
त्रेहान पैलेस,
त्रेहान पैलेस के हाॅल में इस वक्त नियति त्रेहान जो कि अरमान की दादी थी वह इस वक्त शायद बहुत ज्यादा गुस्से में थी. दूसरी तरफ सामने खडा अध्यक्ष भी यह चीज अच्छी तरह से भाप चुका था. वहीं नियति जी अपनी जगह पर बैठी गुस्से से उनकी नजरें दरवाजे पर थी कि तभी दरवाजे पर से गाडियों की आवाज आई, गाडियों की आवाज सुनकर नियति जी की आंखें सर्द हो गई और अगले ही पल वो अपनी जगह से खडी हुई और अपनी सर्द नजरे दरवाजे पर गडा कर खडी हो गई, इस वक्त नियति जी के जबडे पूरी तरह से कसे हुए थे. तभी वहां पर जानवी जी आकर खडी हुई जो कि अरमान की मॉम थी. और उनके साथ ही सिद्धांत त्रेहान आकर खडे हुए जो कि अरमान के dad थे.
सिद्धांत नियति जी से कुछ कहने को हुए कि तभी नियति जी उन्हें हाथ दिखाकर रोकते हुए बोली तुम तो कुछ बोलो ही मत तुम्हारी खुद की जुबान अपने बेटे के सामने नहीं खुलती तुम मुझसे क्या ही बोलोगे, नियति जी की बात सुनकर सिद्धांत जी वैसे ही चुप हो गए, अब तो अध्यक्ष का डर और भी ज्यादा बढ चुका था. तभी दरवाजे से कुछ कदमों की आवाज आई तो सभी की नजरे एक बार फिर से दरवाजे पर टिक गई.
दूसरी तरफ,
इस वक्त दरवाजे पर अरमान और अश्की खडे थे. अश्की की मांग में पूरी तरह से सिंदूर सजा हुआ था और गले में मंगलसूत्र के साथ- साथ रेड रोजेस की माला भी थी. और उसने अपनी आंखें पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाई हुई थी. इस वक्त अश्की का दिल जोरो से धडक रहा था. उसकी आंखों के सामने कुछ देर हुआ पहले का मंजर घूम रहा था. तकरीबन आधे घंटे पहले जब अरमान और अश्की त्रेहान फार्महाउस निकले थे तो पन्द्रह मिनट बाद ही अरमान ने अपनी गाडी एक मंदिर के आगे रोकी थी और इस वक्त उसकी नजरें अश्की पर बेहद गहरी थी जो कि उसकी गोद में ही सिमटी बैठी हुई थी.
वहीं अश्की जो कि उसकी गोद में सिमटी बैठी थी उसने अपना सिर पूरी तरह से नीचे की तरफ झुक रखा था उसे अरमान से इतना ज्यादा डर लग रहा था कि उसके दिमाग में एक ही बात चल रही थी कि अरमान यही कहीं शुरू न हो जाए, जैसे ही अरमान ने गाडी रोकी अश्की का दिल और भी तेजी से धडकने लगा, उसे खुद पर अरमान की गहरी नजरे साफ महसूस हो रही थी जिस वजह से उसका गला पूरी तरह से सूख चुका था लेकिन उसकी इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह सिर उठाकर ऊपर की तरफ देख ले, उसकी आंखों के सामने कल का मंजर ही घूमे जा रहा था. जब अरमान ने कल उस शख्स को मारा था उस बात को याद करते ही,
अश्की का शरीर पूरी तरह से कांप जाता था और पेट में एक अलग ही दर्द पैदा हो जाता था. अरमान अश्की को गहरी नजरों से देखते हुए उसके चेहरे पर झुका और उसके कान के पास आकर बेहद सिडक्टिव वॉइस में बोला, मेरे साथ इसी पोजीशन में मंदिर चलना चाहोगी तो मुझे तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन शायद तुम्हें इस पोजीशन में दिक्कत होगी,
अरमान की बात सुनकर अश्की के दिल की धडकन एक पल के लिए स्किप हो गई, अब जाकर उसे अंदाजा हुआ कि वह Kiss तरह से अरमान की गोद में बैठी हुई थी जब से अरमान ने उसे अपनी गोद में खींचा हुआ था तब से ही वह अरमान की गोद में इस तरह बैठी हुई थी. अश्की के पैर अरमान की कमर पर लिपटे हुए थे. और उसका चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाया हुआ था और अपने हाथों को पूरी तरह से उलझाए हुआ था. और ऊपर से अपना सिर पूरी तरह से नीचे की तरफ झुकाया हुआ था. वह दोनों जब से त्रेहान फॉर्महाउस से बाहर निकले थे तब से ही अरमान उसे अपनी गहरी नजरों से देख रहा था और वह तब से ही अपना सिर झुकाए उसकी गोद में बैठी थी. अरमान सिर्फ उसे देख ही रहा था लेकिन उसने एक बार भी अश्की को कुछ नहीं किया था हालांकि पहले वह Kiss करने वाला था लेकिन उसने खुद को रोक लिया था.
और अब उसने बाहर की तरफ देखा जहां पर उनकी गाडी मंदिर के बाहर खडी थी. फिर उसने खुद की तरफ देखा जहां अपनी पोजीशन को देखकर अश्की का चेहरा पूरी तरह से गर्म हो गया और वह हडबडी में अरमान की गोद से उठने लगी अरमान ने अपनी पकड उसकी कमर पर मजबूत कर दी, जैसे ही अरमान ने अपनी पकड उसकी कमर पर कस दी अश्की का दिल और भी तेजी से धडकने लगा, उसका बदन खुद भी खुद कांपने लगा, वहीं अरमान अब उसके चेहरे के नीचे अपनी उंगलियां टिकाकर ऊपर की तरफ करते हुए उसके चेहरे पर झुका, और बेहद गहरी आवाज में बोला,
मुझसे दूर भगाने की कोशिश मत करना दिलरुबा, मैं तुम्हें हर जगह मिलूंगा और तुम मुझसे अब छूट नहीं सकती हो, और ना ही अब मैं तुम्हें सारी उम्र छोडने वाला हूं. तुम्हारी हर एक सांस पर अब मेरा कब्जा होगा,
उसकी बात सुनकर अश्की के रोंगटे खडे हो रहे थे और उसकी आंखें डर से हल्की- हल्की कांप रही थी. अश्की का ऐसा हाल होते देख अरमान के चेहरे पर डेविल स्माइल आ चुकी थी और उस स्माइल को देखकर अश्की को और भी ज्यादा डर लग रहा था क्योंकि पिछले दो दिनों से उसने अरमान को हंसते तो बिल्कुल भी नहीं देखा था. और आज अरमान कि इतनी dangerous स्माइल देखकर अश्की को ऐसा लग रहा था जैसे उसके हाथ पैर ठंडे पड चुके हैं.
वहीं अरमान अब पूरी तरह से उसके चेहरे पर झुका और उसके कान के पास एक बार फिर से अपनी गर्म हवा छोडते हुए इस वक्त अरमान के होंठ उसके कानों को छू रहे थे जिस वजह से अश्की की आंखें पूरी तरह से बंद हो चुकी थी उसके होठों की छुअन से अश्की का बदन सिहरने लगा था. अरमान अब हस्की वॉइस में,
क्या जाने तु मेरे इरादे, ले जाऊंगा सांसे चुरा के,
अरमान की यह लाइन सुनकर अश्की के दिल की धडकन एक पल के लिए जैसे स्किप हो गई. और दिल की धडकन और भी ज्यादा बढ गई, वहीं अरमान ने अब उसे साइड पर किया और खुद गाडी से बाहर की तरफ निकल गया, अश्की अभी भी गाडी में बैठी हुई अपनी धडकनों को काबू में करने की कोशिश कर रही थी. लेकिन उसकी धडकने जैसे काबू में ही नहीं आ रही थी अरमान की वह लाइन जैसे, उसकी जान निकाल रही थी,
अश्की के माथे पर इस वक्त पसीना छलक रहा था. वह लडखडाती हुई आवाज में बोली, यह इंसान क्या है आखिर, और इसने अभी जो लाइन कही उसका क्या मतलब है, इतना कहते हुए उसने अपने दिल पर हाथ रख लिया था इस वक्त उसका दिल हद से ज्यादा बेचैन था उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसने यह लाइन पहले भी कभी सुनी हो, लेकिन कुछ याद ना आ रहा हो, इस वक्त अश्की की सांस हद से ज्यादा गहरी चल रही थी,
किसी तरह उसने खुद को काबू किया और गाडी से बाहर निकली और अब गाडी से बाहर निकलते ही उसकी नजरें सामने मंदिर पर थी. मंदिर को देखते ही उसके चेहरे पर अजीब से एक्सप्रेशन आ गए, और अब उसके मन में एक ही बात घूम रही थी क्योंकि अरमान को देखकर लगता नहीं था कि वह आस्था दीन धर्म में थोडा बहुत भी विश्वास रखता होगा, इसलिए उसके दिमाग में यही चल रहा था कि आखिर अरमान उसे यहां पर क्यों लेकर आया है.
तभी अरमान अब घूम कर उसकी तरफ आया, अरमान को खुद की तरफ आता देख अश्की का दिल और भी तेजी से धडकने लगा, अरमान की पर्सनैलिटी ही ऐसी थी जब भी अश्की की तरफ आता था. अश्की की जैसे सांस ही फूलने लगती थी. और हाथ पैर ठंडे पड जाते थे अरमान अब बिल्कुल उसके पास आकर खडा हुआ अगले ही पल उसने अश्की का हाथ पकडा, उसे अपने साथ मंदिर की तरफ ले गया, कुछ ही देर में वह दोनों मंदिर में खडे थे और अश्की की आंखें इस वक्त पूरी तरह से फटी हुई थी वह सामने का नजारा देखकर अपनी जगह खडी- खडी जम चुकी थी.
क्योंकि मंदिर पूरी तरह से सजा हुआ था और बीच में ही हवन कुंड जल रहा था और उसके पास ही पंडित बैठा हुआ था और पास ही में शादी की सामग्री वगैरह रखी गई थी. और अब अरमान उसे हाथ से पकडकर मंडप की तरफ लेकर गया और वहां पर बिठाकर पंडित जी की तरफ देखकर बोला शादी शुरू कीजिए, वहीं अश्की तो जैसे अरमान की तरफ देखते ही रह गई, पहले जब उसकी शादी हुई थी तब वह पूरी तरह से बेहोश थी लेकिन अब उसकी शादी अरमान से पूरे होशो आवाज में होने वाली थी और ऐसे ही पंडित जी ने मंत्र पढने शुरू कर दिए,
अश्की तो जैसे कुछ बोलने की हालत में ही नहीं थी उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर वह करें तो करे क्या सामने बैठा इंसान उसे किसी जल्लाद या राक्षस से कम नहीं लग रहा था. और ना ही वह उससे शादी करना चाहती थी लेकिन मजबूरन उसे अरमान से शादी करनी पड रही थी वह भी अरमान की वजह से क्योंकि अम्मा के पास भी वह वापस नहीं जा सकती थी उसे यह डर था कि अम्मा अब उसे कभी भी अपने गले से नहीं लगाएगी और यह चीज सोचते हुए ही उसकी आंखों में आंसू बहने लगे, अब उसने एकटक हवन कुंड की तरफ देखा और अपनी आंखें बंद करते हुए बोली, लगता है यही मेरी किस्मत है अब मुझे इसी जल्लाद के साथ ही पूरी जिंदगी बितानी पडेगी इतना कहकर उसकी आंखों में आंसू और भी तेजी से बहने लगे दूसरी तरफ पंडित पूरी तरह से मंत्रो में लीन था.
कुछ ही देर में पंडित जी ने उन दोनों के फेरे शुरू करवा दिए थे और देखते ही देखते उनके फेरे, पूरे हो चुके थे और सामने खडा जावेद उन दोनों की वीडियो बना रहा था. और साथ साथ में एक बॉडीगार्ड उनकी पिक वगैरा भी खींच रहा था. तकरीबन पंद्रह बीस मिनट में शादी पूरी तरह संपन्न होने की कगार में पहुंच चुकी थी. आखिर में अरमान ने अश्की के मांग में सिंदूर भरा और उसके गले में मंगलसूत्र पहनाया जिससे एक आखरी कतरा आंसू का निकल कर अरमान के हाथ पर जा गिरा जिसे देखकर अरमान की नजरे एक बार फिर से उसके चेहरे पर टिक चुकी थी. इस वक्त अश्की हद से ज्यादा खूबसूरत लग रही थी उसका चेहरा वैसे ही बहुत लाल हो चुका था रोने की वजह से और ऊपर से उसकी मांग में भरा हुआ सिंदूर और गले में मंगलसूत्र आज तो उसने आंखों में काजल भी लगा रखा था. एकदम कहर ढ. ढा रहा था और ऊपर से उसने जो रेड रोजेस की माला पहनी हुई थी उससे तो उसका गुलाबी रंग और भी निखर कर आ रहा था,
जब वह मंडप में बैठी थी तो अरमान ने पहले वाला मंगलसूत्र उससे निकलवा कर दोबारा से दूसरा मंगलसूत्र पहनाया था और अब वह मंगलसूत्र उसने अपनी पॉकेट में डाल लिया था लेकिन उसकी नजर जो मंगलसूत्र अब उसने अश्की के गले में डाला था उस पर बेहद गहरी थी. और उसके होठों के कोने इस वक्त मुडे हुए थे. उसकी वह मिस्टीरियस स्माइल देखकर पता नहीं क्यों एक अजीब सी वाइब आ रही थी. वहीं दूसरी तरफ जावेद भी यह चीज देख रहा था.
लेकिन उसे भी यह चीज नहीं पता था कि आखिर क्यों अरमान के चेहरे पर यह मिस्टीरियस स्माइल आई थी. शादी संपन्न होने के बाद अब वह लोग त्रेहान पैलेस की तरफ निकल गए थे.
Present time,
अश्की इस वक्त दरवाजे में सिर झुकाए खडी थी और साथ ही में अरमान भी उसके साथ था इस वक्त अरमान का चेहरा पूरी तरह से एक्सप्रेशन लैस था. उसकी नजर जब सामने नियति जी पर गई, तो उसने बेफिक्री से किचन की तरफ देखा जहां से एक सर्वेंट आरती की थाली और हाथ में चावल का कलश लेकर आ रही थी और जब नियति जी ने यह देखा तो उनका चेहरा पूरी तरह से सख्त पड गया वह दांत पीसकर बोली रुक जाओ वहीं पर,
जैसे ही नियति जी ने यह कहा सर्वेंट के कदम कुछ पल के लिए रुके और यह चीज देखकर अरमान की नजरे उस सर्वेंट पर गहरी हो गई. वही सर्वेंट के चेहरे पर तो इस वक्त परेशानी झलक रही थी जब उसने अपने ऊपर अरमान की नजर महसूस की तो उस सर्वेंट के हाथ पैर पूरी तरह से ठंडे पड गए और अगले ही पल उसने दोबारा से अरमान की तरफ बढ गई
सर्वेंट को अपनी बात ना मानता देख नियति जी के जबडे पूरी तरह से कस चुके थे और दूसरी तरफ जानवी जी अध्यक्ष और सिद्धांत जी के चेहरे पर इस वक्त बेहद परेशानी झलक रही थी. वहीं नियति जी तो अब अपनी गहरी नजरों से अश्की को देख रही थी जिसका चेहरा पूरी तरह से नीचे की तरफ झुका हुआ था. दूसरी तरफ जानवी जी ने जब अशकी को देखा तो एक पल के लिए उनके होठों पर छोटी सी मुस्कराहट तैर गई और वह मन ही मन बोली, दिखने से ही पता चल रहा है कि लडकी बहुत मासूम है लेकिन पता नहीं क्यों जानी पहचानी लग रही है. इतना कहते हुए जानवी जी गौर से अश्की को देखने लगी.
दूसरी तरफ सर्वेंट ने कलश पैरों में रखा और आरती की थाल से अरमान और अश्की की आरती उतारने लगी कि तभी नियति जी ने अपने कदम उसकी तरफ बढाए वह उसके हाथ से वह थाली गिराने ही वाली थी कि तभी अरमान सख्त लहजे में बोला जिसको यह चीज नहीं पसंद वह घर से बाहर निकल सकता है, क्योंकि अरमान त्रेहान बिल्कुल भी पसंद नहीं करता कि कोई उसके काम में टांग अडाए, और शादी मुझे करनी थी किसी और को नहीं मैंने कर ली इतना कह कर उसने सर्वेंट की तरफ देखा जो अभी रुकी नहीं थी कंटीन्यूअस अरमान और अश्की की आरती उतार रही थी देखते ही देखते अरमान और अश्की की आरती उतार दी थी अब अरमान ने अश्की की तरफ देखा, जो अभी सिर झुकाए खडी थी इस वक्त अश्की की क्या हालत थी यह वही जानती थी.
और अब एक बार फिर से अरमान की नजरे खुद पर पाकर अश्की का दिल और भी तेजी से धडक रहा था. दूसरी तरफ नियति जी गुस्से से उन दोनों को देख रही थी इस वक्त उनकी आंखें आग की तरह जल रही थी. लेकिन पता नहीं क्यों वह कुछ भी बोल नहीं पा रही थी.
जैसे अरमान के सामने उनकी हिम्मत ही जवाब दे गई थी. अरमान बस उसे गहरी नजरों से देख रहा था और उसकी गहरी नजरों की तपिश को महसूस कर अश्की समझ चुकी थी कि अरमान क्या चाहता है अब उसने अपना दाहिना पैर आगे की तरफ किया और चावल का कलश नीचे की तरफ गिरा दिया, ऐसे ही अश्की ने अपना दाहिना पैर आगे की तरफ करके कलश नीचे की तरफ गिराया, अगले ही पल अरमान ने उसे गोद में उठा लिया और यह चीज देखकर अश्की हडबडा गई और उसकी नजरें अब ना चाहते हुए भी अरमान के चेहरे पर आ गई जो कि सामने की तरफ देख रहा था.
देखते ही देखते अरमान अश्की को अंदर की तरफ लेकर आया और सामने लिफ्ट में चला गया. लिफ्ट में आकर उसने दरवाजा बंद किया. कुछ ही देर में उनकी लिफ्ट टॉप फ्लोर यानी कि त्रेहान पैलेस का आखिरी फ्लोर जो कि सिर्फ अरमान का था. वहां पर जाकर रुकी और यह चीज देखकर वहां पर नियति जी की आंखें फटी की फटी रह गई दूसरी तरफ जानवी जी और सिद्धांत जी, अध्यक्ष का भी यही हाल था क्योंकि उस फ्लोर पर सर्वेंट तक को जाने की इजाजत नहीं थी. वहां की सफाई भी, खुद जावेद करता था जो कि उसका पर्सनल असिस्टेंट था.
जावेद के अलावा वहां पर किसी को भी जाने की इजाजत नहीं थी यहां तक की घर के किसी मेंबर को भी नहीं, और आज अश्की को वहां पर जाता देख घर के हर शख्स की आंखें बडी हो चुकी थी. नियति जी दांत पीसकर बोली यह लडकी बहुत कुछ करने वाली है हमें कुछ करना होगा इतना कहकर नियति जी ने दांत पपस लिए थे. वहीं जानवी जी के चेहरे पर अब परेशानी छलक रही थी वह यह तो समझ चुकी थी कि अब नियति जी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच चुका होगा और अब वह अश्की को नुकसान जरूर पहुंचाएंगी.
दूसरी तरफ,
फिफ्थ फ्लोर पर,
अरमान अश्की को अपने Room में लेकर आया, वहीं अश्की अभी भी अरमान को ही देखे जा रही थी उसकी नजरें अरमान पर जम सी गई थी. इस वक्त अरमान बेहद Attractive लग रहा था जिस तरह से अरमान उसे नीचे से ऊपर लेकर आया था एक पल के लिए उसे भी अरमान बेहद Attractive लगा था. वहीं अरमान जो कि सामने की तरफ देख रहा था अब उसने Room में लाकर अश्की को नीचे छोडा, जैसे ही अरमान ने अश्की को जमीन पर उतारा अश्की पूरी तरह से अपने होश में आई. अगले ही पल एक बार फिर से उसने अपनी आंखें झुका ली, इस वक्त उसके दिल की धडकनों ने इतना ज्यादा शोर मचाया हुआ था वह खुद नहीं समझ पा रही थी कि आखिर क्यों अरमान के इतना करीब आते ही उसकी धडकने बवाल मचाने लगती थी. उसे अरमान से डर भी बहुत ज्यादा लगता था.
और अब वह सिर झुका एक बार फिर से अरमान के सामने खडी थी वहीं अरमान अब उसे गहरी नजरों से देखते हुए अपनी शर्ट के बटन खोलने लगा जैसे ही अरमान ने अपनी शर्ट के बटन खोलने शुरू किए, अश्की का दिल जोरो से धडक उठा वहीं अरमान ने अब अपनी शर्ट उतार कर अश्की की तरफ बढाई और उसे बेहद इंटेंस वॉइस में बोला, टेक ऑफ योर क्लोथ्स दिलरुबा.
एंड वियर थिस शर्ट,
उसकी बात सुनकर अश्की की सांस उसके गले में अटक गई. वह तो बस अरमान की तरफ देखते ही रह गई वहीं अरमान उसे गहरी नजरों से देखते हुए बोला जल्दी पहनो और आज मैं तुम्हें कुछ नियम बताऊंगा यहां के तुम्हें उन्हें फॉलो करना होगा, उससे पहले यह शर्ट पहनो जल्दी मुझे तुम्हें इसी शर्ट में देखना है. इतना कहते हुए अरमान ने वह शर्ट अश्की के हाथों में रख दी थी. वहीं अश्की तो बस अरमान की तरफ देखते ही रह गई.
To be continue.








Write a comment ...