
त्रेहान फॉर्महाउस,
अरमान इस वक्त पूरी तरह से अश्की के ऊपर झुका हुआ था. पर इस वक्त अश्की का पूरा बदन भट्टी की तरह तप रहा था. अश्की इस वक्त अरमान के नीचे पूरी तरह से बेजान सी लेटी हुई थी. इस वक्त वह पूरी तरह से बेहोश थी. उसे कोई होश नहीं था कि वह इस वक्त कहां पर है, कहां नहीं. दूसरी तरफ अरमान अपनी लाल आंखों से अश्की के चेहरे को घूर रहा था. इस वक्त उसके जबडे पूरी तरह से कसे हुए थे.
जबकि उसके घूरने का अश्की पर इस वक्त कोई असर नहीं होने वाला था, क्योंकि वह तो बेजान, बेहोश उसके नीचे पडी हुई थी. अश्की को इस तरह से अपने नीचे बदहवास देखकर अरमान का क्रोध और भी बढने लगा था. इस वक्त वही जानता था कि उसका खून अश्की को इस हालत में देखकर Kiss तरह से खोल रहा था. अरमान गुस्से से दांत पीसकर अश्की के चेहरे को अपनी उंगलियों में उसके गालों को भरते हुए बोला, आखिर साबित क्या करना चाहती हो तुम? बहुत इश्क है तुम्हें मुझसे. अरे! जितना मर्जी जोर लगा लो, मैं नहीं करूंगा तुमसे इश्क, नहीं करूंगा. तुमसे प्यार मै कभी कर भी नहीं सकता, क्योंकि दुश्मन हो तुम मेरी. अरे! इतना ही दिमाग से काम ले लेती.
इतना कहते हुए अरमान का गुस्सा बढते ही जा रहा था. अब फ्रस्ट्रेशन से अश्की को देखते हुए उसने अश्की के जिस्म की तरफ देखा, जोकि पूरी तरह से नीला पडता जा रहा था. अश्की के हाथ पैर पूरी तरह से सुन्न पड गए थे. जब से वह ठंडे पानी में बैठी थी. ऊपर से उसकी बॉडी भी सुन्न पड चुकी थी. अरमान ने अब अपनी शर्ट उतारी और उसके साथ ही अपने बाकी के कपडे उतारे. धीरे- धीरे कर उसके बदन को देखते हुए उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला,
तुम चाहे जितना मर्जी अपना इश्क बयां कर लो, मैं तुमसे प्यार नहीं कर सकता. लेकिन मैं तुम्हें मरने भी नहीं दे सकता. ना तुम्हें जीने दूंगा और ना ही तुम्हें मैं मरने दूंगा. इतना कह कर अब उसने अश्की के पूरे जिस्म पर अपना कहर बरसाना शुरू कर दिया. वह उसके जिस्म को जिस तरह से वो सहला रहा था, अभी तो फिलहाल अश्की को महसूस नहीं हो रहा था. लेकिन जब अश्की होश में आने वाली थी, तब शायद उसे हद से ज्यादा तकलीफ होने वाली थी.
अरमान अश्की के सीने पर आया और उसके उभरे हुए अंगों को अपने हाथ में भरकर उसे जोर- जोर से चूमने लगा. जिस तरह से वह वाइल्ड होकर उसके सीने के उभरे हुए अंगों को अपने होठों में लेकर चूम रहा था, वह इस वक्त हद से ज्यादा ब्रूटल था. उसका इस तरह से उसके सीने को चूमना अश्की के बदन को नोचने के बराबर था. ऐसा लग रहा था, अरमान उसके साथ इंटिमेट होने की बजाय उसके ऊपर अपना गुस्सा ज्यादा निकाल रहा था. वह लगातार उसके उभरे हुए अंगों को चूमते हुए अपने हाथों से जोर- जोर से मसलने भी लगा था.
ऐसे ही करते हुए अब वह नीचे की तरफ आया और उसके पेट पर अपने होंठ रखते हुए उसने अपना चेहरा ऊपर की तरफ उठाया. वह अश्की के चेहरे की तरफ देखने लगा, जो अभी भी बेजान और बदहवास था. उसका वह बेजान बदहवास चेहरा देखकर अरमान का खून खौल रहा था. अब उसने अपने होंठ अश्की के पेट पर चलाने शुरू किए. जिस तरह से अरमान उसके पेट पर अपने होंठ रख चूम रहा था, वह भी बेहद शिद्दत और वाइल्डनेस के साथ कर रहा था. लेकिन अब उसके होंठ थोडा नरम पडने लग गए थे. उसकी नजरें अभी भी अश्की के चेहरे पर थी, जिस पर कोई भी भाव नहीं बदला था.
अश्की की नवल को चूमते हुए ही वह उसकी लोअर बॉडी पर आया. अभी भी उसकी नजर लगातार अश्की के चेहरे पर बनी हुई थी. उसके बेजान से पडे हुए चेहरे को देखकर अरमान को कुछ- कुछ हो रहा था. भले ही अरमान अपने मुंह से बहुत कुछ कह रहा था, लेकिन उसकी बेचैनियां अब अश्की से जुडने लगी थी. अरमान अब उसकी लोअर बॉडी पर झुका और उसकी लोअर बॉडी को अपने होठों से चूमते हुए धीरे- धीरे उसकी वाइल्डनेस अब उसके प्यार में बदलने लगी थी.
जैसे- जैसे अरमान उसकी लोअर बॉडी को अपने होठों रख कर चूम रहा था, वैसे- वैसे अश्की का जिस्म में कांपने लगा था. लेकिन उसने अपनी आंखें अभी तक नहीं खोली थी. दूसरी तरफ उसका कांपता हुआ शरीर देखकर अरमान, जो उसके चेहरे की तरफ देख रहा था, अब उसके होठों के हल्के से कोने मुड चुके थे. अब वह उसे गहरी नजर से देखते हुए बोला,
तुम्हें मरने तो मैं बिल्कुल भी नहीं दूंगा. तुम्हारा जिंदा रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि मुझे तुमसे अपने बदले का जर्रा जर्रा तुम्हारी हड्डियों से निकालना है. इतना कहकर अरमान का चेहरा एक्सप्रेशन लैस हो चुका था.
अब वह अपनी जगह से उठा और उसने अश्की के चेहरे के ऊपर जाकर अब उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए. अगले ही पल खुद को अश्की की तरफ पुश किया. जैसे ही उसने खुद को अश्की की तरफ पुश किया, अश्की के चेहरे पर दर्द उभर आया. उसकी दर्द से सिसकी निकल गई. अब अरमान लगातार खुद को उसके अंदर मूव करते हुए उसके चेहरे की तरफ अपनी नजर बनाए हुए था. बाहर अलग तूफान चल रहा था और अंदर एक अलग तरह की गर्माहट पैदा हो रही थी. अरमान लगातार अश्की के साथ इंटीमेट हुए जा रहा था. ऐसे ही सुबह के साढे तीन बज चुके थे. लेकिन अरमान अभी तक सेटिस्फाइड नहीं हुआ था. वही अश्की जिसको अब होश आने लग गया आज उसने अपनी हल्की सी आंखें खोलकर अरमान की तरफ देखा.
अरमान को अपने ऊपर देखकर अश्की के चेहरे पर एक छोटी सी मुस्कराहट तैर गई. उसकी मुस्कुराहट को देखकर अरमान की नजरे उस पर छोटी हो गई. लेकिन अगले ही पल अश्की की आंखें फिर से बंद हो गई.
वही अरमान को लगातार उसके साथ intimate होते हुए तकरीबन आधा घंटा और यूं ही बीत गया. सुबह के चार बजे अरमान हांफते हुए अश्की के बगल में लेट गया. अब अरमान का चेहरा भी पूरी तरह से पसीने से लथपथ हो रखा था. ऊपर से अश्की की बॉडी भी पूरी तरह से पसीने से भरी हुई थी. लेकिन अब अश्की गहरी नींद में सो चुकी थी. उसे कोई भी होश नहीं था.
अरमान ने अब उसे गहरी नजरों से देखा और उसके माथे पर अपना हाथ रख कर देखा, तो अब उसका टेंपरेचर पूरी तरह से नॉर्मल हो चुका था. उसे यूं देखकर अरमान अश्की की तरफ गहरी नजरों से देखते हुए बोला,
तुम जज्बात जागने की कोशिश कर रही हो, दिलरुबा, और वह कभी नहीं होगा. तुम जितना कोशिश करोगी, उतना खुद को ही तकलीफ दोगी. तुम्हें मुझसे सिर्फ तकलीफ ही मिलेगी. जिस इश्क की दुहाई लेकर तुम मेरे सामने खडी हो ना, वह तो मुझे कभी तुमसे होने से रहा. यह अरमान त्रेहान मर जाएगा, लेकिन तुमसे कभी इश्क नहीं करेगा. यह वादा है मेरा खुद से.
अरमान त्रेहान दुश्मनों को सिर्फ मौत देता है. लेकिन फिर भी आज पहली बार ऐसे दुश्मन से पाला पडा है. इतना कहकर कुछ पल अरमान चुप हुआ. अब वह अपनी गहरी आवाज में बोला, दुश्मन ए इश्क. इतना कहकर अरमान ने उसे गहरी नजरों से देखा और अपनी जगह से उठकर बालकनी में जाकर खडे होकर सिगरेट पीने लगा. तकरीबन एक घंटा वह बालकनी में खडा सिगरेट पीता रहा. वह बालकनी से खडे- खडे ही अश्की को बेड पर लेटे हुए ही देखता रहा.
कुछ देर पहले जिस तरह से अरमान की हालत हो गई थी, वह शायद ही कभी इस तरह से ट्रिगर हुआ था. लेकिन आज अश्की ने उसे ट्रिगर कर दिया था. वह खुद नहीं समझ पा रहा था कि आखिर ऐसा उसके साथ हुआ क्यों? क्योंकि वह एक ऐसा राक्षस था, जिसे किसी के भी दुख दर्द से उसे कभी कोई भी फर्क नहीं पडा था. पर क्या आज उसे फर्क पड रहा था. हां, पड रहा था, इसीलिए शायद अश्की की आंखों को बंद देखकर उसका दिल बेचैनियों से घिरा पडा था.
अब अश्की को ठीक देखकर अरमान ने भी कहीं ना कहीं चैन की सांस ली थी.
कुछ देर सिगरेट पीने के बाद अरमान ने वह सिगरेट जमीन पर फेंक कर अपने पैर से बुझाई और अंदर की तरफ आकर सामने सोफे पर जाकर बैठ गया. वह सामने रखी बोतल खोलकर वाइन पीने लगा.
अरमान लगातार वाइन के घूंट भरते हुए अश्की को देखे जा रहा था, जो अभी तक आराम से सो रही थी. सुबह के सात बजे अरमान की आंख वही सोफे पर बैठे- बैठे लग गई. लेकिन अभी अरमान की आंख लगे कुछ वक्त ही हुआ था कि तभी अश्की की आंख खुली. उसकी नजर अपने बगल में बेड पर गई और बगल में बेड पर अरमान को न पाकर एक पल के लिए उसे अपने दिल में तडप सी महसूस हुई. अब वह अपनी जगह से उठ कर बैठी. उसकी नजर सामने ही सोफे पर लेटे हुए अरमान पर गई, जो अब सो रहा था. उसको सोफे पर लेटे हुए देखकर अश्की की आंखों में नमी उतर आई.
लेकिन अब अश्की ने अपनी नमी को अपनी आंखों में समेटा. अगले ही पल उसे कल रात के पल याद आने लगे. उन पलों को याद कर एक पल के लिए अश्की के चेहरे पर एक तकलीफ भरी मुस्कराहट तैर गई. लेकिन अब वह अपनी जगह से खडी हुई और बाथरूम में जाकर शॉवर लेने लगी, क्योंकि उसे कुछ देर में Collage के लिए निकलना था. शायद यह बात अरमान भूल चुका था. आज उसका Collage का दूसरा दिन था, तो उसे लेट नहीं होना था.
तकरीबन आधे घंटे बाद अश्की शीशे के सामने खुद को देखकर रेडी हो रही थी. उसने एक वाइट Color का फ्लोरल फ्रॉक सूट पहना हुआ था, जिसके साइडों पर स्प्लिट थी और उन पर डोरिया भी लगी हुई थी. अश्की पर वह फ्रॉक सूट और भी ज्यादा खिल रहा था.
अधिका पूरी तरह से रेडी हुई. उसने अब पलट कर अरमान की तरफ देखा, जो अभी भी गहरी नींद में सो रहा था. कुछ ही देर में वह अरमान के पास आकर खडी हुई और उसके चेहरे पर झुकते हुए उसे बडे प्यार से देखने लगी. कुछ देर सोचने के बाद बोली, जानती हूं, आप इश्क नहीं करते मुझसे, लेकिन मैं बावरी तो करती हूं ना आपसे, मेरे लिए इतना ही काफी है, मान?
Maan" वह खुद हैरान थी कि उसके मुंह से क्या निकल गया. क्या उसने अभी- अभी मान कहा. लेकिन फिलहाल उसे यह नाम बहुत प्यारा लगा और वह बडे प्यार से एक बार फिर से बोली, maan,
अब से मैं आपको यही कह कर बुलाऊंगी. लेकिन अरमान, जो कि इस चीज से अनजान था, गहरी नींद में सोया हुआ था. जब उसके कानों में यह आवाज पडने वाली थी, तो उसका क्या होने वाला था, यह तो वही जानता था.
अश्की अब अपनी जगह से खडी हुई और उसने अपने कदम दरवाजे की तरफ बढा दिए. कुछ ही देर में वह पार्किंग एरिया में आई, जहां पर इस वक्त ड्राइवर खडा था. अश्की ने ड्राइवर की तरफ देखकर Collage छोडकर आने को कहा, तो ड्राइवर ने हां में सिर हिला दिया. देखते ही देखते अश्की गाडी में बैठी और कुछ ही देर में उसकी गाडी Collage के लिए रवाना हो चुकी थी.
वहीं दूसरी तरफ अरमान, जोकि गहरी नींद में सो रहा था, वह इस चीज से कोसो अनजान था कि आज उसकी अश्की इजाजत के बिना ही Collage चली गई थी. लेकिन जब वह उठने वाला था, तो क्या कहर बरसाने वाला था, यह तो वही जानता था.
दोपहर के लगभग से बारह बजे,
अरमान की नींद कॉफी टेबल पर पडे हुए फोन बजने की आवाज से टूटी. अगले ही पल उसने फोन की तरफ देखा, तो उसके फोन पर जावेद का Call आ रहा था. उसने किसी तरह अपनी आंखें खोली और तकिए में ही अपना चेहरा घुसाते हुए जावेद की बात सुनने लगा. जावेद की बात सुनकर उसने अपना चेहरा तकिए से बाहर निकाला और गहरी आवाज में बोला, गेट रेडी फॉर ए पार्टी,
And big drama for all. इतना कहते हुए अरमान के चेहरे पर मिस्टीरियस स्माइल थी.
अब उसने फोन रखा और अपनी जगह से खडा हुआ, तो उसकी नजर बेड पर गई, जहां पर अश्की इस वक्त नहीं थी. बस इतना ही काफी था, उसका खून खोलने के लिए.
To be continue.








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