
त्रेहान farmhouse,
अश्की इस वक्त अरमान के सामने पूरी तरह से बेलीबास खडी थी. इस वक्त उसके बदन पर एक भी कपडा नहीं था. अरमान, जो कि उसके सामने ही एक सोफे पर अब बैठ चुका था, उसे गहरी नजरों से देख रहा था. उसकी नजर अश्की के बदन के हर एक हिस्से पर घूम रही थी. अश्की उसकी नजरें खुद पर बहुत अच्छी तरह से महसूस कर रही थी. इस वक्त उसका बदन पूरी तरह से कांप रहा था.
क्योंकि इस वक्त वह पूरी तरह से छत पर थे. ऊपर से बादल भी गरज रहे थे और हल्की- हल्की बूंदे भी अब टेरेस पर बरसने लगी थी. अश्की और अरमान दोनों इस वक्त खुले आसमान के नीचे थे साइड में एक बाथटब पडा हुआ था, जिसमें बेशुमार बर्फ भरी पडी थी. उसमें पानी भी था, लेकिन उसमें पानी कम बर्फ ज्यादा नजर आ रही थी. अब अरमान ने अश्की की तरफ देखकर चुटकी बजाई. जैसे ही अरमान ने चुटकी बजाई, तो अश्की ने अपनी नजरे उठाकर अरमान की तरफ देखा, जिनमें अब नमी भरी पडी थी.
उसकी नमी को देखकर अरमान का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस हो चुका था. अरमान अब उसकी तरफ देखते हुए बोला, मुझे तुम्हें कुछ बताने की वैसे जरूरत तो नहीं है, समझदार तो तुम खुद ही बहुत ज्यादा हो. अभी उसने इतना ही कहा था कि अश्की ने अपनी आंखें कस कर मीच ली. उसने अपना सिर नीचे की तरफ झुककर bathtub की तरफ अपने कदम बढा दिए.
जैसे ही अश्की ने अपने कदम bathtub की तरफ बढाए, अरमान के चेहरे पर गुरूर भरे एक्सप्रेशन आ गए. अश्की, जो कि बाथटब के पास आकर खडी हुई थी, अब उसकी आंखों में जो नमी तैर चुकी थी, अब वह आंसू का एक कतरा बनकर उसके गाल पर बह गई. अब उसने अपनी वह नमी साफ की और अपना एक पैर जैसे ही उसने उस बाथटब में रखा, एक पल के लिए अश्की का पूरा शरीर जम गया और उसके रोंगटे खडे हो गए.
एक तो ऊपर ठंडी हवाएं चल रही थी और ऊपर से इतना ठंडा पानी, अश्की का शरीर जम चुका था. अभी तक उसने सिर्फ एक पैर ही डाला था. जब वह पूरी उस bathtub में बैठने वाली थी, तब पता नहीं क्या बनने वाला था. उसका पूरा बदन कांप उठा था. लेकिन किसी तरह अब उसने हिम्मत करके अपना दूसरा पैर भी उस बाथटब में रखा. जिससे अब अश्की की सांस चौक होने लगी थी. अब जो आसमान से पानी की हल्की- हल्की बूंदे बरस रही थी, वह थोडी सी तेज होने लगी थी. लेकिन अरमान को इस चीज से कोई फर्क नहीं पड रहा था. वह लगातार अपने सोफे पर बैठा हुआ इस चीज को एंजॉय कर रहा था.
वही अश्की अब पूरी तरह से बाथटब में बैठी और बैठते ही उसकी जान जैसे उसके गले में अटक गई. क्योंकि वह पानी बर्फ से भी ज्यादा ठंडा था. अब उसका पूरा शरीर तो कांप रहा था. लेकिन उसका चेहरा भी अब ठंडा पडने लगा था. लेकिन उसने अपने मुंह से उफ्फ तक नहीं निकाली.
जिस तरह से वह आराम से पानी में बैठी थी, अरमान के हाथों की मुट्ठियां कस चुकी थी. जो पहले उसके चेहरे पर डेविल स्माइल झलक रही थी, वह अब जैसे गुस्से में बदलती जा रही थी. वह गुस्सा वह खुद नहीं समझ पा रहा था, उसे क्यों आ रहा है. वही अश्की, जो कि अपनी आंखें बंद किए उस bathtub में बैठी थी, कुछ ही देर में उसकी हालत हद से ज्यादा खराब हो चुकी थी.
वहीं दूसरी तरफ,
त्रेहान पैलेस,
नियति जी सामने खडे वास्तव जी को गहरी नजरों से देख रही थी, जो कि इस वक्त किसी से फोन पर बात कर रहे थे. ऐसा लग रहा था, जैसे उनके बीच बहुत ज्यादा गंभीर बात चल रही थी. तभी वास्तव जी, जो की किसी से बात कर रहे थे, वह अब गहरी आवाज में बोले, मैंने कल के लिए पार्टी अरेंज कर दी है. अब वही होगा, जो तुम चाहोगी. बस तुम्हें उस लडकी को किसी तरह अरमान की जिंदगी से उखाड फेंकना है.
तभी दूसरी तरफ से हंसिका बोली, उस लडकी का जो हाल में कल करूंगी ना, वह तो कभी अरमान के बारे में सपनों में भी नहीं सोच पाएगी. उसकी वजह से अरमान ने मुझे कल रात इस तरह से लडकियों से पिटवाया है, मेरा अभी तक बदन दर्द हो रहा है. इतना कहते हुए उसने शीशे की तरफ देखा, जहां पर हंसिका का चेहरा पूरी तरह से सूज चुका था.
अब उसका चेहरा पूरी तरह से नफरत से भर चुका था, जो की अश्की के लिए थी. That bloody girl, इसकी वजह से अरमान ने मेरे साथ ऐसा बिहेव किया. ओह गॉड, मुझे कुछ नहीं पता, मतलब क्या हाल करने वाली हूं. लेकिन इतना तो है कि वह कल अरमान को छोडकर जरूर जाएगी.
हंसिका की बातें सुनकर वास्तव जी और नियति जी के चेहरे पर इस वक्त डेविल स्माइल थी. तभी हंसिका उनकी तरफ देखते हुए बोली, लेकिन पहले उनका इंतजाम त्रेहान पैलेस में कीजिए और उसके बाद मेरा कार्यक्रम शुरू होगा. इतना कहते हुए हंसिका के चेहरे पर मिस्टीरियस मुस्कुराहट थी.
वहीं दूसरी तरफ,
त्रेहान farmhouse,
तकरीबन एक घंटा बीत चुका था और अश्की अभी तक इस bathtub में वैसे ही बैठी हुई थी. अब तक उसका पूरा बदन सुन्न पड चुका था. उसकी आंखें भी अब हल्की- हल्की बंद होने लगी थी और होंठ भी कांप रहे थे. ऐसा लग रहा था, उसका पूरा चेहरा अकड चुका हो. उसके होंठ, जोकि फडफडा रहे थे. सामने बैठा था अरमान, अब उसका गुस्सा और भी हाई होने वाला था. अगर अश्की चाहती, तो अरमान से इस चीज के लिए मना भी तो कर सकती थी. लेकिन नहीं, उसे तो अपना इश्क साबित करना था. अब ऊपर से बारिश भी दोबारा से हल्की- हल्की पडने लगी थी. बारिश कभी हल्की हो जाती, तो कभी तेज हो जा रही थी.
जिस तरह से वह अपना इश्क साबित करने में लगी हुई थी, अरमान का दिल बेचैनियों से भर चुका था. उसे अश्की पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था. वह चाह कर भी जैसे अपने गुस्से पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था. लेकिन इस वक्त वह भी जिद्दी बनकर बैठा हुआ था.
वह गुस्से से दांत पीसकर मन में बोला, अगर चाहती, तो अपनी जिद छोड सकती थी. लेकिन नहीं, इसे तो मुझे जिद दिखानी है. दिखाइए, मैं भी से नहीं रोकूंगा. मरना है, तो मरे. इतना कहते हुए उसके चेहरे पर फ्रस्ट्रेशन साफ दिखाई दे रही थी. जो अरमान हमेशा से एक्सप्रेशन लैस रहता था, आज उसका एक्सप्रेशन लैस चेहरा बहुत कुछ बयां कर रहा था.
ऐसे ही एक घंटा और बीत गया और अब बारिश भी थम चुकी थी. लेकिन अश्की अभी भी टस से मस नहीं हुई थी. उसका चेहरा नीला पडने लगा था और होंठ सूख चुके थे. आंखें पूरी तरह से बंद पड चुकी थी. तकरीबन रात का डेढ बज चुका था. लेकिन अरमान की लाल आंखों से नींद कोसों गायब थी. उसकी नजर तो अश्की के सफेद पड चुके चेहरे पर टिक चुकी थी.
उसे लग रहा था कि अश्की ने यूं ही अपनी आंखें बंद की हुई है. उसके हाथों की मुट्ठियां बंध चुकी थी. अब उसका सब्र टूटने लगा था. यूं अश्की को बाथटब ने बैठे देख अब वह अपनी जगह से उठा और अपने कदम उसने अश्की की तरफ बढाए और गुस्से में चिल्ला कर बोला, तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या?
अपने इश्क साबित करने के लिए कुछ भी करोगी, जान तक दे दोगी क्या? तुम्हारा दिमाग पूरी तरह से खराब है क्या? कोई इतने ठंडे पानी में कैसे बैठ सकता है? यह नहीं कह सकती हो कि बहुत ज्यादा ठंड है. मैं नहीं बैठ सकती हूं. लेकिन नहीं, तुम्हें तो अपनी जिद्द चलानी है. वह इतना चिल्लाए जा रहा था, लेकिन अश्की ने अपनी आंखें नहीं खोली. अब उसका यूं आंखें ना खोलना देख अरमान को थोडा अजीब सा लगने लगा.
अब वह अश्की के ऊपर झुका और उसने अश्की के गाल पर हल्का सा हाथ रखा, तो उसकी आंखें बडी हो गई. क्योंकि इस वक्त अश्की पूरी तरह से भट्टी की तरफ तप रही थी. भले ही वह पानी में थी, लेकिन उसका बदन पूरी तरह से गर्म था. उसके इतने गर्म शरीर को देखकर अरमान की आंखें हैरत से फैल चुकी थी. अब अगले ही पल उसने जल्दी से अश्की को गोद में उठाया और पानी से निकालने को हुआ. तभी उसकी सिसकी निकल गई, क्योंकि पानी का टेंपरेचर अभी भी बहुत ज्यादा low था.
इतना लो टेंपरेचर देखकर अरमान के चेहरे पर अब परेशानी झलकने लगी. अब अगले ही पल उसने अश्की को गोद में उठाया और देखते ही देखते उसे लेकर नीचे की तरफ आया. अश्की, जो की पूरी तरह से बेहोश हो चुकी थी, उसे तो कुछ भी पता ही नहीं था. वही अरमान जल्दी से उसे नीचे लेकर आया. अब उसने उसे बिस्तर पर लेटाया. बिस्तर पर लेटाते ही उसकी निगाहे उसके जिस्म पर गई, जोकि पूरी तरह से नीला पड चुका था.
उसका नीला पड चुका जिस्म देखकर अब वह गुस्से से कांप रहा था. उसे अश्की पर हद से ज्यादा गुस्सा आ रहा था. उसका दिल कर रहा था कि अश्की को होश में लाकर एक थप्पड जड दे.
उसने जल्दी से अपनी पेंट उतारी और पूरी तरह से अश्की के ऊपर आ गया. अब उसके जिस्म के साथ अपने जिस्म को जोडकर पास में रखी हुई ब्लैंकेट भी अपने ऊपर ओढ ली. इस वक्त उसका पूरा बदन अश्की के बदन के ऊपर था.
दोनों के जिस्म आपस में जिस तरह मिल रहे थे.
To be continue.








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