
सैंट सेबेस्तियन कॉलेज,
अभी- अभी अरमान अश्की को Collage में Admission दिलवाकर गया था. अब अश्की अपनी बेंच पर बैठने ही जा रही थी कि तभी एक लडका उसके साथ बेंच पर आकर बैठ चुका था. जैसे ही वह लडका बेंच पर आकर बैठा, अश्की के चेहरे का रंग पूरी तरह से उड गया. क्योंकि अरमान ने साफ- साफ उसे अपने रूल्स बताए थे. अभी तो आए हुए कुछ टाइम भी नहीं हुआ था कि एक लडका उसके पास वाली सीट पर आकर बैठ चुका था. अश्की जल्दी से अपनी सीट पर खडे होते हुए दूसरे बेंच पर जाने को हुई कि तभी उस लडके ने अश्की का हाथ पकडते हुए कहा,
क्या बात है मिस, आप ऐसे उठकर क्यों जा रही है? जैसे ही उस लडके ने अश्की का हाथ पकडा, अश्की का पूरा बदन कांप उठा. इस वक्त उसकी पूरी बॉडी शिवर करने लगी थी. अभी वह हाथ छुडाने जा ही रही थी कि तभी उसे किसी की सर्द नजर अपने हाथों पर महसूस हुई. उसने नजर उठाकर दूसरी तरफ देखा, तो अरमान एक बार फिर से क्लासरूम के बाहर खडा था. उसकी सर्द नजरे इस वक्त उसे लडके और अश्की के हाथ पर थी. जैसे ही अश्की ने अरमान की नजर महसूस की, उसका दिल बुरी तरह से बैठ गया.
अरमान जिस तरह से उन दोनों को देख रहा था, अश्की के माथे पर अब पसीने की बूंदे उभर आई थी. उसने जल्दी से उस लडके से अपना हाथ छुडाने हुए कहा, प्लीज, हमें छूने की कोशिश मत कीजिए. अभी अश्की ने इतना ही कहा था कि उस लडके ने दोबारा से अश्की का हाथ पकडते हुए कहा, अरे! ऐसे कैसे मैं तुम्हारा हाथ ना पकडू, after all I am your classmate.
क्लासमेट्स हमेशा फ्रेंड्स होते हैं. उस लडके की बात सुनकर अश्की की जान अब और भी ज्यादा उसके शरीर से निकलने लगी. उस लडके को इस बात की बिल्कुल भी भनक नहीं थी कि कोई उसे जलती नजरों से देख रहा है. लेकिन अश्की की नजर बराबर अरमान पर बनी हुई थी. उसका दिल इस वक्त तेजी से धक धक कर रहा था. अश्की लगातार उस लडके से अपने हाथ को छुडाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वह लडका इतना जिद्दी था कि वह उसका हाथ छोडने का नाम ही नहीं ले रहा था.
वह लडका अब अपनी जगह से खडा हुआ और अश्की के आगे आकर खडा हो गया. जिस तरफ अश्की अरमान की तरफ देख रही थी. दूसरी तरफ अरमान, जो कि अपनी जलती हुई नजरों से उस लडके को देख रहा था. अब उसकी आंखें लाल होनी शुरू हो गई थी. उसकी आंखों को देखकर साफ पता चल रहा था कि जैसे वह आग उगल रही हो. वहां पर बैठे सभी स्टूडेंट्स पीछे खडे अरमान को ही देख रहे थे.
यह लडका, जिसने अश्की का हाथ पकडा था, यह यहां के मिनिस्टर योगेंद्र चौहान का बेटा अभिषेक चौहान था. सब जानते थे कि अभिषेक हर एक लडकी के साथ फ्लर्ट करता था और किसी भी लडकी को छोडता नहीं था. लेकिन आज जिस तरह से वह अब अश्की का हाथ थामकर उसके साथ जबरदस्ती बैठने को हो रहा था, वह सब आंखें फाडे पीछे अरमान को देख रहे थे. किसी की भी हिम्मत नहीं थी कि वह कोई चू तक कर जाए.
अश्की की तो हालत अरमान की आंखें देखकर ही खराब हुए जा रही थी. उसने एक बार फिर से अभिषेक से हाथ छुडाना चाहा, लेकिन इस बार अभिषेक ने हद कर दी. उसने अश्की की कमर पर हाथ रखकर उसे खुद से सटाते हुए कहा, अरे! क्यों इतना मचल रही हो, बताओ ना? क्या कमी है मुझ में? तभी अश्की उसके कंधों पर अपना हाथ रखकर उसे दूर करते हुए बोली, मैं शादीशुदा हूं. उसकी बात सुनकर अब एक पल के लिए अभिषेक की आंखें बडी हो गई. अभी कुछ देर पहले जब क्लास Room में अश्की की एंट्री हुई थी, तब अभिषेक वहां पर नहीं था. जब अरमान वहां से चला गया था, अभिषेक बाद में आया था. इसीलिए अभिषेक को इस चीज की कोई भी भनक नहीं थी.
अब जैसे ही अश्की ने उसे इतनी बात कही कि वह शादीशुदा है. तभी अभिषेक व्यंग्य से हंसा और बोला, मैं भी विलगैक्स हूं. उसने उसकी बात को इस तरह से हवा में उडा दिया था, जैसे उसे कुछ ज्यादा फर्क ही नहीं पड रहा हो. अब वह अश्की की कमर को कसकर पकडते हुए बोला, आज की रात. अभी उसने इतना ही कहा था कि तभी उसे ऐसा लगा, जैसे किसी ने उसकी गर्दन को पीछे से दबोच लिया हो.
वही अश्की ने तो डर के मारे चिहुंक कर अपने होठों पर हाथ ही रख लिए थे. वहीं अभिषेक की पकड तो पूरी तरह से अब अश्की की कमर पर से हट चुकी थी. इस वक्त अभिषेक की गर्दन अरमान के हाथों में थी. अरमान ने उसे पीछे से दबोच लिया था. वह छूटने की कोशिश कर रहा था और गुस्से में गरजते हुए बोला, यह कौन है, कौन है? किसको अपनी जान प्यारी नहीं है? बे, मेरी गर्दन छोड. अभिषेक पूरी तरह से झटपटा रहा था. लेकिन अरमान ने लगातार उसकी गर्दन को पीछे से दबोच रखा था.
अभिषेक पूरी तरह से हिलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उससे हिला तक नहीं जा रहा था. क्योंकि अरमान ने पकड ही उसकी गर्दन पर इस तरीके से की हुई थी. वहां पर सभी स्टूडेंट अपनी फटी आंखों से यह चीज देख रहे थे और लडकियां तो अरमान की तरफ देखकर फ्लैट ही हुए जा रही थी. अभिषेक अब दांत पीसकर बोला, छोड दे, तू जानता नहीं है मुझे? क्यों अपना जनाजा उठाने पर तुला हुआ है? उसने इतना ही कहा था कि अरमान ने उसकी गर्दन पीछे से छोड दी और अगले ही पल पूरी तरह से अभिषेक अरमान की तरफ घुमा. अरमान को देखकर अभिषेक की आंखें बडी हो गई.
अरमान अब उसे गहरी नजरों से देखने लगा. लेकिन उसने एक भी शब्द नहीं कहा था. वही अश्की अभी भी अपनी जगह पर खडी- खडी कांप रही थी. इस वक्त उसे अरमान से हद से ज्यादा डर लग रहा था. अभिषेक अब अरमान की तरफ देखकर बोला, अरे Mister त्रेहान, आप यहां पर? अभिषेक की बात पर अरमान ने कोई रिएक्ट नहीं किया. बस सामने पडे टेबल के पास जाकर उससे टेक लगाकर अपनी जेब में से लाइटर और सिगरेट निकालकर सिगरेट पीने लगा. उसने अपना एक हाथ जेब में डाला हुआ था और बेहद calm and cool होकर डेस्क से टिककर खडा था.
तभी अभिषेक उसके पास आकर बोला, Mister त्रेहान, आपने मुझे इस तरह से क्यों पकडा? आप यहां पर क्या कर रहे है? अभिषेक की बात पर अरमान ने पीछे खडी अश्की की तरफ देखा. जैसे ही अरमान ने अश्की की तरफ देखा, जो डरी सहमी इस वक्त अरमान की तरफ ही देख रही थी. जैसे ही अश्की को अरमान की नजरे खुद पर महसूस हुई, अश्की के रोंगटे खडे होने शुरू हो गए उसने अपनी नजरें पूरी तरह से नीची की तरफ झुका ली.
कुछ सेकंड अरमान अपनी सिगरेट के लंबे कस भरता रहा. वहीं अभिषेक भी कुछ समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर अरमान ने उसे इस तरह से पीछे से क्यों इस तरह से क्यों दबोचा. अभी वह अपनी सोच में ही था कि तभी उसे अपने हाथ पर कुछ जलता हुआ महसूस हुआ. अगले ही पल उसकी जोरदार चीख उस क्लासरूम में गूंज गई.
अभिषेक अकेला नहीं था, जिसकी चीख वहां पर गूंजी थी. अश्की की भी चीख अभिषेक के साथ वहां पर गूंज गई थी, क्योंकि अरमान ने अपनी जलती हुई सिगरेट अभिषेक के हाथ पर लगा दी थी. यह वही हाथ था, जो उसने अभी- अभी अश्की की कमर में डाला था. अब अभिषेक दांत पीसते हुए अरमान की तरफ देखते हुए बोला, यह क्या बदतमीजी है, Mister त्रेहान?
आप ऐसे कैसे मेरा हाथ जला सकते है? तभी अरमान ने उसकी गर्दन को अब आगे से दबोचते हुए और एक झटके से उसे ऊपर की तरफ उठाते हुए दांत पीसकर बोला, ठीक उसी तरह, जिस तरह से तूने मेरी बीवी की कमर पर हाथ डाला. अभिषेक इस वक्त अरमान के हाथ के बीच में झूल रहा था और सांस लेने की कोशिश कर रहा था. जिस तरह से अरमान ने उसे गर्दन से पकडकर ऊपर की तरफ उठा दिया था, अभिषेक को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी. तभी अश्की अरमान के पास आकर उसके हाथ पर अपना हाथ रखते हुए बोली, प्लीज Mister त्रेहान, छोड दीजिए उसे, आप ऐसे किसी की जान नहीं ले सकते. प्लीज, छोड दीजिए उसे. इतना कहते हुए अश्की की आंखों में लगभग से आंसू आ चुके थे. वह नहीं चाहती थी कि अरमान अब अपने हाथ किसी के खून से रंगे.
अरमान ने अब अपनी नजर अभिषेक के ऊपर से हटाकर अश्की को गहरी नजरों से देखते हुए गहरी आवाज में बोला, Sorry दिलरुबा, इसकी सजा तो इसे मिलकर रहेगी, क्योंकि इसने अरमान त्रेहान की चीज पर हाथ डाला है. अरमान त्रेहान की चीज इतनी सस्ती नहीं कि कोई भी ऐरा गैरा आकर उस पर हाथ डाल दे.
अरमान का पागलपन देखकर अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे. अब उसकी सांसों ने और भी ज्यादा गहरा होना शुरू कर दिया था. वही अरमान लगातार अब अभिषेक की गर्दन पर अपनी पकड कसने लगा था. जिस वजह से अभिषेक का चेहरा पूरी तरह से लाल पडने लगा था. उसकी सांस अब उसके गले में अटकने लगी थी. अश्की को तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर वह Kiss तरह से अभिषेक को अरमान से छुडाएं.
क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि आज पहला दिन ही Collage का उसका इतना ज्यादा मनहूस हो जाए कि उसे दोबारा Collage आने का दिल ही ना करें इस वक्त अश्की के हाथ पैर पूरी तरह से ठंडे पड चुके थे. वही अरमान लगातार उसके चेहरे के भाव देख रहा था. उसका डरा हुआ चेहरा देखकर अरमान का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था. दूसरी तरफ अश्की की नजरे कभी अरमान के चेहरे पर थी, तो कभी अभिषेक के चेहरे पर जाती. इस वक्त अश्की को ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने उसकी जान को मुट्ठी में जकड रखा हो.
लेकिन जब कुछ देर उसे कुछ समझ में नहीं आया, तो उसने अपनी आंखें कसकर बंद की और एक गहरी सांस भरकर अरमान के चेहरे को अपने हाथों में भर लिया. अगले ही पल अपनी एडियों को ऊपर की तरफ उठाया और अरमान के होठों पर अपने होंठ रख दिए. जैसे ही उसने अरमान के होठों पर अपने होंठ रखे, अरमान की आंखें बडी हो गई. क्योंकि उसे अश्की से ऐसी कुछ भी एक्सपेक्टेशन बिल्कुल भी नहीं थी. अब अगले ही पल अरमान की पकड अभिषेक के गर्दन पर ढीली पड गई और अभिषेक नीचे जमीन पर जा गिरा और बुरी तरह से वहीं पर बैठकर खांसने लगा.
इस वक्त अभिषेक सांस लेने के लिए झटपटा रहा था. एकदम से अरमान के छोडने से उसे अभी भी सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. दूसरी तरफ अश्की अपने नाजुक से होठों से अरमान के होठों को अपने मुंह में लेकर हल्का- हल्का चूम रही थी. हालांकि उसे अरमान को Kiss करना बिल्कुल भी नहीं आ रहा था. लेकिन फिर भी वह पूरी तरह से अपनी कोशिश कर रही थी. जहां अश्की की आंखें पूरी तरह से बंद थी, वही अरमान की आंखें पूरी तरह से खुली थी, जो अश्की के चेहरे को देख रहा था.
उसका वह आंसुओं से भीगा हुआ लाल पड चुका चेहरा इस वक्त हद से ज्यादा खूबसूरत लग रहा था. वह लगातार अरमान के होठों को Kiss करने की कोशिश कर रही थी. अब अरमान के हाथ भी उसकी कमर पर आकर कस चुके थे. उसने कसकर अश्की को कमर से पकडा और वाइल्डली Kiss करने लगा. वहां पर खडे सभी स्टूडेंट्स उन दोनों को देखकर हूटिंग करने लगे थे.
वहीं अभिषेक तो अपनी जान बचाकर वहां से फटाफट भगा और भागते हुए अरमान की तरफ उंगली पॉइंट करते हुए बोला, तुम्हें छोडूंगा नहीं, Mister अरमान त्रेहान, You जस्ट वेट एंड वॉच. इतना कहते हुए वह बाहर की तरफ भाग गया. वहीं अरमान और अश्की अब एक दूसरे को Kiss कर रहे थे. Kiss करते हुए ही अरमान ने अश्की को ऊपर की तरफ उठाया और अगले ही पल अश्की के पैर उसकी कमर पर लिपट गए.
अरमान ने उसे वैसे ही उठाया और अपने कदम बाहर की तरफ बढा दिए. वही अश्की इस चीज से अनजान लगातार अरमान को चूमे जा रही थी. वह इस कदर अरमान में खो चुकी थी कि उसे इतना भी होश नहीं था कि वह इस वक्त Kiss पोजीशन में और कहां पर है. वही अरमान अब उसे सारे Collage के सामने निकल कर बाहर की तरफ लेकर आया. वहीं पूरा Collage उन्हें देखकर अब हूटिंग कर रहा था. तकरीबन पंद्रह मिनट बाद अरमान जब उसे लेकर गाडी में बैठा, तो अश्की ने अपना चेहरा पीछे की तरफ किया. अब वह हैरानी से इधर- उधर देख रही थी, क्योंकि कुछ देर पहले वह क्लास में थे और अब अरमान उसे लेकर गाडी में बैठ चुका था.
वह इस वक्त अरमान को हैरानी से देख रही थी. लेकिन अरमान की गहरी नजरे अब उसके होठों पर आकर टिक चुकी थी, क्योंकि उसके वह होंठ पूरी तरह से सुर्ख लाल हो चुके थे और सूज भी चुके थे. अश्की तो बडे प्यार से उसे Kiss कर रही थी, लेकिन अरमान हद से ज्यादा वाइल्ड था. उसके हाथ अब अश्की के टॉप के अंदर से उसकी कमर पर घूमने लगे थे. जिसे महसूस कर अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे.
वह अब अरमान की तरफ देखकर कुछ बोलने को हुई, इससे पहले उसके मुंह से कुछ निकलता, अरमान ने उसके बालों को मुट्ठी में भरा और एक बार फिर से उसके होठों को चूमने लगा. इस बार अरमान पहले से भी ज्यादा वाइल्ड था. वह लगातार पैशनेट होकर गाडी में ही उसे चूमे जा रहा था. धीरे- धीरे कर
अश्की पीछे की तरफ बैंड होने लगी थी.
To be continue.








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