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Gussa jalaad armaan

अंधेरे भरे कमरे में,

श्यामू, जोकि अश्की के पैरों के पास बैठा हुआ था. जिस तरह से श्यामू अश्की को देख रहा था, अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे. उसे अपनी जान निकलती हुई महसूस हो रही थी. इस वक्त अश्की के मुंह से आवाज तक नहीं निकल रही थी, क्योंकि उसके होठों पर इस वक्त पट्टी बंधी हुई थी. उसका दिल इस वक्त जोर- जोर से धडक रहा था. लेकिन अगले ही पल जो हुआ, उससे अश्की पूरी तरह से कांप उठी थी. क्योंकि श्यामू ने उसके थाई पर हाथ रखकर उसे जोर से सहलाना शुरू कर दिया था.

श्यामू के छूने से अश्की को ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसके बदन का पूरा खून निचोड लिया हो. वह खुद में ही सिमटने लगी थी. उसे ऐसा लग रहा था, कोई उसकी जान को मुट्ठी में पकड कर जला रहा हो. उसके दोनों हाथों की मुट्ठियां कस चुकी थी. आंखों से आंसू और भी तेजी से बहने लगे थे. तभी वहां पर कपडा फटने की आवाज गूंजी, क्योंकि पीछे से सुधीर ने उसकी शर्ट को फाड दिया था. जिससे अश्की का दिल धक सा रह गया था. अब वह सीने से निजी कपडे में उन दोनों के सामने थी, जिसे देखकर सुधीर और श्यामू पागल होने लगे थे. सुधीर अब उसके गले पर झुक कर अपने होंठ रखने लगा कि तभी अश्की बुरी तरह से तडप उठी.

अश्की जिसकी आंखों से आंसू तेजी से बह रहे थे. उसने तो जैसे आस ही छोड दी थी कि अब शायद वह नहीं बचने वाली. उसकी सांसे जैसे रुकने की कगार पर आ चुकी थी. उसने अपनी आंखें कसकर बंद कर ली और उसकी आंखों के सामने एक पल के लिए अरमान का चेहरा घूम गया. एक- एक करके अरमान के साथ बिताए हुए पल उसकी आंखों के सामने घूमने लगे. जिस तरह से वह अरमान की यादों में एक पल के लिए खो गई थी, ऐसा लग रहा था, जैसे कि वह अरमान की कोई दीवानी हो. वही सुधीर लगातार उसके गले पर अपने होंठ रख रहा था और श्यामू भी उसके थाई को मसले जा रहा था. जिस वजह से सुधीर के नाखून उसके थाई पर लग रहे थे. उसकी त्वचा पर रेड Color के रैशेज बनने शुरू हो गए थे. वही सुधीर ने भी उसके पीछे गले से चूमते हुए उसके कंधों को जिस तरह से हाथों में भर रखा हुआ था, उसके नाखून भी वहां पर धंस रहे थे. साथ ही साथ उसके गले पर भी अपने नाखून गढा रहा था, जिस वजह से अश्की को दर्द तो बहुत हो रहा था, लेकिन वह अपनी आंखें इस कदर बंद करके अरमान को याद कर रही थी कि उसे उसे दर्द का आभास भी नहीं हो रहा था. सुधीर, जोकि उसका कांपना तक महसूस कर रहा था. अब उसने उसके होठों पर से पट्टी हटाई और उसके होठों पर अपने अंगूठे को रगडते हुए बोला, वैसे तेरे होंठ बडे रसीले है रे, इन्हें चूमने का तो जब से बडा मन कर रहा है. इतना कहते हुए सुधीर ने उसके होठों को सहलाना शुरू किया. लेकिन अश्की ने अपनी आंखें नहीं खोली. उसे डर तो बहुत लग रहा था. लेकिन उसने अपनी आंखों को खोलकर सुधीर का चेहरा तक नहीं देखा. लेकिन जिस तरह से सुधीर उसके होठों को सहला रहा था. उसे खुद से घिन महसूस हो रही थी

वह दर्द से तडपते हुए बोली, अरमान जी, प्लीज, आ जाइए. मैं मर जाऊंगी, अगर किसी ने साथ. इतना कहकर मन में वह वहीं पर रुक गई वह ऐसा ख्याल भी अपने मन में ला नहीं पा रही थी. लेकिन अगले ही पल वो धीमे से. आपके अलावा कोई मुझे छू नहीं सकता. लेकिन इन्होंने मुझे छूकर गंदा कर दिया. अरमान जी, प्लीज आ जाइए. इतना कहते हुए उसकी आवाज लडखडा रही थी और कांप रही थी. सुधीर, जो कि पीछे खडा था. उसने भी अश्की की आवाज साफ सुनी थी. उसकी बात सुनकर सुधीर पागलों की तरह हंसते हुए उसकी खुशबू को नाक में खींचते हुए बोला, तेरा वह आशिक तुझ तक नहीं पहुंचने वाला जानेमन, तुझे तो आज हम अपने नीचे लेकर अच्छे से खेलेंगे

सुधीर की बात साफ अश्की के कानों में पडी थी, लेकिन उसने सुधीर की बात का कोई भी रिस्पांस नहीं दिया. उसने अपनी आंखें कसकर बंद रखी और मन ही मन अरमान को याद करती रही. वह खुद नहीं जानती थी कि आखिर कब, क्यों और कैसे, लेकिन अरमान ने उसके मन में ऐसी जगह बना ली थी कि वह किसी और का Touch अपने जिस्म पर पाकर पूरी तरह से घिन से भर उठी थी. अश्की को अपनी रूह छलनी होती हुई महसूस हो रही थी. जब जब श्यामू और सुधीर उसके बदन को छू रहे थे, उसे ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसकी रूह उसके जिस्म से निकाल ली हो उसका तडपना हद से ज्यादा बढ रहा था. अब जिस तरह से सुधीर ने उसकी शर्ट पकडी थी, उसका दिल कर रहा था कि वह खुद को खत्म कर ले कि Kiss तरह से किसी और ने उसके बदन को इस तरह से देखा. तभी सुधीर उसके ऊपर झुक कर दोबारा से उसके गले पर होंठ रखने को हुआ कि तभी उस Room का दरवाजा एक झटके से टूटता हुए नीचे जमीन पर गिरा. उस दरवाजे को टूटा हुआ देखकर सुधीर और श्यामू की आंखें बडी हो गई. उन्होंने पलट कर पीछे की तरफ देखा, तो एक शख्स लाल आंखें लिए उन्हें घूर रहा था. इस वक्त उस शख्स की माथे की नसें पूरी तरह से तनी हुई थी.

यह शख्स कोई और नहीं, बल्कि अरमान था. अरमान की नजर जैसे ही अश्की पर पडी, ऐसा लगा, जैसे उसकी ग्रे आंखों में खून उतर आया हो. उसका चेहरा गुस्से से कांपने लगा और हाथों की अब मुट्ठियां भी कस चुकी थी. वही श्यामू और सुधीर ने जब अरमान को अंदर आते देखा, तो उनकी भी गुस्से से भौहे तन गई थी. वह दांत पीसते हुए बोले, कौन है बे, और तेरी हिम्मत कैसे हुई अंदर आने की. इतना कहते हुए वह अरमान के पास आने लगे थे. वही अरमान, जो कि अभी कुछ देर पहले गुस्से से कांप रहा था, अब उसका चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस हो चुका था. लेकिन उसके चेहरे की शांति देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे कोई तूफान आने को हो.

श्यामू और सुधीर उसके पास गए. अगले ही पल श्यामू अरमान का कॉलर पकडने को हुआ कि तभी अरमान ने उसका हाथ कसकर अपने हाथ में पकड लिया और अगले ही पल उसने श्यामू का हाथ टेढा कर दिया. तभी श्यामू के हाथ से टक की आवाज निकली, जिससे श्यामू की भयानक चीख वहां पर गूंज गई, क्योंकि श्यामू के हाथ की हड्डी टूट चुकी थी. जिस तरह से अरमान ने उसके हाथ को पकडकर घुमाया था, वह बडी ही बेरहमी से अरमान ने किया था. जिस वजह से उसके हाथ की हड्डी टूट चुकी थी. अब श्यामू बुरी तरह से तडप रहा था. दूसरी तरफ, सुधीर की हालत यह चीज देखकर खराब तो हो चुकी थी. लेकिन फिर भी वह हिम्मत करते हुए अरमान की तरफ देखकर बोला, तेरी यह मजाल, तूने. इतना कहते हुए उसने अपनी बैक में से गन निकाली. हालांकि उसके हाथ गन निकालते हुए भी कांप रहे थे, क्योंकि अरमान की शख्सियत ही ऐसी थी. अभी तक अरमान ने कुछ खास उन दोनों के साथ किया नहीं था. लेकिन फिर भी जिस तरह से श्यामू का हाथ अरमान ने मरोडा था, सुधीर की हालत तो यह देखकर खराब हो गई थी.

उसने कांपते हुए हाथों से अपनी गन बाहर निकाली. वही अरमान, जो कि उसे अपनी लाल आंखों से देख रहा था. इस वक्त उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा हुआ था. जिस तरह से सुधीर उसके ऊपर झुका हुआ था, अभी तक उसकी आंखों के सामने घूम रहा था. वहीं अश्की, जिसकी आंखें बहुत देर से बंद थी, जैसे ही दरवाजे की आवाज उसके कानों में पडी थी, उसकी आंखें अगले ही पल खुल गई. अरमान को दरवाजे पर देखकर एक पल के लिए उसकी धडकन जैसे स्किप हो गई थी.

अरमान को अपने सामने देखकर उसका दिल तेजी से धडक उठा था. आंखों से कब से जो आंसू बरस रहे थे, अब वह थम से गए थे. सांसों ने गहरा होना शुरू कर दिया था. दूसरी तरफ, सुधीर, जो कि अरमान के सामने gun ताने खडा था, अब उसे पीछे से ही जावेद ने दबोच लिया था. लेकिन अरमान ने उसे इशारा किया, तो जावेद ने सुधीर को छोड दिया. पर फिर भी अरमान के बॉडीगार्ड्स को देखकर सुधीर के होश पूरी तरह से उड चुके थे. उसके पैरों तले से जमीन ही खिसक चुकी थी.

अरमान अब सुधीर के पास आकर खडा हुआ. सुधीर के हाथ पैर बुरी तरह से फूलने लगे थे. वह अरमान के सामने हाथ जोडने को हुआ कि तभी अरमान ने उसके दोनों हाथों को अपने हाथों में थामा और अगले ही पल पूरी तरह से घुमा दिया. जिससे उसके दोनों हाथों की हड्डियां टूटने की आवाज वहां पर गूंज गई. यह चीज देखकर अश्की का गला सूखने लगा था और हाथ पैर ठंडे पडने लगे थे. क्योंकि अरमान को उसने इतने गुस्से में इतने दिनों में तो कभी नहीं देखा था.

जैसे ही अरमान ने सुधीर के दोनों हाथ तोडे, सुधीर नीचे जमीन पर गिर पडा. अब उसके दोनों हाथ काम नहीं कर रहे थे. वही अरमान यही नहीं रुका, अब उसने सुधीर के सीने पर अपना पैर रखा और अगले ही पल उसके टूटे हुए हाथ को अपने हाथ में थाम और जोर से खींचने लगा. जिससे संजीव की दर्दनाक चीख वहां पर गूंजने लगी. लेकिन अरमान को इस चीज से कोई फर्क नहीं पड रहा था.

वह लगातार सुधीर के हाथ को पकडकर बुरी तरह से खींच रहा था. वह इतनी जोर से सुधीर के हाथ को खींच रहा था. ऐसा लग रहा था कि वह उसका हाथ ही उसके बदन से अलग कर देगा. अरमान लगातार उसके हाथ को खींचता रहा. अश्की अपनी जगह पर बैठी बैठी सुन्न हो गई थी. इस वक्त अरमान किसी राक्षस से कम नहीं लग रहा था. जिस तरह से वह सुधीर के हाथ को खींच रहा था, ऐसा लग रहा था, जैसे कि साक्षात यमराज सुधीर के लिए विराजमान हो गया हो. अरमान गुस्से से बोला, तेरी वजह से उसे नाखून लगे. इतना कहते हुए वह लगातार उसके हाथ को खींचने की कोशिश कर रहा था. वही सुधीर चिल्लाए जा रहा था और उसका चिल्लाना बहुत ज्यादा खौफनाक था. आंखों से उसके पानी भी बहे जा रहा था, लेकिन अरमान को एक पल के लिए भी तरस नहीं आया. देखते ही देखते अरमान ने उसका हाथ पूरी तरह से उसके कंधे से उखाड लिया था. यह चीज देखकर अश्की की चीख निकल गई. उसने अपना चेहरा ही दूसरी तरफ घुमा लिया था.

जिस तरह से अरमान ने उसका हाथ उसके कंधे से अलग किया था, सुधीर के खून के छींटे अरमान के चेहरे पर आ पडे थे. अब तो अरमान इस वक्त किसी जल्लाद से कम नहीं लग रहा था. अब सुधीर की तो बस जैसे जान निकलनी बाकी रह गई थी. वह पूरी तरह से अधमरा हो गया था. अब अरमान ने उसका दूसरा हाथ पकडा, तो सुधीर की आंखें एक बार फिर से बडी हो गई. अब वह एक बार फिर से चिल्लाने लगा. वही अरमान ने अब उसका हाथ नहीं खींचा, अब उसने जावेद की तरफ इशारा किया. तभी जावेद हां में सिर हिलाते हुए बाहर की तरफ चला गया. कुछ ही देर में जावेद वापस आया, तो उसके हाथ में इस वक्त सूटकेस था. उस सूटकेस को देखकर अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी. वही अश्की तो अब भी अपनी जगह पर कांपे जा रही थी.

इस वक्त उसका पूरा बदन सुन्न पड चुका था. वही अरमान ने अब उस सूटकेस को खोला और उसमें से एक प्लास निकाला. उस प्लास को देखकर सुधीर का चेहरा पूरी तरह से सुन्न पड गया था. वही अरमान ने उस प्लास को अपने हाथों में कसकर पकडा और संजीव के नाखून, जोकि अश्की को लगे थे, अब उसने उस नाखून पर उस प्लास को रखा. अगले ही पल उस प्लास से उसने सुधीर के नाखून को पकडा और जोर से खींच दिया. जिससे सुधीर बुरी तरह से झटपटा उठा.

वह रोते हुए बोला, मुझे माफ कर दीजिए, मुझसे गलती हो गई. मैंने यह काम खुद नहीं किया. मुझे इसके लिए पैसे दिए गए है. मुझे फोन आया था. वह लगातार रोए जा रहा था. वही अरमान को तो पहले ही जैसे पता चल चुका था कि यह काम किसी और ने करवाया था. लेकिन उसे सुधीर का अश्की के करीब जाना जैसे ट्रिगर कर गया था. तभी अरमान ने एक- एक करके उसके सारे नाखून ऐसे ही खींच दिए. यह चीज देखकर अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे. वह अपनी जगह पर बैठी बैठी जम सी गई थी. जब उससे ज्यादा देर बर्दाश्त नहीं हुआ, देखते ही देखते वह पूरी तरह से बेहोश हो गई.

लेकिन अरमान, अरमान नहीं रुका. अरमान लगातार उसके नाखून खींचे जा रहा था. अगले ही पल अब उसने उसी में से एक कट्टर बाहर निकाला और कट्टर को पकड कर उसने सुधीर की उंगलियां उस कट्टर में फसाई. सुधीर, जो पहले ही अधमरी हालत में पहुंच गया था, अब तो उसके गले से आवाज भी नहीं निकल रही थी. लेकिन अगले ही पल अरमान ने उसकी उंगलियां भी काटनी शुरू कर दी. जिससे सुधीर और भी बुरी तरह से तडपने लगा. देखते ही देखते अरमान ने उसकी पूरी उंगलियां उसके हाथों से अलग कर दी. अब वह एक बार फिर से अपनी जगह पर खडा हुआ और उसकी तरफ गहरी नजरों से देखते हुए उसने जावेद की तरफ कुछ इशारा किया. जिसे देखकर जावेद ने हां में सिर हिलाया और वह सूट को साइड पर रखा.

अरमान अपनी डोमिनेटिंग वॉइस में बोला, यह मरना नहीं चाहिए. इसको अभी और भी तडपाना है, क्योंकि इसमें मेरी दिलरुबा को छुआ है. मेरी डिजायर को हाथ लगाया है इसने और अरमान त्रेहान की चीज को छूने का क्या नतीजा होता है, यह इसे भी पता चलना चाहिए. इतना कहकर अरमान ने अब अडकी की तरफ देखा, जो अभी भी चेयर पर बैठी थी. भले ही वहां पर सभी अंदर आ गए थे, लेकिन किसी ने भी सिर नहीं उठाया था. जावेद की भी पीठ अश्की की तरफ थी. यह बात सब बहुत अच्छी तरह से जानते थे कि अरमान अब किसी की भी निगाह अश्की पर बर्दाश्त नहीं कर सकता है. इसीलिए किसी ने भी अपनी पलकें उठाकर अश्की की तरफ देखा भी नहीं था.

वही अरमान अब अश्की को लेकर बाहर की तरफ आया और गाडी में बैठकर वहां से निकल गया.

तकरीबन आधे घंटे बाद अरमान की गाडी farmhouse के आगे आकर रुकी. अब उसने दोबारा से अश्की को गोद में उठाया और farmhouse के अंदर की तरफ ले गया. अभी भी अश्की पूरी तरह से बेहोश थी. अभी भी अरमान का चेहरा पूरी तरह से सख्त था और निगाहें सर्द. उसकी नजरें पूरी तरह से अश्की पर बनी हुई थी. एक पल के लिए भी उसने अपनी निगाहें अश्की से हटाई नहीं थी.

अब अरमान ने बिस्तर के साइड ड्रॉर में से एक इंजेक्शन निकाला और उसे भरकर अश्की को लगा दिया. जैसे ही अरमान ने अश्की को इंजेक्शन दिया.

अश्की नींद में ही हल्का सा कसमसाई और अगले ही पल पूरी तरह से बेहोश हो गई. अब एक बार फिर से अरमान ने उसे गहरी नजरों से देखते हुए कहा, जिसने भी यह हरकत की है, उसे सजा देना बहुत जरूरी है दिलरुबा और आज तुमने जो देखा, यह तुम्हारी सजा थी. जब जब तुम इस तरह की बेवकूफी करोगी, तब तब मैं तुम्हारे सामने ही उस शख्स की जान लूंगा. जिसने तुम्हारी बेवकूफी की वजह से तुम्हें छुआ. कहते हुए अरमान की नजरे अश्की पर बेहद गहरी थी. उसने कुछ पल अश्की को देखा और अगले ही पल फिर वह बाहर की तरफ चला गया.

देखते ही देखते वह फार्म हाउस से बाहर निकल गया और गाडी में बैठा. कुछ ही देर में उसकी गाडी हवा से बातें कर रही थी.

वहीं दूसरी तरफ,

हंसिका इस वक्त अपने प्राइवेट विला में थी और सोफे पर बैठी ड्रिंक कर रही थी. इस वक्त उसके चेहरे पर डेविल स्माइल थी. वह गहरी आवाज में बोली, तुमने मेरे साथ ठीक नहीं किया अरमान और अब मैं उस लडकी को ही बर्बाद कर दूंगी. जिसने तुम्हें मुझसे छीना. ना रहेगा बांस और ना बजेगी बांसुरी. इतना कहते हुए उसकी डेविल स्माइल और भी लंबी हो चुकी थी. वह लगातार ड्रिंक किए जा रही थी. इस वक्त उसने ब्लैक Color का Night गाउन पहना हुआ था. उसकी एक पैर पर स्प्लिट हुई पडी थी, जिस वजह से उसकी गोरी टांग बाहर की तरफ झलक रही थी. एक तरफ से उसने अपना श्रग भी नीचे की तरफ गिराया हुआ था. जिस वजह से उसका कंधा भी साफ रिवील हो रहा था.

आसपास काम कर रहे नौकरों की भी नजरे बार- बार हंसिका पर आ रही थी. लेकिन हंसिका को इस चीज से कोई फर्क नहीं पड रहा था. वह लगातार अपना ड्रिंक किए जा रही थी. अभी वह ड्रिंक कर ही रही थी कि तभी दरवाजे पर किसी के कदमों की आवाज आई. कदमों की आवाज सुनकर हंसिका ने जब उस तरफ देखा, तो उसकी आंखें बडी हो गई. क्योंकि इस वक्त उसके सामने अरमान खडा था. वह भी गुस्से से उसे घूर रहा था. अरमान को अपने सामने देखकर हंसिका का चेहरा पूरी तरह से खिल गया वह अपनी जगह से खडी होने को हुई कि तभी अरमान आगे की तरफ आया और देखते ही देखते वहां पर एक जोरदार तमाचे की आवाज गूंज गई. यह तमाचा अरमान ने हंसिका के गाल पर जडा था.

जिस तरह से अरमान ने उसके गाल पर थप्पड जडा था, हंसिका जोर से सोफे पर जाकर गिरी थी. उसका चेहरा पूरी तरह से ही नीचे की तरफ हो गया था. उसके गालों पर भी अरमान की उंगलियों के निशान छप चुके थे. वह भी नील पड चुके थे. जिस तरह से अरमान ने उसके गालों पर थप्पड जडा था, हंसिका का एक कान पूरी तरह से सुन्न पड गया था. उसे एक कान से सुनाई देना ही बंद हो गया था.

लेकिन अब उसका चेहरा पूरी तरह से कांपने लगा था. वह गुस्से से दांत पीसते हुए बोली, how dare you Mister Arman trehan, I gonna kill you, you bloody. इतना कहते हुए हंसिका अपनी जगह से उठी और उसकी तरफ बढने को हुई कि तभी अरमान ने एक और जोरदार थप्पड उसके गाल पर जड दिया. वह गुस्से से कांपते हुए बोला, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी दिलरुबा को चोट पहुंचाने की और वह भी इस तरीके से. इतना कहते हुए उसने हंसिका के सिर की पीछे हाथ लेजाकर अपने हाथ में उसके बाल उलझाते हुए साथ लेजाते हुए उसे बाहर की तरफ ले जाने लगा.

जिस तरह से अरमान उसे बाहर लेकर जा रहा था, साफ पता चल रहा था कि आज हंसिका की खैर नहीं. हंसिका भी चिल्लाते हुए बोली, यह तुम अच्छा नहीं कर रहे हो अरमान, छोडो मुझे, मैं बीवी हूं तुम्हारी. वही अरमान भी दांत पीसते हुए बोला, मेरी सिर्फ एक बीवी है, मिसेज अश्की अरमान त्रेहान और उसके अलावा मेरे लिए मेरी नजरों में कोई मेरी पत्नी नहीं. अरमान की बात सुनकर हंसिका का चेहरा और भी गुस्से से कांपने लगा. उसकी आंखों में नमी भी उतर आई थी. वह दर्द से तडपते हुए बोली, मैंने क्या नहीं दिया तुम्हें, मैंने इतनी देर तुम्हारा इंतजार किया, वह क्या कही नहीं था. तुमने किसी और से शादी कर ली और तुम एक्सपेक्ट करते हो. अभी वह बोल ही रही थी कि तभी अरमान ने उसकी गर्दन पर हाथ रख उसे दीवार से सटा दिया और गुस्से से दांत पीसकर बोला,

हमारी वह शादी जबरदस्ती की शादी की गई थी. ना मैं तब शादी को मानता था, ना मैं अब उस शादी को मानता हूं. गवारों की तरह की गई शादी शादी नहीं कहलाती. तुमने मेरी दिलरुबा को चोट पहुंचाने की कोशिश की है. अभी वह बोल ही रहा था कि तभी हंसिका ने उसकी चेस्ट पर हाथ रखकर उसे पीछे की तरफ करने की कोशिश की. लेकिन अरमान को हिला पाना उसके लिए मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन था. वह गुस्से से दांत पीसकर बोली, छोडो अरमान, पागल हो गए हो क्या? मेरा गला दर्द कर रहा है. उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी. जिस वजह से उसका दम घुटने लगा था. चेहरा पूरी तरह से लाल पड चुका था. लेकिन अरमान को तो जैसे कोई फर्क ही नहीं पड रहा था. अब अगले ही पल उसने एक बार फिर से उसके बालों को मुट्ठी में भरा.

वह उसे घसीट कर ले जाते हुए बोला, तुम्हारी वजह से मेरी दिलरूबा को किसी और ने छुआ, और अब तुम्हें कोई और छूएगा. उसकी बात सुनकर हंसिका की आंखें बडी हो गई. वह गुस्से से बोली, यह क्या कह रहे हो तुम अरमान, मैं तुम्हारी पत्नी हूं और मुझे तुम.

तभी अरमान बोला, don' t call that yourself, you are not my wife. अब अगले ही पल अरमान उसे खींचते हुए दोबारा से गाडी के पास लेकर आया. देखते ही देखते उसने हंसिका को गाडी में धक्का दिया, जिससे हंसिका संभाल नहीं पाई और उसका पैर गाडी में चढते समय मुड गया. जिस वजह से उसका पैर बुरी तरह से दर्द करने लगा और चेहरा भी दर्द से भर गया. उसकी चीख गाडी में चढते चढते निकल गई थी, लेकिन अरमान को उसकी चीख से कोई फर्क नहीं पडा. वह जल्दी से गाडी में आकर बैठा और अगले ही पल वह गाडी वहां से निकल चुकी थी.

वहीं दूसरी तरफ,

त्रेहान फार्म हाउस,

अरमान को गए हुए लगभग से आधा घंटा हो गया था, लेकिन अश्की को अभी तक होश नहीं आया था. अश्की के सामने अभी नियति जी खडी थी, जो उसे गहरी नजरों से देख रही थी.

To be continue.

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