस चॉपिंग बोर्ड पर था. जिस तरह से वह सब्जियां चॉप कर रहा था, ऐसा लग रहा था, वह इस चीज में काफी ज्यादा प्रोफेशनल था.

उसका हाथ इस वक्त सब्जियों पर बेहद स्मूथली और तेजी से चल रहा था. लेकिन तभी उसके कानों में किसी के फुट स्टेप्स की आवाज सुनाई दी. अगले ही पल उसने पलट कर रसोई के दरवाजे की तरफ देखा, तो वहां पर अरमान को देखकर उसकी आंखें बडी हो गई और जबडे पूरी तरह से कस गए.

वह गुस्से से कांपते हुए बोला, how dare you to come my place, have you lost your mind. लगता है आज त्रेहान मेंशन का रास्ता याद नहीं रहा तुम्हें। आदित्य ने जो कहा, अरमान के चेहरे को ही देखकर पता चला था, जैसे उसे कुछ खास फर्क नहीं पडा था. आदित्य के कुछ कहने से उसकी नजरें इस वक्त चारों तरफ घूम रही थी. तभी उसकी नजर ऊपर कमरे पर गई और उस कमरे को ही देखकर वह पहचानता था कि यह आदित्य का कमरा है. अगले ही पल उसने अपने कदम सीढियों की तरफ बढा दिए, जोकि किचन के ही पास थी. उसको सीढियों की तरफ कदम बढाते हुए देखकर आदित्य की आंखें बडी हो गई. अगले ही पल, उसने चॉपिंग बोर्ड पर नाइफ रखी

और तेजी से अरमान के पीछे भागा. लेकिन तब तक अरमान चार- पांच सीढियां चढ चुका था. उसने आदित्य की तरफ पलट कर देखा तक नहीं था. लेकिन आदित्य जो उसके पीछे आ रहा था, उसे देखकर आदित्य का खून जरूर खोलने लगा था. आदित्य जल्दी से उसके पीछे आया. जैसे ही वह चार- पांच सीढियां ऊपर की तरफ चढा, आदित्य ने उसका हाथ कसकर पकडा और उसे अपनी तरफ घूमाते हुए बोला, तुम्हारा दिमाग खराब है.

एक तो तुम बिना पूछे मेरे घर में घुसे चले आ रहे हो और दूसरा ऐसे ही मेरे कमरे में मुंह उठाकर घुस जाओगे. क्या मासी ने यही सिखाया है तुम्हें? जैसे ही आदित्य ने अरमान को यह बात कही, अरमान ने उसके गालों को कसकर अपने हाथों में भींचते हुए गुस्से से उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, बेवजह से हमारे साथ अपना रिश्ता बनाना बंद कर दे, समझा, तेरा और हमारा ना कभी कोई रिश्ता था और ना ही कभी हो सकता है. तुझ जैसे कायर से हमारा कोई रिश्ता नहीं हो सकता। इतना कहते हुए अरमान ने उसका चेहरा छोड दिया था. अब एक बार फिर से सीढियां चढते उसके कमरे की तरफ जाने लगा. तभी आदित्य ने उसका हाथ पकड कर उसे एक बार फिर से अपनी तरफ घुमाया और गुस्से से उसे घूरते हुए बोला,

तू यहां करने क्या आया है? यह त्रेहन पैलेस नहीं है या फिर त्रेहान फार्म हाउस नहीं है, जो तू यहां पर घुसा चला आ रहा है. यह खुराना फार्म हाउस है, खुराना. जानता है ना, जिसे तू नफरत करता है। उसकी बात पर अरमान व्यंग्य से हंसा और बोला, यह तो मारते दम तक नहीं भूलने वाला मै तुझसे नफरत करना, अब मेरी जरूरत हो चुका है. क्योंकि तुमने जो हरकत की है, तरस आता है मुझे तुझ पर। उसकी बात सुनकर आदित्य की मुट्ठियां पूरी तरह से कस चुकी थी.

तभी आदित्य भी गरज कर बोला, और तूने कौन सा मेरे साथ अच्छा किया? अगर मैंने तेरे साथ बेवफाई की तो। अभी वह बोल ही रहा था, लेकिन अरमान ने उसकी बात को पूरी तरह से इग्नोर करते हुए अपने कदम फिर से उसके कमरे की तरफ बढा दिए. इस बार आदित्य उसे रोकता, उससे पहले ही अरमान अंदर की तरफ उसके कमरे में घुस चुका था. जैसे ही अरमान अंदर की तरफ घुसा, उसकी नजर सीधे बेड पर लेटी हुई अश्की पर गई, जिसकी आंखें अभी- अभी खुली थी.

अश्की जिसकी आंखें ऊपर अभी सीलिंग की तरफ लगी थी और उसने अपना हाथ सिर पर ही रखा था. तभी वह हल्का सा ऊपर की तरफ उठकर बैठने को हुई कि तभी उसकी नजरें सामने की तरफ ठहर गई. सामने का नजारा देकर एक पल के लिए अश्की का दिल धक सा रह गया, क्योंकि सामने अरमान गुस्से से उसे घूर रहा था. उसकी गुस्से से वह लाल आंखें देख कर एक पल के लिए अश्की का दिल पूरी तरह से दहल गया था. इस वक्त उसका दिल उसके कलेजे से निकलने को हो रहा था. आज तक उसने अरमान की आंखों को इस तरह से खौफनाक होते हुए कभी नहीं देखा था. भले ही अरमान का गुस्सा उसने एक दो बार देख लिया हो, लेकिन इस तरह से अरमान ने कभी उसे नहीं देखा था, जिस तरह से आज वह अश्की को देख रहा था.

वह अपना सलाइवा घटते हुए कुछ कहने को हुई, इससे पहले कि वह अपने लफ्ज भी अपने मुंह से निकालती कि तभी अरमान तेज कदमों से उसके पास आया और अगले ही पल उसने अश्की को गोद में उठा लिया. जैसे ही अरमान ने अश्की को अपनी गोद में उठाया, दरवाजे पर खडा आदित्य अपनी जगह पर खडा- खडा जैसे freez हो चुका था. उसकी आंखें बडी हो चुकी थी. तभी अश्की अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली, मान. वो.

अभी अश्की बोलने को ही हुई थी कि तभी आदित्य के चिल्लाने की आवाज वहां पर गूंजी. जिसे देखकर अश्की हैरानी से उसकी तरफ देखने लगी. उसे तो यही नहीं पता था कि आखिर सामने खडा शख्स है कौन? वह बडी हैरानी से आदित्य की तरफ देख रही थी, जो चिल्लाते हुए अरमान की तरफ आया और गुस्से से बोला, यह क्या बदतमीजी है Mister अरमान त्रेहान, तुम इस तरह से किसी को भी जबरदस्ती मेरे घर से उठा कर नहीं ले जा सकते. मुझे लगता है, मुझे आज मासी को Call करना ही पडेगा। जैसे ही उसने यह बात कही, तभी अरमान एक बार फिर दांत पीसते हुए बोला, अपना रिश्ता अपने पास रख, समझा और दोबारा से मैं यह लफ्ज तेरे मुंह से सुनना नहीं चाहता हूं.

मुझे खोखले रिश्ते निभाने नहीं आते और ना ही अरमान त्रेहान कभी रिश्तो की परवाह करता है. उसके लिए कोई भी मायने नहीं रखता। अरमान की बात सुनकर एक बार फिर से अश्की की आंखों में नमी उतर आई थी. एक पल के लिए उसका दिल पूरी तरह से तडप उठा था. अश्की की पकड जो उसके कंधों पर थी, वह पूरी तरह से कस चुकी थी. वह आगे जाने को हुआ कि तभी आदित्य ने एक बार फिर से उसके आगे आकर उसके सीने पर हाथ रखते हुए बोला, तुम इस लडकी को ऐसे नहीं ले जा सकते।

तभी अरमान उसकी तरफ देखते हुए बोला, और मुझे रोकेगा कौन? तुम रुकोगे मुझे? तुम्हारी इतनी औकात नहीं है कि तुम अरमान त्रेहान को रोक सको. तुम्हारी औकात सिर्फ लोगों को धोखा देने की हो सकती है, Mister आदित्य खुराना। इतना कहकर अरमान आगे की तरफ बढ गया. तभी आदित्य ने अरमान को पीछे से कॉलर से पकडा और उसे अपनी तरफ घूमाते हुए बोला, तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे साथ इस तरह से बदतमीजी से बात करने की? भाई हो, इसका मतलब यह नहीं है कि तुम्हें बख्श दूंगा मैं।

उसकी बात सुनकर अरमान व्यंग्य से हंसा. वही अश्की की तो आंखें बडी हो चुकी थी कि अरमान का कोई भाई भी है. अभी तक तो उसे अरमान के छोटे भाई के बारे में भी नहीं पता था. तो यह तो फिर भी उसकी मासी का लडका था. आदित्य ने जिस तरह से उसका कॉलर पकड रखा था, अरमान कर चेहरे पर गुस्सा और भी ज्यादा बढने लगा था. उसे यूं गुस्से में जाता देख अश्की के हाथ पैर ठंडे पडने लगे थे, क्योंकि वह जानती थी कि अरमान का जितना गुस्सा था, वह अब उस पर उतरने वाला था.

दूसरी तरफ आदित्य, जिसने उसका कॉलर पकड रखा था. वह अश्की की तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोला, लडकी को नीचे उतार। जैसे ही अरमान ने उसकी यह बात सुनी, अरमान के चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट आ गई. अब अरमान उसकी तरफ गहरी निगाहों से देखते हुए बोला, क्यों, क्या लगती है यह तेरी, जो तू.

अभी अरमान बोल ही रहा था कि तभी आदित्य उसकी बात बीच में काटते हुए बोला, मेरी शादी होने वाली है इस लडकी से बहुत जल्दी, pheoncy है। जैसे ही आदित्य ने यह बात कही, अश्की तो अरमान की बाहों में जैसे कांप उठी थी. उसे ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसका खून उसके शरीर में से पूरी तरह से निचोड लिया हो. चेहरा पूरी तरह से पीला पड चुका था.

अब तो आदित्य ने उसके लिए जैसे खाई ही खोद दी थी. वह लडखडाती हुई आवाज में बोली, यह सब झूठ है. मैं, मैं इस शख्स को नहीं जानती. मैंने तो आज पहली बार इसकी शक्ल देखी है. वह भी अभी, जब मैं होश में आई. तो मैं इसके साथ शादी कैसे कर सकती हूं. मैं तो आपसे इश्क करती हूं. मुझे, मुझे नहीं पता, यह इंसान कौन है, मान.

जैसे ही अश्की ने यह बात कही, आदित्य की आंखें बडी हो गई. वह एक पल के लिए अश्की की तरफ देखता ही रह गया. जितनी मासूमियत से अश्की ने यह बात कही थी, आदित्य की नजरे उस पर ठहर चुकी थी. ऊपर से जिस तरह से अश्की ने अरमान से डर कर अपना सिर पूरी तरह से झुका लिया था, उसे देखकर आदित्य को अपने दिल में एक अलग ही तडप सी महसूस हुई थी.

दूसरी तरफ अरमान के चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल आ चुकी थी. वह बेहद रुड तरीके से बोला, अब तुम्हें कुछ कहना है। उसकी बात पर अब आदित्य पूरी तरह से चुप हो चुका था. लेकिन उसके चेहरे पर अब गुस्सा साफ झलकने लगा था. तभी वह उसकी तरफ देखते हुए बोला, चलो ठीक है, मैं मान लेता हूं कि मैने तुमसे झूठ बोला. चलो, मेरा तो कोई रिश्ता नहीं इस लडकी से, लेकिन तुम्हारा, तुम्हारा क्या रिश्ता है इस लडकी से? इसे देखकर तो ऐसा लग रहा है, जैसे यह सब मजबूरी में बोल रही हो। उसकी बात सुनकर अरमान की पकड अश्की पर कस चुकी थी. अब वह गुस्से से आदित्य की तरफ देखते हुए बोला, पत्नी है वह मेरी.

शादी हो चुकी है हमारी। इतना कहते हुए अरमान का चेहरा बेहद सख्त था. रही बात तेरी, तेरी शादी तो इसके साथ- साथ जन्मों तक नहीं हो सकती और तू इसे अपनी pheoncy बता रहा है. जितनी कोशिश करनी है, कर ले. लेकिन एक बात कान खोल कर सुन ले, दोबारा इस पर नजर आई ना, तो इस बार तो बख्श दिया, अगली बार आंखें निकाल कर रख दूंगा.

और यह अरमान त्रेहान का वादा है. तुझसे भले ही तेरा रिश्ता जो भी रहा हो मेरे साथ, लेकिन अरमान त्रेहान अपनी चीज को कभी किसी के साथ शेयर नहीं करता। जैसे ही अरमान ने एक बार फिर से अश्की को चीज कहा,

अश्की की आंखों में एक बार फिर से नमी उतर आई. वही जानती थी कि अरमान की बातें कई बार उसे कितना ज्यादा अंदर तक हर्ट करती थी. लेकिन अरमान को इस चीज से कुछ खास फर्क नहीं पडता था. अरमान ने अब अपनी सख्त नजरों से अश्की की तरफ देखा, जो उसकी गोद में सिमट रही थी.

अगले ही पल उसकी नजर अश्की के पेट की तरफ गई, जिसे देखकर अरमान की आंखें और भी ज्यादा सर्द हो चुकी थी. कुछ देर अश्की के पेट को घूरते रहने के बाद अरमान ने अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए.

अरमान तो जैसे खुराना फार्म हाउस में किसी तूफान की तरह घुसा था और आंधी की तरह बाहर की तरफ चला गया था. लेकिन पीछे छोड गया था आदित्य के दिल में तडप. वह भी अश्की के लिए आज पहली बार उसे किसी लडकी को देखकर, वही बचपन की लडकी की याद आ रही थी, जिसे कभी उसने प्यार किया था. वह भी अरमान की पसंद हुआ करती थी. आज फिर से एक लडकी उन दोनों के बीच आकर खडी हो गई थी. जिसे देखकर आदित्य को उसकी याद आ रही थी.

आदित्य का दिल इस वक्त बुरी तरह से जल रहा था. अश्की का यूं अरमान से डरना उसे अंदर ही अंदर एक अजीब सी वाइब दे रहा था. उसे पता नहीं क्यों लग रहा था, जैसे अरमान अश्की के साथ बेहद जबरदस्ती इस रिश्ते को कायम कर रहा है. लेकिन अश्की इस रिश्ते में बिल्कुल भी इंवॉल्व नहीं होना चाहती. आदित्य का दिमाग पूरी तरह से घूम चुका था.

उसका दिल कर रहा था कि अरमान के पीछे जाए और उसकी पूरी इनफार्मेशन इकट्ठी करें और साथ में अश्की की भी कि अश्की की शादी कब अरमान के साथ हुई. इसी बात पर उसका दिमाग पूरी तरह से ठनका और अब उसने अपने पर्सनल असिस्टेंट रोनित को फोन लगाया.

दूसरी तरफ से एक ही बार में रोनित ने जल्दी से फोन उठा लिया. फोन उठाते ही रोनित को जो आदित्य ने कहा, उसे सुनकर रोनित की आंखें बडी हो गई. वह जल्दी से आदित्य की बात को बीच में ठोकते हुए बोला, लेकिन boss, अरमान sir मुझे जिंदा जला देंगे।

उसकी बात पर आदित्य जबडे कसते हुए बोला, अगर तूने इनफॉरमेशन नहीं दी, तो मैं तुझे जिंदा जला दूंगा, यह बात याद रखना।

आदित्य की बात सुनकर रोनित का चेहरा पूरी तरह से पीला पड चुका था. अब तो उसके लिए जैसे आगे कुआं और पीछे खाई हो चुकी थी. अगर किया तो भी मरेगा, अगर नहीं किया, तो भी मरेगा. तो इससे अच्छा वह कर ही ले. यही सोचकर अब वह अपने काम पर लग चुका था.

वहीं दूसरी तरफ,

अरमान की गाडी इस वक्त तेजी से हाईवे पर दौड रही थी. उसके चेहरे के भाव इस वक्त काले पड रहे थे. वही अश्की, जो कि अरमान की गाडी में दुबक कर बैक सीट पर बैठी हुई थी, उसे इस वक्त अरमान से हद से ज्यादा डर लग रहा था. इस वक्त उसका दिल तेजी से धडक रहा था और बढते पल के साथ उसकी बेचैनी भी बढती जा रही थी.

क्योंकि अरमान का यह रूप आज वह पहली बार देख रही थी. उसने अपने घुटनों को पूरी तरह से मोड कर उसमें अपना मुंह दे रखा था. वह दोनों गाडी में पिछली बीस मिनट से बैठे हुए थे. लेकिन अरमान ने इस वक्त अश्की से एक शब्द तक नहीं कहा था. यह चीज अश्की को और भी ज्यादा डरा रही थी.

वह अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली, कुछ तो बोलिए, मान.

उसने इतना ही कहा था कि गाडी एक झटके से रुकी. जैसे ही गाडी को झटका लगा, अश्की आगे की तरफ होने को हुई कि तभी अरमान एक झटके से पीछे की तरफ घुमा और उसने अश्की के चेहरे पर हाथ रख दिया. जिससे अश्की आगे से गिरने को बच गई. लेकिन अगले ही पल अरमान का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस हो गया. वह बिना अश्की की तरफ देखे उसे पूरी तरह से इग्नोर कर गाडी से बाहर निकल गया. जिस तरह से अरमान बेरुखी से बाहर निकला था, अश्की को अपने दिल में कुछ चुभता हुआ महसूस हो रहा था. लेकिन अगले ही पल उसने नजरे घुमाकर सामने की तरफ देखा, तो वह इस वक्त एक अस्पताल

के सामने खडे थे.

अस्पताल को देखकर अश्की की आंखें बडी हो चुकी थी.

To be continue.

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