
Armaan ka personal villa
अरमान और अश्की इस वक्त दोनों बाथरूम में शावर के नीचे खडे थे. जहां आशिकी के बदन पर लोअर बॉडी पर सिर्फ एक नाम मात्र का कपडा था, वही अरमान के बदन पर सिर्फ एक पेंट थी. उसने अपनी शर्ट बाहर ही निकाल दी थी. इस वक्त उसकी सख्त नजरे अश्की के सीने पर थी, जो कि अरमान ने नीला कर दिया था, क्योंकि करिश्मा ने उसके सीने को छुआ था. उसकी छुअन अभी तक उसे अश्की के सीने पर महसूस हो रही थी.
अगले ही पल, अब अरमान उसके ऊपर झुका और पागलों की तरह उसके गले को चूमते हुए उसके हाथ एक बार फिर से उसके सीने पर घूमने लगे थे. वह लगातार उसके गले को चुमते हुए अपने सख्त होठों का दबाव बना रहा था. जिससे अश्की को अपनी गर्दन पर दबाव हद से ज्यादा महसूस हो रहा था. उसकी सिसकियां उस बाथरूम में गूंज रही थी. जैसे उसकी जान निकल रही हो. उसके हाथ इस वक्त अरमान के कंधों पर कस चुके थे और नाखून उसके कंधों में धस रहे थे.
जिस वजह से अरमान के कंधों से हल्की हल्की खून की बूंदे रिसने लगी थी, जोकि पानी की धार के कारण साथ में साफ भी हो रही थी. वहीं अरमान रुक नहीं रहा था. लगातार उसके गले को चूमते हुए ही अब उसने अपने हाथों को नीचे की तरफ ले जाना शुरू किया, जिससे अश्की का दिल ओर भी तेजी से धडकने लगा. वही अरमान अब अपना हाथ पूरी तरह से नीचे की तरफ लेकर गया. अगले ही पल, उसने अश्की के बदन पर जो बचा हुआ नाम का कपडा था, वह भी फाड कर उसके जिस्म से अलग कर दिया. जिससे उसकी सांस एक पल के लिए उसके गले में अटक गई.
अब अरमान ने अपने होंठ उसके गले से हटाए और उसे गहरी नजरों से देखते हुए डोमिनेटिंग वॉइस में बोला, your punishment is start, dilruba.
उसकी बात सुनकर अश्की को ऐसा लगा, जैसे कि आज अरमान उसकी रूह ही उसके बदन से अलग कर देगा. अब एक बार फिर से अरमान ने उसके गले को अपने सख्त होठों से चूमना शुरू किया. इस वक्त शावर के पानी की वजह से अश्की की गर्दन पर पानी की बूंदे ठहरी हुई थी. अरमान उन बूंदों को अपने होठों में लेकर पीने की कोशिश कर रहा था. साथ ही साथ अब उसका हाथ अश्की की नीचे चल रहा था, जिससे अश्की की सांस ओर भी गहरी होती जा रही थी.
धीरे- धीरे उसके होंठ उसकी गर्दन से होते हुए अब सीने पर आ आए. अब अरमान ने अपना चेहरा पीछे की तरफ लेकर उसके सीने की तरफ देखा, जहां पर पूरी तरह से लाल निशान गहरे नील निशानों में तब्दील हो गए थे. ऊपर से अश्की के गहरी सांस लेने की वजह से उसका सीन ऊपर की तरफ उठ रहा था. जिसे देखकर अरमान को अपनी बॉडी में एक हलचल सी महसूस हो रही थी.
अरमान ने एक नजर अब उसके चेहरे की तरफ देखा और गहरी आवाज में बोला, दर्द हो रहा है. उसकी बात सुनकर अश्की की आंखों में हल्की सी नमी उतर आई. अगले ही पल, उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया. जैसे ही अश्की ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमाया, अरमान के होठों के कोने मुड गए.
लेकिन अगले ही पल उसने जो किया, अश्की की आंखें कस कर बंद हो गई. अभी भी उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ ही घुमाए रखा था. उसने एक बार भी अरमान के चेहरे की तरफ पलट कर नहीं देखा, जो पूरी तरह से उसके सीने पर झुका हुआ था. अब उसने अश्की के नाजुक से अंगों को अपने हाथों में भर कर अपने होंठों में दबा लिया था और उसे पागलों की तरह चूमने लगा.
जिससे अश्की के पूरे बदन के रोंगटे खडे होने लगे थे. उसने अपने हाथों की मुट्ठियां कस ली, जिस वजह से अब उसके नाखून अपने हाथों की हथेलियों में चुभने लगे. उसने एक बार भी अपने हाथ उठाकर अरमान के कंधों पर नहीं रखें. वही अरमान अब उसके सीने को लगातार अपने होठों में भरकर चूम रहा था.
साथ ही उसका हाथ अश्की के नीचे की तरफ चल रहा था. जिस वजह से अश्की के पैर पूरी तरह से ऊपर की तरफ उठ रहे थे. जैसे- जैसे अरमान का हाथ उसकी गहराइयों को छू रहा था, वैसे- वैसे अश्की अब अपना हल्का- हल्का कंट्रोल होने लगी थी. जिस वजह से उसकी सांसे भी लडखडाने लगी थी.
वही अरमान अब उसके सीने को चुमते हुए ही नीचे की तरफ आया और पेट को चूमते हुए उसकी नॉवेल पर अपनी जीभ घुमाते हुए उसे चूमने लगा. जिससे अश्की ओर भी ज्यादा मचलने लगी. उसका तन जिस्म पूरी तरह से अकडने लगा था. वही अरमान की आंखों में जो हद से ज्यादा गुस्सा था, अब उसकी आंखें कुछ और ही बयां कर रही थी. वह बेहद रूमानी नजरों से इस वक्त अश्की को देख रहा था.
भले ही वह उसके पेट को चूम रहा था, लेकिन उसकी नजरें अश्की के चेहरे पर टिकी हुई थी. जो कि उसने दूसरी तरफ घुमाया हुआ था. लेकिन उसके चेहरे के बदलते हुए भाव साफ बता रहे थे कि अब उसका खुद पर से कंट्रोल छूटता जा रहा था. वही अरमान भी कहां कोई कमी रहने दे रहा था. वह लगातार उसकी nevel को चूमते हुए ही नीचे की तरफ आया.
अब वह पूरी तरह से उसकी कमर पर आ चुका था. अब उसने अपना चेहरा पीछे की तरफ किया और एक नजर उसके चेहरे की तरफ देखा. अगले ही पल, दोबारा से उसकी लोअर बॉडी की तरफ देखने लगा. जिसे देखकर अरमान अब पूरी तरह से पागल होने लगा था. उसका पागलपन तो पहले ही हद से ज्यादा बढ चुका था. लेकिन अब, अब तो वह पागलपन की हद पार करने वाला था. अगले ही पल जो उसने किया, उसे महसूस कर अश्की की सांस उसके हलक में अटक गई और उसकी एडियां और भी ऊपर की तरफ उचक गई.
अरमान के होंठ अब उसकी नीचे के नाजुक अंग पर चल रहे थे, जिससे अश्की का बदन पूरी तरह से तडप उठा था. अगले ही पल, उसने अपने दोनों पैर अरमान के कंधों पर रख लिए थे. अरमान पूरी तरह से नीचे की तरफ बैठा हुआ था और उसके हाथ अश्की की कमर पर थे. खुद वह अश्की की लोअर बॉडी पर झुका हुआ था और लगातार उसकी बॉडी को चूम रहा था. जिससे अश्की पूरी तरह से पागल होने लगी थी. वह अपने बालों में हाथ ले जाते हुए अपने ही बालों को खींचने लगी थी, क्योंकि उसका बदन हद से ज्यादा अकडने लगा था. उसके चेहरे पर शावर के पानी में भी पसीने की बूंदे उभर रही थी. अपने बालों को खींचते हुए ही उसने एक हाथ नीचे की तरफ लाकर अरमान के सिर के पीछे रखा और अपनी तरफ पुश करने लगी. जिस तरह से वह अरमान को अपनी तरफ पुश कर रही थी, अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी. अब वह ओर भी ज्यादा पैशनेट होकर उसकी जिस्म को चूमने लगा था.
उस बाथरूम में अश्की की मदहोशी भरी सिसकियां तेजी से गूंज रही थी. अरमान लगातार अपना चेहरा अश्की की नीचे के नाजुक अंग की तरफ पुश कर रहा था. जिससे अश्की को अपने जिस्म में से जान निकलती हुई महसूस हो रही थी. अब अश्की को समझ में आ रहा था कि अरमान उसे Kiss तरह की सजा देने की बात कर रहा था. अब वह उसे सजा देने में लगा भी हुआ था. वह लगातार अश्की को तडपा रहा था और अश्की तडप भी रही थी. वह अरमान के सिर को हाथों में थाम के खुद की नीचे के नाजुक अंग तरफ पुश किए जा रही थी. उसे खुद नहीं पता चल रहा था कि वह इस वक्त क्या कर रही है. वही अरमान भी उसकी कमर कसकर थमते हुए अपना चेहरा पूरी तरह से उसकी लोअर बॉडी में रख चूमे जा रहा था.
तकरीबन पाँच मिनट बाद अश्की जोरों से चिल्लाई. जैसे ही अश्की चिल्लाई, अरमान के चेहरे विनिंग स्माइल आ गई. अब उसने अपना चेहरा पीछे की तरफ कर अश्की के चेहरे की तरफ देखा, जो की बुरी तरह से हांफ रही थी. ऐसा लग रहा था, जैसे उसके बदन में जान ही ना हो. लेकिन अरमान अभी उसे कहां छोडने वाला था. वह तो आज पूरी तरह से अश्की को सजा देने के मूड में था. अरमान ने अब उसके पैरों को सीधा कर जमीन पर रखा. अश्की में तो इतनी भी जान नहीं थी कि वह जमीन पर खडी हो जाए. इसीलिए उसने अरमान के कंधों पर अपने हाथ रख दिए. उसका दिल कर रहा था कि वह पूरी तरह से निढाल होकर अरमान पर गिर जाए, लेकिन उसने खुद को कंट्रोल कर रखा था.
अश्की के पैर जैसे ही जमीन पर पडे, उसके पैर हल्के- हल्के कांपने लगे थे. वही अरमान अब उसके बराबर खडा हुआ और उसे अपनी गहरी नजरों से देखते हुए अब उसने उसकी कमर पर एक बार फिर से हाथ रखा. अगले ही पल उसने अश्की को पलट दिया, जिससे अश्की का सीना दीवार से सट गया. उसके मुंह से एक बार फिर से आह निकल गई, क्योंकि वह दीवार बहुत ठंडी थी. अब अश्की का चेहरा एक साइड पर था और उसका सीने का नाजुक अंग दीवार से लगे लगे हुए थे. वह पूरी दीवार ग्लास Wall ही थी.
अब उसकी गोरी पीठ अरमान के सामने थी. अश्की की पीठ पर अब उसके बाल पूरी तरह से चिपके हुए थे, जो कि उसे ओर भी ज्यादा हसीन बन रहे थे. शावर की बूंदे उसकी पीठ पर भी जमी हुई थी. ऊपर से उसकी बैक हद से ज्यादा अरमान को अपनी तरफ अट्रेक्ट कर रही थी. अरमान का पूरा बदन अकड चुका था. अब उसने अपनी पैंट का बटन खोला. अगले ही पल, उसने अपनी पैंट को अपने बदन से अलग कर दिया. देखते ही देखते वह पूरी तरह से बेलीबास अश्की के पीछे खडा था.
वही अश्की, जिसकी पीठ अरमान की तरफ थी, उसे इस चीज की हल्की सी भी भनक नहीं थी कि अरमान उसके पीछे Kiss तरह से खडा है. अरमान अपना हाथ पीछे से नीचे के नाजुक अंग पर ले जाकर अपनी बॉडी को सहला रहा था. साथ ही साथ उसकी नजर अश्की की बैक पर थी. दूसरी तरफ अश्की, जिसकी पीठ इस वक्त अरमान की तरफ थी, उसके दोनों हाथ Wall पर लगे हुए थे. अपने हाथों से ही उस Wall को घसीटने की कोशिश कर रही थी, क्योंकि उसे अरमान की गहरी नजर खुद पर बहुत अच्छी तरह से महसूस हो रही थी. अब अरमान एक बार फिर से उसके करीब आया. अगले ही पल, उसने अपना पूरा बदन अश्की की पीठ से सटा दिया, जिससे उसका पूरा बदन अश्की के बदन से चिपक गया.
अब अश्की को अरमान की अकडन साफ महसूस हो रही थी. जिससे अश्की की जान उसकी मुट्ठी में आ चुकी थी. इस वक्त उसका दिल तेजी से धक धक कर रहा था. अश्की बेचारी इतनी ज्यादा अरमान से डरती थी कि वह उसे कुछ कह भी नहीं पाती थी. वही अरमान अब उसकी पीठ पर झुक कर उसके बालों को एक साइड पर करते हुए उसके पीठ को चूमने लगा. जिससे अश्की की सांस रुकनी शुरू हो गई.
उसकी पीठ को चुमते हुए ही वह लगातार अपनी जीभ को उसकी पीठ पर चला रहा था. साथ ही साथ उसका हाथ उसकी बैक पर भी चल रहा था. जिससे उसके हाथों के निशान उसके बदन पर छप रहे थे. जिस तरह से अरमान उसके साथ पेश आ रहा था, अश्की के बदन पर जगह- जगह अरमान की छाप छप रही थी.
तभी अरमान एक बार फिर से सीधा होकर खडा हुआ और अगले ही पल जो हुआ, उससे अश्की का चेहरा दर्द से भर गया. क्योंकि अरमान ने अगले ही पल खुद को अश्की की तरफ पुश किया. जिससे अरमान पूरी तरह से अश्की में समा चुका था. अब अश्की की जान उसके बदन से निकल रही थी. उसे हद से ज्यादा दर्द हो रहा था. वही अरमान को भी यह चीज महसूस हो रही थी, क्योंकि उसने बेहद हार्ष तरीके से अश्की के साथ intimate हो रहा था.
वह हार्डली खुद को मूव कर रहा था. इस वक्त उसने अश्की की कमर को बहुत कसकर थामा हुआ था. जिस वजह से उसके हाथों के निशान अश्की की कमर पर छप रहे थे. अब अश्की की सिसकियां चीखों में बदल गई थी. वह रोते हुए बोली, मत कीजिए अरमान जी, मुझे दर्द हो रहा है. प्लीज, छोड दीजिए मुझे.
वह लगातार रोए जा रही थी और चिल्लाए जा रही थी. लेकिन अरमान आज उस पर जैसे अपना कहर बरसाने में लगा हुआ था. उसके बालों को मुट्ठी में भरते हुए खुद को उसकी तरफ पुश करते हुए बोला, यह रात तुम्हें हमेशा याद रहेगी, दिलरुबा, तुम्हें हमेशा मेरे ऑर्डर्स फॉलो करने हैं.
तुम सिर्फ मेरी डॉल हो, जिसके साथ सिर्फ मैं खेल सकता हूं, और कोई नहीं. कोई तुम्हें छू नहीं सकता. इतना कहते हुए वह हार्डली खुद को मूव किए जा रहा था. अश्की तडपते हुए बोली, मुझे माफ कर दीजिए, अरमान जी, प्लीज, मैं आगे से ऐसे आपको बिना बताए बाहर नहीं आऊंगी. प्लीज, रुक जाइए. लेकिन अरमान नहीं रुका.
अब उसने उसे अपनी तरफ पलटा और अगले ही पल एक बार फिर से उसे ऊपर की तरफ उठाया. जिससे अश्की के पैर उसकी कमर के इर्दगिर्द फंस गए. दूसरे ही पल अश्की की एक जोरदार चीख फिर से बाथरूम में गूंज गई. अब वह अरमान के कंधों को कसकर थामते हुए बोली,
आप पागल हो गए हैं क्या? जान लोगे क्या मेरी? उसकी बात पर अरमान ने कुछ नहीं कहा. बस उसकी गर्दन में अपना सिर फंसा कर उसकी गर्दन को पागलों की तरह सूंघते हुए बोला, तुम्हारे जिस्म, तुम्हारी रूह, तुम्हारे सिर से पैर पर सिर्फ मेरा हक है दिलरुबा, सिर्फ मेरा हक. इतना कहते हुए उसने जिस तरह से खुद को अश्की की तरफ पुश किया, अश्की जोरों से चिल्ला उठी.
वह लगातार रोते हुए बोली, आप बहुत बुरे है, अरमान जी, आप बहुत बुरे है. वही अरमान लगातार उसकी बात का जवाब दिए बिना उसके साथ intimate हुए जा रहा था. अब उसने उसके सिर के पीछे हाथ लेजाकर को बालों को मुट्ठी में भरकर एक बार फिर से उसके होठों को अपने होठों में लेकर पागलों की तरह चूमना शुरू कर दिया था. साथ ही साथ खुद को उसकी तरफ पुश किए जा रहा था. अरमान बाथरूम में पागलों की तरह खडे- खडे उसके साथ इंटीमेट हो रहा था. रात के साढे चार बजे अरमान अश्की को बाथरूम से बाहर की तरफ लेकर आया. इस वक्त अश्की पूरी तरह से बेजान उसकी बाहों में झूल रही थी.
अभी भी अरमान और अश्की के बदन पर कुछ भी नहीं था. अश्की की आंखें एकदम सुन्न हो चुकी थी. वही अरमान का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लेस हो चुका था. उसने अब अश्की को बेड पर लेटाया. अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए ब्लैंकेट उठाकर उस पर उडाने लगा. जैसे ही वह अश्की के ऊपर ब्लैंकेट उडाने लगा, अश्की की आंखों में नमी उतर आई और उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ घूमा लिया.
उसको इस तरह से चेहरा घुमाते देख अरमान अब एक बार फिर से उसके ऊपर झुका और उसके कान के पास अपनी गर्म हवा छोडते हुए बोला, लगता है, तुम्हारा दिल नहीं भरा दिलरुबा, क्या एक बार और? अभी वह बोल ही रहा था कि अश्की ने अपनी आंखें कस के बंद कर ली. उसको अपनी कसकर आंखें बंद करता देख अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ गई. अब वह एक बार फिर से अपनी गहरी आवाज में बोला, अभी तो मैंने तुम्हें सही से सजा दी ही नहीं, दिलरुबा.
इतना कहकर वह अपनी जगह से खडा हुआ और सामने पडी सिगरेट और लाइटर उठाकर बालकनी में ऐसे ही जाकर खडा हो गया. इस वक्त उसके बदन पर कुछ भी नहीं था, लेकिन उसे इस चीज से कुछ खास फर्क नहीं पड रहा था. वह लगातार सिगरेट का कश भरते हुए बालकनी में खडा था. वहीं दूसरी तरफ, अश्की, जो कि बिस्तर पर लेटी थी. वह अरमान की बात सुनकर कांप उठी थी. अरमान ने जिस तरह की क्रुएलिटी उसके साथ दिखाई थी. अभी भी उसमें सजा की कहां कमी की थी. यह सोचकर ही अश्की को डर लग रहा था कि Kiss साइको से उसने शादी कर ली. वह इतना तो समझ चुकी थी कि अरमान नॉर्मल इंसान तो बिल्कुल भी नहीं है. जिस तरह से अरमान की बातें थी, वह इस चीज को साफ बयां करती थी. अरमान की बातें सोच- सोच कर ही अश्की का दिल खौफ से सराबोर हो चुका था.
जिस तरह से आज अरमान उसके साथ intimate हुआ था, उस चीज को याद करते हुए उसके बदन का हर एक हिस्सा दर्द कर रहा था. जिस वजह से उसकी आंखों से आंसू बहे जा रहे थे. वह हद से तडपते हुए बोली, मेरी शादी किसके साथ हो गई? कहते हुए उसकी आंखों की नमी उसके गालों पर आ चुकी थी.
इस वक्त वह अपने दर्द में इतना ज्यादा तडप रही थी कि कुछ ही देर में उसकी आंखें पूरी तरह से नींद से भर चुकी थी. कुछ ही देर में, वह गहरी नींद में चली गई. वहीं दूसरी तरफ अरमान, जो की बालकनी में खडा सिगरेट पी रहा था. उसकी नजरें कब से अश्की पर थी, जिसकी पीठ इस वक्त अरमान की तरफ थी. उसको रोता हुआ देखकर अरमान का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था. वह लगातार सिगरेट पीते हुए ही अपनी गहरी लाल आंखों से अश्की को देख रहा था.
अश्की के सोने के बाद अरमान अब एक बार फिर से गहरी आवाज में बोला, तुम्हारी सजा तो पूरी हुई दिलरुबा, लेकिन अब किसी और की सजा की बारी है. इतना कहते हुए अरमान की आंखों के सामने नियति जी का चेहरा घूम रहा था.
अब उसके जबडे पूरी तरह से कस चुके थे. उसने अपनी हाथों में पकडी हुई सिगरेट को अपनी उंगलियों में बुझा दिया था. कुछ देर वह अश्की को यूं ही देखता रहा, फिर क्लोजेट की तरफ बढकर अपने कपडे पहन लिए. कुछ ही देर में वह मिरर के सामने खडा तैयार हो रहा था. इस वक्त रात के पौने पांच हो चुके थे. अरमान शीशे के सामने खडे होकर पीछे लेटी हुई अश्की को देख रहा था.
कुछ देर उसे मिरर में देखने के बाद अब वह एक बार फिर से अश्की की तरफ आया और उसके ऊपर झुकते हुए उसके छोटे से चेहरे को बडी गौर से देखने लगा, जो कि रो- रो के लाल हो चुका था. अब उसने अश्की के माथे को चूमते हुए कहा, तुमने गलती की थी और उसकी सजा मिलनी जरूरी थी. इतना कहते हुए अरमान का चेहरा पूरी तरह से expressionless था.
अब अरमान अपनी जगह से खडा हुआ और देखते ही देखते बाहर की तरफ चला गया.
To be continue.








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