
हाईवे पर,
एक ब्लैक Color की लैंबॉर्गिनी कार तेजी से सडकों पर दौड रही थी. उस गाडी की स्पीड इतनी ज्यादा तेज थी कि उसके सामने कोई और गाडी आ जाए, तो वह जल्दी से ब्रेक नहीं लगा सकती थी. इस गाडी में बैठने वाला शख्स कोई और नहीं, अरमान था, जो की तेजी से गाडी हाईवे पर चला रहा था. इस वक्त हाईवे बिल्कुल सुनसान था, क्योंकि इस वक्त सुबह के पाँच बज चुके थे. तकरीबन पंद्रह- बीस मिनट बाद उसकी गाडी त्रेहान पैलेस के आगे आकर रुकी.
वह गाडी से बाहर निकला और अंदर की तरफ चला गया. अंदर आते ही उसने हाल में जोरों से चिल्लाया, मिस्टर त्रेहान। अरमान की आवाज इस वक्त इतनी ज्यादा तेज थी कि पूरे त्रेहान पैलेस में गूंजी होगी. एक बार फिर से वह जोरों से चिल्लाया, मिस्टर त्रेहान। जैसे ही इस बार अरमान ने आवाज दी, सभी लोग जो त्रेहान पैलेस में सो रहे थे, उनकी नींद खुलना शुरू हो गई. इस वक्त त्रेहान पैलेस के हॉल में हल्की सी डिम लाइट ऑन थी. जिस वजह से अभी त्रेहान पैलेस के हॉल में काफी हद तक उजाला था.
अरमान की इतनी ऊंची आवाज सुनकर अब तक सभी अपने अपने कमरों से बाहर आ चुके थे. जानवी जी, अत्यंत जी और सिद्धांत और साथ में नियति जी और वास्तव जी भी अब तक हॉल में आ चुके थे. सबकी नींद अरमान की आवाज से उड चुकी थी. वास्तव जी और नियति जी के चेहरे पर तो इतनी ज्यादा परेशानी छलक रही थी, जैसे उनको पता हो कि अब क्या होने वाला है.
अरमान अब वास्तव जी के सामने आकर खडा हुआ और उनकी आंखों में देखते हुए बेहद गहरी आवाज में बोला, अपनी Wife को कंट्रोल में रखें, Mister त्रेहान, नहीं तो अगली बार जो हाल होगा, उसकी जिम्मेदार यह खुद होगी। तभी वास्तव जी चिल्लाते हुए बोले, अपनी जुबान को कंट्रोल में रखो अरमान, दादी है वह तुम्हारी। अरमान वास्तव जी की बात पर व्यंग्य से हंसते हुए बोला, वह आपके लिए आपकी Wife है, हमारे लिए वह कुछ नहीं लगती हैं. यह बात हमेशा याद रखिए. वह कैसी है, यह आप बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। उसकी बात सुनकर वास्तव जी जोरों से चिल्लाए, अरमान.
तभी अरमान बोला, आवाज नीचे रखिए Mister त्रेहान, अपनी औकात मत भूलिए। इतना कहते हुए अरमान के चेहरे पर बेहद सर्कास्टिक एक्सप्रेशन आ चुके थे. वही वास्तव जी दांत पीसकर बोले, बहुत बोल रहे हो, अरमान। तभी पीछे से नियति जी बोली, लगता है कुछ ज्यादा ही पर लग गए हैं तुम्हारे, अपनी मां पर जो गए हो तुम. मां जैसी ही हरकतें करोगे ना।
जैसे ही नियति जी ने यह बात कही, तभी अरमान ने अपनी बैक में से गन निकाली और नियति जी पर पॉइंट कर दी. जैसे ही अरमान ने अपनी गन नियति जी पर प्वाइंट की,
वास्तव जी और नियति जी अपनी जगह पर खडे- खडे कांप उठे. लेकिन अगले ही पल, खुद को संभालते हुए नियति जी दांत पीसकर बोली, यह क्या बदतमीजी है अरमान, हम तुम्हारी। इससे आगे वह कुछ बोलती कि तभी वहां पर एक फायर की आवाज पूरे त्रेहान पैलेस में गूंज गई. जिससे वहां पर खडा हर एक शख्स डर से कांप उठा.
वही नियति जी की तो सांस जैसे उसके गले में ही अटक गई थी, क्योंकि अरमान ने वह फायर उनके पैरों में किया था. अरमान अब अपनी सर्द आवाज में बोला, हर बार गोली का निशान चुके, ऐसा नहीं होगा, मिसेज त्रेहान.
अगली बार यह गोली आपके माथे के बीच भी हो सकती है. मेरी परवरिश पर जाने से पहले अपनी खुद की परवरिश पर ध्यान दीजिए. क्या पता, वह कहां पर क्या गुल खिला रहा हो। इतना कहते हुए अरमान की नजरे नियति जी पर बहुत ज्यादा गहरी थी. अब एक बार फिर से अपनी बात को आगे बढाते हुए अरमान बोला, एक बात याद रखिए, उससे दूर रहिए. नहीं तो आपके लिए अच्छा होगा। अरमान की बात में वार्निंग साफ थी, जिसे सुनकर नियति जी के रोंगटे खडे हो रहे थे. वही वास्तव जी तो दांत पीसकर रह गए थे. जानवी जी और अत्यंत जी तो एक साइड पर खडे यह सारा तमाशा देख रहे थे. उन्हें तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर क्यों अरमान जानवी जी और वास्तव जी से ऐसी बात कर रहा था.
अब अरमान बाहर की तरफ जाने को हुआ कि तभी अत्यंत जी उसके पीछे आते हुए बोले, अरमान, मेरी बात सुनो। अभी उन्होंने इतना ही कहा था कि तभी अरमान उनकी तरफ पलटते हुए बोला, मुझे कुछ समझाने से पहले अपने पिताश्री को एक बात समझा लीजिए कि अगर अगली बार उस पर किसी ने अटैक किया, तो उसका अंजाम अच्छा नहीं होगा. यह पूरा त्रेहान पैलेस जलाकर राख कर दूंगा। अत्यंत जी तो बस हैरानी से अरमान की तरफ देखते ही रह गए. अरमान अपनी बात कह कर बाहर की तरफ निकल चुका था.
दूसरी तरफ वास्तव जी अब गुस्से में कांपते हुए अंदर की तरफ चले गए. उनके जाते ही नियति जी भी उनके पीछे- पीछे कमरे में चली गई. नियति जी ने उनके पास जाकर जैसे ही उन्होंने वास्तव जी के कंधे पर अपना हाथ रखा कि तभी वास्तव जी ने एक जोरदार थप्पड नियति जी के चेहरे पर जड दिया. वह गुस्से से दांत पीसकर बोले, किसने कहा था तुम्हें अपना रायता फैलाने के लिए बीच में. आज तुम्हारी वजह से मेरा बना बनाया खेल बिगड गया. पासा चलने जा रहा था मैं, लेकिन तुम्हारी वजह से अब मुझे वह पासा कुछ दिन बाद चलना होगा। इतना कहकर वास्तव जी गुस्से से दांत पीसते हुए बोले, तुम जैसी औरतें। इतना कह कर वास्तव जी ने अपना मुंह दूसरी तरफ घूमा लिया.
वास्तव जी का गुस्सा इस वक्त सातवें आसमान पर था. अब वह बालकनी की तरफ गए और सिगरेट पीते हुए कुछ सोचने लगे. इस वक्त उनका दिमाग पूरी तरह से खराब हो चुका था. वही नियति जी अपने चेहरे पर हाथ रख गुस्से से कांपते हुए जमीन पर बैठी थी, क्योंकि थप्पड लगने की वजह से वह जमीन पर गिर चुकी थी. अब वह अपना हाथ अपने गाल पर टिकाते हुए गुस्से से कांपते हुए बोली, यह आपने ठीक नहीं किया वास्तव जी, उस लडके की खातिर आपने मुझे थप्पड मारा. नफरत तो मैं पहले ही उसे बहुत करती थी.
लेकिन अब, अब तो मैं उससे ओर भी नफरत करने लगी हूं. अब जो होगा, मैं उसे पूरी तरह से बर्बाद करके रख दूंगी। इतना कहते हुए नियति जी के चेहरे पर अरमान के लिए नफरत साफ दिखाई दे रही थी.
दूसरी तरफ,
अरमान की गाडी तकरीबन आधे घंटे बाद उसके पर्सनल विला में आकर रुकी. इस वक्त सुबह के सात बज चुके थे. अरमान गाडी से बाहर निकला और अंदर आते ही उसने अश्की की तरफ देखा, जो अभी भी वैसे ही सोई हुई थी. इस वक्त उसके बदन पर सिर्फ एक ब्लैंकेट था, उसके अलावा कुछ भी नहीं. जैसा उसे अरमान छोडकर गया था, अभी भी वह वैसे ही सो रही थी. शायद वह बहुत ज्यादा थक चुकी थी. इसीलिए अभी तक वह गहरी नींद में सो रही थी. नहीं तो अश्की सुबह छह बजे तक उठ जाती थी.
वही अरमान अब अंदर की तरफ आया. अगले ही पल अपने कपडे उतारने लगा. कुछ ही देर में उसने अपने पूरे कपडे अपने बदन से अलग कर दिए थे. अब उसने साइड टेबल पर रखी हुई अपनी सिगरेट उठाई और उसे अपने होठों में दबाते हुए लाइटर जलाकर, सिगरेट जलाकर उसके लंबे- लंबे कश भरते हुए सोफे पर जाकर बैठ चुका था. इस वक्त वह पूरी तरह से नेकेड था.
इस वक्त उसने अपने पैरों को टेबल पर रख लिया था और अपनी एक बांह को सोफे के रेस्ट पर रखकर और एक हाथ से अपने होठों में सिगरेट दबाए हुए लंबे कश भरते हुए गहरी नजरों से अश्की को देख रहा था. इस वक्त उसकी नजर अश्की पर इस हद तक गहरी थी कि उसे अपने बदन में अब एक बार फिर से हलचल होती हुई महसूस हो रही थी. वहीं अश्की, जो कि कब से गहरी नींद में थी.
अब वह हल्का सा हिली और उसने करवट ली. तभी उसकी ब्लैंकेट उसके सीने से नीचे की तरफ सरक गई. जिस वजह से उसका कोर सीना अब अरमान के सामने था. उसके सीने को देखकर अरमान को कल रात का मंजर याद आने लगा. इस वक्त अश्की का सीना पूरी तरह से नीला पड चुका था. उसका वह सीना देखकर अरमान को अपने शरीर की कसावट और भी ज्यादा महसूस होने लगी. उसके बदन को देखकर उसका शरीर ओर भी कसता जा रहा था. लेकिन अरमान खुद को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था. वह लगातार सिगरेट के कश भरते हुए अश्की को देख रहा था. लेकिन उसके पास नहीं जा रहा था, जैसे वह खुद को रोक रहा हो.
वह खुद में ही गहरी आवाज में बोला, नहीं, तुम मेरी लत नहीं बन सकती. अभी तो शुरुआत है. तुम सिर्फ एक चीज हो, जिससे मैं अपनी जरूरत पूरी करूंगा बस। कहते हुए उसकी नजरें अश्की पर ओर भी ज्यादा गहरी हो चुकी थी. इस वक्त वह जिद में अड कर वहीं पर बैठा हुआ था. तकरीबन आधा घंटा वह यूं ही सिगरेट पीता रहा. कितनी ही सिगरेट न जाने उसने फूंक दी थी. लेकिन उसकी नजरें अश्की पर से नहीं हटी थी और ना ही वह उठकर अश्की के पास जा रहा था.
ऐसे ही तकरीबन पंद्रह मिनट बीत गए. अब वह अपनी जगह से खडा हुआ और अपने कदम बेड की तरफ बढा दिए. उसने वॉच की तरफ देखा, जहां पर आठ बज चुके थे. अरमान अब उसके करीब हुआ और उसके चेहरे पर झुकने लगा. इस वक्त अश्की के बाल उसके चेहरे पर बिखर चुके थे. अरमान अश्की के बालों को उसके कानों के पीछे करने लगा. अगले ही पल वह उसके गले को दोबारा से चूमने लगा. जैसे ही अरमान उसके गले को चूमने लगा, अश्की की आंखें खुद ब खुद खुलने लगी. जैसे ही अश्की ने अपनी आंखें खोली, तो उसने अरमान को अपने ऊपर झुके हुए देखा. उसका दिल जैसे एक पल के लिए धडक उठा.
वही अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला, जल्दी से तैयार हो जाओ, हमें निकलना है। इतना कहकर वह अब उसके ऊपर से उठा और दोबारा से क्लोजेट Room की तरफ बढ गया. वही अश्की, जोकि अपनी बडी- बडी आंखों से अरमान की तरफ देख रही थी. वह तो अरमान को देखते ही रह गई और खुद में बडबडाई, आखिर कहां जाना है हमें? इतना कहते हुए वह अपनी जगह से उठी. तभी उसकी नजर अपने सीने पर गई और अपने सीने को देखकर उसका चेहरा पूरी तरह से लाल हो गया.
उसके गाल गर्म होने लगे. अगले ही पल, उसने ब्लैंकेट को दोबारा से अपने सीने पर ओढते हुए अपनी जगह से खडे होते हुए खुद में ही बडबडाई, यह कहां लेकर जा रहे हैं मुझे? तभी अरमान की डोमिनेटिंग वॉइस उसके कानों में गूंजी, अगर दोबारा तुमने पूछा, तो इस वक्त सीधा बाथरूम में लेकर जाऊंगा। अरमान की आवाज सुनकर अश्की पूरी तरह से झेंप गई और जल्दी से अब बाथरूम में घुसी और शावर लेने लगी.
कुछ ही देर में वह नहा धोकर बाहर की तरफ आई जैसे ही वह बाहर की तरफ आई, उसे तेज सिगरेट की स्मेल महसूस हुई. वह समझ चुकी थी कि अरमान बालकनी में खडा सिगरेट पी रहा है. इसीलिए वह जल्दी से वार्डरोब की तरफ बढ गई और कपडे पहनकर बाहर की तरफ आई. कुछ ही देर में वह पूरी तरह से रेडी हो चुकी थी. दूसरी तरफ अरमान, जो की बालकनी में खडा सिगरेट पी रहा था, अब वह अंदर की तरफ आया. उसकी नजरें अब अश्की पर ठहर चुकी थी. इस वक्त अश्की ने ब्लैक Color का कुर्ता और उसके साथ जींस पहनी हुई थी.
ऊपर से उसके खुले बाल, गले में मंगलसूत्र और बालों में हल्का सा सिंदूर और होठों पर Lip बाम, इस वक्त अश्की हद से ज्यादा खूबसूरत लग रही थी. भले ही वह पूरी तरह से सिंपल थी. लेकिन फिर भी उसकी खूबसूरती उभर कर बाहर आ रही थी. अरमान अब उसके पास आया और उसे घूरते हुए बोला, चेहरा धो कर आओ अपना। उसकी बात सुनकर अश्की तो बस उसकी तरफ देखते ही रह गई. अरमान अब एक बार फिर से उसे गहरी आवाज में बोला, मैंने कहा, चेहरा धोकर आओ। अश्की को तो समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर अरमान उसे चेहरा धोने को क्यों बोल रहा है. वह अपने चेहरे पर हाथ फेरते हुए बोली, मेरे मुंह पर कुछ लगा है, जो मैं अपना चेहरा धो कर आऊं।
वह पूछ ही रही थी, लेकिन अरमान की नजरे तो उसके होठों पर ठहरी हुई थी, जहां पर अश्की ने Lip बाम लगाया हुआ था. अब अरमान उसे गहरी आवाज में बोला, मैंने कहा, मुंह धो कर आओ। इस बार अरमान की आवाज ओर भी ज्यादा सर्द थी. जिसे सुनकर अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे. अब वह जल्दी से अंदर की तरफ गई और जल्दी से चेहरा धोकर वापस बाहर आई और टॉवल से साफ करने लगी.
एक बार फिर से वह मिरर के सामने जाकर खडी होकर Lip बाम लगाने को हुई कि तभी अरमान ने उसके हाथों से Lip बाम लेकर जमीन पर फेंक दिया. वह अपनी डोमिनेटिंग वॉइस में बोला, तुम किसी के भी सामने सज कर नहीं जाओगी। उसकी बात सुनकर अश्की तो बस उसे देखते ही रह गई.
वह खुद में ही बडबडाई, सज कर, मैंने तो सिर्फ Lip बाम लगाया था। वह अपने आप में बोलते ही रह गई. अरमान अब Room से बाहर की तरफ निकल चुका था. उसको इस तरह से बाहर जाता देख अश्की मायूस हो गई थी. अब वह भी अरमान के पीछे पीछे चल दी. कुछ ही देर में उनकी गाडी अरमान के प्राइवेट विला से निकल चुकी थी. तकरीबन आधे घंटे बाद उनकी गाडी एक Collage के आगे आकर रुकी और Collage के आगे गाडी रुकते ही अश्की की
आंखें बडी हो गई.
To be continue.
Sorry for late episode








Write a comment ...