
त्रेहान फॉर्महाउस,
अरमान ने अभी- अभी अश्की को बेड पर लाकर पटका था. वह उसे अपनी गहरी नजरों से देख रहा था. कुछ देर पहले अश्की ने अरमान से जिस तरीके से बात की थी, उसे देखकर अरमान के होठों के कोने मुड चुके थे. लेकिन वह चीज अश्की ने नहीं देखी, अरमान जब भी मुस्कुराता था. अरमान की गहरी नजरे इस वक्त अश्की पर बेहद इंटेंस थी. इस वक्त वह अश्की की तरफ देखते हुए अपनी शर्ट के बटन खोल रहा था. जिसे देखकर अश्की का दिल जोरो जोरो से धडक रहा था. उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस हो रहा था.
लेकिन अब उसकी आंखों में हल्की- हल्की नमी भी तैर रही थी. क्योंकि उसके कानों में नियति जी के कहे हुए शब्द अभी भी गूंज रहे थे कि अरमान एक गैंगस्टर है. उसकी पहले भी शादी हो चुकी है. जितना फर्क उसे गैंगस्टर वाली बात पर नहीं पडा था, उतना फर्क उसे शादी वाली बात पर पड रहा था. उसका दिल ना चाहते हुए भी जैसे टूट रहा था. वह अरमान की तरफ देखते हुए बोली, आप ऐसा नहीं कर सकते, Mister त्रेहान? इतना कहते हुए वह लगातार पीछे की तरफ खिसक रही थी.
अश्की की बात पर अरमान की निगाहे उस पर और भी ज्यादा इंटेंस हो गई थी. जिस तरह से अरमान इस वक्त उसे देख रहा था, अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे. कुछ ही देर में अरमान ने अपनी शर्ट उतारी और जमीन पर फेंक दी. अब वह पूरी तरह से बिस्तर पर झुका और अगले ही पल उसने अश्की का पैर अपने हाथ में थामा और उसे अपनी तरफ खींच लिया. जिस तरह से अरमान ने अश्की को खींचा था, एक पल के लिए अश्की की धडकनें पूरी तरह से स्किप हो गई थी. वह पूरी तरह से हडबडाते हुए बोली, प्लीज छोडिए मुझे Mister त्रेहान, यह कौन सा तरीका है.
उसकी बात सुनकर अरमान की नजरे अश्की पर गहरी हो गई थी. जिस तरह से अरमान अश्की को देख रहा था, अश्की को अपनी बदन में रोंगटे खडे हो रहे थे. उसका गला पूरी तरह से सूख रहा था. अरमान ने अब उसके चेहरे पर अपना चेहरा झुकाया और उसके होठों की तरफ देखते हुए बोला, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई यहां से पैर बाहर निकालने की, दिलरुबा.
अरमान की आवाज इस वक्त बेहद कोल्ड थी. लेकिन उसकी आंखें अश्की के चेहरे पर बेहद इंटेंस थी. तभी अश्की दोबारा से बोली, आप मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते, Mister त्रेहान, अब मैं आपकी पत्नी नहीं हूं. मैने आपसे डिवोर्स ले लिया है. मैंने डिवोर्स पेपर. अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान ने उसके बालों को मुट्ठी में पकडा और उसके चेहरे को अपने चेहरे के और भी ज्यादा नजदीक करते हुए बोला,
अरमान त्रेहान क्या कर सकता है, यह तो तुमने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा, दिलरुबा. और रही बात डाइवोर्स पेपर की, तुमसे किसने कहा कि वह डाइवोर्स पेपर पर Sign करने पर मैंने तुम्हें डिवोर्स दे दिया. क्या मैंने उस पेपर पर Sign किए, और रही बात तुम्हारे सिग्नेचर की, तो यह लो अपने सिग्नेचर. इतना कहते हुए उसने साइड में फटे हुए डाइवोर्स पेपर, जो की बेड रेस्ट पर मेड ने रखे थे. उसे उठाकर अश्की के चेहरे की तरफ कर दिया. उसे देखकर अश्की की आंखें बडी हो गई. अरमान तो पेपर्स को फाड कर वहीं पर फेंक कर जाने वाला था, लेकिन उसने सर्वेंट की तरफ देखकर उन पेपर्स को इकट्ठा करके बेड रेस्ट पर रखने को कहा था जिस वजह से उन पेपर्स को अब वह अश्की को दिखा रहा था.
दूसरी तरफ अश्की अपनी फटी आंखों से उन पेपर्स की तरफ देख रही थी. अश्की की नजर कभी पेपर्स पर जाती, तो एक नजर कभी अरमान के चेहरे पर जाती. जिस पर इस वक्त बेहद दिलकश एक्सप्रेशन थे. शायद ही इन दो हफ्तों में अश्की ने अरमान के ऐसे एक्सप्रेशन देखे हो. इस वक्त अरमान के चेहरे पर उसका गुरुर साफ झलक रहा था. लेकिन अश्की अब दोबारा से अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमाते हुए बोली,
मुझे आपके साथ नहीं रहना ना. कहते हुए उसकी आंखों में बेइंतहा नमी तैर रही थी. उसकी आंखें कुछ और कह रही थी और होंठ कुछ और कह रहे थे. उसको इस तरह से अपना चेहरा घूमाते देख अरमान की मुस्कुराहट थोडी सी और लंबी हो गई थी. लेकिन अगले ही पल उसने अपना चेहरा पूरी तरह से सख्त कर लिया. अब उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था.
तभी अरमान उसके कान के पास झुका और गहरी सांस उसके कान के पास छोडकर बोला, तुम्हारे नखरे दिखाने से तुम्हारी सजा कम नहीं हो जाएगी, dilrubaa.
तुम्हारी सदा और भी डबल होती जाएगी. इतना कहते हुए उसने बेहद इंटेंस तरीके से अश्की के कान को चूम लिया. जिस तरह से अरमान ने अश्की के कान को चूमा था, अश्की को अपने पेट में एक अलग ही गुदगुदी सी महसूस हुई. लेकिन फिर दोबारा से नियति जी की बात को याद करते हुए बार- बार उसके दिल में एक अलग ही दर्द आता.
वह तडपते हुए बोली, आपको जो सजा देनी है, दे दीजिए. लेकिन मैं अब आपके साथ नहीं रहूंगी. आपकी मेरे से पहले ही शादी हो चुकी है और मैं किसी शादीशुदा इंसान की जिंदगी बर्बाद नहीं कर सकती. इतना कहते हुए उसकी आंखों से आंसू निकल कर उसके गालों पर लुढक गया. यह चीज देखकर अरमान के एक्सप्रेशन लेस चेहरे पर एक बार फिर से छोटी सी मुस्कराहट तैर रही थी.
कहीं ना कहीं उसकी दिलरुबा अब उस पर फिदा होने लगी थी. यह बात उसके आंसू बता रहे थे. लेकिन इस वक्त उसकी दिलरुबा उससे नाराज थी. यह बात भी वह बहुत ज्यादा अच्छी तरह से जानता था. अरमान ने अब अपने होंठ उसकी गर्दन पर रखे और धीरे- धीरे उसकी गर्दन पर अपने होंठ चलाने लगा. जिससे अश्की की मुट्ठियां बेडशीट पर कश्ती जा रही थी. उसकी आंखें भी बंद हो चुकी थी. इस वक्त अश्की की सांसे भी बहुत ज्यादा गहरी होती जा रही थी. जिसका उफान उसके नाजुक अंगों को ऊपर की तरफ उठा रहा था. जिससे वो हद से जायदा दिलकश लग रही थी।
ना चाहते हुए भी वह अरमान के छूने से सिहरने लगी थी. उसकी बॉडी भी अरमान को हल्का- हल्का रिस्पांस देने लगी थी. जब अरमान को उसकी बॉडी से उसका रिस्पांस मिलता हुआ महसूस हुआ, तो अरमान के होठों पर devil smile आ गई. अब अगले ही पल अरमान उसके ऊपर से उठा. जैसे ही अरमान उसके ऊपर से उठा, अश्की को ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसकी रूह उसके बदन से छीन ली हो.
एक पल के लिए वह अरमान के लिए तडप उठी थी. उसकी आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे थे. लेकिन अरमान को अब इतनी बात भी नहीं कह सकती थी कि वह उसके करीब आए, क्योंकि इस वक्त तो उसकी नाराजगी चल रही थी. वही अरमान भी कुछ कम जिद्दी नहीं था. अब वह अपनी जगह से खडा हुआ और सामने सोफे पर जाकर बैठ गया. वह अपनी गहरी नजरों से सामने लेटी हुई अश्की की तरफ देखने लगा.
जो अपनी नम आंखों से अरमान को ही देख रही थी. वही अरमान ने अब सिगरेट अपने सामने टेबल से उठाते हुए अपने होठों में दबाई और लाइटर से सिगरेट जलाते हुए लंबे कश भरकर सामने लेटी हुई अश्की को देखने लगा, जो अभी उसके लिए तडप रही थी. उसका तडपना देखकर अरमान के होठों पर इस वक्त बेहद दिलकश मुस्कुराहट थी.
अश्की पर उसकी नजरें बेहद इंटेंस थी. उन दोनों में से कोई भी कुछ भी नहीं बोल रहा था. लेकिन उन दोनों की नजरे बहुत कुछ बोल रही थी. इस वक्त अश्की के दिल की धडकन अरमान के कानों में साफ चुगली कर रही थी कि वह इस वक्त क्या महसूस कर रही थी. लेकिन अश्की भी कुछ कम जिद्दी नहीं थी. वह भी अपनी जगह से उठी नहीं. वही अरमान ने अब उसे देखते हुए कॉफी टेबल पर पडी हुई शराब की बोतल से शराब गिलास में डाली और पीने लगा. लेकिन अश्की ने उसे नहीं रोका. इस वक्त अश्की का दिल बुरी तरह से जल रहा था.
दिल जलाने में तो अरमान जैसे अब माहिर होता जा रहा था. अश्की के दिल में एक ही बात आ रही थी कि क्या अरमान उसकी गलतफहमी दूर नहीं कर सकता. क्या एक बार अरमान यह नहीं कह सकता कि नहीं, वह उसे लडकी को अपनी बीवी नहीं मानता. कम से कम अश्की के दिल का ख्याल रखते हुए इतना तो वह बोल ही सकता था. लेकिन अरमान ने ऐसा कुछ भी नहीं किया था. यह चीज अश्की के दिल को और भी जला रही थी. हर बढते पल के साथ उसकी आंखों में बार- बार नमी तैर रही थी. लेकिन अरमान था कि झुकने का नाम ही नहीं ले रहा था.
अरमान लगातार सोफे पर बैठा सिगरेट के कश और शराब पिए जा रहा था. उसकी नजरें एक पल के लिए भी अश्की पर से नहीं हटी थी. तकरीबन एक घंटा ऐसा ही बीत गया. ना ही अश्की अपनी जगह से हिली और ना ही अरमान.
लेकिन अब हार मानते हुए अश्की अपनी जगह से उठी और अरमान की तरफ देखते हुए बोली, आप पीछे क्यों हट गए? तभी अरमान डेविल स्माइल के साथ बोला, तुमने ही तो कहा था कि मैं तुम्हारे करीब नहीं आ सकता. तो ठीक है, नहीं आऊंगा तुम्हारे करीब. अरमान की यह बात सुनकर अश्की ही जानती थी कि उसे कैसा महसूस हो रहा था. अब वह नाराजगी भरी नजरों से अरमान की तरफ देखते हुए बोली, आप बहुत बुरे है, Mister त्रेहान, बहुत बुरे.
उसकी बात पर अरमान बडे एटीट्यूड से बोला, मैं ऐसा ही हूं और तुम्हें ऐसा ही झेलना भी पडेगा. तभी उसकी आंखों में आंसू लिए हुए बोली, लेकिन क्यों है आप ऐसे? उसकी बात पर अरमान ने कोई जवाब नहीं दिया. वह एक बार फिर से सिगरेट के लम्बे कश भरने लगा.
सिगरेट अरमान पी रहा था, लेकिन कलेजा अश्की का जल रहा था. आज तक उसे इतनी जलन कभी महसूस नहीं हुई थी, जितनी उसे उसकी सिगरेट से हो रही थी. उसको ऐसा लग रहा था, जैसे कि अरमान उसकी सौतन को चूम रहा हो. उसकी नजरें लगातार उसकी सिगरेट पर गहरी होती जा रही थी. यह चीज अरमान भी बहुत अच्छी तरह से नोटिस कर रहा था.
जिस तरह से अश्की उसके होठों की तरफ देख रही थी, अरमान और भी गहरा कश भरते हुए अपने होठों से धुआ ऊपर की तरफ छोड रहा था. उसकी तरफ देखते हुए अश्की बोली, छोड दीजिए ऐसी आदत, जो आपको बर्बाद कर दे, Mister त्रेहान.
तभी अरमान गहरी आवाज में बोला, आदत नहीं है यह, जिंदगी है. जो लगी हुई है, ना ही कभी छूटेगी और ना ही कोई छुडा पाएगा. इतना कहते हुए अरमान की नजर अश्की पर और भी गहरी हो गई थी. उसकी बातों पर अश्की ही जानती थी कि उसके दिल में कितनी टीस उठ रही थी.
तभी वह तडपते हुए बोली, और क्या यह आदत ही सबसे ऊपर है? और कोई आपको इससे ऊपर नहीं? इतना कहते हुए उसकी आंखों में नमी तैर रही थी. पता नहीं क्यों, उसने अरमान से ऐसा सवाल कर लिया था, जिसका जवाब वह बहुत शिद्दत से जानना चाहती थी.
वही अरमान भी बहुत ढीठ था. उसने भी अश्की की बात का कोई जवाब नहीं दिया. जिससे अश्की और भी बुरी तरह से तडप रही थी. तभी Room का दरवाजा Knock हुआ और सामने सर्वेंट खडी थी, जो खाना लेकर आई थी. क्योंकि सुबह से अश्की ने कुछ नहीं खाया था और यह बात अरमान बहुत अच्छी तरह से जानता था.
सर्वेंट अंदर की तरफ आई और उसने टेबल पर खाना लगाया. कुछ ही देर में खाना लगाकर सर्वेंट वहां से चली गई. अब अरमान ने अश्की की तरफ दोबारा से देखा और उसे सोफे पर आने का इशारा किया. लेकिन अश्की ने उसके इशारे को पूरी तरह से इग्नोर करते हुए बाथरूम की तरफ अपने कदम बढा दिए. अश्की को इग्नोर करते हुए देखकर अरमान के चे
हरे पर एक पल के लिए गुस्सा उतर आया.
To be continue.








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