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Armaan ka gussa /pregnancy

हाईवे पर,

अश्की रोते हुए सडक पर भागे जा रही थी. इस वक्त उसका पूरा चेहरा रो रो कर लाल हो चुका था. वो पिछले पच्चीस मिनट से लगातार सडक पर भाग रही थी. ऊपर से उसका सिर इस वक्त हद से ज्यादा फटे जा रहा था. रो रो कर उसका हाल बेहाल हो चुका था. वो खुद से ही बोली, क्या मैं आपके लिए कुछ नहीं, मान.

क्या इतने दिनों से आपके दिल में कोई जज्बात नहीं जागे? आखिर, आखिर क्यों है आप ऐसे? इतने पत्थर दिल क्यों हो जाते है आप? आपने कहा कि आपके लिए कोई भी मायने नहीं रखता, पर पर. क्यों क्यों.

इतना कहते उसने अपना एक हाथ नाक पर रख कर, जो पानी उसके नाक से रोने की वजह से बह रहा था. और एक हाथ से वो अपना लहंगा संभाल रही थी. ये लहंगा उसे जबरदस्ती हंसिका ने पहनाया था, जब वो उसे मंडप में ले जाने आई थी. लेकिन मंडप में तो उसे ले जा नहीं पाई. उससे पहले ही अरमान वहां पहुंच चुका था. लेकिन जिस तरह से अरमान ने सबके सामने ये बात कही थी कि उसे किसी के भी होने ना होने से कोई फर्क नहीं पडता, ये चीज उसे बहुत ज्यादा हर्ट कर गई थी.

उस बात को याद करते- करते उसका दिल पूरी तरह से टूट रहा था. वह रोते हुए अपने आंसू पोंछते हुए खुद से बोली, आखिर क्यों आप मुझे नहीं समझने की कोशिश करते? मेरे अंदर भी एक दिल है, जो मैंने आपके ऊपर लुटा दिया है. लेकिन आपको तो जैसे उससे भी कोई फर्क नहीं पड रहा. वह पिछले काफी टाइम से भाग रही थी. इसलिए भाग कर अब वह थक चुकी थी. इसीलिए एक जगह पर वह बैठी और अपने घुटनों में मुंह देकर रोने लगी.

रोते- हुए ही उसका सिर एकदम से घूमने लगा और अगले ही पल देखते ही देखते हो वहीं पर बेहोश हो गई,

वहीं दूसरी तरफ,

अरमान इस वक्त अपनी गाडी ड्राइव कर रहा था. उसकी आंखें इस वक्त हद से ज्यादा लाल हुई पडी थी और जबडे भी पूरी तरह से कसे हुए थे. इस वक्त उसे जितना गुस्सा आ रहा था, उसके चेहरे पर सांप दिखाई दे रहा था. क्योंकि उसका पूरा चेहरा गुस्से से कांप रहा था. वह बेहद गहरी और डोमिनेटिंग वॉइस में बोला, यह तुमने अच्छा नहीं किया, दिलरुबा. तुम्हें ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए था. इसका हर्जाना तो तुम्हें भुगतना ही पडेगा. अब जो पनिशमेंट तुम्हें मिलेगी, तुम सांस नहीं ले पाओगी.

इतना कहकर उसकी पकड स्टीयरिंग व्हील पर और भी ज्यादा कस चुकी थी. वहीं दूसरी तरफ अश्की इस वक्त सडक के बीचो- बीच बेहोश पडी थी. अभी वह बेहोश ही थी कि तभी वहां पर एक गाडी आकर रुकी. अश्की को इस तरह से बेहोश देखकर उस गाडी में बैठे हुए शख्स के चेहरे पर परेशानी झलकने लगी. यह शख्स आदित्य खुराना था. मुंबई का फेमस बिजनेस टायकून, जोकि अरमान का राइवल था. लेकिन इस बात से अनजान आदित्य अपनी गाडी से बाहर निकला और उसने अश्की की तरफ देखा. जिसका चेहरा इस वक्त नीचे जमीन के साथ लगा हुआ था और उसके बाल पूरी तरह से उसके चेहरे पर बिखरे हुए थे. जिस वजह से उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था.

ऊपर से उसकी शादी का लहंगा इतना भारी था कि उसके नाजुक से जिस्म पर और भी भार डाल रहा था. आदित्य अब धीरे- धीरे चलते हुए उसके पास आया और धीरे से एडियों के बल अश्की के पास बैठा. आदित्य को पता नहीं क्यों, अश्की से एक अजीब सी वाइब आ रही थी. उसे अपने दिल में अनकही दस्तक पहरा दे रही थी. महसूस हो रही थी. तभी उसने अश्की के बालों को उसके चेहरे पर से साइड किए एक पल के लिए जैसे उसकी दिल की धडकन स्किप हो गई हो.

अश्की का वह मासूम और खूबसूरत चेहरा देखकर आदित्य की नजरे उसके चेहरे पर ठहर सी गई थी. वह रो- रो के लाल पड चुका चेहरा और सुर्ख लाल होंठ, जिन पर इस वक्त लिपस्टिक तक नहीं थी. भले ही उसने शादी का लहंगा पहना था, लेकिन उसने चेहरे पर कोई भी मेकअप नहीं किया हुआ था और ना ही उसने ढंग से बाल बनाए हुए थे. इस वक्त उसके बाल पूरी तरह से खुले हुए थे. लेकिन फिर भी अश्की हद से ज्यादा खूबसूरत लग रही थी. उसके वह लंबे बाल जब उसके चेहरे को छू रहे थे, आदित्य को उसके बाल ही बहुत खूबसूरत लग रहे थे. लेकिन जब उसने उन बालों को पीछे की तरफ किया, तब अश्की का चांद सा चेहरा आदित्य की आंखों के सामने आया.

आदित्य का दिल धडक उठा. अब उसने जल्दी से अश्की को गोद में उठाया और कुछ पल अश्की के चेहरे को देखता रहा, जो पूरी तरह से फीका पडा हुआ था. रोने की वजह से उसका चेहरा लाल तो पडा ही हुआ था, साथ में मायूसी की झलक पूरी तरह से उसके चेहरे पर बिखरी हुई थी. आदित्य ने उसे उठाकर अपनी गाडी की बैक सीट पर लेटाया और अगले ही पल उसकी गाडी वहां से निकल गई.

कुछ ही देर में,

आदित्य की गाडी खुराना फार्म हाउस के आगे आकर रुकी. पूरे रास्ते आदित्य ने मिरर में से पीछे लेटी हुई अश्की को देखा था. एक पल के लिए भी उसकी नजरें अश्की से हटा पा रहा था. अभी भी आदित्य गाडी में बैठा अश्की को ही देखे जा रहा था. भले ही गाडी रुक चुकी थी, लेकिन उसके दिल की धडकन बढती जा रही थी. लेकिन किसी तरह उसने अपने दिल की धडकनों को काबू किया और गाडी से बाहर निकल कर बैक सीट का दरवाजा खोलकर अश्की को अपनी गोद में उठाया और सीधा खुराना फार्म हाउस के अंदर ले गया.

अंदर आते ही पूरा फार्म हाउस एकदम से खाली था. ऐसा लग रहा था कि यहां पर कोई चिडिया ने भी कभी पंख ना मारा हो. वहां के सर्वेंट भी वहां पर नहीं थे. आदित्य उसे लेकर सीधा अपने Room में आया और उसे बेड पर लेटाते हुए एक बार फिर से उसने उसके चेहरे को बडे गौर से निहारा. कमरे में काफी हद तक अंधेरा था, लेकिन डिम लाइट्स ऑन थी. उन डिम लाइट्स में अश्की को देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे पूरे कमरे में एक कयामत आ गई हो. उस डिम लाइट में अश्की का चेहरा और भी ज्यादा ग्लो कर रहा था. जिसे देखकर एक पल के लिए आदित्य को अपने होंठ सूखते हुए महसूस होने लगे थे. ऊपर से उसका चर्रहेदार बदन, जिस पर वह भारी लहंगा खूब जच रहा था पतली सी कमर, जो कि उस लहंगे के बीच में से अपना ही एक अलग नूर बना रही थी.

एक पल के लिए आदित्य का दिल कर रहा था कि अपने होंठ उसकी कमर पर रख दे. लेकिन उसने खुद की भावनाओं को संभाला और अगले ही पल डॉक्टर को फोन लगाया.

तकरीबन आधे घंटे बाद,

डॉक्टर जिंदल, जो कि खुराना फैमिली और त्रेहान फैमिली का भी पर्सनल डॉक्टर था. जब भी कोई खुराना फैमिली या फिर त्रेहान फैमिली में बीमार पडता था, तो डॉक्टर जिंदल को ही बुलाया जाता था. अब भी Mister जिंदल को ही बुलाया गया था. जैसे ही Mister जिंदल खुराना फार्म हाउस में आए, तो उन्हें पता था कि आदित्य ही फार्म हाउस में होगा. क्योंकि यह सिर्फ आदित्य का ही फार्म हाउस था. उसने पर्सनली डॉक्टर जिंदल को खुराना फार्म हाउस में बुलाया था.

डॉक्टर जिंदल जब अंदर की तरफ आए, तो उनकी नजर सामने ही सीढियों से उतर के आ रहे आदित्य पर पडी. आदित्य को देखकर वह जल्दी से आदित्य के पास आए और अपना हाथ आगे की तरफ बढाते हुए बोले, हेलो Mister खुराना, आप तो ठीक- ठाक लग रहे है, तो चेकअप? अभी वह बोल ही रहे थे कि तभी आदित्य अपनी कोल्ड वॉइस में बोला,

क्या बात है Mister जिंदल, लगता है आपको अब अपनी जुबान प्यारी नहीं रही. जिस हिसाब से आप मुझसे पूछ रहे हैं. उसने जैसे ही कहा, डॉक्टर जिंदल का चेहरा एक पल के लिए पीला पड गया. अब Mister जिंदल अपना चेहरा नीचे की तरफ झुकाते हुए बोले, तो बताइए Mister खुराना, क्या प्रॉब्लम है आपको? तभी आगे से आदित्य ने कहा, मुझे प्रॉब्लम नहीं है. चलिए, मैं आपको मिलवाता हूं किसी से, उन्हें प्रॉब्लम है. इतना कहकर वह Mister जिंदल को अपने साथ अपने Room में लेकर आया.

जैसे ही Mister जिंदल आदित्य के Room में गए, उन्होंने अश्की को वहां पर देखा, तो उनकी आंखें बडी हो गई और चेहरा जैसे पूरी तरह से पसीने से भर गया. डॉक्टर को यूं पसीने से तरबदर होते देखकर आदित्य के चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए. उसने अब डॉक्टर जिंदल के कंधे पर हाथ रखा, तो अगले ही पल डॉक्टर जिंदल कांप गए.

डॉ जिंदल को यूं कांपता हुआ देखकर आदित्य हैरानी से बोला, क्या हुआ Mister जिंदल, आप ऐसे कांप क्यों रहे हैं? आदित्य की बात सुनकर डॉक्टर जिंदल ने जल्दी से अपने माथे का पसीना साफ किया और ना में सिर हिलाते हुए अब अश्की की तरफ आए. अश्की को हाथ लगाते हुए भी डॉक्टर जिंदल के हाथ हल्के हल्के कांप रहे थे.

लेकिन फिर भी वो किसी तरह अश्की का चेकअप करने लगे. जैसे- जैसे वो अश्की का चेकअप कर रहे थे, उनके चेहरे पर परेशानी भरे भाव आने लगे थे. जैसे- जैसे वह अश्की की नब्ज पकडकर उसे पूरी तरह से एग्जामिन कर रहे थे, उनके चेहरे पर उनकी घबराहट साफ देखी जा सकती थी. ऐसा लग रहा था, जैसे उन्हें कोई चीज परेशान कर रही हो. तभी आदित्य गहरी आवाज में बोला, इन्हें हुआ क्या है डॉक्टर?

तभी डॉक्टर जिंदल मुंह में ही बोले, ओ माय गॉड! यह नहीं हो सकता. मैं तो Mister अरमान. इतना कहकर वह चुप हो गए और उनका चेहरा पूरी तरह से पीला पड गया. लेकिन अब वो आदित्य की तरफ देखते हुए फीका सा मुस्कुराए और बोले, यह बिल्कुल ठीक है Mister खुराना, बस थकावट की वजह से इनका यह हाल हो गया है. मैं कुछ मेडिसिन दे देता हूं, आप ही ने दे दीजिएगा. इन्हें कुछ ही देर में होश आ जाएगा. इतना कहकर डॉक्टर जिंदल ने जल्दी से मेडिसिन लिखकर आदित्य को दे दी और वहां से जल्दी- जल्दी निकल गए. डॉक्टर इतनी जल्दी से निकल कर गए थे कि आदित्य बहुत ज्यादा हैरान हो रहा था. डॉक्टर इस वक्त बहुत ज्यादा हडबडी में थे. डिस्क्राइब की हुई दवाइयां लिखते समय भी उनके हाथ बुरी तरह से कांप रहे थे.

तकरीबन पंद्रह मिनट बाद Mister जिंदल अपनी गाडी में बैठे हुए थे और अपने चेहरे पर पसीना साफ कर रहे थे. उनके चेहरे पर घबराहट हद से ज्यादा थी. वह खुद में ही बडबडाए, अगर Mister अरमान को पता चल गया कि उनकी बीवी प्रेग्नेंट है, तो. वह सब कुछ बर्बाद कर देंगे और मुझे तो जान से मार देंगे. मैंने तो उन्हें medicine भी दी थी. लेकिन लगता है, उन्होंने अपनी Wife को वह मेडिसिन दी नहीं. अगर उन्होंने वह दवाई ली, तो वह प्रेग्नेंट कैसे हो गई.

लेकिन मुझे, मुझे Mister अरमान को इस बारे में इन्फॉर्म करना होगा. बिकॉज अगर हमने इन्फॉर्म ना किया, तो हो सकता है कि मुझे जान से मार दे. इतना कहकर उसने जल्दी से अपने कांपते हुए हाथों से अपने पॉकेट में से फोन निकाला और अगले ही पल अरमान को लगा दिया. अरमान, जो कि इस वक्त गाडी ड्राइव कर रहा था, उसके चेहरे पर इस वक्त हद से ज्यादा सर्द एक्सप्रेशन थे. वह पिछले दो घंटे से अश्की को ढूंढ रहा था. उसका दिमाग पूरी तरह से गर्म हुआ पडा था.

आज तक उसने कभी भी किसी को ऐसे नहीं ढूंढा था. जबकि उसकी फोर्स ही काफी होती थी किसी को ढूंढने के लिए. जब अश्की उसे कहीं नहीं मिली, तो उसका दिमाग और भी ज्यादा खराब होने लगा. क्योंकि इतनी ज्यादा सिक्योरिटी के बावजूद भी अश्की उसे मिल नहीं रही थी. अब उसने अपने हाथ में वाइन की बोतल पकडी हुई थी और सीधे अपने होठों से लगाकर वाइन की बोतल पिए जा रहा था. इस वक्त उसका दिमाग हद से ज्यादा गर्म हो चुका था. इसीलिए दिमाग को ठंडा करने के लिए वह इस वक्त वाइन का सहारा ले रहा था. इस वक्त उसकी गाडी हाईवे पर रुक चुकी थी.

तभी अरमान का फोन बजा और फोन पर Mister जिंदल का नंबर देखकर उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए पहले तो उसने फोन को पूरी तरह से अवॉयड कर दिया, लेकिन फिर कुछ सोच कर उसने फोन उठाया और दूसरी तरफ से Mister जिंदल ने जो कहा, उसे सुनकर अरमान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.

To be continue.

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