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Jalan ki hadd

दो बजे.

सेन सेबेस्टियन college,

अश्की इस वक्त अपनी क्लास अटेंड कर रही थी. वही प्रोफेसर कुछ मैथ के क्वेश्चंस बच्चों को समझा रहे थे. जहां उसके पास बैठे हुए बच्चों का ध्यान अश्की पर था, वही अश्की का पूरा फोकस sir से मैथ्स समझने में था. उसने एक बार भी अपने आसपास नहीं देखा था. जहां लडकियां अश्की से जल रही थी, वही लडके अश्की पर लट्टू हुए जा रहे थे. सब लडकों का इस वक्त फॉक्स अटेंशन अश्की बनी हुई थी.

लेकिन अश्की इस चीज से कोसो दूर थी. वह तो सिर्फ सामने ब्लैकबोर्ड की तरफ देख रही थी. उसका किसी पर कोई भी फोकस नहीं था. वही sir भी ब्लैकबोर्ड की तरफ मुंह करके अपनी मैथ्स का सम सॉल्व कर रहे थे और बच्चों को समझा रहे थे. अश्की, जो कि मैथ्स का सम देखते हुए साथ में उसे कॉपी पर उतार भी रही थी.

वह महीन से महीन क्वेश्चन को बडे आराम से सॉल्व कर रही थी. अभी वह क्वेश्चन को समझ ही रही थी कि तभी क्लास में एक शख्स की एंट्री हुई. एंट्री होते ही सभी क्लास के लडकों की नजरे ऊपर की तरफ उठी. उस शख्स को देखकर सबकी नजरें दोबारा से अपनी कॉपी पर हो गई. अब किसी की हिम्मत नहीं पडी कि वह अब अश्की की तरफ देख भी लें. वही प्रोफेसर को भी अभी यह चीज का पता नहीं चला था कि कोई क्लास में दाखिल हुआ है और ना ही अश्की को पता चला. वह सिर्फ अपने क्वेश्चन कॉपी में उतारे जा रही थी.

तभी वह शख्स, जो कि अरमान था, वह अब अश्की के डेस्क के पास आकर खडा हो गया. वही अश्की, जोकि कॉप्स में सम उतार रही थी, उसका दिल अब तेजी से धक- धक करने लगा. क्योंकि अरमान की प्रेजेंट होना ही काफी थी उसके रोंगटे खडे करने के लिए. अभी भी जिस तरह से अरमान उसके पास आकर खडा हुआ था, अश्की को अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था. उसने धीमे से अपनी पलके ऊपर की तरफ उठाई. अरमान ही था, जो अपनी ठंडी नजरों से इस वक्त अश्की को देख रहा था. अरमान के चेहरे पर इस वक्त कोई भाव नहीं था.

दूसरी तरफ क्लास में लेक्चर लगा रहे sir ने जब पीछे पलट कर अरमान की तरफ देखा, तो उसने भी अपना सलाइवा घटक लिया. इस वक्त उसके हाथ में चोक था, जो अभी भी वैसे ही हवा में उसका हाथ उठा हुआ था. अरमान को देखकर वह हाथ नीचे करना ही भूल गए थे. वही अरमान, जो कि अपनी ठंडी नजरों से अश्की को देख रहा था, वह अब उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, किससे पूछ कर तुम Collage आई?

उसका इतना ठंडा लहजा देखकर अश्की का बदन थरथरा उठा. उसके होंठ हल्के हल्के कांपने लगे थे. जिस वजह से अरमान की नजरे उसके होठों पर ठहर चुकी थी. अब वह अपनी लडखडाती हुई आवाज में बोली, वह हम, वह आप सोए हुए थे, तो इसीलिए. इससे आगे वह कुछ कहती कि तभी अरमान बिल्कुल उसके पास आया और उसे गहरी नजरों से देखते हुए बेहद डोमिनेटिंग वॉइस में बोला, जो तुमने आज हरकत की है ना दिलरुबा, इसकी सजा तो तुम्हें मिलनी बनती है. जैसे ही उसने यह बात कही, अश्की का दिल जैसे उसके कलेजे से बाहर आने को हो रहा था.

उसे अब डर लगने लगा था कि पता नहीं अरमान अब उसके साथ क्या करेगा. लेकिन अगले ही पल उसकी आंखें हैरत से फैल गई और उसका दिल धक सा रह गया. क्योंकि अरमान ने उसके बालों में अपना हाथ फसाया और उसे अपनी तरफ खींचकर उस क्लास में बीचो- बीच खडे होकर उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए और पैशनेटली सबके सामने उसे चूमने लगा वही वहां पर खडी लडकियां, जो कि कब से अरमान को अपने ख्वाबों में सजाए देख रही थी, उनके दिल अब छलनी हो चुके थे. उनके चेहरे अब उतर चुके थे. वही लडके भी अब जल भुनकर राख हो चुके थे, क्योंकि जिस तरह से अरमान क्लास के बीचो- बीच खडा अश्की को चूमे जा रहा था.

उन लोगों के चेहरे पर फ्रस्ट्रेशन साफ दिखाई दे रही थी. उनकी गुस्से से मुट्ठियां ही कस गई थी. लेकिन कह कोई भी नहीं कुछ पा रहा था. कोई क्लास में खडा होकर भी अरमान को कुछ नहीं कह सकता था, क्योंकि अरमान त्रेहान हस्ती ही ऐसी थी कि कोई उसके सामने मुंह नहीं खोलता था. अरमान लगातार प्रेशर के साथ उसके होठों पर चूमे जा रहा था. जिससे अश्की की सांस रुकने तक को आ गई थी. लेकिन अरमान था कि शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था. क्योंकि अश्की उसे बिल्कुल भी रिस्पांस नहीं दे रही थी, जो कि उसका गुस्सा और भी ज्यादा बढा रहा था.

दूसरी तरफ अश्की ने अपने होंठ लगातार बंद किए हुए थे. वह बिल्कुल भी अरमान का साथ नहीं दे रही थी. उसे तो क्लास में खडे हुए शर्म महसूस हो रही थी. जिस तरह से अरमान उसे चूम रहा था, उसकी पलके पूरी तरह से झुकी हुई थी. लेकिन अरमान की आंखें पूरी तरह से खुली थी, जो उसके चेहरे को ही देख रही थी. अश्की की आंखों में से आंसू बह रहे थे, लेकिन अरमान को इस चीज से जैसे कोई फर्क नहीं पड रहा था. वह तो बस अश्की को जैसे नीचा दिखाने के लिए कुछ भी कर रहा था.

लेकिन अश्की भी अब जैसे जिद पर अडी हुई थी. उसने भी अरमान को रिस्पांस नहीं दिया. जिस तरह से अरमान उसके होठों पर हावी हो रहा था, अश्की को अपने होठों में हद से ज्यादा दर्द होने लगी थी. लेकिन फिर भी उसने तो जैसे ठान ही ली थी कि वह अरमान का साथ देगी ही नहीं. वह चुपचाप उसके सामने खडी रही. जब अश्की ने उसे रिस्पांस नहीं दिया, तो अरमान पीछे की तरफ हुआ और लगभग से चीखते हुए बोला,

Response me god demmit.

जिस तरह से अरमान ने चीख कर अश्की से यह बात कही थी, अश्की का दिल जैसे धडकना ही भूल गया था. वह डर के मारे चिहुक गई थी. अब उसने आसपास देखा, जहां पर सब लोग उसे अजीब सी नजरों से देख रहे थे. यह चीज देखकर उसकी आंखों से झर झर आंसू बहने लगे. अब दूसरे ही पल अश्की की नजर अरमान पर गई, जोकि उसे अपनी गुस्से भरी नजरों से देख रहा था.

लेकिन इससे पहले अरमान उसे दोबारा Kiss करता, अश्की ने उसे जोर से पीछे की तरफ धक्का दिया और लगभग से भागते हुए क्लासरूम से बाहर चली गई. बस फिर क्या था, अरमान तो अंदर तक जैसे जल उठा. अब उसने आसपास देखा, जो कि अभी भी सब उसे ही देख रहे थे. सबको खुद को देखता हुआ पाकर अरमान ने गुस्से से उन सबकी तरफ देखा और बोला, तुम सबको अपनी जान प्यारी नहीं है क्या?

जैसे ही अरमान ने उन सबको यह बात कही, वहां पर खडे सभी लोग कांप उठे. वह जल्दी से अपने- अपने काम में लग गए और अपने- अपनी जगह पर बैठकर दोबारा से लेक्चर अटेंड करने लगे. लेक्चरर भी अपने ब्लैक बोर्ड की तरफ पलट कर सम सॉल्व करने लगा ऐसा लग रहा था, जैसे वहां पर कुछ हुआ ही ना हो. यहां पर पढ रहे हर एक स्टूडेंट और लेक्चरर को जैसे सांप सूंघ गया था.

दूसरी तरफ अश्की, जोकि रोते हुए बाहर की तरफ आई थी. उसने सामने की तरफ देखा, जहां पर अरमान की car खडी थी. लेकिन वह अरमान की कार की तरफ नहीं गई. उसने अपने कदम सडक की तरफ बढा दिए और रोते हुए ही सडकों पर चलने लगी. भागते- भागते वह काफी आगे तक आ चुकी थी. उसने पलट कर एक बार भी पीछे नहीं देखा था.

वहीं दूसरी तरफ अरमान, जोकि Collage से बाहर आया उसे लग रहा था, जैसे अश्की कार में बैठ चुकी होगी लेकिन जैसे ही वह कार में बैठने को हुआ, जब उसे अश्की नहीं मिली, तो अब तो उसका दिमाग जैसे पूरी तरह से ब्लास्ट होने को हो गया. उसने अब ड्राइवर की तरफ देखा, तो ड्राइवर अरमान की तरफ देखते हुए बोला, सर, वह अभी- अभी यहां से निकल कर उस तरफ गई है. जैसे ही ड्राइवर ने यह बात कही, अरमान ने एक जोरदार थप्पड ड्राइवर के कान पर जड दिया. अभी भी अरमान गाडी के बाहर ही खडा था. ड्राइवर, जो गाडी के से बाहर निकल कर आया था, वह अरमान के सामने अब सिर झुका कर खडा था.

अरमान अब गुस्से से कांपते हुए बोला, तुम लोगों को यहां पर क्या झक मारने के लिए रखा हुआ है. अगर वह उधर गई थी, तो तू क्या कर रहा था. तुझे तो नौकरी पर रखा ही मैंने.

इतना कहकर अरमान पूरी तरह से चुप हो गया. इससे आगे अरमान ने कुछ कहा भी नहीं लेकिन अब उसका गुस्सा अश्की ना जाने कैसे हैंडल करने वाली थी. अब वो अश्की के साथ पता नहीं क्या करने वाला था. लेकिन अब वह अपनी गाडी में बैठा और अपने फोन पर कुछ चलाया.

फोन पर कुछ देखते हुए उसने अब खुद से गाडी ड्राइव करनी शुरू कर दी, क्योंकि ड्राइवर को तो अब वह वहीं पर खडा- खडा काम से निकाल चुका था.

कुछ ही देर में उसकी गाडी एक पार्क के आगे आकर रुकी. जैसे ही पार्क के पास आकार गाडी रुकी, अरमान की डेविल नजरे पार्क की तरफ उठ गई. मजाल थी, कहीं और गलत जगह उठी होती. उसने बस एक ही नजर उठाई थी कि सामने ही अश्की पर उसकी नजर गई, जोकि एक बेंच पर बैठी हुई थी और बेहिसाब रोए जा रही थी. वहीं आसपास खेल रहे बच्चे भी जब अश्की की तरफ देख रहे थे. उन्हें भी अश्की के लिए बुरा लग रहा था.

वो बच्चे जल्दी से अश्की के पास गए. एक बच्चे ने अश्की के गालों पर अपने छोटे- छोटे हाथ रखते हुए उसके आंसू को पोंछते हुए बोला, क्या बात है दीदी, आप रो क्यों रहे हैं? आप इतनी ब्यूटीफुल हो, आप रोते हुए बिल्कुल भी अच्छे नहीं लग रहे हो. उन बच्चों की बात सुनकर अश्की की नजरे उसकी और उठ गई. वह बडे प्यार से उस बच्चे के गाल पर हाथ रखते हुए बोली, कुछ नहीं बेटा, बस यूं ही आंख में कुछ चला गया था. मैं रो थोडी रही हूं. इतना कहते हुए उसने अपनी आंखों को साफ किया. वहीं वह लडका, जो कि अब अश्की की गोद में बैठ चुका था. उस लडके को अश्की की गोद में बैठता हुआ देखकर

अरमान को ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसके दिल को आग लगा दी हो. उसका चेहरा पूरी तरह से काला पडता जा रहा था. वही अश्की, जो कब से रो रही थी, जब उन बच्चों ने उससे हंसना बोलना शुरू किया, तो अब उसके चेहरे पर भी अब हल्की- हल्की मुस्कुराहट तैरने लगी थी. बच्चों के साथ उसे मुस्कुराता हुआ देखकर अरमान का गुस्सा और भी बढने लगा था. उसके हाथ स्टीयरिंग व्हील पर कसते जा रहे थे.

अब वह अगले ही पल गाडी से बाहर निकला और तेज कदमों से अपने कदम पार्क के अंदर बढा दिए. वहीं वह बच्चे, जोकि अश्की की गोद में और आसपास बैठे हुए थे. वह बडे प्यार से उस से बातें कर रहे थे. अब गोद वाले बच्चे ने अश्की के गालों को हाथ में भरा और बोला, दीदी, आप सच में बहुत प्यारे हो. क्या मैं आपको एक Kiss कर लूं.

उसकी बात पर अश्की ने बडे प्यार से हां में सिर हिलाया और उसके सिर पर बडे प्यार से सहलाते हुए उसके माथे को चूम लिया. बस अगले ही पल एक जोरदार चीख की आवाज वहां पर गूंज गई.

अश्की, जो कि उन बच्चों के साथ लाड लडा रही थी, उसके कानों में जैसे ही वह चीख की आवाज गूंजी, उसका दिल धक सा रह गया. उसकी आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे. उसे ऐसा लग रहा था, जैसे उसकी सांसे उसके हलक में अटक गई हो और प्राण पूरी तरह से सूख चुके थे.

To be continue.

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